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लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में CM मोहन यादव का बड़ा बयान, कप्तान सिंह सोलंकी ने पेंशन टैक्स फ्री करने की उठाई मांग

भोपाल  लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान सम्मान देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की लंबे समय से यह मांग है कि उन्हें भी स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्ज की  मांग उठाई।कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली 30 हजार रुपए मासिक पेंशन को आयकर से मुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष भी मांग रखी गई थी, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। सम्मेलन में सोलंकी ने 95 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं सभी लोकतंत्र सेनानियों से कहता हूं कि खूब जियो और 95 वर्ष की आयु तक पहुंचकर सम्मान प्राप्त करो।” उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति देश की कृतज्ञता का प्रतीक है। वे राजधानी के रवीन्द्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी शांतिलाल संघवी और 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी लक्ष्मीनारायण पाटीदार का शाल श्रीफल देकर सम्मान किया। आपातकाल के सेनानियों (मीसाबंदियों) के अखिल भारतीय संगठन 'लोकतंत्र सेनानी संघ, मध्य प्रदेश' के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में प्रदेशभर से लगभग दो हजार मीसाबंदी और उनके परिवार शामिल हुए हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिरकत कर रहे हैं। उनके साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद कैलाश सोनी तथा संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक भी मंच साझा कर रहे हैं। सीएम बोले-कांग्रेस ने आपातकाल में लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई लोकतंत्र सेनानियों ने लड़ी, जबकि कांग्रेस ने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था को रोकने और दबाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के समय कई देश हमारे साथ या हमारे बाद स्वतंत्र हुए थे। इजरायल हमसे एक वर्ष बाद आजाद हुआ, लेकिन आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनकर खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की पांचवीं पीढ़ी राजनीति में आ चुकी है, लेकिन उसकी कार्यशैली नहीं बदली। उन्होंने अपने बचपन का उल्लेख करते हुए कहा कि जब आपातकाल लगा, तब उनकी उम्र मात्र नौ वर्ष थी। उनके पिता 19 महीने तक जेल में रहे। उस समय परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजरा, लेकिन थोड़ी-बहुत खेती होने के कारण घर का गुजारा चलता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में कांग्रेस के लोग जेल में बंद लोगों से कांग्रेस की सदस्यता लेने की शर्त पर रिहाई की बात करते थे। डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष की वजह से आज देश में लोकतंत्र सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हुई, लेकिन भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उन्होंने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की राजनीतिक स्थिति सभी के सामने है। लोकतंत्र की मशाल जलाए रखने का श्रेय लोकतंत्र सेनानियों को जाता है। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई नई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के लिए विशेष ट्रेन से तीर्थ यात्रा कराई जाएगी। उन्हें सरकारी रेस्ट हाउस में दो दिन तक निशुल्क ठहरने की सुविधा मिलेगी। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों की स्मृति में पार्क और मार्गों का नामकरण किया जाएगा। गंभीर बीमारी की स्थिति में सरकार इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी और आवश्यकता पड़ने पर एयर एंबुलेंस से भी उपचार की व्यवस्था कराई जाएगी।उन्होंने यह भी घोषणा की कि अधिक आयु के कारण जिन लोकतंत्र सेनानियों को जिला या बैंक शाखा बदलने में परेशानी होती है, उनकी सुविधा के अनुसार व्यवस्था की जाएगी। जिन सेनानियों को अब तक ताम्रपत्र नहीं मिले हैं, उन्हें कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों में लोकतंत्र सेनानियों को अधिकारी स्तर का सम्मान देने और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कांग्रेस संविधान बचाने की बात करती है, लेकिन उसने हमेशा एक परिवार को आगे बढ़ाने और सत्ता के बल पर दूसरों को दबाने का प्रयास किया। इस सम्मेलन का मुख्य आकर्षण आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले वीर सेनानियों का सम्मान समारोह है। कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा बीजेपी के प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह मंत्री कृष्णा गौर पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ रामकृष्ण कुसमरिया विधायक रामेश्वर शर्मा मौजूद हैं। पूर्व मंत्री सहित तीन वयोवृद्ध लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी शांतिलाल संघवी और 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी लक्ष्मीनारायण पाटीदार का शाल श्रीफल देकर सम्मान किया। इमरजेंसी पर बनी फिल्म भी दिखाई कार्यक्रम में आपातकाल पर केंद्रित एक विशेष फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे लोकतंत्र प्रहरी संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र अग्रवाल द्वारा तैयार किया गया है।

Indore News: सिंगापुर टाउनशिप में चल रही थी नकली नोट छापने की फैक्ट्री, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

इंदौर इंदौर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की कोशिश एक बड़े खुलासे का कारण बन गई। रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता से पहले एक युवक पकड़ा गया और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जाली नोट छापने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 44 हजार रुपये के नकली नोट, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन तथा अन्य सामग्री जब्त की है।गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल यादव के अनुसार राजनगर सेक्टर-ए, चंदन नगर निवासी यशवंत यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि 25 जून को वह रिजलाय फाटा-नावदा पंथ रोड स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट पर मौजूद था। इसी दौरान एक युवक चाय-नाश्ता करने के बाद भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट देने लगा। रेस्टोरेंट संचालक को हुआ शक, मौके पर पकड़ लिया नोट देखते ही रेस्टोरेंट संचालक यशवंत यादव को उसके नकली होने का संदेह हुआ। उन्होंने कर्मचारी आशीष चौहान की मदद से युवक को मौके पर ही रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान ग्राम अटाहेड़ा, थाना देपालपुर निवासी दीपक पटेल के रूप में बताई। उसने खुद को मजदूर बताते हुए दावा किया कि यह नोट उसे मजदूरी के भुगतान में मिले थे। हालांकि तलाशी के दौरान उसके पास से 4 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए। खंडवा एसटीएफ ने भी पकड़ा था पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी संजय वैष्णव पहले भी नकली नोट के मामले में पकड़ा जा चुका है। इसे खंडवा एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद उसने फिर से यही अवैध कारोबार शुरू कर दिया। अब पुलिस उसके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों की भी जांच कर रही है। पूछताछ में खुला मास्टरमाइंड का नाम सख्ती से पूछताछ करने पर दीपक ने खुलासा किया कि नकली नोट उसे सिंगापुर टाउनशिप निवासी संजय पुत्र महेश वैष्णव ने दिए थे। इसके बाद पुलिस ने संजय को भी गिरफ्तार कर लिया। संजय के कब्जे से करीब 40 हजार रुपये के नकली नोट और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल की जा रही प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। पुलिस के अनुसार संजय दीपक को बाजार में जाली नोट चलाने के लिए देता था। पहले भी नकली नोट मामले में जा चुका है जेल पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी संजय वैष्णव का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उसे पूर्व में एसटीएफ खंडवा नकली नोटों के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। उस समय भी उसके पास से जाली नोट बरामद हुए थे और जेल भेजा गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर से नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने के अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क, आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज, शाजापुर-नर्मदापुरम में 2 इंच बारिश; भोपाल-उज्जैन में 48 घंटे में एंट्री

 भोपाल मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। संभावना है कि मानसून इसी दौरान भोपाल और उज्जैन संभाग तक पहुंच जाएगा। हालांकि ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में मानसून सबसे आखिर में दस्तक देगा। इस बीच शुक्रवार को प्रदेश के 45 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।  दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना मौसम विभाग ने आगर-मालवा और सीहोर में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी और तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर समेत कई जिलों में हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके विपरीत ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क रहने और धूप निकलने के आसार हैं। शाजापुर में सबसे ज्यादा बरसात गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। सबसे अधिक 51 मिमी (दो इंच से ज्यादा) वर्षा शाजापुर में दर्ज की गई, जबकि श्योपुर और बालाघाट में भी करीब आधा इंच पानी गिरा। इंदौर, खंडवा, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, खरगोन और मैहर सहित कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। बारिश से तापमान में आई गिरावट लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। खरगोन सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बैतूल, सिवनी, खंडवा, धार और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में पारा सामान्य से नीचे रहा। बड़े शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री, इंदौर 33.9 डिग्री, उज्जैन 33.8 डिग्री, जबलपुर 38.1 डिग्री और ग्वालियर 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 15 जिलों में हुई बारिश गुरुवार को शाजापुर और नर्मदापुरम में करीब 2 इंच बारिश हुई। श्योपुर, रायसेन और सागर में सवा इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं गुना में 1 इंच, पचमढ़ी में पौन इंच और बालाघाट में करीब आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, खंडवा, बैतूल, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, मैहर और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा। बिजली गिरने से बुजुर्ग की मौत शाजापुर में आकाशीय बिजली गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वहीं लगातार बारिश को देखते हुए इंदौर के जोखिम वाले पर्यटन स्थलों पर 22 अगस्त तक पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। कई शहरों में तापमान गिरा बारिश के बाद प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया। खरगोन सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं भोपाल में 32.8 डिग्री, इंदौर में 33.9 डिग्री, उज्जैन में 33.8 डिग्री, जबलपुर में 38.1 डिग्री और ग्वालियर में सबसे अधिक 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। अभी भी सामान्य से कम बारिश मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश में वर्षा की कमी कुछ कम हुई है। एक जून से अब तक सामान्य रूप से 91.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 52.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यानी प्रदेश अभी भी सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश पर है। हालांकि 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी, जिससे स्पष्ट है कि हाल की बारिश ने स्थिति में करीब सात प्रतिशत सुधार किया है। किन जिलों में कम और कहां ज्यादा बारिश अब तक अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। वहीं भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। 15 जिलों तक पहुंच चुका है मानसून अब तक मानसून प्रदेश के 15 जिलों-आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी में प्रवेश कर चुका है। इन जिलों के कई क्षेत्रों में चार इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 

Badnagar Van Blast: पटाखों से किया धमाका, ‘फिर आ गए’ मैसेज की गुत्थी सुलझाने में जुटीं ATS और फोरेंसिक टीम

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से एक वैन को लटकाकर उसमें ब्लास्ट किया गया है। वीडियो बड़नगर के अडान मोहल्ले का बताया जा रहा है। इसके बाद उज्जैन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 23 जून का है वीडियो घटना 23 जून की रात की बताई जा रही है। उज्जैन के बड़नगर स्थित अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। जुलूस में एक वैन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया। वैन पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहराते रहे। इसके बाद वैन में विस्फोट कर उसे उड़ा दिया गया। मुहर्रम के जुलूस के दौरान वैन को क्रेन से लटकाकर विस्फोट करने का वीडियो देखने के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक्शन में आ गई हैं। जिले की बड़नगर पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार कर वैन और क्रेन को जब्त कर लिया है। आरोपियों का कहना है कि 8 हजार के पटाखों से विस्फोट किया। उज्जैन, उन्हेल, नागदा और महिदपुर पहले से संवेदनशील माने जाते हैं, इसलिए जांच में स्थानीय पुलिस के साथ एटीएस, यानी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड भी शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब तीन बड़े सवालों के जवाब ढूंढ रही हैं-     विस्फोट के पीछे मकसद क्या था?     गाड़ी पर ‘ले, फिर आ गए’ क्यों लिखा था?     विस्फोटक कौन सा था और उसे कहां से लाया गया था? 40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाकर उड़ाई थी वैन दरअसल, 23 जून की रात बड़नगर के अडान मोहल्ले से मोहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। इसमें टाटा मैजिक गाड़ी को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाया गया था। इसकी छत पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहरा रहे थे। वैन पर ‘ले, फिर आ गए’ लिखा था। जुलूस में शामिल कुछ लोगों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर भी यही मैसेज लिखा था। कुछ देर बाद वैन में विस्फोट कर दिया गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। मामले में शोएब पिता गब्बू, जाहिद पिता भूरा खां और तपसील उर्फ तस्लीम को अरेस्ट किया गया है। वहीं, क्रेन के मालिक पर भी केस किया गया है। जाहिद-तपसील ने लहराए थे झंडे पुलिस के मुताबिक, शोएब ने अडान अखाड़े के बैनर तले मुहर्रम का जुलूस निकाला था। उसी ने कबाड़ में रखी गाड़ी को क्रेन पर लटकवाया था। विस्फोट के समय जाहिद और तपसील गाड़ी की छत पर मौजूद थे। वे ही झंडे लहराते दिखाई दिए थे। ब्लास्ट के पहले दोनों नीचे उतर आए थे। पुलिस को आरोपियों ने करीब 8 हजार रुपए के पटाखे खरीदने का बिल भी दिया है, जिसकी तस्दीक की जा रही है। 2500 रुपए किराए पर ली गई थी क्रेन क्रेन मालिक गोपाल राठौर ने पुलिस को बताया कि अडान अखाड़े के सदस्यों ने पुष्प वर्षा के लिए क्रेन किराए पर लेने की बात कही थी। 2500 रुपए किराया तय होने के बाद ड्राइवर समेत क्रेन भेज दी थी। राठौर का कहना है कि उन्हें वाहन में विस्फोट करने की कोई जानकारी नहीं थी। शुक्रवार को उज्जैन की फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ता (BDS) बड़नगर पहुंचकर वैन से सेंपल इकट्‌ठा करेंगे। भीड़भाड़ वाले इलाके में किया गया ब्लास्ट एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि बड़नगर के जय स्तंभ चौक पर भीड़भाड़ वाले इलाके में ये विस्फोट किया गया था। ब्लास्ट के बाद गाड़ी के पार्ट्स, कांच और दूसरी चीजें नीचे गिरीं। इससे लोगों की जान को गंभीर खतरा पैदा हुआ। कांच बंद होने के कारण गैस बनने से विस्फोट मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करनदीप सिंह क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) के साथ बड़नगर पहुंचे और संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला। उन्होंने कहा- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गाड़ी में रॉकेट और सुतली बम लगाए गए थे। इसके कांच बंद होने के कारण गैस बनने से विस्फोट जैसी स्थिति बनी। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

रिटायरमेंट से पहले खुद जान सकेंगे लीव इनकैशमेंट की राशि, 4.50 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए लीव इनकैशमेंट राशि को लेकर आदेश जारी किया है। अब कर्मचारी रिटायरमेंट या ड्यूटी के दौरान मौत की स्थिति में मिलने वाली छुट्टी लीव इनकैशमेंट राशि का अनुमान खुद लगा सकेंगे। वित्त विभाग ने सभी विभागों, कार्यालयों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। सरकार के फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से अवकाश नकदीकरण की गणना को लेकर अलग-अलग विभागों में भ्रम और विवाद की स्थिति बनती रही है। नए निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में एक समान प्रक्रिया लागू होगी। अर्जित अवकाश का रिकॉर्ड रखने के निर्देश वित्त विभाग के आदेश में सभी विभागों को यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि अवकाश नकदीकरण की गणना निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाएगी। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के अर्जित अवकाश का रिकॉर्ड सही तरीके से रखा जाए। भुगतान के समय एक समान प्रक्रिया अपनाई जाए। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कर्मचारी को भुगतान में देरी न हो और गणना में गलतियां न हों। अधिकतम 300 दिन के अवकाश का मिलेगा भुगतान राज्य सरकार के नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी को अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश का नकदीकरण लाभ दिया जाएगा। अगर किसी कर्मचारी के खाते में 300 दिनों से अधिक अर्जित अवकाश मौजूद है, तब भी भुगतान केवल 300 दिनों तक ही सीमित रहेगा। पहले लाभ लिया है तो घटेंगे उतने दिन वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी पहले किसी अवसर पर अर्जित अवकाश नकदीकरण का लाभ ले चुका है, तो जितने दिनों का लाभ पहले लिया गया है, उसे 300 दिनों की अधिकतम सीमा में से घटा दिया जाएगा। कर्मचारी को कुल मिलाकर 300 दिनों से अधिक अर्जित अवकाश नकदीकरण का लाभ नहीं मिल सकेगा। कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?     नए आदेश के बाद सरकारी कर्मचारियों को कई तरह के लाभ मिलने की उम्मीद है।     कर्मचारी पहले से अपनी संभावित लीव इनकैशमेंट राशि का अनुमान लगा सकेंगे।     विभागों में गणना को लेकर होने वाली गलतियों में कमी आएगी।     भुगतान संबंधी विवाद कम होंगे।     सभी विभागों में एक समान नियम और प्रक्रिया लागू होगी।     रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों की पारदर्शिता बढ़ेगी। ईएल इनकैशमेंट पर पारदर्शी लाना राज्य सरकार का कहना है कि इस आदेश का मुख्य उद्देश्य अर्जित अवकाश नकदीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और एकरूप बनाना है। अलग-अलग विभागों में अपनाई जा रही अलग-अलग प्रक्रियाओं के कारण कई बार कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब वित्त विभाग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बाद सभी विभागों में एक जैसी व्यवस्था लागू होगी। क्या होता है लीव इनकैशमेंट सरकारी सेवा के दौरान कर्मचारियों के खाते में अर्जित अवकाश (ईएल) जमा होते रहते हैं। कई कर्मचारी अपने पूरे अर्जित अवकाश का उपयोग नहीं कर पाते, जिसके कारण उनके खाते में बड़ी संख्या में छुट्टी बचे रह जाते हैं। जब कर्मचारी रिटायर होता है या सेवा के दौरान उसकी मौत हो जाती है, तब उसके खाते में बचे हुए ईएल के बदले सरकार नकद भुगतान करती है। इसी भुगतान को अवकाश नकदीकरण या लीव इनकैशमेंट कहा जाता है। यह राशि कर्मचारियों के रिटायरमेंट लाभों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। कई मामलों में यह लाखों रुपए तक पहुंच सकती है।

पोल वॉल्ट स्पर्धा में 4.10 मीटर की छलांग के साथ एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई

भोपाल  मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित एथलेटिक्स अकादमी की प्रतिभावान खिलाड़ी नितिका आकरे ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 24 से 28 जून 2026 तक आयोजित 65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश को गौरवान्वित किया है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन सायंकालीन सत्र में आयोजित महिला पोल वॉल्ट स्पर्धा में नितिका ने 4.10 मीटर की ऊंचाई पार कर कांस्य पदक अर्जित किया। एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई नितिका आकरे ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर एशियाई खेल 2026 के लिए निर्धारित क्वालीफिकेशन मानक भी हासिल कर लिया। महिला पोल वॉल्ट स्पर्धा में कुल तीन खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई किया, जिनमें नितिका भी शामिल रहीं। यह उपलब्धि उनकी निरंतर मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का परिणाम है। राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की मजबूत उपस्थिति राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने के साथ एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करना मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाओं की बढ़ती क्षमता और खेल अकादमियों में उपलब्ध उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था को दर्शाता है। नितिका की यह सफलता प्रदेश की महिला खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायी है। खेल मंत्रीविश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्रीविश्वास कैलाश सारंग ने नितिका आकरे को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नितिका आगामी एशियाई खेलों में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए मिसाल बनी नितिका नितिका आकरे की यह उपलब्धि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों, विशेषकर महिला एथलीटों के लिए प्रेरणास्रोत है। यह सफलता दर्शाती है कि प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण के साथ राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने किया वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल लॉन्च, अब बिल और पेमेंट की हर अपडेट मिलेगी ऑनलाइन

एमपी ट्रांसको ने लॉन्च किया वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल बिल से लेकर भुगतान तक की रियल-टाइम ट्रैकिंग होगी संभव : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि डिजिटल इंडिया अभियान में प्रदेश के ऊर्जा विभाग की भागीदारी को और आगे बढाते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत कंपनी के वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स की पारदर्शिता के लिए अत्याधुनिक वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स अपने बिलों की संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन और रियल-टाइम में ट्रैक कर सकेंगे। तोमर ने बताया कि वर्तमान में कार्यरत वेंडर्स एवं कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए वर्ष 2022 से इंटरनेट आधारित वेंडर्स पोर्टल संचालित है। इस व्यवस्था के तहत कॉन्ट्रैक्ट्स एवं वेंडर्स अपने देयक, आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य संबंधित जानकारी ऑनलाइन प्रस्तुत करते हैं तथा उनके बिलों की जांच, स्वीकृति, भुगतान एवं अन्य समस्त प्रक्रियाएं पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपादित की जाती हैं। पोर्टल के जरिए बिलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी कॉन्ट्रैक्टर्स को एसएमएस एवं ई-मेल के माध्यम से स्वतः प्राप्त होती रहती है। साथ ही वे किसी भी समय लॉग-इन कर अपने देयकों एवं भुगतान की अद्यतन स्थिति देख सकते हैं। बढेगी पारदर्शिता ऊर्जा मंत्री ने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था के पूर्ण रूप से लागू होने पर वेंडर्स, कांट्रेक्टर्स एवं अधिकारियों के समय की बचत होगी, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा देयक निपटान प्रक्रिया अधिक सरल, त्वरित एवं प्रभावी बन सकेगी। सुविधा का किया जा रहा है विस्तार एमपी ट्रांसको के संयुक्त निदेशक विकास श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि कंपनी ने इस सुविधा का विस्तार करते हुए टर्नकी कॉन्ट्रैक्ट्स के अतिरिक्त अन्य सभी प्रकार के कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़े वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स के लिए भी इंटरनेट आधारित वेब पोर्टल प्रारंभ की है। इसके माध्यम से वेंडर्स अपने मोबाइल, टैबलेट अथवा कंप्यूटर से कहीं से भी लॉग-इन कर संबंधित कार्यालय में ऑनलाइन देयक प्रस्तुत कर सकेंगे। पोर्टल की विशेषता यह रहेगी कि वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स अपने बिलों की प्रोसेसिंग की प्रत्येक अवस्था की जानकारी रियल-टाइम में प्राप्त कर सकेंगे।  

मध्यप्रदेश सरकार की बड़ी तैयारी, लाखों कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता होगा साफ

भोपाल  मध्यप्रदेश के सरकारी सेवकों के लिए अच्छी खबर आई है। प्रदेश के अधिकारी, कर्मचारियों की 10 साल से अटकी पदोन्नति की प्रक्रिया 10-15 दिन में शुरू हो सकती है। राज्य सरकार ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। पदोन्नति की प्रक्रिया में बाधा बन रहे कानूनी मसले को सुलझाने के लिए अनेक वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी परामर्श लिया गया है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर जबलपुर के अलावा दिल्ली के वरिष्ठ वकीलों और विधि विशेषज्ञों की राय ली है। संबंधित अधिकारियों ने सलाह के आधार पर ही मसौदा तैयार किया है। सीएम मोहन यादव CM Mohan Yadav ने 2016 से बंद पदोन्नति चालू करने का 2025 में ऐलान किया था। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 4.50 लाख सरकारी सेवकों को फायदा होगा। कर्मचारियों, अधिकारियों के प्रमोशन से कई पद भी खाली होंगे जिनपर युवाओं को भर्ती के मौके मिलेंगे। सरकार ने अलग से अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, भारसाधक सचिवों व विभागाध्यक्षों को मौखिक रूप से पदोन्नति शुरू करने को कहा है। बड़ी संख्या में कर्मचारियों, अधिकारियों के पदोन्नत होने से करीब दो लाख पद खाली होने की उम्मीद है। इससे युवाओं की नौकरी का रास्ता साफ होगा। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अधिकारियों से कहा कि वर्षों पुराने बने गैर जरूरी कानूनों को खत्म करने पर काम करें। वे गुरुवार को कलेक्टर-कमिश्नरों संग वीसी करेंगे, उसके लिए सभी विभाग प्रमुखों को तैयार रहने के लिए कहा है। प्रदेश में 10 साल से पदोन्नतियों पर रोक लगी है, 2016 मई से पदोन्नति बंद बता दें कि प्रदेश में 10 साल से पदोन्नतियों पर रोक लगी है, 2016 मई से पदोन्नति बंद है। इससे कर्मचारी, अधिकारी बिना प्रमोशन के ही रिटायर्ड हो रहे हैं। अभी तक लाखों सरकारी सेवक रिटायर्ड हो चुके हैं। सीएम मोहन यादव ने पिछले साल प्रदेश के कर्मचारियों, अधिकारियों के हित में पदोन्नतियां देने की घोषणा की थी। तब से इस संबंध में अनेक बैठकें हो चुकी हैं। 17 जून को कैबिनेट ने मप्र लोकसेवा पदोन्नति नियम- 2025 को मंजूरी दी। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारी, कोर्ट केस प्राथमिकता से निराकृत करने, केंद्र-राज्य के काम को गंभीरता से करने, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निपटारा करने के लिए कहा। बताते हैं, बैठक में पदोन्नति संबंधी बात भी कही। 10 साल में ऐसे हालात 2016 मई से प्रदेश में पदोन्नति बंद है। 10 साल से बिना पदोन्नति ही रिटायर्ड हो रहे कर्मचारी 2026 मई तक लाखों सरकारी सेवक रिटायर्ड हुए सीएम यादव ने पदोन्नति देने की घोषणा की 2025 में बंद पदोन्नति चालू करने का किया ऐलान 10 दिन में शुरु करने की कवायद 4.50 लाख सरकारी सेवकों को फायदा पदोन्न्ति से दो लाख पद खाली होंगे युवाओं की नौकरी का रास्ता साफ होगा

भोपाल में आज आपातकाल दिवस कार्यक्रम, CM करेंगे 2 हजार मीसाबंदी परिवारों को सम्मानित

भोपाल भोपाल के प्रतिष्ठित रवीन्द्र भवन में आपातकाल दिवस के अवसर पर आज  शुक्रवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे।कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ के अध्यक्ष तपन भौमिक के साथ-साथ आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले करीब दो हजार मीसाबंदी परिवारों के सदस्य शिरकत करेंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं मीसाबंदियों तथा उनके परिजनों को मंच से सम्मानित करेंगे, जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनके द्वारा किए गए संघर्ष और बलिदान के प्रति सरकार की कृतज्ञता को प्रकट करेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान वे आपातकाल के समय लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों और उनके परिजनों को सम्मानित करेंगे। लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को किया जाएगा याद समारोह में आपातकाल के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानियों के योगदान और बलिदान को याद किया जाएगा। राज्य सरकार उनके संघर्ष के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मंच से सम्मान प्रदान करेगी। 2000 परिवारों की रहेगी मौजूदगी कार्यक्रम में प्रदेशभर से करीब 2000 मीसाबंदी परिवारों के सदस्य शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए त्याग और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इंदिरा सरकार के अहंकार ने आपातकाल लगाया- सीएम  इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 25 जून, 1975… देश में लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दिन, जब इंदिरा सरकार के अहंकार ने आपातकाल लगाया। इस विभीषिका के विरुद्ध डटकर खड़े होने वाले लोकतंत्र के प्रहरियों को सादर नमन करता हूं। आइए, संकल्प लें कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सदैव समर्पित होकर देश की सेवा करते रहेंगे।  25 जून 1975 को लगा था आपातकाल उल्लेखनीय है कि देश में 25 जून 1975 को आपातकाल लागू किया गया था। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय के 50 वर्ष पूरे होने पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। भोपाल में आयोजित यह कार्यक्रम भी उसी श्रृंखला का हिस्सा होगा, जिसमें लोकतंत्र सेनानियों को विशेष सम्मान दिया जाएगा। 25 जून 1975 को लागू हुआ था आपातकाल भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में 25 जून 1975 का दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिन देश में आपातकाल लागू किया गया था, जो मार्च 1977 तक प्रभावी रहा। इस अवधि में कई नागरिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए थे और अनेक राजनीतिक नेताओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा हर वर्ष आपातकाल दिवस के अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।  क्या है आपातकाल दिवस ? आपातकाल दिवस भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास के उस सबसे काले अध्याय की याद दिलाता है, जिसकी शुरुआत तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान हुई थी। 25 जून 1975 की आधी रात को देश में आधिकारिक रूप से आपातकाल (इमरजेंसी) की घोषणा की गई थी, जो 21 महीनों तक यानी 21 मार्च 1977 तक लागू रही। इस दौरान भारतीय नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे, प्रेस और मीडिया पर सख्त सेंसरशिप लागू कर दी गई थी, और सरकार की नीतियों का विरोध करने वाले विपक्षी नेताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं को बिना किसी मुकदमे के जेलों में डाल दिया गया था।

उज्जैन के डायल-112 हीरोज घर की राह भटके 05 वर्षीय बालक को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

भोपाल  उज्जैन जिले के थाना बड़नगर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं तत्पर कार्यवाही से घर का रास्ता भटक गए 05 वर्षीय बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई सहायता से बालक सकुशल अपने परिवार तक पहुँच सका। 24 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना बड़नगर क्षेत्र अंतर्गत व्यास कॉलोनी में एक 05 वर्षीय बालक मिला है, जो घर का रास्ता भटक गया है। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही बड़नगर थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री राकेश एवं पायलट श्री नरेंद्र ने मौके पर पहुँचकर बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। डायल-112 जवानों ने बालक को डायल 112 वाहन में साथ लेकर आसपास क्षेत्र में उसके परिजनों की तलाश एवं पूछताछ की। साथ ही बालक के मिलने की जानकारी स्थानीय व्हाट्सएप समूहों में साझा की। कुछ समय पश्चात बालक के परिजन थाना पहुँचे। आवश्यक पहचान एवं सत्यापन उपरांत बालक को सुरक्षित उनके सुपुर्द किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बालक खेलते-खेलते घर से निकल गया था और रास्ता भटक गया था। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने डायल-112 जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि बच्चों एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मानवीय संवेदनाओं के साथ हर परिस्थिति में सहायता पहुँचाने का कार्य भी निरंतर कर रही है।