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3-4 अगस्त को एमपी में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में हल्की बारिश का पूर्वानुमान

भोपाल  मध्यप्रदेश में बीते एक सप्ताह से हो रही झमाझम बारिश के बाद शुक्रवार को लोगों ने राहत की सांस ली। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में दोपहर के समय सूरज धूप खिली। लोगों को लंबे समय से जारी वर्षा से कुछ राहत मिली है। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा, लेकिन मौसम विभाग की माने तो 3 और 4 अगस्त को मध्यप्रदेश में एक बार फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विज्ञान के मुताबिक, मानसून द्रोणिका फिलहाल एमपी के सीधी जिले से होकर गुजर रही है। 24 घंटे बाद सिस्टम का असर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में तेज बारिश(Heavy Rain Alert) हो सकती है। लोकल वेदर सिस्टम की वजह से कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश गिर सकती हैं। इस दौरान अधिकांश जिलों में धूप और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा। पिछले 24 घंटों में सीधी, नरसिंहपुर और मलाजखंड में एक से दो सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, अभी साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ प्रदेश के ऊपर है। 24 घंटे बाद सिस्टम का असर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में तेज बारिश हो सकती है। इससे पहले शुक्रवार को भी भारी बारिश का दौर थमा रहा। ग्वालियर, गुना, श्योपुर, दमोह, मंडला और उमरिया में हल्की बारिश हुई। भिंड के बाढ़ग्रस्त गांव से बीमार बुजुर्ग का रेस्क्यू बारिश के कारण भिंड जिले में शुक्रवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। सिंध और चंबल नदियां खतरे के निशान से 6 से 7 मीटर ऊपर बही। जिससे कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया। शुक्रवार को बाढ़ग्रस्त मुसावली गांव से एक बीमार बुजुर्ग की सूचना मिलते ही NDRF की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। टीम ने बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकालकर चिकित्सालय पहुंचाया। बचाव कार्य के दौरान भारौली थाना प्रभारी गिरीश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में NDRF की टीमें तैनात कर दी हैं। टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी रख रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल बचाव कार्य कर रही हैं। 3 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 3 अगस्त को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, निवाड़ी और टीकमगड़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बाकी जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 4 अगस्त को अति भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 4 अगस्त को ग्वालियर, दतिया और मुरैना में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट(Heavy Rain Alert) है जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। श्योपुर, निवाड़ी, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर और छतरपुर में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बाकी बचे जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इंदौर: मानसून के 2 माह में बारिश 32% कम मानसून के दो माह (जून-जुलाई) में इंदौर में 32 फीसदी कम बारिश हुई है। जुलाई में शुरू के दो सप्ताह में लोकल सिस्टम सरि य नहीं होने से बादल कम बरसे। जिले में दो माह में 11 इंच बारिश हुई है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक यह आंकड़ा 16 इंच था। 1 जून से 30 सितंबर तक जिले में बारिश का औसत 38 इंच है, लेकिन दो माह में औसत की 29% बारिश ही हुई। अब दो माह में 62% पानी बरसने पर ही औसत पूरा होगा। मौसम विभाग भोपाल की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या सुरेंद्रन ने बताया, अगस्त में बारिश के साथ दिन-रात के तापमान में जुलाई की अपेक्षा कमी रहेगी। ग्वालियरः बारिश में 18 लोगों की मौत, 800 कच्चे व पुराने घर गिरे ग्वालियर मानसून की बारिश से इस बार शहर सहित जिले में जनजीवन प्रभावित हो गया। मानसून जनजीवन पर भारी पड़ा है। आसमानी बिजली व कच्चे पक्के घर, पानी में डूबने से इस बार 18 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, वहीं 30 पशुओं की भी मौत हुई और 800 कच्चे व पक्के घर ढह गए। प्रशासन ने बारिश से हुई जनहानि व नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। शंकरपुर में तेज आंधी की वजह से टीन शेड उड़ गया। इसकी चपेट में आकर चार लोगों की मौत हो गई। तीन लोगों की मौत मकान ढह जाने से हुई है। पिछले सप्ताह कुछ जिलों में बाढ़ के हालात बने पिछले सप्ताह प्रदेश में बाढ़ के हालात बने। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया। खेत-मंदिर और पुल डूब गए। दो दिन से बारिश थमी रही, लेकिन नर्मदा नदी उफान पर है। वहीं, डैम ओवरफ्लो है। इनके गेट खोले गए।

चित्रकूट में नौकरानी की मौत का मामला गहराया, पूर्व कांग्रेस नेता की पत्नी पर संगीन आरोप

 सतना चित्रकूट में कांग्रेस के पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के निवास पर काम करने वाली 24 साल की नौकरानी सुमन की आत्महत्या मामले में पुलिस ने पूर्व विधायक की पत्नी अर्चना चतुर्वेदी पर केस दर्ज किया है। पुलिस ने इस केस में अहम खुलासे किए हैं। मृतका के प्रेमी अरविंद उर्फ रज्जू यादव को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वहीं पूर्व विधायक की पत्नी अर्चना चतुर्वेदी पर शस्त्र अधिनियम के तहत लापरवाही का केस दर्ज किया गया है। 29 जुलाई को नौकरानी सुमन ने पूर्व कांग्रेस विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के घर में मौजूद लाइसेंसी रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। जांच में पता चला कि यह हथियार अर्चना चतुर्वेदी के नाम पर है और उसे घर में असुरक्षित तरीके से रखा गया था। इस लापरवाही के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सुमन का प्रेम संबंध अरविंद उर्फ रज्जू यादव से था। अरविंद उर्फ रज्जू यादव दास हनुमान गोशाला में काम करता था। वह उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का रहने वाला है। दोनों की नजदीकियां सब्जी दुकान के पास बैठने के दौरान बढ़ीं, जहां सुमन का परिवार दुकान लगाता था। जब सुमन की मां को इस रिश्ते की भनक लगी, तो उन्होंने उसकी शादी कटनी निवासी एक युवक से तय कर दी। इसके बाद सुमन और अरविंद के बीच तनाव गहराता गया। अरविंद लगातार सुमन से संपर्क करने की कोशिश करता रहा और उसे दो बार मोबाइल फोन देकर बातचीत के लिए दबाव बनाया। 28 जुलाई को सुमन की मां ने अरविंद का दिया दूसरा मोबाइल भी जब्त कर लिया। इसके बाद घर में विवाद हुआ और सुमन पर सामाजिक और भावनात्मक दबाव काफी बढ़ गया। मां की सख्ती, प्रेमी का दबाव और तय विवाह की उलझनों के बीच मानसिक तनाव में सुमन ने अगले दिन खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर चित्रकूट पुलिस ने अरविंद की भूमिका की पुष्टि की है। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा-108 और 107 के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने एक ओर प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है, तो दूसरी ओर पूर्व विधायक की पत्नी पर लापरवाही से शस्त्र रखने को लेकर मामला दर्ज कर अलग से जांच कर रही है। पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान युवती सुमन और पूर्व विधायक के घर के कई सदस्यों के फिंगर प्रिंट की जांच कराई थी। गौर करने वाली बात यह कि मृतका की मां ने पुलिस से कहा था कि सुमन को दो माह पूर्व दिमागी बुखार आया था जिससे वह परेशान थी। 

भोपाल में अपराधियों पर शिकंजा, मछली गैंग से जुड़े लोगों के गन लाइसेंस रद्द करने की तैयारी

भोपाल  एमडी ड्रग्स में पकड़े गए यासीन अहमद और उसके परिवार के सदस्यों के शामिल होने के बाद क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मछली परिवार से जुड़े 15 लोगों के नाम भेजे हैं। जिनके नाम शस्त्र लाइसेंस हो सकते हैं। पत्र मिलने के बाद शस्त्र शाखा ने भी रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। इसके तहत पांच लोगों के शस्त्र मिलने का पता चला है, जिनको आठ शस्त्र रखने की अनुमति दी गई है। इन शस्त्र लाइसेंस को निलंबित करने से पहले नोटिस जारी किए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, अब तक शस्त्र शाखा को सोहेल, शहरयार, शफीक, शाहिद और शावेज के नाम शस्त्र लाइसेंस मिले हैं। जिन पर आठ शस्त्र चढ़े हैं। कौशलेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के बाद अपराधों में लिप्त लोगों का रिकार्ड सर्च किया जा रहा है। जिनके नाम मिलेंगे, उनके शस्त्र निलंबित किए जाएंगे। जिले में अपराधों में लिप्त लोगों के लाइसेंस निलंबित किए जाते हैं। सरकारी जमीन पर बनी कोठी भी तोड़ेंगे जिला प्रशासन की टीम ने मछली परिवार के सरकारी जमीनों पर बने मैरिज गार्डन, फार्म हाउस, कारखाना, वेयरहाउस, बकरा और मुर्गी फार्म, मदरसे को जमींदोज करने के बाद सील की गई कोठी को भी तोड़ने की तैयारी कर ली है। एसडीएम हुजूर विनोद सोनकिया का कहना है कि सरकारी जमीन पर बनी कोठी को तोड़ने के लिए दोबारा से टीम जाएगी। प्रशासन कार्रवाई कर रहा है     एमडी ड्रग्स मामले के आरोपितों की शस्त्र लाइसेंस संबंधी जानकारी पता कर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। आरोपितों के नाम से शस्त्र लाइसेंस होने की जानकारी मिलती है तो निलंबित की कार्रवाई की जाएगी। – हरिनारायणाचारी मिश्र, पुलिस आयुक्त  

‘मछली गैंग’ का पर्दाफाश जारी, आरोपी यासीन पर एक और गंभीर आरोप दर्ज

भोपाल  बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता शफीक मछली के भाई शाहवर अहमद और भतीजे यासीन अहमद पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। पहले से ही ड्रग्स तस्करी और मारपीट के मामले में जेल में बंद शाहवर और यासीन पर एक और कार्रवाई की गई है। यासीन अहमद उर्फ मछली पर रेप की एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी पर अब तक 6वां मामला दर्ज हुआ है। दरअसल, एमपी नगर थाने में दर्ज नए प्रकरण में पीड़िता ने कहा है कि यासीन ने शादी का झांसा देकर करीब एक साल तक उसका यौन शोषण किया। यासीन मछली ने पहले एमपी नगर के एक फाइव स्टार होटल में रेप किया। फिर उसके बाद अलग-अलग जगहों पर युवती के साथ ज्यादती की गई। उसने आरोप लगाया है कि यासीन बेरहमी से पीटता था और उसने मारपीट के वीडियो भी बनाए थे। इन्हीं वीडियो के आधार पर पुलिस ने युवती की पहचान की और उसकी काउंसलिंग के बाद एफआईआर दर्ज की। मछली परिवार की बढ़ रही मुसीबतें इससे पहले भी अरेरा हिल्स और महिला थाने में यासीन के खिलाफ दुष्कर्म और धोखाधड़ी के केस दर्ज हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार पीड़िता प्राइवेट नौकरी करती है। वहीं, ड्रग तस्कर यासीन से उसकी मुलाकात एक पब में हुई थी। दोनों की बातचीत के बाद एक दूसरे से दोस्ती हो गई थी। दोनों ने एक-दूसरे को अपने मोबाइल नंबर शेयर किए थे। इसके बाद यासीन ने युवती को मिलने के लिए एक फाइव स्टार होटल में बुलाया, जहां उसने शादी करने का झांसा देकर उसके साथ रेप किया। उसके बाद से वह लगातार युवती का शोषण कर रहा था। जब पीड़िता ने शादी की बात की तो उसने इनकार कर दिया। इतना ही नहीं मारपीट कर वीडियो भी बना लिया।

फिटजी कर्मचारियों को राहत, वेतन न मिलने पर कोर्ट ने सुनाया फैसला – संस्थान देगा 27 लाख

ग्वालियर देशभर में अपनी शाखाओं के माध्यम से छात्रों से भारी फीस वसूलने और बाद में संस्थान बंद कर फरार होने वाले फिटजी कोचिंग संस्थान के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। ग्वालियर में स्थित न्यायालय नियंत्रक प्राधिकारी उपदान अधिनियम (सहायक श्रमायुक्त) नम्रता सोनी ने संस्थान को निर्देश दिया है कि वह अपने छह पूर्व कर्मचारियों को कुल 26,98,786 रुपये की राशि 10% वार्षिक ब्याज सहित 30 दिनों के भीतर भुगतान करे। फिटजी ने ग्वालियर में भी सैकड़ों छात्रों से लाखों की फीस वसूली के बाद अचानक कोचिंग बंद कर दी थी। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें न तो वेतन दिया गया और न ही ग्रेच्युटी या अन्य निर्धारित लाभ। इस अन्याय से पीड़ित होकर उन्होंने श्रम विभाग में शिकायत दर्ज कराई। मामले में कर्मचारियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता निखिल शिवहरे ने बताया कि फिटजी संस्थान ने न केवल छात्रों बल्कि अपने ही वफादार कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी की। ग्वालियर में वर्षों तक काम कर चुके इन कर्मचारियों को जब उचित वेतन और सेवा लाभ नहीं मिले तो उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया। श्रमायुक्त कार्यालय ने फिटजी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद सहायक श्रमायुक्त ने संस्थान को भुगतान का आदेश दिया। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया गया तो संबंधित राशि पर साधारण ब्याज जोड़कर वसूली प्रमाण पत्र (RC) जारी किया जाएगा और कानूनी वसूली की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

स्कूल मान्यता रद्द पर सरकार का आश्वासन – सभी बच्चों को दूसरे संस्थानों में मिलेगा प्रवेश

भोपाल  प्रदेश के 250 निजी स्कूलों की मान्यता समाप्त कर दी गई है। इन स्कूलों में अध्ययनरत करीब 25 हजार विद्यार्थियों को नजदीक के सरकारी स्कूलों में प्रवेश का विकल्प दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को इस संबंध में व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कहा गया कि ऐसे विद्यार्थियों को एक सप्ताह के भीतर दूसरे स्कूल में प्रवेश दिलाया जाए। बच्चों की आगे की पढ़ाई पर संकट जिन स्कूलों की मान्यता समाप्त हुई है उनमें राजधानी भोपाल के ही करीब 12 स्कूल हैं। इनमें दर्ज बच्चों के एडमिशन अवैध हो गए हैं। अब बच्चों की आगे की पढ़ाई पर संकट है। इस कारण अब डीईओ की जिम्मेदारी होगी कि इन स्कूलों में दर्ज बच्चों को नजदीक के स्कूलों में प्रवेश दिलाएं। यह आदेश सत्र शुरू होने के चार माह बाद हुए। 250 स्कूलों की अपील खारिज बता दें, कि प्रदेश के 350 निजी स्कूलों की मान्यता संबंधी विवाद की अपील शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के पास पहुंची थी। उन्होंने 250 स्कूलों की अपील को खारिज कर दिया। ये स्कूल जमीन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए थे। कुछ स्कूलों के पास जमीन नहीं थी तो कुछ के पास पर्याप्त जमीन और रजिस्ट्री के कागज नहीं थे। अपील में जाने वाले 50 स्कूलों की मान्यता का नवीनीकरण हुआ वहीं 50 स्कूलों का मामला अभी भी लंबित है। राजधानी के ये सालों पुराने स्कूल राजधानी के अंकुर हायर सेकेंडरी स्कूल, जवाहर चौक स्थित सेवन हिल्स, सर्वधर्म कोलार स्थित प्रीति हायर सेकेंडरी स्कूल, कोलार स्थित राजपुष्पा, पार्थ, ज्ञान कृष्णा समेत अन्य स्कूल शामिल है। इन स्कूलों में मान्यता समाप्त करने का कारण जमीन नहीं होना बताया गया है। इन स्कूलों में करीब दो ढाई हजार विद्यार्थी हैं। जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार का कहना है कि राजधानी के करीब 12 स्कूल हैं, जिनकी मान्यता समाप्त की गई है। इसमें कुछ बड़े स्कूल भी हैं, जिनके पास जमीन नहीं था और वे वर्षों से संचालित हो रहे थे। इन स्कूलों के करीब 2500 विद्यार्थियों को पास के सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाया जाएगा।

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को क्लीनचिट, मालेगांव केस में नहीं मिला दोष साबित होने का सबूत, विधर्मियों का मुंह हुआ काला

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने मालेगांव धमाके में एनआईए की अदालत से मिली क्लीनचिट को सनातनियों की जीत बताया है तो यह भी कह दिया कि 'विधर्मियों का मुंह काला' हो गया। उन्होंने 'हिंदूराष्ट्र' की मंशा भी जाहिर की है। अदालत ने साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित सभी सात आरोपियों को 17 साल बाद बरी कर दिया। साध्वी प्रज्ञा ने उनकी गिरफ्तारी के बाद 'भगवा आतंकवाद' जैसे गढ़े गए शब्दों को लेकर कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने इसमें दूसरे धर्म के सभी लोगों को भी लपेट लिया। साध्वी ने शुक्रवार रात एक्स पर लिखा, 'भगवा आतंकवाद और हिंदू आतंकवाद के जन्मदाता कांग्रेस सहित सभी विधर्मियों का मुंह हुआ काला। भगवा ,हिंदुत्व और सनातन की विजय पर समस्त सनातनियों और देशभक्तों का हुआ बोलबाला बहुत-बहुत बधाई।' साध्वी ने अपनी पोस्ट के साथ जय हिंदूराष्ट्र, जय श्री राम का नारा लगाया। भोपाल की पूर्व सांसद ने इससे पहले एक्स पर एक भगवा झंडे की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'भगवा चिर विजयी ध्वज….' झंडे के नीचे राष्ट्र जयघोष लिखा हुआ है। बचपन से ही हिंदुत्व की विचारधारा के लिए समर्पित साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए एक बम धमाके के केस में गिरफ्तार किया गया था। आरोप लगाया गया था कि जिस बाइक पर विस्फोटक रखा गया था वह साध्वी के नाम रजिस्टर्ड थी। लेकिन अदालत ने कहा कि सबूतों से यह साबित नहीं हो पाया। साध्वी प्रज्ञा ने अपने पोस्ट में लिखा कि भगवा आतंकवाद और हिन्दू आतंकवाद की अवधारणा गढ़ने वाली कांग्रेस सहित सभी विधर्मियों का मुंह काला हुआ, भगवा, हिंदुत्व और सनातन की विजय पर समस्त सनातनियों और देशभक्तों का बोलबाला। बहुत-बहुत बधाई। जय हिन्दू राष्ट्र, जय श्रीराम। विज्ञापन एनआईए कोर्ट से मिली राहत गौरतलब है कि वर्ष 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए बम धमाके में छह लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ली थी और साध्वी प्रज्ञा समेत कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया था। मामले की करीब 16 साल तक चली सुनवाई के बाद, विशेष एनआईए अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष इन आरोपों को प्रमाणित करने में असफल रहा। कोर्ट के फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भगवा आतंकवाद का नैरेटिव एक राजनीतिक साजिश था और उसका आज पटाक्षेप हो गया है। कौन-कौन थे आरोपी?  मामले में भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी पर आतंकवाद और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप लगे थे। इन सभी पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मुकदमा चला है, जिनमें हत्या, साजिश, सांप्रदायिकता फैलाना, और आतंक फैलाने जैसे आरोप शामिल हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले की जांच की और कोर्ट से आरोपियों को उनके अपराध के अनुसार सजा देने की मांग की थी।  मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर मालेगांव शहर में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में लगाए गए विस्फोटक में धमाका होने से 6 लोगों की मौत हो गई थी और 101 अन्य लोग घायल हो गए थे। इस मामले के आरोपियों में ठाकुर, पुरोहित, मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी शामिल थे। हिंदू आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ‘हिंदू आतंकवाद’, और ‘भगवा आतंकवाद’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया था। अब अदालत के फैसले के बाद भाजपा की ओर से कांग्रेस से जवाब मांगा जा रहा है।

पेट्रोल पंप पर नया जुगाड़: ‘हेलमेट पहनो, पेट्रोल भरो, फिर लौटा दो’ – भोपाल में नियम की उड़ रही धज्जियां

भोपाल   'गोलमाल है भाई सब गोलमाल है… इसको इसकी टोपी उसके सिर… ये ये गाना आप सभी ने सुने होंगे। भोपाल के पेट्रोल पंप पर शुक्रवार को ये गाने चरितार्थ हो गए। दरअसल, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का 'हेलमेट अनिवार्यता' का आदेश शहर के पेट्रोल पंपी पर 'हेलमेट जुगाड़' का मंच बन गया। पेट्रोल पंप को चालक एक दूसरे हेलमेट मांगकर पेट्रोल भरवाते नजर आए। एक अगस्त से लागू हुए इस आदेश में कहा गया था कि बिना हेलमेट के दोपहिया चालको को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि 'एक हेलमेट, कई सवारी का फॉर्मूला चल निकला।  हेलमेट शेयरिंग ऐप का ट्रायल सुबह 10 बजे प्रभात चौराहे के पेट्रोल पंप पर चालकों ने हेलमेट बदल-बदलकर पेट्रोल भरवाया। एक हेलमेट को पांच हाथों में घूमते देखकर भी पंप कर्मचारियों ने आंखें मूंद रखी थीं। शहर के प्रगत्ति चौराहा, श्रीराम कॉलोनी और एम्पी आदि के मास स्थिति पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल बेचा गया लेकिन पुलिस, जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग के अधिकारी कहीं नहीं दिखे। सितंबर तक लागू रहेगा आदेश शहर में कुल 192 पेट्रोल पंप है, जहां हर रोज पेट्रोल और डीजल की खपत करीब 21.50 लाख लीटर है , इसमें करीब 11 लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती है। यह आदेश 29 सितंबर तक की अवधि में प्रभावशील रहेगा। इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्ति संस्था और संचालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 23 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। पुलिस वाले ने भी हेलमेट उधार लिया नानके पंप एक पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के पहुंच गया। पंप वाले ने मना किया, तो उसने दूसरे बालक से हेलमेट उधार लेकर पेट्रोल भरवाया और फिर वापस कर दिया। बोतल में पेट्रोल, नियमों में छेद दोपहर 12 बजे आइएसबीटी के पास स्थित पंप पर बोत्तल में पेट्रोल देने का गैर कानूनी धंधा खुलेआम चला। बोतल में पेट्रोल मरना सख्त मना है, कर्मचारी ने बिना किसी हिचक के पैसा लिया और पेट्रोल भर दिया। भोपाल आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने कि तीन कार्रवाई की गई थी। लेकिन शुक्रवार को शहर के किसी भी पेट्रोल पंप पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

भोपाल में IAS अफसर के घर में घुसकर 40 गुंडों ने की तोड़फोड़, अफसर बोलीं – खुलेआम बैठकर दे रहे थे धमकी

भोपाल  भोपाल में शिक्षा विभाग में उप सचिव आईएएस मंजूषा राय के घर में शुक्रवार को कुछ लोग जेसीबी लेकर पहुंच गए। इस दौरान बाउंड्रीवॉल और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। महिला अफसर ने कहा कि 40 गुंडे बाहर खड़े कर दिए। प्रॉपर्टी का विवाद है तो सिविल कोर्ट में आओ। मामला दानिशकुंज कॉलोनी में शुक्रवार का है। विवाद 1800 स्क्वायर फीट जमीन पर बने मकान के एग्रीमेंट, नामांतरण और रजिस्ट्री से जुड़ा है। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अफसर भी मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों को समझाइश दी गई। लेकिन उनके हटने के बाद में उन्होंने जेसीबी लगाकर मकान को तोड़ना शुरू कर दिया। पुलिस से नहीं मिल रहा सहयोग 41 लाख रुपए में किया था एग्रीमेंट महिला अफसर राय ने बताया कि 2010 में मकान का 41 लाख रुपए एग्रीमेंट किया था। पूरा पेमेंट बैंक अकाउंट से किया। इसके बाद भी जब-जब जरूरत पड़ी, लाखों रुपए लिए। संबंधित के नाम नामांतरण नहीं होने की वजह से रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे थे। वहीं, साल 2011 से परिवार समेत मकान में रह रहे हैं। जरूरत पड़ने पर यहां दो कमरे भी बनवाए। दूसरे के नाम पर करा दी रजिस्ट्री महिला ने बताया कि इसी बीच हितेश बटेजा नामक व्यक्ति के जरिए 17 मार्च-2025 में नामांतरण करा दिया। 10 जून में रजिस्ट्री करा दी। इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं दी गई। शुक्रवार को 40 से ज्यादा गुंडे घर पहुंचे और घर में तोड़फोड़ की। गुंडे घर के बाहर ही बैठ गए। पति के नाम से कराया था एग्रीमेंट आईएएस राय ने इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की है। इसमें कहा है कि मकान नंबर-595 दानिश कुंज में रंजना अहमद से पति विक्रांत प्रवीण राय ने 16 दिसंबर-10 में 41 लाख रु में विक्रय अनुबंध कर क्रय किया था। यह डुप्लेक्स मकान है। रंजना अहमद की मृत्यु के बाद उसके पुत्र सईद फरीद अहमद परिवर्तित नाम रिदित अरोड़ा को शेष बची हुई राशि मकान के एवज में अपने स्वयं के खाते से एवं मेरे पति के बचत खाते से भुगतान की गई। दो बार नामांतरण आवेदन खारिज 2021 में रिदित अरोड़ा द्वारा नायब तहसीलदार न्यायालय में नामांतरण के लिए दो बार आवेदन लगाए गए थे। जिन्हें दस्तावेज के अभाव में खारिज कर दिया था। रिदित अरोड़ा की सहमति से पारिवारिक आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए हमारे द्वारा उक्त संपत्ति में अतिरिक्त निर्माण कार्य भी कराया था। इसका भुगतान मैंने अपने स्वयं के खाते से किया था। कोर्ट में विचाराधीन है प्रकरण बाद में 17 मार्च 2025 में उक्त संपत्ति पर रंजना अहमद के पुत्र रिदित अरोड़ा का नामांतरण अतिरिक्त तहसीलदार कोलार ने किया और 10 जून में उक्त संपत्ति का विक्रय अरोड़ा ने मोना बटेजा पति हितेश बटेजा को कर दिया। हमारे संज्ञान में उक्त रजिस्ट्री और नामांतरण के आने के पश्चात कोलार एसडीएम कोर्ट में नामांतरण के विरुद्ध अपील की गई। तहसीलदार कोर्ट में मोना बटेजा के पक्ष में नामांतरण न हो, इस संबंध में आपत्ति भी लगाई गई। प्रकरण राजस्व न्यायालय में विचाराधीन है। एसडीएम-तहसीलदार के यहां आपत्ति लगाई उन्होंने कहा कि हमारे सभी रिकॉर्ड में इसी मकान का नाम दर्ज है। इस संबंध में एसडीएम और तहसीलदार के यहां आपत्ति लगाई गई है। इस मामले में प्रशासनिक अफसर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। वहीं, बटेजा से चर्चा नहीं हो पाई।

9 करोड़ 70 लाख से अधिक किसानों को मिली 20 हजार 500 करोड रुपए की राशि

भारत बनेगा विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था : प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के बैंक खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त हस्तांतरित की 9 करोड़ 70 लाख से अधिक किसानों को मिली 20 हजार 500 करोड रुपए की राशि पीएम मोदी ने वाराणसी से किसानों को भेजी सम्मान निधि भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हमारी सरकार निरंतर किसानों की खुशहाली के लिए काम कर रही है। वर्ष 2019 में पीएम किसान सम्मान निधि की शुरुआत हुई थी। योजना के तहत पौने चार लाख करोड रुपए किसानों के बैंक खातों में जमा किए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरण के कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने 20वीं किस्त के रूप में 9 करोड़ 70 लाख से अधिक किसानों को 20 हजार 500 करोड रुपए की सम्मान राशि का हस्तांतरण किया। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे और किसान कल्याण पर केंद्रित 2,183 करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है किसान सम्मान निधि योजना : मंत्री कंषाना मध्यप्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना कृषि उपज मंडी करोंद में पीएम किसान दिवस में आयोजित कार्यक्रम से वर्चुअली शामिल हुए। मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना फरवरी 2019 में केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई थी। इसके तहत किसानों को आर्थिक रुप से सशक्त बनाने के लिए साल भर में 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदाय की जाती है। आज 2 अगस्त का दिन हम सभी के लिये फिर खुशहाली लेकर आया है क्योंकि आज के दिन को हम पीएम किसान दिवस के रूप में मना रहे हैं। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिनका नारा है सबका साथ सबका विकास के साथ देश को आगे बढ़ा रहे हैं। पीएम किसान सम्मान निधि की 20 वी किश्त के रूप में भारत के लगभग 9 करोड़ 70 लाख किसानों को 20 हजार 500 करोड़ रूपये की राशि में से मध्यप्रदेश के 87 लाख 93 हजार किसानों को 7 हजार 39 करोड की राशि बनारस से सीधे उनके खातों में डाली जा रही है। इससे पहले किसान सम्मान निधि से 10 हजार करोड़ किसानों को 3.69 लाख करोड़ की राशि दी जा चुकी है। मंत्री कंषाना ने कहा कि यह सम्मान निधि किसानों के लिए आर्थिक सक्षमता ही नहीं बल्कि उनका सम्मान भी है। आज 2 अगस्त 2025 को देश के सभी राज्यों में राज्य स्तर, जिला स्तर, विकास खण्ड स्तर, एवं ग्राम पंचायत स्तर पर भी पीएम किसान दिवस के रूप में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी अनुक्रम में हम सभी एकत्रित हुये हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने देश एवं प्रदेश को मजबूत बनाने की दिशा में कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए अपील की। कार्यक्रम में सचिव कृषि निशांत बरबड़े, संचालक अजय गुप्ता, प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड कुमार पुरुषोत्तम, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में किसान सम्मिलित हुए।