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किसानों को बड़ा तोहफा: जमीन की रजिस्ट्री फ्री, सरकार भरेगी शुल्क और स्टांप ड्यूटी, CM मोहन की घोषणा

 ग्वालियर किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पट्टाधारी किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। सीएम मोहन ने कहा कि, जिन किसानों के पास पट्टे की जमीन है, जल्द ही उन जमीनों की रजिस्ट्री उन किसानों के नाम कराई जाएगी, इससे वो अपनी कर्मभूमि की गारंटी पर लोन भी ले सकेंगे। सीएम ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कहा, रजिस्ट्री शुक्ल के खर्च को लेकर घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि रजिस्ट्री का पूरा खर्च भी राज्य सरकार वहन करेगी, जिसपर करीब 3500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कार्यक्रम में 87 करोड़ 21 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण हुआ। सीएम मोहन यादव ने मुख्यमंत्री मोहन यादव ने  कुलैथ गांव में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान कहा कि, प्रदेश सरकार पट्टे वाली जमीन की रजिस्ट्री किसान के नाम करेगी।। इससे किसानों को अपनी जमीन पर बैंक से लोन लेने में सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री पर होने वाला पूरा खर्च सरकार वहन करेगी और इस योजना पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट MP Budget 2026 को समृद्ध, सुखद और सम्पन्न मध्यप्रदेश के सपने को पूरा करनेवाला करार दिया है। बजट में जरूरतमंदों के लिए अनेक घोषणाएं की गई हैं। सीएम मोहन यादव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में जमीन के मालिकाना अधिकार के लिए नवाचार किया गया है। इसके अंतर्गत मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्‍क राज्‍य सरकार वहन करेगी। प्रदेश के बजट में उज्जैन में होनेवाले सिंहस्‍थ 2028 महापर्व के लिए बड़ी राशि रखी गई है। सिंहस्थ से संबंधित 13 हजार 851 करोड़ के कार्य स्‍वीकृत किए गए हैं, जिसके लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 3 हजार 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बच्चों को बेहतर पोषण मिले, इसके लिए यशोदा दुग्‍ध प्रदाय योजना बनाई गई है बजट में इसके लिए 700 करोड़ रूपए का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत आगामी पांच वर्षों में 6 हजार 600 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। बजट में विकसित भारत-गांरटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए 10 हजार 428 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्‍क वहन करेगा राज्‍य शासन बजट के संबंध में सीएम मोहन यादव ने अहम योजना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में आबादी भूमि पर मालिकाना अधिकार के लिए नई योजना बनाई गई है। इसमें मुद्रांक एवं पंजीयन का समस्‍त शुल्‍क राज्‍य शासन वहन करेगा। सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह देश में अपने तरह का पहला नवाचार है। इसके लिए प्रदेश के बजट में 3 हजार 800 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। गरीब कल्याण योजनाओं पर खासा फोकस प्रदेश सरकार ने बजट में गरीब कल्याण योजनाओं पर खासा फोकस किया है। इसके लिए 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि का प्रावधान है। असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना में 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसी तरह से प्रदेश में गरीबों को आवास देने की प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण) के लिए वित्त मंत्री ने 4500 करोड़ रुपए रखे हैं। विकास कार्यों का भूमिपूजन सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने 87 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। कार्यक्रम में सांसद भारत सिंह कुशवाह, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मोहन सिंह राठौर सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कुलैथ के लोगों द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र को भी स्वीकार करते हुए सभी कार्यों को पूरा कराने ता वादा किया। प्रोत्साहन राशि की घोषणाएं कार्यक्रम स्थल पर कन्हैया गायन करने वाली प्रत्येक टीम को पांच-पांच हजार रुपये देने की घोषणा की गई। साथ ही बैलगाड़ी दौड़ में शामिल प्रत्येक किसान को भी पांच-पांच हजार रुपये दिए जाने की बात कही गई। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले किसान को 21 हजार रुपये और द्वितीय स्थान पर रहने वाले किसान को 11 हजार रुपये देने की घोषणा की गई। कुलैथ के लिए ये घोषणाएं भी हुईं -महेश्वरा खदान को चालू करने के लिए भारत सरकार से अनुमति दिलाने का प्रयास करेंगे। -डांडेवाले बाबा मंदिर तक सड़क को बनाया जाएगा व ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। -जगन्नाथ भगवान मंदिर पर आने वाले यात्रियों के रुकने के लिए भवन बनाया जाएगा और सड़क भी बनाई जाएगी। -गांव में खेल का मैदान भी बनाया जाएगा। -गांव के आसपास के क्षेत्र में उद्योग भी लगाए जाएंगे।

व्यापमं घोटाला: हाईकोर्ट ने कोर्ट में दी कड़ी टिप्पणी, अधिकारियों पर जताई नाराजगी

भोपाल  हाईकोर्ट की एक सुनवाई में ऐसा मोड़ आया जिसने सबको चौंका दिया। अदालत में दाखिल एक याचिका पर अचानक उठे सवालों ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। जजों की सख्त टिप्पणी और नाराजगी ने माहौल गरमा दिया। दरअसल, फर्जी लोगों से परीक्षा दिलवाने वाले और व्यापमं घोटाले के मुख्य आरोपी डॉ. जगदीश सगर और उनकी पत्नी सुनीता सगर को हाईकोर्ट ने फटकार लगाई है। सगर दंपती ने एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में अपनी अपील लंबित होने की बात छिपाते हुए याचिका दायर की थी। बुधवार को सुनवाई के दौरान यह बात सामने आने पर जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की कोर्ट ने नाराजगी जताई।  याचिका पर कोर्ट ने जताई नाराजगी डॉ. जगदीश सगर और उनकी पत्नी की संपत्तियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सीज की थी, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई शुरू होते ही सगर दंपती के वकील ने याचिका वापस लेने की गुजारिश की। इस दौरान ईडी की ओर से पेश हुए वकीलों ने कोर्ट को बताया कि इस याचिका में उनकी संपत्ति अटैच करने को चुनौती दी गई थी, लेकिन याचिका में यह बात छिपाई गई कि इस अटैचमेंट के खिलाफ उनकी अपील ट्रिब्यूनल में लंबित है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए जवाब तलब किया तो सगर दंपती के वकील ने बताया कि याचिका किसी अन्य वकील ने ड्रॉफ्ट कर हाईकोर्ट में दायर की थी, इसलिए इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई। दंपत्ति का व्यवहार गलत- हाईकोर्ट कोर्ट ने अपने आदेश में भी लिखा है कि दूसरे वकील द्वारा पीटिशन ड्रॉफ्ट करने की दलील अपील के पेंडिंग होने के बारे में न बताने पर विचार करने का आधार नहीं हो सकती। कोर्ट ने सगर दंपती के व्यवहार को गलत बताते हुए टिप्पणी में इसकी बुराई भी की है। कोर्ट ने लिखा है कि याचिका वापस लेने की याचना की गई है, इसलिए हम याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई प्रोसिडिंग शुरू नहीं कर रहे हैं। कोर्ट ने उनकी याचिका को वापस मानकर खारिज कर दिया। 

राजस्व विभाग में भूचाल: कलेक्टर ने लिया बड़ा एक्शन, पटवारी सस्पेंड और अधिकारियों को नोटिस

सिंगरौली  मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में कलेक्टर गौरव बैनल ने राजस्व विभाग की लापरवाही पर बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। औचक निरीक्षण के दौरान उज्जैनी, बड़ोखर और बरगवा तहसीलदार कोर्ट में लंबित प्रकरणों के निराकरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर एक तहसीलदार और दो प्रभारी नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। औचक निरीक्षण में खुली लापरवाही की पोल कलेक्टर गौरव बैनल देवसर तहसील अंतर्गत उज्जैनी, बड़ोखर और बरगवा तहसीलदार न्यायालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा जैसे सैकड़ों राजस्व प्रकरण लंबित पाए गए। कई मामलों में महीनों से सुनवाई नहीं होने और फाइलों में पटवारी रिपोर्ट तक संलग्न नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई।  राजस्व प्रकरणों के समय पर निराकरण में लापरवाही बरतने पर प्रभारी नायब तहसीलदार बरगवा नागेश्वर पनिका और प्रभारी नायब तहसीलदार बड़ोखर दिनेश कुमार पनिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों अधिकारियों को तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पटवारी सस्पेंड, कड़ा संदेश राजस्व प्रकरणों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर हल्का देवरा के पटवारी अजमेर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि प्रारंभिक सुनवाई नियमित होनी चाहिए और जिन मामलों में पटवारी रिपोर्ट लंबित है, वहां तुरंत बैठक कर समय-सीमा में रिपोर्ट पेश कराई जाए। लापरवाही जारी रहने पर आगे और निलंबन व विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सिस्टम में सुधार का अल्टीमेटम कलेक्टर ने अधिकारियों को चेताया कि जनता से जुड़े राजस्व मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर प्रकरण की समय-सीमा तय कर नियमित मॉनिटरिंग होगी। आने वाले दिनों में अन्य तहसीलों में भी औचक निरीक्षण किए जाने की संभावना है।

महाकाल मंदिर आरती बुकिंग गाइड: कितना देना होगा, कब है संध्या और शयन आरती

उज्जैन  उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. इसी वजह से यह हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं और श्रद्धालु इनके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से खिंचे चले आते हैं. यहां पर रोज होने वाली भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है, जो जीवन और मृत्यु को दर्शाती है. अब उज्जैन के महाकाल मंदिर में संध्या आरती और शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है. इसको लेकर खास जानकारी सामने आई है. उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ाते हुए मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संध्या आरती एवं शयन आरती की बुकिंग प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया है. यह व्यवस्था पारदर्शिता, सुव्यवस्थित प्रबंधन एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही है. ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं हो. कौन-सी वेबसाइट से होगी सकेगी बुकिंग अब श्रद्धालु दोनों आरतियों के लिए केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही बुकिंग कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा. ऐसी रहेगी व्यवस्था अब श्रद्धालु दोनों आरतियों के लिए केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही बुकिंग कर सकेंगे। संध्या आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से प्रारंभ होगी, जबकि शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से प्रारंभ होगी। दोनों ही आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु ₹250/- (शीघ्र दर्शन के समान) शुल्क निर्धारित किया गया है। बुकिंग फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व (प्रथम आओ, प्रथम पाओ) के आधार पर की जाएगी। दोनों आरतियों हेतु प्रवेश द्वार क्रमांक 1 निर्धारित किया गया है। ऐसा रहेगा प्रवेश का समय संध्या आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय सायं 6:00 बजे रहेगा, जबकि शयन आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय रात्रि 10:00 बजे रहेगा। दोनों आरतियों के निर्धारित समय के दौरान चलित दर्शन की प्रक्रिया भी संचालित की जाएगी, जिससे श्रद्धालु सुव्यवस्थित रूप से दर्शन लाभ प्राप्त कर सकें। इसलिए बदली गई व्यवस्था मंदिर समिति का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु-अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिससे अधिकाधिक श्रद्धालु सुगमता से आरती एवं दर्शन का लाभ प्राप्त कर सकें। यह नई व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा कदम है, जिससे वे आसानी से आरतियों की बुकिंग कर सकेंगे और भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। क्या है बुकिंग करने का समय 1)संध्या आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से शुरू होगी. 2)शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से शुरू होगी. महाकालेश्वर मंदिर में आरती की ऑनलाइन बुकिंग श्रद्धालुओं को आरती के लिए देना होगा इतना पैसा दोनों ही आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु ₹250/- (शीघ्र दर्शन के समान) शुल्क निर्धारित किया गया है. बुकिंग फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व (प्रथम आओ, प्रथम पाओ) के आधार पर की जाएगी. दोनों आरतियों के लिए भक्तगणों को प्रवेश द्वार क्रमांक एक से मिलेगा. दोनों आरतियों के लिए क्या है प्रवेश का अंतिम समय 1)संध्या आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय सायं 6:00 बजे रहेगा. 2)शयन आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय रात्रि 10:00 बजे रहेगा. दोनों आरतियों के निर्धारित समय के दौरान चलित दर्शन की प्रक्रिया भी संचालित की जाएगी, जिससे श्रद्धालु सुव्यवस्थित रूप से दर्शन लाभ प्राप्त कर सकें. मंदिर समिति का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से पारदर्शी, सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करना है. शीघ्र दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपए महाकालेश्वर मंदिर समिति पहले से ही श्रद्धालुओं से भस्मारती के ऑनलाइन प्रवेश के लिए 200 रुपए और शीघ्र दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपए शुल्क ले रही है। इसके अलावा विभिन्न पूजन विधियों के लिए अलग से राशि ली जाती है। मंदिर में रोज लगभग 1200 श्रद्धालुओं को ऑनलाइन भस्मारती प्रवेश दिया जाता है। मंदिर में सामान्य कतार के अलावा वीआईपी लाइन से दर्शन की सुविधा उपलब्ध है, जिसके लिए काउंटर या ऑनलाइन माध्यम से 250 रुपए देकर रसीद लेकर दर्शन किए जा सकते हैं। गर्भगृह प्रवेश अब भी बंद पहले श्रद्धालु 1500 रुपए शुल्क देकर गर्भगृह में प्रवेश कर सकते थे, लेकिन 4 जुलाई 2023 को सावन की भीड़ के कारण इसे 11 सितंबर 2023 तक अस्थायी रूप से बंद किया गया था। उस समय आश्वासन दिया गया था कि सावन के बाद गर्भगृह फिर खोल दिया जाएगा, लेकिन ढाई साल बाद भी आम श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश शुरू नहीं हुआ है।

राजधानी भोपाल में साइबर ठगी का बढता हाल, 24 घंटे में दर्ज हुए 29 केस, करोड़ों का नुकसान

भोपाल  पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद सायबर ठगी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। राजधानी के 11 थानों में चौबीस घंटों के भीतर ठगी के कुल 29 अपराध दर्ज किए गए हैं, जिनमें सायबर जालसाजों ने लोगों को करोड़ों रुपये की चपत लगाई है। ज्यादातर ठगी शेयर मार्केट में निवेश, नौकरी और मुनाफा कमाने का लालच, बिजली बिल कनेक्शन काटने के नाम पर की गई है। राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर पर की गई शिकायतों के बाद अब थानों में प्रकरण दर्ज होना शुरू हो गया है।  दरअसल सायबर ठगी की शिकायतों के लिए राष्ट्रीय हेल्प लाइन नंबर 1930 जारी किया गया था। इस नंबर पर प्रदेशभर से सैकड़ों शिकायतें की गई थीं, जो काफी समय से संबित थीं। पिछले दिनों यह जानकारी केंद्रीय गृहमंत्रालय तक पहुंची तो मंत्रालय ने संबंधित थानों में केस रजिस्टर्ड कराकर जांच कराने के निर्देश दिए। राज्य सायबर सेल के पास इस प्रकार की शिकायतें भेजी गई थी, जिसमें अकेले भोपाल में ही सवा सौ से ज्यादा शिकायतें सामने आई। इन्हीं शिकायतों को थानों में भेजा गया, जहां असल कायमी जांच शुरू की गई है। बीते चौबीस घंटे के दौरान बागसेवनिया और अशोका गार्डन थाने में 5-5 और मिसरोद तथा अवधपुरी में 4-4 शिकायतें पहुंची। इसके अलावा ऐशबाग, हबीबगंज, निशातपुरा और गांधी नगर में एक-एक शिकायत दर्ज हुई। इसी प्रकार कमला नगर, पिपलानी में दो-दो और कोलार में तीन अपराध दर्ज किए गए हैं। टॉस्क देकर लगाई 50.98 लाख की चपत बागसेवनिया थानांतर्गत साकेत नगर में रहने वाले राजेश जैन को अज्ञात व्यक्ति ने वांट्सएफ ग्रुप पर जोड़ा, जहां लोग पैसों का निवेश कर होने वाले मुनाफे का स्क्रीन शॉट डालते थे। कई दिनों तक नज़र अंदाज़ करने के बाद उन्हें लगा कि यह फायदे का सौदा है, इसलिए वह भी निवेश करने लगे। पहले तो उन्हें मुनाफा दिखाई दिया, लेकिन जब पैसे निकालने का प्रयास किया तो 35 लाख रुपए का टैक्स मांगा जाने लगा। इस प्रकार राजेश ने जालसाजों के बताए एकाउंट में 50 लाख 98 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा कर दी, लेकिन यह रुपये वापस नहीं मिले। ऐप डाउनलोड कराकर निकाले 2.12 लाख बागसेवनिया थानांतर्गत नारायण नगर में रहने वाले प्रेमचंद जैन के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन किया और बताया कि आपका कंज्यूमर नंबर चेंज हो रहा है। इसके लिए जालसाज ने उन्हें एमपीईबी इलेक्ट्रीसिटी हेड आफिस भोपाल का एप डाउनलोड करके उसमें 12 रुपए का भुगतान करने का बोला। प्रेमचंद ने जैसे ही ऐप डाउनलोज किया, वैसे ही उनके एकाउंट से 1 लाख 13 हजार रुपये कट गए। उन्होंने फोन करने वाले से इसकी शिकायत की तो बताया कि साफ्टवेयर अपडेट हो रहा, कुछ देर बाद पैसे वापस लौट आएंगे। उसके बाद उनके दूसरे एकाउंट से भी पैसे कट गए। इस पर जालसाजों ने कुल 2 लाख 12 हजार रुपये चपत लगा दी। दूसरे व्यक्ति को लगाई 3.66 लाख की चपत मूलत: औबेदुल्लागंज निवासी नंद किशोर यादव यहां रजत विहार कालोनी के पास मोहिनी मुस्कान गार्डन में रहते हैं। दिसंबर महीने में एक व्यक्ति ने उन्हें वीडियो काल किया और बताया कि वह गोविंदपुरा बिजली कार्यालय से बोल रहा है। उसने मकान नंबर बताते के साथ ही कहा कि उनका कंज्यूमर नंबर अपडेट होने का आज आखिरी दिन है। उसने यह भी बताया कि शाम तक आईडी अपडेट नहीं हुई तो बिजली का कनेक्शन काट दिया जाएगा। नंद किसोर ने बताया कि वह शहर से बाहर हैं, इसलिए उसने 12 रुपये आनलाइन ट्रांसफर करने का बोला। नंद किशोर ने जैसे ही उसे रुपये ट्रांसफर किए, वैसे ही अलग-अलग समय में कुल 3.66 लाख रुपए कट गए। क्रेडिट कार्ड से निकाले एक लाख रुपये बागसेवनिया पुलिस ने अगली रिपोर्ट राकेश कुशवाहा की शिकायत पर दर्ज की है। पिपलिया पेंदे खां में रहने वाले राकेश कुशवाहा के पास एक व्यक्ति ने क्रेडिट कार्ड कंपनी का अधिकारी बनकर फोन किया और कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। उसके जालसाज ने एक ऐप डाउनलोड करवाया और क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 3 हजार रुपये निकाल लिए। इसी प्रकार भाजपा कार्यालय के पास एनसीसी कंपनी में काम करने वाले राजा गोपाल रेड्डी के क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर जालसाज ने दो बार में 1 लाख 21 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी प्रकार के शहर के दस अन्य थानों में दर्ज धोखाधड़ी के मामलों में जालसाजों ने लाखों रुपये की चपत लोगों को लगाई है। 

फरवरी में तीसरी बार बदला मौसम: कई जिलों में बारिश से फसलें हुईं नुकसान में, मंत्री करेंगे सर्वे

भोपाल  मध्य प्रदेश का मौसम फरवरी के महीने में एक बार फिर करवट ले चुका है। इस साल तीसरी बार राज्य के कई जिलों में अचानक बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे आम लोग और किसान दोनों ही चिंतित हैं। राजधानी भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बौछारें हुईं। अचानक बदलाव से तापमान में गिरावट आई और रात में ठंड बढ़ गई। खेतों में खड़ी फसलें आड़ी-तिरछी गिर गईं, जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता साफ नजर आई। अचानक क्यों बदला मौसम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रदेश में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। इसके साथ ही वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और ट्रफ भी सक्रिय हैं, जो मौसम में अचानक बदलाव के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।     18 फरवरी को राज्य के लगभग 20 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई।     भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, रतलाम और मंदसौर में दिनभर धूप खिलने के बाद अचानक मौसम बिगड़ा।     मौसम विभाग ने ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में अलर्ट जारी किया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह साइक्लोनिक सर्कुलेशन पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश पर सक्रिय है और इसके प्रभाव से आने वाले दो दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे। फरवरी महीने में यह तीसरी बार है, जब अचानक प्रदेश का मौसम बदला और बारिश की फुहारें पड़ने लगीं। अचानक हुई बारिश ने तापमान में कमी ला दी है। रुक-रुक कर हो रही बेमौसम बारिश से फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। कई इलाकों में खेतों में खड़ी फसलें लेट गई हैं। बारिश के साथ ही सबसे ज्यादा नुकसान ओले गिरने से हुआ है। इन जिलों में हुई बारिश लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश का तापमान गिरा है। एमपी के खजुराहो में सबसे कम 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इसके अलावा राजगढ़ में 10 डिग्री सेल्सियस और पंचमढ़ी में 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को भोपाल, बड़वानी, आगर-मालवा, सीहोर, शिवपुरी, उज्जैन, धार, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, मंदसौर, मुरैना, शाजापुर और छतरपुर में बारिश दर्ज की गई है। कैसा रहेगा अगले 2 दिन का मौसम मौसम विभाग ने 20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, तीनों संभाग के 8 जिलों में बारिश की संभावना है। बारिश के साथ ही यहां बिजली गिरने की भी आशंका है। इसके बाद 21 फरवरी को मध्य प्रदेश का मौसम साफ रहेगा। इस दौरान किसी भी जिले में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण किसानों की फसलों का काफी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसलें गिर गई हैं। गेहूं की फसलें गिर जाने के कारण दाने कमजोर हुए हैं। दाने कमजोर होने की वजह से पैदावार में कमी देखने को मिल सकती है। बारिश और ओले का असर     बेमौसम बारिश और ओले ने आम जनता और किसानों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।     राजधानी भोपाल में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ लगभग डेढ़ घंटे तक तेज और हल्की बारिश हुई।     इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और रतलाम में दिनभर मौसम गर्म रहने के बाद रात को अचानक बारिश और ओले गिरे।     ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट आई और रात में ठंड बढ़ गई। किसानों की चिंता:     गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलें कटाई के लिए तैयार थीं।     तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें आड़ी-तिरछी गिर गईं।     कुछ क्षेत्रों में फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना जताई गई है।     किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रभावित जिले और अलर्ट मौसम विभाग ने गुरुवार को आठ जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया। इन जिलों में अलर्ट जारी ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना इन जिलों में हुई बारिश भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, धार, विदिशा, बड़वानी, आगर-मालवा, शाजापुर, मुरैना, छतरपुर, शिवपुरी, सीहोर, मंदसौर कहां कितना रहा तापमान बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में उतार-चढ़ाव देखा गया। प्रदेश में खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.2°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा राजगढ़ में 10.0°C और पचमढ़ी में 10.2°C दर्ज होने के कारण कड़ाके की ठंड का अनुभव हुआ। इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। इससे पहले बुधवार को रतलाम, श्योपुर, मुरैना, मंदसौर, नीमच, गुना सहित 20 से अधिक जिलों में कहीं बारिश तो कहीं ओले गिरे। दो साइक्लोनिक सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक प्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है। इसके अलावा एक ट्रफ लाइन भी प्रदेश से गुजर रही है, जिससे मौसम में अस्थिरता बनी हुई है। तापमान में उतार-चढ़ाव जारी प्रदेश में फिलहाल रात और सुबह हल्की सर्दी बनी रहेगी। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर है, जबकि दिन का तापमान 30 डिग्री के पार पहुंच रहा है। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान सामान्य से कम दर्ज हुआ। अगले दो दिन का पूर्वानुमान 20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में बारिश का अलर्ट है और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं 21 फरवरी को मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दावा: क्लाइमेट चेंज से निपटने में मध्यप्रदेश बन रहा देश का लीडर

क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. और इन्वेस्टर्स मिलकर देश को बढ़ाएंगे आगे 24 घंटे बिजली देने में मध्यप्रदेश सबसे आगे मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विकास के लिए सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के साथ हुआ एमओयू  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में की सहभागिता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्लाइमेट चेंज एक गंभीर वैश्विक चुनौती है। क्लाइमेट चेंज मानव अस्तित्व, आर्थिक स्थिरता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सतत् विकास की राह में हम पर्यावरण की अनदेखी नहीं कर सकते। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना ही प्रगति का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि क्लाइमेट चेंज के मामले में ठोस और समयबद्ध समाधान पर काम करना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की क्लाइमेट चेंज को लेकर प्रतिबद्धताओं में भी राज्यों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज से निपटने में सर्वाधिक नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादक बन लीडर की भूमिका में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी है। यहां लगभग हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मप्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का विश्वास और सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा कि राज्य और निवेशक मिलकर देश को नवकरणीय ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 घंटे बिजली देने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के साथ हमारा रिश्ता नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम मुंबई में क्लाइमेट वीक-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग (मप्र शासन) एवं ग्रीन एनर्जी के लिए विख्यात सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का समाधान केवल एक देश, एक राज्य या एक सरकार ही नहीं कर सकती, इसके लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और जलवायु समाधान के लिए आगे बढ़ने की दिशा में मुम्बई क्लाइमेट वीक एक महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए त्वरित और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देना, हरित तकनीकों को अपनाना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना ही भविष्य का विकास मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकारों के साथ ही उद्योगों, संस्थाओं और इस देश में रहने वाले हर नागरिक की भी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ‘लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट’ जैसे व्यवहारिक बदलावों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरित ऊर्जा उत्पादन के जरिए क्लाइमेट चेंज से निपटने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिसने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने ईवी नीति बनाई, जो क्लाइमेट चेंज की ओर कारगर कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजना, 300 मेगावाट 6 घंटे सौर-सह एनर्जी परियोजना सहित 24×7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजना पर काम कर रही है। यह एक नया प्रयोग है। यह भारत की अपनी तरह की पहली परियोजना है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जो इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते 12 सालों में मप्र की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। नवकरणीय ऊर्जा की बड़ी परियोजनाओं के जरिए हमने म.प्र. की जरूरतों को पूरा करने के बाद पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है। ये एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें हमने किसी भी नागरिक को विस्थापित नहीं होने दिया, इस प्रोजेक्ट में ऊर्जा उत्पादन भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सांची देश की पहली सोलर सिटी बनी है। हम सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों, निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर मप्र को भारत का नवकरणीय ऊर्जा हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हम सौर, पवन, एनर्जी स्टोरेज, बायोफ्यूल तथा ग्रीन हाइड्रोजन सहित सभी नवकरणीय टेक्नोलॉजी में वित्तीय एवं नीतिगत प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आव्हान किया कि मध्यप्रदेश की तेजी से परिवर्तनकारी यात्रा में हमारे साथ जुड़ें। इससे जलवायु को संतुलित रखने में तो मदद मिलेगी ही, यह सबके व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और मप्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ मप्र और भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए हम बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मप्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्रोजेक्ट, शाजापुर, आगर-मालवा और रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना पर काम हुआ है। उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं का प्रदेश है। यहां निवेश करें, सरकार आपके साथ है। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा  मनु वास्तव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, विद्युत आपूर्ति का एक कारगर, सस्ता और विश्वसनीय विकल्प है। हम मध्यप्रदेश के नागरिकों को कम से कम दर पर विद्युत आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने निवेशकों और … Read more

मध्य प्रदेश बजट 2026-27 पर विशेषज्ञ प्रतिक्रिया: डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने दिए अहम सुझाव

सीआईआई मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष और आईसेक्ट समूह के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी द्वारा मध्य प्रदेश बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया…   भोपाल  प्रस्तुत सीआईआई मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष और आईसेक्ट समूह के कार्यकारी उपाध्यक्ष मध्य प्रदेश 2026-27 का बजट रोजगार, उद्योग और शिक्षा-कौशल विकास  पर संतुलित फोकस करता है। बजट में 48 नए औद्योगिक पार्कों की घोषणा राज्य में विनिर्माण और निवेश को प्रोत्साहित करेगी, जिससे स्थानीय रोजगार सृजन और MSME वृद्धि को बल मिलेगा। पूंजीगत व्यय को 1 लाख करोड़ से अधिक रखने का निर्णय आधारभूत ढांचे तथा औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा। शिक्षा और कौशल विकास में वृद्धि पर जोर देते हुए बजट ने शिक्षा क्षेत्र के लिए वृद्धि की घोषणा की है, जिससे स्कूलों, उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण संसाधनों का विस्तार संभव होगा। स्वास्थ्य, सड़क और शहरी विकास के साथ-साथ नौकरी-सृजन प्रावधान भी रखा गया है, जिससे युवा रोजगार अवसरों में वृद्धि होगी। मेरा मानना है कि यह बजट उद्योग, नवाचार एवं कुशल कार्यबल के विकास के लिए प्रोत्साहन देता है और राज्य को एक मजबूत आर्थिक तथा औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी उपाध्यक्ष, सीआईआई मध्य प्रदेश कार्यकारी उपाध्यक्ष, आईसेक्ट समूह कुलाधिपति, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी

MP में हॉट पोलिटिकल हूटर रेस: मंत्री और विधायक नियमों की अनदेखी कर रहे, पुलिस कार्रवाई से कतराती हुई

भोपाल  राजधानी में आपको हूटर प्रेमी बहुत दिख जाएंगे, जो खुलआम अपने वाहनों में हूटर लगाकर कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश से वीवीआईपी कल्चर खत्म करने को लेकर कई बार अलग-अलग मंचों से कह चुके हैं. इसके साथ ही इस कल्चर को खत्म करने के लिए कई नियमों में बदलाव भी किया गया. इसके बावजूद नेताओं और अधिकारियों का लाल बत्ती के साथ हूटर के लिए जो प्यार है, खत्म होने का नाम नहीं लेता है. मंत्री-विधायक और सांसदों के वाहन सांय-सांय की आवाज करते सड़कों पर दौड़ते नजर आ जाते हैं. हूटर नियम के बाद नहीं उतर रहे हैं. पीएम मोदी के आदेश एमपी में बेअसर करीब 8 साल पहले केंद्र सरकार की ओर से मंत्री अफसर समेत सभी जनप्रतिनिधियों के वाहनों पर हूटर लगाने के नियम को बंद कर दिया गया था. इसके बाद से गाड़ियों पर लगे हूटरों को उतारना शुरू भी कर दिया गया था. ज्यादातर गाड़ियों से हूटर और लाल बत्ती को प्रशासन द्वारा उतरावा भी दिया गया था, लेकिन मध्य प्रदेश में जनप्रतिनिधि हों या बड़े अधिकारी अब भी हूटर का उपयोग कर रहे हैं. केंद्र सरकार की मंशा ये थी की हूटर से काफी तेज आवाज निकलती है और ऐसे में सामान्य तौर पर उसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने की अनुमति नहीं केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के तहत इस तरह का कोई भी प्रेशर हॉर्न किसी वाहन में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, लेकिन पहले वीआईपी लोगों को इसकी इजाजत थी. केन्द्र सरकार के आदेश के बाद वीआईपी लोगों के वाहनों पर भी हूटर लगाना बंद कर दिया गया था. हूटर लगाने की इजाजत सिर्फ आपातकालीन सेवा में इस्तेमाल होने वाले वाहन जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस के वाहन शामिल हैं. इन वाहनों के अलावा अगर और कोई हूटर इस्तेमाल करता हुआ पाया जाता है, तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है. हूटर लगाकर फर्राटा भर रहे नेतागण वर्तमान में विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के साथ ही अन्य राजनीतिक दलों के पदाधिकारी बेखौफ होकर हूटर लगाकर अपना जलवा बिखेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं. यातायात पुलिस की चालानी कार्रवाई 2 पहिया वाहनों, सीट बेल्ट व वाहनों के दस्तावेज चेक करने तक ही सिमट कर रह गई है. अनाधिकृत रूप से हूटर लगाकर शहर और मुख्य मार्गों में दौड़ने वाले वाहनों के विरुद्ध अब तक यातायात पुलिस ने भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है. इन वाहनों में हूटर लगाने की छूट अगर कोई इन नियमों के खिलाफ जाकर अपने वाहन पर हूटर लगाता है, तो उस पर 5000 रुपये तक का चालान किया जा सकता है. केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 के नियम 119(3) के तहत इन वाहनों को हूटर और साइरन के लिए छूट दी गई है, जिसमें एंबुलेंस, फायर बिग्रेड, आपातकालीन सेवा में चलने वाली गाड़ी और परिवहन विभाग के अफसरों की गाड़ियां शामिल हैं. नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई इस मामले में पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने कहा, "यातायात पुलिस की ड्यूटी है कि ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करें. जरूरत पड़ी तो हूटर के खिलाफ अभियान भी चलाया जाएगा." हूटर के अलावा प्रेशर हॉर्न, ब्लैक फिल्म, फ्लैशर लाइट और मॉडिफाइड साइलेंसर लगाना केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 के खिलाफ है. ऐसा करने पर भी जुर्माना भरना पड़ सकता है. इसीलिए वाहन चलाते वक्त इन नियमों का ध्यान रखना काफी जरूरी है.

LJCC पर बड़ा आरोप: 300 से अधिक निवेशकों से करोड़ों की धोखाधड़ी, SP से लगाई गुहार

मुरैना  मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक और चिटफंड कंपनी कई साल चली और 300 से अधिक लोगों के डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा लेकर चंपत हो गई। अब पीड़ित अपने पैसे की वापसी के लिए चक्कर काट रहे हैं। एक दर्जन से अधिक लोग इसकी शिकायत लेकर एसपी आफिस पहुंचे, इनमें कुछ चिटफंड कंपनी के एजेंट भी थे। एफडी करवाई और मोटे ब्याज के साथ रुपये वापस कर दिए दरअसल एलजेसीसी नाम की यह चिटफंड कंपनी पांच से छह साल पहले मुरैना में आई। इस चिटफंड कंपनी की ऑफिस वनखंडी रोड पर, वनखंडी महादेव मंदिर के पास चली। लोगों को तीन साल में रकम दोगुनी करने का लालच दिया। साथ ही एफडी पर मोटा ब्याज देने का झांसा दिया। लोगों को फंसाने के लिए छह-छह महीने की एफडी करवाई और मोटे ब्याज के साथ रुपये वापस कर दिए। लोगों को फंसाने के लिए एजेंट रखे गए, जिन्हें भी मोटा मानदेय दिया गया। मोटे ब्याज और तीन साल में दोगुनी राशि के झांसे में लोग आए और 300 से अधिक लोगों ने डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा जमा कराए। कंपनी दफ्तर बंद कर गायब हो गई निवेशकों की रकम को साल 2024 में तीन साल होने थे, इसके बाद उन्हें दोगुनी राशि मिलने का भरोसा था, लेकिन इससे पहले ही यह कंपनी अपना दफ्तर बंद कर गायब हो गई। एजेंटाें के अनुसार चिटफंड कंपनी का मालिक समीर अग्रवाल है। इसके बारे में कोई नहीं जानता, बस इनका नाम सुना है। मुरैना में इस चिटफंड कंपनी का संचालक रामकुमार शर्मा उर्फ राजू सफर पुत्र पहलवान सिंह करता था, जो भिंड जिले का रहने वाला है, वह मुरैना चंबल कालोनी में रहता था। कंपनी के मैनेजर भगवान सिंह कुशवाह, अरविंद सिंह कुशवाह, राजेश कुशवाह और अरविंद त्रिपाठी थे, यह सभी लापता है। बिजली कंपनी के लाइनमैन बन गए एजेंट काशीबाबा कालोनी में रहने वाले प्रहलाद प्रजापति बिजली कंपनी में प्राइवेट लाइनमैन है, पैसा दोगुना के लालच में फंसे और करीब एक लाख रुपये खुद के जमा किए। इसके बाद मोटे कमीशन के लालल में एजेंट बन गए और 50 लोगों के आठ लाख रुपये भी मासिक किस्तों में चिटफंड कंपनी में जमा करवाए, जिन्हें लेकर चिटफंड कंपनी भाग गई। 90 लाख रुपये जमा करवाए इसी तरह अजय राठौर एजेंट बना, जिसने 100 से अधिक लोगों के 90 लाख रुपये जमा करवाए। अजय कहता है, कि जिनके पैसे जमा करवाए वह मुझसे मांगते हैं, कभी-कभी ऐसा तनाव होता है कि फांसी लगाने का मन हाेता है। अन्य एजेंट भगवती प्रजापति, विनोद रामपुरी, सतीश शाक्य, मनीष प्रजापति आदि ने भी लाखों रुपये लोगों के जमा करवाए थे।