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इंदौर का सपना होगा पूरा, 737 करोड़ की केबल कार योजना को मंजूरी का इंतजार

इंदौर  इंदौर में केबल कार से सफर करने का सपना जल्द हकीकत बन सकता है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा कराए गए फिजिबिलिटी सर्वे की रिपोर्ट नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) को सौंप दी गई है। NHLML ने इस प्रस्ताव को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, दिल्ली को अनुमोदन और बजट आवंटन के लिए भेज दिया है। इंदौर विकास प्राधिकरण ( IDA ) की स्कीम 171 को लेकर शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा गया। जैसा कि द सूत्र ने बताया था कि इस मामले में रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है और इसके तहत सोसायटी की जमीन मुक्त की जाएगी और निजी जमीन पर नई स्कीम लाई जाएगी। ऐसी बोर्ड बैठक में चर्चा चली और इसी तरह का स्कीम को मोडिफाइ करने का  विस्तृत प्रस्ताव बनाकर आईडीए द्वारा जल्द मप्र शासन को भेजा जाएगा।  यह निकला है रास्ता संभागायुक्त दीपक सिंह की अध्यक्षता में यह बोर्ड बैठक हुई इसमें कलेक्टर आशीष सिंह, सीईओ आरपी अहिरवार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। इसमें तय किया गया कि सालों से आईडीए स्कीम 171 के पीड़ित परेशान है और वह राशि भी दिसंबर 2024 में पूरी भर चुके हैं तो मप्र शासन के नोटिफिकेशन के तहत इस स्कीम को अप मुक्त करना चाहिए। लेकिन निजी भू स्वामियों की जमीन को लेकर भी बात उठी। तय किया गया कि करीब 171 हेक्टेयर की इस स्कीम में 20 हेक्टेयर सरकारी जमीन है और 38 हेक्टेयर निजी भू स्वामी की जमीन है। ऐेसे में इनस 58 हेक्टेयर जमीन पर अलग से नई स्कीम लागू की जाए और बाकी सोसायटी की जमीन को मुक्त किया जाए। अब इस संबंध में आईडीए द्वारा जमीन का पूरा सर्वे कराकर खसरे नंबर सहित पूरा नक्शा व प्रस्ताव, इस पर होने वाला खर्च, इससे होने वाली आय इन सभी की रिपोर्ट बनाकर मप्र शासन को भेजेगा।  परियोजना की मुख्य बातें कुल लागत: करीब 737 करोड़ रुपये कुल लंबाई: 11 किमी (दो रूट) शुरुआत: 2028 से अनुमानित यात्री: 2028 में प्रतिदिन 29,900, 2068 तक 1.95 लाख पहला रूट: चंदन नगर से शिवाजी वाटिका (6.24 किमी) लागत: 369.32 करोड़ रुपये स्टेशन: चंदन नगर, लाबरिया भेरू, यशवंत निवास रोड गुरुद्वारा, सरवटे, शिवाजी वाटिका यात्री अनुमान (2028): 11,700 प्रतिदिन दूसरा रूट: रेलवे स्टेशन से विजय नगर (4.7 किमी) लागत: 367.68 करोड़ रुपये स्टेशन: रेलवे स्टेशन, मालवा मिल, पाटनीपुरा, विजय नगर यात्री अनुमान (2028): 18,200 प्रतिदिन भविष्य का यात्री अनुमान     2038: 47,400 प्रतिदिन     2048: 78,200 प्रतिदिन     2068: 1.95 लाख प्रतिदिन सेक्शन विवरण     चंदन नगर – शिवाजी वाटिका: 3 सेक्शन (1.74 किमी, 1.93 किमी, 2.59 किमी)     रेलवे स्टेशन – विजय नगर: 2 सेक्शन (2.08 किमी, 2.62 किमी)

जल्द ही रेल की सौगात भी मिलेगी आगर-मालवा को, जिले के हरेक गांव और एक-एक खेत तक पहुंचेगा पानी : CM यादव

भाई-बहन का स्नेहिल बन्धन शाश्वत है और रहेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को हर माह दिये जायेंगे 1500 रूपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल्द ही रेल की सौगात भी मिलेगी आगर-मालवा को, जिले के हरेक गांव और एक-एक खेत तक पहुंचेगा पानी : CM  यादव पीकेसी नदी जोड़ो परियोजना से आगर-मालवा भी होगा लाभान्वित आगर-मालवा जिले को मिले दो आईएसओ प्रमाण-पत्र मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में बहनों से बंधवाई राखी और दिये उपहार दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण मुख्यमंत्री आगर मालवा जिले में रक्षाबंधन पर्व में हुए शामिल आगर मालवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, सम्मान हैं, अभिमान हैं। बहनों के बिना यह संसार सूना है। उन्होंने कहा कि जीवन तो नश्वर है, पर भाई-बहन का ये स्नेहिल रिश्ता शाश्वत है और आगे भी रहेगा। जब तक संसार है, यह अनमोल और अटूट रिश्ता भी अजर-अमर ही रहेगा। उन्होंने कहा कि हमने बहनों को उनका हर वाजिब हक दिलाया है। बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबकी राखी स्वीकार की और कहा कि आप सबके आशीर्वाद से ही मुझे प्रदेश के विकास के लिए प्राण-प्रण से जुटे रहने की असीम ऊर्जा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को आगर मालवा जिले के बाबा बैजनाथ महादेव धाम में श्रावण पर्व के अवसर पर आयोजित भव्य रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बहनों और दिव्यांगजनों के प्रति गहरा स्नेह, सम्मान और इनके प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की। उन्होंने दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी बहनों से राखी बंधवाई, उन्हें मिठाई खिलाई, उपहार दिए, सावन के झूले में झूलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों को श्रावण एवं रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में देवी अहिल्या नारी शक्ति कल्याण मिशन चलाया जा रहा है। इस मिशन के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हमारी सरकार मिशन मोड पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे दिव्यांगजन परमात्मा के दिव्य अंश हैं। इन्हें परमेश्वर ने विशेष शक्तियों से नवाजा है। इन्हें सिर्फ़ प्रोत्साहन की जरुरत है और हमारी सरकार हर कदम पर इनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शैक्षणिक मदद, पेंशन राशि या शासकीय सेवा में आरक्षण देने की बात हो, हमारी सरकार ने इनके समग्र कल्याण के लिए सभी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए हैं। आने वाला समय महिलाओं का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनें चिंता न करें, आने वाला समय महिलाओं का ही है। राज्य की विधानसभा हो या देश की लोकसभा सबमें महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ने वाला है। उन्होंने कहा कि भारतीय तीज-त्यौहारों में एक संदेश छूपा होता है, जो समझने की जरूरत है। हम कुटुंब परम्परा के संवाहक है। भाई-बहन इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हैं। बहनों के आशीष से हर घर में बरकत है। हमारे आनंद के मूल में बहनें ही हैं। बहनें दो घरों को रोशन करती हैं। वे दो कुलों को जोड़ती हैं, उन्हें पालती-पोसती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरोधी लोगों की बातों में कभी न आएं। प्रदेश की कोई भी जनकल्याणकारी योजना बंद नहीं होगी। अभी बहनों को हर महीने 1250 रूपए मिल रहे हैं। इसी रक्षाबंधन को 250 रूपए शगुन के रूप में दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रूपए दिए जाएंगे। इसी तरह साल दर साल राशि बढ़ाते हुए वर्ष 2028 तक हमारी सरकार बहनों को 3000 रूपए महीने देगी। उन्होंने कहा कि बहनों के लिए सब कुर्बान है, बहनों के लिए हम कोई कमी नहीं कखेंगे। आगर-मालवा में हो रहा करीब 4 हजार करोड़ रूपए का निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर-मालवा जिले की तकदीर और तस्वीर जल्दी बदलने वाली है। यहां करीब 4 हजार करोड़ की बड़ी राशि का निवेश हो रहा है। यहां आलू से जुड़े उत्पादों का बड़ा कारखाना स्थापित होने वाला है। इससे यहीं के लोगों को रोजगार मिलेगा। किसानों को उनके द्वारा उगाए जा रहे आलू की लागत से चार गुना ज्यादा कीमत मिलेगी। पीकेसी के बड़े लाभ का हिस्सा बनेगा आगर-मालवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का बड़ा लाभ आगर-मालवा जिले को भी मिलेगा। इससे जिले के हर एक गांव और कस्बे को पीने का पानी मिलेगा साथ ही यहां के एक-एक खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा हुई है। आगर-मालवा जिले को भी जल्द ही रेल की सौगत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर में मेट्रो रेल शुरू हो चुकी है, भोपाल में जल्द ही शुरू होने वाली है। इससे पहले रायसेन जिले में वंदे भारत और मेट्रो रेल के कोच बनाने की बीईएमएल की रोलिंग स्टॉक फैक्ट्री का भूमिपूजन होने जा रहा है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री 10 अगस्त को इस फैक्ट्री का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष जताया कि आगर-मालवा जिले के थाना आगर-मालवा और एसडीओपी ऑफिस आगर-मालवा को आईएसओ प्रमाण-पत्र मिला है। कार्यक्रम में विधायक आगर-मालवा श्री माधौसिंह गेहलोत, शाजापुर विधायक श्री अरूण भीमावद, श्री ओम मालवीय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में जिले के स्व-सहायता समूहों, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी संस्थान की बहनें, खिलाड़ी बहनें और स्कूल की बेटियां/बहनें भी उपस्थित थीं।  

शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, रक्षाबंधन पर लाडली बहना योजना का बजट होगा 3000 रुपए तक

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में रक्षाबंधन का त्योहार उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से महिलाएं 'मामा के घर' पहुंचीं और उनकी कलाई पर राखी बांधी। शिवराज ने कहा कि जब तक उनकी सांसें हैं, वे बहनों के सुख, सम्मान और मुस्कान के लिए काम करते रहेंगे। बहनों की सेवा मेरे लिए पूजा शिवराज ने कहा कि बहनों की सेवा मेरे लिए भगवान की पूजा के समान है। मेरे रहते कोई बहन यह नहीं कह सकती कि उसका कोई भाई नहीं है। इस दौरान उन्होंने लाडली बहना और लाडली लक्ष्मी जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि इन्हें कई राज्यों ने अलग-अलग नामों से लागू किया है। इस मौके पर उन्होंने वादा किया कि लाडली बहना योजना की राशि को तीन हजार रुपये तक बढ़ाया जाएगा, और सरकार इस दिशा में काम कर रही है। रक्षाबंधन की शुभकामनाएं शिवराज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रक्षाबंधन की बधाई दी। उन्होंने लिखा कि मेरी प्यारी बहनों, आपके प्रेम की डोर मेरी कलाई पर बंधती है तो मुझे सेवा का संकल्प देती है। जब तक सांस है, आपके सुख, सम्मान और मुस्कान के लिए काम करता रहूंगा। शिवराज सिंह ने आगे कहा कि इस राखी पर स्वदेशी का संकल्प भी लें। सभी भाई-बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं।

रायसेन में शिक्षा पर विवाद, हिंदू बच्चों को इस्लामिक शब्द सिखाने का आरोप

रायसेन  रायसेन जिले के एक कॉन्वेंट स्कूल में इस्लामिक शिक्षा देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बेबी कॉन्वेंट स्कूल में नर्सरी के बच्चों को पारंपरिक शिक्षा से हटकर इस्लामिक शिक्षा सामग्री पढ़ाया जा रहा था। इतना ही नहीं, स्कूल द्वारा बांटे गए पट्टी पहाड़े में 'क से काबा', 'म से मस्जिद', 'न से नमाज', और 'औ से औरत (हिजाब में)' जैसे शब्द और चित्र शामिल है। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक बच्ची के चाचा ने उसकी किताब देखी। स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग मामला सामने आने के बाद अभिभावक, विश्व हिन्दू परिषद, और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने स्कूल में प्रदर्शन कर हंगामा किया और स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की। हो हंगामा की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। इसके बाद थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल ने प्रदर्शनकारियों से शिकायत दर्ज करने को कहा, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। स्कूल प्राचार्य ने स्वीकार की गलती वहीं, स्कूल की प्राचार्य आईए कुरैशी ने गलती स्वीकार करते हुए कहा कि भोपाल से मंगवाए गए पट्टी पहाड़े की सामग्री की जांच नहीं की गई थी। अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने अभिभावकों से सामग्री वापस करने की अपील की। दोषियों पर होगी कार्रवाई वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार, स्कूलों में ऐसी सामग्री की अनुमति नहीं है। ऐसे में ये जांच का विषय है कि स्कूल में इस तरह की सामग्री कहां से लाया गया और लाने का उद्देश्य क्या था।

सिविल जज बनने का सपना, लेकिन सफर में हुई गुमशुदगी — ट्रेन से लापता हुई महिला यात्री

भोपाल  मध्यप्रदेश में सिविल जज की तैयारी कर रही युवती के लापता होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इंदौर से कटनी जा रही महिला यात्री अर्चना तिवारी बीच रास्ते से लापता हो गई है। युवती के परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी है। पुलिस युवती की तलाश में जुट गई है। रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दरअसल इंदौर से नर्मदा एक्सप्रेस के B-3 की बर्थ नंबर 3 पर युवती अर्चना तिवारी सफर कर रही थी। कटनी पहुंची ट्रेन में अर्चना नहीं मिली तो परिजनों ने रेलवे पुलिस को सूचित किया। अर्चना के लापता होने की शिकायत रेल मदद पोर्टल पर की गई है। आखिरी लोकेशन रानी कमलापति स्टेशन पर अर्चना की अपनी मां से आखिरी बात गुरुवार रात 10.16 बजे हुई थी, उसके बाद से नंबर स्विच ऑफ बता रहा है। अर्चना का आखिरी लोकेशन भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर मिला था। अर्चना इंदौर में सिविल जज की तैयारी कर रही है।

छात्राओं की शिकायतों पर लापरवाही, इंदौर कमिश्नर ने स्कूल प्रभारी को हटाया

खरगोन  जिले के धूलकोट सांदीपनि विद्यालय में छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार की शिकायतों की अनदेखी का भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है। इंदौर के कमिश्नर दीपक सिंह ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने प्रभारी प्राचार्य सत्यनारायण मालवीय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल से मिली रिपोर्ट के आधार पर की गई है। दरअसल, अंशकालिक मजदूर पवन शर्मा पर स्कूल की छात्रों के साथ अनुचित हरकत करने के आरोप लगे थे। इस पर छात्राओं ने कई बार शिकायत की थी। लेकिन प्रभारी प्राचार्य सत्यनारायण मालवीय ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके बाद जुलाई महीने में छात्र छात्राओं और उनके पेरेंट्स ने भगवानपुरा थाने का घेराव किया था। साथ ही भगवानपुर धूलकोट मार्ग पर 3 से 4 घंटे तक चक्का जाम कर दिया गया था। प्रदर्शन के बाद भी प्राचार्य की बेरुखी परिजनों के प्रदर्शन के बावजूद प्रभारी प्राचार्य मालवीय ने अपनी बेरूखी बनाए रखी और कोई कार्रवाई नहीं की थी। वहीं, छात्राओं की शिकायत पर कलेक्टर भव्या मित्तल ने एसडीएम खरगोन से जांच कराने के निर्देश दिए थे। जांच में प्रथम दृष्टिया मालवीय की गम्भीर लापरवाही सिद्ध हुई थी। इसके बाद इंदौर कमिश्नर ने प्रभारी प्राचार्य के एमपी सिविल सेवा नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए है। सत्यनारायण मालवीय (मूल पद लेक्चरर, कृषि) का मुख्यालय अब कार्यालय, परियोजना प्रशासक, एकीकृत आदिम जाति विकास परियोजना खरगोन रखा गया है। उनके स्थान पर उच्च माध्यमिक शिक्षक विनोद सांवलिया को अस्थाई रूप से सांदीपनि विद्यालय धूलकोट का प्राचार्य का दायित्व दिया गया है।

यासीन मछली गिरोह का पर्दाफाश, टेलीग्राम पर छुपाकर ड्रग्स की तस्करी, दिल्ली-राजस्थान से लाई जाती है ड्रग्स

भोपाल  भोपाल के हाईप्रोफाइल ड्रग तस्करी केस के मास्टरमाइंड यासीन अहमद उर्फ मछली के 15 गुर्गों की गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच कर चुकी है। उसके बेहद करीबी अंशुल सिंह उर्फ भूरी को रिमांड खत्म होने के बाद 7 अगस्त को क्राइम ब्रांच ने जेल भेज दिया है। उसने पूछताछ में पूरे नेटवर्क की अहम जानकारियां पुलिस को दी हैं। उसने बताया कि पब-क्लब में आने वाले युवक-युवतियों को यासीन ड्रग तस्करी के नेटवर्क में जोड़ता था।ड्रग डीलिंग के लिए टेलीग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल सिखाता था। माल की डिलीवरी विश्वासपात्र ग्राहकों को ही दी जाती थी। ऑर्डर देने के लिए खास कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जाता था। पूरे शहर में यासीन के लिए 50 से अधिक लोग ड्रग तस्करी का काम कर रहे थे। यह लोग दिल्ली और राजस्थान से ड्रग लाने से लेकर भोपाल में खपाने तक का काम करते थे।अलग-अलग पब और क्लब में सक्रिय हैं गुर्गे यासीन के गुर्गे शहर के अलग-अलग क्लब और पब में सक्रिय रहते हैं। यहां आने वाली युवतियों और युवकों में से ऐसे लोगों को टारगेट किया जाता था जो पहले से ही शराब या अन्य नशे के आदी हों। उनसे दोस्ती के बाद शुरुआती दिनों में फ्री ड्रग दिया जाता था। लत लगने पर इनसे एक डोज की कीमत 7 से 10 हजार रुपए तक की वसूली जाती थी।विदेशी नागरिकों से ड्रग डील के सबूत मिले यासीन और अंशुल के मोबाइल फोन में नाइजीरियन युवकों से चैट्स मिले हैं। सभी चैट्स में ड्रग डीलिंग के संबंध में बात हैं। इससे पहले भी क्राइम ब्रांच एक नाइजीरियन की गिरफ्तारी कर चुकी है। दो अन्य नाइजीरियन को भी पहचान कर हिरासत में लेने की बात कह रही है। फरारी में मदद करने वाला भी गिरफ्तार केस में ऐशबाग की सोनिया कॉलोनी में रहने वाला आरोपी सनव्वर फरार है। क्राइम ब्रांच ने उसके भाई शाकिर उर्फ छोटू अंसारी की गिरफ्तारी कर ली है। छोटू पर भाई की फरारी में मदद करने का आरोप है। एडिशनल डीसीपी बोले- अब तक 14 गिरफ्तार एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पूरे केस में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हर रोज यासीन के गिरोह से जुड़े होने के संदेह में संदेहियों को बुलाकर पूछताछ की जा रही है। अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। साक्ष्य मिलने पर पूछताछ के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया है। राजस्थान से दिल्ली तक यासीन को ड्रग सप्लाई करने वालों की तलाश की जा रही है।

1052 करोड़ रुपए की बड़ी परियोजना: एमपी में फ्लाइओवर का उद्घाटन करेंगे नितिन गडकरी

भोपाल  मध्यप्रदेश का सबसे बड़े फ्लाइओवर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। जबलपुर में बने इस फ्लाइओवर के आधिकारिक लोकार्पण का दिन भी तय हो गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इसे लोकार्पित करने जबलपुर आएंगे। फ्लाइओवर कई माह पहले ही बन चुका था लेकिन इसके लोकार्पण पर पेंच फंसा हुआ था। बीजेपी की अंदरुनी राजनीति की वजह से फ्लाइओवर का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ नहीं हो सका था। इसके विरोध में कांग्रेस जनांदोलन भी कर चुकी थी। अब बीजेपी और राज्य सरकार ने फ्लाइओवर के आधिकारिक लोकार्पण की तिथि की घोषणा कर दी है। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने गत दिवस नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर फ्लाइओवर के लोकार्पण के लिए विधिवत आमंत्रित किया था। उन्होंने इस पर अपनी सहमति दी।   फ्लाईओवर का लोकार्पण 23 अगस्त को केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी की मंजूरी के बाद फ्लाईओवर का लोकार्पण 23 अगस्त को किया जाएगा। जबलपुर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गडकरी के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे।   जबलपुर के इस फ्लाईओवर ने प्रदेश में आधुनिक आधारभूत संरचना के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। इससे शहर का यातायात का दबाव कम हो गया है। 6.855 किलोमीटर लंबाई वाला यह फ्लाइओवर जबलपुर के नए और पुराने इलाकों को जोडता है। एलिवेटेड कॉरिडोर 1052 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है।

रक्षाबंधन का दर्दनाक रंग, शहीद भाई की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी और दी अंतिम श्रद्धांजलि

शाजापुर शाजापुर जिले के ग्राम रानी बडोद निवासी सीआईएसएफ के जवान मोहित सेन का मणिपुर में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। रक्षाबंधन पर शनिवार को जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो बहनें और परिवार के लोग बिलख पड़े। यह दुखद नजारा देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। इस दौरन अंतिम यात्रा में हाथों में तिरंगा थामकर बड़ी संख्या में युवा और ग्रामीण शामिल हुए। हादसे में गई थी जान जानकारी के अनुसार, मोहित सेन (22) मणिपुर में सीआरपीएफ की 120 बटालियन में तैनात थे। गुरुवार रात को ड्यूटी के दौरान हादसे में उनका निधन हो गया था, जिसकी जानकारी शुक्रवार सुबह उनके भाई अंकित सेन को दी गई। मोहित के पिता आनंदीलाल सेन और भाई अंकित हेयर सैलून चलाते हैं। दो साल उनकी मणिपुर में पोस्टिंग हुई थी।  शाजापुर जिले के रानी बडोद गांव के मोहित सेन (22) का निधन मणिपुर में हो गया। वह सीआरपीएफ की 120 बटालियन में तैनात थे। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान हादसे के शिकार हो गए थे और गुरुवार देर रात उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, उनकी पोस्टिंग दो साल पहले मणिपुर में हुई थी। रक्षाबंधन के दिन शनिवार को उनका पार्थिव शरीर भोपाल से अकोदिया होते हुए गांव पहुंचा। मोहित की पार्थिव शरीर देखते ही बहनें, परिवार और ग्रामीण शोक में डूब गए। अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ मोहित के पिता आनंदीलाल और भाई अंकित हेयर सैलून चलाते हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह निधन की खबर मिली। शनिवार सुबह 7:30 बजे पार्थिव शरीर अकोदिया थाने पहुंचा, फिर गांव तक अंतिम यात्रा निकली। इस दौरान अंतिम यात्रा में तिरंगा थामे युवाओं सहित भारी भीड़ उमड़ी। राखी बांधकर दी अंतिम विदाई रक्षाबंधन पर बहनें मोनिका, राधिका और सोनिका ने राखी बांधकर मोहित को अंतिम विदाई दी। इस दौरान बहनों की आंखें नम थी। आंखों से गिर रहे आंसू को देख वहां मौजूद लोग भी रोने लगे। हर कई विधाता को ही कोस रहा था। वहीं, अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र से आए अन्य लोगों की आंखें भी नम थीं। आकेदिया थाने से शुरू हुई अंतिम यात्रा शनिवार सुबह 7:30 बजे मोहित का पार्थिव शरीर भोपाल से अकोदिया थाने पहुंचा, जहां से अंतिम यात्रा की शुरुआत हुई। इस दौरान बस स्टैंड पर जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर मोहित को नमन किया। बड़ी संख्या में लोग बाइक पर तिरंगा लेकर शामिल हुए। डीजे पर देशभक्ति गीतों के बीच यात्रा शहीद के निवास स्थान पहुंची, जहां माता-पिता और परिजन रो-रोकर बेहाल थे। इसके बाद अंतिम यात्रा मुक्ति धाम पहुंची, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। बहनों ने भाई की कलाई पर बांधी राखी इधर, रक्षाबंधन के दिन मोहित का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। उनकी चचेरी बहनों मोनिका, राधिका और सोनिका ने राखी बांधकर अपने दिवंगत भाई को अंतिम विदाई दी। अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। यात्रा के दौरान हर किसी की आंखें नम हो गईं। अंतिम यात्रा में हुए शामिल 120 बटालियन के जवानों ने सलामी देकर मोहित सेन को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक घनश्याम चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिसोदिया, पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। श्रद्धांजलि सभा में विधायक ने घोषणा की कि स्थानीय हाई स्कूल का नाम मोहित सेन के नाम पर रखा जाएगा और उनकी स्मृति में एक स्मारक भी बनाया जाएगा।  

नंदी हाल में 66 पंडितों ने किया पर्जन्य अनुष्ठान, CM मोहन यादव ने किया शुभारंभ

उज्जैन  मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में अच्छी बारिश की कामना के लिए शनिवार को पर्जन्य अनुष्ठान हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए. इस दौरान सीएम ने बाबा महाकाल से आनंद बरसाने की कामना की. मानसून आने के डेढ़ माह बाद भी मालवा क्षेत्र में बारिश नहीं हुई, जिससे यहां के लोग चिंतित है.  66 पंडितों ने किया पर्जन्य अनुष्ठान शनिवार को रक्षाबंधन पर्व पर अच्छी बारिश की कामना के लिए 66 पंडितों ने महाकाल मंदिर के नंदी हॉल में पर्जन्य अनुष्ठान किया. करीब तीन घंटे तक महारुद्र अनुष्ठान का पाठ किया गया. इस दौरान पुजारी-पंडितों द्वारा नंदी हॉल में शिवलिंग का महा पूजन कर गर्भ गृह में बाबा महाकाल को सतत जल धारा अर्पित किया गया. वहीं नंदी हॉल में पुजारियों ने मंत्रों का जाप किया. बता दें कि इस अनुष्ठान में सीएम मोहन यादव पत्नी सीमा यादव के साथ शामिल हुए. मालवा क्षेत्र विशेषकर उज्जैन, इंदौर, देवास और आसपास के इलाकों में बारिश नहीं होने से किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। इस संकट को दूर करने और उत्तम वर्षा एवं अमृत वृष्टि की कामना के लिए महाकाल मंदिर के नंदी हाल में यह विशेष अनुष्ठान आयोजित किया गया। अनुष्ठान के दौरान महारुद्र पाठ किया जा रहा है, जो लगभग तीन घंटे तक चलेगा। नंदी हॉल में मौजूद पुजारियों ने शिवलिंग का महापूजन किया। इस दौरान गर्भगृह में सतत जलधारा भगवान महाकाल को अर्पित की गई और नंदी हाल में मंत्रोच्चार के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया। बारिश नहीं होने से चिंतित मालवा के किसान बता दें कि सावन के महीने में मामलवा में अच्छी बारिश होती थी. प्रदेश में कई जगह अच्छी बारिश हुई भी, लेकिन उज्जैन, इंदौर, देवास सहित मालवा के कई क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई, जिससे सूखे की स्थित उत्पन्न हो गई है.. जिससे किसान फसलों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं. वहीं शहरों में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है. इसी को देखते हुए पुजारियों ने महाकाल बाबा से अच्छी बारिश की कामना करते हुए पर्जन्य अनुष्ठान किया. बाबा प्रदेश में आनंद बरसाए  महाकाल मंदिर में हुए पर्जन्य अनुष्ठान के बाद सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में कहीं ज्यादा तो कहीं कम बारिश हुई है. इसलिए अनुष्ठान में कामना की है कि बाबा पूरे प्रदेश में आनंद बरसाए. इस दौरान सीएम ने रक्षाबंधन की बधाई भी दी. उन्होंने कहा कि आज भाई बहनों का अमिट महा रक्षाबंधन है. बहनें रक्षा सूत्र बांधकर भाइयों के दीर्घायु की कामना करती है. वहीं भाइयों ने रक्षा का वचन देते हैं. उज्जैन में 9 दिन का पानी शेष  उज्जैन में प्रतिदिन पेयजल संकट बढ़ता जा रहा है. शहर की प्यास बुझाने वाला गंभीर डैम में 9 दिन का पानी शेष बचा है. पहले से ही शहरवासियों को एक दिन छोड़कर पेयजल मिल रहा है. ऐसे में अगर इस साल बारिश नहीं होती है और नर्मदा लिंक योजना 8 दिन में पूरी नहीं हुई तो वर्ष 2009 जैसा जलसंकट उज्जैन को झेलना पड़ सकता है. सीएम बोले- बाबा महाकाल आनंद बरसाएं सीएम मोहन यादव ने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना के अनुष्ठान में शामिल हुआ। प्रदेश में कहीं अधिक तो कहीं कम बारिश हो रही है। मैं बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि हर जगह आनंद बरसाएं। यज्ञ शुरू हो गया है, बाबा महाकाल उसे सफल बनाएं। मंदिर पुजारी आशीष ने कहा कि रक्षाबंधन पूर्णिमा महापर्व के अवसर पर, प्रदेश में उत्तम वर्षा की कामना के लिए भगवान महादेव के दरबार में महा रुद्राभिषेक प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा पूजन किया गया है। ब्राह्मणों के द्वारा सतत जलधारा और दूधधारा से अभिषेक किया जा रहा है। गंभीर डेम में केवल 10 दिन का जल भंडार श्रावण माह का आज अंतिम दिन है। इस साल प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन मालवा क्षेत्र के कई हिस्सों में अब तक माकूल वर्षा नहीं हुई। उज्जैन में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। शहर को जलापूर्ति करने वाला एकमात्र गंभीर डेम अब केवल 10 दिन का जल भंडारण शेष रखे हुए है। पहले से ही उज्जैन में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। सावन जैसे पवित्र माह में भी जब वर्षा नहीं हो रही, तब जल संकट और अधिक गहराता जा रहा है। इन्हीं कारणों से बारिश की कामना के लिए यह पर्जन्य अनुष्ठान किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र में शीघ्र अच्छी बारिश हो और लोगों को राहत मिले।