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एमपी में रिजल्ट 23 मार्च तक, 1 अप्रैल से स्कूल होंगे खुलेंगे, ड्रॉप-आउट रोकने के लिए शिक्षक घर-घर जाएंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियां तेज हो गई हैं. लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) से मिली जानकारी के अनुसार 8वीं, 9वीं और 11वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम 23 मार्च तक घोषित कर दिए जाएंगे. इसके बाद 24 से 31 मार्च तक विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा. वहीं एक अप्रैल से प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में नई कक्षाएं शुरू होंगी और प्रवेशोत्सव के साथ विशेष नामांकन अभियान भी चलाया जाएगा। हर कक्षा में बनाया जाएगा एक वार्डन स्कूल शिक्षा विभाग ने इस बार सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और ड्रॉप-आउट कम करने के लिए विशेष रणनीति बनाई है. डीपीआई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत प्रत्येक कक्षा में एक शिक्षक को ‘वार्डन’ की जिम्मेदारी दी जाएगी. यह शिक्षक विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर नजर रखेगा. जो बच्चे लगातार अनुपस्थित रहेंगे, उनके अभिभावकों से सीधे संपर्क करेगा। लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त शिल्पा गुप्ता ने बताया कि नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों को घर-घर जाकर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं. इस दौरान शिक्षक अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देंगे. इनमें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, स्कॉलरशिप सहित अन्य शासकीय योजनाएं शामिल हैं. विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कर स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई जाए। सरकारी स्कूलों में रंगाई-पुताई के निर्देश नए सत्र की तैयारियों को लेकर स्कूलों को भी कई निर्देश दिए गए हैं. एक अप्रैल से पहले सभी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों का वितरण पूरा कर लिया जाएगा, ताकि सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो सके. इसके अलावा स्कूल भवनों की रंगाई-पुताई और साफ-सफाई का काम 30 मार्च तक पूरा करने को कहा गया है। बीते साल 3.43 लाख बच्चों ने रोकी पढ़ाई दरअसल प्रदेश में बढ़ते ड्रॉप-आउट को देखते हुए सरकार और शिक्षा विभाग चिंतित है. पिछले वर्ष प्रदेश में करीब 3.43 लाख बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया था. इनमें सबसे अधिक 2.66 लाख बच्चे सरकारी स्कूलों के हैं. 52 जिलों में सबसे ज्यादा खरगोन जिले से 20 हजार से अधिक बच्चे ड्रॉप-आउट हुए, जिन्होंने कहीं भी दोबारा प्रवेश नहीं लिया। बजट बढ़ा, लेकिन कम हुई विद्यार्थियों की संख्या जानकारी के अनुसार आठ साल पहले प्रदेश में पहली से 12वीं तक के स्कूलों में करीब 1.60 करोड़ बच्चों का पंजीयन हुआ था. आठ साल बाद इनमें से केवल 1 करोड़ 4 लाख बच्चे ही पढ़ाई में बने रहे. खास बात यह है कि इस दौरान स्कूल शिक्षा का बजट लगभग चार गुना बढ़कर 9 हजार करोड़ से 37 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इसके बावजूद विद्यार्थियों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।

मध्यप्रदेश में IPS तबादलों की प्रक्रिया शुरू, इन जिलों के SP के नाम तय

भोपाल मध्यप्रदेश में आईपीएस  (IPS) अफसरों के तबादला सूची तैयार है और कभी भी ये ऐलान हो सकता है। सूची त्यौहारी सीजन के कारण अटकी थी लेकिन अब कभी भी घोषणा हो सकती है। त्यौहारी सीजन के कारण गृह विभाग की तरफ से इस सूची को होल्ड पर रखी थी। तबादला सूची में सबसे ज्यादा फायदा 2020 बैच के पांच आईपीएस अफसरों को होगा, जिन्हें जिलों में एसपी पद की कमान सौंपी जाएगी। क्योंकि अब तक 2019 बैच के आईपीएस भी जिलों में एसपी पद पर आ चुके हैं। इसके अलावा कोर्ट के आदेश से प्रमोटी आईपीएस बने अधिकारी भी जिले के एसपी बन सकते हैं। हट सकते हैं इन जिलों के एसपी वहीं इस प्रस्तावित सूची के अनुसार लगभग 20 जिलों में नए एसपी की पदस्थापना होगी। शाजापुर के एसपी यशपाल सिंह राजपूत, शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर, डिंडौरी एसपी वाहिनी सिंह, मंडला एसपी रजत सकलेचा, छतरपुर एसपी अगम जैन, बुरहानपुर एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार, निवाड़ी एसपी राय सिंह नरवरिया, नीमच एसपी अंकित जायसवाल, दमोह एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी, सिवनी एसपी सुनील कुमार मेहता, आगर मालवा एसपी विनोद कुमार सिंह, ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह, उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा और जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय को भी बदला जा सकता है। इनमें से छोटे जिलों के एसपी को बड़े जिलों की कमान सौंपी जा सकती है। इसके अलावा खंडवा एसपी मनोज राय, एसपी रेल भोपाल राहुल लोढा, एसपी रेल जबलपुर सिमाला प्रसाद, एसपी भिंड असित यादव, और एसपी धार मयंक अवस्थी डीआईजी बन चुके हैं, लिहाजा उन्हें भी बदला जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा रीवा एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान, डीसीपी भोपाल विवेक सिंह, डीसीपी इंदौर कुमार प्रतीक और एसपी झाबुआ डॉ शिवदयाल भी इस साल एक जनवरी को डीआईजी बन चुके हैं और इन्हें भी नई पोस्टिंग मिलना तय है, ऐसे में इन जिलों में नए एसपी की तैनाती होगी। 

राज्य सरकार ने दी मंजूरी, आलोक नागर और राजेश भट्ट बनेंगे सूचना आयुक्त

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार राज्य सूचना आयोग में दो नए सूचना आयुक्त नियुक्त करने जा रही है। सरकार ने पूर्व रजिस्ट्रार (फर्म एवं सोसायटी) आलोक नागर और आकाशवाणी के पूर्व कार्यक्रम प्रभारी राजेश भट्ट को सूचना आयुक्त बनाने का निर्णय लिया है। इन दोनों नामों को राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई है। सूत्रों के अनुसार इन नियुक्तियों का फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच हुई बैठक में लिया गया। बैठक में दोनों नामों पर सहमति बनने के बाद इन्हें अंतिम रूप दिया गया। राज्य सरकार ने  तीन सूचना आयुक्तों के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, हालांकि फिलहाल केवल दो पदों पर नियुक्ति की जा रही है। बताया जा रहा है कि तीसरे पद को लेकर फिलहाल निर्णय नहीं लिया गया। इसलिए फिलहाल दो ही नियुक्तियां की जा रही हैं।  वर्तमान में मुख्य सूचना आयुक्त के अलावा आयोग में तीन सूचना आयुक्त कार्यरत हैं। सरकार मुख्य सूचना आयुक्त के पद के साथ आयोग में छह अन्य पदों को भरने की तैयारी कर रही है। इसी प्रक्रिया के तहत इन नियुक्तियों को आगे बढ़ाया गया है। इस बार सरकार ने सूचना आयुक्त के रूप में किसी पूर्व प्रशासनिक अधिकारी या पत्रकार को नियुक्त नहीं किया है। आलोक नगर और राजेश भट्ट के पदभार ग्रहण करने के बाद आयोग में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। 

कैंसर मरीजों को मिली राहत, 2 लाख का जान बचाने वाला इंजेक्शन अब मिलेगा मुफ्त

इंदौर  कैंसर (Cancer) से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है। शासकीय कैसर अस्पताल में आने वाले दिनों में महंगी कैंसर रोधी इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन (Immunotherapy Injection) पात्र मरीजों को इस दवा का उपयोग कई प्रकार के कैंसर के उपचार में होता है। बाजार में निजी क्लिनिक या अस्पताल से जब इन्हें लिखा जाता है तो 85 हजार से 1.70 लाख रुपए तक मरीज के परिजन को वहन करना पड़ते हैं। चिकित्सकों के अनुसार यह आधुनिक इम्यूनोथेरेपी उपचार का हिस्सा है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय कर कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में मदद करती है। यह फेफड़ों, सिर-गर्दन, सर्वाइकल, त्वचा और कुछ अन्य प्रकार के कैंसर के इलाज में उपयोगी है। कई मामलों में मरीजों की जीवन अवधि बढ़ाने में भी सहायक पाया गया है। यह इंजेक्शन हर मरीज को नहीं दिया जाता। डॉक्टर मरीज की बायोप्सी, कैसर की स्टेज और अन्य टेस्ट देखकर तय करते हैं कि यह दवा मरीज के लिए फायदेमंद होगी या नहीं। 8 से 10 लाख तक के आते हैं इंजेक्शन डॉक्टरों का कहना है कि इस इंजेक्शन की कीमत निजी बाजार में प्रति डोज लाखों रुपए तक पहुंच जाती है और कई मामलों में इंजेक्शन पर ही 8 से 10 लाख रुपए से अधिक खर्च हो सकता है। अब शासकीय कैंसर अस्पताल में यह दवा पात्रता के आधार पर देने की तैयारी है। पूरे प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में यह उपलब्ध रहेगी। शासन के निर्णय के बाद अब सरकारी दवा खरीदी की लिस्ट में इन इंजेक्शन को शामिल किया जाएगा। इसके बाद सप्लाई को लेकर प्रक्रिया पूरी होगी। यह इंजेक्शन केवल डॉक्टर की निगरानी में अस्पताल में ही दिया जाता है। इन कैंसर में होता है उपयोगी     फेफड़ों का कैंसर     त्वचा का कैंसर     सिर और गर्दन का कैंसर     गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर     मूत्राशय का कैंसर     पेट का कैंसर     लिवर का कैंसर     किडनी का कैंसर सरकार से मिलने वाली है अनुमति कैंसर की कोशिकाओं को तेजी से बढ़ने से रोकने के लिए इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन लगाया जाता है। सरकार की तरफ से अनुमति मिलने वाली है। अप्रेल में यह दवा खरीदी लिस्ट में शामिल करने की योजना है। इसके बाद शासकीय कैंसर अस्पताल में मरीज निःशुल्क लगा सकेंगे।- डॉ. ओपी गुर्जर, कैंसर विशेषज्ञ, शासकीय कैंसर अस्पताल इंदौर  

मध्य प्रदेश में रजिस्ट्री शुल्क महंगा होने वाला है, मनमाने रेट बढ़ाने की योजना

भोपाल  मध्य प्रदेश में रजिस्ट्री के लिए जमीनों के रेट तय करने के लिए बनाई जा रही कलेक्टर गाइडलाइन में इस बार भी कोई तय फॉर्मूला नहीं बनाया गया है। मनमाने रेट बढ़ाने की तैयारी चल रही है। इस बार 10 से 30 फीसदी तक रेट बढ़ाने की तैयारी है। सरकार गाइडलाइन के साथ लागू किए जाने वाले उपबंधों में भी कोई बदलाव नहीं कर रही है। इससे खासतौर पर कृषि भूमि की रजिस्ट्री डेढ़ गुना से ज्यादा दर पर की जा रही है। जबकि प्रॉपर्टी के वास्तविक गुण, लैंड-यूज, सड़क की चौड़ाई, लोकेशन, सुविधाओं और टाइटल-क्वालिटी आदि को आधार बनाकर रेट तय होना चाहिए। गाइडलाइन पर फिर से आपत्तियां और सुझाव आना शुरू हो गए हैं। उज्जैन में प्रॉपर्टी लेना होगा और महंगा महाकाल की नगरी उज्जैन में भी कलेक्टर गाइड लाइन के तहत प्रॉपर्टी रेट बढ़ाने की तैयारी है। जिला मुल्यांकन समिति की बैठक में कई लोकेशन पर दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। पिछले प्रस्तावों में जिले की करीब 91 लोकेशन्स पर रेट बढ़ाने की बात सामने आई थी। करीब 60 लोकेशन ऐसी थीं जिन के रेट 10-20 फीसदी तक बढ़ाए गए। वहीं 21 लोकेशन पर 20-30 प्रतिशत तक महंगाई बढ़ी थी। वहीं कुछ स्थानों पर 30 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव शामिल था।  बताया जा रहा है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण की त्रिवेणी की और शिप्रा विहार योजनाओं समेत कई नई कॉलोनियों के रेट बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझाव मिलने के बाद इसे केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा। 74 हजार लोकेशन के सर्वे के बाद नई कलेक्टर गाइडलाइन की कवायद शुरू प्रदेश में जमीन और मकानों की कीमतों को नए सिरे से तय करने की कवायद तेज हो गई है। राजस्व और पंजीयन विभाग ने प्रदेश की करीब 74 हजार लोकेशन का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया है, जिसके आधार पर नई कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह प्रस्ताव जल्द ही जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में चर्चा के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलते ही 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में नई प्रॉपर्टी दरें लागू कर दी जाएंगी। जहां ज्यादा कीमत पर रजिस्ट्री, वहीं बढ़ेंगी दरें जानकारी के अनुसार प्रदेश में कुल सवा लाख से अधिक लोकेशन हैं, लेकिन इनमें से लगभग 74 हजार लोकेशन ऐसी हैं जहां नियमित रूप से प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री होती है। इन्हीं स्थानों पर पंजीयन और राजस्व अधिकारियों ने संपदा-2 सॉफ्टवेयर, एआई तकनीक और अन्य माध्यमों से सर्वे किया है। सर्वे में यह आकलन किया गया कि किन क्षेत्रों में मौजूदा गाइडलाइन से अधिक कीमत पर रजिस्ट्रियां हो रही हैं। भोपाल की 500 से ज्यादा लोकेशन पर हाई रेट रजिस्ट्री राजधानी भोपाल में करीब 3 हजार लोकेशन का सर्वे किया गया, जिनमें से एक हजार से अधिक स्थानों पर प्रॉपर्टी लेनदेन हो रहा है। इनमें करीब 500 से ज्यादा लोकेशन ऐसी पाई गईं, जहां वर्तमान कलेक्टर दरों से अधिक कीमत पर रजिस्ट्री की गई है। इन्हीं क्षेत्रों को चिह्नित कर आकलन किया जा रहा है, ताकि नई गाइडलाइन में यथार्थ के अनुरूप दरें तय की जा सकें।  

एमपी में प्रमोशन में देरी के कारण प्रशासनिक कैडर में गड़बड़ी, 68 IAS, 48 IPS और 87 IFS पद खाली

भोपाल  मध्यप्रदेश में अखिल भारतीय सेवाओं के प्रमोशन में लगातार हो रही देरी अब प्रशासनिक ढांचे पर सीधा असर डालने लगी है। हालात यह हैं कि राज्य में आईएएस,आईपीएस और आईएफएस कैडर के कुल 203 पद खाली पड़े हैं। इससे प्रशासनिक कामकाज, कानून-व्यवस्था और वन प्रबंधन तीनों क्षेत्रों में दबाव बढ़ गया है। 3 कैडर, 203 पद खाली सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में आईएएस के 68 पद, आईपीएस के 48 पद और आईएफएस के 87 पद रिक्त हैं। इन पदों के खाली रहने से कई जिलों में स्थायी कलेक्टर, एसपी और डीएफओ की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। प्रमोटी अफसरों को नहीं मिल पा रहा पूरा मौका प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा और राज्य वन सेवा से प्रमोट होकर आने वाले अधिकारियों को सीमित अवसर मिल पा रहे हैं। कई अफसर वर्षों से प्रतीक्षा सूची में हैं, लेकिन केंद्र से समय पर स्वीकृति और कैडर रिव्यू नहीं होने से प्रमोशन अटका हुआ है। केंद्र–राज्य समन्वय की कमी सूत्रों के अनुसार, अखिल भारतीय सेवाओं में भर्ती और प्रमोशन की प्रक्रिया केंद्र सरकार से जुड़ी होती है। कैडर स्ट्रेंथ बढ़ाने और रिक्त पद भरने के प्रस्ताव भेजे गए हैं, लेकिन लंबे समय से निर्णय नहीं हो पाया है। इसका सीधा असर राज्य के प्रशासनिक संचालन पर पड़ रहा है। जिले और विभाग अतिरिक्त प्रभार पर कई जिलों में एक ही अधिकारी के पास दो-दो या तीन-तीन जिलों का प्रभार है। वहीं, पुलिस और वन विभाग में भी वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। इससे निर्णय प्रक्रिया धीमी हो रही है और फील्ड लेवल पर निगरानी कमजोर पड़ रही है। आने वाले समय में और बढ़ेगी चुनौती विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही प्रमोशन और नई भर्ती की प्रक्रिया तेज नहीं की गई, तो आगामी वर्षों में रिटायरमेंट के चलते स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसका असर विकास कार्यों,कानून-व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण पर साफ दिखाई देगा। प्रमोशन समय पर हों तो सुधार की गुंजाइश इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि संघ लोक सेवा आयोग की भर्ती के अलावा राज्यों में प्रमोशन से भरने वाले पदों के जरिये इस रिक्तता को कम किया जा सकता है लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग, गृह विभाग और वन विभाग के अफसरों की लापरवाही और देरी के चलते तीनों ही कैडर की डीपीसी समय से नहीं हो रही है और इसका असर पद रिक्त होने के रूप में साफ दिख रहा है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक अनुभव की टाइम लिमिट को भी जिम्मेदार बताया जा रहा है। प्रशासनिक और नीतिगत कामों पर सीधा असर अधिकारियों का मानना ​​है कि स्वीकृत पदों के न भर पाने से कई दिक्कतें होती हैं। हालांकि पद रिक्त रहने के कई संरचनात्मक कारण भी बताए जा रहे हैं। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से वार्षिक भर्ती सीमित है, जबकि हर साल सेवानिवृत्ति जारी हैं। राज्य सिविल सेवाओं से आईएएस में अधिकारियों की पदोन्नति में देरी ने भी इस अंतर को और बढ़ा दिया है। इसके अलावा कई राज्यों ने भर्ती में समानुपातिक वृद्धि किए बिना अपने कैडर की संख्या बढ़ा दी है।  

गैस आपूर्ति में लापरवाही नहीं चलेगी: घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर देने के निर्देश

भोपाल  खाद्य नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत के निर्देश पर विभाग की अपर मुख्य सचिव  रश्मि अरुण शमी द्वारा पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रम एवं मध्य पूर्व देशों की स्थिति के दृष्टिगत प्रदेश में पड़ने वाले प्रभाव की मंत्रालय मे वरिष्ठ अधिकारियों तथा ऑइल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। अपर मुख्य सचिव  शमी ने समीक्षा में घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, एजेंसियों के माध्यम से वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देश दिए। ऑइल कंपनी के प्रतिनिधियों को प्रदेश के सभी जिलों में एलपीजी गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया। बैठक में गैस एजेंसियों के संचालन, सिलेंडर वितरण की समयबद्धता और उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इस सम्बन्ध में पूर्व में ही समस्त जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए है कि यदि कहीं वितरण व्यवस्था में अनियमितता या विलंब की शिकायत मिलती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाए।साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा गैस कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत किया जाए, जिससे प्रदेश में एलपीजी गैस की निर्बाध उपलब्धता बनी रहे। एलपीजी की कालाबाजारी तथा जमाखोरी के विरूद्ध भी लगातार कार्यवाही की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 मार्च को प्रदेश में 11 स्थानों पर कार्यवाही कर 228 सिलेंडर जब्त किये गए तथा 03 प्रकरण पंजीबद्ध किये गए| पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी तथा घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता के सम्बन्ध में ऑयल कंपनियों से समन्वय के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति भी गठित की गयी जो प्रदेश में वाणिज्यिक ओर घरेलू गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी करेगी। आयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर  अजय वास्तव द्वारा बताया गया कि प्रदेश में गैस सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक है तथा प्रदेश के 11 बाटलिंग प्लांट एवं वितरकों के गोदाम में पर्याप्त सिलेन्डर उपलब्ध है। आशंकित उपभोक्ताओं द्वारा अत्यधिक गैस सिलेण्डर की बुकिंग के कारण सर्वर पर अतिरिक्त लोड आने से असुविधा हो रही थी जिसे सुधार लिया गया है। घरेलू उपभोक्ताओं से अपील है कि विगत अंतिम रिफिल के 25 दिन बाद पुनः बुकिंग करावे। घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति है, उपभोक्ता अनावश्यक रूप से अफवाहों से भ्रमित न हों। देश की रिफायनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही है तथा पश्चिम एशिया के अतिरिक्त अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। पेट्रोल, डीजल ,घरेलू पीएनजी तथा सीएनजी की आपूर्ति भी निरंतर एवं बिना कटौती के जारी रहेगी।  

स्वस्थ जीवन का मंत्र: खुद फिट रहें, परिवार को भी करें प्रेरित – मंत्री विश्वास सारंग

भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के भोपाल शाखा द्वारा आयोजित दो दिवसीय फिट इंडिया कार्निवाल का शुभारंभ किया। शुभारंभ में पारंपरिक खेल मलखंभ और सांस्कृतिक नृत्यों की भव्य प्रस्तुति दी गई। मंत्री  सारंग ने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही किसी व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। जब नागरिक स्वस्थ और सक्रिय रहते हैं, तब देश विकास और प्रगति के नए शिखरों को स्पर्श करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया फिट इंडिया मूवमेंट आज पूरे देश में जन आंदोलन का रूप ले चुका है। एक घंटा, खेल के मैदान में ऐसे अभियानों के माध्यम से समाज के हर आयु वर्ग के लोग फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं। मंत्री  सारंग ने कहा कि यह कार्निवाल भी उसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है जहाँ विभिन्न खेल एवं फिटनेस गतिविधियों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। खेल विभाग के सतत प्रयास मंत्री  सारंग ने बताया कि प्रदेश में खेल और फिटनेस संस्कृति को मजबूत करने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें खेलो एमपी यूथ गेम्स, हर विधानसभा में खेल परिसर, पार्थ योजना, फिट इंडिया क्लब, मध्यप्रदेश युवा प्रेरक अभियान और युवा उत्सव जैसी योजनाएँ शामिल हैं, जिनके माध्यम से युवाओं को खेलों से जोड़ते हुए स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। खुद फिट रहें और परिवार को भी करें प्रेरित मंत्री  सारंग ने सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि फिटनेस को केवल व्यक्तिगत आदत न बनाकर पारिवारिक संस्कृति बनाएं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को नियमित व्यायाम, योग और खेल गतिविधियों से जोड़ें जिससे समाज में स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो सके। युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति मंत्री  सारंग ने कहा कि जब देश का युवा स्वस्थ, अनुशासित और ऊर्जावान होता है, तब राष्ट्र प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित करता है। फिट और जागरूक युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बनेंगे।  

राजधानी में गैंगवार जैसी वारदात: हिस्ट्रीशीटर के बेटे पर हमला, अस्पताल तक हमलावरों ने बरसाईं गोलियां

भोपाल अशोका गार्डन क्षेत्र में शनिवार तड़के एक बार फिर गैंगवार की घटना ने शहर में सनसनी फैला दी। कुख्यात बदमाश लल्लू रईस के घर पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में लल्लू रईस का बेटा इमरान घायल हो गया, जिसके पैर में गोली लगी है। हमलावरों ने घायल इमरान का पीछा करते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर में भी फायरिंग की, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घर के बाहर घेराबंदी और ताबड़तोड़ फायरिंग जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 5:45 बजे ऐशबाग का बदमाश शादाब गेट अपने साथियों के साथ शंकर गार्डन स्थित लल्लू रईस के घर पहुंचा। उसके साथ शावर, गुड्डू स्टेशन और अल्लू परवेज सहित 8 से 10 लोग मौजूद थे। बताया जा रहा है कि आरोपित पहले से ही इमरान का पीछा कर रहे थे। जैसे ही इमरान अपने घर पहुंचा, आरोपितों ने पीछे से उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। जान बचाने के लिए इमरान तेजी से घर के अंदर घुस गया और गेट बंद कर लिया। इसी दौरान चली एक गोली उसके पैर पर लग गई, जिससे वह घायल हो गया। फायरिंग की आवाज सुनकर इलाके में दहशत फैल गई। गोलीबारी को अंजाम देने के बाद सभी आरोपित मौके से फरार हो गए। हमीदिया अस्पताल परिसर में भी मची अफरा-तफरी घायल इमरान को तत्काल इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि हमलावर अस्पताल तक भी पहुंच गए और वहां भी फायरिंग की। इस दौरान अस्पताल की खिड़की और दीवार पर गोलियां लगीं, जिससे अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हालांकि इस फायरिंग में कोई अन्य व्यक्ति घायल नहीं हुआ। लल्लू रईस ने आरोप लगाया कि अस्पताल में भी उस पर फायरिंग की गई। उसने बताया कि बदमाश उन्हें जान से मारने की नीयत से आए थे, लेकिन गनीमत रही कि उन्हें कोई गोली नहीं लगी। पुरानी रंजिश और अवैध कारोबार का विवाद घटना को लेकर लल्लू रईस ने बताया कि करीब दो साल पहले इमरान का शादाब गेट के भाई से विवाद हुआ था। उस दौरान हुए हमले में शादाब के भाई की उंगलियां कट गई थीं। इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए यह हमला किया गया है। लल्लू रईस का यह भी आरोप है कि हमलावर शहर के अलग-अलग इलाकों में जुआ और सट्टे का अवैध कारोबार चलाते हैं और उसे कई बार उसने उजागर भी किया है।  

शादी के लिए दबाव बना रहा था युवक, मना करने पर किया अपहरण; पुलिस ने युवती को बचाया

अनूपपुर इंस्टाग्राम के माध्यम से युवक और युवती की जान पहचान हुई। युवक शादी करने का दबाव बना रहा था लेकिन लड़की परिवार की मर्जी के बगैर विवाह नहीं करना चाह रही थी। इस बात से नाराज होकर युवक ने जबरन शादी करने का इरादा बनाया और लड़की के अपहरण की योजना बना डाली। दिनदहाड़े युवक ने लड़की को अपने दो दोस्तों की मदद से एक जीप के माध्यम से अगवा भी कर लिया लेकिन पुलिस के पीछा करने पर वह लड़की को छोड़कर भाग निकला। आरोपित फरार हो पाते, उससे पहले पुलिस ने मुख्य आरोपित सहित उसके दो साथियों और वारदात में इस्तेमाल की गई चार पहिया गाड़ी को भी जब्त कर लिया। यह मामला जैतहरी थाना क्षेत्र का है। शुक्रवार दोपहर को अपहरण की वारदात तीन आरोपितों द्वारा अंजाम दी गई थी। आरोपितों की पहचान और पुलिस की कार्रवाई जैतहरी पुलिस से मिली जानकारी अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में मुख्य आरोपित, जिसकी लड़की से पहचान थी, उसका नाम जयप्रकाश पिता ललन राठौर (23 वर्ष) निवासी चोर भठी थाना जैतहरी है। इस वारदात में शामिल आरोपित के साथी शुभम पिता दुलारे राठौर (23 वर्ष) निवासी ग्राम बेला थाना अनूपपुर एवं सागर पिता संतोष पटेल (22 वर्ष) निवासी ग्राम मौहरी थाना कोतवाली शामिल हैं। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अपहरण जैसी वारदात में स्कार्पियो वाहन क्रमांक एमपी 65 जेडबी 4472 का उपयोग किया गया था, जिसे पुलिस ने जब्त कर अभिरक्षा में ले लिया है। इंस्टाग्राम से पहचान और जबरन शादी का दबाव थाना प्रभारी अमर वर्मा ने मामले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पीड़िता शहडोल में नर्सिंग की पढ़ाई करती है। 3 वर्ष पूर्व लड़की की पहचान इंस्टाग्राम आईडी के माध्यम से जयप्रकाश राठौर से हुई थी। फोन पर हुई बातचीत में जयप्रकाश ने उसे विवाह करने की बात कही लेकिन पीड़िता ने स्पष्ट कर दिया था कि वह केवल अपने माता-पिता की इच्छा के अनुसार ही विवाह करेगी। पीड़िता जब जैतहरी बड़े पापा के घर आकर रह रही थी, इसी दौरान आरोपित जयप्रकाश शुक्रवार दोपहर अपने दो साथियों के साथ जीप लेकर लड़की के घर के पास पहुंचा। लड़की अपनी सहेली के साथ घर के बाहर बैठी थी। पहचान न हो सके, इसलिए आरोपित चेहरा ढके हुए था और उसके द्वारा पीड़िता को जबरन गाड़ी में बैठाकर अपहरण कर भाग निकला। पीछा करने पर पीड़िता को छोड़ भागे आरोपित टी आई ने बताया कि मामले की सूचना मिलने पर तत्परता पूर्वक वाहन और आरोपितों का पीछा किया गया, जो कि गांव के अंदरूनी मार्ग से अनूपपुर की तरफ भाग रहे थे। पिपरिया गांव के पास मौका पाकर आरोपित पीड़िता को छोड़कर भाग निकले। गांव के लोगों की मदद से पीड़िता के परिजनों को सूचना दी गई, इसके बाद भाई और मामा पिपरिया पहुंच कर लड़की को सुरक्षित वापस ले गए। इसके बाद थाना जैतहरी में पीड़िता द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम आरोपितों को पकड़ने के लिए बनाई। पुलिस की घेराबंदी के चलते आरोपित जिला क्षेत्र छोड़कर भाग निकलने में असफल रहे और शुक्रवार रात जैतहरी तथा अनूपपुर थाना क्षेत्र सीमा में पकड़ लिए गए। बताया गया कि आरोपित जयप्रकाश टेंट का काम करता है। किराए की टैक्सी का उपयोग और न्यायिक हिरासत जानकारी अनुसार जीप अनूपपुर के अल्ताफ की बताई गई जो गाड़ी को बुकिंग पर चलाता है। गाड़ी का टैक्सी परमिट भी है। जयप्रकाश के दोस्त ने गाड़ी मालिक को गलत जानकारी देकर किराए पर ली थी। शनिवार को गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय अनूपपुर में पेश किया गया जहां से रिमांड पर जिला जेल भेजा गया। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमर वर्मा, उप निरीक्षक अमर लाल यादव, जे पी एच तिर्की, सहायक उप निरीक्षक विनोद विश्वकर्मा, प्रधान आरक्षक राजकुमार मार्को, संतोष जायसवाल, विजयानंद पांडे, श्याम शुक्ला, आरक्षक मनीष सिंह तोमर, विजय प्रताप सिंह शामिल रहे।