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02 आरोपियों से 10 पेटी (90 लीटर) अग्रेजी शराब सहित कुल कीमती 01 लाख 70 हजार रूपये का मशरूका किया बरामद ।

भोपाल                नगरीय क्षेत्र भोपाल मे अवैध मादक पदार्थ एवं अवैध शराब तस्करों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही हेतु पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार (भापुसे) एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी (भापुसे) द्वारा लगातार निर्देश जारी किये गये है।             उक्त निर्देशों के तारतम्य में पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री विवेक सिंह (भापुसे) एवं अति.पुलिस उपायुक्त श्री गौतम सोलंकी के नित्य पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त एमपीनगर संभाग श्री मनीष भारद्वाज (भापुसे) के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व में थाना अयोध्यानगर पुलिस ने 02 शराब तस्करों को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार कर आरोपियो के कब्जे से 10 पेटी (90 लीटर) अवैध अग्रेजी शराब एवं तस्करी में प्रयुक्त वाहन एक्टिवा सहित लगभग 1.70  लाख रुपये का मसरुका बरामद करने मे सफलता प्राप्त की है ।  घटना का विवरण-  दिनाँक 06.04.2026 को डी सेक्टर दशहरा मैदान अयोध्यानगर में दिवार के किनारे एक काले रंग की एक्टिवा पर दो व्यक्ति एक थैले में अवैध शराब रखकर बेचने कि फिराक में खडे हैं कि सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियो के मार्गदर्शन मे तत्काल टीम का बनाकर घेराबंदी  रवि शर्मा उर्फ राज शर्मा एवं मनीष साहू के कब्जे से कुल 10 पेटी अंग्रेजी शराब गोवा कम्पनी की विस्की कुल मात्रा 90 लीटर एवं अपराध में प्रयुक्त एक्टीवा गाड़ी कुल कीमती 01 लाख 70 हजार  रूपये के साथ घेराबंदी  रवि शर्मा उर्फ राज शर्मा एवं मनीष साहू को गिरफ्तार किया गया ।  पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शराब ठेका चेंज होने के दौरान सस्ते रेट में रायसेन और विदिशा जिले से शराब लाकर भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से होम डिलेवरी कर शराब की अवैध तस्करी कर रहे थे। आरोपी का विवरणः-  01. रवि शर्मा उर्फ राज शर्मा पिता घासीराम शर्मा उम्र 32 वर्ष पता म.न. 101 हथाईखेड़ा पठार आनंद नगर थाना पिपलानी जिला भोपाल हाल पता दुकान 21 राज बिजनिस पार्क-3 मिनाल गेट न.02 अयोध्या नगर भोपाल  शिक्षा- कक्षा 10वी तक पढ़ाई की हैं  व्यवसाय- चाय की दुकान चलाता हैं । आपराधिक रिकार्ड- 01. अप.क्र. 07/22 धारा 34(2) आवकारी एक्ट. थाना क्राईमब्रांच भोपाल  02. अप.क्र. 691/22 धारा 294,323,506,34 भादवि थाना पिपलानी भोपाल 03. अप.क्र. 812/22 धारा धारा 294,323,506,34 भादवि पिपलानी भोपाल 04. अप.क्र. 891/22 धारा 34(2) आवकारी एक्ट. थाना पिपलानी भोपाल  05. अप.क्र. 278/23 धारा 34(2) आवकारी एक्ट. थाना पिपलानी भोपाल 06. अप.क्र.14/24 धारा 34 आवकारी एक्ट. थाना अयोध्या नगर भोपाल 07. अप.क्र. 142/24 धारा धारा 294,323,506 भादवि अयोध्या नगर भोपाल 08. अप.क्र. 363/24 धारा धारा 294,323,506 भादवि अयोध्या नगर भोपाल 09. अप.क्र. 485/24 धारा 296,115(2),351(2),3(5),  बीएनएस थाना अयोध्या नगर भोपाल  10. अप.क्र. 142/25 धारा 296,115(2),351(2)  बीएनएस थाना अयोध्या नगर भोपाल  11. अप.क्र. 486/25 धारा 296,115(2),351(2),119(1), 3(5)  बीएनएस थाना अयोध्या नगर भोपाल  12. अप.क्र. 153/26 धारा 34(2) आवकारी एक्ट. थाना अयोध्या नगर भोपाल। 02. मनीष साहू पिता मदनलाल साहू उम्र 32 वर्ष पता म.न. 638 एन सेक्टर अयोध्या नगर जिला भोपाल हाल पता किराये का मकान पुष्पा नगर थाना अशोका गार्डन भोपाल । 01. अप. क्र. 142/2024धारा 294,323,327,427,506, 34 भादवि  थाना अयोध्या नगर भोपाल 02. अप. क्र. 485/2024धारा 296,115(2),351(2),3(5) बी.एन.एस. थाना अयोध्या नगर भोपाल  03. अप.क्र. 193/2025धारा 34(2) आबकारी एक्ट थाना अयोध्या नगर भोपाल  04. अप.क्र. 153/26 धारा 34(2) आबकारी एक्ट थाना अयोध्यानगर भोपाल  सराहनीय भूमिका –  थाना प्रभारी  महेश लिल्हारे, उनि.सुदील देशमुख,उनि. विजय कलचुरी, सउनि. मनोज कछवाह, प्रआऱ 1177 अमित व्यास, प्रआर.3178 बृजेश सिंह, प्र.आर.2233 रूपेश सिंह जादौन, प्रआर.3330 अतुल सिंह, म.प्रआर.1706 रोशनी जैन, आर.3040 अजय कुमार, आर.1055 प्रदीप दामले, एवं टेकनिकल सेल  आर3457 भूपेन्द्र उईके आर 4064जितेन्द्र सिह की सराहनीय भूमिका रही

हाई कोर्ट में गरमाया भोजशाला मुद्दा: हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस का दावा—1978 सर्वे ने मंदिर होने की पुष्टि की

इंदौर धार की ऐतिहासिक भोजशाला के धार्मिक स्वरूप के निर्धारण को लेकर मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में मंथन मंगलवार को भी जारी रहा। याचिकाकर्ता हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने लगातार दूसरे दिन तर्क रखे। उन्होंने कहा कि भोजशाला मंदिर है, मस्जिद नहीं; यह बात वर्ष 1978 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा कराए गए सर्वे में सिद्ध हो चुकी है। यह जमीन कभी वक्फ बोर्ड की थी ही नहीं। भोजशाला राष्ट्रीय महत्व की संरक्षित धरोहर है। वक्फ एक्ट के प्रावधान इस पर लागू होते ही नहीं हैं। एडवोकेट जैन ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि “वन्स ए टेंपल, ऑलवेज ए टेंपल” नी एक बार मंदिर रहा स्थल हमेशा मंदिर ही रहेगा। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के न्यायदृष्टांत भी प्रस्तुत किए। सलमान खुर्शीद ने मांगा शासन का पक्ष मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की युगलपीठ के समक्ष मामले में सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान मस्जिद पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा कि शासन को भी अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा कि हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पहले सभी याचिकाकर्ता अपना-अपना पक्ष रखेंगे, इसके बाद सभी प्रतिवादी एक-एक कर अपनी बात रखेंगे। अंत में हस्तक्षेपकर्ताओं को सुना जाएगा। सुनवाई बुधवार को भी होगी और एडवोकेट जैन अपनी बहस जारी रखेंगे। मंदिरों को तोड़कर बनाई गई थीं मस्जिदें एडवोकेट जैन ने सोमवार की बहस आगे बढ़ाते हुए कहा कि इतिहास की पुस्तकों से स्पष्ट है कि भोजशाला मंदिर ही है। यह बात सिर्फ पुस्तकें ही नहीं बल्कि शासन की साइटें भी कह रही हैं। जैन ने कहा कि मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। एक बार मंदिर स्थापित होने के बाद वह स्थल हमेशा मंदिर ही माना जाता है। इतिहास की पुस्तकों से स्पष्ट है कि धार और मांडव में मंदिरों को तोड़कर दो मस्जिदें बनाई गई थीं। भोजशाला राष्ट्रीय महत्व की संरक्षित धरोहर है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार इसके धार्मिक चरित्र के विपरीत जाकर कोई काम नहीं किया जा सकता। जैन ने कोर्ट को यह भी बताया कि इसके पहले भी तीन बार भोजशाला का मामला कोर्ट पहुंच चुका है। शासन के शपथ पत्र और राजस्व रिकॉर्ड जैन ने कहा कि शासन खुद शपथ पत्र पर यह स्वीकार कर चुका है कि भोजशाला मंदिर ही है। इसे कभी वक्फ संपत्ति के रूप में मान्यता नहीं मिली। उन्होंने कोर्ट को बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में भी उक्त जमीन भोजशाला के रूप में ही दर्ज है, यह बात खुद शासन की ओर से प्रस्तुत शपथ पत्र में कही गई है। जिस जमीन पर कमाल मौला दरगाह बनी है वह अलग है। इसके पहले भी भोजशाला का नाम हटाने का प्रयास हुआ लेकिन कभी सफलता नहीं मिली। एडवोकेट जैन ने वक्फ संपत्ति के नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए कहा कि वक्फ एक्ट में स्पष्ट लिखा है कि राष्ट्रीय महत्व की संरक्षित धरोहरों पर यह एक्ट लागू नहीं होता है और भोजशाला राष्ट्रीय महत्व की संरक्षित धरोहर है।

दीर्घकालिक उपयोगिता और समग्र विकास को ध्यान में रखकर करें विकास कार्य : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (एमपीएचआईडीसी) के प्रगतिरत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा जिले में पुनर्घनत्वीकरण योजना में केंद्रीय जेल रीवा, बीहर रिवर फ्रंट, वॉटर स्पोर्ट्स सुविधाएं और बोट क्लब सहित अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय भविष्य की आवश्यकताओं, नागरिकों की सुविधा तथा आधुनिक अधोसंरचना को विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाएं दीर्घकालिक उपयोगिता और शहर के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की बाधा या विलंब को तत्काल दूर करते हुए परियोजनाओं को गति दी जाए। उन्होंने कहा कि रीवा को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

किसानों की जमीन पर नजर: भोपाल में ‘विदेशी कनेक्शन’ वाले भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज

भोपाल कोलार इलाके में एक व्यक्ति पर आरोप हैं कि वह पाकिस्तान से पलायन कर भोपाल आया है। कलेक्टर की अनुमति के बिना किसानों की जमीनों को हड़पने का प्रयास कर रहा है। वहीं ग्राम पंचायत सुतलिया पठार, नीलबड़ में भूमाफिया द्वारा शासकीय भूमि की खोदाई कर कोपर-मुरम निकालकर बेचा जा रहा है। एक अन्य मामले में भूमाफिया ने शासकीय भूमि पर कब्जा कर शराब दुकान का संचालन कर अवैध आर्थिक लाभ कमाया है। यह मामले कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार को लोगों ने उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। इनके अलावा 200 लोगों ने आवेदन देते हुए विभिन्न शिकायतें दर्ज करवाई हैं। पाकिस्तान से आए व्यक्ति पर किसानों की जमीन हड़पने का आरोप जानकारी के अनुसार कोलार के रहने वाले सुरेश प्रजापति ने आरोप लगाए हैं कि हंसराज नानकदास कनरूमल पाकिस्तान से पलायन कर भोपाल आए हैं। जिनके द्वारा ग्राम पंचायत कालापानी महवाड़िया के 25 गरीब किसानों की जमीन को अधिकारियों के साथ मिलकर हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है, यह जमीन किसानों को 1959 की शासकीय पट्टों पर दी गई थी। ऐसे में जमीन का सीमांकन व नामांतरण रोका जाए और हंसराज के पाकिस्तान से भारत आने तक के सभी कागजों की जांच करवाई जाए। एडीएम ने मामले की जांच कोलार तहसीलदार को सौंप दी है। शासकीय भूमि पर शराब दुकान का संचालन वहीं इंडस रीजेंसी के रहने वाले नितिन कुमार सिंह ने शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत सुतलिया पठार, नीलबड़ में रसूखदार व राजनीतिक पकड़ रखने वाले भूमाफिया द्वारा शासकीय भूमि में अवैध उत्खनन कर कोपरा-मुरम निकालकर बेचा जा रहा है। इसके बाद भी खनिज अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है। एचटी क्वार्टर पुलिस लाइन शाहजहानाबाद के संतोष साहू सहित अन्य रहवासियों ने शिकायत की है कि भूमाफिया देवेंद्र अग्निहोत्री ने शासकीय भूमि पर कब्जा कर तीन साल से शराब दुकान संचालित कर किराया वसूल रहा है। अवैध किराए का समायोजन शासन के पक्ष में करते हुए दुकान को बंद कर भूमाफिया पर कार्रवाई की जानी चाहिए। मुआवजे के लिए मां को बताया मृत करोंद शिवनगर में रहने वाले नारायण ने शिकायत की है कि पिता की मृत्यु के बाद मां लीला बाई नानी के पास रहती है। उनकी जमीन हरसूद जिला खंडवा में थी जो कि इंदिरा सागर बांध डूब में आ गई थी। जिसका मुआवजा शासन द्वारा एक लाख 20 हजार रुपये दिया गया था जो कि मेरे मामा सोमा कोगे ने मां को मृत घोषित कर खुद रख लिया है। अब मुझे व मेरी मां को जान से मारने की धमकी दे रहा है। प्रियंक शिंदे ने शिकायत की है कि जहांगीराबाद में बाबा और उसका बेटा गोलू अपने घर में माता रानी का दरबार लगाता है। जिसमें वह टोकन के रूप में 50 रुपये भी लेता है। एक महिला ने बताया कि बाबा व उसके बेटे ने उसके साथ व अन्य महिलाओं के साथ अश्लील हरकतें की हैं। तब से वह मानसिक रूप से प्रताड़ित है। एक अन्य मामले में महिला ने बताया कि रवि चौहान के नाम से बनी फर्जी आईडी से उसे बदनाम किया जा रहा है। दोनों मामलों की जांच पुलिस को सौंप दी है।  

भिंड में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम सभी जिला मुख्यालयों और विकासखंड स्तर पर होंगे आयोजन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डॉ. अंबेडकर की जयंती के कार्यक्रम 8 अप्रैल से आरंभ होकर 14 अप्रैल तक चलेंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम भिंड जिला मुख्यालय पर होगा। जिला मुख्यालयों सहित सभी विकासखंडों में भी अंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभारी मंत्रियों को अपने प्रभार के जिले के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय कर, आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत रविदास जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 31 मार्च 2027 तक सामाजिक समरसता कार्यक्रमों का आयोजन संपूर्ण प्रदेश में किया जाएगा। कार्यक्रमों की रूपरेखा जिला स्तर पर तैयार होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभारी मंत्रीगण को सामाजिक समरसता कार्यक्रमों का जिला स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीता सप्ताह मध्यप्रदेश के लिए शुभ रहा। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश को नए फोरलेन मार्गों की कई स्वीकृतियां प्रदान कर सौगातें दी। एन.एच. 46 के इटारसी-बैतूल सेक्शन में 758 करोड़ रुपए लागत के 22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर को स्वीकृत किया गया। इसी तरह प्रदेश के निवाड़ी और उत्तर प्रदेश के झांसी को जोड़ने वाले 15.6 किलोमीटर लंबे फोरलेन दक्षिणी बाइपास के निर्माण और बंगाय खास से ओरछा तिगेला के निर्माण तथा एन.एच. 44 और एन.एच. 39 को जोड़ने वाली लिंक रोड के लिए 631.73 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इन स्वीकृतियों से प्रदेश के व्यापारिक, आर्थिक, पर्यटन इत्यादि सभी तरह की गतिविधियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री  मोदी तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में हुए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन "महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम" के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में प्रख्यात खगोल, वैज्ञानिकों द्वारा भारतीय काल गणना की वैज्ञानिकता और प्राचीन श्रेष्ठता पर गहन मंथन किया गया। उज्जैन नगरी लंबे समय तक काल गणना का केंद्र रही है, भूमध्य रेखा और कर्क रेखा का कटाव केंद्र बिंदु जो पहले उज्जैन में था अब उज्जैन से 32 किलोमीटर दूर डोंगला में शिफ्ट हो गया है। उज्जैन की गौरवशाली पहचान को विश्व पटल पर पुनः स्थापित करना भी कार्यक्रम का उद्देश्य था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 31 मार्च को वाराणसी में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन हुआ। यह सम्मेलन मुख्यत: एक जिला-एक उत्पाद, जीआई टैग उत्पादों, निर्यात योग्य उत्पादों, पारम्परिक शिल्प और क्षेत्रीय विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर केंद्रित रहा। दोनों राज्यों के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहन देते हुए उनके ब्रांडिंग, विपणन एवं निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। औद्योगिक सहयोग, निवेश संवर्धन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं पर्यटन विकास को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी क्रम में बताया कि वाराणसी में सुशासन की उत्कृष्ट परंपरा के नायक सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का तीन दिवसीय समारोह 3 अप्रैल से प्रारंभ होकर 5 अप्रैल तक चला। उद्घाटन दिवस में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुये। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिकों ने इस महानाट्य को देखा। इस महानाट्य के भव्य मंचन एवं औजस्वी प्रस्तुतियों से तीनों दिन दर्शकों ने हजारों वर्ष पुराने स्वर्णिम युगों की यात्रा की। महानाट्य की सबसे बड़ी विशेषता इनकी यथार्थवादी प्रस्तुतिकरण रहीं। इस महानाट्य से महाकाल की नगरी उज्जैन एवं बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी के बीच जीवंत तादात्म्य स्थापित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी घोषित तिथि से एक दिन पहले अर्थात् 9 अप्रैल से आरंभ हो रही है। प्रथमत: लघु और सीमांत पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं लिया जाएगा, उनकी स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो गई है। गेहूं की खरीदी प्रारंभ करने के लिये आवश्यक बारदाने उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने प्रभार के जिलों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं की सतत् निगरानी करने और आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।  

हाईकोर्ट ने खारिज किया कर्मचारियों का वेतनवृद्धि दावा, प्रदेश में बड़ा झटका

ग्वालियर एमपी में वेतनवृद्धि पर कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है। निजी सहायता प्राप्त (ग्रांट-इन-एड) स्कूलों के कर्मचारी शिक्षकों को ग्वालियर हाईकोर्ट ने यह झटका दिया है। कोर्ट ने इन कर्मचारियों का वेतनवृद्धि का दावा खारिज कर दिया है। निजी सहायता प्राप्त (ग्रांट-इन-एड) स्कूलों के कर्मचारी शिक्षकों ने बीएड पर दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियां देने की मांग की थी जिसे हाईकोर्ट ने साफ तौर पर नकार दिया। इन शिक्षकों ने खुद को सरकारी शिक्षकों के समान बताते हुए वेतनवृद्धि का लाभ मांगा था। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने निजी सहायता प्राप्त (ग्रांट-इन-एड) स्कूलों के कर्मचारी शिक्षकों को बड़ा झटका देते हुए बीएड डिग्री के आधार पर दो अतिरिक्त वेतनवृद्धि (एडवांस इंक्रीमेंट) देने की मांग खारिज कर दी है। रामदास यादव एवं अन्य बनाम राज्य एवं अन्य में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे लाभ केवल शासकीय शिक्षकों के लिए लागू होते हैं। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि उन्होंने स्वयं के खर्च पर बीएड डिग्री हासिल की है और पूर्व सरकारी आदेशों के अनुसार उन्हें दो अतिरिक्त वेतनवृद्धि मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि वे भी अनुदान प्राप्त संस्थानों में कार्यरत हैं, इसलिए सरकारी शिक्षकों के समान लाभ मिलना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि भले ही सरकार से अनुदान मिलता हो, लेकिन वे शासकीय कर्मचारी नहीं हालांकि कोर्ट ने उनका दावा मानने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता निजी संस्थानों में कार्यरत हैं, भले ही उन्हें सरकार से अनुदान मिलता हो, लेकिन वे शासकीय कर्मचारी नहीं हैं। इसलिए वे सरकारी शिक्षकों के बराबर अतिरिक्त लाभ का दावा नहीं कर सकते। हाईकोर्ट ने दिया एक और अहम आदेश, 'शौर्य दीदी' की निगरानी में भेजा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक और मामले में अहम फैसला दिया। हैबियस कॉर्पस याचिका की सुनवाई के दौरान पारिवारिक विवाद सुलझाते हुए हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया। सुशील सिंह चौहान बनाम राज्य एवं अन्य मामले में कोर्ट ने काउंसलिंग के बाद पत्नी को पति के साथ रहने की अनुमति दी और 'शौर्य दीदी' की निगरानी में रखने के निर्देश दिए। मामले में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी लापता है और उसे अवैध रूप से कहीं रखा गया है। सुनवाई के दौरान पुलिस ने महिला को कोर्ट में पेश किया। महिला ने बताया कि पति के बुरे व्यवहार और प्रताडऩा से परेशान होकर वह घर छोड़कर आगरा में रह रही थी। कोर्ट के निर्देश पर काउंसलिंग कराई गई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई। पत्नी ने शर्त रखी कि यदि पति अच्छा व्यवहार करेगा, तो वह उसके साथ रहने को तैयार है। पति ने भी कोर्ट के समक्ष भविष्य में किसी प्रकार की प्रताडऩा न करने का भरोसा दिलाया।

भोपाल में खुलेगा वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भोपाल में वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (फाइनेंस ट्रेंनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) खोले जाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। आज मंत्रि-परिषद की बैठक में एफटीआरआई की स्थापना के संबंध में अपनी स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की स्थापना की स्वीकृति लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्रि-परिषद का आभार माना है। उप मुख्यमंत्री  देवडा ने कहा कि इसका उद्देश्य राज्य की वित्तीय शासन प्रणाली एवं प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करना है। वर्तमान में प्रदेश में 7 संभागीय लेखा प्रशिक्षण शालाएँ संचालित हैं। इनमें प्रशिक्षण का मानकीकरण, आधुनिक डिजिटल दक्षता तथा शोध एवं नवाचार के पर्याप्त समावेश का अभाव है। इनके कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक एकीकृत, आधुनिक एवं उच्च गुणवत्ता वाली संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने बताया कि संस्थान को प्रशिक्षण, शोध, नीति समर्थन एवं नवाचार के राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्टता केन्द्र सेन्टर फॉर एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जायेगा। इसके लिये राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंध संस्थान (NIFM), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नाबार्ड (NABARD) आदि प्रतिष्ठित संस्थानों से समन्वय किया जाएगा। विषय-विशेषज्ञों को अतिथि व्याख्यान हेतु आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी संस्‍थान के लिए कुल 13 नियमित पदों की संरचना प्रस्तावित की गई है। आवश्यकतानुसार पदों की पूर्ति स्थानांतरण एवं प्रतिनियुक्ति के माध्यम से की जाएगी। प्रस्‍ताव से तीन वर्षों में लगभग रुपये 26 करोड़ का व्‍यय अनुमानित है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि संस्थान के संचालन के लिए आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी की उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण कक्ष एवं डिजिटल संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। संस्थान की स्थापना से वित्तीय प्रबंधन, लेखा प्रणाली, डिजिटल वित्तीय प्रशासन तथा नीति निर्माण की क्षमता में व्यापक सुधार होगा, जिससे प्रदेश में सुशासन और वित्तीय अनुशासन को नई मजबूती मिलेगी।  

नशे के कारोबार पर वार: भोपाल में क्राइम ब्रांच ने MD ड्रग्स के साथ तीन आरोपियों को पकड़ा

भोपाल गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के पालन में भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के नेतृत्व में नशा मुक्ति अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। गोविंदपुरा क्षेत्र में कस्तूरबा अस्पताल के सामने स्थित सब्जी मंडी के पास घेराबंदी कर पुलिस ने तीन युवकों को अवैध मादक पदार्थ एमडी की तस्करी करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपितों के कब्जे से 2.14 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त स्कूटर और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। मुख्य सप्लायर सहित तीन आरोपित दबोचे गए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर एएसआइ मो. सादिक खान के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने गोविंदपुरा मंडी के पास घेराबंदी कर काले रंग की स्कूटर पर सवार दो संदिग्धों को दबोचा। पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके पास से नशीला पदार्थ बरामद हुआ। थाने लाकर उनसे पूछताछ करने पर आरोपितों ने अपने तीसरे साथी का नाम उगला, जिसे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों में इंद्रा नगर फेस-2 जाटखेड़ी, थाना मिसरोद निवासी 22 वर्षीय हर्ष यादव, रोहित नगर फेस-03 जाटखेड़ी, थाना मिसरोद निवासी 23 वर्षीय सौरभ तेजवानी और निर्मल स्टेट भैरोपुर, थाना मिसरोद निवासी गुरदीप सिंह शामिल हैं, जिसे मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है। मोबाइल डेटा से नेटवर्क की जांच जारी एडीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपित शहर के छात्रों और पार्टियों में शामिल होने वाले लोगों को निशाना बनाते थे। तीनों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इनके मोबाइल डेटा के जरिए नशा तस्करी के मुख्य स्रोत और संपत्ति की जानकारी जुटा रही है ताकि इस गिरोह की जड़ों तक पहुंचा जा सके। मिसरोद और गोविंदपुरा थाने रहे ड्रग्स सौदे से बेखबर इस पूरे घटनाक्रम ने मिसरोद और गोविंदपुरा दोनों ही थानों की बीट प्रणाली की कार्यक्षमता को कठघरे में खड़ा कर दिया है। तीनों आरोपित मूलतः मिसरोद थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और लंबे समय से नशे के कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं। बावजूद इसके, मिसरोद पुलिस को अपने इलाके में सक्रिय इन अपराधियों की भनक तक नहीं लगी। तस्करों ने सौदेबाजी के लिए गोविंदपुरा के व्यस्त मंडी इलाके को चुना। कस्तूरबा अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में सरेआम ड्रग्स सप्लाई की कोशिश होना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में स्थानीय थाने का कोई खौफ नहीं था। दोनों ही थाने इससे बेखबर थे।  

समय सीमा में पूरी हों पेयजल व्यवस्थाएं: राज्यमंत्री गौर गोविंदपुरा के विकास कार्यों की समीक्षा, देरी पर जताई नाराजगी

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने मंगलवार को मंत्रालय में गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में पेयजल टंकियों के निर्माण कार्य को लेकर उन्होंने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में निर्माणाधीन 9 पेयजल टंकियों का कार्य निर्धारित समय सीमा में हर हाल में पूर्ण किया जाए। लगभग 20 लाख लीटर क्षमता की इन टंकियों से क्षेत्रवासियों को पेयजल की सुलभ उपलब्धता हो सकेगी। राज्यमंत्री गौर ने रोहित नगर फेस-1 एवं फेस-2 में पेयजल समस्या के त्वरित निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि नागरिकों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी लंबित कार्यों में तेजी लाते हुए अवरोधों को तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की। बैठक में पार्षद छाया ठाकुर, उर्मिला मौर्य, अर्चना परमार, श्री जितेंद्र शुक्ला, पूर्व पार्षद श्री रामबाबू पाटीदार, श्री बी शक्तिराव, श्री नीरज सिंह के साथ ही स्थानीय प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।  

आगामी वित्तीय वर्ष में 10 लाख नये सदस्य बनाने के लक्ष्य पर कार्य करें जिला बैंक के सीईओ – डी.पी.आहूजा, प्रशासक, अपेक्स बैंक

भोपाल  अपेक्स बैंक में आज प्रदेश के 38 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुये प्रमुख सचिव सहकारिता एवं प्रशासक अपेक्स बैंक डी.पी.आहूजा नेे केसीसी व ऋण वितरण, पैक्स कम्प्यूटराईजेशन, अमानत संग्रहण आदि की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि सभी सी.ई.ओ. आगामी वित्तीय वर्ष  में प्रदेश में 10 लाख नये सदस्यों को पैक्स के माध्यम से जोड़ने के लक्ष्य को लेकर योजनाबद्ध रणनीति बनाकर कार्य सम्पादित करें ।  उन्होंने कहा कि इस कार्य में वर्तमान में भले ही चुनौतियां ज्यादा हैं, लेकिन इसके दूरगामी सकारात्मक एवं लाभप्रद परिणाम से मध्यप्रदेश का सहकारी साख आन्दोलन अत्यन्त सुदृढ़ एवं सशक्त बनेगा।    आहूजा ने यह भीa अपेक्षा कि आप अपने बैंक के प्रशासक के सतत् सम्पर्क में रहकर विभिन्न शासकीय योजनान्तर्गत शासन से प्राप्त होने वाली राशियों का डिपाजिट अपनी जिला बैंक को दिलाने की दिशा में प्रयास करते रहें ।  इसके लिये यदि कहीं शासन स्तर पर मदद की आवश्यकता हो तो अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक के माध्यम से अवगत करायें, ताकि यथासंभव आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सके ।          उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि गबन-धोखाधड़ी करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करते हुये कठोर प्रशासनिक दण्ड देने में कोई ढील ना दी जाये, ताकि आपकी बैंक/संस्था बेहतर व सुचारू रूप से कार्य करते हुये निर्धारित लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में सफल हो और प्रदेश का सहकारी आन्दोलन ’’सहकार से समृद्धि’’ की दिशा में प्रगति-पथ पर अग्रसर हो ।  बैठक में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता ने निर्देश दिये कि आपको पैक्स लेवल पर नये सदस्यों की पहचान करना है ।  इसके लिये अपेक्स बैंक स्तर से एक निर्धारित प्रारूप आपको भेजा है, जिसमें दिनांक 14 अप्रैल, 26 से 15 मई, 26 तक अभियान चलाकर उक्त प्रारूप में सम्पूर्ण विवरण भरकर शेयर केपीटल के लिये नये सदस्य से प्रति सदस्य रू.600/-एकत्रित करें, उस राशि की प्राप्ति की रसीद भी सदस्य को तुरन्त प्रदान करें एवं यथासमय आनलाइ्न इसकी प्रविष्टि भी दर्ज करें ।  इसके लिये नाबार्ड से प्रति कैम्प रू. 1000/- आपको प्राप्त होगा, लेकिन इसके लिये आपको विधिवत डाॅक्यूमेंटेशन करना होगा । उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष में आपको प्रति सोसायटी लगभग 200 नवीन सदस्य बनाने होंगे, जिससे 10 लाख नवीन सदस्य बनाने का लक्ष्य आसानी से प्राप्त हो सकेगा ।          श्री गुप्ता ने यह भी निर्देश दिये कि आपकी बैंक अन्तर्गत गबन एवं धोखाधडी करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की सम्पत्ति अटैच करने हेतु धारा 64 के अन्तर्गत अतिशीघ्र अपने जिले के उपायुक्त, सहकारी संस्थायें के न्यायालय में प्रकरण दर्ज करायें, जिससे संबंधित व्यक्ति से गबन-धोखाधड़ी की राशि की वसूली करना संभव हो सके ।          बैठक में प्रभारी आयुक्त सहकारिता सुश्री शीला दाहिमा, संयुक्त आयुक्त अम्बरीष वैद्य, के.के.द्विवेदी, डी पी सिंह के साथ सहकारिता विभाग, अपेक्स बैंक, शीर्ष सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश के 38 जिला बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित रहे ।  बैठक में अपेक्स बैंक के वि.क.अ.श्री अरूण मिश्रा, उप महाप्रबंधक के.टी.सज्जन, वि.क.अ.श्री अरविंद बौद्ध ने भी एजेंडे के अनेक महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर अपने विचार व्यक्त किये ।            उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश के 38 जिला बैंकों द्वारा 31.03.26 तक रू. 31975 करोड़ की अमानतें संग्रहित की गई हैं, जो लक्ष्य का 96 प्रतिशत हैं, जिसमें संस्थागत अमानतें रू. 7969 करोड़ हैं ।  11 जिला बैंकों द्वारा 31.03.26 की स्थिति पर 100 प्रतिशत से अधिक की लक्ष्य पूर्ति की गई, जबकि 27 जिला सहकारी बैंकों द्वारा 31.03.26 की स्थिति पर 90 प्रतिशत से अधिक की लक्ष्य पूर्ति की गई ।