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मध्य प्रदेश में फिर बढ़ेगी चीतों की संख्या: बोत्सवाना से आठ चीते लाने की तैयारी

भोपाल मध्य प्रदेश में चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। चीतों की संख्या में वृद्धि के लिए 28 फरवरी को बोत्सवाना से आठ और चीते लाए जाएंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष-2032 तक लगभग 17 हजार वर्ग किलो मीटर क्षेत्र में 60–70 चीतों की आत्मनिर्भर आबादी स्थापित करना है। इसके लिए गुजरात के बन्नी घास के मैदानों में संरक्षण प्रजनन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्य प्रदेश में चीता पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट विश्व का सबसे सफल अभियान है। यह परियोजना ‘प्रकृति से प्रगति’ का संदेश है। सितंबर 2022 में शुरू हुई वन्य जीव संरक्षण की इस यात्रा ने सफलता के तीन साल पूरे कर लिए। 2023 से 2026 के बीच 39 शावकों का जन्म 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को प्रधानमंत्री मोदी ने कूनो अभयारण्य के संरक्षित बाड़ों में छोड़ कर पुनर्स्थापना परियोजना का शुभारंभ किया। 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े गए। वर्ष 2023 से 2026 के बीच यहां 39 शावकों का जन्म हुआ, जिनमें से 27 शावक कूनो में स्वस्थ और जीवित हैं। राष्ट्रपति के साथ बोत्सवाना के राष्ट्राध्यक्ष मौजूद रह सकते हैं बताया जा रहा है कि इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के साथ बोत्सवाना के राष्ट्राध्यक्ष डुमा बोका भी मौजूद रह सकते हैं। कार्यक्रम केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में होगा। अति विशिष्ट अतिथियों के संभावित आगमन को लेकर कूनो पार्क में पांच हेलीपैड बनाए गए हैं। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए जा चुके हैं चीते एयरफोर्स के अधिकारियों की देखरेख में यहां हेलीकॉप्टर उतारने का ट्रायल भी किया गया है। बता दें कि भारत में चीता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ और 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए जाने के बाद अब बोत्सवाना से दो वयस्क मादा चीते और उनके छह शावक लाए जा रहे हैं।  

आधार कार्ड अपडेट कराना हुआ आसान! भोपाल में 35 से ज्यादा सेंटर एक्टिव, जानें कहां जाएं

भोपाल शहर में आधार से जुड़े कार्यों के लिए नागरिकों को अब भटकना नहीं पड़ेगा। नए नामांकन, मोबाइल-ईमेल अपडेट, पता परिवर्तन, बायोमेट्रिक और फोटो सुधार जैसी सुविधाएं 35 से अधिक सक्रिय केंद्रों पर उपलब्ध हैं। ये केंद्र डाकघरों, प्रमुख बैंक शाखाओं और अधिकृत आधार सेवा केंद्रों में संचालित हो रहे हैं। अधिकांश केंद्र सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहते हैं, जिससे कामकाजी लोगों को भी सहूलियत मिल रही है। जीपीओ भोपाल, एमपी नगर डाकघर, न्यू मार्केट, कोलार रोड, बैरागढ़ और गोविंदपुरा डाकघर में आधार सेवाएं दी जा रही हैं। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक की चयनित शाखाओं में भी अधिकृत आधार केंद्र संचालित हैं।   नगर निगम और कलेक्ट्रेट परिसर में भी केंद्र नगर निगम परिसर, कलेक्ट्रेट कार्यालय और विभिन्न कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर भी आधार अपडेट की सुविधा उपलब्ध है। यहां नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक सुधार कराए जा सकते हैं। जरूरी दस्तावेज और शुल्क पता परिवर्तन के लिए वोटर आईडी, बिजली बिल या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे वैध दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य है। निर्धारित शुल्क डेमोग्राफिक अपडेट के लिए 50 रुपये और बायोमेट्रिक अपडेट सहित सुधार के लिए 100 रुपये है। नागरिकों से अपील है कि तय शुल्क से अधिक राशि न दें और अपॉइंटमेंट के लिए यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।

अमेरिका ट्रेड समझौते पर घमासान: भोपाल में कांग्रेस का पहला किसान सम्मेलन, राहुल गांधी और खरगे होंगे शामिल

भोपाल अमेरिका के साथ ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस पहला किसान सम्मेलन मध्य प्रदेश में 24 फरवरी को करने जा रही है। इसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सम्मिलित होंगे। दोनों नेता दोपहर 12 बजे के करीब भोपाल पहुंचेंगे और तीन घंटे से अधिक समय तक रहेंगे। इस दौरान वे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की बैठक कर सकते हैं। किसान सम्मेलन अटल पथ अथवा लाल परेड मैदान में कराने की तैयारी है। इसमें प्रदेश भर से किसान आएंगे। राहुल का एक वर्ष में यह पांचवां प्रदेश दौरा राहुल गांधी का एक वर्ष में यह पांचवां प्रदेश दौरा है। इसके पहले वह इंदौर आए थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ट्रेड डील से सबसे अधिक नुकसान मध्य प्रदेश को होने वाला है, इस कारण किसान सम्मेलनों की शुरुआत मध्य प्रदेश से की जा रही है। भारत नहीं अमेरिका के किसानों की आय दोगुनी होगी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने चिंता की है कि यह डील देश हित में नहीं है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में कहा था कि देश के किसानों की आय दोगुनी होगी, लेकिन ट्रेड डील से अमेरिका के किसानों की आय दोगुनी करना चाहते हैं। इसमें चिंतन करने की जरूरत है। देश में इतना सोयाबीन उत्पादित हो रहा है कि बाहर से लाने की जरूरत ही नहीं है। इस डील से भारत के लोगों की रोजी-रोटी पर अमेरिका अतिक्रमण करेगा।

MP में बढ़ेगी चीतों की संख्या, 28 फरवरी को बोत्सवाना से आएंगे 8 नए मेहमान

भोपाल मध्य प्रदेश में चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। चीतों की संख्या में वृद्धि के लिए 28 फरवरी को बोत्सवाना से आठ और चीते लाए जाएंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष-2032 तक लगभग 17 हजार वर्ग किलो मीटर क्षेत्र में 60–70 चीतों की आत्मनिर्भर आबादी स्थापित करना है। इसके लिए गुजरात के बन्नी घास के मैदानों में संरक्षण प्रजनन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्य प्रदेश में चीता पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट विश्व का सबसे सफल अभियान है। यह परियोजना ‘प्रकृति से प्रगति’ का संदेश है। सितंबर 2022 में शुरू हुई वन्य जीव संरक्षण की इस यात्रा ने सफलता के तीन साल पूरे कर लिए। 2023 से 2026 के बीच 39 शावकों का जन्म 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को प्रधानमंत्री मोदी ने कूनो अभयारण्य के संरक्षित बाड़ों में छोड़ कर पुनर्स्थापना परियोजना का शुभारंभ किया। 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े गए। वर्ष 2023 से 2026 के बीच यहां 39 शावकों का जन्म हुआ, जिनमें से 27 शावक कूनो में स्वस्थ और जीवित हैं। राष्ट्रपति के साथ बोत्सवाना के राष्ट्राध्यक्ष मौजूद रह सकते हैं बताया जा रहा है कि इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के साथ बोत्सवाना के राष्ट्राध्यक्ष डुमा बोका भी मौजूद रह सकते हैं। कार्यक्रम केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में होगा। अति विशिष्ट अतिथियों के संभावित आगमन को लेकर कूनो पार्क में पांच हेलीपैड बनाए गए हैं। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए जा चुके हैं चीते एयरफोर्स के अधिकारियों की देखरेख में यहां हेलीकॉप्टर उतारने का ट्रायल भी किया गया है। बता दें कि भारत में चीता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ और 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए जाने के बाद अब बोत्सवाना से दो वयस्क मादा चीते और उनके छह शावक लाए जा रहे हैं।

मध्यप्रदेश में उपग्रह टेलीमेट्री जैसे नवाचारों से बढ़ रही है गद्धों की संख्या

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सोमवार को हलाली डेम क्षेत्र में लुप्तप्राय प्रजाति के 5 गिद्धों को प्राकृतिक आवास में मुक्त करेंगे। इनमें चार भारतीय गिद्ध (जिप्स इंडिकस) और एक सिनेरियस गिद्ध (एजिपीयस मोनाकस) शामिल हैं। उच्च परिशुद्धता वाले जीपीएस-जीएसएम उपग्रह ट्रांसमीटरों से सुसज्जित पाँच दुर्लभ प्रजाति के गिद्धों को भोपाल स्थित गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र में व्यवस्थित अनुकूलन और अवलोकन अवधि के बाद मुक्त किया जा रहा है। टैगिंग प्रक्रिया सभी संबंधित संस्थाओं एवं वन विभाग के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में वाइल्डलाइफ एसओएस के वन्यजीव पशु चिकित्सक की देखरेख में हुई। यह पहल मध्यभारत के विकसित होते ‘गिद्ध परिदृश्य’ को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जहाँ भारतीय गिद्ध सामान्यतः एक ही क्षेत्र में रहते हैं, वहीं सिनेरियस गिद्ध मध्य एशियाई फ्लाईवे के अंतर्गत लंबी दूरी का प्रवास करते हैं, जो 30 से अधिक देशों तक फैला विश्व का एक प्रमुख प्रवासी पक्षी गलियारा है। पक्षी संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश वन विभाग ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के सहयोग से गिद्धों की गतिविधियों और निगरानी के लिए उपग्रह टेलीमेट्री कार्यक्रम प्रारंभ किया है। टेलीमेट्री से प्राप्त आंकड़ों के माध्यम से गिद्धों के भूदृश्य उपयोग, आवागमन पैटर्न और मानव-जनित दबावों के प्रति उनकी प्रतिक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है। इससे प्रमुख पड़ाव स्थलों और भोजन क्षेत्रों की पहचान, संरक्षित एवं मानव-प्रधान क्षेत्रों में उनकी पारिस्थितिकी को समझने तथा बिजली के झटके, विषाक्तता और आवास क्षरण जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता मिल रही है। इस प्रक्रिया में संग्रहित वैज्ञानिक प्रमाण अधिक प्रभावी खतरा-निवारण रणनीतियाँ विकसित करने और सीमा-पार सहयोग सहित भूदृश्य स्तर पर संरक्षण योजनाओं को सशक्त बनाने में सहायक होंगे। मध्यप्रदेश में उपग्रह टेलीमेट्री से गिद्ध संरक्षण की एकीकृत डेटा-आधारित एवं भूदृश्य-स्तरीय संरक्षण का पारस्थितिकी तंत्र विकसित हुआ है। इससे लुप्तप्राय गिद्ध प्रजातियों का संरक्षण होगा और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के प्रहरी के रूप में उनकी भूमिका भी दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित होगी। भारतीय परंपरा में गिद्धों को शक्ति और सम्मान का प्रतीक माना गया है। रामायण में उल्लेख है कि जटायु ने रावण से माता सीता की रक्षा के प्रयास में आत्मोत्सर्ग कर दिया। रामायण में ही उसके भाई सम्पाती की भी कथा है, जिसने अपने छोटे भाई जटायु को सूर्य की तपन से बचाते हुए बलिदान दे दिया था। पर्यावरण पारिस्थितिकी तंत्र में गिद्ध प्रकृति के सफाईकर्मी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गिद्ध पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, साथ ही बीमारियों के प्रसार को रोकने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मध्यप्रदेश लंबे समय से देश में गिद्धों की समृद्ध आबादी का केंद्र रहा है। प्रदेश में भारतीय गिद्ध (लॉन्ग-बिल्ड वल्चर), सिनेरियस गिद्ध (ब्लैक वल्चर), मिस्र गिद्ध (व्हाइट स्कैवेंजेर वल्चर) और हिमालयन ग्रिफॉन जैसी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। हाल ही में वल्चर एस्टिमेशन-2026 के पहले दिन दक्षिण पन्ना वन प्रभाग में एक हजार से अधिक गिद्धों का अवलोकन किया गया, जो हाल के वर्षों में सर्वाधिक संख्या है।  

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में मप्र का दबदबा, 15 नेताओं को मिला अवसर

भोपाल भाजपा संगठन की राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश के कई चेहरे दिखाई दे सकते हैं। प्रदेश संगठन ने राज्य के ऐसे 15 नेताओं के नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे हैं, जो अलग- अलग अंचलों से हैं और अभी सत्ता या संगठन के किसी पद पर नहीं हैं। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम का गठन होना है और अन्य मोर्चे भी गठित किए जाने हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने इस बारे में प्रदेश संगठन से सुझाव मांगे थे। वर्तमान में मध्य प्रदेश से सत्यनारायण जटिया (संसदीय बोर्ड सदस्य), ओम प्रकाश धुर्वे (राष्ट्रीय सचिव) और लाल सिंह आर्य (राष्ट्रीय अध्यक्ष, एससी मोर्चा) जैसे नेता राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी 2029 के लोकसभा चुनाव और संगठन की मजबूती को ध्यान में रखकर अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा और महिला चेहरों को भी वरीयता देना चाहती है। पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम में मध्य प्रदेश से कैलाश विजयवर्गीय सहित चार नेताओं को स्थान मिला था। उस दौरान कैलाश विजयवर्गीय राष्ट्रीय महासचिव थे।   बाद में वर्ष 2023 में वह राज्य में मंत्री बना दिए गए। पार्टी नेताओं का मानना है कि चूंकि पूर्व में राष्ट्रीय संगठन में एक ही समय में मध्य प्रदेश से दो-दो महासचिव थावरचंद गहलोत और नरेंद्र सिंह तोमर रहे हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नितिन नवीन की टीम में भी मध्य प्रदेश का प्रभाव बढ़ सकता है। इस बार भी चार से पांच नेताओं को नितिन नवीन की टीम में स्थान मिलने की संभावना है। इसमें एक या दो महिलाएं भी हो सकती हैं। इसके साथ ही युवा नेताओं को भी अवसर मिल सकता है। बाकी अन्य को मोर्चा- प्रकोष्ठ में शामिल किया जा सकता है। दरअसल, मध्य प्रदेश हमेशा से ही भाजपा के लिए एक प्रयोगशाला की तरह रहा है। हिंदू महासभा हो या जनसंघ, दोनों की जड़ें मध्य प्रदेश में मजबूत रही हैं। यही कारण है कि भाजपा यहां लंबे समय से सत्ता में है। संगठन की मजबूती की दूसरी वजह यहां के कुशल संगठनकर्ता भी माने जा सकते हैं। जिनकी वजह से राष्ट्रीय संगठन के स्तर पर भी यहां के भाजपा कार्यकर्ताओं का दबदबा रहा है।

मध्य प्रदेश में खून की सुरक्षा पर बड़ा फैसला, अस्पतालों में लागू होगा ‘NAT’ टेस्ट

भोपाल प्रदेश के अस्पतालों में अब रोगियों को नैट (न्यूक्लिक एसिड टेस्ट) मशीन से जांचा हुआ रक्त ही चढ़ाने के लिए ब्लड बैंक से दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने यह व्यवस्था पिछले वर्ष दिसंबर में सतना के जिला अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित चार बच्चों को एचआइवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की घटना से सबक लेते हुए शुरू की है। इंदौर-भोपाल के शासकीय मेडिकल कालेज में पहले से यह मशीन लगी है। अब सभी संभागीय मुख्यालयों में नैट मशीनें स्थापित करने की तैयारी है। मशीन स्थापना और संचालन की कार्ययोजना बता दें कि नैट मशीनें सरकारी मेडिकल कालेजों या ज्यादा रक्त संग्रहण वाले जिला अस्पतालों में लगाई जाएंगी, जहां से रक्त अन्य अस्पतालों के ब्लड बैंकों में पहुंचाया जाएगा। मशीनें सरकार नहीं बल्कि निजी कंपनी लगाएंगी, इसके बदले में उन्हें प्रति टेस्ट के मान से भुगतान किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा जिला अस्पताल में सभी ग्रुप का ब्लड उपलब्ध रहे, ताकि इमरजेंसी में भी नैट से बिना जांचे रक्त चढ़ाने की नौबत न आए।   रक्त में पांच बीमारियों की होगी सूक्ष्म जांच रक्तदान से मिलने वाले ब्लड में एचआइवी, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, मलेरिया और वीडीआरएल (यौन संक्रामक रोग) सहित पांच प्रकार की बीमारियों की जांच की जाती है। एचआइवी जांच कहीं रैपिड किट से तो कहीं एचआइवी का एक्लिया टेस्ट से की जाती है। एक्लिया टेस्ट में बीमारी आसानी से पकड़ में आ जाती है। सतना में एक्लिया की किट खत्म होने के कारण कुछ टेस्ट रैपिड किट से किए गए। नैट का लाभ यह है कि इसमें एचआइवी का विंडो पीरियड घटकर 15 दिन रह जाता है। विंडो पीरियड का लाभ और भविष्य की चुनौतियां विंडो पीरियड वह अवधि है, जिसमें बीमारी के विरुद्ध शरीर में एंटी बाडी नहीं बनने से वह पकड़ में नहीं आती। नई व्यवस्था में यह होगी चुनौती अधिकतर मामलों में स्वजन या परिचित द्वारा रक्तदान करने पर ही बदले में उसे ब्लड दिया जाता है। नैट से जांचा ब्लड ही रोगियों को उपलब्ध कराया जाए इसमें बड़ी चुनौती यह रहेगी कि ब्लड बैंक में सभी ब्लड ग्रुप का रक्त उपलब्ध रहे।

त्योहार में सफर आसान: होली को लेकर रेलवे ने चलाई विशेष ट्रेनें, जानें पूरा रूट और स्टॉपेज

बीना रेलवे ने होली पर यात्रियों की सुविधा एवं उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों के लिए विशेष किराए पर स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है। इसी के तहत रेलवे ने एलटीटी-बनारस-एलटीटी, पुणे-गोरखपुर-पुणे एवं सीएसएमटी-गोरखपुर-सीएसएमटी के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। रेलवे जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि 01073 एलटीटी-बनारस स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 25 एवं 26 फरवरी और होली के अवसर पर 4 एवं 5 मार्च को लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्टेशन से दोपहर 12.15 बजे चलेगी, जो जंक्शन पर रुकते हुए तीसरे दिन रात 1.10 बजे बनारस स्टेशन पहुंचेगी। 01074 बनारस-एलटीटी स्पेशल ट्रेन 27 एवं 28 फरवरी एवं 6 एवं 7 मार्च को सुबह 6.35 बजे बनारस से चलेगी, जो जंक्शन पर रुकते हुए दूसरे दिन शाम 4.40 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी। ट्रेन में एक एसी द्वितीय श्रेणी, 6 एसी तृतीय श्रेणी, 9 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य श्रेणी और 2 एसएलआरडी सहित कुल 22 कोच रहेंगे। ट्रेन दोनों दिशाओं में ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, रानी कमलापति, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, गोविंदपुरी जंक्शन, फतेहपुर, सूबेदारगंज (प्रयागराज) एवं वाराणसी स्टेशनों पर रुकेगी। पुणे-गोरखपुर-पुणे चलेगी 16-16 ट्रिप 01415 पुणे-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन 21 से 28 फरवरी व 1 से 8 मार्च तक प्रतिदिन पुणे स्टेशन से सुबह 6.50 बजे चलेगी, जो बीना स्टेशन पर रुकते हुए दूसरे दिन शाम 4 बजे गोरखपुर स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार 01416 गोरखपुर-पुणे स्पेशल ट्रेन 22 फरवरी से 9 मार्च तक प्रतिदिन शाम 5.30 बजे गोरखपुर से चलेगी, जो जंक्शन पर रुकते हुए तीसरे दिन 3.15 बजे पुणे स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन में 1 एसी द्वितीय श्रेणी, 5 एसी तृतीय श्रेणी, 6 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य श्रेणी एवं 2 एसएलआरडी सहित कुल 18 कोच रहेंगे। यह स्टेशन पर दौंड कॉर्ड लाइन, अहिल्यानगर जंक्शन (अहमदनगर), कोपरगांव, मनमाड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, रानी कमलापति, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, गोंडा एवं बस्ती स्टेशनों पर रुकेगी। सीएसएमटी-गोरखपुर-सीएसएमटी के बीच चलेगी 16 ट्रिप स्पेशल ट्रेन 01079 सीएसएमटी-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन 21 फरवरी से 8 मार्च तक प्रतिदिन सीएसएमटी स्टेशन से रात 10.30 बजे चलेगी, जो जंक्शन पर रुकते हुए तीसरे दिन सुबह 10 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। इसी प्रकार 01080 गोरखपुर-सीएसएमटी स्पेशल ट्रेन 23 फरवरी से 10 मार्च तक प्रतिदिन दोपहर 2.30 बजे गोरखपुर से चलेगी, जो जंक्शन पर रुकते हुए तीसरे दिन रात 12.40 बजे सीएसएमटी पहुंचेगी। इस ट्रेन में एक एसी द्वितीय श्रेणी, 6 एसी तृतीय श्रेणी, 9 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य श्रेणी एवं 2 एसएलआरडी सहित कुल 22 कोच रहेंगे। यह ट्रेन दोनों तरफ से दादर, ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, मनमाड़, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, कानपुर सेन्ट्रल, लखनऊ, गोंडा, बस्ती एवं खलीलाबाद स्टेशनों पर रुकेगी।

अब एक क्लिक में मिलेगा इलाज का पूरा रिकॉर्ड, BMHRC-हाइट्स एग्रीमेंट से पीड़ितों को बड़ी मदद

भोपाल भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (BMHRC) में उपचार करा रहे गैस पीड़ितों और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं अब और अधिक आधुनिक व सुगम होने जा रही हैं। अस्पताल में वर्षों पुराने मेडिकल रिकार्ड्स को अब पूरी तरह डिजिटल प्रारूप में बदला जाएगा। इसके लिए शनिवार को बीएमएचआरसी ने भारत सरकार के उपक्रम एचएलएल इन्फ्राटेक सर्विसेज लिमिटेड ((HITES) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। BMHRC की प्रभारी निदेशक डा. मनीषा श्रीवास्तव और हाइट्स के जोनल हेड प्रेम प्रकाश के बीच हुए इस समझौते के तहत मरीजों के पुराने रिकार्ड को स्कैन कर अस्पताल के 'हास्पिटल इन्फार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम' (HIMS) से जोड़ा जाएगा। यह कार्य आगामी एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद मरीजों को भारी-भरकम फाइलें लेकर अस्पताल नहीं भटकना पड़ेगा।   सटीक इलाज और समय की बचत रिकार्ड डिजिटल होने से डाक्टरों को मरीज का पुराना उपचार इतिहास, पुरानी जांच रिपोर्ट और दवाओं का विवरण कंप्यूटर स्क्रीन पर ही मिल जाएगा। इससे न केवल इलाज में तेजी आएगी, बल्कि बार-बार होने वाली अनावश्यक जांचों से भी बचा जा सकेगा। आपात स्थिति में यह तकनीक जीवनरक्षक साबित होगी, क्योंकि मरीज की एलर्जी या पिछली सर्जरी की जानकारी तुरंत उपलब्ध होगी। डिजिटलीकरण के फायदे     त्वरित निर्णय: डाक्टर स्क्रीन पर ही देख सकेंगे मरीज की संपूर्ण स्वास्थ्य कुंडली।     फाइलों से मुक्ति: कागजी दस्तावेजों के गुम होने या फटने का डर होगा खत्म।     समय की बचत: रजिस्ट्रेशन से लेकर उपचार तक की प्रक्रिया होगी पेपरलेस।     पारदर्शिता: जांच रिपोर्ट और दवाओं का पूरा विवरण सुरक्षित रूप से रहेगा उपलब्ध।

बारिश की चेतावनी के बीच गर्मी का असर: मध्य प्रदेश के 7 जिलों में हल्की बारिश, तापमान में उछाल

भोपाल मध्य प्रदेश में फरवरी के महीने में चौथी बार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को मंडला, डिंडौरी समेत कुल 7 जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। साथ ही, तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है और पारा 3 से 4 डिग्री तक चढ़ सकता है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की एक्टिविटी के कारण हाल ही में पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, सागर, जबलपुर, धार, इंदौर, खंडवा, रायसेन, रतलाम, उज्जैन सहित 15 से अधिक जिलों में हल्की बारिश हुई थी। इसके बाद भोपाल में शनिवार को बादल छाए रहे, लेकिन दिन के समय तेज धूप निकल आई, जिससे तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज क्षेत्रों में भी मौसम बदला और हल्की बारिश हुई। ग्वालियर में रविवार को मौसम सामान्य रहा, तापमान में कोई खास बदलाव नहीं था। इंदौर में हालांकि, शनिवार को सुबह ठंड थी, लेकिन दिन में गर्मी महसूस हुई, और तापमान 31°C के आसपास पहुंच गया। रात में हल्की ठंड का असर था, तापमान 13°C तक लुढ़क गया। रविवार को भी तेज धूप निकलने से ठंड का असर लगभग खत्म हो गया। प्रदेश में फरवरी महीने में अब तक तीन बार बारिश हो चुकी है। फरवरी की शुरुआत में ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा, जिसके कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद, 18 फरवरी से तीसरी बार बारिश का दौर शुरू हुआ था, और अब चौथी बार 23 फरवरी को बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का प्रभाव अब आगे बढ़ चुका है, जिसके कारण लगातार बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन सोमवार को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में बारिश हो सकती है। 22 फरवरी को मौसम साफ रहेगा और बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।