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कृषि रथ के माध्यम से किसानों को बताया प्राकृतिक और जैविक खेती का महत्व

भोपाल. कृषक कल्याण वर्ष 2026 राज्य शासन द्वारा घोषित कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत किसानों को खेती की नई पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में हरदा जिले की ग्राम पंचायतों में कृषि रथ का संचालन किया गया। कृषि रथ के साथ कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, कृषि विभाग एवं संबद्ध विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा कृषकों से सीधा संपर्क कर ई-विकास प्रणाली से उर्वरक क्रय करने के लिये जागरूक किया गया। साथ ही नरवाई प्रबंधन, ग्रीष्मकालीन मूंग फसल के स्थान पर उडद, मूंगफली, तिल आदि फसलों को प्रोत्साहन के साथ प्राकृतिक और जैविक कृषि करने के लिए प्रेरित किया गया। मृदा स्वास्थ कार्ड के आधार पर उर्वरकों की संतुलित मात्रा का उपयोग करने और भूमि पर बोई गई फसल अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग करने सहित समसामयिक सलाह भी प्रदान की गई। किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती करने के लिए प्रेरित करते हुए बताया गया कि रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से अनेक जानलेवा बीमारियां बढ़ रही हैं। प्राकृतिक और जैविक खेती से बीमारियां होने का खतरा नहीं रहता है। प्राकृतिक और जैविक खेती एक ऐसी खेती है जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों और जैविक पदार्थों का उपयोग करके फसलें उगाई जाती हैं। प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, जल संरक्षण होता है, जैव विविधता बढ़ने के साथ किसानों की आय बढ़ती है और फसलों की गुणवत्ता भी अच्छी होती है। किसानों को मिल रही सोलर पम्प की सौगात प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के अंतर्गत हरदा जिले के किसानों को सिंचाई सुविधा सुलभ कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा योजना के तहत हरदा जिले में 361 किसानों का ऑफ ग्रिड सोलर पम्प प्रदाय करने के लिए चयन किया गया है। इस योजना से किसानों को दिन के समय निर्बाध सिंचाई, कम लागत में खेती तथा पर्यावरण संरक्षण में सहभागिता का लाभ मिल रहा है।  

सेवा, समर्पण और संकल्प के साथ करें कार्य : राज्यपाल पटेल

भोपाल. राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने शुक्रवार को लोकभवन के जवाहर खण्ड में रेडक्रॉस के मध्यप्रदेश शाखा की नवगठित प्रबंधन समिति के साथ चर्चा की। उन्होंने नवागत सदस्यों को सेवा, समर्पण और संकल्प के साथ कार्य के लिए शुभकामनाएं दी। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, विधि अधिकारी  उमेश वास्तव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी  अरविन्द पुरोहित और रेडक्रॉस प्रबंधन समिति के सदस्य मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल को रेडक्रॉस चेयरमैन डॉ. श्याम सिंह कुमरे से रेडक्रॉस अस्पताल के प्रबंधन, ओ.पी.डी. संचालन, माहवार मरीजों की संख्या, जाँच, विभिन्न मदों से प्राप्त आय और व्यय के संबंध में अवगत कराया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि मरीजों के इलाज, जरूरी जाँच और व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाये। मरीजों की देखभाल से जुड़ी सभी व्यवस्थाएँ हमेशा पुख्ता रखें। बैठक में रेडक्रॉस के जनरल सेक्रेटरी  रामेन्द्र सिंह ने समिति की गतिविधियों का विवरण दिया।  

मध्‍यप्रदेश पुलिस की त्वरित कार्रवाई

भोपाल . मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में सतत रूप से की जा रही जनसुरक्षा एवं बाल संरक्षण से जुड़ी कार्यवाहियों के क्रम में नरसिंहपुर एवं शिवपुरी जिलों में नाबालिग बच्चों की सकुशल दस्तयाबी की दो प्रमुख कार्यवाहियाँ विशेष रूप से उल्लेखनीय रहीं, जिन्होंने पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता एवं पेशेवर दक्षता को सशक्त रूप से रेखांकित किया है। नरसिंहपुर: चंद घंटों में दो नाबालिग बालिकाओं की सकुशल दस्तयाबी दिनांक 10 फरवरी को थाना गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर में 9 वर्षीय एवं 8 वर्षीय बालिका के गुम होने की सूचना प्राप्त होते ही पुलिस ने तत्काल सघन तलाश प्रारंभ की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश के नेतृत्व में चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों द्वारा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों एवं सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से व्यापक खोजबीन की गई। निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप दोनों बालिकाएं ग्राम कमती के सेमरावारी खेत स्थित कोहा के पेड़ के पास झाड़ियों में सुरक्षित अवस्था में मिलीं। पूछताछ में ज्ञात हुआ कि कुरकुरे खाने के बाद परिजनों की डांट के भय से वे स्वयं छिप गई थीं। दोनों बालिकाओं को सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया। शिवपुरी: हॉस्टल से लापता तीन नाबालिग बालकों को गुना से सुरक्षित दस्तयाबकिया दिनांक 12 फरवरी को थाना कोतवाली, जिला शिवपुरी में हॉस्टल से तीन नाबालिग बालकों (उम्र 14, 15 एवं 17 वर्ष) के लापता होने की रिपोर्ट पर तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक श्री अमन सिंह राठौड़ के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम द्वारा शिवपुरी एवं गुना में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं आसपास के क्षेत्रों में 80 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच करते हुए सघन तलाश की गई, जिसके परिणामस्वरूप तीनों बालकों को गुना रेलवे स्टेशन से सकुशल दस्तयाबकर परिजनों के सुपुर्द किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा जनसहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रतिदिन अनेक प्रभावी कार्रवाइयाँ की जा रही हैं। इन प्रयासों के माध्यम से पुलिस न केवल सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि समाज में विश्वास, सहयोग और सकारात्मक संवाद की मजबूत नींव भी रख रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को किया संबोधित

जनगणना प्रशासनिक प्रक्रिया के साथ-साथ भविष्य की दिशा तय करने का है अभियान प्रधानमंत्री मोदी ने लिया डिजिटल जनगणना कराने का ऐतिहासिक फैसला कलेक्टर-कमिश्नर्स समय-सीमा में पूर्ण करें जनगणना कार्य जनगणना में मजरों-टोलों का भी किया जाए आंकलन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनगणना देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डाटा प्रक्रिया है। जनगणना के आधार पर सरकार की योजनाएं बनती हैं, संसाधनों का वितरण तय होता है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तैयार होती है। आज भारत विश्व का सर्वाधिक आबादी वाला राष्ट्र है। यह जनगणना केवल राष्ट्रीय नहीं बल्कि वैश्विक महत्व की भी है। जनगणना का कार्य केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला सबसे व्यापक और निर्णायक अभियान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनगणना-2027 के प्रथम चरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन में जनगणना-2027 की प्रक्रिया पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सत्र में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, रजिस्ट्रॉर जनरल तथा जनगणना आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार नारायण, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिवशेखर शुक्ला उपस्थित थे। सम्मेलन में प्रदेश के सभी संभागायुक्त, कलेक्टर्स, नगर निगम आयुक्त तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल जनगणना कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। देश में आखिरी बार वर्ष 1931 में सामाजिक स्तर की जनगणना की गई थी। उन्होंने जनगणना की प्रक्रिया में गांवों, मजरों-टोलों के साथ-साथ बेचिराग गांवों की स्थिति के आंकलन की व्यवस्था करने की भी आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़क, अस्पताल, स्कूल एवं अन्य कार्यों की योजनाएं जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही बनाई जाती हैं। जनगणना केवल संख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं है, यह राज्य की संवेदनशीलता, प्रशासन की विश्वसनीयता, प्रतिबद्धता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा है। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों की चुनौतियां भिन्न हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रणनीति अपनाते हुए समयबद्ध रूप से जनगणना की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया की सफलता का केन्द्र मैदानी प्रशासनिक अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स और कमिश्नर्स से जनगणना कार्य को रणनीतिक नेतृत्व प्रदान करते हुए जनगणना के सभी उद्देश्यों की समय सीमा में पूर्ति करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में उपस्थित प्रदेश के सभी कमिश्नर-कलेक्टरों से कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से प्रारंभ होकर 6 मार्च तक चलेगा। उन्होंने आगामी महाशिवरात्रि और होली जैसे त्यौहारों के दृष्टिगत शांति समितियों के साथ बैठक कर अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने में जन भावनाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। नागरिकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से मिलावटी मिठाई, रंगों में मिलावट एवं अन्य खाद्य पदार्थों की जांच के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। होली के त्यौहार में सामाजिक समरसता सुनिश्चित हो। प्रदेश में जल संरचनाओं के निर्माण में मुआवजे के प्रकरणों का निराकरण संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि हमें विकास के साथ-साथ जनभावनाओं का ध्यान भी रखना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावांतर योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-रामजी योजना के क्रियान्वयन के लिए बेहतर प्रबंध किए जाएं। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में घोषित किया है। किसानों से जुड़ी सभी योजनाओं और कार्यों के लिए उचित प्रबंध किए जाएं। ग्रीष्मकालीन फसलों में राज्य सरकार उड़द और मूंगफली के उत्पादन को प्रोत्साहित करने की योजना बना रही है। मक्का की फसलों से भी किसान लाभान्वित हो रहे हैं। नरवाई जलाने की घटनाओं को शून्य करने में विभिन्न जिले स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रखें। प्रदेश में दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनिज, पंजीयन, आबकारी के अंतर्गत राजस्व संग्रहण लक्ष्यों को प्राप्त करना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि चुनाव और जनगणना को प्रशासनिक व्यवस्था का सबसे कठिन कार्य माना जाता है। देश में हर 10 साल में जनगणना होती है। प्रशासनिक अधिकारियों के लिए जनगणना, अपनी प्रबंधन दक्षता को सिद्ध करने और अपने अनुभवों का समृद्ध करने का श्रेष्ठ अवसर है। इस बार तकनीक के बेहतर उपयोग से जनगणना के आंकड़े डिजिटल व्यवस्था के परिणामस्वरूप जल्दी आएंगे। मध्यप्रदेश विविधता से समृद्ध राज्य है। यहां करीब 1 लाख 27 हजार मजरे-टोले हैं, अगर मकानों की गणना के पत्रक में एक कॉलम मजरे टोले का रखा जाए, तो इससे राज्य सरकार को भविष्य की योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी। जीआईएस सिस्टम से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। अगर आंकड़े सही तरीके से फीड किए जाएंगे तो जनगणना का परिणाम बेहतर मिलेगा। यह नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे अपनी सही जानकारियां फील्ड अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। 

राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने ग्राम बैहाटोला में 25 लाख लागत के मंगल भवन का किया भूमिपूजन

अनूपपुर.  मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल ने आज जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत बैहाटोला में 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मंगल भवन का भूमिपूजन किया। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सामाजिक, सांस्कृतिक, वैवाहिक तथा सामुदायिक आयोजनों के लिए एक सुलभ, सुव्यवस्थित एवं सर्वसुविधायुक्त स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस भवन का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कहा कि यह मंगल भवन विशेष रूप से कम आय वर्ग के नागरिकों को कम खर्च में आयोजन की सुविधा प्रदान करेगा। इससे सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायता मिलेगी। ऐसे सामुदायिक भवन समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए समारोहों को अधिक सुविधाजनक, किफायती एवं व्यवस्थित बनाकर जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होंगे। राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक पात्र हितग्राही को सीधे लाभान्वित कर रही है। किसानों के कल्याण हेतु बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा विभिन्न योजनाओं की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि स्थानीय मांगों की पूर्ति के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मती ममता मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

आयुष्मान कार्ड योजना गरीबों के लिए वरदान- राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल

अनूपपुर. मध्य प्रदेश शासन की कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर एवं संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत एवं मध्य प्रदेश को विकसित बनाने का सपना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा देखा गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नागरिकों का स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से आयुष्मान कार्ड योजना लागू की गई है, जो गरीब एवं जरूरतमंद वर्ग के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में उपलब्ध कराया जाता है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल कोतमा में निजी स्वास्थ्य संस्थान द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहे थे। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि मानवता की सेवा ही सच्ची सेवा है। केंद्र एवं राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का परम कर्तव्य है कि मरीज अपनी पीड़ा लेकर आए और उपचार के पश्चात स्वस्थ एवं संतुष्ट होकर वापस जाए, यही चिकित्सक की वास्तविक उपलब्धि होती है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एयर एम्बुलेंस योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का लाभ डॉक्टर की अनुशंसा एवं कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर पात्र हितग्राहियों को सरलता से उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि कोतमा के विश्वनाथ गोस्वामी सहित अन्य हितग्राही भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि शहडोल संभाग में वर्तमान समय में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। संभाग में मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं, जहां 24 घंटे चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, सभी इन सेवाओं का लाभ लें और स्वस्थ रहें। स्वास्थ्य शिविर में 518 मरीजों ने लिया निःशुल्क उपचार का लाभ*  राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने स्वास्थ्य शिविर के दौरान दंत चिकित्सा, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र परीक्षण एवं जनरल चेकअप सहित विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं उपचार व्यवस्थाओं की जानकारी ली और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। प्रभारी मंत्री ने स्वयं भी बीपी एवं शुगर का भी जांच कराया। शिविर में लगभग 518 लोगों ने पंजीयन कराकर निःशुल्क परीक्षण एवं उपचार का लाभ प्राप्त किया। शिविर में उपाध्यक्ष जनपद पंचायत कोतमा श्री अभिषेक सिंह, नगर पालिका परिषद कोतमा के पार्षद राजेंद्र सोनी सहित श्री पुष्पेंद्र जैन, श्री  हनुमान गर्ग सहित जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय जन उपस्थित थे।

20 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये कराया पंजीयन : मंत्री राजपूत

भोपाल रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक 20 हजार 98 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। किसान 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन अवश्य करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। मंत्री राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 4084, उज्जैन में 9524, ग्वालियर में 476, चम्बल में 123, जबलपुर में 788, नर्मदापुरम में 900, भोपाल में 3602, रीवा में 68, शहडोल में 83 और सागर में 450 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। किसानों को करें एसएमएस खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं।  

MP में रेल विकास को रफ्तार, उज्जैन बाइपास सहित कई योजनाएं स्वीकृत

भोपाल मध्य प्रदेश में रेल नेटवर्क को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय रेलवे ने राज्य में कई महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन योजनाओं से न केवल ट्रेनों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि माल ढुलाई, क्षेत्रीय संपर्क और धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। उज्जैन बाइपास रेलवे लाइन को मंजूरी भारतीय रेलवे के अंतर्गत पश्चिमी रेलवे ने नईखेरी-चिंतामन गणेश को जोड़ने वाली 8.60 किलोमीटर लंबी उज्जैन बाईपास रेलवे लाइन को 189.04 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति दी है। यह परियोजना विशेष रूप से उज्जैन जंक्शन पर ट्रेनों के रिवर्सल की समस्या को समाप्त करेगी। अभी कई ट्रेनों को दिशा बदलने के लिए उज्जैन स्टेशन पर रुककर रिवर्सल करना पड़ता है, जिससे समय और परिचालन क्षमता दोनों प्रभावित होते हैं। बाईपास लाइन बनने से यह प्रक्रिया खत्म होगी और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी। सिंहस्थ 2028 और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा यह परियोजना वर्ष 2028 में प्रस्तावित सिंहस्थ कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के दौरान बेहतर रेल प्रबंधन और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती होता है। बायपास लाइन बनने से तीर्थयात्रियों को सीधे और तेज रेल संपर्क मिलेगा। साथ ही महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच और सुगम होगी। पितृ पर्वत से उज्जैन बायपास तक नया फोरलेन, सिंहस्थ से पहले तैयार होगी इंदौर-उज्जैन की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बल रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से मालगाड़ियों की आवाजाही भी अधिक व्यवस्थित होगी, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। यात्रा समय में कमी, समयपालन में सुधार और भीड़भाड़ में कमी जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।  इन स्वीकृतियों को मध्य प्रदेश के रेल ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है  बेहतर संपर्क और विश्वसनीय सेवा से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।  

16 फरवरी को मनाया जाएगा राज्य निर्वाचन आयोग का स्थापना दिवस, समारोह में रावत की विशेष उपस्थिति

राज्य निर्वाचन आयोग का स्थापना दिवस समारोह 16 फरवरी को पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त  रावत होंगे मुख्य अतिथि भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग का 32वां स्थापना दिवस समारोह 16 फरवरी को सुबह 11 बजे से आयोजित किया जायेगा। समारोह के मुख्य अतिथि भारत निर्वाचन आयोग के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ओ.पी. रावत होंगे।  रावत "वन नेशन-वन इलेक्शन में स्थानीय निर्वाचन की भूमिका" विषय पर व्याख्यान देंगे। पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त  आर परशुराम "स्थानीय निर्वाचन में सुधार की चुनौतियाँ" विषय पर उद्बोधन देंगे। दैनिक भास्कर, स्कूल ऑफ जर्नलिज्म के विभागाध्यक्ष  नरेन्द्र कुमार सिंह "जमीनी लोकतंत्र में पारदर्शी एवं निष्पक्ष चुनाव" विषय पर और एडवोकेट  सिद्धार्थ सेठ स्थानीय निर्वाचन में न्यायालयीन सबक" विषय पर उद्बोधन देंगे। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग  दीपक सिंह ने बताया है कि समारोह में आयोग के निर्वाचन साहित्य-ई बुक का विमोचन और प्रेक्षा मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया जायेगा। साथ ही स्थानीय निर्वाचन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को प्रशस्ति पत्र भी वितरित किये जायेंगे।  

Bhopal में विकास को रफ्तार, राज्यमंत्री गौर ने 5.5 करोड़ से अधिक के कार्यों का भूमिपूजन किया

भोपाल के विकास की नई उड़ान: राज्यमंत्री  गौर ने किया साढ़े 5 करोड़ से अधिक लागत के विकासकार्यों का भूमिपूजन साकेत नगर में 2 करोड़ 29 लाख, बाइपास से संपदा कॉलोनी तक 3 करोड़ 36 लाख की लागत से तक बनेगी सड़क भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने शुक्रवार को गोविंदपुरा क्षेत्र में करीब साढ़े 5 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाली दो मुख्य सड़कों का भूमिपूजन किया। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि क्षेत्र के विकास में स्थानीय जनप्रतिनिधि महती भूमिका निभा रहे हैं। हर कार्य को उत्कृष्टता के साथ पूर्ण करने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि साकेत नगर में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं और ऐसे विकासकार्य निरंतर जारी रहेंगे। राज्यमंत्री गौर ने पंचवटी मार्केट से साकेत नगर एरिया में 1.7 किलोमीटर के रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया, इसकी अनुमानित लागत 2 करोड़ 29 लाख रुपए है। उन्होंने वार्ड 62 में पिरिया मोहल्ला संपदा कॉलोनी में 60 मीटर चौड़ाई वाली 1.3 किलोमीटर की सड़क का भी भूमिपूजन किया, जिसकी अनुमानित लागत 3 करोड़ 36 लाख रुपए है। कार्यक्रम में पार्षद ममता विश्वकर्मा,  अर्चना परमार,  छाया ठाकुर,  नीरज सिंह,  संतोष ग्वाला,  मनोज विश्वकर्मा,  नरेंद्र ठाकुर, समाजसेवी  करनेल सिंह,  लीलाधर मालवीय,  सुरेंद्र द्विवेदी,  अनिल गुप्ता सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और रहवासी मौजूद रहे।