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इछावर में निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर का किया शुभारंभ

भोपाल  राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य ही मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अत्यंत आवश्यक है। प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राजस्व मंत्री  वर्मा ने यह बात सीहोर जिले के इछावर सिविल अस्पताल में मानसरोवर मेडिकल कॉलेज द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने आमजन से आहवान किया कि वे इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनें। शिविर में महिला रोग, हड्डी रोग, शिशु रोग, नेत्र एवं ईएनटी सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया गया। शिविर में कुल 384 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। साथ ही ईसीजी, ब्लड प्रेशर एवं शुगर की जांच भी की गई।  

मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल वल्लभ भवन में मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठन की यह सराहनीय पहल है कि वे केवल अपनी मांगों के लिए संघर्ष ही नहीं करते, बल्कि उत्कृष्ट और उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी करते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वालों को पहचान अवश्य मिलती है। ऐसे कार्यक्रम इस विश्वास को मजबूत करते हैं कि मेहनत और सकारात्मक कार्य को देखा और सराहा जाता है। प्रशासनिक कार्यों में प्रारंभिक टिप्पणी अत्यंत महत्वपूर्ण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से फाइलों पर उत्कृष्ट टीप लिखने वाले कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्यों में प्रारंभिक टिप्पणी का अत्यंत महत्व होता है, क्योंकि वही आगे की प्रक्रिया को दिशा देती है। सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने वाले कर्मचारियों को निश्चित रूप से सम्मान और पहचान मिलती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने वाले पत्रकार समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। उन्होंने बच्चों, आपदा के समय साहस दिखाने वाले कर्मचारियों, वरिष्ठ पत्रकारों और अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित करने की इस परंपरा को अत्यंत प्रशंसनीय बताया। उन्होंने कहा कि कार्य को सलीके और कुशलता से करने वाले ही सफलता प्राप्त करते हैं। ऐसे आयोजनों से उत्कृष्ट कार्य करने वालों का उत्साहवर्धन होता है और अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समारोह में वरिष्ठ पत्रकारों, बच्चों, आपदा के समय साहस दिखाने वाले कर्मचारियों और अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक, संरक्षक राजेश कौल, भगवान सिंह यादव तथा पदाधिकारी राजकुमार पटेल, आलोक वर्मा, संतोष बड़ोदिया, ठाकुरदास प्रजापति,मती साधना मिश्रा, सतीश शर्मा, हरिशरण द्विवेदी, दयानंद उपाध्याय, मतीन खान,मती दीप्ति बच्चानी, दिलीप सोनी, प्रियंकवास्तव, प्रहलाद उईके,मती चंदा सल्लाम, श्याम बिहारी दुबे, सुश्री नीलेश पटवा, विकास नोरंग, मंगल सोनवाने, हरीश बाथम, बादामी लाल, विष्णु नाथानी एवं विक्रम बाथम का विशेष योगदान रहा।  

नई जिम्मेदारी की शुरुआत: राज्य सूचना आयुक्तों ने ली शपथ, पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग के नवनियुक्त राज्य सूचना आयुक्तों को मंगलवार को शपथ दिलाई। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मुख्य सचिव अनुराग जैन मंचासीन थे। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन लोकभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया था। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल ने  आलोक नागर और  राजेश भट्ट को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। उन्होंने शपथ ग्रहण के बाद राज्य सूचना आयुक्तों को पुष्प-गुच्छ भेंट कर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। शपथ विधि का संचालन अपर मुख्य सचिव  संजय शुक्ल ने किया। शपथ ग्रहण समारोह में मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष  अवधेश प्रताप सिंह, मुख्य सूचना आयुक्त  विजय यादव, सूचना आयुक्त  ओंकार नाथ, डॉ. वंदना गांधी, डॉ. उमाशंकर पचौरी, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  नीरज मंडलोई, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  आलोक सिंह, पुलिस आयुक्त भोपाल  संजय कुमार, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सूचना आयुक्तों के परिजन, लोकभवन और सूचना आयोग के अधिकारी मौजूद रहे।    

सीएम मोहन यादव का एलान: प्रदेश के मजरे, टोले और सांदीपनि स्कूल जल्द सड़कों से जुड़ेंगे

भोपाल  जल्द ही प्रदेश के मजरे, टोले ओर सांदीपनि स्कूल सड़कों से जुड़ेंगे। इन्हें आपस में जोड़ने के लिए 7 हजार 135 सडकें बनाई जाएंगी। यह काम सुगम संपर्कता परियोजना के तहत किए जाएंगे। सड़क निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। सिपरी सॉफ्टवेयर का उपयोग अब सिर्फ डीपीआर तैयार करने के लिए ही नहीं किया जाएगा, बल्कि इससे सड़क के साथ पुल-पुलियों की स्थिति की निगरानी करने में भी मदद ली जाएगी। सीएम ने की समीक्षा एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव ने उक्त परियोजना की समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में संबंधित अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए गए कि गांव-गांव के विकास के लिए सड़कों की इस परियोजना का काम तेजी से किया जाए। जहां आबादी 100 से पार, वहीं बिछेगी सड़क इस परियोजना की खासियत ये है कि इसके तहत 100 से अधिक आबादी वाले मजरों-टोलों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। ये सड़कें वीबी-जीराम-जी योजना के अंतर्गत बनावाई जाएंगी। 7000 से ज्यादा सड़कों का नेटवर्क तैयार करने वाले इस काम पर 1000 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। सुगम संपर्कता परियोजना के तहत शुरू किए जाने वाले इस काम के लिए प्रदेश की प्रत्येक जनपद पंचायत तीन करोड़ तक की स्वीकृति दे सकेंगी। यह भी होगा -पूर्व में बनी सड़कों की रिम्स पोर्टल के माध्यम से जियो-इंवेंट्री की जा रही है। इससे नई सड़कों के चयन में दोहराव की स्थिति नहीं बनेगी। जियो इंवेंट्री में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, पीएमजीएसवाय, मुख्य जिला सड़क और संपर्कता एप से चयनित सड़कें शामिल हैं।  -निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 33 हजार 655 सड़कों में से 17 हजार 437 सड़कों की जियो इंवेंट्री का कार्य पूरा कर लिया है। इसके साथ ही 9 जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है। रतलाम, जबलपुर, आगर-मालवा, मंदसौर और पन्ना उक्त काम में आगे है। ऐसे समझें पूरा प्लान कुल सड़कें- 7,135 बजट- करीब 1000 करोड़ रुपए कवरेज- 100+ आबादी वाले सभी मजरे-टोले योजना- वीबी-जीराम-जी योजना के तहत होना है निर्माण तकनीक- ड्रोन से मॉनिटरिंग, सिपरी सॉफ्टवेयर से निगरानी मंजूरी का अधिकार- हर जनपद पंचायत को 3 करोड़ रुपए तक की स्वीकृति प्रगति रिपोर्ट कुल चिह्नित सड़कें- 33,655 जियो इंवेंट्री पूरी- 17,437 80% से ज्यादा सर्वे वाले जिले रतलाम जबलपुर आगर-मालवा मंदसौर पन्ना क्या बदलेगा? -अब हर गांव अपने नजदीकी शहरों से जुड़ेगा -बच्चों के लिए पक्की सड़क बनीं तो स्कूल जाना आसान होगा -मरीजों को समय पर अस्पताल तक पहुंचना आसाना होगा -किसानों को मंडी तक बेहतर कनेक्टिविटी -बरसात में कटने और कीचड़ में बदलने वाली सड़कें अब पक्की होंगी  

कूनो में बोत्सवाना के चीते हुए फिट, 6 का क्वारंटाइन समाप्त, बड़े बाड़ों में पहली छलांग

 श्योपुर मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्स्थापना प्रोजेक्ट के तीसरे चरण में बोत्सवाना से लाए गए 9 चीतों में से 6 चीतों का क्वारंटाइन समय पूरा होगया. जिसके बाद उन्हें बड़े बाड़ों में शिफ्ट कर दिया गया है. कूनो प्रबंधन ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि एक महीने बाद सभी चीते फिट है और कूनो के नए माहौल में रच बस रहे है।  पिछले दिनों 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना से कुल 9 चीते कूनो पहुंचे थे, जिनमें 6 मादा और तीन नर शामिल थे. नियम के मुताबिक, इन सभी को अलग रखा गया था. अब सेहत की जांच और अफसरों की मंजूरी के बाद,चार मादा और दो नर चीतों को बड़े बाड़ों में छोड़ दिया गया है।  वन विभाग के अफसरों के मुताबिक बचे हुए तीन चीतों को भी बहुत जल्द बड़े बाड़ों में शिफ्ट कर दिया जाएगा. इसकी तैयारी चल रही है और यह काम भी जल्द ही पूरा हो जाएगा।  अधिकारियों के अनुसार,बोत्सवाना से आए सभी नौ चीते एकदम फिट हैं और उन्हें कूनो का वातावरण रास आ रहा है. भारत से बरसों पहले गायब हो चुके चीतों को वापस लाने की दिशा में इस प्रोजेक्ट को बहुत अहम माना जा रहा है।  चीता प्रोजेक्ट के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने 'आजतक' को फोन कॉल पर बताया कि इन सभी की सेहत और रहने-सहने के ढंग पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है, ताकि आगे चलकर इन्हें सुरक्षित तरीके से खुले जंगल में छोड़ा जा सके।  यहां बता दें कि वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में कुल 50 चीते हो गए हैं, जिनमें से 12 चीते खुले जंगल में घूम रहे हैं।  अलग-अलग क्वारंटाइन बाड़ों में रखा गया था बता दें कि बीते 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना से विशेष विमान फिर सेना के हेलीकॉप्टर के जरिए कूनो पहुंचे थे। नौ चीतों के इस जत्थे में 6 मादा और 3 नर शामिल थे। बायो-सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के तहत इन्हें अलग-अलग क्वारंटाइन बाड़ों में रखा गया था। विशेषज्ञों की निगरानी के बाद अब 4 मादा और 2 नर चीतों को बड़े शिकार वाले बाड़ों में शिफ्ट कर दिया गया है। अधिकारियों ने दी हरी झंडी वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बाकी बचे 3 चीते भी पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें भी अगले कुछ दिनों में बड़े बाड़ों में भेज दिया जाएगा। कूनो प्रबंधन के अनुसार सभी चीते कूनो के वातावरण में बहुत तेजी से ढल रहे हैं। उनकी सेहत और व्यवहार पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। चीता प्रोजेक्ट के तहत वर्तमान में स्थिति     देश में वर्तमान में चीतों की कुल संख्या 53     कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या 50     गांधी सागर पार्क में चीतों की संख्या 3     कूनों के खुले जंगल में चीते 12     एनक्लोजर में मौजूद चीतों की संख्या 38 कूनो में चीतों का 'अर्धशतक', देश में कुल 53 चीते कूनों की धरती पर इन चीतों की शिफ्टिंग के बाद नेशनल पार्क में चीतों की कुल संख्या अब 50 पहुंच गई है। वहीं गांधी सागर नेशनल पार्क में 3 चीतों को मिलाकर देश में चीतों की कुल संख्या 53 हो गई है।  चीतों का तीसरा घर, ढाई महीने बाद होगी शिफ्टिंग देश के महत्वकांक्षी चीता पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) को चीतों का तीसरा घर बनाया जाएगा। यहां ग्राउंड पर तेजी से काम चल रहा है। बुंदेलखंड की धरती पर जल्द ही प्रदेश के सबसे बड़े वन्य प्राणियों के घर में चीते दौड़ लगाते नजर आएंगे। करीब 2339 वर्ग किलोमीटर में फैला यह अभयारण्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जहां अब चीता, तेंदुआ और बाघ एक साथ नजर आने की तैयारी है। मोहली रेंज में बनाया जा रहा एनक्लोजर बोमा चीता प्रोजेक्ट व वन विभाग अधिकारियों के अनुसार संभव है, बोत्सवाना से कूनो लाए गए 9 चीतों में से 4 चीतों को नौरादेही शिफ्ट किया जाएगा। इनमें 1 नर और 3 मादा शामिल हो सकते हैं। आगामी मई-जून तक शिफ्टिंग का टारगेट रखा है। नौरादेही में चीतों के लिए सबसे उपयुक्त मोहली रेंज को चुना गया है। यहां घास के विशाल मैदान, छायादार पेड़ और पर्याप्त संख्या में शाकाहारी वन्यजीव मौजूद हैं, जो चीतों के लिए आदर्श परिस्थितियां तैयार करते हैं। इसके अलावा सिंगपुर और झापन रेंज भी चयनित की गई हैं।

सागरताल में कूदा पूरा परिवार: ग्वालियर में एक की मौत, दो की हालत गंभीर

ग्वालियर शहर के सागरताल क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने सामूहिक रूप से तालाब में छलांग लगा दी। इस आत्मघाती कदम में परिवार के एक सदस्य की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य को गंभीर अवस्था में बाहर निकाला गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने रेस्क्यू कर घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया। पड़ोसियों से प्रताड़ना की आशंका, मौके पर मिले नोट प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आत्महत्या का प्रयास करने वालों में दो भाई और एक बहन शामिल हैं। घायलों की पहचान इदरीश खान और यास्मीन के रूप में हुई है, जबकि मृत सदस्य की शिनाख्त के प्रयास अभी जारी हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि घटनास्थल पर पुलिस को 500-500 के नोट बिखरे हुए मिले हैं, जिन्हें पुलिस ने जांच के लिए जब्त कर लिया है। जांच में जुटी पुलिस घटना के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन चर्चा है कि यह परिवार अपने पड़ोसियों से काफी परेशान था। शुरुआती बातचीत में पीड़ितों का व्यवहार सामान्य नहीं लग रहा है, जिससे उनके मानसिक रूप से बीमार होने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे पीड़ितों से बातचीत कर रहे हैं ताकि छलांग लगाने के पीछे की असल वजह सामने आ सके। अस्पताल में चल रहा इलाज घायल इदरीश और यास्मीन का इलाज ग्वालियर के अस्पताल में जारी है। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाए हैं। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है कि क्या उन्होंने कूदने से पहले परिवार को किसी तनाव में देखा था। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पीड़ितों के बयानों के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।  

जिला और तहसील स्तर पर कामर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करें

जिला एवं तहसील स्तर पर भी कामर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करें मंत्रिमण्डल समिति ने की पेट्रोल, डीजल, एलपीजी एवं सीएनजी की आपूर्ति की समीक्षा भोपाल अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम एवं मध्यपूर्व देशों की स्थिति के दृष्टिगत प्रदेश पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा के लिये गठित मंत्रिमण्डल समिति की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। बैठक में समिति के सदस्यों ने जिला एवं तहसील स्तर पर कामर्शियल एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति की समीक्षा की। बैठक में समिति के सदस्यों ने कहा कि किसी भी स्तर की अनियमित्ता एवं कालाबाजारी पाए जाने पर तत्काल कार्यवाही करें। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में एलपीजी की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दें। प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। क्रूड ऑयल की पर्याप्त उपलब्धता के कारण प्रट्रोलियम पदार्थों की लगातार आपूर्ति हो रही हैं। बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, खाद्य, नागरिक आपूति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप, अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा और ऑयल कम्पनी के स्टेट नोडल ऑफिसर अजय श्रीवास्तव उपस्थित थे। शहरों में 25 और गाँवों में 45 दिन में सिलेंडर बुकिंग बैठक में बताया गया कि घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग शहरों में 25 दिन और गाँवों में 45 दिन के अंतराल में की जा रही है। वर्तमान में गैस बुकिंग की संख्या सामान्य है, जिसकी पूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है। जिन घरों तक पाईप लाइन पहुँच गई है, उन घरों में पीएनजी कनेक्शन दिये जा रहे है। पिछले 1 दिन में 225 नवीन पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं। 70 प्रतिशत तक दिए जा रहे है कामर्शियल सिलेण्डर बैठक में ऑयल कम्पनी के स्टेट नोडल ऑफिसर श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में भारत सरकार के निर्देशानुसार 70 प्रतिशत की सीमा के अधीन कामर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराये जा रहे है। शुरूआत में 20 प्रतिशत इनकी आपूर्ति हो रही थी। कालाबाजारी पर कार्यवाही प्रदेश में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है। अभी तक 3226 स्थानों पर कार्यवाही कर 3872 सिलेंडर जब्त किये गये है और 11 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई है। पीएनजी कनेक्शन विस्तार पर जोर बैठक में जानकारी दी गई कि सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं को अगले 3 माह में 2 लाख नये पीएनजी कनेक्शन दिये जाने वाले का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही सीजीडी संस्थाओं द्वारा प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन एवं उसके विरुद्ध दिये जा रहे पीएनजी कनेक्शन की सतत मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। सीजीडी संस्थाओं को पीएनजी के लाभ एवं पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया से संबंधित एफएक्यू तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश नोडल सीजीडी संस्था थिंक गैस को दिये गए हैं। भारत सरकार के गतिशक्ति पोर्टल पर सीजीडी संस्थाओं को पाइप-लाइन अपलोड करने के निर्देश दिये गये। सीजीडी संस्थाएँ जिलेवार एवं लोकेलिटीवाइज कैम्प शेड्यूल कर जिला प्रशासन एवं विभाग को उपलब्ध करायेंगी। शहर के जिन स्थानों में पाइप-लाइन गई है, उसके आस-पास के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को ऑयल कम्पनी द्वारा अवगत कराया गया है कि वह पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये तत्काल आवेदन करें। इसके बाद पीएनजी कनेक्शन प्राप्त नही करने की स्थिति में आगामी 3 माह में एलपीजी का कनेक्शन बंद किया जा सकता है। जिला आपूर्ति अधिकारियों को एमपीआईडीसी के जिला अधिकारी, जिले में स्थित पॉलीटेक्निक तथा आईटीआई से प्रशिक्षणार्थियों की सूची सीजीडी संस्था को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। सीजीडी संस्था द्वारा इन प्रशिक्षणार्थियों को वर्तमान वेण्डर के साथ क्लब कर मैन पॉवर बढ़ाया जाएगा। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) में प्रदेश में कार्यरत 10 संस्थाओं को पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की मांग और शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। पीएनजी पाइप लाइन जिन क्षेत्रों में बिछ चुकी है, वहां आवासीय परिसर, स्कूल, हॉस्टल, कॉलेज, कम्युनिटी किचन और आंगनवाड़ी केंद्रों को आवेदन प्राप्त होने के 5 दिन में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पीएनजी कनेक्शन की प्रगति की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर, एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी और संबंधित सीजीडी संस्थाओं के अधिकारी समीक्षा करेंगे। केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिये नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण एवं म.प्र. औद्योगिक विकास निगम द्वारा सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन करने के 24 घंटे में पाइप-लाइन बिछाने की आरओयू अनुमति दिये जाने के आदेश जारी किये गये हैं। विभाग द्वारा 10 से अधिक आरओयू आवेदनों की 24 घंटे के अंदर स्वीकृति जारी की गई है। सीजीडी संस्थाओं को घरेलू एवं व्यावसायिक पीएनजी के आवेदनकर्ताओं को पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये सीजीडी संस्थाओं के कंट्रोल रूम नम्बर इस प्रकार हैं। अवंतिका गैस लिमिटेड – इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर (9424098887), गैल गैस लिमिटेड – देवास, रायसेन, शाजापुर, सीहोर (7880001788), नवेरिया गैस लिमिटेड – धार (07292-223311), थिंक गैस – भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी (1800-5727-107), आईओसीएल – गुना (9425991090), मउगंज, रीवा (9424836488), अशोकनगर (9425119522), मुरैना (7223982333), बीपीसीएल – मैहर, सतना शहडोल (9424738607), सीधी, सिंगरौली (9424341954), गुजरात गैस लि. – रतलाम (7412230292) शामिल है। प्रदेश के इन स्थानों से पाइप-लाइन के आस-पास के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिये आवेदन कर सकते हैं।  

IAS जयति सिंह ने दी चेतावनी: मेरे नाम पर किसी तरह का लेन-देन न करें, व्हाट्सएप हैक होने की दी जानकारी

 बड़वानी मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की कलेक्टर का WhatsApp अकाउंट कुछ अज्ञात साइबर जालसाजों ने हैक कर लिया और उनके कॉन्टैक्ट्स को पैसे मांगने वाले मैसेज भेजे।  कलेक्टर जयति सिंह ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, "अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना, सभी नागरिकों को सूचित करना चाहती हूं कि मेरा वॉट्सएप अकाउंट से संबंधित फ्रॉड की सूचना प्राप्त हुई है।  यदि मेरे नंबर से किसी भी प्रकार की धनराशि या अन्य संदिग्ध मांग की जाती है, तो कृपया उस पर बिल्कुल भी विश्वास न करें और कोई ट्रांजेक्शन न करें. इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जा रही है. कृपया सतर्क रहें और इस सूचना को अधिक से अधिक साझा करें।  IAS अफसर जयति सिंह ने इस पोस्ट के साथ WhatsApp चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए, जिनमें साइबर अपराधियों की ओर से उनके कॉन्टैक्ट्स को भेजे गए मैसेज दिख रहे थे।  इस हाई-प्रोफाइल हैकिंग के बाद बड़वानी पुलिस तुरंत एक्टिव हो गई है. जिले के एसपी पद्मविलोचन शुक्ला ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि पुलिस कलेक्टर के WhatsApp अकाउंट की हैकिंग की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अकाउंट किस आईपी (IP) एड्रेस से ऑपरेट किया गया और लिंक के जरिए या ओटीपी (OTP) फिशिंग के जरिए इसे हैक किया गया। 

शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के 92 विद्यार्थियों को निःशुल्क चश्मों का वितरण

​बड़वानी  जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से भविष्य की पीढ़ी की आँखों की रोशनी संवारने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेखा जमरे, सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना और डी.पी.एम. डॉ. विमलेश चोयल के मार्गदर्शन में उत्कृष्ट विद्यालय बड़वानी में नेत्र स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। ​700 छात्र-छात्राओं का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण ​उप जिला कार्यक्रम प्रबंधक (अंधत्व) अनिल राठौर के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने विद्यालय के लगभग 700 विद्यार्थियों के नेत्रों की सघन जाँच की। इस टीम में नेत्र सहायक दीपक सोनी, रविंद्र टेकाम और जयनारायण कुशवाह शामिल थे। जाँच के दौरान 102 विद्यार्थियों में दृष्टिदोष पाया गया, जिसके बाद उनके चश्मे के नंबरों का सटीक निर्धारण किया गया। ​निःशुल्क चश्मे पाकर खिले विद्यार्थियों के चेहरे ​स्वास्थ्य परीक्षण के अगले चरण में, आज दिनांक 7 अप्रैल 2026 को जिला चिकित्सालय बड़वानी की ओर से दृष्टिदोष वाले 92 विद्यार्थियों को निःशुल्क चश्मे प्रदान किए गए। चश्मा मिलने से न केवल विद्यार्थियों को पढ़ाई में सुगमता होगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। ​सहयोग और जागरूकता ​इस पुनीत कार्य में उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य  अनिल मिश्र, खुशबू सेनानी एवं समस्त विद्यालय स्टाफ का विशेष योगदान रहा। ​प्राचार्य की पहल:  अनिल मिश्र द्वारा प्रतिवर्ष विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के शिविर आयोजित कर निःशुल्क चश्मे वितरित करवाए जाते हैं, जो सामुदायिक सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। ​विशेष सलाह: कार्यक्रम के दौरान अनिल राठौर और अनिल मिश्र ने बच्चों को परामर्श दिया कि वे अपनी आँखों की नियमित जाँच करवाएं और डिजिटल स्क्रीन का उपयोग सीमित करें। ​"बच्चों की दृष्टि ही उनके उज्ज्वल भविष्य का आधार है। समय पर आँखों की जाँच और सही उपचार से पढ़ाई में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सकता है।"  

भाजपा विधायक संजय पाठक के लिए माफी नहीं, कोर्ट में होगी हाजिरी

जबलपुर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व जज विनय सराफ की युगलपीठ ने आपराधिक अवमानना केस की सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश के कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक को तलब किया है। कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान विधायक संजय पाठक की ओर से हलफनामा पेश किया गया, जिसमें उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बिना शर्त माफी मांगी। कोर्ट ने इस हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले को गंभीरता से लिया और आगे की सुनवाई के लिए व्यक्तिगत पेशी जरूरी बताई। फोन करने से शुरू हुआ विवाद कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित द्वारा दायर याचिका में उल्लेख किया गया था कि विधायक से संबंधित कंपनी के खिलाफ अवैध उत्खनन के मामले में न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने एक सितम्बर, 2025 को सुनवाई से इंकार कर दिया था। उन्होंने अपने आदेश में कहा था कि विधायक ने उनसे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, जिससे निष्पक्षता प्रभावित हो सकती थी। निष्पक्षता के लिए जज हुए अलग न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने मामले की निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से खुद को सुनवाई से अलग कर लिया था। साथ ही उन्होंने पूरे प्रकरण को प्रशासनिक स्तर पर मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजने के निर्देश भी दिए थे। आपराधिक अवमानना का केस दर्ज याचिका में कहा गया कि विधायक का यह कृत्य न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। न्यायिक कार्य में हस्तक्षेप आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आता है। हाई कोर्ट ने दो अप्रैल को मामले का संज्ञान लेते हुए विधायक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे। मुकुल रोहतगी ने की पैरवी सुनवाई के दौरान विधायक संजय पाठक की ओर से देश के पूर्व अटार्नी जनरल और वरिष्ठ अधिवक्त मुकुल रोहतगी ने पैरवी की। उन्होंने तर्क दिया कि आपराधिक अवमानना में दंड तभी लागू होता है, जब गलती अक्षम्य हो या व्यक्ति उसे स्वीकार न करे।