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रीवा में इंस्टाग्राम फ्रेंड ने बर्थडे पर केक काटने के बहाने किशोरी से किया दुष्कर्म

रीवा. शहर से रिश्तों को शर्मसार करने वाली और इंटरनेट मीडिया की दोस्ती के खतरनाक अंजाम की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक नाबालिग किशोरी को उसके इंस्टाग्राम दोस्त ने जन्मदिन मनाने के बहाने बुलाकर अपनी हवस का शिकार बनाया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी किशोर को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता और आरोपी की पहचान इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' के जरिए हुई थी। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से बातचीत चल रही थी। बीती 27 फरवरी को किशोरी का जन्मदिन था। जन्मदिन के इस मौके का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे मिलने के बहाने बुलाया। जन्मदिन की रात हुई वारदात घटनाक्रम के मुताबिक, 27 फरवरी की रात किशोरी अपने परिजनों को बिना बताए घर से निकली थी। उसने घर वालों से सहेली के यहां जाने की बात कही थी। वह बिछिया थाना क्षेत्र के रहने वाले अपने इसी इंस्टाग्राम दोस्त से मिलने पहुंची। वहाँं आरोपी किशोर ने केक काटने और जन्मदिन मनाने के बहाने किशोरी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। परिजनों को सुनाई आपबीती देर रात किशोरी वापस घर लौटी, तो वह काफी डरी और सहमी हुई थी। परिजनों के पूछने पर उसने रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजन तुरंत किशोरी को लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचे और मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। सिविल लाइन थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा ने बताया कि पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की गई। शुरुआत में पीड़िता घटना स्थल और आरोपी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थी। उसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कड़ियां जोड़ीं । पुलिस की गिरफ्त में आरोपी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद महिला पुलिस अधिकारी की उपस्थिति में दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी किशोर बिछिया क्षेत्र का निवासी है। आरोपी से पुलिस सघन पूछताछ कर रही है और मामले की आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।

अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कानून, तीन माह में लागू होगा, 10 साल की सजा और 1 करोड़ रुपये जुर्माना

भोपाल  प्रदेश में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार सख्त रुख अपनाने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में नगरीय क्षेत्र (कॉलोनी विकास) अधिनियम-2021 में संशोधन का मसौदा तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों के तहत अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ दंड और जुर्माने को कई गुना बढ़ाने की तैयारी है। इसमें अवैध कॉलोनियों की शिकायत मिलने पर 90 दिन में एफआईआर दर्ज करने, अधिकतम सजा 10 साल तक करने और एक करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित है। हालांकि, नया कानून पुरानी कॉलोनियों पर लागू होगा या नई कॉलोनियों, पर इसको लेकर निर्णय लिया जाना है। शनिवार को विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों के साथ संशोधित मसौदा की समीक्षा बैठक करेंगे।  विस में मंत्री विजयवर्गीय ने दिए सख्त संदेश शुक्रवार को अवैध कॉलोनियों को लेकर विधायक रीति पाठक के प्रश्न के जवाब में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में कहा कि अब अवैध कॉलोनियों पर कड़ा कानून लागू किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ तेज कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन महीने के भीतर सख्त नियम लागू होंगे।  90 दिन में दर्ज करनी होगी एफआईआर जानकारी के अनुसार नए प्रस्तावित प्रावधान के अनुसार यदि किसी अवैध कॉलोनी को लेकर थाने में शिकायत मिलती है, तो 90 दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य होगा। समय सीमा का पालन नहीं करने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिकायतों को लंबित रखने से  दोषियों को मिलने वाली राहत न मिल सके। हालांकि, अभी यह प्रस्तावित है।  बहुत कम मामलों में केस हुए दर्ज बता दें, आंकड़ों के अनुसार, अब तक अवैध कॉलोनियों के  खिलाफ हजारों शिकायतें मिलने के बावजूद बहुत कम मामलों में एफआईआर दर्ज हो पाई है। कार्रवाई की धीमी गति को देखते हुए जवाबदेही तय करने की जरूरत महसूस की गई है। सजा और जुर्माने में बड़ा इजाफा जानकारी के अनुसार मौजूदा कानून में अवैध कॉलोनी विकसित करने पर तीन से सात वर्ष तक की सजा और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। संशोधन के बाद इसे बढ़ाकर अधिकतम 10 वर्ष की सजा और एक करोड़ रुपये तक के आर्थिक दंड में बदलने की तैयारी है। इससे अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति कॉलोनी काटने वालों को कड़ा संदेश जाएगा। अधिकारियों की जिम्मेदारी भी होगी तय  नए कानून में केवल कॉलोनाइजर ही नहीं, बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। प्रस्तावित कानून में यह व्यवस्था की गई है कि शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने वाले प्रशासनिक या नगरीय निकाय के अधिकारी दोषी पाए जाने पर दंडित किए जा सकेंगे। इसमें एक वर्ष तक की सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान शामिल है।  4 हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां  बता दें, प्रदेश में चार हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां हैं। इन कॉलोनियों में सड़क, सीवरेज, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। सरकार को इनसे संबंधित 5 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 600 से ज्यादा के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। 

उज्जैन जिले में सियासी हलचल, 2022 महापौर चुनाव पर कोर्ट के फैसले से कुर्सी में उठे सवाल

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन महापौर चुनाव को लेकर एक बड़ा फैसला आया है।  उज्जैन महापौर चुनाव 2022 को लेकर कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए चुनाव याचिका को सुनवाई के काबिल माना है। अब इस फैसले से महापौर की कुर्सी पर संकट गहरा सकता है। दरअसल ये फैसला उज्जैन नगर निगम महापौर चुनाव 2022 से जुड़े विवाद को लेकर आया है। फैसले से सियासी हलचल भी तेज है। प्रधान जिला न्यायाधीश की अदालत ने चुनाव याचिका को सुनवाई योग्य मानते हुए महापौर, निर्दलीय प्रत्याशी के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी की आपत्तियों को खारिज कर दिया है। इस फैसले से अब चुनाव याचिका पर सुनवाई का रास्ता भी साफ हो गया है। चुनाव में वैध मतों को अस्वीकृत करने का लगा था गंभीर आरोप दरअसल ये सारा विवाद 60 वैध मतों को लेकर है जो अनुचित रूप से अस्वीकृत कर दिए गए थे। याचिका के अनुसार रिटर्निंग ऑफिसर ने पहले तो आश्वासन दिया कि यदि आंकड़े गलत पाए गए तो दोबारा से गिनती होगी।  लेकिन बाद में मांग नहीं मानी गई और कोई गिनती नहीं कराई गई।  सबसे गंभीर और बड़े आरोप मतदान केंद्र क्रमांक 274 को लेकर है। दावा किया गया है  कि वहां परमार को 277 मत मिले थे, लेकिन रिकॉर्ड में 217 मत दर्शाए गए। जिसको लेकर काफी विवाद हुआ था। कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार की  923 मतों से हुई थी हार महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार ने परिणाम को चुनौती दी है। नतीजों के अनुसार परमार को 1,33,317 तो भाजपा प्रत्याशी मुकेश टटवाल को 1,34,240 मत मिले थे। कांग्रेस प्रत्याशी परमार ने आरोप लगाया कि मतगणना के बाद घोषित आंकड़े असत्य थे और उन्होंने लिखित रूप से पुनर्मतगणना की मांग की थी। महापौर मुकेश टटवाल, निर्दलीय प्रत्याशी बाबूलाल चौहान के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी एवं रिटर्निंग ऑफिसर ने आवेदन देकर याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज करने की मांग की थी। अदालत ने इन दलीलों को अस्वीकार कर दिया है और कहा है कि साक्ष्यों के आधार पर ही असलियत का पता लगेगा।अदालत ने साफ किया कि बिना साक्ष्य के यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि याचिका झूठी है या निराधार है। लिहाजा इस फैसले के बाद महापौर की कुर्सी पर सियासी संकट गहराने लगा है।

मार्च महीने में सभी अवकाश दिनों में बिजली बिल भुगतान केंद्र रहेंगे खुला

मार्च में सभी अवकाश दिनों में बिजली बिल भुगतान केन्द्र खुलेंगे भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत 07 मार्च, 14 मार्च, 21 मार्च, 28 मार्च शनिवार एवं 01 मार्च, 08 मार्च, 15 मार्च, 22 मार्च, तथा 29 मार्च रविवार, 03 मार्च होली, 19 मार्च गुड़ी पड़वां, 20 मार्च जमात- उल-विदा/ ईद उल-फितर के ठीक पूर्व का दिवस/ रानी अवंती बाई का बलिदान दिवस, 27 मार्च रामनवमीं तथा 31 मार्च महावीर जयंती को बिल भुगतान केन्द्र सामान्य कार्य दिवसों की तरह कार्य करते रहेंगे। भोपाल शहर वृत्त के अंतर्गत चारों शहर संभाग यथा पश्चिम, पूर्व, दक्षिण तथा उत्तर संभाग के अंतर्गत सभी जोनल कार्यालय और दानिश नगर, मिसरोद, मण्डीदीप में बिल भुगतान केन्द्र उक्त अवकाश के दिन भी सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे। बिजली उपभोक्ता राजधानी के जोनल आफिस में पीओएस (pos) मशीन से कैश के जरिए बिल भुगतान तथा ऑनलाइन माध्यम से भी बिल भुगतान कर सकते हैं। कंपनी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी 16 जिलों में बिजली वितरण केन्द्र/बिल भुगतान केन्द्र अवकाश के दिनों में खुले रहेंगे। इसके लिए सभी मैदानी महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है। ऑनलाइन भुगतान करें और पाएं छूट मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निम्नदाब घरेलू उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान करने पर उनके कुल बकाया बिल पर 0.50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। साथ ही अधिकतम छूट के लिए कोई सीमा बंधन नहीं है। इसी प्रकार उच्चदाब उपभोक्ताओं को प्रति बिल कैशलेस भुगतान पर 100 रूपये से 1000 रुपये तक की छूट दी जा रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से बिजली का बिल ऑनलाइन भुगतान करने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि उपभोक्ताओं को एम.पी.ऑनलाईन, कॉमन सर्विस सेन्टर, कंपनी पोर्टल portal.mpcz.in (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि) फोन पे, अमेजान पे, गूगल पे, वॉट्सऐप पे, पेटीएम एप एवं उपाय मोबाइल एप के माध्यम से बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।  

कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर लाभकारी व्यवसाय बनाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कृषक कल्याण वर्ष-2026 कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर बनाया जायेगा लाभकारी व्यवसाय : मुख्यमंत्री डॉ.यादव म.प्र.को देश के कृषि पॉवर-हाउस के रूप में किया स्थापित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने पिछले दशक में कृषि क्षेत्र में 16 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक विकास दर हासिल कर स्वयं को देश के 'कृषि पॉवर-हाउस' के रूप में स्थापित किया है। फसल उत्पादन, उत्पादकता, दुग्ध और मत्स्य पालन में हुई। इस अभूतपूर्व प्रगति के बाद अब राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर एक 'लाभकारी व्यवसाय' के रूप में परिवर्तित करना है। इस संकल्प के केंद्र में कृषि के उत्पादन और उत्पादकता को तकनीक के माध्यम से बढ़ाते हुए, मार्केटिंग और प्रोसेसिंग से जोड़ना है। समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश के लिए वर्ष-2026 कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि और किसानों पर केन्द्रित पूरे वर्ष संचालित होने वाली गतिविधियों से किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि को 'लाभकारी व्यवसाय' बनाने के इस संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए सरकार कृषि अनुसंधान और मौसम आधारित जोखिम प्रबंधन को एक नई दिशा देने जा रही है। इस संकल्प के अंतर्गत राज्य की विशिष्ट फसलों की उत्पादकता में वृद्धि करते हुए उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए महत्वपूर्ण अनुसंधान केंद्रों की स्थापना की जा रही है, इसी क्रम में डिंडौरी में स्थापित होने जा रहे 'मध्यप्रदेश राज्य अन्न अनुसंधान केंद्र' के माध्यम से मिलेट्स के उत्पादन एवं पोषण सुरक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा। इसी कड़ी में, ग्वालियर में सरसों अनुसंधान केंद्र और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र की स्थापना कर इन प्रमुख फसलों की गुणवत्ता और पैदावार को बढ़ाने पर विशेष बल दिया जायेगा। 'विदेश अध्ययन भ्रमण योजना' कृषि क्षेत्र में वैश्विक नवाचारों को आत्मसात करने के लिए किसानों और अधिकारियों के लिए 'विदेश अध्ययन भ्रमण योजना' को पुनः प्रारंभ किया जा रहा है, जिससे विश्व की उन्नत तकनीकों को स्थानीय स्तर पर लागू किया जा सके। इसके साथ ही, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देते हुए ग्रीष्मकालीन मूंगफली की खेती के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जो किसानों के लिए आय का एक अतिरिक्त और मजबूत स्रोत बनेगी। खेती की मौसम पर निर्भरता और उससे जुड़ी अनिश्चितताओं को कम करने के लिए सरकार तकनीक-आधारित जोखिम प्रबंधन पर विशेष निवेश कर रही है। इसके तहत पूरे प्रदेश में 'विंडस' (Weather Information Network Data System) विकसित किया जा रहा है, जो किसानों को सटीक मौसम पूर्वानुमान और तात्कालिक कृषि सलाह (एग्री-एडवाइजरी) सीधे उनके मोबाइल पर उपलब्ध कराएगा। यह प्रणाली न केवल प्राकृतिक आपदाओं से फसल को बचाने में मदद करेगी, बल्कि बुवाई और कटाई के समय को वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगी। किसानों को दिया जायेगा पूर्ण सुरक्षा कवच किसानों को पूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करने के उद्देश्य से अब मौसम आधारित बीमा योजना का दायरा बढ़ाकर उसमें उद्यानिकी फसलों को भी शामिल किया जा रहा है। अनुसंधान, विविधीकरण और डिजिटल वेदर मैनेजमेंट का यह एकीकृत संगम न केवल कृषि को जोखिम मुक्त बनाएगा, बल्कि 'समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश' के संकल्प को वास्तविकता में बदलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भरता के नए सोपान पर खड़ा करेगा। 10-दिशात्मक रणनीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने व्यापक '10-दिशात्मक रणनीति' तैयार की है। इसके प्रथम आयाम के तहत -अन्न (मिलेट्स), चना और सरसों जैसी फसलों पर गहन शोध और उर्वरकों के अग्रिम भंडारण पर जोर दिया गया है। साथ ही तिलहन भावान्तर व्यापीकरण, उड़द/मूंगफली, गन्ना क्षेत्र विस्तारण, ई-विकास व्यापीकरण, उर्वरक अग्रिम भंडारण, पराली से उर्जा प्रबंधन इत्यादि कार्य सम्मिलित हैं। द्वितीय आयाम फसल विविधीकरण और प्राइस स्टेबिलाइज़ेशन (मूल्य स्थिरीकरण)' पर केंद्रित है, जिससे आलू-प्याज-टमाटर जैसी फसलों के दाम गिरने पर भी किसान आर्थिक रूप से सुरक्षित रहें। तृतीय आयाम पूरी तरह से "प्राकृतिक मध्यप्रदेश" मिशन को समर्पित है, जहाँ रसायन मुक्त खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। चतुर्थ और पंचम आयाम में संसाधनों के इष्टतम उपयोग, जैसे 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप 2.0' और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को शामिल किया गया है। कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने के लिए 10 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट की स्थापना इस अभियान का एक मुख्य आकर्षण है। छठे से आठवें आयाम तक का ध्यान कृषि मंडियों के आधुनिकीकरण, "MP ग्लोबल एग्री ब्रांडिंग" और 'एग्री-हैकाथॉन' जैसे नवाचारों पर है। अंतिम दो आयाम डिजिटल गवर्नेस और पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं, जिसमें एआई (AI)-आधारित कृषि परामर्श और क्यूआर कोड (QR Code) आधारित फार्म ट्रेसेबिलिटी शामिल है। संस्थागत सुधार और शैक्षिक पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष 2026 केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करने की पहल है। अनुसंधान केन्द्रों की स्थापना एवं कृषकों का क्षमता संवर्धन इस वर्ष का महत्वपूर्ण घटक होगा। इसी अनुक्रम में सरकार द्वारा कृषि विभाग और मंडी बोर्ड में रिक्त पदों की सीधी भर्ती भी की जाएगी।  

भोपाल के बड़ा तालाब पर VIP निर्माणों का कब्जा, कांग्रेस विधायक के संस्थान पर भी लगा लाल निशान

 भोपाल  राजधानी भोपाल वासियों की लाइफलाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब की सीमा तय करने के लिए किए जा रहे सीमांकन के दौरान कई चौंकाने वाले कब्जे देखने को मिले। नायब तहसीलदार के.के पंडोले के नेतृत्व में आरआई और पटवारियों ने शुक्रवार की दोपहर 02 बजे से सीमांकन कार्रवाई शुरू की, जो शाम 05 बजे तक चली। बता दें कि, बुधवार से शुरू हुए बड़े तालाब के सीमांकन के दौरान कैचमेंट दायरे 50 मीटर में राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को आवंटित शासकीय बंगला, के.के हाउस, गुलबाग लॉन, आईएएस मुजीबउर्रहमान के बंगले का हिस्सा समेत 25 से अधिक निर्माण चिह्नित किए गए थे। चार घंटे चला सीमांकन बताया जा रहा है कि, राजस्व अमला सीमांकन करते हुए खानूगांव स्थित कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के इंदिरा प्रियदर्शनी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स पहुंचा, जहां तालाब के फुल टैंक लेवल से सीमांकन करते हुए 50 मीटर कैचमेंट दायरा तय करने पर सामने आया कि, शैक्षणिक संस्थान कैचमेंट क्षेत्र के पास ही बना है। यहां पटवारी अरविंद गिरी ने नायब तहसीलदार के.के पंडोले की निगरानी ने लाल निशान लगाकर तालाब की सीमा निर्धारित की। आर्मी वाटर स्पोर्ट केंद्र के बाद मिले अवैध निर्माण राजस्व अमले ने बड़ा तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में सेना के वाटर स्पोर्ट सेंटर के आगे जब सीमांकन किया तो कैचमेंट में पक्के मकान, बाउंड्री वाल, रेस्टोरेंट, फैक्ट्री आदि का निर्माण होना मिला। इतना ही नहीं, कुछ दूर चलने के बाद पता चला कि एक बड़े फार्म हाउस की तरह निर्माण कैचमेंट में किया जा रहा था। इसके पास ही भैंस भी बंधी हुई थीं। यहां मजदूर दीवार उठाने का काम कर रहे थे। पूछताछ में उन्होंने आदिल नाम के व्यक्ति द्वारा निर्माण कार्य किया जाना बताया। यह निर्माण करीब दो एकड़ से अधिक जमीन में किया जा रहा था, जिसे नायब तहसीलदार ने चिह्नित करवाया है। उन्होंने मौके पर बताया कि अब तक का यह सबसे बड़ा अतिक्रमण कैचमेंट क्षेत्र में मिला है, जिसे जल्द से जल्द जमींदोज करने की कार्रवाई की जाएगी। कैचमेंट में झुग्गी सहित धार्मिक स्थल खानूगांव में बड़ा तालाब के कैचमेंट में एक-दो नहीं, बल्कि दो दर्जन से अधिक अवैध मकान मिले हैं। सीमांकन के दौरान एक परिवार तालाब के अंदर ही झुग्गी बनाकर रहता हुआ मिला। पटवारी ने मौके पर ही बच्चों से जानकारी ली। इसके आगे कुछ लोगों ने तालाब किनारे स्थित जमीन पर निजी संपत्ति का बोर्ड लगा रखा था। यहां आगे ही राजस्व अमले ने कैचमेंट में बने एक धार्मिक स्थल के कुछ हिस्से को भी चिह्नित किया है। पहले भी जारी हुए हैं आदेश NGT की सेंट्रल बेंच ने 15 फरवरी को आर्या श्रीवास्तव की पिटीशन पर अपने ऑर्डर में भोपाल म्युनिसिपल कमीशन (BMC) के वकील से सख्ती से कहा था कि वह जमीन पर टाइटल या हक तय करने के लिए नहीं है, बल्कि अतिक्रमण हटाना चाहता है। उन्होंने कहा कि भदभदा की तरफ अपर लेक के किनारे 35 अतिक्रमण पहचाने गए थे, लेकिन लोकल लोगों के विरोध के कारण सिर्फ 9 ही हटाए जा सके। कुछ मामलों में, पार्टियों के अधिकार, टाइटल और हित को लेकर कोर्ट में केस पेंडिंग है। कांग्रेस नेता की जमीन भी कैचमेंट में इसी के पास स्थित स्कूल के मैदान से होते हुए अमला आगे बढ़ा तो कांग्रेस नेता अरुणेश्वर सिंहदेव की जमीन का कुछ हिस्सा कैचमेंट में पाया गया, जिसमें खेती चल रही है। बता दें कि, 04 महीने पहले खानूगांव में जब राजस्व अमले ने सीमांकन किया था, तब कांग्रेस विधायक के शैक्षणिक संस्थान के पीछे कीचड़-दलदल होने की वजह से निशान लगाया था, लेकिन तब तक कैचमेंट की सीमा तय नहीं हुई थी। कहां मिले कब्जे     टीटी नगर अनुभाग के ग्राम सेवनिया गौड़, धर्मपुरी, प्रेमपुरा, आमखेड़ा, पीपलखेड़ी, कोटरा सुल्तानाबाद, बरखेड़ी खुर्द में कुल 108 निर्माण मिले हैं। इनमें अधिकांश पक्के मकान शामिल हैं, जबकि कुछ झुग्गियां भी हैं। भदभदा इलाके में दो दिन पहले कार्रवाई भी हुई है, जबकि आगे बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी है।     खानूगांव के आसपास 3 मकान, हलालपुरा में 7, कोहेफिजा में 35 मकान दायरे में आ रहे हैं।     खानूगांव में 15 सरकारी जमीन पर कब्जे सामने आए हैं। शुक्रवार को विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की बाउंड्रीवॉल के पास भी राजस्व अमले ने लाल निशान लगाए हैं।     वीआईपी रोड पर एक मंत्री और आईएएस के बंगले के पास भी लाल निशान लगाए जा चुके हैं।     हुजूर के मुगालिया छाप, खजूरी में सीमांकन चल रहा है। यहां भी बड़े स्तर पर अतिक्रमण मिला है। होली से पहले पूरा होगा सीमांकन कलेक्टर सिंह ने बड़ा तालाब के आसपास के हिस्से के अधिकार क्षेत्र वाले सभी एसडीएम को होली से पहले हर हाल में सीमांकन पूरा करने को कहा है। साथ ही एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को वाटर बॉडी में मिलने वाले गंदे नालों का पता लगाने की बात कही गई है। पानी को दूषित करने वाले सभी सोर्स का पता लगाया जाएगा। ऐसे दो स्तर पर होगी कार्रवाई बता दें कि वेटलैंड एक्ट 16 मार्च 2022 को लागू हुआ था। ऐसे में इसके बाद एफटीएल के दायरे में होने वाले सभी निर्माण एक तरह से अवैध ही माने जाएंगे। चाहे इसे लेकर निगम या पंचायत स्तर से कोई भी अनुमति दी ही क्यों न गई हो। शहर में 50 मीटर और ग्रामीण में 250 मीटर का पैमाना निर्धारित है। यदि इससे पहले का कोई निर्माण है, लेकिन वह तालाब की जद में आ रहा है तो संबंधित से नगर निगम, पंचायत, टीएंडसीपी, पर्यावरण, वन आदि संबंधित विभागों की अनुमति के बारे में दस्तावेज मांगे जाएंगे। साथ ही परमिशन देने वालों की जानकारी भी ली जाएगी। अब तक 3 बार सर्वे, ठोस कार्रवाई नहीं बता दें कि बड़ा तालाब का बीते दस साल में 3 बार सर्वे हो चुका है। इनमें बड़ी संख्या में अतिक्रमण सामने आए, लेकिन सर्वे रिपोर्ट का आज तक पता नहीं है। इस वजह से बैरागढ़, खानूगांव, सूरज नगर, गौरागांव, बिसनखेड़ी समेत कई जगहों पर अतिक्रमण हुए। कई मैरिज गार्डन, फार्म हाउस, स्कूल-कॉलेज, घरों की सीमाएं बड़ा तालाब में हैं। 5 प्वॉइंट में पढ़िए पूरी खबर का सार 1. रामसर साइट और वेटलैंड नियमों के तहत तालाब के FTL (Full Tank Level) से 50 मीटर … Read more

शीघ्र भरे जाएंगे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पद

भोपाल  उप मुख्यमंत्री एवं सागर ज़िले के प्रभारी  राजेन्द्र शुक्ल ने सागर में रहस मेले के समापन समारोह में कहा कि सर्वाइकल कैंसर मुक्त मध्य प्रदेश बनाने के लिए बेटियों को वैक्सीन अवश्य लगवाए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पद शीघ्र भरे जाएंगे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि पुरानी परंपराओं को जीवंत एवं क्रियान्वित रखना बड़ी बात है। ऐसे कार्य संस्कार को प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने कहा कि सागर के रहस मेले की गौरवशाली परंपरा को बनाये रखने का पुनीत कार्य विधायक एवं वरिष्ठ पूर्व मंत्री  गोपाल भार्गव के द्वारा किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के द्वारा सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 14 एवं 15 वर्ष की देश एवं प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा के लिए आज से सर्वाइकल मुक्त भारत एवं मध्य प्रदेश बनाने के लिए वैक्सीन लगाने का कार्य शुरू किया गया है। जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने अजमेर एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के भोपाल से की है और आज सागर जिले में गढ़ाकोटा से यह शुरुआत की जा रही। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सभी नागरिक स्वस्थ जीवन शैली अपनायें स्वस्थ रहें और आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि गौ माता को आवारा मत छोड़े उनकी सेवा करें। गौ माता यदि दूध नहीं दें फिर भी गोबर और गोमूत्र भी उपयोगी है। गौमाता भारत की समृद्धि की आधारशिला हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल और विधायक एवं पूर्व मंत्री  भार्गव ने रोजगार मेले में चयनित अभ्यर्थियों को उनको नियुक्ति पत्र दिए साथ में शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किया। विधायक एवं पूर्व मंत्री  भार्गव ने कहा कि रहस मेला अंत्योदय मेला का विस्तृत रूप है। इसमें शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार के साथ शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को माध्यम से लाभान्वित करने का कार्य किया जाता है उन्होंने कहा कि एक छत के नीचे शासन की सभी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। दिव्यांग प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य परीक्षण सहित अन्य लाभ प्रदान करने का कार्य किया जाता है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में अत्याधुनिक संसाधन एवं उपकरण के साथा प्रदेश वासियों को अच्छी से अच्छी से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वस्थ रहता है तभी विकास करता है इसलिए स्वस्थ रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर मेला अध्यक्ष  अभिषेक दीपू भार्गव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में जन समुदाय मौजूद था। एचपीए वैक्सीनेशन अभियान का सागर में किया शुभारंभ उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सागर जिले के रहली विधानसभा क्षेत्र के गढ़ाकोटा में एचपीए वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ किया। 14 वर्षी कक्षा नवमी की छात्रा सु गुनगुन दुबे पिता  सतीश दुबे के वैक्सीनेशन से सागर में एचपीए वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई। उन्होंने प्रदेश एवं जिले के सभी से अपील की की अपने परिवार पड़ोस मोहल्ले में 14 एवं 15 वर्ष की बेटियों को यह वैक्सीन अवश्य लगाए और मध्य प्रदेश को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाने में सहयोग करें। इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री  गोपाल भार्गव, अपर कलेक्टर  अविनाश रावत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

2 मार्च को जनजातीय अंचल बड़वानी में होगी पहली कृषि केबिनेट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी किसानों की बेहतरी के लिए हम कई प्रकार के नवाचार कर रहे हैं। हमारी सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। राज्य सरकार के 17 अलग-अलग विभागों पशुपालन, उद्यानिकी, सहकारिता, कृषि, उद्योग को साथ लेकर किसानों की समृद्धि के लिए बगीचे से लेकर बाजार तक विस्तृत योजना तैयार की गई है। राज्य में पहली बार कृषि केबिनेट जनजातीय अंचल बड़वानी में 2 मार्च को आयोजित की जा रही है। इसमें हम किसानों को होली की सौगात देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित इस वर्ष में हम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने वाले सभी कार्यों और नवाचारों को प्रोत्साहन देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री से सौजन्य भेंट के बाद यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय गृह मंत्री  शाह से भेंटकर उन्हें अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा विश्व के श्रेष्ठ शासकों में सर्वोच्च स्थान रखने वाले सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित कई आयोजन किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में 40 साल पहले भीषण गैस त्रासदी हुई थी। जिसमें 25 हजार से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई। राज्य सरकार ने बीते साल यूनियन कार्बाइड कारखाने में जमा कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन कराया है। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री की खाली पड़ी जमीन पर एक भव्य स्मारक बनाये जाने के लिये केन्द्रीय गृह मंत्री  शाह से मार्गदर्शन प्राप्त किया है। यहां 87 एकड़ भूमि पर भोपाल गैस त्रासदी स्मारक, साइंस पार्क, कन्वेंशन सेंटर, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए समर्पित आधुनिक प्रयोगशाला, विकास आधारित राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र स्थापित करने की योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश नक्सलवादी अभियान से मुक्त हो गया है। लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है, यह हमारे लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। प्रदेश में हर तरह की नक्सल गतिविधियों पर नकेल कसी है। बालाघाट ने लंबे समय तक नक्सलवाद का दंश झेला है। क्षेत्र के समग्र विकास के लिए यहां बैगा महोत्सव आयोजित किया जाए, इस दिशा में गृह मंत्री  शाह से मार्गदर्शन लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में आज प्रधानमंत्री  मोदी ने राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरूआत की है। इसके अंतर्गत प्रदेश की 8 लाख से अधिक बालिकाओं का नि:शुल्क टीकाकरण किया जाएगा। यह अभियान प्रदेश की 14 से 15 साल की बालिकाओं के लिए एक वरदान साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार हर मुश्किल वक्त में किसानों के साथ खड़ी है। प्राकृतिक आपदा से किसानों को हुई फसल क्षति के मुआवजे के लिए सर्वे के बाद सरकार मदद कर रही है। मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट है। प्रदेश में रबी, खरीफ, ग्रीष्मकालीन फसलों की अच्छी उत्पादकता है। मध्यप्रदेश दलहन उत्पादन में अग्रणी राज्य है। गेहूं उत्पादन में भी हम देश में दूसरे स्थान पर हैं। प्रदेश में उड़द, मसूर, तुअर पर्याप्त मात्रा में पैदा होती है। मध्यप्रदेश तिलहन में भी प्रथम स्थान रखता है। सोयाबीन और मूंगफली सबसे अधिक मध्यप्रदेश में ही होती है। प्राकृतिक खेती और बागवानी में भी मध्यप्रदेश सबसे आगे है। किसानों की समृद्धि के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। प्रदेश में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय वर्ग के पारम्परिक त्यौहार भगोरिया को राजकीय पर्व के रूप में मना रही है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं शुक्रवार को आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में भगोरिया उत्सव में शामिल हुए और अमर शहीद चंद्रशेखर के बलिदान‍दिवस पर उनकी जन्मस्थली भाभरा में श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍कि उन्होंने शनिवार को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन को राज्य में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी और उन्हें बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने का निमंत्रण भी दिया।  

पहलगांव-पुलवामा हमले में नाम जोड़ने की धमकी, दंपती से करोड़ों की वसूली

इंदौर शहर में डिजिटल अरेस्ट का चौंकाने वाला केस सामने आया है, जहां साइबर अपराधियों ने वृद्ध दंपती से 1 करोड़ 15 लाख की ठगी कर ली है। दंपती से कहा कि पहलगांव-पुलवामा हमले में उनका हाथ है। करीब 15 दिनों तक वीडियो कॉल पर पूछताछ की और अलग-अलग खातों में रुपये जमा करवा लिए। घटना हीरानगर थाना अंतर्गत बजरंग नगर में रहने वाले विजय शंकर सक्सेना और उनकी पत्नी सुमन लता सक्सेना के साथ हुई है। साइबर हेल्प लाइन-1930 पर हुई शिकायत के बाद हीरानगर पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में कायमी की है। टीआई सुशील पटेल के अनुसार विजय शंकर सक्सेना भारतीय दूरसंचार निगम (बीएसएल)से रिटायर हुए हैं। सुमन लता ने पुलिस को बताया पिछले साल 15 नवंबर को पहली बार वीडियो कॉल आया था। साइबर अपराधी खाकी वर्दी में बैठा हुआ था। उसने रौबदार आवाज में सुमन लता से नाम पूछा और कहा, ''मैं आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) के पुणे हेडक्वार्टर से इंस्पेक्टर चंद्रभानसिंह बोल रहा हूं। हमने आतंकवादी अफजल खान को पकड़ा जो पहलगांव, पुलवामा आतंकी हमला, बच्चों से दुष्कर्म और हत्या में शामिल रहा है। उसने आपका नाम कबूल कर लिया है। जम्मू कश्मीर की एचडीएफसी बैंक में आपका खाता है और उसमें आतंकवादियों की मदद करने पर 70 लाख रुपये का कमीशन जमा हुआ है। आपके विरुद्ध मनी लान्ड्रिंग का केस बना है। एटीएस आतंकियों की मदद करने के आरोप में अरेस्ट करने वाली है।' सुमन लता ने कहा कि हमारा जम्मू की किसी भी बैंक में खाता नहीं है। न कभी वो जम्मू गए है। 16 नवंबर को पुन: उसी नंबर से कॉल आया और केस में फंसाने की धमकी देकर पूछताछ की। 18 नवंबर को उसी अपराधी ने तीसरी बार कॉल लगाया और कहा इसकी जांच एटीएस अफसर प्रदीप लाल को सौंप दी गई है। अब आगे की पूछताछ प्रदीप ही करेंगे। 19 नवंबर को प्रदीप ने वीडियो कॉल लगाया और पूछताछ के लिए सुमन लता और विजय शंकर को एक जगह बैठाया। उसने पुलिसिया अंदाज में बच्चों, रिश्तेदारों, बैंक खातों और संपत्ति की जानकारी मांगी। उसने कहा कि केस गंभीर है। तुम्हारे बच्चों की हत्या भी हो सकती है। पुलिस, एटीएस, सीबीआई, ईडी गिरफ्तार कर सकती है। सुमन लता घबरा गई और उसने बैंक पासबुक,आधार कार्ड, पेनकार्ड की प्रति आरोपितों को वॉट्सएप पर भेज दी। खातों का वेरिफिकेशन करने का बोलकर की धोखाधड़ी आरोपितों ने सुमन लता और विजय शंकर को डरा दिया। उन्हें मदद का भरोसा दिया गया। केस में सहयोग करने के लिए कहा गया। सुमन लता से कहा कि खातों का वेरिफिकेशन भी करना होगा। इसके लिए बैंक में जमा राशि उनके द्वारा बताए खातों में जमा करवाना पड़ेगी। खाते सत्यापित होने पर राशि पुन: ट्रांसफर कर देंगे। सुमन लता से एफडी तोड़ने के लिए कहा। यह भी कहा कि बैंक अफसर पूछताछ करे तो बताना बेटियों को रुपयों की आवश्यकता है। सुमन लता और विजयशंकर विजयनगर स्थित राज्य सहकारी बैंक मर्यादित में गए और एफडी तुड़वा कर एक बार 49 लाख 70 हजार और दूसरी बार में 65 लाख 30 हजार रुपये आरोपितों द्वारा बताए खातों में एनईएफटी के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद विजय शंकर की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। सुमन लता को चिंतित देख कर दामाद मनीष गौड़ ने पूछा तो पूरी घटना सामने आई। सुमन लता और विजय शंकर ने अपराध शाखा में शिकायत की।  

कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए बोत्सवाना से लाए गए 9 चीते

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अत्यंत हर्ष व्यक्त करते हुए कहा है कि बोत्सवाना से लाए गए 9 चीते (6 मादा और 3 नर चीते) शनिवार को श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बनना चाहते थे, लेकिन प्रदेश के विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की सतत्‌प्रतिबद्धताओं के मद्देनजर नई दिल्ली में होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ ‘प्रोजेक्ट चीता’ मध्यप्रदेश को ‘चीता स्टेट’ के रूप में वैश्विक पहचान दिला रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेन्द्र यादव का भी हृदय से आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने आज चीतों को सफलतापूर्वक कूनों में छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उपलब्धि वन्य जीव संरक्षण की दिशा में प्रदेश और देश के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए सभी प्रदेशवासियों एवं इस कार्य में जुटी पूरी टीम को भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।