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इंदौर के डायल 112 हीरोज सतर्कता और संवेदनशीलता से भटकी बालिका को सुरक्षित घर पहुँचाया

भोपाल  इंदौर के थाना मल्हारगंज क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलतासे घर का रास्ता भटकी10 वर्षीय बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई इस कार्रवाई से बालिका को सुरक्षित संरक्षण मिल सका और परिजनों की चिंता भी दूर हुई। 30 अप्रैल 2026 को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना मल्हारगंज क्षेत्र अंतर्गतबड़ा गणपतिके पास एक 10 वर्षीय बालिका अकेली मिली है, जो घर का रास्ता भटक गई है। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही मल्हारगंज थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकरआरक्षक  मनीष सलोने, आरक्षक  डोंगरे सिंह एवं पायलट  नेमीचंद पटेलने बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लेकर बालिका से पूछताछ की। पूछताछ करने पर बालिका ने बताया कि वहकृष्ण पार्क कॉलोनीकी निवासी है। डायल-112 टीम ने तत्परता दिखाते हुए बालिका कोएफआरव्ही वाहनसे लेकर कृष्ण पार्क कॉलोनी पहुँचकर आसपास पूछताछ की, जहाँ बालिका के परिजन उसे ढूंढते हुए मिले। डायल 112 ने पहचान एवं सत्यापन उपरांत बालिका को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया।अपनी बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों ने राहत महसूस की और डायल-112 सेवा एवं पुलिस स्टाफ का आभार व्यक्त किया। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा बच्चों की सुरक्षा के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है और हर परिस्थिति में तत्परता से सहायता पहुँचाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।  

शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय में सोराइटिक-आर्थराइटिस रोग के लिए उपचार उपलब्ध

भोपाल शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय भोपाल, एम्स भोपाल एवं केन्द्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में वर्ष 2021 से संचालित सोरायसिस विशेषज्ञ इकाई में नवीन शोध एवं उपचार व्यवस्था की गई है। उक्त इकाई में अब सोराइटिक आर्थराइटिस नामक रोग के उपचार की व्यवस्था भी की गई है। यह इकाई रोग के कारण, पहचान एवं होम्योपैथी से प्रभावी उपचार एवं प्रबंधन पर कार्य करेगी और मरीजों को जागरूक करेगी। सोराइटिक आर्थराइटिस जोड़ों से जुडी एक गंभीर बीमारी है, जो त्वचा रोग सोरियासिस से जुडी होती है और धीरे-धीरे जोड़ों को प्रभावित करती है। इस रोग में त्वचा का लाल, मोटी एवं पपड़ीदार दिखाई देना शामिल है, जिनमें खुजली एवं जलन हो सकती है एवं मरीजों को जोड़ों में दर्द, सूजन, जकड़न और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पडता है। यह रोग मुख्यतः 30 से 50 वर्ष आयु में अधिक देखा जाता है। हालांकि यह किसी भी उम्र में हो सकता है, पुरुष और महिलाएँ दोनो समान रूप से प्रभावित हो सकते हैं। इसकी गंभीरता हल्की से लेकर अत्यंत गंभीर तक हो सकती है, जहाँ समय पर उपचार न मिलने पर स्थायी रूप से जोड़ों की क्षति हो सकती है। सोरियासिस और आर्थराइटिस के बीच के संबंध का कारण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में गड़बड़ी को माना जाता है। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति शरीर की आंतरिक प्रतिरक्षा प्रणाली को संतुलित करती है, जिसमें रोग की पुनरावृत्ति को नियंत्रित करने एवं समग्र स्वास्थ्य में सुधार लाने पर सहायता मिलती है। आयुष विभाग के प्रमुख सचिव  शोभित जैन के निर्देश अनुरूप इस प्रोजेक्ट से प्रदेश के अधिक से अधिक सोराइटिक आर्थराइटिस के रोगियों को लाभान्वित करना है। इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए भोपाल के शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के अनुसंधान विभाग द्वारा एक विशेष शोध इकाई की स्थापना की गई है, जिसमें पंजीयन के लिए मोबाइल नंबर 8853203416 पर कार्यालयीन समय (प्रातः10:00 से सायं 5:00) बजे तक संपर्क किया जा सकता है।  

किसानों को राहत: मध्य प्रदेश में अब फीके गेहूं की भी होगी खरीदी

भोपाल अब प्रदेश में 50 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं भी समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। इतना ही नहीं 10 प्रतिशत की सीमा तक सिकुड़े दाने वाला गेहूं भी मान्य किया जाएगा। क्षतिग्रस्त दानों की सीमा छह प्रतिशत तक मान्य की गई है। प्रदेश में अतिवर्षा और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की चमक प्रभावित हुई थी। इस तरह के गेहूं को समर्थन मूल्य पर खरीदने का कोई प्रविधान नहीं था। इससे किसान परेशान हो रहे थे। उनकी परेशानी को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया। भारतीय खाद्य निगम ने टीम भेजकर गुणवत्ता की जांच कराई और इसके बाद उक्त निर्णय लिए गए। जिले में कहीं भी उपज बेच सकेंगे किसान इसके साथ ही अब पंजीकृत किसान जिले में कहीं भी अपनी उपज बेचने के लिए पात्र हैं। अभी तक वह अपनी तहसील के उपार्जन केंद्र में ही उपज बेच सकते थे। प्रदेश को एक करोड़ टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य केंद्र सरकार से मिला है। इस बार 19 लाख किसानों ने समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए पंजीयन कराया है। अभी तक 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख टन गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। इनमें से 5,08,657 किसान 22 लाख 70 हजार टन गेहूं बेच भी चुके हैं और 3,575.11 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। स्लॉट बुकिंग की अवधि नौ मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। सरकार को उम्मीद है कि मापदंडों में छूट मिलने से सभी पात्र किसानों से उपार्जन हो जाएगा। सर्वर डाउन होने से स्लॉट बुकिंग और भुगतान प्रभावित सर्वर डाउन, स्लॉट बुकिंग की गति धीमी: सरकार ने भले ही छोटे-बड़े सभी किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग खोल दी हो लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही है। वहीं, भुगतान भी प्रभावित हो रहा है। दरअसल, जब गेहूं तुलकर गोदामों में पहुंच जाता है तब बिल जनरेट होते हैं और फिर भुगतान किया जाता है। सर्वर डाउन होने के कारण यह काम प्रभावित हो रहा है। किसानों की समस्याओं पर कांग्रेस का हल्लाबोल सात मई को चक्का जाम करेगी कांग्रेस: उधर, बारदाने की कमी, स्लॉट की बुकिंग न होना, खाद की किल्लत सहित किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर कांग्रेस सात मई को चक्काजाम करने की तैयारी में है। यह आंदोलन सेंधवा, बड़वानी, खरगोन, धार, देवास, शाजापुर, गुना, राजगढ़, शिवपुरी, मुरैना और ग्वालियर सहित सभी प्रमुख मार्गों पर किया जाएगा। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि गेहूं खरीदी में अव्यवस्थाओं के कारण किसान परेशान हैं। पहले मंडियों में पर्ची कटते ही तुलाई हो जाती थी, लेकिन अब इंटरनेट व्यवस्था के कारण किसानों का हक अटक गया है।  

श्रमिकों के कल्याण के लिए केन्द्र और राज्य सरकार प्रतिबद्ध

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रमिकों के हित में केन्द्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाएं संचालित हैं। अब असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी संबल योजना का लाभ दिया जा रहा है। इनमें विभिन्न प्रकार की उपभोक्ता सामग्री पहुंचाने वाले गिग वर्कर्स और प्लेटफार्म वर्कर्स को भी शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश में 3529 गिक वर्कर्स को पहली बार योजना का लाभ प्रदान करने के लिये विभाग की सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इस क्षेत्र के पात्र श्रमिकों को पंजीकृत कर सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करवाना हम सभी का दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालयीन बैठक कक्ष से सिंगल क्लिक द्वारा मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में 27 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित करते हुए ये बातें कहीं। इस अवसर पर श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल भी उपस्थित थे। राशि अंतरण के अवसर पर प्रदेश के जिलों में स्थित प्रशासनिक अधिकारी, श्रमिक भाई और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग की अनूठी पहल शुरू की गई है। इस व्यवस्था में औद्योगिक संस्थाओं द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। श्रेष्ठ कार्य के लिए प्रतिष्ठानों को श्रम स्टार रेटिंग के माध्यम से आंकलन कर प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे श्रम कानूनों का बेहतर पालन करने वाले औद्योगिक संस्थानों की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। प्रदेश में 554 कारखानों ने स्वेच्छा से श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था को अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रम विभाग, श्रम संगठनों के साथ ही नागरिकों का भी यह दायित्व है कि जिस प्रतिष्ठान से खरीदारी करते हैं, वहां श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था लागू करने को प्रोत्साहित करें। ऐसे संस्थानों से उत्पाद क्रय करने और सेवाएं लेने को प्राथमिकता भी दी जाए जो श्रमिक भाइयों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए तत्पर रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 4 नई श्रम संहिताओं का प्रावधान किया है। राज्य सरकार भी इन संहिताओं के अनुरूप नियम तैयार कर लागू करेगी। श्रमिक हित में लागू की गई केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों को दिलवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबल योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन वाले 5 जिलों बालाघाट, धार, सागर, जबलपुर और खरगौन की तरह अन्य जिलों से भी श्रमिकों को अनुग्रह सहायता देने के कार्य में सक्रिय प्रदर्शन की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की श्रमिक हितैषी नीतियों में श्रम एवं पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री  पटेल ने विश्वास व्यक्त कर श्रमिक कल्याण की प्राथमिकता के लिये आभार माना। मंत्री  पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में श्रमिकों के हित में प्रारंभ हुई योजना से अब तक एक करोड़ 83 लाख श्रमिक जुड़ चुके हैं। अब तक 8 लाख 27 हजार से अधिक प्रकरणों में 7 हजार 720 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता हितग्राहियों को दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रमिकों को राशि अंतरित किए जाने के अवसर पर श्रम विभाग के अपर सचिव  संजय कुमार को उनके सेवानिवृत्ति दिवस पर भावी जीवन के लिए मंगलकामनाएं दीं। बैठक में सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  आलोक सिंह, श्रम विभाग के सचिव  एम. रघुराज सहित अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।  

जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज दुर्घटना: 4 की गई जान, 14 सुरक्षित; सर्च ऑपरेशन तेज

जबलपुर नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर से करीब 25 किमी दूर बरगी बांध में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया, जहां तेज आंधी के दौरान एक क्रूज डूब गया। पर्यटन विभाग द्वारा संचालित इस क्रूज में करीब 29 पर्यटक सवार थे। हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है और उनके शव बरामद कर लिए गए हैं। शाम की घटना घटना शाम करीब छह बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार क्रूज पर्यटकों को लेकर बांध की लहरों के बीच चल रहा था, तभी अचानक तेज आंधी चली और क्रूज अनियंत्रित होकर पानी में समा गया। 15 लोगों को बचाया गया अब तक करीब 14 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। क्रूज के कैप्टन महेश पटेल लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। मंत्री मौके के लिए रवाना घटना की जानकारी मिलते ही राकेश सिंह डुमना एयरपोर्ट से सीधे घटनास्थल के लिए रवाना हो गए।

बरगी डैम में बड़ा हादसा: क्रूज पलटा, 4 की मौत; 15 को बचाया गया, रेस्क्यू जारी

जबलपुर जबलपुर स्थित बरगी बांध में एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक क्रूज डूब गया। जानकारी के अनुसार क्रूज में करीब 40 लोग सवार थे। अब तक चार लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 15 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन और बचाव दल अन्य लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि हादसा शाम को लगभग छह बजे घटना के आसपास हुआ है, जब क्रूज पर्यटकों को लेकर बांध में जा रहा था। तभी अचानक तेज हवा चली।  

पैसे लेकर नहीं पहुंचे सेट पर: रियाज हुसैन के खिलाफ ग्वालियर में मामला दर्ज

ग्वालियर भोजपुरी अभिनेता रियाज हुसैन उर्फ राजा भोजपुरी पर झांसी रोड थाने में एफआइआर दर्ज हुई है। अभिनेता ने फिल्म साइन की और ग्वालियर के रहने वाले फिल्म निर्माता से दो लाख रुपये भी लिए। इसके बाद शूटिंग पर नहीं आए। कई बार संपर्क करने पर व्यस्त होने का हवाला देते रहे। तब फिल्म निर्माता द्वारा कोर्ट में गुहार लगाई गई। कोर्ट ने पांच दिन पहले एफआइआर के आदेश दिए थे। इस मामले में पुलिस ने बीते रोज अभिनेता हुसैन राजा पर एफआइआर दर्ज कर ली है। मेट्रोज प्रोडक्शन के संचालक से की धोखाधड़ी विजय नगर क्षेत्र में रहने वाले ओमप्रकाश कुकरेजा मैसर्स मेट्रोज प्रोडक्शन के संचालक हैं। वह फिल्म निर्माता हैं। उन्होंने भोजपुरी फिल्म बनाने के लिए भोजपुरी अभिनेता रियाज हुसैन से संपर्क किया था। इनका पहले से परिचय था। रियाज ने फिल्म साइन कर दी। दो लाख रुपये एडवांस लिए। यह रुपये ओमप्रकाश द्वारा बैंक खाते से ही ट्रांसफर किए गए।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का आदेश: विभागीय अधिकारी और निर्माण एजेंसी समय-सीमा में कार्य पूरा करें

विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी आपसी समन्वय से समय-सीमा में पूर्ण करें कार्य: उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा की भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेश में संचालित विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित कर समय सीमा में कार्य पूर्ण किए जायें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि निर्माण एजेंसियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए अधोसंरचना विकास कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी परियोजनाओं की नियमित एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति, चुनौतियों एवं उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज इंदौर में चल रहे सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जिला चिकित्सालय पन्ना, सतना एवं सीधी में संचालित कार्यों की प्रगति का भी विस्तृत जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज बुधनी, मंडला एवं छतरपुर में आवश्यक फर्नीचर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सभी आवश्यक संसाधनों की समय पर उपलब्धता से स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी एवं उनका संचालन समय सीमा में प्रारम्भ हो सकेगा। बैठक में आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस., एमडी एमपीबीडीसी तथा निर्माण एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

राजा का परिवार हाईकोर्ट में उठाएगा सोनम की जमानत के खिलाफ मामला, मां ने कहा- ‘वो किसी के साथ कुछ भी कर सकती है

इंदौर इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद अब राजा का परिवार उसकी जमानत खारिज कराने की कोशिश में जुट गया है. इसे लेकर राजा के भाई विपिन ने शिलांग के वकील से बात की है और हाईकोर्ट में जमानत रद्द कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. वकील ने उनसे संबंधित दस्तावेज भेज दिए हैं, जिन पर साइन कर वे दोबारा वापस भेजेंगे. मालूम हो कि राजा रघुवंशी हनीमून मनाने पत्नी सोनम के साथ शिलांग गए थे. जहां उनकी पत्नी ने ही प्रेमी के साथ मिलकर उनकी हत्या करवा दी थी. पिछले साल सामने आए इस केस ने पति-पत्नी के प्यार और भरोसे वाले रिश्ते पर गंभीर सवाल खड़े किए थे. कई दिनों तक चली जांच के बाद सोनम को यूपी के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था. लेकिन अब सोनम को जमानत मिलने से इस मामले की यादें फिर से ताजा हो गई है।  हाई कोर्ट में सोनम की जमानत खारिज करने की दायर करेंगे याचिका राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा, "मैंने वकील से बात की तो उन्होंने बताया कि सोनम को जब गाजीपुर से पुलिस ने गिरफ्तार किया था तो गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई थी. इसी आधार पर कोर्ट ने सोनम को जमानत दी है. अब हाई कोर्ट में सोनम की जमानत खारिज करने के लिए अपील दायर करेंगे।  राजा की मां बोलीं- सोनम को फांसी देनी चाहिए थी राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने कहा, "हमें कानून पर पूरा भरोसा था, फिर भी सोनम को जमानत दे दी गई. सरकार को सोनम को नहीं छोड़ना चाहिए था, बल्कि उसे फांसी देनी चाहिए थी. गोविंद रघुवंशी पूरे मामले का मास्टरमाइंड है. गोविंद ने पैसा देकर सबको खरीद लिया है और जमानत में भी मदद की है. सोनम रघुवंशी अगर माफी मांगने भी इंदौर आती है तो उसे माफ नहीं करेंगे।  राजा की मां बोली- सोनम किसी के साथ कुछ भी कर सकती है उन्होंने कहा कि सोनम रघुवंशी को आखिर जमानत कैसे मिल गई, जब वह गुनहगार है? सोनम ने अपने पति को अपनी आंखों के सामने मरवाया था, तो जमानत किस आधार पर मिल गई? हमें तो भरोसा था कि इंसाफ मिलेगा, लेकिन नहीं मिला. प्रधानमंत्री से मांग की है कि सीबीआई की जांच कराई जाए. सोनम किसी के साथ मिलकर कुछ भी कर सकती है, इसलिए उनके परिवार को खतरा है।  26 मई को शिलांग से लापता हुए थे राजा, बाद में मिली थी लाश बता दें कि राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 21 मई 2025 को हनीमून मनाने शिलांग गए थे. यहां से दोनों 26 मई को सोहरा घूमने गए, जहां दोनों लापता हो गए थे. पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया. करीब एक हफ्ते बाद 2 जून 2026 को राजा का शव सोहरा के मशहूर वेई सादोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई में मिला था।  अदालत में क्या हुआ राज कुशवाहा की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. उसके वकील पी. योबिन ने कहा कि उन्होंने अदालत के सामने सभी जरूरी पक्ष रख दिए हैं और अब फैसले का इंतजार है. उन्होंने यह भी कहा कि बाकी आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी जल्द दायर की जाएंगी।  वकील से बात कर शुरू की प्रक्रिया  विपिन ने बताया कि जमानत खारिज कराने के लिए उन्होंने शिलॉन्ग में वकील से संपर्क किया है। वे खुद शिलॉन्ग नहीं जाएंगे, लेकिन सभी कागजी प्रक्रिया पूरी करेंगे, ताकि हाईकोर्ट में अपील की जा सके। वकील ने उनसे जुड़े दस्तावेज भेज दिए हैं। विपिन ने बताया कि कागज मिल चुके हैं और वे साइन कर जल्द ही वापस भेजेंगे, जिससे अपील दाखिल की जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में करीब एक हफ्ते का समय लग सकता है। 11 मई 2025 को शादी, 21 को हनीमून और 23 को हुई थी राजा की हत्या राजा रघुवंशी की सोनम से शादी इसी साल 11 मई 2025 को हुई थी। सोनम रघुवंशी और राजा 21 मई को हनीमून मनाने के लिए मेघालय के शिलॉन्ग गए थे, जहां 23 मई को हनीमून के दौरान लापता हो गए। 10 दिन बाद पुलिस ने 30 फीट गहरी खाई से उनका क्षत-विक्षत शव बरामद किया, जिस पर धारदार हथियार से किए गए कई घाव थे। सोनम तब लापता थी। इसके बाद यूपी में उसने सरेंडर किया था। उससे पूछताछ के बाद आकाश, आनंद और विशाल को पकड़ा था। सोनम के राज कुशवाहा से प्रेम सबंध थे। हालांकि, उसके परिवार ने इस बात से इनकार किया था। पत्नी सोनम राजा को दर्शनीय स्थलों की सैर के बहाने एक सुदूर स्थान पर बुलाकर ले गई थी। उनके पीछे अन्य तीनों हत्या के आरोपी भी चले गए थे। फिर दो छुरों से वार कर उसकी हत्या कर दी, जिनमें से एक छुरा बाद में जंगल से बरामद किया गया। सोनम घटनास्थल से भाग गई और बाद में उसने उत्तर प्रदेश में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सोनम और राज सहित सभी पांचों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। सोनम को कैसे मिली जमानत सोनम रघुवंशी को जमानत देते समय अदालत ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए. अदालत ने पाया कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में जिन धाराओं का उल्लेख किया गया था, उनमें त्रुटियां थीं. अदालत ने कहा कि आरोपी को यह स्पष्ट रूप से बताना जरूरी होता है कि उसे किस अपराध और किस धारा के तहत गिरफ्तार किया गया है. लेकिन इस मामले में यह प्रक्रिया सही तरीके से पूरी नहीं हुई. पुलिस ने इसे लिपिकीय गलती बताया, लेकिन अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया. अदालत का मानना था कि यह गलती आरोपी के अधिकारों को प्रभावित करती है. अदालत ने एक और महत्वपूर्ण बिंदु पर ध्यान दिया. आदेश में कहा गया कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि सोनम को गिरफ्तारी के बाद वकील की सुविधा दी गई थी. जब उसे पहली बार गाजीपुर अदालत में पेश किया गया, तब भी यह स्पष्ट नहीं था कि उसे कानूनी सलाह का अवसर मिला या नहीं।  जमानत की शर्तें हालांकि अदालत ने जमानत दी है, लेकिन इसके साथ … Read more

मुरैना से उज्जैन जा रही बारात हादसे का शिकार, दूल्हे की दादी समेत तीन की मौत

 राजगढ़ हंसी-खुशी, ढोल-नगाड़ों और शादी के गीतों के बीच निकली एक बारात कुछ ही देर में चीख-पुकार और मातम में बदल गई। मुरैना से उज्जैन जा रही तोमर परिवार की बारात गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। राजगढ़ जिले के ब्यावरा स्थित काचरी जोड़ के पास बारातियों से भरी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण हादसे में दूल्हे की दादी समेत 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। 12 मीटर तक सड़क पर उछलती रही बारातियों से भरी बस जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र ट्रेवल्स (मुरैना) की बस क्रमांक एमपी 70 जेडडी 6654 में करीब 60- 70 बाराती सवार थे, जो रछेड़ गांव से उज्जैन शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। सुबह करीब 6 बजे काचरी जोड़ के पास अचानक चालक को झपकी आ गई। बस बेकाबू होकर सड़क किनारे खाई में उतर गई और दूसरी लेन पहुंच गई और पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस करीब 12 मीटर तक पलटती उछलती रही। हादसा इतना भयावह था कि बस के अंदर बैठे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग सीटों के नीचे दब गए तो कुछ खिड़कियों से बाहर जा गिरे।