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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में सहभागिता

निर्भय होकर एआई से प्रदेश के विकास की सभी संभावनाओं पर करेंगे काम प्रदेश में एआई बेस्ड डेटा सेंटर की स्थापना के लिए निवेशक आमंत्रित मध्यप्रदेश जल्द लांच करेगा स्टेट एआई मिशन कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सुशासन में एआई का करेंगे उपयोग धार्मिक पर्यटन बढ़ाने और सिंहस्थ महाकुंभ के समुचित नियोजन एवं प्रबंधन में करेंगे एआई का इस्तेमाल   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कोई भी नई तकनीक तभी सार्थक है, जब वह मानवता के हित में अवसरों से भरपूर और कारगर हो। हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को नवाचार के साथ सबके विकास, सामाजिक समरसता, सुशासन और देश-प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साधन के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल परिवर्तनों को अपनाकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में एआई कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन उद्योग और प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी, निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और आम नागरिक तक योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय एकता और सामूहिक संकल्प का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा। हम सब एकजुट होकर एआई के माध्यम से भारत को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। एआई तकनीक हमारे लिए अवसर भी है और जिम्मेदारी भी। शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्टेट एआई मिशन लांच करेगा, जो शासन प्रणाली, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों को तकनीक आधारित रूप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के समापन सत्र में सहभागिता की। उन्होंने भारत मंडपम् स्थित भोपाल मीडिया सेंटर में नेशनल मीडिया करेस्पांडेंट्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और इसके इस्तेमाल पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एआई से निर्भय होकर देश के हित में काम करने पर जोर दिया है। हमारी सरकार प्रदेश की समृद्धि के लिए सभी चुनौतियों से उबरकर तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें मध्यप्रदेश भी अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश, भारत का 5वां बड़ा राज्य है। राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में एआई की मदद से सही समय पर बीमारियों की पहचान और उनका निदान एवं सुदूर अंचलों तक बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश में नए-नए उद्योग स्थापित करने के लिए हमारे पास पर्याप्त भूमि और पानी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई को “नये जमाने की नई वैज्ञानिक विधा” बताते हुए इसके जिम्मेदारीपूर्ण और मानवीय उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई तकनीकी प्रगति के माध्यम के साथ मानव जीवन की गुणवत्ता सुधारने का सशक्त साधन भी है। भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र के लिए यह आवश्यक है कि एआई का विकास और उपयोग भारतीय मानवीय मूल्यों के संरक्षण के साथ हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में प्रतिभा, संसाधन और दृष्टि, तीनों का अद्वितीय संगम मौजूद है। सही दिशा में एआई का उपयोग कर हम अपने देश को वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी भूमिका में ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य इसकी तकनीकी श्रेष्ठता, नैतिकता, पारदर्शिता और समावेशिता में निहित है। यह हम पर है कि हम इसका उपयोग किस तरह, किस दिशा में और किस लक्ष्य के लिए कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रदेश देश के मध्य में स्थित है। हमारे पास पर्याप्त लैंड बैंक है। प्रदेश में एआई आधारित एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस डेटा सेंटर की स्थापना के लिए हमने बड़े निवेशकों और कम्पनियों को भी आमंत्रित किया है। एआई के जरिए प्रदेश के तकनीकी विकास और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को गति मिलेगी। प्रदेश के नागरिकों के कल्याण के लिए हम हर सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। किसानों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका क्रांतिकारी सिद्ध होगी। किसानों के लिए फसलों में होने वाली बीमारियों की सही समय पर जांच और उपचार करने से उत्पादन में लाभ मिलेगा। बहुफसलीय खेती को बढ़ाने, किसानों को बिजली-पानी और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और आवागमन सुगम बनाने सहित हर सेक्टर में एआई का भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के बड़े और छोटे शहरों में आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। हमारे युवाओं में टैलेंट की कमी नहीं है। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। एआई के माध्यम से भी लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में एआई सेक्टर के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट सपोर्ट, इंडस्ट्री में उपयोग, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़कर इंडस्ट्री रिसर्च सेंटर को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए हम आगे बढ़ेंगे। एआई स्टार्ट-अप को सरकार के साथ काम करने का अवसर देने के लिए भी हम काम कर रहे हैं। एमएसएमई में नए शोध को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मध्यप्रदेश बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर नई संभावनाओं की ओर देख रहा है। इस सेक्टर में भी एआई के उपयोग को भविष्य में प्रोत्साहन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा राज्य कृषि क्षेत्र में समृद्ध होता जा रहा है। मध्यप्रदेश गेहूं और धान उत्पादन में अग्रणी है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए फल उद्यान, बागवानी फसलों और जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग हमारे सभी किसानों को एआई का भरपूर लाभ दिलाने में मदद करेगा। प्रदेश सरकार कृषि उत्पादन सहित हर सेक्टर में एआई के उपयोग के लिए तैयार है। एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर में भी एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य में सिकल सेल एनीमिया से लड़ने में भी एआई का लाभ लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के प्रदेश में सबसे … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम राज्य के स्थापना दिवस पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम राज्य के 39वें स्थापना दिवस पर दोनों राज्यों के प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलकामना करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परम्पराओं से समृद्ध अरुणाचल प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त बनाता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से सुसज्जित मिजोरम निरंतर विकास, शांति और खुशहाली के नए आयाम स्थापित करता रहे। उल्लेखनीय है कि दोनों ही राज्यों की स्थापना 20 फरवरी 1987 को हुई थी। पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने से पहले यह दोनों ही अंचल केंद्र शासित प्रदेश हुआ करते थे।

शादी का झांसा देकर नवयुवती का शारीरिक शोषण का आरोपी कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार

 अनूपपुर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान जी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम जी एवं एस.डी.ओ.पी. नवीन तिवारी जी के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा 19 वर्षीय नवयुवती को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने के अपराध में आरोपी शिवम महरा निवासी ग्राम हथगला थाना बुढार जिला शहडोल को गिरफ्तार किया गया है। थाना कोतवाली अनूपपुर क्षेत्रान्तर्गत निवासी 19 वर्षीय नवयुवती द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि शिवम महरा निवासी ग्राम हथगला जिला शहडोल ने मित्रता की और शादी करने का विश्वास दिलाकर पिछले एक साल से शारीरिक शोषण किया जा रहा है। जो उक्त रिपोर्ट पर तत्काल अपराध क्रमांक 105/26 धारा 69 बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया जाकर टी. आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, प्रधान आरक्षक शेख रसीद , आरक्षक अब्दुल कलीम की टीम के द्वारा आरोपी शिवम महरा पिता विजय महरा उम्र 21 साल निवासी ग्राम हथगला थाना बुढार जिला शहडोल को गिरफ्तार किया गया है।

गली गली घूम रहे पागल इंसानों के लिए कोई नही हैं जिम्मेदार

छबिलाल राजेंद्रग्राम इन दिनों राजेंद्र ग्राम में पागल आवारा घूम रहे इंसानों के देखभाल के लिए कोई जिम्मेदार व्यक्ति दिखाई नहीं दे रहे हैं वा इनको पूछताछ करने वाला कोई जिम्मेदार व्यक्ति ही नहीं है कि ये लोग कहां रहते हैं क्या करते हैं और क्या खाते पीते हैं रात कैसे काटते है इनका ठिकाना वा जानकारी लेने वाले शासन प्रशासन भी नही दिखाई पड़ रहे है। अगर कोई भी घटना होती है तो जिम्मेदार कोन होगा शासन प्रशासन वा पंचायत कर्मचारी कौन होगा  अगर माना  जाए तो राजेंद्र ग्राम में लगभग कम से कम दो या तीन आवारा पागल घूम रहे हैं जो कि ये कहा के है किसी को पता ही नही है इनको कमसे कम पूछ तो लिया जाता की कहां से आए हो क्या नाम है गांव का क्या नाम है माता-पिता का क्या नाम है और जिससे इनको उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके लेकिन पूछने वाला ही नहीं है कोई जबकि कहा जाए तो पूरे पुष्पराजगढ़ के अधिकारी कर्मचारी सहित आम नागरिक  वा दुकानदार पूरे सप्ताह आते जाते इन्हीं का दर्शन करने में लगे रहते हैं ऐसा हो गया है की राजेंद्रग्राम तीर्थ स्थल है जिनके देवता यही पागल ही है ।और आते जाते राहगीर दर्शन करते रहते हैं। इन पागलों का हुलिया देखकर डरावना सा लगता है कोई पागल कपड़ा पहना है कोई पागल नंगा घूम रहा है पर किसी को इन पागल व्यक्तियों के ऊपर एक भी दया  नाम की चीज नहीं है। आते जाते राहगीरों को कहना है की इन सभी पागलों का नाम ठिकाना जानकर ठिकाना लगाने की सख्त जरूरत है

MP में महुआ से बनी मदिरा को अन्य राज्यों में ड्यूटी फ्री कराने की होगी कोशिश

भोपाल. प्रदेश के आदिवासियों के स्व-सहायता समूहों द्वारा महुआ से निर्मित मदिरा को अन्य राज्यों में ड्यूटी मुक्त कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए उनके राज्यों की हेरिटेज अथवा विशेष मदिरा को प्रदेश में ड्यूटी फ्री किया जाएगा। यह प्रविधान आबकारी नीति 2026 में किया गया है। इसके साथ ही शराब ठेके में साधारण बैंक गारंटी एवं सावधि जमा (एफडी) मान्य नहीं की जाएगी। प्रतिभूति राशि के रूप में सिर्फ ई-चालान/ई बैंक गारंटी ही मान्य होंगी। 2021-22 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महुआ को हेरिटेज लिकर के रूप में मान्यता दी गई है। इसके तहत पारंपरिक महुआ से हेरिटेज मदिरा बनाने के लिए सरकार द्वारा आदिवासी स्वयं सहायता समूहों को लाइसेंस, आधुनिक प्रशिक्षण और कर छूट दी जा रही है। इसे अन्य राज्यों में प्रोत्साहित करने के लिए नीति में प्रविधान किया गया है कि कोई राज्य यदि महुआ से बनी मप्र की मदिरा को ड्यूटी फ्री करता है तो यहां भी उनके उत्पाद को ड्यूटी फ्री किया जा सकेगा। आरक्षित मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि प्रदेश की सभी 3,553 शराब दुकानों की नीलामी ई-टेंडर और ई-आक्शन के माध्यम से होगी। दुकानें आरक्षित मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ नीलाम होंगी। आरक्षित मूल्य के आधार पर जिले के समूह को तीन-चार बैच में वर्गीकृत किया जाएगा। नीति में शराब की ड्यूटी दरें, विनिर्माण इकाई, बार आदि की लाइसेंस फीस यथावत रखी है। शराब विनिर्माताओं को पूर्व वर्षों की तरह अपने उत्पाद की कीमत के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं है। विनिर्माता पोर्टल पर निर्धारित व्यवस्था अनुसार अपने उत्पाद की कीमत घोषित कर सकेंगे। देश के बाहर मदिरा के निर्यात को प्रोत्साहन देने लिए फीस में संशोधन, लेबल पंजीयन में सरलीकरण आदि प्रविधान किया गया है।

पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर दर्ज नक्शे से होगा डूब क्षेत्र में आने वाले वन क्षेत्रों का सत्यापन

भोपाल. मध्य प्रदेश में बांध और सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित डूब क्षेत्र में आने वाली वन भूमि का सत्यापन अब पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर दर्ज आधिकारिक नक्शों के आधार पर किया जाएगा। वन विभाग ने जल संसाधन विभाग को स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर अपलोड वन भूमि मानचित्र को ही सत्यापन का आधार बनाया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्र की सटीक पहचान और क्षतिपूर्ति प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी हो सके। इस पहल का उद्देश्य भारत सरकार के महत्वाकांक्षी डिजिटल प्लेटफॉर्म का शासकीय कार्यों में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। इससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा और परियोजनाओं की स्वीकृति में लगने वाला समय भी घटेगा। एकीकृत डाटा से मिलेगी सटीक जानकारी पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर वन भूमि के साथ-साथ रेलवे, राजस्व, जल संसाधन, सिंचाई, नदियां, खनन और सड़क नेटवर्क से जुड़ी जानकारी भी एकीकृत रूप से उपलब्ध है। इससे किसी परियोजना के लिए अलग-अलग विभागों में फाइलें भेजने की आवश्यकता कम होगी। आपदा प्रबंधन में भी कारगर पोर्टल पर भूस्खलन जोन, बाढ़ संभावित क्षेत्र, आबादी का स्वरूप, ऊंचाई, स्कूल, अस्पताल, परिवहन नेटवर्क, गोदाम, दूरसंचार नेटवर्क और मिट्टी की स्थिति जैसे डेटा मैप किए गए हैं। यह जानकारी आपदा प्रबंधन के दौरान जिला प्रशासन को त्वरित और सटीक निर्णय लेने में मदद करेगी। जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) आधारित इस प्लेटफॉर्म से डूब क्षेत्र में आने वाली वन भूमि का सत्यापन अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगा, जिससे विकास और पर्यावरण संतुलन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकेगा।

Virat Kohli की RCB को 16,500 करोड़ का ऑफर देकर बॉस बनेंगे अवराम ग्लेजर

भोपाल/इंदौर. कौन होगा Virat Kohli की RCB का नया बॉस अदार पूनावाला को पछाड़ इस दिग्गज ने दिया 16,500 करोड़ रुपये का ऑफर! आईपीएल की चर्चित फ्रेंचाइजी RCB को लेकर बड़ी हलचल तेज हो गई है। मौजूदा मालिक समूह टीम में हिस्सेदारी या पूरी बिक्री के विकल्प पर विचार कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कई अंतरराष्ट्रीय और भारतीय निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है और बोली की रकम हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। RCB की बिक्री की चर्चा क्यों? RCB, यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड की सब्सिडियरी रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत आती है। मालिकाना हक रखने वाली कंपनी टीम में आंशिक या पूर्ण हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। फ्रेंचाइजी की संभावित वैल्यूएशन करीब 2 बिलियन डॉलर (लगभग 17 हजार करोड़ रुपये) तक आंकी जा रही है। बड़े नामों की एंट्री अब तक 9-10 बड़े निवेशक RCB को खरीदने में रुचि दिखा चुके हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ Adar Poonawalla भी संभावित खरीदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म्स जैसे Blackstone Inc. और Carlyle Group Inc. का नाम भी चर्चा में है। Avram Glazer ने लगाई बड़ी बोली Avram Glazer ने RCB के लिए लगभग 1.8 बिलियन डॉलर (करीब 16.5 हजार करोड़ रुपये) की बोली लगाई है। Avram Glazer, इंग्लिश फुटबॉल क्लब Manchester United के सह-मालिक हैं। उनका परिवार NFL टीम Tampa Bay Buccaneers का भी मालिक है। ग्लेजर परिवार पहले भी IPL में निवेश की कोशिश कर चुका है, लेकिन 2021 में एक्सपेंशन फ्रेंचाइजी की बोली में सफलता नहीं मिली थी। मौजूदा मालिक कौन? RCB की मौजूदा मालिक Diageo PLC है। Diageo ने विजय माल्या के स्पिरिट्स कारोबार का अधिग्रहण करने के बाद टीम पर नियंत्रण हासिल किया था। विजय माल्या का दौर RCB की स्थापना के बाद शुरुआती मालिक Vijay Mallya थे। मार्च 2016 में उन्होंने टीम के डायरेक्टर पद और बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। विराट कोहली का कनेक्शन भारतीय स्टार बल्लेबाज Virat Kohli लंबे समय से RCB का हिस्सा रहे हैं और टीम की पहचान उनसे जुड़ी रही है।

कैलाश विजयवर्गीय ने भागीरथपुरा मौतों पर उमंग सिंगार को याद दिलाई ‘औकात’

भोपाल. गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में नगरीय विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर जोरदार हंगामा हुआ। अदाणी समूह और सरकार के बीच बिजली समझौतों को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा उठाए गए सवालों के दौरान विवाद बढ़ गया। उद्योगपति अदाणी का नाम लिए जाने पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और नाम कार्यवाही से हटाने की मांग की। इसी दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने सबूत मांगे। सिंघार ने कहा कि उनके पास प्रमाण हैं और वे प्रस्तुत करेंगे। बहस तेज होने पर विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष से “अपनी औकात में रहने” की टिप्पणी कर दी। इसके बाद विपक्ष ने तीखा विरोध शुरू कर दिया और सदन में हंगामा मच गया। सात बार स्थगित हुई कार्रवाई स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने हस्तक्षेप किया और कहा कि सदन में बनी असहज स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्रवाई सात बार स्थगित करनी पड़ी। सत्ता पक्ष के सदस्य भी अध्यक्ष की दीर्घा के पास पहुंच गए, जिससे वातावरण और तनावपूर्ण हो गया। मुख्यमंत्री ने मांगी माफी हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सदन में सभी की ओर से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वे संसदीय मर्यादा बनाए रखने के पक्षधर हैं। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपनी टिप्पणी पर दुख जताते हुए कहा कि उनका 37 वर्ष का संसदीय अनुभव है और वे अपने व्यवहार से प्रसन्न नहीं हैं। उन्होंने भविष्य में नेता प्रतिपक्ष की गरिमा का ध्यान रखने की बात कही। आज विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन नेता प्रतिपक्ष श्री @UmangSinghar जी एवं कांग्रेस पार्टी के सभी विधायकगण ने सरकार के झूठे और खोखले वादों और घोषणाओं के विरुद्ध विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया। — Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) February 19, 2026 भागीरथपुरा मौतों पर इस्तीफे की मांग इससे पहले कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर कैलाश विजयवर्गीय और लोक स्वास्थ्य विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से इस्तीफे की मांग की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह मृत्यु नहीं बल्कि हत्या है और सिस्टम ने 35 लोगों की जान ली है। सरकार की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया। राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों का कर्तव्य राहत और बचाव कार्य करना है, न कि इस्तीफे की मांगों पर प्रतिक्रिया देना। विधानसभा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि शुक्रवार को इस विषय पर चर्चा कराई जाएगी। जांच में मिले ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया राजेंद्र शुक्ल ने सदन में स्वीकार किया कि भागीरथपुरा में 22 लोगों की मौत एक्यूट डायरिया से हुई। उन्होंने बताया कि कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फार रिसर्च इन बैक्टीरिया इंफेक्शन, इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज और जिला लोक स्वास्थ्य प्रयोगशाला की जांच में मरीजों के नमूनों में खतरनाक ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया पाए गए।

लाउड स्पीकर पर आरती पर दो पक्षों में जमकर पथराव

जबलपुर. जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील (MP News) में गुरुवार रात करीब नौ बजे आपसी विवाद के बाद दो पक्ष भिड़ गए। एक धार्मिक स्थल के बाहर लगी रैलिंग टूटने से लोग आक्रोशित हो गए। इससे दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव कर दिया। इसमें कुछ लोगों के आंशिक घायल होने की सूचना है। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा और अश्रु गैस के गोले भी छोड़े। तनाव को देखते हुए मौके पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय पहुंचे। अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। पुलिस ने हालात नियंत्रण का दावा करते हुए जांच के बाद मामला दर्ज करने की बात कही है।

अब मोटापे का मुफ्त इलाज, महाराजा यशवंतराव अस्पताल में नि:शुल्क सर्जरी

इंदौर  मध्य प्रदेश में अब मोटापे से परेशान लोगों को सरकारी स्तर पर मोटापे से मुक्ति मिल सकेगी. दरअसल, पहली बार इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में नि:शुल्क बेरिएट्रिक सर्जरी (वजन घटाने की सर्जरी) की शुरुआत की गई है. यहां पर 120 किलो वजन की एक महिला का पहला सफल ऑपरेशन किया गया है. यही नहीं अब यहां बेरिएट्रिक क्लिनिक शुरू होने जा रही है. प्राइवेट अस्पताल में बेरिएट्रिक सर्जरी का खर्च कम से कम 4-5 लाख दरअसल, प्रदेश भर में ऐसे हजारों लोग हैं जो मोटापे से परेशान हैं. इनमें कई ऐसे मरीज हैं जो 100 किलो के वजन को पार कर गए हैं. ऐसे लोगों को तमाम बीमारियों के अलावा हार्ट अटैक, डायबिटीज, हाईपरटेंशन और अन्य खतरे सर्वाधिक रहते हैं. लेकिन इससे बचने के लिए जो बेरिएट्रिक सर्जरी जरूरी है, निजी अस्पतालों में उसका शुल्क न्यूनतम 4 से 5 लाख है. इस स्थिति में मध्यम और गरीब वर्ग के ज्यादातर लोग यह सर्जरी नहीं करवा पाते. इंदौर की एक 120 किलो वजन की महिला का सफल ऑपरेशन यही परेशानी इंदौर के खजराना क्षेत्र की निवासी 30 वर्षीय गुलअफशा नामक महिला की थी जिसने अपना वजन 120 किलो होने के कारण इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया के समक्ष इलाज की गुहार लगाई थी. इसके बाद डॉ. घनघोरिया की सर्जरी टीम ने बरिएट्रिक सर्जरी प्लान की. डाइट प्लान तय किया और ऑपरेशन की तारीख 12 फरवरी तय की.इसके बाद महिला की सर्जरी एम वाय एच अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक पद्धति द्वारा की गई. इसे मिनी गैस्ट्रिक बायपास (MGB) बेरिएट्रिक के रूप में किया गया. जो दूरबीन द्वारा फ्री में किया गया. डॉ. घनघोरिया ने बताया "इस तरह के आपरेशन में स्पेशल बेरिएट्रिक लेप्रोस्कोपिक सेट लगता है तथा महंगे स्टेपलर लगते हैं, जिनका खर्च शासन द्वारा वहन किया गया. ऑपरेशन के बाद 5 दिन चले उपचार के बाद 17 फरवरी को महिला को अस्पताल से छुट्टी मिल गई. महिला को अब जल्द ही मोटापे से मुक्ति मिलने की उम्मीद बंधी है जिसे लेकर वह खासी खुश है. प्राइवेट और कॉर्पोरेट अस्पताल में उसे सर्जरी का 4 से 5 लख रुपए का खर्च बताया गया था. इसके अलावा उसे हर महीना ₹10,000 की दवाइयां बताई गई थी. लेकिन सरकारी अस्पताल में यही सर्जरी फ्री में होने के कारण उसे बड़ी सौगात मिल सकी है." इंदौर में खुलेगी पहली बेरिएट्रिक क्लिनिक दरअसल, पश्चिमी मध्य प्रदेश में मरीज का फ्लो सर्वाधिक रहने के कारण इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अब बरिएट्रिक सर्जरी के लिए अलग से विशेष क्लिनिक शुरू करने का फैसला किया है. डॉ, घनघोरिया ने बताया जल्द ही मेडिकल कॉलेज के अधीन इंदौर में पहले सरकारी बेरियाट्रिक क्लिनिक का शुभारंभ होगा.