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मुख्यमंत्री, डबरा में नवग्रह शक्तिपीठ के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ग्वालियर जिले के डबरा में नवग्रह शक्तिपीठ के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सहभागिता की। महाशिवरात्रि के अवसर पर नवग्रह शक्तिपीठ परिसर ओम नम: शिवाय से गूंज उठा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवग्रह मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डबरा में निर्मित यह नवग्रह शक्तिपीठ एक अद्भुत धाम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से सभी का अभिनंदन करते हुए महाशिवरात्रि पर्व की उपस्थितजन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर डबरा के शक्तिपीठ में उपस्थित होना सौभागय का विषय है। उन्होंने कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्र द्वारा इस नवग्रह शक्तिपीठ का निर्माण कर अद्भुत और प्रेरणादायी संकल्प को साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुमार विश्वास का अभिदनंदन करते हुए कहा कि उन पर मां सरस्वती की कृपा सदैव बरसती है। वे समाज को प्रेरणा देने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीराम द्वारा वनवास प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि इतना समृद्ध राज्य छोड़कर संसाधनों के अभाव में भी दो राजकुमारों द्वारा रामराज्य का स्वप्न देखना साहस, धैर्य और आदर्श का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान राम द्वारा स्वयंवर के समय विराट रूप के दर्शन करवाए गये जिसके साक्षी दुनिया के अनेक शासक भी थे। निश्चित ही यह प्रसंग युवा शक्ति के समाजहित में उपयोग की दृष्टि से भी अध्ययन और शोध का विषय है। पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने नवग्रह शक्तिपीठ के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि डबरा में इस प्रकल्प के पूर्ण होने और संतों के समागम का अवसर सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डबरावासियों की भावना का सम्मान करते हुए सहभागिता की है। डॉ. मिश्र ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित अन्य अतिथियों को साफा बांधकर और अंगवस्त्र भेंट कर उनका सम्मान भी किया। कुमार विश्वास ने कथा वाचन द्वारा अनेक पौराणिक प्रसंग सुनाए। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, सांसद विष्णुदत्त शर्मा, सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 में मध्यप्रदेश करेगा एआई-सक्षम शासन और डीप-टेक नवाचारों का प्रदर्शन

नई दिल्ली के भारत मंडपम में सजेगा ‘मध्यप्रदेश पैवेलियन’ स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण और शहरी प्रबंधन में एआई समाधान होंगे प्रस्तुत भोपाल इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जाएगा। समिट में प्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग “मध्यप्रदेश पैवेलियन” स्थापित कर राज्य का प्रतिनिधित्व करेगा। प्रदर्शनी हॉल-4, प्रथम तल, बूथ क्रमांक 4F32 एवं 4F34 में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से सायं 6 बजे तक आयोजित होगी। मध्यप्रदेश पैवेलियन में एआई-सक्षम शासन मॉडल, डीप-टेक नवाचारों और स्टार्टअप आधारित समाधानों का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। यह सहभागिता 15 जनवरी 2026 को भोपाल में आयोजित रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस के बाद हो रही है, जहाँ प्रदेश ने शासन, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी तंत्र और औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग का प्रदर्शन किया था। समिट में प्रदेश के चार प्रमुख शासकीय विभागों द्वारा एआई के व्यावहारिक उपयोग प्रस्तुत किए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा टीबी जोखिम पूर्वानुमान के लिए पीएटीओ, एआई आधारित मल्टीमॉडल टीबी स्क्रीनिंग के लिए सीएटीबी, मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य के लिए संवादात्मक एआई आधारित सुमन सखी और शासकीय अस्पतालों में निदान दक्षता बढ़ाने के लिए एआई-सहायित रेडियोलॉजी निर्णय समर्थन पायलट प्रदर्शित किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा के लिए एआई-चालित जिला प्रदर्शन प्रतिवेदन प्रणाली प्रस्तुत करेगा, जो लाइव एपीआई डेटा को केपीआई बेंचमार्किंग, अपवाद पहचान और ब्लॉक एवं पंचायत स्तर तक एआई-जनित अंतर्दृष्टियों में परिवर्तित कर जमीनी स्तर पर योजना निर्माण और पारदर्शिता को सुदृढ़ बनाती है। शहरी प्रशासन एवं विकास संचालनालय द्वारा एमपी अर्बन लॉकर, जेनरेटिव एआई आधारित जीआईएस गरुड़ लैब, एआई-सक्षम फ्लीट एवं ईंधन प्रबंधन प्रणाली और ई-नगर पालिका एकीकरण ढांचा प्रदर्शित किया जाएगा। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड होलोग्राफिक डिस्प्ले, महाकाल दर्शन अनुभव, इंटरैक्टिव डिजिटल कियोस्क और वीआर आधारित 360 डिग्री पर्यटन सहभागिता उपकरण प्रस्तुत करेगा, जो पर्यटन प्रोत्साहन के लिए उन्नत डिजिटल इंटरफेस को दर्शाते हैं। पैवेलियन में एमपीएसईडीसी की एआई पहलों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। ये पहलें संप्रभु एआई, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और एआई, डीप-टेक, एवीजीसी-एक्सआर, हेल्थ-टेक, एग्री-टेक एवं औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों में निवेश प्रोत्साहन को रेखांकित करती हैं।भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित अन्य नवाचार केंद्रों से स्टार्टअप्स उत्पादन-तैयार एआई समाधान प्रस्तुत करेंगे। इनमें संप्रभु एआई प्लेटफॉर्म, बहुभाषी डिजिटल अवतार, टेली-फिजियोथेरेपी उपकरण, वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए एआई एजेंट, औद्योगिक पूर्वानुमान एवं डिजिटल ट्विन, एआई आधारित कृषि समाधान, फसल निदान प्रणाली, रोबोटिक्स और जेनेरेटिव एआई आधारित सृजनात्मक तकनीक शामिल हैं। भारत मंडपम, नई दिल्ली में मध्यप्रदेश पैवेलियन में सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि, औद्योगिक स्वचालन, शिक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों को समाहित करते हुए राज्य के समग्र एआई पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतिनिधित्व करेगा। इस पहल के माध्यम से प्रदेश एआई आधारित शासन एवं आर्थिक परिवर्तन की दिशा में अग्रसर होते हुए स्वयं को टियर-2 प्रौद्योगिकी नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित कर रहा है।  

AI से बना कंटेंट डालना पड़ेगा भारी! सोशल मीडिया के लिए नए IT नियमों की तैयारी

 इंदौर इंटरनेट मीडिया पर एआई टूल्स के जरिए फोटो, वीडियो और टेक्स्ट बनाकर पोस्ट करना अब पहले जितना आसान नहीं रहेगा। केंद्र सरकार 20 फरवरी से नए आईटी नियम लागू करने जा रही है, जिनका मुख्य उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता बढ़ाना और डीपफेक तथा फर्जी सामग्री पर रोक लगाना है। AI कंटेंट की जानकारी देना होगी अनिवार्य नई व्यवस्था के तहत यदि कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार किया गया है या उसमें किसी व्यक्ति की शक्ल, आवाज या घटना को बदला गया है, तो पोस्ट करते समय इसकी स्पष्ट जानकारी देना जरूरी होगा। इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसे कंटेंट पर स्पष्ट और दिखाई देने वाला लेबल भी लगाएंगे, ताकि दर्शकों को तुरंत पता चल सके कि सामग्री वास्तविक नहीं है। सामान्य एडिटिंग पर नहीं लागू होगा नियम सरकार ने स्पष्ट किया है कि सामान्य संपादन कार्य इन नियमों के दायरे में नहीं आएंगे। जैसे- फिल्टर लगाना, रंग सुधारना, अनुवाद करना, शोर हटाना या प्रस्तुति तैयार करना ‘सिंथेटिक कंटेंट’ नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में अलग से घोषणा करना आवश्यक नहीं होगा। AI उपयोग की सीमा तय आम यूजर, कंटेंट क्रिएटर और छोटे कारोबारी एआई का इस्तेमाल डिजाइन, लेखन, पोस्टर निर्माण, अनुवाद या सामान्य एडिटिंग जैसे कार्यों में कर सकेंगे। लेकिन किसी की फोटो या आवाज बदलकर फर्जी वीडियो बनाना, पहचान का दुरुपयोग करना, फेक न्यूज या नकली दस्तावेज तैयार करना और बिना अनुमति निजी या आपत्तिजनक सामग्री बनाना सीधे अपराध माना जाएगा। डीपफेक पर कड़ी नजर सरकार का मानना है कि AI के दुरुपयोग से गलत सूचना तेजी से फैल रही है। इसलिए नए नियमों के जरिए लोगों को वास्तविक और कृत्रिम सामग्री में अंतर समझाने तथा डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है।

राज्यपाल पटेल से केरल राज्य के पार्षदगणों ने की मुलाकात

राजधानी के स्वच्छता प्रबंधन कार्यों की सराहना की भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से रविवार को लोकभवन में केरल राज्य के विभिन्न स्थानीय निकायों के पार्षद एवं जनप्रतिनिधियों ने शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल पटेल ने सभी का आत्मीय स्वागत कर परिचय प्राप्त किया। उनके क्षेत्र के राजनैतिक और प्रशासनिक नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश के भ्रमण पर आए केरल के जनप्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ-सबका विकास” के मंत्र के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा करें। प्रदेश सरकार के अनुकरणीय नवाचारों और भ्रमण के अनुभवों को अपने क्षेत्रों में जनकल्याणकारी और विकासात्मक कार्यों  में लागू करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं को अंतिम पंक्ति तक पहुँचाने में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी से स्थानीय शासन को और अधिक प्रभावी बनाएं। हमेशा गरीब, वंचितों और जरूरतमंदों की सेवा के संकल्प का पालन करें। राज्यपाल पटेल से केरल के जनप्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश भ्रमण के अनुभव साझा किए। देश की स्वच्छतम राजधानी के रूप में भोपाल के सफ़ाई प्रबन्धन की सराहना की। प्रदेश के जल प्रबन्धन, स्मार्ट सिटी परियोजना, कचरा निस्तारण, सौर ऊर्जा आदि की चर्चा की। शिष्टाचार भेंट कार्यक्रम में राजभवन के अधिकारी और प्रदेश में निवासरत मलयाली समाज के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

खुशी का दिन बना गम: महाशिवरात्रि पर नर्मदा में लापता हुआ किशोर, जारी है सर्च ऑपरेशन

नरसिंहपुर ठेमी थाना अंतर्गत ग्राम महादेव पिपरिया स्थित नर्मदा नदी में स्नान के दौरान एक 15 वर्षीय बालक डूबकर लापता हो गया। घटना रविवार को महाशिवरात्रि के दिन की है, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान व दर्शन के लिए पहुंचे थे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय जेल कॉलोनी जबलपुर निवासी टीकाराम राजोरिया अपने पुत्र ओम राजोरिया के साथ ग्राम बड़गवा में रिश्तेदार के यहां आए थे। महाशिवरात्रि के अवसर पर दोनों महादेव पिपरिया स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। सुबह लगभग 11.30 बजे पिता-पुत्र नर्मदा नदी में स्नान कर रहे थे। स्नान के बाद टीकाराम मंदिर में स्थित शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए चले गए, जबकि ओम नदी में ही नहाता रहा। बताया जा रहा है कि इसी दौरान ओम गहरे पानी में चला गया और डूब गया।   भीड़ अधिक होने के कारण अधिकांश लोगों को तत्काल घटना की जानकारी नहीं लग सकी, लेकिन कुछ प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा शोर मचाने पर लोगों का ध्यान इस ओर गया। स्थानीय गोताखोरों और मौजूद लोगों ने नदी में गोता लगाकर बालक की तलाश की, परंतु सफलता नहीं मिल सकी।   जब पिता को घटना की जानकारी मिली तो वे व्याकुल हो उठे। सूचना मिलने पर पुलिस और होमगार्ड तैराक दल मौके पर पहुंचा और बालक की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। शाम 5 बजे तक बालक का कोई सुराग नहीं लग सका था। ठेमी थाना प्रभारी प्रीति मिश्रा ने बताया कि रेस्क्यू टीम द्वारा लगातार तलाश की जा रही है। नदी में पानी का बहाव अधिक होने के कारण खोज कार्य में कठिनाई आ रही है।

खजराना मंदिर की मर्यादा तार-तार, गर्भगृह में घुसपैठ पर सुरक्षा एजेंसी पर जुर्माना

इंदौर शहर के आस्था के प्रमुख केंद्र खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में अनाधिकृत प्रवेश की घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड को मंदिर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसी बालाजी सिक्युरिटी सर्विस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, अनाधिकृत प्रवेश के लिए दबाव बनाने वाले आकाश रावत पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इंटरनेट मीडिया में खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में बदमाश सतीश भाऊ के प्रवेश का वीडियो शनिवार को बहुप्रसारित हुआ, जबकि गर्भगृह में प्रवेश करना प्रतिबंधित है। मामले को कलेक्टर शिवम वर्मा ने संज्ञान में लेकर सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई तो 11 फरवरी की शाम करीब 7.41 से 7.45 बजे के बीच कुछ व्यक्तियों के गर्भगृह में प्रवेश की पुष्टि हुई। जांच में क्या निकला जांच में सामने आया कि स्थानीय निवासी आकाश रावत ने चैनल गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड से बातचीत की, जिसके बाद गेट खोला गया। उस दौरान ड्यूटी पर मौजूद एजेंसी की सुरक्षा गार्ड ज्योति वरुण ने जांच में बताया कि आकाश ने ही दबाव बनाकर गर्भगृह में प्रवेश दिलाया था। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही बालाजी सिक्युरिटी सर्विस के गार्ड ज्योति वरुण की भूमिका लापरवाहीपूर्ण पाई गई, इसलिए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि गर्भगृह में प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा और केवल विशेष परिस्थितियों में पूर्व अनुमति से ही प्रवेश संभव होगा। पुजारी अशोक भट्ट का कहना है कि मंदिर में सभी श्रद्धालुओं से समानता का व्यवहार किया जाता है, पूर्व अनुमति से ही गर्भगृह में प्रवेश किया जा सकता है। अनाधिकृत प्रवेश पर निगरानी रखी जाएगी और श्रद्धालुओं की भावनाओं का ध्यान रखा जाएगा। पहले भी सामने आए हैं वीडियो गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध होने के बावजूद अनाधिकृत प्रवेश के वीडियो पहले भी सामने आते रहे हैं। विधायक गोलू शुक्ला के बेटे के विवाह के बाद गर्भगृह में पूजन का वीडियो सामने आया था। उस दौरान भी हंगामा हुआ था, लेकिन प्रशासन ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की।

राज्यपाल पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने की सौजन्य भेंट

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने रविवार को लोकभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का तोमर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल को विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने 16 फ़रवरी से प्रारम्भ हो रहे विधानसभा के बजट सत्र के अभिभाषण के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर विभिन्न विषयों पर पारस्परिक चर्चा हुई।

रज्जाक केस पर MP हाईकोर्ट में सियासी घमासान, विधायक का बड़ा आरोप—बदले की भावना से हुई कार्रवाई

 जबलपुर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की युगलपीठ न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति आरके वाणी के समक्ष जबलपुर निवासी अब्दुल रज्जाक से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने स्पष्ट किया कि याचिका दायर किए जाने की तारीख तक रज्जाक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। राज्य सरकार का पक्ष राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता एचएस रूपराह ने अदालत को बताया कि रज्जाक की पत्नी सुबीना बेगम पहले अपनी याचिका वापस ले चुकी हैं। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता वर्तमान में जिस आपराधिक मामले में जेल में है, उसमें उसे नियमित जमानत के लिए आवेदन करना चाहिए। साथ ही, वह चाहें तो संबंधित आपराधिक कार्रवाई को निरस्त करने की मांग भी कर सकते हैं। याचिकाकर्ता की दलील रज्जाक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद अली ने राज्य सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए अदालत से समय मांगा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को निर्धारित कर दी। विधायक पर लगाए गए आरोप मामले में अब्दुल रज्जाक ने विधायक संजय पाठक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके विरुद्ध दर्ज कई मामलों में अभी तक अंतिम रिपोर्ट दाखिल नहीं हुई है। गिरफ्तारी को बताया प्रक्रिया का दुरुपयोग रज्जाक का आरोप है कि एक मामले में जमानत मिलते ही दूसरे प्रकरण में गिरफ्तारी दिखा दी जाती है। उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया के साथ छल बताया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर पहुंचकर की पूजा-अर्चना

शिव भक्तों के साथ मनाया महाशिवरात्रि पर्व भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर भोपाल के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नागरिकों को महाशिवरात्रि की बधाई देते हुए सभी के साथ महाशिवरात्रि पर्व मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर अभिषेक किया। वे महाशिवरात्रि पर्व पर शिवभक्तगणों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। पुलिस बैंड के सदस्यों सहित अनेक युवाओं ने डमरू दल के साथ पारम्परिक प्रस्तुति दी। शिव बारात का रथ खींचा मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिव बारात को रवाना किया और बारात का रथ भी खींचा। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकगण उत्साह, उमंग से बारात में शामिल हुए। इस दौरान हर-हर महादेव और जय महाकाल के सामूहिक स्वर से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। महाशिवरात्रि के कार्यक्रम और शिव बारात में अनेक जनप्रतिनिधि और शिव भक्त भी शामिल हुए। इनमें सांसद श्री आलोक शर्मा, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, श्री रविंद्र यति, श्री राहुल कोठारी सहित महाशिवरात्रि पर्व आयोजन समिति के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हैं।  

राजधानी भोपाल में आग से हड़कंप: फर्नीचर फैक्ट्री में लगी भीषण आग, कई दमकल गाड़ियां जुटीं

भोपाल राजधानी के कस्तूरबा नगर स्थित चेतक ब्रिज के पास रविवार दोपहर करीब सवा चार बजे एक फर्नीचर की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने विकराल रूप ले लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया, जो करीब सात से आठ किलोमीटर दूर से भी साफ दिखाई दे रहा था। उस धुंए का देखकर हर किसी के मन में यही बात उठ रही थी कि इतनी भीषण आग कहां लग गई। फायर कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार आग पर काबू पाने के लिए दमकल की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं और आग पर काबू पाने के लिए मशक्कत कर रही है। दमकल कर्मियों के सामने खड़ी हो गई चुनौती चूंकि फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में लकड़ी और फर्नीचर का सामान रखा था, इसलिए आग की ऊंची लपटों ने दमकल कर्मियों के सामने चुनौती खड़ी कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फैक्ट्री से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद आग ने तेजी से पूरे कारखाने को अपनी चपेट में ले लिया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को खाली करा दिया है। फिलहाल हादसे में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है और निगम की दमकलें एक के बाद एक मौके पर पहुंच रही हैं।