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मंत्री सारंग बोले – सहकारिता किसानों की आय, तकनीक और विश्वास में बढ़ोतरी का आधार बनी

भोपाल. सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ते हुए देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रहा है। राज्य में पेक्स के डिजिटलीकरण, व्यवसाय विविधिकरण, सदस्यता विस्तार और दुग्ध संघों की प्रगति ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है। पेक्स कम्प्यूटरीकरण में देश में अग्रणी मध्यप्रदेश मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश की सभी 4536 कार्यशील पेक्स का सफल कम्प्यूटरीकरण किया जा चुका है। ईआरपी सॉफ्टवेयर के माध्यम से कार्यप्रणाली पारदर्शी और आधुनिक बनी है। किसानों को एसएमएस के जरिए लेन-देन की जानकारी देने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम है। साथ ही, ऑनलाइन और पेपरलेस सदस्यता सुविधा से किसानों को सरल और सुगम सेवाएं मिल रही हैं। व्यवसाय विविधिकरण से बढ़ रही आय मंत्री सारंग ने बताया कि पेक्स अब पारंपरिक गतिविधियों से आगे बढ़कर नए व्यवसाय अपना रही हैं। आईएफएफसीओ-एमसी आउटलेट, सांची पार्लर, पशुचारा और रिटेल स्टोर जैसे नवाचारों से समितियों की आय में वृद्धि हो रही है। आगामी वर्षों में 1500 से अधिक पेक्स में व्यवसाय विविधिकरण का लक्ष्य रखा गया है। सदस्यता अभियान से बढ़ेगी भागीदारी मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 58 लाख से अधिक सदस्य हैं, जबकि 41 लाख नए सदस्य बनाने की अपार संभावनाएं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए 10 लाख नए सदस्य बनाने का अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण, सस्ती कृषि सामग्री और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। दुग्ध संघों में ऐतिहासिक प्रगति मंत्री सारंग ने बताया कि एनडीडीबी के साथ हुए समझौते के बाद प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। दूध उत्पादकों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया गया है और उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। नए डेयरी प्लांट और बल्क मिल्क कूलर की स्थापना से डेयरी क्षेत्र को नई गति मिली है। सहकारिता से आत्मनिर्भरता की ओर मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों, महिलाओं और ग्रामीण समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य सहकारिता को जन-जन तक पहुंचाकर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता डी.पी. आहूजा, उपसचिव रानी बाटड़, प्रबंध संचालक अपैक्स बैंक मनोज गुप्ता, प्रबंध संचालक राज्य सहकारी संघ ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक बीज निगम महेंद्र दीक्षित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

प्रदेश में 6 लाख घरों पर लगेंगे सौर ऊर्जा संयंत्र : मंत्री शुक्ला

भोपाल.  नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया है कि मध्यप्रदेश में 6 लाख घरों पर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र लगाये जायेंगे। इसके लिये वेंडर्स से डिजिटल एग्रीमेंट भी किया जायेगा। इससे सौर संयंत्र की स्थापना लागत में कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिये सरकार कृत-संकल्पित होकर कार्य कर रही है। मंत्री शुक्ला ने बताया कि हितग्राही एवं वेंडर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा विभिन्न शुल्कों में कमी लाने के लिये डिजिटल एग्रीमेंट किये जाने संबंधी याचिका मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग में लगाई थी। रजिस्ट्रेशन शुल्क, प्रोसेसिंग शुल्क, मीटर जांच शुल्क और इंस्टॉलेशन/कमीशनिंग शुल्क एवं अलग-अलग भौतिक अनुबंधों के स्थान पर डिजिटल एग्रीमेन्ट लागू करने के संबंध में मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने याचिका की सुनवाई के बाद डिजिटल एग्रीमेंट के लिये आदेश पारित कर दिया है। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा भौतिक अनुबंधों के स्थान पर डिजिटल एग्रीमेन्ट करने संबंधी आदेश पारित करने से घरों की छत पर सौर संयंत्र स्थापना लागत में कमी आएगी। साथ ही स्थापना संबंधी कार्य शीघ्र गति से हो सकेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – दसवीं बोर्ड टॉपर कु. प्रतिभा सोलंकी को प्रोत्साहनस्वरूप मिलेंगे एक लाख रुपये

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दसवीं बोर्ड की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली होनहार छात्रा पन्ना की कु. प्रतिभा सिंह सोलंकी को माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 500 में से 499 अंक प्राप्त करने पर एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी कु. प्रतिभा और उनके माता-पिता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी कु. प्रतिभा को सुशासन की प्रतीक लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर माँ की मूर्ति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट तथा आशीर्वाद प्राप्त करने प्रतिभा, परिजन सहित समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) आईं थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभा को आशीर्वाद देते हुए कहा कि 'प्रतिभा जैसी बेटियां प्रदेश की शान हैं। प्रतिभा की सफलता लाखों बेटियों और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। बिटिया की उपलब्धि पर पूरे प्रदेश को गर्व है।' मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कु. प्रतिभा और उनके परिजन ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार को भारतीय विदेश सेवा के वर्ष 2025 बैच के चार प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को उज्जवल भविष्य की आत्मीय शुभकामनाएं देकर स्मृति चिन्ह भी दिए। इस अवसर पर आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल के संचालक मुजीबुर्रहमान ख़ान सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

बच्चों के अपहरण की साजिश का खुलासा, आर्थिक नुकसान के चलते रची गई थी योजना; चार गिरफ्तार

इंदौर   इंदौर में दो बच्चों के अपहरण के मामले ने कुछ घंटे के लिए परिजन और पुलिस-प्रशासन को संकट में डाल दिया था। बच्चों के अपहरण की खबर पूरे शहर में फैलते ही हड़कंप मच गया। हालांकि, इस पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महज पांच घंटे में ही बच्चों को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सकुल छुड़ाकर परिजनों को सौंप दिया है। इसके बाद परिजनों ने राहत का सांस ली।   पुलिस ने लाला राम नगर के बगीचे से बच्चों का अपहरण करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनका नाम राधिका प्रजापति, तनिषा सेन, ललित सेन और विनीत प्रजापति हैं। राधिका और विनीत भाई बहन हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कर्ज लेकर शेयर बाजार में पैसा लगाया था। शेयर में नुकसान होने के कारण उन्होंने अपहरण की प्लानिंग की थी। वे दो दिन से बच्चों की रेकी कर रहे थे। दो दिन पहले बगीचे के फ्लैट पर वे एक बच्चे को ले कर गए थे।   कैब बुक कर ले गई थी बच्चों को युवती गार्डन से दोनों बच्चों का अपहरण करने के बाद युवती ने एक कैब बुक की और फिर उन्हें राजेंद्र नगर क्षेत्र के एक फ्लैट में लेकर गई थी। दोनों बच्चों को अहसास हो चुका था कि उनके साथ कोई घटना हुई है। इसके बाद युवती ने उनके वीडियो लेना शुरू कर दिए। रात को दोनों बच्चों को भूख लगने लगी तो युवती ने दूध की सिंवैया खिलाई थी। हालांकि बच्चों ने पहले युवति से खाने के लिए कहा था।  फिर युवती ने पहले खुद सिंवैया चखी फिर दोनों बच्चों को दी।  25 पुलिसकर्मियों की टीम लगाई थी थाना पलासिया क्षेत्र से लापता हुए दो मासूम बच्चों के अपहरण मामले का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बच्चों को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। 23 अप्रैल की रात करीब 8:45 बजे पुलिस को सूचना मिली कि दो बच्चे अचानक लापता हो गए हैं। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक संदिग्ध महिला बच्चों को अपने साथ ले जाती नजर आई। आरोपी महिला ने बच्चों को चिप्स, चॉकलेट और अन्य चीजों का लालच देकर अपने साथ कार में बैठाया था।  तत्काल अपराध दर्जकर 10 विशेष टीमें गठित की गई इस दौरान परिजनों को फोन कर आरोपियों ने बच्चों को छोड़ने के बदले 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी और रात 11 बजे तक रकम नहीं देने पर हत्या की धमकी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्जकर 10 विशेष टीमें गठित की और 25 पुलिसकर्मियों को लेकर अलग-अलग टीमें बनाई। पुलिस टीम दत्ता नगर स्थित शिवांश अपार्टमेंट पहुंची, जहां एक फ्लैट में दबिश देकर बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। 

स्वास्थ्य भवन बना आशा और उम्मीदों का केंद्र, मातृ-शिशु सेवा को मिलेगा नया आयाम : मंत्री राकेश सिंह

मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी की शीघ्र होगी पूर्ति : उप मुख्यमंत्री देवड़ा स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती स्वास्थ्य भवन बना आशा और उम्मीदों का केंद्र, मातृ-शिशु सेवा को मिलेगा नया आयाम : मंत्री राकेश सिंह मंदसौर जिला अस्पताल में 29 करोड़ के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमि-पूजन  मंदसौर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने शुक्रवार को मंदसौर जिले के स्वास्थ्य एवं अधोसंरचना विकास को नई गति देते हुए इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, मंदसौर में कुल 29 करोड़ 52 लाख रुपए की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने 7 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित 100 बिस्तरीय नवनिर्मित वार्ड तथा 17 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से बने 100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) भवन का लोकार्पण किया। साथ ही 4 करोड़ 73 लाख रुपए की लागत से चांदाखेड़ी फंटा से खजुरिया मार्ग निर्माण कार्य का भूमि-पूजन भी किया। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी को धीरे-धीरे दूर किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश में सीमित संख्या में मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन अब प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन संस्थानों से प्रशिक्षित होकर निकलने वाले विद्यार्थी प्रदेश में ही सेवाएं देंगे, जिससे आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि जिला चिकित्सालय मंदसौर में आज जो सुविधाएं जोड़ी गई हैं, वे क्षेत्र के नागरिकों के लिए बड़ी सौगात हैं और इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य भवन केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि यह भविष्य की आशाओं का केंद्र है। यह विशेष रूप से माताओं और बहनों की सेवा के लिए समर्पित रहेगा तथा समाज के लिए प्रेरणादायक केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य केवल भौतिक अधोसंरचना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर किया जा रहा है। बदलते हुए भारत में परिवर्तन को महसूस किया जा रहा है। सकारात्मक परिवर्तन देखा जा रहा है। विकास को नए पंख लगे हैं। विकास की धारा बह रही हैं। विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। लोकसभा सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि सरकार निरंतर विकास कार्यों को गति दे रही है और विभिन्न क्षेत्रों में नई सौगातें प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े स्तर पर बजट आवंटन किया गया। जिसके परिणामस्वरूप सुविधाओं में व्यापक सुधार देखने को मिल रहा है। सांसद बंशीलाल गुर्जर ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि विभाग ने एक नई कार्य संस्कृति विकसित की है, जिसमें गुणवत्ता के साथ कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यक्रम के अंत में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत मरीजों को फूड बास्केट वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य टीबी मरीजों को पोषण सहायता प्रदान कर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी सहित गणमान्यजन उपस्थित रहे।  

प्रदेश में सहकार से हो रहा है डेयरी गतिविधियों का विस्तार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

प्रदेश में सहकार से हो रहा है डेयरी गतिविधियों का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डेयरी गतिविधियों में 26 हजार गांवों को जोड़ने और प्रतिदिन 52 लाख कि.ग्रा. दुग्ध संकलन का लक्ष्य दुग्ध क्षेत्र में पारदर्शिता और ब्रांड सुदृढ़ीकरण पर होगा विशेष फोकस दुग्ध समितियों में महिला सदस्यता को किया जाए प्रोत्साहित मोबाइल ऐप से होगा दुग्ध संकलन जिला स्तर पर कार्यक्रमों में होगा आदर्श पशुपालकों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई म.प्र. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुग्ध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां किसानों की आय बढ़ाने में प्रभावी रूप से सहायक है। किसानों की आय दोगुना करने के लिए किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार डेयरी गतिविधियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित कर रही है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के दुग्ध संघों को दिए जा रहे सहयोग से दुग्ध संकलन में वृद्धि हुई है और किसानों को भी दूध के बेहतर दाम मिल रहे हैं। सहकार के भाव से डेयरी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। दुग्ध समितियों में महिला सदस्यता को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डेयरी सहकारी कवरेज के विस्तार और सुदृढ़ीकरण, नई डेयरी प्रसंस्करण, उत्पाद निर्माण और पशु चारा संयंत्र के आधुनिकीकरण, डेयरी वैल्यू चैन के डिजीट्लाइजेशन, पारदर्शिता और दुग्ध उत्पादों की बिक्री को बढ़ाने के लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्ययोजना बनाई जाए। डेयरी विकास योजना के अंतर्गत 26 हजार गांवो को जोड़ने, प्रतिदिन दुग्ध संकलन 52 लाख किलोग्राम तक करने का लक्ष्य रख, गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ये निर्देश मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की राज्य स्तरीय संचालन समिति की द्वितीय बैठक में दिए। मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में हुई बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री लखन पटेल, वरिष्ठ विधायक तथा वरिष्ठ विधायक एवं अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अध्यक्ष नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड मीनेष शाह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के दुग्ध क्षेत्र में अनुभव का लाभ राजधानी से लेकर ग्राम स्तर तक सुनिश्चित किया जाए। दूध और दुग्ध उत्पादों के बिक्री में सुधार के लिए ब्राण्ड सुदृढ़ीकरण और नई पैकेजिंग डिजाइन कर उत्पादों की पहुंच का अधिक से अधिक विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुग्ध उत्पादन में वद्धि और विभिन्न दुग्ध उत्पादों के निर्माण के लिए किसानों को नवाचार करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों तथा प्रदेश के युवाओं को डेयरी टेक्नोलॉजी की नई तकनीकों से परिचित कराने की भी आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आदर्श पशुपालकों को सम्मानित करने, दूधारू पशुओं की प्रदर्शनी आयोजित करने और डेयरी के संबंध में सूचना सम्प्रेषण के लिए जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और दुग्ध संघों का कार्यअनुबंध करने के बाद वर्ष 2025-26 में 1752 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया तथा 701 निष्क्रिय दुग्ध समितियों को क्रियाशील किया गया। प्रदेश में प्रतिदिन 9 लाख 67 हजार कि.ग्रा. दुग्ध संकलन किया जा रहा है, साथ ही 153 नवीन बल्क मिल्क कूलर की स्थापना की गई है। दूध और दूध उत्पादों का क्रेडिट पर विक्रय बन्द कर दिया गया है। प्रदेश में दुग्ध संकलन मोबाइल ऐप से प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके माध्यम से दुग्ध प्रदायकों को दूध की मात्रा, गुणवत्ता और मूल्य की जानकारी तत्काल प्राप्त हो सकेगी। क्षेत्र संचालन तथा विपणन कार्य में लगे मैदानी अमले की मॉनीटरिंग के लिए फील्ड फोर्स मॉनीटरिंग ऐप आरंभ किया गया है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में दूध की गुणवत्ता में सुधार, उत्पादन में हानि को कम करने और एक समान उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया लागू की गई है। इंदौर में स्थापित 30 मीट्रिक टन क्षमता का दुग्ध चूर्ण संयंत्र आरंभ किया जा चुका है। शिवपुरी में 20 हजार लीटर क्षमता के डेयरी संयंत्र और ग्वालियर डेयरी संयंत्र के सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। पशु आहार संयंत्रों की क्षमता का अधिकतम उपयोग करने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की गई है। पीपीपी मोड पर भी प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव सहकारिता डी. पी. आहूजा, सहित राज्य सरकार और एनडीडीबी के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

एमपी ट्रांसको छैगांव में हुआ सीपीआर प्रशिक्षण

एमपी ट्रांसको छैगांव में हुआ सीपीआर प्रशिक्षण खंडवा मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों ने सिखाये जीवन रक्षक गुर भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस संभाग, बड़वाह की पहल पर छैगांव में जीवन रक्षक तकनीक सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रेससिटेशन) पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में शासकीय मेडिकल कॉलेज, खंडवा के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्रतिभागियों को सीपीआर की सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। इसमें आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और प्राथमिक उपचार के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला में एमपी ट्रांसको के खंडवा, छैगांव, बड़वाह एवं जुलवानिया क्षेत्र के लगभग 80 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में शासकीय मेडिकल कॉलेज टीम खंडवा के प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष (हृदय रोग) डॉ. रणजीत बडोले तथा डॉ. अनिल मंसारे ने विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान करते हुए सीपीआर की सही तकनीक, समयबद्धता और सावधानियों की जानकारी दी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रात 9 बजे करेंगे प्रदेशवासियों को संबोधित, महत्वपूर्ण घोषणा की अटकलें तेज

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी 24 अप्रैल की रात 9 बजे सोशल मीडिया पर लाइव रहेंगे। इस दौरान सीएम बेहद अहम विषय को लेकर प्रदेशवासियों से अपनी बात साझा करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर प्रदेशभर में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से जुड़ने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए जिससे शासन और जनता के बीच परस्पर विश्वास को मजबूती मिले।   अहम विषय पर करेंगे चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक बातचीत नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के विकास, जनकल्याण और आने वाले समय की दिशा तय करने में एक अहम पायदान है। उन्होंने प्रदेशवासियों के विश्वास और स्नेह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की भागीदारी से ही राज्य निरंतर प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है। सोशल मीडिया अकाउंट पर किया पोस्ट मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट (एक्स) पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि, “प्रिय प्रदेशवासियों, आज रात 9 बजे मैं सोशल मीडिया पर लाइव आकर एक महत्वपूर्ण विषय को लेकर अपनी बात आप सभी से साझा करूंगा।” मुख्यमंत्री का मानना है कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक बातचीत नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के विकास, जनकल्याण और आने वाले समय की दिशा तय करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम उनकी पारदर्शी और संवादात्मक कार्यशैली को दर्शाता है। वे आमजन से जुड़कर उनकी समस्याओं और सुझावों को महत्व देते रहे हैं, जिससे सरकार और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत हुआ है। यह संवाद उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण विस्तार माना जा रहा है। बड़ा ऐलान होने की अटकलें तेज राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का इस तरह से जनता के बीच लाइव आना उनकी पारदर्शी और संवादात्मक कार्यशैली को दर्शाता है। वे आमजन से जुड़कर उनकी समस्याओं और सुझावों को महत्व देते रहे हैं, जिससे सरकार और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत हुआ है। यह संवाद उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण विस्तार माना जा रहा है।  

पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई में कोताही नहीं सहेंगे: ऊर्जा मंत्री तोमर का सख्त बयान

पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई व्यवस्था में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे: ऊर्जा मंत्री तोमर ऊर्जा मंत्री शहर की सीवर, सफाई व्यवस्था देखने सुबह 6 बजे विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचे ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शुक्रवार सुबह 6 बजे उप नगर  के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर पेयजल आपूर्ति तथा सफाई व्यवस्था, सीवर व्यवस्था का औचक निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति और सफाई व्यवस्था में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने सुबह 6 बजे वाटर सीवरेज पंपिंग स्टेशन पीएचई कॉलोनी में पहुंचकर नगर निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ सीवरेज सफाई व्यवस्था देखी और जरूरी निर्देश दिए । ऊर्जा मंत्री तोमर ने वार्ड 4 के चद्र नगर, ठाकुर मोहल्ला, बार्ड 1 के रामाजी का पुरा, आरआर टॉवर पहुंचकर सीवर व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, सड़क और विद्युत व्यवस्था तथा वार्ड 36 के गेंडे वाली सड़क और शिंदे की छावनी में पहले किये गये निरीक्षण के दौरान दिए निर्देश पर हुई कार्यवाही को देखा। उन्होंने निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम अधिकारियों को तुरंत सफाई व्यवस्था में सुधार करने हेतु निर्देशित किया। सुपर सकर मशीन से सफाई कार्य का निरीक्षण ऊर्जा मंत्री तोमर की पहल पर जनकल्याण समिति द्वारा नगर निगम के सहयोग से उप नगर ग्वालियर में सीवर लाइनों की सफाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के निरंतर 7 वें दिवस शुक्रवार को हजीरा चौराहे पर पहुंचकर सुपर सकर मशीन से चल रही सीवर लाइनों की सफाई के काम का भी निरीक्षण किया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से सफाई व्यवस्था और अधिक तेज, प्रभावी व सुदृढ़ बनेगी। उन्होंने कहा कि हमने सीवर सफाई के कार्य को अपने हाथ में लिया है और हम इसमें बदलाव लाकर दिखाएंगे। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि स्वच्छता, सुविधा और बेहतर जीवन स्तर बनाना हमारा संकल्प है।