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मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में लगभग 250 सड़कों का हुआ निर्माण : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

उप मुख्यमंत्री ने ग्राम चावली में लगभग 4 करोड़ रुपये के सड़क मार्ग का किया भूमिपूजन भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने ग्राम चावली में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम के अंतर्गत 3 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले बोरखेड़ी से बाबूखेड़ा व्हाया चावली सड़क मार्ग का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला अधिकारी, विकास खंड अधिकारी, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रदेश में सड़कों का चहुंमुखी विकास किया गया है। इसी क्रम में मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में लगभग 250 सड़कों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि आगामी एक वर्ष में मल्हारगढ़ सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के माध्यम से हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे किसानों को बिजली की समस्या से राहत मिलेगी और सीधे चंबल नदी का पानी खेतों तक उपलब्ध होगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था कि नदियों को आपस में जोड़ा जाए, जिससे कोई भी क्षेत्र सूखे से प्रभावित न रहे और प्राकृतिक बाढ़ पर नियंत्रण किया जा सके। आज देशभर में नदी जोड़ो परियोजना के अंतर्गत कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड सभी वर्गों के पात्र नागरिकों के बनाए गए हैं, इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है। किसान सम्मान निधि योजना का लाभ भी सभी पात्र किसानों को मिल रहा है। साथ ही सरकार द्वारा गरीबों को आवास उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है।  

विनोबा भावे सब स्टेशन में डबल सर्किट सप्लाई, जबलपुर के विद्युत नेटवर्क को मिली नई ताकत

जबलपुर के विद्युत नेटवर्क को मिली नई सुदृढ़ता, विनोबा भावे सब स्टेशन में अब डबल सर्किट सप्लाई एम.पी. ट्रांसको के विनोबा भावे सब स्टेशन में अब डबल सर्किट सप्लाई  जबलपुर मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने जबलपुर शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी द्वारा 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के लिए निर्मित की जा रही अत्यंत जटिल डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन परियोजना का सब स्टेशन स्तर पर दूसरा चरण भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। अब शहर को मिलेगी और अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता अमरकीर्ति सक्सेना ने बताया कि 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के स्विचयार्ड में सीमित स्थान होने के बावजूद, पहले से स्थापित सेट-अप में आवश्यक तकनीकी संशोधन करते हुए दूसरे 132 के.वी. सर्किट की व्यवस्था करना एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य था। उन्होंने बताया कि ट्रांसको की टीम ने समर्पण, आपसी समन्वय एवं सतत परिश्रम के बल पर इस जटिल कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर एक नई तकनीकी मिसाल कायम की है। इससे शहर के विद्युत तंत्र को और अधिक स्थायित्व एवं विश्वसनीयता प्राप्त होगी। विनोबा भावे सब स्टेशन में अतिरिक्त सर्किट की सुविधा अब 132 के.वी. विनोबा भावे सब स्टेशन को 220 के.वी. सबस्टेशन नयागांव, जबलपुर से एक अतिरिक्त सर्किट उपलब्ध हो गया है, जो पहले से संचालित 132 के.वी. व्हीकल फैक्टरी सबस्टेशन, जबलपुर से जुड़े सर्किट के अतिरिक्त है। इस नई व्यवस्था से किसी एक सर्किट में तकनीकी समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में न्यूनतम समय में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। साथ ही रख-रखाव कार्यों के दौरान अब पूर्ण शटडाउन लेने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।  

गडकरी करेंगे 4,400 करोड़ रुपये की 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री गडकरी करेंगे 4,400 करोड़ रूपये की 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण–शिलान्यास म.प्र. में सड़क विकास को मिलेगा नया आयाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 17 जनवरी का दिन मध्यप्रदेश के लिए सौगात भरा होगा। इस दिन केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी विदिशा जिले में आयोजित कार्यक्रम में 4,400 करोड़ रूपये से अधिक लागत से निर्मित एवं प्रस्तावित 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियाजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 181 किलोमीटर लम्बी ये परियोजनाएँ मध्य भारत एवं बुंदेलखंड क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करेंगी और प्रदेश के सड़क एवं परिवहन अवसंरचना विकास की दिशा में एक ओर ऐतिहासिक अध्याय जुड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को मिल रही ये परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, आवागमन की सुगमता और आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करेंगी। साथ ही सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और कुशल, प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में 3 आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा। ये केंद्र सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार विकसित करने तथा युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बेहतर कनेक्टिविटी, कम यात्रा समय और सुरक्षित सड़कें इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से भोपाल–विदिशा–सागर–राहतगढ़–ब्यावरा सहित प्रमुख औद्योगिक, कृषि एवं पर्यटन मार्गों पर यातायात सुगम होगा। चार-लेन चौड़ीकरण से जहां यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, वहीं ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और सड़क सुरक्षा में वृद्धि सुनिश्चित होगी। कई खंडों पर ब्लैक स्पॉट सुधार, अंडरपास तथा ज्यामितीय सुधार किए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी आएगी। ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर: सड़क सुरक्षा की मजबूत नींव MoRTH की पहल के तहत विदिशा और सागर जिलों में प्रस्तावित 3 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं से युक्त होंगे। IDTR एवं RDTC अवधारणा पर विकसित ये केंद्र सुरक्षित, अनुशासित और जिम्मेदार ड्राइविंग को प्रोत्साहित करेंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इन तीनों सेंटर का शिलान्यास भी किया जायेगा। लोकार्पित होने वानी परियोजनाएँ 1. रातापानी वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र, अब्दुल्लागंज-इटारसी खंड 4-लेन चौड़ीकरण लंबाई 12 किमी लागत ₹418 करोड़ यह परियोजना ओबेदुल्लागंज-इटारसी-बैतूल कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बैतूल के माध्यम से नागपुर तक बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करती है। पहले यह खंड दो-लेन का होने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक प्रमुख बॉटलनेक बना हुआ था, जिससे भारी यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न होती थी। चार-लेन चौड़ीकरण के बाद यातायात प्रवाह सुचारू होगा, जिससे लगभग 15–30 मिनट तक का यात्रा समय बचेगा तथा ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी आएगी। परियोजना के अंतर्गत वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए एनिमल अंडरपास एवं साउंड-प्रूफ कॉरिडोर का निर्माण किया गया है, जिससे टाइगर सहित अन्य वन्यजीवों को सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी आएगी। 2 देहगांव–बम्होरी मार्ग का निर्माण कार्य लंबाई: 27 किमी लागतः ₹60 करोड़ CRIF के अंतर्गत देहगांव से बम्होरी तक 27 किमी लंबाई में सड़क निर्माण किया गया है। यह मार्ग रायसेन जिले को बाटेरा–सिलवानी–सागर मार्ग के माध्यम से सागर से जोड़ता है। परियोजना से किसानों को कृषि उत्पादों के सुरक्षित, तेज़ और सुगम परिवहन की सुविधा मिलेगी तथा मंडियों और बाजारों तक पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। शिलान्यास होने वाली परियोजनाएँ 1. भोपाल-विदिशा खंड का 4-लेन चौड़ीकरण लंबाई 42 किमी लागत ₹1,041 करोड़ यह परियोजना भोपाल-कानपुर कॉरिडोर का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मौजूदा मार्ग को हाई-कैपेसिटी नेशनल हाईवे मानकों के अनुरूप विकसित करना है। परियोजना से अंतर-जिला एवं अंतर-राज्यीय यातायात अधिक सुगम होगा तथा लंबी दूरी और माल ढुलाई ट्रैफिक की आवाजाही सुरक्षित एवं तेज़ बनेगी। इस मार्ग से रायसेन जिले में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। 2. विदिशा-ग्यारसपुर खंड का 4-लेन चौड़ीकरण लंबाई 29 किमी लागत ₹543 करोड़ इस परियोजना से विदिशा और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। चौड़ीकरण और ज्यामितीय सुधारों से सड़क सुरक्षा एवं ड्राइविंग आराम में वृद्धि होगी। परियोजना से सांची जैसे ऐतिहासिक स्थलों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी तथा विदिशा जिले के उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं एवं अन्य कृषि उत्पादों के परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। 3. ग्यारसपुर-राहतगढ़ खंड का 4-लेन चौड़ीकरण लंबाई 36 किमी लागत ₹903 करोड़ यह खंड क्षेत्रीय एवं लंबी दूरी की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। परियोजना से यात्रा समय में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार और माल ढुलाई को गति मिलेगी। व्यापार, लॉजिस्टिक गतिविधियों और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने से क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। 4 राहतगढ़-बेरखेड़ी खंड का 4-लेन चौड़ीकरण लंबाई: 10 किमी लागतः ₹731 करोड़ यह परियोजना राष्ट्रीय एवं अंतर-राज्यीय यातायात के लिए सड़क क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। चौड़ीकरण से यातायात सुचारू होगा और दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी आएगी। इसके माध्यम से व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। 5. सागर वेस्टर्न बायपास (ग्रीनफील्ड) का 4-लेन निर्माण लंबाई 20.2 किमी लागत ₹688 करोड़ यह परियोजना NH-146 को सीधे NH-44 से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित है, जिससे सागर शहर के भीतर से गुजरने वाले ट्रैफिक को बाहर डायवर्ट किया जा सकेगा। बायपास के निर्माण से यात्रा समय में लगभग 70% तक की कमी आएगी और लॉजिस्टिक दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा। शहरी ट्रैफिक जाम में कमी, ईंधन बचत और परिवहन लागत में कमी के साथ यह परियोजना क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी। 6. भोपाल–ब्यावरा खंड पर 05 अंडरपास (LVUP/VUP) लंबाई 5 किमी लागत ₹122 करोड़ यह परियोजना ब्लैकस्पॉट सुधार के तहत विकसित की जा रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। अंडरपास निर्माण से हाईवे एवं स्थानीय मार्गों के बीच सुरक्षित और बाधारहित यातायात सुनिश्चित होगा। परियोजना से ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा व्यापार, कृषि और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।  

पेसा के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण, बोले राज्यपाल पटेल

पेसा के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण : राज्यपाल  पटेल लोक भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में पेसा, अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन को विकास के नए आयाम दिए हैं। जनजातीय समुदाय और ग्राम सभाओं में पेसा नियम की जन जागरूकता आवश्यक है। संबंधित विभाग पेसा नियम के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। ग्राम सभा और समितियों की विशेष सफलताओं को जन-जन तक पहुंचाने नवाचार करें। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में कहीं। उन्होंने पेसा ग्राम सभाओं और पेसा समितियों द्वारा किए गए विशेष कार्यों की जानकारी ली और सराहना की। लोक भवन में शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद रहे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि पेसा नियमों के तहत गठित शांति एवं विवाद निवारण समितियों द्वारा स्थानीय स्तर पर विवाद निवारण की सफलता अत्यंत उत्साहवर्धक है। यह सामाजिक सौहार्द्र एवं भाईचारे की भावना को मजबूत कर रही है। जनजातीय समुदाय को अनावश्यक मुकदमों एवं आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाने का सराहनीय कार्य कर रही है। इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जाना चाहिए। संबंधित विभाग इन सफलताओं की बुकलेट बनाएं और वितरित करें। बैठक में पेसा ग्राम सभाओं के वित्तीय पक्ष, वन ग्रामों को राजस्व में परिवर्तन, ग्राम सभाओं के नजरी नक्शा, लंबित प्रस्ताव, पट्टों की स्थिति, तेंदुपत्ता संग्रहण भुगतान आदि विभिन्न बिन्दुओं की विस्तार से समीक्षा की।   राज्यपाल  पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  पटेल ने पेसा नियमों के प्रभावी प्रचार-प्रसार, आगामी लक्ष्यों, उपलब्धियों, कठिनाईयों और उनके व्यावहारिक समाधान के विभागीय प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पेसा मोबेलाइजर्स के मानदेय के भुगतान संबंधी आगामी नवाचार प्रयासों को बताया। राज्यपाल श्री पटेल को बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्धारित बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी दी। समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आयुक्त सह-संचालक  छोटे सिंह, जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त सह-संचालक डॉ. सतेन्द्र सिंह, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

भोजशाला : बसंत पंचमी से पहले चला बुलडोजर, हिंदू संगठनों ने कहा- पूजा का अवसर पूरे दिन मिलना चाहिए

धार   नगर गौरव दिवस और बसंत पंचमी उत्सव (Basant Panchami) को लेकर धार शहर में तैयारियां तेज हो गई है। आयोजन के मद्देनजर हिंदू संगठनों के साथ ही पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे है। 17 जनवरी को शहर में हिंदू संगठनों द्वारा वाहन रैली निकाली जाएगी, जबकि 23 से 26 जनवरी तक नगर गौरव दिवस के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके चलते शहर की गलियों और मुख्य सड़को पर भगवा पताकाएं, स्वागत द्वार और सजावट की गई है, जिससे पूरा शहर आयोजन से पहले दुल्हन की तरह सजा हुआ नजर आ रहा है। भोजशाला (Bhojshala) और मोतीबाग चौक क्षेत्र में प्रस्तावित धार्मिक कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन ने सप्ताहिक हाट और अस्थायी दुकानो को खाली करा दिया है। नगर पालिका की टीम ने दोपहर में जेसीबी से एक दुकान तोड़ी (Bulldozer Action), साथ ही गुमटियों को हटाकर पूरा क्षेत्र साफ कर दिया। सुरक्षा की दृष्टि से भोजशाला परिसर को 300 मीटर परिधि को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहेगा। आदर्श रोड से हटाई गई फुटपाथ की दुकानें घोड़ा चौपा‌टी से त्रिमूर्ति चौराहे के बीच आदर्श रोड पर लंबे समय से फुटपाथ पर लग रही सब्जी व फल की दुकानों को प्रशासन ने सख्ती से हटाया। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एक दिन पहले ही मुनादी कर चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद नहीं मानने वाले दुकानदारों को गुरुवार को हटाया गया। इसके बाद आदर्श रोड की सडक चौड़ी और सुगम नजर आई। घोड़ा चौपाटी स्थित उत्कृष्ट विद्यालय के सामने हमेशा लगने वाले ठेलों के हटने से वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। किला मैदान के पास दी गई थी अस्थायी जगह फुटपाथ से हटाए गए सब्जी विक्रेताओं को किला मैदान के पास अस्थायी रूप से बैठने की जगह बताई गई थी। नगर पालिका द्वारा पहले भी यहां दुकानों को शिफ्ट करने का प्रयास किया गया था, लेकिन विरोध के चलते सफलता नहीं मिल पाई। गुरुवार को भी सड़क से हटाने के बाद दुकानदारों को नई जगह दुकान लगाने की कहा गया, किंतु शिफ्टिंग स्थल पर कोई दुकानदार नहीं पहुंचा। फिक्स प्वाइंट पर पुलिस तैनात शुक्रवार को वसंत पंचमी तिथि होने के चलते भोजशाला से जुड़े आयोजन को लेकर करीब 10 साल बाद इतनी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए माइक्रो मैनेजमेंट किया जा रहा है। संवेदनशील स्थानों पर फिक्स प्वाइंट पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई है. वहीं गली-मोहल्लों में पड़े ईंट-पत्थर भी हटवाए जा रहे हैं, ताकि किसी तरह की अपिय स्थिति न बने। बसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा की मांग केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन भोजशाला में शुक्रवार 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर एक दिन के लिए सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजा की अनुमति देने की मांग को लेकर धार में गतिविधियां तेज हो गई है। गुरुवार को जिला मुख्यालय धार में अग्रवाल समाज, रामीमाली समाज नौगांव, लोधा समाज और सकल वैश्य समाज द्वारा अलग-अलग ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे गए। ज्ञापन प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय एवं पुरातत्व महानिदेशक के नाम संबोधित है। इनमें 2003 के आदेश का हवाला देते हुए वसंत पंचमी पर निर्विघ्न पूजा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। बसंत पंचमी को लेकर जन जागरण अभियान भी तेज किया जा रहा है। 17 जनवरी से धार में अखंड पूजा के संकल्प के तहत जन जागरण रैलियां निकाली जाएंगी। इसमें युवा वाहन रैली, बाल मनुहार रैली के साथ ही महिलाओं द्वारा भी यात्राएं निकाली जाएंगी। देशभक्ति गीतों से गूंजा आयोजन स्थल मकर संक्रांति के अवसर पर बसंत पंचमी उत्सव समिति कार्यालय में मातृशक्तियों का हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिलाओं ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम को भोजशाला मुक्ति आंदोलन के संयोजक गोपाल शर्मा तथा राजेश शुक्ला ने संबोधित किया। शहर के साथ-साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी ज्ञापन सौंपने का दौर शुरू हो गया है, दिग्ठान में सकल हिंदू समाज द्वारा पुलिस चौकी पर आवेदन देकर 23 जनवरी वसंत पंचमी को अखंड पूजा की अनुमति देने की मांग की गई। सीएम के नाम ज्ञापन, कोतवाली थाने पर भी आवेदन भोजशाला मोतीबाग चौक पर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार आशीष राठौर को सौंपा। इसमें बसंत पंचमी पर निर्विघ्न पूजन-हवन सुनिश्चित करने की मांग की गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष अशोक मुनिया, मालवा प्रांत संगठन मंत्री संजय यादव सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इधर भारतीय किसान संघ भी समर्थन में मैदान में उतर आया है। गुरुवार को भाकिसं पदाधिकारियों ने कोतवाली थाने पहुंचकर थाना प्रभारी दीपकसिंह को भोजशाला वसंत पंचमी को लेकर आवेदन सौंपा।

गौतम गंभीर ने उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती में भाग लिया, भारतीय क्रिकेट कोच ने किया दर्शन

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में वीआईपी श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है। शुक्रवार को भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर बाबा के दरबार में पहुंचे। वे यहां सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान वे करीब 2 घंटे तक मंदिर प्रांगण में रहे और नंदी हाल में बैठकर बाबा महाकाल की भस्म आरती देखी। वे पूरी तरह शिव भक्ति में लीन दिखाई दिए। भस्म आरती के दौरान गौतम गंभीर ने नन्दी हाल में बैठकर ओम नमः शिवाय का जाप भी किया। वहीं, दूसरी ओर श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति ने बाबा महाकाल का प्रसाद व तस्वीर भेंटकर गौतम गंभीर का सम्मान किया। उन्होंने गर्भगृह की चौखट से बाबा महाकाल के दर्शन कर जल अर्पित किया। 18 जनवरी को होने वाले मुकाबले के लिए टीम इंडिया इंदौर में मौजूद है। मैच से पहले दोनों कोच सुबह करीब चार बजे महाकाल मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर लगभग दो घंटे तक भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान महाकाल से टीम इंडिया की सफलता और जीत की कामना की। आरती के पश्चात गौतम गंभीर और शीतांशु कोटक ने गर्भगृह की देहरी से दर्शन किए और नंदी महाराज पर जल अर्पित किया। मंदिर समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने दोनों का सम्मान भी किया। बगलामुखी धाम में भी की विशेष पूजा गौतम गंभीर आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी देवी के दर्शन किए। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर देश की सुख-शांति, समृद्धि और सफलता की कामना की। इस अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। केएल राहुल ने भी लिया बाबा का आशीर्वाद शुक्रवार को ही भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल भी उज्जैन पहुंचे थे। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल का जाप किया, नंदी महाराज के कान में मनोकामना कही और जल अर्पित किया। पूजन के दौरान केएल राहुल केसरिया दुपट्टा धारण किए हुए नजर आए। राहुल ने गर्भगृह की देहरी से विधिवत पूजन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक सिम्मी यादव ने उनका स्वागत और सम्मान किया। इंदौर वनडे से पहले टीम इंडिया के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ की यह आध्यात्मिक यात्रा क्रिकेट प्रेमियों के बीच खास चर्चा का विषय बनी हुई है।

भोपाल में 111 अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई, निगम ने पुलिस को सौंपा एफआईआर करने का आदेश

भोपाल  भोपाल जिले में 111 से अधिक अवैध कालोनियों को चिह्नित किया गया है, जिनकी सूची तैयार हो गई है। जिला प्रशासन ने यह सूची पुलिस को सौंप दी है, जिससे अब संबंधित थाना पुलिस इन अवैध कालोनियों को विकसित करने वाले भूमाफिया और जमीन मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है। इसके बाद प्रशासन, नगर निगम के साथ मिलकर अवैध कब्जे तोड़ने की कार्रवाई करेगा। सूची के आधार पर अब तक परवलिया सड़क, सूखीसेवनिया सहित अन्य थाना क्षेत्र में प्रकरण दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि भूमाफिया ने किसानों के साथ मिलकर कृषि भूमि पर ही अवैध कॉलोनी काट प्लाटिंग कर दी है, जिनमें सुविधाओं के नाम पर लोगों को ठगा गया है। 90 प्रतिशत से ज्यादा कृषि भूमि पर कॉलोनियां बनीं कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शहर के हुजूर, कोलार, बैरसिया और गोविंदपुरा तहसील व वृत्त क्षेत्र में भूमाफिया द्वारा पिछले एक साल में 111 से अधिक अवैध कॉलोनियां विकसित की हैं। यहां 90 प्रतिशत से अधिक कृषि भूमि पर यह कॉलोनियां बनी हैं, जिनके पास किसी तरह की कोई अनुमति नहीं है। इसके बाद भी जमीन मालिक और भूमाफिया ने मिलकर लोगों को बिजली, पानी, सड़क, सीवेज, खेल मैदान, मंदिर आदि सुविधाओं का दावा कर प्लाट बेचे हैं। इसके बदले में उन्हें सिर्फ रजिस्ट्री दी गई हैं, जबकि अन्य सुविधाओं के लिए लोग तहसील, एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अवैध कॉलोनियों को चिह्नित कर नोटिस जारी करने के आदेश दिए थे। जिस पर कार्रवाई करते हुए इन्हें सुनवाई का मौका दिया था लेकिन कॉलोनाइजर कोई ठोस दस्तावेज नहीं पेश नहीं कर पाए। यहां अवैध कॉलोनियां, अब तक 10 एफआईआर दर्ज शहर के सेवनियां ओंकारा, कोटरा, पिपलिया बेरखेड़ी, कुराना, थुआखेड़ा, कालापानी, सुरैया नगर, छावनी पठार, कानासैया, खंडाबड़, सिंकदराबाद, शोभापुर जहेज, सिकंदराबाद, कोलुआ खुर्द, अरेड़ी, नरेला बाजयाफ्त, बंगरसिया, इब्राहिमपुरा, जगदीशपुर, हज्जामपुरा, अचारपुरा, बसई, अरवलिया, परेवाखेड़ा, ईंटखेड़ी सड़क, मुबारकपुर, बीनापुर, गोलखेड़ी, चौपड़ा कलां और बांसिया में करीब 111 अवैध कॉलोनियां चिह्नित की गई हैं। इस सूची को पुलिस को दिया गया है, जिसमें भूमाफिया और जमीन मालिकों के नाम दर्ज हैं। इसी के आधार पर थानों में एफआईआर की जा रही हैं, अब तक सूखी सेवनियां, परवलिया सड़क सहित अन्य में करीब 10 एफआइआर दर्ज की चुकी हैं। मां की जमीन पर बेटों ने काटी अवैध कॉलोनी ईंटखेड़ी थाना पुलिस ने अवैध कॉलोनी काटने के मामले में दो एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार पटवारी शुभम श्रीवास्तव ने आवेदन देते हुए बताया कि हुजूर तहसील के ग्राम जगदीशपुर में भूमि स्वामी सीमा हफीज की जमीन पर अवैध कॉलोनी काटी गई है। इसमें उनके बेटे शाहिद हफीज खां, आमिर हफीज ने बिना अनुमति के प्लाट बेचे हैं। दूसरे आवेदन में बताया कि ग्राम जगदीशपुर में तसनीम आसिफ ने अवैध कॉलोनी विकसित कर प्लाट बेचे हैं। अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई होगी     भोपाल जिले में अवैध कालोनियों के खिलाफ एक्शन शुरू हो गया है। पुलिस को 100 से अधिक अवैध कॉलोनियों की सूची दे दी गई है। जिसके आधार पर इनमें प्लाट बेचने वाले लोगों व जमीन मालिकों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कर रही है, फिर अवैध निर्माण व कब्जे तोड़ने की कार्रवाई होगी। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर  

ईरान-अमेरिका तनाव से MP में बढ़े ड्राई फ्रूट्स के दाम, केसर की कीमत पहुंची सोने से ऊपर

गुना  कड़ाके की ठंड के इस मौसम मैं जहां शरीर को गर्माहट और ऊर्जा देने के लिए सूखे मेवों (डाय फ्रूट्स) का सहारा लिया जाता है, वहीं इस बार इनकी कीमतों ने आम दमी के पसीने छुड़ा दिए हैं। गुना जिले के बाजारों में मेवों के दाम रॉकेट की रफ्तार से बढ़ यो हैं। आलम यह है कि जिस तरह सोना और चांदी अपनी कीमतों से लोगों को चौकाते हैं, ठीक उसी तरह अब केसर, पिस्ता, बादाम और अंजीर के भाव सुनकर ग्राहकों की नींद उड़ गई है। पिछले दो महीनों के भीतर इन खाद्य पदार्थों की कीमतों में जो जबरदस्त उछाल (Dry Fruits Price)आया है, उसने न केवल आम जनता की रसोई का बजट बिगाड़ा है, बल्कि कारोबारियों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खीच दी हैं।  केसर ने दिया सबसे बड़ा झटका बाजार में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली तेजी केसर में देखी गई है। ईरान से आने वाले केसर की कीमतों (Saffron Prices) में प्रति किली करीब एक लाख रुपए तक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। डेढ़ माह पहले तक जो केसर जिस भाव पर था आज वह बाई लाख से पौने तीन लाख रुपए किलो के स्तर को छू रहा है। हालांकि औषधीय गुणों के कारण इसकी मांग तो बनी हुई है. लेकिन आसमान छूते दामों की वजह से खरीददारों की संख्या में भारी गिरावट आई है। पिस्ता भी पीछे नहीं है। जो पिस्ता पहले 1800 से 1900 रुपए किलो मिल रहा था, वह अब 2400 रुपए तक पहुंब गया है। यानी सीधे तौर पर 35 फीसदी की बढ़ोतरी। यह है कारण, जिससे बदले समीकरण चाजार विशेषज्ञों और स्थानीय व्यापारियों की मानें तो ड्राय फुट्स की कीमतों में लगी इस आग के पीछे घरेलू से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। वर्तमान में कई देशों के बीच बल रहा आपसी तनाव और सीमाओं पर सैन्य खींचतान ने 'सप्लाई चैन को बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेष रूप से ईरान और अमेरिका से जुड़े व्यापारिक समीकरण बदल गए हैं। अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ नियमों और खाड़ी देशों में अस्थिरता के कारण आयात महंगा हो गया है। हालात इतने विकट हैं कि तुर्की से आने वाला 'गीला अंजीर तो अब स्थानीय बाजार से लगभग नदारद हो चुका है। बाजार में कहां से क्या आता है ईरान का केसर और पिस्ताः पिस्ता और केसर का मुख्य स्रोत ईरान है। वहां के हालात और परिवहन बाधाओं के कारण आपूर्ति उप जैसे है. जिससे ये सबसे महंगे बिक रहे हैं। अफगानिस्तान का अंजीरः अंजीर का प्रमुख उत्पादन केंद्र अफगानिस्तान है। सीमाई विवादों और राजनीतिक अस्थिरता ने अंजीर की सप्लाई लाइन काट दी है. जिससे इसके दाम 25 से 30 फीसदी तक बढ़ गए हैं। पाकिस्तान का छुआराः छुआरे की आवक पाकिस्तान से होती है। भारत पाक सीमाओं पर तनाव के चलते माल सीधे नहीं आ पा रहा है। चोरी-छिपे या घुमावदार रास्तों से माल पहुंबने से लागत 300 रु किलो तक पहुंगी है। कैलिफोर्निया बादामः अमेरिकी बादाम पर राष्ट्रपति के टैरिफ फैसलों का साया है, जिससे बादाम की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। क्या कह रहे हैं कारोबारी ड्राय फ्रूट्स के बड़े कारोबारी बटी जैन बजते हैं कि अपने व्यापारिक जीवन में पिछले दो महीनों जैसी अप्रत्याशित तेजी कभी नहीं देखी। माल की कमी और ऊंची कीमतों ने ग्राहकों को पीछे धकेल दिया है। दुकानदार हुजैफा फारिग का कहना है कि लोग दुकान पर आते तो हैं, लेकिन केसर और पिस्ता के दाम सुनते ही बिना खरीदें लौट जाते हैं। वर्तमान में काजू 1000 रुपए मखाने 1300 रुपए और चिरौंजी 2200 रुपए किलो तक बिक रही है. जो आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है।

धीरेंद्र शास्त्री ने छतरपुर में आरएसएस को लेकर कहा- ‘अगर RSS न होता तो इतने हिंदू भी न बचते’

छतरपुर जिले के बड़ामलहरा में आयोजित हिंदू सम्मेलन के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने संघ की सराहना करते हुए कहा कि अगर भारत में आरएसएस न होता, तो आज हिंदू नहीं बचा होता। आरएसएस न होता तो हिंदू नहीं बचता: बाबा बागेश्वर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए महाराज ने चेतावनी दी कि यदि हिंदू आज एकजुट नहीं हुए, तो आने वाले समय में यहां भी बांग्लादेश जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। उन्होंने सनातनियों से जातिवाद छोड़कर एक होने का आह्वान किया। इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और हिंदू संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। पीढ़ियों को संस्कार भी सौंपने चाहिए अपने संबोधन में बागेश्वर महाराज ने कहा कि हम अपनी संपत्ति और व्यापार आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाकर रखते हैं, लेकिन इसके साथ ही हमें अपनी पीढ़ियों को संस्कार भी सौंपने चाहिए। उन्होंने दोहराया कि देश में आरएसएस न होता तो शायद आज जो हिंदू बचे हैं, वे भी न होते। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भरे मंच से आरएसएस की तारीफ करते हुए कहा, ''भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अगर न होता तो इतना भी हिंदू न बचा होता. डॉक्टर हेडगेवार की परंपरा ने अभूतपूर्व कार्य किया. गांव-गांव, गली-गली में समस्त हिंदू समाज को एकजुट करने का कार्य किया.''  यह बात बागेश्वर महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने गृह जिले छतरपुर के बड़ा मलहरा के हिंदू एकता वाले मंच से कही. बागेश्वर बाबा ने इस बात पर गर्व जताया कि आज भारत RSS का शताब्दी वर्ष मना रहा है. उन्होंने कहा कि 100 वर्षों की यह तपस्या ही है जो आज हिंदू समाज को संगठित होने का साहस दे रही है. इतना ही नहीं, शास्त्री ने जोर देकर कहा कि जिसके पास ताकत है, समझ लेना उसके पास एकता है. एकता के बिना अस्तित्व संभव नहीं है.  धीरेंद्र शास्त्री ने देश के मौजूदा हालातों पर चिंता जताते हुए एक कड़ी चेतावनी भी दी. न्होंने कहा कि यदि हिंदू समाज जातियों, भाषावाद और क्षेत्रवाद में बटा रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब भारत में भी वही हालात होंगे जो वर्तमान में बांग्लादेश में दिख रहे हैं.  उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एकता नहीं रही, तो ऐसी परिस्थितियां केवल सीमा पार ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और हमारे छतरपुर जिले तक भी पहुंच सकती हैं.  भारत माता की पूजन से हुए शुरुआत बड़ा मलहरा के स्टेडियम में हुए इस हिंदू सम्मेलन की शुरुआत भारत माता के पूजन के साथ हुई। पं. शास्त्री ने मकर संक्रांति के त्योहार का उदाहरण देते हुए एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जैसे तिल अकेले का कोई अस्तित्व नहीं होता, लेकिन गुड़ के साथ मिलकर वह लड्डू बन जाता है, उसी प्रकार एकता से कोई भी शक्ति परास्त नहीं कर सकती। जातिवाद को खत्म करने पर जोर उन्होंने यह भी कहा कि यदि हमें अपनी संस्कृति और संस्कार बचाने हैं, तो जातियां भले ही रहें, लेकिन जातिवाद समाप्त होना चाहिए। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से एकजुट रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक जसूदा सुमन, सहायक क्षेत्र प्रचारक प्रेम शंकर, सह प्रांत प्रचारक श्रवण और विभाग प्रचारक शिवेंद्र सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

राहुल गांधी के 17 जनवरी के कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी, भागीरथपुरा में मृतकों के परिवार से मिलेंगे

इंदौर  कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी 17 जनवरी को इंदौर आएंगे। वे भागीरथपुरा जाकर मृत लोगों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। 17 जनवरी को कांग्रेस नेता गांधी प्रतिमा पर मनरेगा योजना का नाम बदले जाने पर मौन उपवास करेंगे। राहुल उसमें भी शामिल हो सकते थे। पहले वे 11 जनवरी को आने वाले थे, लेकिन तब उनके कार्यालय से सहमति नहीं मिल पाई थी। राहुल गांधी सुबह इंदौर आएंगे और दोपहर तक इंदौर रहेंगे। उनके आगमन से पहले इंदौर में एसपीजी की टीम भी आ गई। राहुल गांधी सुबह 9:30 बजे दिल्ली से विशेष विमान से आएंगे और सुबह 11 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंचेंगे।11:15 बजे इंदौर एयरपोर्ट से रवाना होकर 11:45 बजे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचेंगे। वे 12:15 बजे तक अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जानेंगे। इसके बाद वे दोपहर 12:45 बजे भागीरथपुरा पहुंचेंगे। वे करीब एक घंटे भागीरथपुरा बस्ती में रुकेंगे और दूषित पानी से मृत लोगों के परिवार से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे बस्ती से सीधे एयरपोर्ट के लिए रवाना हो जाएंगे। शाम चार बजे वे दिल्ली पहुंचेंगे। राहुल गांधी ने इंदौर में प्रदेश भर के कांग्रेस पार्षद व जनप्रतिनिधियों की बैठक भी रखी थी, लेकिन उसकी अनुमति प्रशासन की तरफ से नहीं मिली। इस कारण मिटिंग कांग्रेस ने टाल दी। राहुल गांधी के दौरे के मद्देनजर उनके कार्यालय से टीम के प्रतिनिधि इंदौर पहुंचे और बस्ती का जायजा लिया। प्रस्तावित बैठक को रद्द कांग्रेस ने कहा है कि प्रशासन से अनुमति न मिलने के चलते प्रस्तावित बैठक को रद्द करना पड़ा. पार्टी के संगठन प्रभारी संजय कामले के अनुसार, अनुमति नहीं मिलने के कारण यह निर्णय लिया गया है, जिसके चलते राहुल गांधी का इंदौर दौरा अब केवल सीमित कार्यक्रमों तक ही सीमित रहेगा.   मरने वालों के घर जाएंगे राहुल गांधी? सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने इंदौर पुलिस से भागीरथपुरा में पांच घंटे तक धरना देने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें केवल तीन घंटे की अनुमति दी गई है. ऐसे में राहुल गांधी सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक धरना देकर विरोध दर्ज कराएंगे. फिलहाल उन्हें मृतकों के परिजनों से मिलने की अनुमति नहीं मिली है. कांग्रेस के दिग्गज भी रहेंगे मौजूद 17 जनवरी को इंदौर के भागीरथपुरा में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी धरने पर बैठेंगे. इनमें मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे. धरना स्थल से राहुल गांधी का संबोधन जिला और ब्लॉक स्तर तक लाइव प्रसारित किया जाएगा.  बॉम्बे हॉस्पिटल में मरीजों के मुलाकात करेंगे राहुल  राहुल गांधी इंदौर पहुंचने के बाद सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे, जहां वह दूषित पानी पीने से बीमार हुए मरीजों और उनके परिवारों से मिलेंगे. इसके बाद, वह भागीरथपुरा जाकर दूषित पानी पीने से मरने वालों के परिवारों से मिलेंगे. राहुल गांधी के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है. कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन बता दें कि, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 17 से 31 जनवरी 2026 तक चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है. यह आंदोलन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए गए बदलावों और उससे मिलने वाले कानूनी अधिकारों से वंचित होने, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों और राज्य में पानी की खराब होती गुणवत्ता के विरोध में किया जाएगा.  इंदौर दूषित पानी कांड टाइमलाइन  28–30 दिसंबर 2025 | शुरुआती संकट     इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की सप्लाई शुरू.     उल्टी, दस्त और बुखार जैसी शिकायतें सामने आने लगीं. 29 दिसंबर 2025 | पहली मौत     70 वर्षीय नंदलाल की दूषित पानी पीने के कारण मृत्यु हुई.     यह घटना पूरे इलाके में चिंता और भय का कारण बनी. 30 दिसंबर 2025 | लापरवाही के आरोप      बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे. स‍िलस‍िला थमा ही नहीं.     स्थानीय लोगों ने नगर निगम और जल आपूर्ति विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए.   31 दिसंबर 2025 | तकनीकी कारण और कार्रवाई     मेन पाइपलाइन में लीकेज पाया गया.     नगर निगम ने मरम्मत, फ्लशिंग, क्लोरीनेशन और सैंपल टेस्टिंग के बाद ही जल आपूर्ति बहाल करने का निर्णय लिया.     जोनल अधिकारी (जोन 4), सहायक यंत्री और प्रभारी सहायक यंत्री PHE को निलंबित.     प्रभारी उपयंत्री PHE को सेवा से पृथक किया. जांच समिति गठित की गई. 1 जनवरी 2026 | पानी की जांच रिपोर्ट     इंदौर नगर निगम को रिपोर्ट में बताया गया कि पानी के एक-तिहाई नमूनों में बैक्टीरियल संक्रमण पाया गया. 2 जनवरी 2026 | लैब रिपोर्ट और स्वास्थ्य आंकड़े     इंदौर CMHO डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि पाइपलाइन लीकेज से पानी दूषित हुआ. स्वास्थ्य आंकड़े: 294 मरीज अस्पताल में भर्ती, 93 डिस्चार्ज. 3 जनवरी 2026 | स्वास्थ्य संकट और जीबीएस बीमारी     करीब 150 मरीज अभी भी उपचाररत.     भागीरथपुरा की निवासी पार्वती बाई में GBS बीमारी की पुष्टि.     इंदौर नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को हटाया गया.     IAS क्षितिज सिंघल को नया नगर निगम आयुक्त नियुक्त किया गया.   11 जनवरी 2026 | कांग्रेस की न्याय यात्रा     इंदौर के भागीरथपुरा इलाके के बड़ा गणपति चौराहा से राजवाड़ा तक न्याय यात्रा. भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने.      कांग्रेस ने पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रुपए मुआवजा व जिम्मेदारों पर हत्या का मामला दर्ज की मांग की.  जनवरी 2026 (दूसरा सप्ताह)     दूषित पानी से मरने वालों की संख्या 23 तक पहुंची. कई मरीज अब भी अस्पतालों में भर्ती. 14 जनवरी 2026 | राहुल गांधी का दौरा      राहुल गांधी का इंदौर दौरा बना. कांग्रेस ने 71 जिला अध्यक्षों को निर्देश जारी किए. 17 जनवरी 2026 | इंदौर में धरना      राहुल गांधी का भागीरथपुरा में धरना कार्यक्रम प्रस्‍ताव‍ित.     सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्रदर्शन करेंगे.     कांग्रेस नेता 71 जिला मुख्यालयों पर समानांतर धरना देंगे.