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पहली बार इंदौर से नवी मुंबई की उड़ान, विंटर शेड्यूल में होगी शुरुआत

इंदौर  इंदौर एयरपोर्ट पर 26 अक्टूबर से 28 मार्च विंटर शेड्यूल लागू होगा। इस दौरान इंदौर को कुछ नए शहरों की एयर कनेक्टिविटी मिलेगी। इंदौर से मुंबई के लिए कई उड़ानें हैं, लेकिन नई उड़ान नवी मुंबई के लिए शुरू होगी। नवी मुबंई में नया इंटरनेश्नल एयरपोर्ट तैयार हो रहा है। जल्दी ही वहां से उड़ानों का संचालन शुरू होगा। इंदौर से नवी मुंबई जाने वाले यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट लेने में इस नए एयरपोर्ट से आसानी होगी। कई अंतर्राष्ट्रीय उड़ाने नवी मुंबई एयरपोर्ट से संचालित होगी। इंदौर से रीवा के लिए के लिए भी उड़ान सेवा शुरू होगी। रीवा के लिए पहली बार इंदौर से उड़ान शुरू होगी। पहले बंद हो चुकी नासिक, जम्मू, उदयपुर उड़ान भी शुरू हो सकती है।विंटर शेड्यूल के दौरान नई उड़ान शुरू करने के लिए एयरलाइंस डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन के साथ एयरपोर्ट प्रबंधन से भी अनुमति लेता है। नवी मुंबई और रीवा की उड़ान की अनुमति की प्रक्रिया एयरलाइंस कंपनियों ने की थी। दोनो नई उड़ानों के लिए दोनों एयरपोर्ट से अनुमति मिल चुकी है। अब कंपनियां उड़ानों को शेड्यूल कर उसकी जानकारी एयरपोर्ट को देगी। आपको बता दें कि इंदौर से फिलहाल 84 उड़ानों का संचालन किया जा रहा है। इंदौर से सबसे ज्यादा उड़ानें दिल्ली, मुंबई, बेंगलरु शहर के लिए है। अक्टूबर में इंदौर से गोवा के लिए भी नई उड़ान शुरू होगी। फिलहाल इंदौर से अंतर्राष्ट्री उड़ान सिर्फ एक ही संचालित होती है। इंदौर से शारजाह के एक फ्लाइट है।

शिक्षा में संकट: मध्य प्रदेश में 6.70 लाख बच्चों ने बीच में छोड़ी पढ़ाई, हर साल बढ़ रही इनकी संख्या

 भोपाल  मध्य प्रदेश के स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयार हो रहे हैं, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटती ही जा रही है। सरकारी व निजी स्कूलों के इस साल 6.70 लाख विद्यार्थियों ने पढ़ाई छोड़ दी है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 5.70 लाख था। वहीं सरकारी स्कूलों में इस साल करीब 4.67 लाख बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी है। पिछले साल 3.99 लाख विद्यार्थियों ने पढ़ाई छोड़ी थी। इसमें निजी स्कूलों के करीब दो लाख विद्यार्थी शामिल हैं। यह आंकड़ा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के तहत यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफार्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन (यूडाईस) रिपोर्ट में सामने आई है। इसके अनुसार, वर्ष 2024-25 में प्रदेश के सरकारी व निजी स्कूलों में पहली से 12वीं तक में करीब 1.50 करोड़ विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था। वहीं 2025-26 में करीब एक करोड़ 41 हजार बच्चों का 13 जुलाई तक प्रोग्रेसिंग पेंडिंग है। वहीं 6.70 लाख बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने किसी भी स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थियों के प्रोग्रेशन को पूर्ण करें और ड्रापबाक्स के बच्चों को खोजकर स्कूल में नामांकन कराएं तथा नामांकित विद्यार्थियों का मैपिंग कराएं। इंदौर की स्थिति ज्यादा खराब प्रदेश के कुछ जिलों में अधिक संख्या में बच्चों ने स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है। इसमें इंदौर में सर्वाधिक 38 हजार, शिवपुरी में 25 हजार, धार व बड़वानी में 21 हजार, छिंदवाड़ा में 20 हजार, छतरपुर में 19 हजार, खरगोन में 18 हजार, बालाघाट में 17 हजार और खंडवा में 16 हजार बच्चों ने स्कूल में प्रवेश नहीं लिया। यहां के सरकारी स्कूलों में सबसे अधिक बच्चों ने पढ़ाई छोड़ी प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले सत्र में 79.75 लाख बच्चों का नामांकन दर्ज हुआ था। इस सत्र में अब तक 53.81 लाख का प्रोग्रेशन पेडिंग है। वहीं 4.67 लाख बच्चों ने किसी भी स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है। इसमें सबसे अधिक बड़वानी में 17 हजार, छिंदवाड़ा व छतरपुर में 16 हजार, बालाघाट में 13 हजार, भिंड में 10 हजार, शहरी क्षेत्र ग्वालियर व भोपाल में चार-चार हजार, जबलपुर में छह हजार और इंदौर में 11 हजार विद्यार्थियों ने पढ़ाई छोड़ी है। विभाग ने ये कारण गिनाए     बच्चों का अपने माता-पिता के साथ दूसरी जगह जाना।     समग्र आईडी से मैपिंग नहीं होने के कारण ऐसे हालात बने।     जगह बदलने के कारण बच्चे का ठीक से मैपिंग नहीं होना।     अब ऑनलाइन चाइल्ड ट्रैकिंग से सही संख्या सामने आ रही है। ऑनलाइन चाइल्ड ट्रैकिंग से सामने आ रही संख्या     ऐसा भी हो सकता है कि कई जगहों पर सरकारी व निजी स्कूलों में एक ही बच्चों के नाम दर्ज होते हैं। अब ऑनलाइन चाइल्ड ट्रैकिंग के कारण वास्तविक संख्या सामने आ रही है। – डॉ. दामोदर जैन, शिक्षाविद्  

भोपाल में साइबर ठगी के 70 केस, करोड़ों की रिश्वत देकर बचे आरोपी

भोपाल  साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ने के बावजूद भोपाल में अब भी हर सप्ताह कम से कम एक ‘डिजिटल अरेस्ट’ का मामला सामने आ रहा है। बीते डेढ़ साल में क्राइम ब्रांच की साइबर सेल में ऐसे 70 मामले दर्ज हुए हैं, यानी औसतन हर सात से आठ दिन में एक पीड़ित पुलिस तक पहुंच रहा है। इस दौरान ठगों ने पीड़ितों से करीब ढाई करोड़ रुपये हड़पे हैं। साल 2024 में डिजिटल अरेस्ट के 53 मामलों में लगभग 1 करोड़ 82 लाख रुपये की ठगी हुई, जबकि वर्ष 2025 में जून तक 17 लोगों से 77 लाख 57 हजार रुपये वसूले जा चुके हैं। ऐसे फंसाते हैं ठग साइबर ठग पहले विभिन्न माध्यमों से पीड़ितों के डाटा आधार, पैन, बैंक डिटेल, मोबाइल नंबर से लेकर सोशल मीडिया गतिविधियां तक पर नजर रखते हैं। इन जानकारियों के आधार पर वे पीड़ित की वर्चुअल प्रोफाइल बनाते हैं, ताकि उसे यह भरोसा हो कि काल करने वाला कोई सरकारी अधिकारी है। इसके बाद शुरू होता है डराने-धमकाने का सिलसिला। पीड़ित को फोन कर बताया जाता है कि उसका नाम मनी लांड्रिंग, ड्रग तस्करी या अवैध लेनदेन के मामले में आ गया है। दावा किया जाता है कि ईडी, सीबीआई या कोर्ट में मामला दर्ज है और तुरंत वेरिफिकेशन जरूरी है। पीड़ित को किसी ऐप के जरिए वीडियो कॉल पर जोड़ा जाता है, जहां ठग पुलिस अधिकारी के वेश में, पुलिस कार्यालय जैसी पृष्ठभूमि के साथ बैठा दिखता है। पीड़ित को परिवार या किसी अन्य से बात करने की मनाही होती है। सामान्य पूछताछ के बाद वीडियो काल में ‘अन्य एजेंसियों’ के अफसर के रूप में और लोग जुड़ते हैं, जो सख्ती से पूछताछ कर आरोप ‘सिद्ध’ कर देते हैं और फिर ‘क्लीन चिट’ के नाम पर रकम की मांग करते हैं। यह रकम सीधे ठगों के खातों में जमा कराई जाती है। जज बनकर सुनाई सजा सितंबर 2024 में भोपाल के श्यामला हिल्स क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक गैस संचालक की मां को डिजिटल अरेस्ट कर 80 लाख रुपये ठग लिए थे। आरोपियों ने उन्हें फर्जी मनी लांड्रिंग केस में फंसाया। करीब दस दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और ‘अदालत’ में पेश कर दिया। यहां नकली कोर्ट, फर्जी वकील और जज की भूमिका निभाई गई। महिला को ‘सजा’ सुनाने के बाद समझौते के नाम पर 80 लाख रुपये ले लिए गए। यह मामला क्राइम ब्रांच साइबर सेल में दर्ज हुआ था। डिजिटल अरेस्ट के मामलों में कमी आई     साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता के लिए भोपाल और प्रदेशभर में पुलिस लगातार अभियान चला रही है, जिससे डिजिटल अरेस्ट के मामलों में कमी आई है। मप्र स्टेट साइबर ने पहली बार डिजिटल अरेस्ट में लाइव रेस्क्यू किया था। वहीं भोपाल क्राइम ब्रांच ने पहली बार डिजिटल अरेस्ट करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके बाद से साइबर ठगों पर लगातार कार्रवाई जारी है। – शैलेंद्र सिंह चौहान एडिशनल डीसीपी, क्राइम ब्रांच  

CM मोहन का ‘मेक इन MP’ विजन साकार, राज्य में शुरू होगा प्रीमियम रेल कोच निर्माण

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य को लगातार विकास के पथ पर ले जा रहे हैं। सीएम डॉ. यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' मंत्र को साकार कर रहे हैं। वे 'मेक इन मध्यप्रदेश' की ओर बढ़ रहे हैं। राज्य को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव लगातार उद्योगपतियों से मुलाकात कर रहे हैं। वे लगातार इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर प्रदेश में निवेश और रोजगार को आकर्षित कर रहे हैं। दरअसल, भारत सरकार की बड़ी कंपनियों में से एक भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) प्रदेश में बड़ा प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत देश की प्रीमियम ट्रेनों वंदे भारत, अमृत भारत और मेट्रो कोच का निर्माण किया जाएगा।  इस परियोजना की लागत 1800 करोड़ रुपये है। इस प्रोजेक्ट को ब्रह्मा (BRAHMA) नाम दिया गया है। इस कंपनी से प्रदेश के हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर भारत की ओर एक बड़ा और अहम कदम है।   गौरतलब है कि बीईएमएल इस प्रोजेक्ट की स्थापना रायसेन जिले के गांव उमरिया में कर रही है। इस प्रोजेक्ट में 5000 लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। खास बात है कि यह पहला मौका है जब इस प्रकार के रेलवे कोच निर्माण की सुविधा मध्यप्रदेश को मिलने जा रही है। यह राज्य को देश के रेलवे प्रोडक्शन मैप पर अहम स्थान दिलाएगा। जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के लिए उमरिया गांव की तहसील गौहरगंज में 148 एकड़ जमीन का आवंटन किया जा चुका है। इस प्रोजेक्ट की दूरी ओबैदुल्लागंज से 4 किमी, एनएच-46 से एक किमी और भोपाल एयरपोर्ट से 50 किमी है।  लगातार बढ़ेगा रोजगार बता दें, बीईएमएल इस क्षेत्र में 1800 करोड़ रुपये की लागत से वंदे भारत, अमृत भारत, मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। शुरुआत में कंपनी सालाना 125-200 कोचों का निर्माण करेगी। 5 साल के अंदर इनकी संख्या 1100 कोच होगी। इस प्रोजेक्ट से भोपाल और रायसेन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर छोटे उद्योगों का निर्माण होगा। ये उद्योग आने वाले समय में बीईएमएल को प्रोडक्शन का मटेरियल बनाकर सप्लाई करेंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। इससे स्थानीय युवाओं के कौशल विकास और प्रशिक्षण के अवसर उत्पन्न होंगे। मिशन ज्ञान और पीम मोदी के मंत्र पर सीएम डॉ. यादव का फोकस गौरतलब है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा फोकस मेक इन इंडिया पर है। राज्य सरकार भी लगातार पीएम मोदी के मंत्र पर चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास और मिशन ज्ञान की पूर्ति के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं। प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव अब मेक इन मध्यप्रदेश की ओर बढ़ चले हैं। इससे युवाओं को रोजगार तो मिलेगा ही, साथ ही उद्योग स्थापित होंगे और समाज के अंतिम व्यक्ति का भी कल्याण होगा। बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश का सबसे विकसित राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं। इसके लिए वे देश के साथ-साथ विदेशों में भी प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने एक ओर जहां देश के कई राज्यों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की, वहीं जापान-दुबई-स्पेन में उद्योगपतियों से संपर्क कर निवेश को राज्य तक ले लाए।  आत्मनिर्भर भारत की दिशा में वैश्विक कदम गौरतलब है कि, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) का यह नया प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कदम है। इस कंपनी का प्रोजेक्ट ब्रह्मा (BRAHMA) भारत का नेक्स्ट-जेन रेल मैन्युफैक्चरिंग हब है। यह केवल एक संयंत्र नहीं, बल्कि एक दृष्टिकोण है। यह आत्मनिर्भर भविष्य के लिए तैयार और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रोजेक्ट है। बता दें, बीईएमएल लिमिटेड रक्षा मंत्रालय के तहत ‘शेड्यूल ए’ की कंपनी है। य रक्षा, रेल, खनन और निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बीईएमएल तीन क्षेत्रों में रक्षा-एयरोस्पेस, खनन-निर्माण और रेल-मेट्रो क्षेत्रों में काम करती है।

फैमिली कोर्ट का आदेश: बिना वजह पति को छोड़ा, भरण-पोषण का दायित्व नहीं महिला का

शिवपुरी कुटुम्ब न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश शालिनी शर्मा सिंह ने अकारण पति का त्याग करने वाली महिला द्वारा लगाई गई भरण-पोषण याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया है कि, वह पढ़ी लिखी महिला है और खुद कमा कर अपना भरण-पोषण कर सकती है। यह है पूरा मामला जानकारी के अनुसार बैंक कालोनी कलारबाग निवासी बृजेश शिवहरे की 24 वर्षीय बेटी रागिनी उर्फ भूमि की शादी 21 नवम्बर 2021 को ब्यावरा जिला राजगढ़ निवासी खेमचंद्र उर्फ अंकित पुत्र भगवान सिंह शिवहरे के साथ संपन्न हुई थी। रागिनी 16 जुलाई 2022 को अपने पिता के साथ ससुराल से मायके लौट आई। उसका आरोप था कि ससुराल वाले उसे 5 लाख रूपये के दहेज के लिए प्रताड़ित करते हैं, जबकि उसके पिता ने शादी के समय दहेज में आठ लाख रुपये नगद, सोने-चांदी के जेवर व घर-गृहस्थी का सामान दिया था।   रागिनी ने कुटुम्ब न्यायालय में इस आधार पर भरण-पोषण का दावा पेश किया कि उसके पास भरण-पोषण का कोई साधन नहीं है और उसका पति एक क्लीनिक, मेडिकल स्टोर व पाल्ट्री फार्म चलाता है एवं साधन संपन्न व्यक्ति है। खेमचंद ने अपने वकील पंकज आहूजा के माध्यम से न्यायालय को बताया कि रागिनी ने अकारण ही घर छोड़ा है, वह पढ़ी लिखी महिला है जो मायके में बच्चों को ट्यूशन देकर करीब 15 हजार रुपये महीना कमाती है। रागिनी द्वारा उसकी जो आय बताई गई है, वह उतना पैसा नहीं कमाता है। न्यायालय के समक्ष रागिनी ने स्वीकार किया कि वह आय अर्जित करने में सक्षम है। न्यायालय ने समस्त तथ्यों एवं साक्ष्यों पर विचारण उपरांत माना कि आवेदक महिला ने अकारण ही अपने पति का त्याग किया है, वह पढ़ी लिखी है और आय अर्जित कर अपना भरण-पोषण करने में सक्षम है। ऐसे में भरण-पोषण प्राप्त करने की अधिकारी नहीं है। 

1800 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग इकाई, केन्दीय मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे भूमिपूजन

भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी के विकास को भी मिलेगी गति स्वदेशी के मंच पर हो रहा अमल 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग इकाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हो रही है। परियोजना का भूमि-पूजन केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह 10 अगस्त को औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में करेंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पाद सचिव श्री संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री सतीश कुमार, भारत अर्थ मूवर्स परियोजना के अध्यक्ष श्री शांतनु राय शामिल हो रहे हैं। इस अवसर पर बीईएलएल (भारत अर्थ मूवर्स लि) परियोजना पर केन्द्रित लघु फिल्म, प्रस्तावित प्लांट का 3डी वॉक थ्रू और नए संयंत्रों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया है कि भारत अर्थ मूवर्स परियोजना द्वारा भोपाल जिले की सीमा के पास रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से राजधानी भोपाल सहित रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। परियोजना में 5 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलना प्राप्त होगा। मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित हो रहे भोपाल क्षेत्र को इस परियोजना से बहुत लाभ होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में चल रहे मेक इन इंडिया मिशन के भाव का प्रकटीकरण है। यहां बनने वाले वंदे भारत-अमृत भारत और मेट्रो ट्रेनों के कोच से सम्पूर्ण भारतीय रेल व्यवस्था के नए युग का सूत्रपात होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि न सिर्फ राजधानी क्षेत्र बल्कि प्रदेश के विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना से निकट स्थित औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप भी लाभान्वित होगा। विकास की नई इबारत लिखेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेल कोच फैक्ट्री को प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के सशक्त नेतृत्व में मध्यप्रदेश सहित भारत के अन्य राज्यों के निवदेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। इस क्रम में कुछ माह पूर्व बैंगलोर में बीईएमएल संस्थान के भ्रमण के दौरान रायसेन जिले में रेल कोच फैक्ट्री की स्थापना के संबंध में निर्णय लिया गया। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य के अनुरूप कार्य करेगा संयंत्र ‘ब्राह्मा’ संयंत्र पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करेगा। संयंत्र में उपयोग होने वाली अधिकांश तकनीक और सामग्री देश में विकसित व निर्मित की जाएगी, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी। यह परियोजना प्रदेश को रक्षा निर्माण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस संयंत्र के निर्माण में पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यहां शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली, सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, वर्षा जल संचयन और हरित लैंडस्केपिंग को अपनाया जाएगा। निर्माण में पुनर्नवीनीकृत और टिकाऊ सामग्री का प्रयोग करते हुए इसे हरित फैक्ट्री मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। परियोजना का प्रारंभिक उत्पादन क्षमता 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष होगी, जिसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष किया जाएगा। इस इकाई के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में उच्च स्तरीय औद्योगिक रोजगार उपलब्ध होंगे। साथ ही, यहां विकसित होने वाली तकनीकी क्षमताएं प्रदेश को हाई-स्पीड रेल और मेट्रो निर्माण के वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएंगी।  

मंत्री सारंग ने स्वच्छता मित्र बहनों के साथ मनाया रक्षाबंधन पर्व

स्वच्छता मित्र बहनों की कर्मठता के कारण भोपाल देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल भोपाल सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को नरेला विधानसभा में वार्ड 70 के जोन 11 की स्वच्छता मित्र बहनों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस अवसर पर स्वच्छता मित्र बहनों ने मंत्री श्री सारंग की कलाई पर स्नेह का पवित्र रक्षासूत्र बांधकर उन्हें दीर्घायु, स्वास्थ्य और सफलता का आशीर्वाद दिया। मंत्री श्री सारंग ने भी सभी बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके अथक परिश्रम, अनुशासन और कर्मठता की सराहना कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर वार्ड 70 के पार्षद और एमआईसी अशोक वाणी भी उपस्थित थे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बहनों की सजगता और कर्मठता के कारण ही भोपाल ने देश के सबसे स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बनाई है। स्वच्छता मित्र बहनें न केवल स्वच्छता की जिम्मेदारी निभा रही हैं, बल्कि अपने अथक परिश्रम से शहर को गौरव भी दिला रही हैं। ये बहनें स्वच्छता प्रहरी हैं, जिनका योगदान समाज के हर नागरिक के लिए प्रेरणा है।  

मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में बहनों से बंधवाई राखी और दिये उपहार

पीकेसी नदी जोड़ो परियोजना से आगर-मालवा भी होगा लाभान्वित जिले के हरेक गांव और एक-एक खेत तक पहुंचेगा पानी जल्द ही रेल की सौगात भी मिलेगी आगर-मालवा को आगर-मालवा जिले को मिले दो आईएसओ प्रमाण-पत्र दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण मुख्यमंत्री आगर मालवा जिले में रक्षाबंधन पर्व में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, सम्मान हैं, अभिमान हैं। बहनों के बिना यह संसार सूना है। उन्होंने कहा कि जीवन तो नश्वर है, पर भाई-बहन का ये स्नेहिल रिश्ता शाश्वत है और आगे भी रहेगा। जब तक संसार है, यह अनमोल और अटूट रिश्ता भी अजर-अमर ही रहेगा। उन्होंने कहा कि हमने बहनों को उनका हर वाजिब हक दिलाया है। बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबकी राखी स्वीकार की और कहा कि आप सबके आशीर्वाद से ही मुझे प्रदेश के विकास के लिए प्राण-प्रण से जुटे रहने की असीम ऊर्जा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को आगर मालवा जिले के बाबा बैजनाथ महादेव धाम में श्रावण पर्व के अवसर पर आयोजित भव्य रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बहनों और दिव्यांगजनों के प्रति गहरा स्नेह, सम्मान और इनके प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की। उन्होंने दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी बहनों से राखी बंधवाई, उन्हें मिठाई खिलाई, उपहार दिए, सावन के झूले में झूलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों को श्रावण एवं रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में देवी अहिल्या नारी शक्ति कल्याण मिशन चलाया जा रहा है। इस मिशन के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हमारी सरकार मिशन मोड पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे दिव्यांगजन परमात्मा के दिव्य अंश हैं। इन्हें परमेश्वर ने विशेष शक्तियों से नवाजा है। इन्हें सिर्फ़ प्रोत्साहन की जरुरत है और हमारी सरकार हर कदम पर इनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शैक्षणिक मदद, पेंशन राशि या शासकीय सेवा में आरक्षण देने की बात हो, हमारी सरकार ने इनके समग्र कल्याण के लिए सभी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए हैं। आने वाला समय महिलाओं का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनें चिंता न करें, आने वाला समय महिलाओं का ही है। राज्य की विधानसभा हो या देश की लोकसभा सबमें महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ने वाला है। उन्होंने कहा कि भारतीय तीज-त्यौहारों में एक संदेश छूपा होता है, जो समझने की जरूरत है। हम कुटुंब परम्परा के संवाहक है। भाई-बहन इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हैं। बहनों के आशीष से हर घर में बरकत है। हमारे आनंद के मूल में बहनें ही हैं। बहनें दो घरों को रोशन करती हैं। वे दो कुलों को जोड़ती हैं, उन्हें पालती-पोसती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरोधी लोगों की बातों में कभी न आएं। प्रदेश की कोई भी जनकल्याणकारी योजना बंद नहीं होगी। अभी बहनों को हर महीने 1250 रूपए मिल रहे हैं। इसी रक्षाबंधन को 250 रूपए शगुन के रूप में दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रूपए दिए जाएंगे। इसी तरह साल दर साल राशि बढ़ाते हुए वर्ष 2028 तक हमारी सरकार बहनों को 3000 रूपए महीने देगी। उन्होंने कहा कि बहनों के लिए सब कुर्बान है, बहनों के लिए हम कोई कमी नहीं कखेंगे। आगर-मालवा में हो रहा 4 हजार करोड़ रूपए का निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर-मालवा जिले की तकदीर और तस्वीर जल्दी बदलने वाली है। यहां करीब 4 हजार करोड़ की बड़ी राशि का निवेश हो रहा है। यहां आलू से जुड़े उत्पादों का बड़ा कारखाना स्थापित होने वाला है। इससे यहीं के लोगों को रोजगार मिलेगा। किसानों को उनके द्वारा उगाए जा रहे आलू की लागत से चार गुना ज्यादा कीमत मिलेगी। पीकेसी के बड़े लाभ का हिस्सा बनेगा आगर-मालवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का बड़ा लाभ आगर-मालवा जिले को भी मिलेगा। इससे जिले के हर एक गांव और कस्बे को पीने का पानी मिलेगा साथ ही यहां के एक-एक खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा हुई है। आगर-मालवा जिले को भी जल्द ही रेल की सौगत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर में मेट्रो रेल शुरू हो चुकी है, भोपाल में जल्द ही शुरू होने वाली है। इससे पहले रायसेन जिले में वंदे भारत और मेट्रो रेल के कोच बनाने की बीईएमएल की रोलिंग स्टॉक फैक्ट्री का भूमिपूजन होने जा रहा है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री 10 अगस्त को इस फैक्ट्री का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष जताया कि आगर-मालवा जिले के थाना आगर-मालवा और एसडीओपी ऑफिस आगर-मालवा को आईएसओ प्रमाण-पत्र मिला है। कार्यक्रम में विधायक आगर-मालवा श्री माधौसिंह गेहलोत, शाजापुर विधायक श्री अरूण भीमावद, श्री ओम मालवीय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में जिले के स्व-सहायता समूहों, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी संस्थान की बहनें, खिलाड़ी बहनें और स्कूल की बेटियां/बहनें भी उपस्थित थीं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमहाकाल मंदिर में सपत्नीक पूजा कर जताई श्रद्धा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक शनिवार को सावन पूर्णिमा रक्षाबंधन के पावन अवसर पर उत्तम जल वृष्टि के निमित्त पर्जन्य अनुष्ठान में शामिल होकर पूजन-अर्चन किया। उन्होंने भगवान श्रीमहाकाल के दर्शन कर अभिषेक किया। कम वर्षा वाले क्षेत्रों में उत्तम जल वृष्टि की कामना के लिए 66 पंडितों के द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ पर्जन्य अनुष्ठान किया गया। अनुष्ठान पं. घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल मंदिर में दर्शन के पहले भेरूगढ़ स्थित श्री केशरिया नाथ मणिभद्र तीर्थ धाम पहुंचकर भगवान श्री पार्श्वनाथ, भगवान महावीर स्वामी और भगवान मणिभद्र के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर चातुर्मास कर रहे संत परम पूजनीय श्री अशोक सागरसूरीश्वर जी महाराज की चरण वंदन की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कलेक्टर एवं श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री रौशन कुमार सिंह ने शॅाल-श्रीफल प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा, श्री संजय अग्रवाल, श्री ओम जैन, आदि उपस्थित थे।     पॉवर लिफ्टर श्री जोशी का किया अभिनंदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  एशिया पेसिफिक पॉवर लिफ्टिंग चैंपियनशिप जापान में  स्वर्ण पदक अर्जित करने पर उज्जैन के पॉवर लिफ्टर श्री मयंक जोशी का अभिनंदन किया। इस अवसर पर कोच श्री शैलेन्द्र व्यास एवं जितेंद्र कुशवाह आदि उपस्थित थे।

सोनम रघुवंशी की दादी का देहांत, पोती की वजह से दादी थीं सदमे में; गोविंद नहीं पहुंचा राखी के लिए

इंदौर इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या में जेल में बंद उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी की दादी की मौत हो गई। वह अपनी पोती की करतूत जानने के बाद से सदमे में थीं। इससे पहले सोनम के प्रेमी राज की दादी अपने पोते की कारगुजारी जानकर सदमे में चली गईं थीं। वह यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकीं और 18 जून को चल बसी थीं। राजा रघुवंशी हत्याकांड में जेल में बंद सोनम रघुवंशी की दादी गंगोटी बाई की शुक्रवार को मौत हो गई। परिवार का कहना है कि सोनम का भाई गोविंद राखी पर शिलांग जाने वाला था, लेकिन दादी की मौत के बाद वजह से नहीं जा पाया। शनिवार को रक्षाबंधन था, लेकिन एक दिन पहले ही दादी की मौत के चलते उसका परिवार सदमे में है। शिलांग जाने को लेकर गोविंद ने मीडिया से किसी प्रकार की चर्चा नहीं की। बताया जा रहा है कि गोविंद इससे पहले शिलांग गया था। वहां के वकीलों ने राजा के भाई को बताया था कि गोविंद शिलांग आया था, लेकिन क्या वह सोनम की जमानत के लिए शिलांग पहुंचा था, इस बात की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। कुछ दिन पहले ही राज और सोनम के वकील ने उनकी जमानत अर्जी कोर्ट में लगाई थी, लेकिन वह खारिज हो गई। शुरू में गोविंद ने सोनम के लिए किसी वकील से चर्चा करने की बात कही थी। राजा रघुवंशी हत्याकांड में इंदौर के शिलाम जेम्स और ग्वालियर के रहने वाले दो व्यक्तियों की जमानत के बाद गोविंद को भरोसा था कि सबूत को छिपाने वाले शिलाम की यदि जमानत हो सकती है तो फिर षड्यंत्र करने वाले राज और उसकी प्रेमिका सोनम की भी जमानत आसानी से हो जाएगी। लेकिन, कोर्ट ने कुछ दिन पहले उनकी जमानत खारिज कर दी थी। हत्याकांड को लेकर राजा रघुवंशी का परिवार भी शिलांग पहुंचा था। उन्होंने अपना वकील बदलकर कई आपत्तियां लगाने के बाद दोनों की जमानत अर्जियों को खारिज करवा दिया था। सोनम की दादी की मौत कैसे हुई, इसके बारे में गोविंद का परिवार बताने को तैयार नहीं है। पहले मीडिया से मदद मांगने वाला गोविंद के परिवार ने अब मीडिया से दूरी बना ली है। अपनी पोती की करतूत जानने के बाद सोनम की दादी सदमे में थीं।