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भोपाल में लव जिहाद नेटवर्क का पर्दाफाश: हिंदू युवतियों का ब्रेनवाश कर किया जा रहा मतांतरण

भोपाल  भोपाल में तीन नाबालिग हिंदू किशोरियों के मतांतरण का मामला सामने आने के बाद फिर से राजधानी में मुस्लिम युवाओं के संगठित नेटवर्क का जिहादी चेहरा उजागर हुआ है। इस नेटवर्क से जुड़े लोग हिंदू युवतियों को झांसे में लेने के लिए हर स्तर पर अपराध करते हैं। पिछले दिनों स्पा और ब्यूटी पार्लर में भी इस नेटवर्क की करतूत उजागर हो चुकी है। इनमें नौकरी के बहाने हिंदू युवतियों से लव जिहाद को दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और मतांतरण के माध्यम से सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया। दो मुस्लिम बहनें इस नेटवर्क की अहम किरदार थीं। कुछ पीड़िताओं की शिकायत पर जब दोनों बहनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उनका नेटवर्क अहमदाबाद से भी जुड़ा पाया गया। पूछताछ में ब्यूटी पार्लर संचालिका बहनों- अमरीन और आफरीन ने जो सच स्वीकारा वो बेहद इस जिहादी नेटवर्क की गहरी सुनियोजित साजिशों को बेनकाब करता है। अब तक सामने आ चुके मामलों में पाया गया है कि जरूरतमंद हिंदू युवतियों को पहले काम पर रखा जाता है, फिर ब्रेनवाश करके उन्हें मतांतरण के लिए बाध्य किया जाता है। इस नेटवर्क में मुस्लिम युवतियां भी शामिल रहती हैं। वे निम्न-मध्यम वर्गीय हिंदू युवतियों को अपने जाल में फंसाकर मुस्लिम युवाओं से दुष्कर्म कराती थी फिर मतांतरण के लिए बाध्य करती हैं। देह व्यापार के धंधे में धकेलाअमरीन और आफरीन ने ब्यूटी पार्लर कम स्पा सेंटर में नौकरी का झांसा देकर छत्तीसगढ़ की एक ¨हदू युवती और उसकी सहेली को घर में रखा और फिर अपने मुस्लिम भाइयों व प्रेमी के सामने भेज दिया। दोनों हिंदू युवतियों को उन्होंने देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया। उनका भोपाल से लेकर अहमदाबाद तक शारीरिक शोषण कराया। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क ने बहुत सारी लड़कियों को निशाना बनाया। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए कई तो सामने ही नहीं आईं। दोस्ती के बाद किया दुष्कर्म, फिर ब्लैकमेल अशोकनगर जिले की जिन तीन नाबालिग लड़कियों को हाल ही में मतांतरित कराया गया है। उनमें से एक कक्षा 11 की छात्रा है। उसको उसकी मुस्लिम सहेली के माध्यम से फंसाया गया फिर घुमाने के बहाने दुष्कर्म किया गया। इसके बाद वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। एक लाख रुपये ऐंठने के साथ ही मतांतरण कराया। पुलिस नए मामलों की जांच कर रही है। इस मामले मे दो नाम सामने आ चुके हैं। दोनों आरोपित फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। ब्रेनवाश करने में माहिर इसके अलावा स्कूल-कॉलेजों में भोली-भाली हिंदू लड़कियों का ब्रेनवाश भी किया जाता है। भोपाल में लगभग हर सप्ताह धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत पुलिस केस दर्ज किए जा रहे हैं, जिनमें कई केसों में इस नेटवर्क का खुलासा हुआ है। हालांकि अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई है। दो सगी बहनों को बनाया था शिकार  पिछले वर्ष टीआईटी कॉलेज के बहुचर्चित दुष्कर्म, मतांतरण कांड में पीड़िताओं ने इसी तरह के नेटवर्क की शिकायत की थी। आरोपितों ने दो सगी बहनों को निशाना बनाकर उनसे दुष्कर्म कर मतांतरण का दबाव बनाया था। दोनों बहनें अनाथ थीं और कालेज में पढ़ाई के साथ नौकरी करती थीं। मुख्य आरोपित फरहान, उसके दोस्त अली और साद ने मिलकर कॉलेज में उनसे दोस्ती की। अपने मुस्लिम दोस्तों के गिरोह में शामिल किया। फिर फरहान ने बड़ी बहन से दुष्कर्म कर उसका वीडिया बनाया। बाद में छोटी बहन से संबंध बनाए। इतना ही नहीं, उसने अपने दोस्त के सामने भी पीड़िता को परोस दिया। कुछ समय बाद दोनों बहनों को फरहान की करतूत पता चली। डरकर पीड़िताओं ने लंबे समय तक मामले को छुपाकर रखा। वहीं अन्य पीड़िताओं के सामने आने के बाद उन्होंने शिकायत की थी। जिहादी सिस्टर्स की करतूत बेनकाब बागसेवनिया क्षेत्र में अमरीन और आफरीन नामक दो जिहादी बहनों ने स्पा सेंटर में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर छत्तीसगढ़ की एक हिंदू युवती और उसकी सहेली को घर में रखा और फिर अपने मुस्लिम भाइयों व प्रेमी के सामने परोस दिया। इतना ही नहीं, दोनों हिंदू युवतियों को उन्होंने देह व्यापार में धकेल दिया और उसके रुपये भी नहीं देती थीं। आरोपित मुस्लिम बहनों का यह नेटवर्क भोपाल से अहमदाबाद तक फैला हुआ था। जिसमें कई हिंदू युवतियों को फंसाया जा चुका है। क्लासमेट निकला लव जिहादी  राजधानी के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में पढ़ने वाली 11वीं की हिंदू छात्रा को उसके मुस्लिम क्लासमेट ने दोस्ती कर फंसाया और फिर घुमाने के बहाने दुष्कर्म किया। साथ ही ब्लैकमेलिंग कर उससे एक लाख रुपये ऐंठे और मतांतरण का दबाव बनाया। पीड़ित छात्रा का क्लासमेट आरोपित ओसाफ भी एक संभ्रांत परिवार से संबंध रखता है। हालांकि फिर भी वह कट्टरपंथी विचारधारा अपनाकर पीड़िता का शोषण करता था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का अनुकरणीय माध्यम

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का एक अनुकरणीय माध्यम है। “आज अक्षय तृतीया का पावन अवसर है। इस मौके पर किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल अक्षय होता है। आज का यह दिन सभी नव-विवाहित जोड़ों के लिए अत्यंत शुभ और मंगलकारी सिद्ध हो।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह संस्कार हमारी संस्कृति में सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है। सामूहिक विवाह से न केवल धन की बचत होती है, बल्कि सभी को एक साथ अपनी खुशियों को साझा करने का अवसर भी मिलता है। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और सद्भाव का संदेश देते हैं।उन्होंने आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उज्जैन शहर में कई विकास कार्य चल रहे हैं, जिनसे शहर की नई छवि उभरेगी और यह समृद्धि का प्रतीक बनेगा। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि यहां के हर घर में सुख, शांति और वैभव बना रहे।  रविवार को अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हामूखेड़ी देवास रोड में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान 23 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच पर पहुंचकर सभी नव-दंपतियों को व्यक्तिगत रूप से आशीर्वाद दिया, उनके सिर पर पुष्प वर्षा की तथा उन्हें सुखद, समृद्ध और मंगलमय वैवाहिक जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर नव-विवाहित कन्याओं को दोपहिया वाहन (टू-व्हीलर) भी भेंट किए गए। राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री सतीश मालवीय, महंत श्री रामेश्वर दास, महंत श्री रामदास जी महाराज, महंत श्री बालकनाथ जी महाराज, श्री बालकृष्ण दास जी महाराज, श्री रवि सोलंकी, श्री नरेश शर्मा, ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के गादीपति श्री महावीर नाथ जी महाराज, श्री नारायण यादव, श्री कल्याण यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने नव-दंपतियों को माला और स्मृति चिन्ह भेंट किए। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आयोजनकर्ता श्री प्रकाश यादव ने सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया तथा स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन श्री शैलेंद्र व्यास ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन श्री परेश कुलकर्णी द्वारा किया गया। प्रमुख आचार्य पंडित सोहन भट्ट के सानिध्य में सामूहिक विवाह संपन्न कराये गये।

आयुर्वेद में मर्म चिकित्सा की महत्वपूर्ण भूमिका — किशन सूर्यवंशी

भोपाल. नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी जी ने मानस भवन में विश्व आयुर्वेद परिषद, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित “आयुर्वेद कौशलम्” अंतर्गत “मर्म चिकित्सा कार्यशाला” के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की एवं कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर सूर्यवंशी जी ने आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विशेष रूप से मर्म चिकित्सा की उपयोगिता एवं उसके व्यापक प्रभाव पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद न केवल उपचार की प्राचीन पद्धति है, बल्कि यह स्वस्थ जीवनशैली का आधार भी है। मर्म चिकित्सा जैसी विधाएं आज के समय में लोगों को प्राकृतिक एवं प्रभावी उपचार प्रदान कर रही हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित वैद्यजनों एवं प्रतिभागियों के साथ संवाद कर उनके अनुभवों को जाना तथा इस प्रकार की कार्यशालाओं के माध्यम से आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार को और अधिक गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर डॉ सुनील कुमार जोशी जी (पूर्व कुलपति, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय) , प्रोफेसर ए.एस यादव जी ( कुलगुरु मानसरोवर ग्लोबल ),  प्रोफेसर महेश व्यास जी (डीन, All India Institute of Ayurveda, नई दिल्ली), प्रोफेसर आरके गुप्ता जी(अध्यक्ष, विश्व आयुर्वेद परिषद, मध्यप्रदेश), डॉक्टर उमेश शुक्ला जी (पं. खंडीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल), गोपालदास मेहता जी (विश्व आयुर्वेद परिषद) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 में सनातन का वैभव दुनिया को दिखेगा

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन सिंहस्थ-2028 में दुनिया हमारे सनातन के वैभव को देखेगी। हमारा प्रयास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ के विश्व स्तरीय आयोजन में श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएँ मिले और पूर्ण सनातन वैभव के साथ सिंहस्थ महापर्व-2028 का सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन सम्पन्न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारी के अंतर्गत एक करोड़ 20 लाख की लागत से निर्मित हेलीपैड विश्राम गृह के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस विश्राम गृह में ऑफिस कक्ष, आमजन से भेंट के लिए हॉल और पायलट के लिए भी कक्ष बनाए गए है। यह हेलीपैड उज्जैन सिंहस्थ 2028 में अतिथियों और जनप्रतिनिधियों के साथ आम जन और विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर भेंट करने के लिए बनाया गया है। हेलीपेड एवं विश्राम गृह का निर्माण हो जाने से मुख्यमंत्री के उज्जैन आगमन पर अतिथि सत्कार के लिए आने वाले विशिष्ट  अतिथियों को एक वातानुकूलित परिसर मय बैठक व्यवस्था उपलब्ध होगी। सिंहस्‍थ 2028 का आयोजन ग्रीन एंड क्लिन की थीम पर होगा मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने उज्‍जैन प्रवास के दौरान सिंहस्थ- 2028 महापर्व को हरित एवं स्वच्छ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नगर निगम को 2.25 करोड़ रुपए की लागत की इलेक्ट्रिक व्‍हील लोडर मशीन की चाबी प्रदान की। सिंहस्थ के विशाल धार्मिक आयोजन में विशाल संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होगा।  स्वच्छता एवं प्रदूषण नियंत्रण की चुनौती से निपटने के लिए आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाया जा रहा है। इसी क्रम में एक निजी कम्पनी द्वारा  अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत उज्जैन नगर निगम को ₹2.25 करोड़ मूल्य की 820TE इलेक्ट्रिक व्हील लोडर मशीन (3 इकाइयाँ) स्वीपिंग अटैचमेंट सहित प्रदान की गई है। ये मशीनें पूरी तरह बैटरी संचालित हैं और शून्य उत्सर्जन (Zero Emission) के साथ कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैन संत जिनेन्द्र जी महाराज से लिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन प्रवास के दौरान चिमनगंज कृषि उपज मंडी पहुंचकर जैन संत जिनेन्द्र जी महाराज से भेंटकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर जैन समाज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत-अभिननंदन किया। संत जिनेन्द्र जी महाराज धर्मदास गण के वर्तमान प्रवर्तक है। डूंगर, मालवा, राजस्थान इनका विचरण क्षेत्र रहता है। स्थानकवासी परंपरा के संत हैं। वर्तमान में अक्षय तृतीया महोत्सव के उपलक्ष में संत महाराज का प्रवास के दौरान कृषि उपज मंडी चिमनगंज में वर्षीतप पारणा महोत्सव पर आयोजित किया गया है। भगवान परशुराम की प्रतिमा पर किया पूजन-अर्चन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन सर्किट हाउस पर भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के साथ भगवान परशुराम की प्रतिमा का पूजन-अर्चन कर आरती की और प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों द्वारा भगवान परशुराम का चित्र और फरसा भेंट किया गया।

सिवनी में परशुराम जन्मोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा, डॉ. नरोत्तम मिश्रा हुए शामिल

सिवनी. भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर सिवनी में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान पूरा शहर “जय परशुराम” के गगनभेदी जयघोष और केसरिया ध्वजों से भक्तिमय रंग में रंगा नजर आया। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में विप्र समाज के लोग और नगरवासी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा, झांकियों और धार्मिक ध्वजों के साथ निकली इस यात्रा ने शहर में आस्था और ऊर्जा का अद्भुत माहौल बना दिया। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भगवान परशुराम के जीवन और आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर धर्म, सत्य और न्याय की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने सभी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर पूर्व सांसद नीता पटेरिया और कार्यक्रम के आयोजक, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही, जिससे सिवनी में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – सामूहिक विवाह बढ़ाते है समाज में समरसता

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सामूहिक विवाह समाज में समरसता और अपनत्व की भावना बढ़ाते है। उन्होंने कहा कि वैवाहिक संस्कार एक दिन का आयोजन नहीं बल्कि अक्षय मूल्यों और अक्षय संस्कारों की स्थापना हैं। विवाह संस्कार दो परिवार को जोड़ने का प्रसंग होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नगर निगम द्वारा क्षिप्रा तट स्थित कार्तिक मेला मैदान पर आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/ निकाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। अक्षय तृतीया के पवित्र दिवस पर बाबा महाकाल और माँ हर सिद्धि की कृपा से 112 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की पावन धरा पर धर्म का सबसे अनूठा संगम हो रहा है। एक ओर बेटियों का कन्यादान कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर सिंहस्थ 2028 के लिए विकास कार्यों की आधारशिला रखी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह संस्कार जितना सरल, संस्कारित और सामाजिक सहयोग से होगा, उतना ही समाज संतुलित और मजबूत बनेगा। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा भी बेटे का विवाह 4 माह पूर्व सामूहिक विवाह सम्मेलन में किया गया था। 867 करोड़ की सहायता से एक लाख 57 हजार 769 विवाह संपन्न मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों के हाथ पीले करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना वरदान बन गई है। "मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना" के अंतर्गत 13 दिसंबर 2023 से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश में कुल 1 लाख 57 हजार 769 हितग्राहियों का विवाह एवं निकाह संपन्न कराया गया है। इसके लिये लगभग 867 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। उज्जैन में "मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में कुल 641 जोड़ों का विवाह एवं निकाह संपन्न कराया गया है, जिसमें 3 करोड़ 52 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि सरकार द्वारा प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को श्रद्धालुओं का अनुभव आध्यात्मिक और सुविधापूर्वक बनाने के लिए लगभग 21 करोड़ रुपए से हरसिद्धि की पाल से रामघाट मार्ग का चौड़ीकरण, 13.30 करोड़ रुपए की लागत से महाकाल लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेड निर्माण का कार्य,4.55 करोड़ रुपए से नीलगंगा सरोवर का पुनर्जीवन का कार्य,1.11 करोड़ रुपए से सोलह सागर के पुनर्जीवन का कार्य,1.59 करोड़ रुपए की लागत से कालिदास उद्यान को आधुनिक रूप से विकसित करने का कार्य,7.73 करोड रुपए से विक्रम कीर्ति मंदिर परिसर सभागार के संरक्षण और बांगड भवन को मुद्रा संग्रहालय के रुप में विकसित करने का कार्य, 8.55 करोड़ रुपए की लागत से विक्रम कीर्ति संग्रहालय को एक आधुनिक आकर्षक एवं सुव्यवस्थित रूप प्रदान करने के कार्यों का भूमि पूजन अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के लिए मुरलीपुरा के पीछे सदावल में नवीन हेलीपैड का निर्माण हो रहा है। साथ ही उज्जैन में नवीन एयरपोर्ट का निर्माण भी हो रहा है। यह सब कार्य सिंहस्थ 2028 में आने वाले 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करेंगे। साथ ही प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में सहायता प्रदान करने के साथ श्रद्धालुओं का सिंहस्थ अनुभव आध्यात्मिक और सुखद बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएम हेली पर्यटन सेवा अंतर्गत भोपाल से राजा राम की नगरी ओरछा और चंदेरी के लिए नवीन हेलीकॉप्टर सेवा आज से शुरू की गई है। पीएम हेली पर्यटन सेवा वर्तमान में आध्यात्मिक सेक्टर इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के साथ वाइल्ड लाइफ सेक्टर जबलपुर, कान्हा, बांधवगढ़, चित्रकूट और मैहर के बीच सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। नगर निगम द्वारा 265 मीटर लंबाई के हरसिद्धि की पाल से रामघाट मार्ग को 15 मीटर चौड़ा लागत राशि 21.08 करोड़ रूपये से किया जाएगा। हरसिद्धि पाल से रामघाट तक मार्ग के चौडीकरण से रामघाट पर वर्ष पर्यन्त विभिन्न तिथियों पर स्नान करने आने वाले सभी श्रद्धालुओं को आवागमन में सुगमता होगी एवं महाकालेश्वर की सवारी मार्ग का भी यह प्रमुख हिस्सा है। नीलगंगा सरोवर पुनर्जीवन एवं सौंदयीकरण अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन 2.0 (AMRUT 2.0) अंतर्गत लागत ₹4.55 करोड़ से नीलगंगा सरोवर का वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन कर सरोवर की जल धारण क्षमता में वृ‌द्धि, जल गुणवत्ता में सुधार तथा दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही सरोवर को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं नागरिक अनुकूल सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। सोलह सागर (पुरुषोत्तम सागर) पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रासफॉर्मेशन 2.0 (AMRUT 2.0) अंतर्गत लागत ₹1.11 करोड़ से सोलह सागर का संरक्षण, पुनर्जीवन एवं उन्नयन कर जल गुणवत्ता में सुधार, पारिस्थितिक संतुलन की स्थापना तथा नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना। कालिदास उद्यान विकास कार्य कालिदास उद्यान उज्जैन शहर के क्षिप्रा नदी किनारे स्थित शहर का सबसे बडा प्राकृतिक एवं प्राचीन उद्यान है। राशि रु 1.59 करोड़ की लागत से कालिदास उद्यान को आधुनिक रूप से विकसित किया जाएगा। विक्रम कीर्ति संग्रहालय की आंतरिक साज-सज्जा विक्रम कीर्ति संग्रहालय को रुपए 8.55 करोड़ की लागत से एक आधुनिक आकर्षक एवं सुव्यवस्थित रूप प्रदान किया जाएगा। उक्त कार्य के अंतर्गत पांडुलिपियों एवं ऐतिहासिक मूर्तियों (कलाकृतियों) का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण तथा संग्रहालय के लिए, आधुनिक प्रदर्शनी डिस्प्ले एवं इंटीरियर विकास कार्य किया जाएगा। श्री. महाकाल महालोक में पैदल यात्री मार्ग पर शेड स्ट्रक्चर लगाने का कार्य श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महाकाल महालोक में पैदल यात्री मार्ग पर 2500 मीटर लंबे शेड स्ट्रक्चर लगाने का कार्य राशि रुपए 13.30 करोड़ की लागत से किया जाएगा। लागत राशि रुपए 7.73 करोड से विक्रम कीर्ति मंदिर परिसर सभागार के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को संरक्षित कर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। साथ ही बांगड भवन को मुद्रा संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय, महापौर टटवाल, पार्षदगण, संजय अग्रवाल ,ओम जैन ,नवदंपतियों के परिजन और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

पीएमहेली सेवा के तहत ओरछा के लिए शुरू की गई पुष्पक विमान सेवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पीएमहेली सेवा के रूप में ओरछा के लिए शुरू की गई पुष्पक विमान की व्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को सुगम, सुरक्षित और आनंददायक बनाना हेली पर्यटन सेवा का उद्देश्य मध्यप्रदेश की एविएशन पॉलिसी का कई राज्य अनुसरण करने के इच्छुक पर्यटन से आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ रोजगार के अवसरों का भी होता है सृजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "पीएमहेली पर्यटन सेवा" के अंतर्गत नए सेक्टर भोपाल-चंदेरी-ओरछा हेलीकॉप्टर यात्रा का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान परशुराम जयंती की दीं मंगलकामनाएं राजधानी के स्टेट हेंगर पर हुआ कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि ओरछा में राजा के रूप में विराजमान हैं भगवान श्रीराम, के दर्शन के लिए पीएमहेली सेवा के रूप में ओरछा के लिए पुष्पक विमान की व्यवस्था की गई है। परशुराम जयंती के मंगल अवसर पर पर्यटन की दिशा में आज मध्यप्रदेश ऐतिहासिक कदम बढ़ा रहा है। आज भोपाल-ओरछा और चंदेरी सेक्टर के लिए पीएम हेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ हो रहा है। आज जिन दो शहरों के लिए सेवा की शुरुआत की गई है, दोनों ही प्रदेश के विरासत स्थल हैं। चंदेरी का संबंध भी श्रीराम और श्रीकृष्ण से ही है। चंदेरी, पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन नगरी के रूप में विख्यात है। मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ रहे एविएशन सेक्टर से महाराष्ट्र सहित कई राज्य प्रेरणा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को राजधानी के स्टेट हैंगर से "पीएमहेली पर्यटन सेवा" के अंतर्गत नए सेक्टर 'भोपाल-चंदेरी-ओरछा' का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर यात्रियों को बोर्डिंग पास प्रदान किए तथा हेलीकॉप्टर को झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को सुगम, सुरक्षित और आनंददायक बनाना हेली पर्यटन सेवा का उद्देश्य है। कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री तथा अशोकनगर के प्रभारी राकेश शुक्ला, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय तथा फ्लाई ओला के एस.राम ओला उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धा, साहस, पुरुषार्थ, पराक्रम, ज्ञानशीलता, दानशीलता और उद्दात चरित्र के धनी भगवान परशुराम ने सदैव अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया। अपने साहस-पराक्रम और पुरुषार्थ के नए-नए कीर्तिमान स्थापित करने वाले भगवान परशुराम जी हर युग में हम सबको प्रेरणा देते रहेंगे। ऐसे दिव्य व्यक्तित्व की जयंती पर प्रदेश को पीएम हेली पर्यटन सेवा समर्पित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों की सेवा के लिए समान रूप से कार्य कर रही है। इलाज के लिए जरूरतमंद लोगों को पीएमएयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश द्वारा ही आरंभ की गई है। मध्यप्रदेश का भौगोलिक क्षेत्र बहुत विस्तृत है, प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक, वाइल्ड लाइफ, पर्यटन की पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। प्रदेश में आवागमन की दृष्टि से हेली पर्यटन सेवा, पर्यटकों का समय बचाने और यात्रा की रोचकता को बढ़ाने में सहायक होगी। इससे प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा, इन गतिविधियों के प्रोत्साहन से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों का भी स्वत: संचालन होता है और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं। पर्यटन को प्रोत्साहित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में सभी ओर हवाई सेवाओं का विस्तार किया गया है। रेल, बस, सड़क के साथ जल यातायात पर भी कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और पर्यटन स्थलों तक आवागमन को सुगम बनाने के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हेली पर्यटन सेवा सर्वप्रथम 'ओंकारेश्वर-महाकालेश्वर-इंदौर' सेक्टर में और कान्हा-बांधवगढ़-मैहर की माताजी-अमरकंटक-चित्रकूट में आरंभ हुई। आज हेली सेवा का तीसरा सेक्टर आरंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पीएमहेली पर्यटन सेवा के अंतर्गत चंदेरी से ओरछा का किराया 2,750 रुपए ,भोपाल से चंदेरी का 5,500 रुपये और भोपाल से ओरछा का किराया 6,500 रुपये रखा गया है। भोपाल से ओरछा का पैकेज 14 हजार 500 का है, जिसमें 13 हजार रुपये हेलीकॉप्टर का किराया, टैक्सी का शुल्क 1150 रुपए और दर्शन एवं प्रसाद के लिए 350 रुपए का भुगतान करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस यात्रा के संचालन में मैचिंग ग्रांट के अंतर्गत बड़ी राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, पर्यटकों की रुचि मध्यप्रदेश में बढ़ाने के उद्देश्य से मैचिंग ग्रांट के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल पीएमपहली पर्यटन सेवा के नए सेक्टर 'भोपाल-चंदेरी-ओरछा' के पहले यात्रियों अबधेश प्रसाद शुक्ला, श्रीमती रेवती शुक्ला और रमाशंकर शुक्ला को बोर्डिंग पास प्रदान किए। कार्यक्रम में बताया गया कि यात्रा के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है। पर्यटक https://www.flyola.in/ और IRCTC पोर्टल पर बुकिंग कर सकते हैं। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रतीक चिन्ह भेंटकर अभिवादन किया गया।  

सामूहिक विवाह समाज में समानता और सद्भाव को बढ़ावा देने का अनुकरणीय तरीका: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का अनुकरणीय माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने हामूखेड़ी में सामूहिक विवाह सम्मेलन में 23 जोड़ों को दिया आशीर्वाद देवास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का एक अनुकरणीय माध्यम है। “आज अक्षय तृतीया का पावन अवसर है। इस मौके पर किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल अक्षय होता है। आज का यह दिन सभी नव-विवाहित जोड़ों के लिए अत्यंत शुभ और मंगलकारी सिद्ध हो।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह संस्कार हमारी संस्कृति में सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है। सामूहिक विवाह से न केवल धन की बचत होती है, बल्कि सभी को एक साथ अपनी खुशियों को साझा करने का अवसर भी मिलता है। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और सद्भाव का संदेश देते हैं।उन्होंने आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उज्जैन शहर में कई विकास कार्य चल रहे हैं, जिनसे शहर की नई छवि उभरेगी और यह समृद्धि का प्रतीक बनेगा। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि यहां के हर घर में सुख, शांति और वैभव बना रहे।  रविवार को अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हामूखेड़ी देवास रोड में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान 23 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच पर पहुंचकर सभी नव-दंपतियों को व्यक्तिगत रूप से आशीर्वाद दिया, उनके सिर पर पुष्प वर्षा की तथा उन्हें सुखद, समृद्ध और मंगलमय वैवाहिक जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर नव-विवाहित कन्याओं को दोपहिया वाहन (टू-व्हीलर) भी भेंट किए गए। राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, महंत रामेश्वर दास, महंत रामदास जी महाराज, महंत बालकनाथ जी महाराज, बालकृष्ण दास जी महाराज, रवि सोलंकी, नरेश शर्मा, ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के गादीपति महावीर नाथ जी महाराज, नारायण यादव, कल्याण यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने नव-दंपतियों को माला और स्मृति चिन्ह भेंट किए। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आयोजनकर्ता प्रकाश यादव ने सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया तथा स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन शैलेंद्र व्यास ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन परेश कुलकर्णी द्वारा किया गया। प्रमुख आचार्य पंडित सोहन भट्ट के सानिध्य में सामूहिक विवाह संपन्न कराये गये।  

मध्यप्रदेश में 33 अवैध कालोनियों में रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक, जानें कौन-कौन सी कालोनियां प्रभावित

भोपाल  मध्यप्रदेश के भोपाल जिले में 24 नई अवैध कॉलोनियों के मामले में डेवलपर्स को नोटिस जारी किए हैं। एक साल पहले भी प्रशासन ने 70 कॉलोनी को नोटिस देने के बाद एफआइआर की कार्रवाई की थी, हालांकि इसके बाद जमीन स्तर पर कुछ भी नहीं किया गया। प्रशासन की ओर से इनकी नामजद सूची जारी की गई है। बावजूद इसके अवैध कॉलोनियों का विकास नहीं रुक रहा है। एक्सपर्टस का कहना है कि प्रशासन अवैध कॉलोनियों के निर्माण को रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों को और सख्त करें। 33 कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर रोक 70 अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जबकि 63 लोगों पर नामजद एफआइआर दर्ज की है। प्रशासन की ओर से 33 कॉलोनियों में रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक लगा दी गई है। हताईखेड़ा और रोलूखेड़ी जैसे क्षेत्रों में अवैध निर्माणों को जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया है। अवैध कॉलोनियों की अधिकता वाले क्षेत्रों में रातीबड़, नीलबड़, पिपलिया बरखेड़ी, अमरावदकलां, शोभापुर, रोलूखेड़ी, कानासैय्या, कालापानी, पचामा, थुआखेड़ा, छावनी पठार, विदिशा रोड, बैरसिया रोड, सेवनिया ओंकारा, कोलुआ खुर्द, हथाईखेड़ा, रायसेन रोड, बिशनखेड़ी, कलखेड़ा, करोंद, संतनगर, भौंरी आदि शामिल है। जैसा मैंने कहा है कि राजधानी में अवैध कालोनी समेत अतिक्रमण अवैध निर्माण को लेकर पूरी जानकारी एकत्रित कर रहा हूं। इसके बाद हम तेजी से कार्रवाई शुरू करेंगे।  प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर यहां विकसित अवैध कॉलोनियां पर मई में फैसला अरेडी में तीन कॉलोनियां ईंटखेड़ी में पांच कॉलोनियां हज्जामपुरा में एक कॉलोनी बसई में एक कॉलोनी अचारपुरा में छह कॉलोनी बदरखां सड़क में एक कॉलोनी बांसिया में एक कॉलोनी अमझरा में एक कॉलोनी परेवाखेड़ी में एक कॉलोनी सेवनियां ओंकारा में दो कॉलोनी मुबारकपुरा मे एक कॉलोनी 40 मकान मालिकों को ननि का नोटिस नगर निगम ने साकेत नगर 9ए में अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने करीब 40 निवासियों को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने अपनी स्वीकृत भवन सीमा से चार मीटर बाहर तक निर्माण कर लिया है। वार्ड 54 (जोन 13) के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र के कई मकान मालिकों ने अपनी निर्धारित सीमा के बाहर किचन गार्डन और पार्किंग शेड बनाकर सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है। इन विस्तारों के कारण मुख्य सड़क काफी संकरी हो गई है, जिससे वहां से चार पहिया वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। सर्वे में अतिक्रमण की पुष्टि बीते माह ए्स इलाके में अवैध निर्माण के छज्जा गिरने से 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके बाद इलाके के रहवासियों द्वारा बारबार शिकायतों की जा रही थीं। साथ ही सड़क बाधित होने का मुद्दा उठाया था। विस्तृत जांच के बाद, निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने सर्वे में उल्लंघन की पुष्टि की। शुरुआत में स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निवासियों ने पालन नहीं किया। निगम अधिनियम, 1956 की धारा 322 के तहत नोटिस जारी किए गए। अधिकारियों ने एक सप्ताह की समय सीमा दी है। लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाए तो निगम हटाएगा। पार्षद ने कहा- स्वयं हटा लें अवैध निर्माण नोटिस मिलने के बाद प्रभावित रहवासियों ने स्थानीय पार्षद जितेंद्र शुक्ला से हस्तक्षेप की गुहार लगाई। पार्षद ने अन्याय न होने का आश्वासन तो दिया।

मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने वाला है, 20 अप्रैल को इन जिलों में हो सकती है बारिश

भोपाल  मध्य प्रदेश में पड़ रही भीषम गर्मी के बीच एक बार फिर मौसम पलटी मारता नजर आ रहा है। राज्य में मौसम का मिला जुला असर देखने को मिलेगा, क्योंकि प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में मौसम के अलग-अलग हालात बन रहे हैं। एक तरफ जहां कुछ जिले लू की चपेट में हैं तो वहीं दूसरी ओर कई जगहों पर बादल और बारिश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। एक तरफ जहां रविवार को प्रदेश के टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है तो वहीं दूसरी तरफ सूबे के 6 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस बदलते मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया है, क्योंकि यहां अबतक तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। इन जिलों में बारिश की संभावना अप्रैल में दूसरी बार बारिश जैसे हालात बनने की संभावना है। इससे पहले महीने की शुरुआत में पूरे प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिल चुका है। अब करीब 10 दिन बाद एक बार फिर मौसम विभाग की ओर से बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 20 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने की उम्मीद है। इनमें बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, पाढ़ूर्णा और छिंदवाड़ा जैसे इलाकों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। ऐसे में संबंधित जिलों के वासियों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। रतलाम रहा सबसे गर्म वहीं, बीते 24 घंटों के मौसम पर गौर करें तो सबसे ज्यादा गर्मी रतलाम में पड़ी। यहां सीजन का सबसे अधिक 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। ये प्रदेश में इस साल पहली बार है, जब पारा 44 डिग्री पर पहुंचा है। इसके बाद उमरिया में 43.8 डिग्री, मंडला में 43.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इन जिलों को भीषण गर्मी वाले जिले कहा जा सकता है। इन जिलों में भी पारा 40 पार वहीं, अन्य जिलों की बात करें तो छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान 42.9 डिग्री सेलिसियस रिकॉर्ड हुआ, इसके अलावा गुना में 42.8 डिग्री, दतिया में 42.6 डिग्री, दमोह-नौगांव में 42.5 डिग्री और टीकमगढ़-सतना में 42.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 41.9 डिग्री तक पहुंचा। भोपाल में 41.4 डिग्री, जबलपुर में 41.7 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री और उज्जैन में 40.6 डिग्री दर्ज किया गया। क्यों बदल रहा मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अप्रैल और मई साल के सबसे गर्म महीने होते हैं। खासकर अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तापमान तेजी से बढ़ता है, लेकिन इस बार बार-बार मौसम सिस्टम सक्रिय होने से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। तेज गर्मी में बरतें सावधानी -दिनभर ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं -दोपहर की तेज धूप से बचें -हल्के और सूती कपड़े पहनें -बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें