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MP Cabinet की बैठक में महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर, सीएम ने किसे दी बड़ी सौगात?

भोपाल   मध्य प्रदेश की मोहन कैबिनेट (MP Cabinet) की बैठक 13 जनवरी मंगलवार को आयोजित की गई। मंत्रालय में आयोजित MP Cabinet में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। सीएम ने बैठक से पहले की अभियान पर बात बता दें कि सीएम डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक से पहले प्रदेश में शुरू किए गए समाधान अभियान पर बात की। इसके तहत 16 विभागों की 91 हितग्राहीमूलक योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को घर-घर जाकर जोड़ा जाएगा। सीएम ने कहा कि अभियान का पहला चरण 12 जनवरी से शुरू किया गया है। जो 16 फरवरी तक जारी रहेगा। लेकिन संपूर्ण अभियान31 मार्च तक चलाया जाएगा। अभियान के तहत घर-घर जाकर आवेदन लिए जाएंगे। वहीं दूसरे चरण में 16 फरवरी से 16 मार्च तक क्लस्टर शिविर आयोजित किए जाएंगे। वहीं तीसरे चरण में 17 मार्च से 26 मार्च तक विकास खंड स्तर पर शेष आवेदन और शिकायतों के साथ ही प्राप्त आवेदनों का निपटारा भी किया जाएगा। चौथे चरण में जिला स्तर पर आयोजन वहीं समाधान अभियान के चौथे चरण में जिला स्तर पर 26 मार्च से 31 मार्च तक आयोजन किए जाएंगे। इसके तहत शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें भी सभी अनिराकृत शेष आवेदनों और शिकायतों के साथ ही नए आवेदनों को भी सुलझाया जाएगा। सीएम ने बैठक से पहले ही मंत्रियों को दिए निर्देश सीएम मोहन यादव ने अभियान को लेकर कैबिनेट बैठक से पहले ही अभियान को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी मंत्रीगणों को अपने-अपने जिलों में अभियान की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा है। बता दें कि मोहन सरकार की यह पहली हाईटेक कैबिनेट बैठक है। जिसमें वे स्वयं और सभी मंत्रीगण फाइलों के बजाय टैबलेट अपने साथ लेकर मंत्रालय पहुंचे। सभी ने अपने प्रस्ताव टैबलेट पर देखकर ही प्रजेंट किए और सीएम ने भी टैबलेट देखकर ही उनके प्रस्तावों पर चर्चा की। बताते चलें कि सीएम मोहन यादव की पहल पर मध्य प्रदेश में ई-कैबिनेट की प्रक्रिया शुरु करने के उद्देश्य से मंत्रीगणों को टैबलेट वितरित किए थे। वहीं मंत्री परिषद के समक्ष ई-टैबलेट एप्लिकेशन का प्रजेंटेशन किया था। सीएम ने तब कहा था ई कैबिनेट की पहल ई गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है ये पेपरलेस प्रक्रिया। ताकि इससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। परिवहन टैक्स में छूट का प्रस्ताव मंजूर परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर ग्वालियर व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल बेचने पर परिवहन टैक्स में 50 फीसदी की छूट दिए जाने पर हुई चर्चा। बाद में सर्वसम्मत से प्रस्ताव मंजूर स्पेस टेक नीति पर लगी मुहर स्पेस टेक नीति 2026 के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट डेटा, ड्रोन, जियो-स्पेशल एप्लीकेशन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और प्रोत्साहन देना है। इसके जरिए रिसर्च, इनोवेशन और निजी निवेश को आकर्षित करने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। सोलर एनर्जी के ये तीन अहम प्रोजेक्ट्स मंजूर MP Cabinet बैठक में जिन तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, उनमें राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को स्थायित्व के साथ ही पीक डिमांड के समय निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है, इसमें ये परियोजना शामिल हैं… 1- सोलर सह 4 घंटे की 300 मेगावाट विद्युत प्रदाय स्टोरेज परियोजना 2- सोलर सह 6 घंटे की 300 मेगावाट विद्युत प्रदाय स्टोरेज परियोजना 3- 24 घंटे 200 मेगावाट सोलर सह स्टोरेज परियोजना एमपी के लाखों शिक्षकों को बड़ी राहत, सीएम ने दी बड़ी सौगात शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों के लिए चतुर्थ श्रेणी क्रमोन्नत वेतन मान योजना लागू करने को मंजूरी दी गई। इसके तहत सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नए शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षक शामिल होंगे। इस पर 322.34 करोड़ का अनुमानित व्यय आएगा। सरकार का ये फैसला एमपी के 1.21 लाख से ज्यादा शिक्षकों के लिए राहत भरा रहा। जामा मस्जिद भूमि आवंटन पर पुनर्विचार कैबिनेट बैठक में इंदौर के मध्य स्थित जामा मस्जिद क्षेत्र से जुड़े भूमि आवंटन के मुद्दे पर चर्चा की गई। एमपी में खोले जाएंगे 200 नए सांदिपनी विद्यालय MP Cabinet में स्कूल शिक्षा विभाग के सांदिपनी विद्यालय खोले जाने की योजना के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत एमपी में कुल 200 नए सांदिपनी विद्यालय खोले जाने हैं। इसमें करीब 3660 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रथम चरण में 275 विद्यालयों को स्वीकृति मिली थी। हर स्कूल की स्थापना पर 17-18 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। ये अहम प्रस्ताव भी हुए पास     2026-27 की नई आबकारी नीति के लिए मंत्रिपरिषद समिति के गठन को मंजूरी     मध्य प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम 2017 के तहत जारी अधिसूचनाओं को मंजूरी     मोहनपुरा विस्तारीकरण(सारंगपुर) सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय मंजूरी     सुल्तानपुर उद्धहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी     खरनार गांव के 11 हजार से ज्यादा से ज्यादा हेक्टेयर में सिचाई होगी। 10 हजार से ज्यादा किसान परिवारों को लाभ होगा।

HC का आदेश: सोशल मीडिया से हटाएं विवादित लाइव स्ट्रीमिंग लिंक, 48 घंटे का अल्टीमेटम

जबलपुर  मप्र हाईकोर्ट में प्रकरणों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग के वीडियो का सोशल मीडिया में दुरूपयोग किये जाने को चुनौती देते हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने विवादित 102 यूआरएल 48 घंटों में हटाने के आदेश जारी किये हैं। याचिका पर अगली सुनवाई 24 मार्च को निर्धारित की गई है।जबलपुर निवासी अधिवक्ता अरिहंत तिवारी, विदित शाह और डॉ. विजय बजाज की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में मांग की गई कि हाईकोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग के वीडियो को काट-छांट कर, मीम्स या सनसनीखेज शॉर्ट्स के रूप में सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने पर तत्काल रोक लगाई जाए। जबलपुर निवासी अधिवक्ता अरिहंत तिवारी और विदित शाह तथा डॉ. विजय बजाज की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग के वीडियोज़ यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर मीम्स या शॉर्ट्स के माध्यम से डाली जाती है। अदालती कार्रवाई की चयनात्मक क्लिपिंग और सनसनीखेज प्रस्तुति न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा कमजोर करती है। पूर्व में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश लाइव स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग के नियम 11 (बी) के अनुरूप, किसी भी रूप में अदालत की लाइव-स्ट्रीम सामग्री को संपादित करने, छेड़छाड़ करने या अवैध रूप से उपयोग करने से रोक दिया न्यायाधीशों द्वारा ओपन कोर्ट में कही बातों को मिर्च मसाला लगाकर उन्हें प्रसारित किया जाता है, जो न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है। यू-ट्यूब के स्थान पर वेबेक्स आधारित प्लेटफॉर्म के जरिए प्रकरणों की लाइव स्ट्रीमिंग की जाए, जोकि कुछ हद तक सुरक्षित है। यह मांग भी की गई कि रजिस्ट्रार आईटी भी इस तरह की गतिविधियों पर मॉनिटरिंग करें और नियंत्रण सुनिश्चित करें। न्यायिक गरिमा को कमजोर कर रही क्लिपिंग: याचिकाकर्ता याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि अदालती कार्यवाही की क्लिपिंग कर उसे मसालेदार अंदाज में पेश करना न्यायिक प्रक्रिया और अदालत की गरिमा को कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि ओपन कोर्ट में न्यायाधीशों द्वारा कही गई बातों को संदर्भ से हटाकर वायरल किया जा रहा है, जो कि न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है। लाइव स्ट्रीमिंग नियमों का हवाला याचिका में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट लाइव स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग नियम 11(बी) का हवाला देते हुए कहा गया कि किसी भी रूप में अदालत की लाइव-स्ट्रीम सामग्री को संपादित करने, छेड़छाड़ करने या अवैध रूप से उपयोग करने की अनुमति नहीं है। पूर्व में इस नियम के तहत हाईकोर्ट ऐसे कृत्यों पर रोक भी लगा चुका है। यूट्यूब की जगह वेबेक्स प्लेटफॉर्म की मांग याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से यह भी मांग की कि यूट्यूब के बजाय वेबेक्स आधारित सुरक्षित प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रकरणों की लाइव स्ट्रीमिंग की जाए, ताकि सामग्री के दुरुपयोग की संभावना कम हो। साथ ही, रजिस्ट्रार (आईटी) को इस तरह की गतिविधियों पर नियमित मॉनिटरिंग और नियंत्रण के निर्देश देने की मांग भी की गई। मेटा कंपनी का पक्ष सुनवाई के दौरान मेटा कंपनी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि यदि आपत्तिजनक वीडियो के यूआरएल लिंक उपलब्ध करा दिए जाएं, तो उन्हें हटाया जा सकता है। इस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को विवादित यूआरएल कंपनी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। 102 विवादित लिंक की सूची पेश याचिकाकर्ता अधिवक्ता अरिहंत तिवारी ने बताया कि उनकी ओर से 102 विवादित यूआरएल लिंक की सूची कोर्ट के समक्ष पेश की गई थी। याचिका की सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस की युगलपीठ ने इन सभी लिंक को 48 घंटे के भीतर हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं। पहले भी लग चुकी है रोक इससे पहले हाईकोर्ट ने क्रिमिनल कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग पर भी रोक लगा दी थी। कोर्ट का स्पष्ट मत है कि न्यायालय की पारदर्शिता के नाम पर उसकी गरिमा और अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। पूर्व में याचिका की सुनवाई के दौरान क्रिमिनल कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगा दी थी। मेटा कंपनी की तरफ से आपत्तिजनक वीडियो के यूआरएल लिंक उपलब्ध करा दिए जाएं तो उन वीडियो को हटा दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को उक्त लिंक कंपनी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ता अधिवक्ता अरिहंत तिवारी ने बताया कि उनकी तरफ से 102 विवादित यूआरएल लिंक की सूची पेश की गयी थी। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने पेश की गयी विवादित यूआरएल को 48 घंटों में हटाने के आदेश जारी किये हैं। 

मध्यप्रदेश पुलिस को मिली बड़ी सफलता, चोरी, डकैती और नकबजनी के मामलों में किए गए बड़े खुलासे

मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी, डकैती एवं नकबजनी केविरूद्ध बड़ी सफलताएं विगत चार दिनों में लगभग 89 लाख40हजार रूपए से अधिककी संपत्ति जब्‍त भोपाल   मध्यप्रदेश पुलिस ने विगत चार दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में संपत्ति संबंधी गंभीर अपराधों पर त्वरित, प्रभावीएवंसमन्वितकार्रवाईकरतेहुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने चोरी, डकैती, नकबजनीएवं संगठित आपराधिक गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए लगभग 89 लाख 40 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की हैं। यह उपलब्धियां न केवल पुलिस की सतर्कता, बल्कि आधुनिक तकनीक, मजबूत मुखबिर तंत्र एवं जमीनी स्तर पर किए गए सतत प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। विदिशा जिले की कोतवाली पुलिस ने अरिहंत ज्वैलर्स डकैती कांड का सफल खुलासा किया। 260 से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, 180 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ एवं 08 विशेष टीमों की संयुक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप 03 आरोपियों एवं 02 विधि विरुद्ध बालकों को गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में लगभग 13 लाखरूपए की संपत्ति जब्‍त की है। छतरपुर जिला के थाना लवकुश नगर क्षेत्र में ग्राम प्रतापपुरा की चोरी का पुलिस ने24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2.6 तोला सोना, 1.435 किलोग्राम चांदी एवं नगद राशि सहित लगभग 5 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  इंदौर शहर में थाना हीरानगरपुलिस ने मोबाइल टावरों से 5G नेटवर्क उपकरण चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश कर चोरी किए गए नेटवर्क उपकरण एवं घटना में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 9 लाख 30हजार का सामान बरामद किया है। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में थाना द्वारकापुरी पुलिस ने नकबजनी की 04 वारदातों में संलिप्त शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लगभग 5 लाख 20हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  देवास जिलेमें ऑपरेशन “त्रिनेत्रम” के अंतर्गत लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से सूने घरों को निशाना बनाने वाले गिरोह का देवास पुलिस ने पर्दाफाश कर 03 चोरी की घटनाओं का खुलासा किया। इन घटनाओं को अंजाम देने वाले 04 आरोपियों एवं 01 नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार कर 10 लाखरूपए के सोने-चांदी के आभूषण एवं नगद राशि जब्‍त की है।  उज्जैन पुलिस ने लॉकर चोरी की घटना पर त्‍वरित कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतरएक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 35 लाखरूपए230 ग्राम सोना जब्‍त कियाहै।  सीहोर जिले के थाना रेहटी पुलिस द्वारा ग्राम कोसमी से चोरी हुई धान से भरी ट्रैक्टर–ट्रॉली को मात्र तीन दिनों के भीतर बरामद करते हुए लगभग 10 लाख रूपए की संपत्ति शत-प्रतिशत जब्‍त की गई।  मुरैना जिले की थाना पोरसा पुलिस ने क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 80 हजार रूपए के चोरी किए सोने–चांदी के आभूषणजब्त किए।   मंडला थाना कोतवाली पुलिस ने केबल वायर चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 1लाख 10हजार रूपएका चोरी गया सामान जब्‍त किया है। इन कार्यवाहियों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस गंभीर अपराधों पर नियंत्रण एवं अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रति पूर्णतः सक्रिय, तत्पर और संवेदनशील है। तकनीकी संसाधनों के उपयोग, उत्कृष्ट टीम वर्क और त्वरित फील्ड एक्शन के माध्यम से पुलिस ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। ऐसी कार्यवाहियाँ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ एवं नागरिकों के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत बना रही हैं।  

MP Weather: ठंड और कोहरे का कहर, संक्रांति के बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस से मावठा की संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश में जनवरी के दूसरे हफ्ते में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस 15 जनवरी से सक्रिय होगा। यह स्ट्रॉन्ग सिस्टम 2-3 दिन बाद प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में मावठा गिरने का कारण बन सकता है। प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरा और तेज ठंड का असर महसूस किया जा रहा है। ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभागों में सुबह से मध्यम कोहरा और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, गुना, शिवपुरी, शाजापुर और सीहोर में भी कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरा रहा। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, गुना, शिवपुरी, शाजापुर, सीहोर में भी कोहरा है। हालांकि, विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर तक है। वहीं, उत्तरी हिस्से में सर्द हवाओं का असर बना रहेगा। वजह यहां बर्फीली हवाएं सीधे आना है। तेज सर्दी होने से ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री से नीचे चल रहा है। दतिया, श्योपुर जैसे जिलों में भी सर्दी का असर बरकरार है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में पारा 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 9 डिग्री, इंदौर में 9.6 डिग्री, उज्जैन में 9.4 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, कल्याणपुर में तापमान 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। दतिया में 5.4 डिग्री, राजगढ़-पचमढ़ी में 5.6 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री और खजुराहो में 6.5 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे ही रहा। सोमवार को दिन में दतिया सबसे ठंडा रहा। यहां अधिकतम तापमान 19.8 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में 21.8 डिग्री, पचमढ़ी में 21.2 डिग्री, नौगांव में 21.6 डिग्री, रीवा में 22.2 डिग्री, खजुराहो-श्योपुर में 22.6 डिग्री और मलाजखंड में तापमान 22.8 डिग्री रहा। छा रहा कोहरा, ट्रेनों की टाइमिंग पर असर नए साल में प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर है। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें निर्धारित समय से लेट हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस में हो रहा है। इसके अलावा पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम, सचखंड एक्सप्रेस समेत एक दर्जन ट्रेनें भी प्रभावित हो रही है। पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाओं का असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पूर्व भारत में इस समय पश्चिमी जेट स्ट्रीम की तेज हवाएं बह रही हैं। यही वजह है कि, प्रदेश में तापमान लगातार गिर रहा है और ठंड का असर बढ़ा है। आने वाले दिनों में सुबह और रात में ठंड और कोहरे का असर और मजबूत होगा। विशेष रूप से उत्तर-मध्य प्रदेश के जिलों में सर्द हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान और कम दर्जा वाला कोहरा रहेगा। ग्वालियर, दतिया, श्योपुर और मंडला जैसे जिले लगातार ठंड के प्रभाव में रहेंगे। 13 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए 13 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में विजिबिलिटी घट सकती है। नागरिकों को कोहरे में यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अलर्ट वाले जिले: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज

100+ वैगन के साथ WCR ने चलायी सबसे लंबी अनब्रोकन मालगाड़ी, रचा नया रिकॉर्ड

इंदौर   देश के रेलवे नेटवर्क में अब लॉन्ग हॉल वाली एक और मालगाड़ी जुड़ गई है, जिससे एक ही बार में हजारों टन माल देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में पहुंचा जा सकेगा. पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इस क्षेत्र में इतिहास रच दिया है. रतलाम मंडल ने अब तक की सबसे लंबी दूरी वाली अनब्रोकन लॉन्ग हॉल मालगाड़ी का सफल ट्रायल किया है. 10 जनवरी को यह लॉन्ग हॉल ट्रेन वटवा से बकानियां भौरी के बीच सफलतापूर्वक चलाई गई है, जिसने लगभग 585 किलोमीटर की दूरी तय की. क्या होती है अनब्रोकन लॉन्ग हॉल ट्रेन? लॉन्ग हॉल ट्रेन उन मालगाड़ियों को कहा जाता है जो भारी से भारी लोड के साथ सबसे लंबी दूरी तय करती हैं और इन्हें कनेक्ट करके दौड़ाय़ा जाता है. ऐसी मालगाड़ियों की लंबाई 3 से 4 किलोमीटर तक हो सकती है. इससे पहले देश में पहली लॉन्ग हॉल ट्रेन रुद्रास्त्र चलाई गई थी जो 4.50 किलोमीटर लंबी थी. इसमें 6 मालगाड़ियों को 7 इंजन लगाकर जोड़ा गया था, जिसमें 354 डिब्बे थे. वहीं, अब मध्य प्रदेश में पश्चिम रेलवे ने दूसरी लॉन्ग हॉल ट्रेन चलाई है, जिसमें दो रैक्स को जोड़ा गया और इसमें 100 से ज्यादा डिब्बे थे. रेलवे के मुताबिक ऐसी ट्रेनों में इंजन की संख्या 7 तक हो सकती है और 350 तक डब्बे लगाए जा सकते हैं. वहीं, अनब्रोकन का अर्थ है बिना रुके या बिना स्टॉपेज वाली ट्रेन, जो इसे रूद्रास्त्र से अलग बनाता है. मध्य प्रदेश में पमरे ने रचा इतिहास मध्य प्रदेश में पहली बार पश्चिम रेलवे ने अपनी पहली अनब्रोकन लॉन्ग हॉल ट्रेन का सफल संचालन किया है. पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया, '' देश के रेलवे इतिहास में माल परिवहन क्षमता में वृद्धि की दिशा में ये एक महत्वपूर्ण कदम है. लॉन्ग हॉल ट्रेन 2 ईबॉक्सतएन (EBOXN) रेक की संरचना में चलाई गई, जिसकी अधिकतम अनुमत गति 70 किमी प्रति घंटा थी. ट्रेन ने वटवा से बकानियां भौरी तक की दूरी 12 घंटे 58 मिनट में पूर्ण की और इसकी औसत गति 46.98 किमी प्रति घंटा रही, कुल मिलाकर लगभग 11 घंटे की समय बचत सुनिश्चित की गई. इस लॉंग हॉल ट्रेन के सफल परिचालन विभिन्न विभागों के बीच उत्कृष्ट समन्वय, सटीक योजना व प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है.'' रेलवे पीआरओ ने कहा, '' कई किलोमीटर लंबी इन ट्रेनों को लंबी दूरी तक चलाने से चालक दल के अलावा अन्य संसाधनों की बचत होती है. वहीं, भारतीय रेलवे की ढुलाई क्षमता भी बढ़ जाती है.

स्लॉटर हाउस कांड का खुलासा: दुधारू-स्वस्थ भैंसों की हत्या, बछड़े और पाड़ों के अवशेष मिलने से हड़कंप

भोपाल   स्लॉटर हाउस में नियमों को ताक पर रखकर की जा रही अवैध कटाई का मामला गहराता जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार स्लॉटर हाउस में 14-15 साल की निर्धारित उम्र के बजाय 4 से 8 साल के दुधारू और स्वस्थ भैंसों को काटा जा रहा है। यहां छोटे-छोटे बछड़ों और पाड़ों के अवशेष के साक्ष्य मिले हैं। 26 टन गौ मांस से भरा मिला था ट्रक बता दें कि पीएचक्यू (PHQ) के सामने 26 टन गोमांस से भरा ट्रक मिला था। इस मांस को स्लॉटर हाउस से मुंबई भेजने का सर्टिफिकेट नगर निगम ने जारी किया था। निगम के डॉक्टर ने इस मांस को भैंस का बताते हुए इंसानों के उपभोग के लिए फिट माना था।  पड़ताल में सामने आया कि स्लॉटर हाउस में रोज 100 से 150 पशुओं का वध किया जा रहा था। वहीं, निगम के रिकॉर्ड में ह संख्या औसतन 40 भैंसों की थी। 22 दिसंबर को स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी ने भास्कर से बातचीत में खुद स्वीकारा था कि रोज 100 से 150 पशुओं की स्लॉटिंग हो रही है। यानी निगम के रिकॉर्ड और वास्तविक संचालन में 3 गुना से ज्यादा का अंतर था।स्लॉटर हाउस से मांस मुंबई और चेन्नई के रास्ते दुबई समेत खाड़ी देशों तक एक्सपोर्ट किया जा रहा था। हालांकि, नगर निगम प्रशासन को इस सप्लाई चैन की कोई जानकारी नहीं थी। एमआईसी सदस्य (हेल्थ और एसबीएम) आरके सिंह ने कहा, ‘निगम के रिकॉर्ड में हर दिन अधिकतम 40 भैंसों की स्लॉटिंग दर्ज है। मांस कहां और कितना भेजा जा रहा है, यह देखना हमारा काम नहीं है।’ निगम के डॉक्टर रोज दो बार स्लॉटर हाउस की जांच करते थे। शाम को पशुओं की मेडिकल जांच होती। इसके बाद प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता। अगले दिन सप्लाई होने वाले मांस की गुणवत्ता की जांच होती थी। अब पुलिस रिपोर्ट की आड़ में मामला दबाने की कोशिश     जिस 26 टन मांस को मुंबई भेजा गया, उसमें गोमांस की पुष्टि हो चुकी है। इसके बावजूद पूरा सिस्टम पुलिस की जांच रिपोर्ट की आड़ लेता दिख रहा है। पुलिस कह रही है कि सीसीटीवी फुटेज में सिर्फ भैंसें नजर आ रही हैं, जबकि निगम यह तर्क दे रहा है कि पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की जांच होगी।     पुलिस की जांच रिपोर्ट का मतलब है चार्जशीट, जिसमें कम से कम 3 महीने लगते हैं। यानी तब तक कार्रवाई टालने का रास्ता साफ। ऐसे में सवाल है कि किस रिपोर्ट का इंतजार है?     जब पुलिस की पीएम रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि पहले ही हो चुकी है, तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? मेयर से बोले पार्षद- मान लिया कि सब नियम से हुआ, पर गोमांस का जवाब दें गोमांस मामले में महापौर मालती राय अब एमआईसी सदस्यों और जोन अध्यक्षों को मनाने में जुट गई हैं। उन्होंने सोमवर को एमआईसी सदस्यों और जोन अध्यक्ष पार्षदों को इस मुद्दे पर निगम का साथ देने के लिए कहा। इस पर पार्षदों ने कहा कि माना सबकुछ नियम से हुआ, लेकिन गाय का मांस कैसे जस्टीफाई हो सकता है? इस पर तो जवाब देना ही होगा। अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। हम तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं। नियमों को तिलांजलि: डॉक्टर और तकनीक फेल 1- फिटनेस रिपोर्ट का अभाव: नियम है कि बिना पशु चिकित्सक की जांच और उम्र निर्धारण के किसी पशु को नहीं काटा जाएगा, लेकिन यहां बिना जांच के ही वध का खेल चल रहा था। 2- स्टनिंग और क्रूरता आधुनिक मशीनों और सीसीटीवी की मौजूदगी के बावजूद पशुओं को बिना बेहोश किए और अनावश्यक पीड़ा देकर काटा जा रहा था। 3- अवैध ड्रेसिंग: स्वास्थ्य मानकों के अनुसार जमीन पर मांस का संपर्क प्रतिबंधित है, लेकिन सबूत बताते हैं कि यहां स्वच्छता के मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। सवालों से भाग रहे अधिकारी 1- डॉ. बीपी गौर (पशु चिकित्सक): विवादित सर्टिफिकेट जारी करने के बाद से डॉक्टर ने चुप्पी साध ली है। वे न फोन उठा रहे हैं और न ही दफ्तर में मिल रहे हैं। 2- हर्षित तिवारी (अपर आयुक्त): पशु संबंधी कामकाज संभालने वाले अपर आयुक्त ने सवालों पर फोन काट दिया। स्लॉटर हाउस की नियमावली इनके पास नहीं है। 3- संस्कृति जैन (निगम आयुक्त): भोपाल शहर की मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को स्लॉटर हाउस के संचालन की बुनियादी प्रक्रिया तक की जानकारी नहीं है, जिससे प्रबंधन की पोल खुल गई है। असलम पर मेहरबान निगम, 100 करोड़ की जमीन 4 लाख में दी यह मॉडर्न स्लॉटर हाउस करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन पर बना है, जिसकी बाजार कीमत करीब 100 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। निगम ने यह जमीन कंपनी को सालाना सिर्फ 4 लाख रुपए किराये पर दी थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, परिसर में बाहरी लोगों की एंट्री प्रतिबंधित थी। संचालन का पूरा नियंत्रण असलम कुरैशी के पास था। सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग भी निगम के बजाय संचालक के पास थी। गोमांस की पुष्टि होते ही तुरंत स्लॉटर हाउस सील कर दिया। आगे की कार्रवाई पुलिस की रिपोर्ट के बाद की जाएगी।’ -मालती राय, मेयर ( नगर निगम भोपाल) गोमांस मामले में आरोपियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। मामले में सख्त कार्रवाई हो।’ -विश्वास सारंग, कैबिनेट मंत्री

इंदौर हाई कोर्ट का आदेश: चाइनीज मांझे वाली पतंग उड़ाने पर नाबालिगों के अभिभावक होंगे जिम्मेदार

 इंदौर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने सोमवार को राज्य सरकार को चीनी मांझे पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए. अदालत ने कहा कि यदि कोई नाबालिग प्रतिबंधित चीनी मांझे से पतंग उड़ाते हुए पाया जाता है, तो उसके अभिभावकों को भी कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है. न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि जनता के बीच व्यापक प्रचार किया जाए कि चीनी मांझे की बिक्री या उपयोग से, अगर कोई घायल होता है या किसी की मृत्यु होती है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत कार्रवाई की जा सकती है. अदालत ने 11 दिसंबर 2025 को चीनी मांझे से हुई मौतों और हादसों को लेकर स्वतः संज्ञान लिया था. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि चीनी मांझे की बिक्री रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं और हादसों से बचाव के लिए कई एहतियाती उपाय लागू किए जा रहे हैं. सरकार ने यह भी कहा कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे. हाई कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित मांझे की बिक्री या उपयोग करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ BNS, 2023 की धारा 106(1) (आईपीसी की धारा 304-ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है. साथ ही, यदि कोई नाबालिग चीनी नायलॉन धागे का उपयोग करता है, तो उसके अभिभावकों को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा. सुनवाई के दौरान इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने अदालत को बताया कि निर्देशों के पालन में प्रशासन जल्द आदेश जारी करेगा, जिन्हें पड़ोसी जिलों में भी तत्काल प्रसारित किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, पिछले डेढ़ महीने में इंदौर में चीनी मांझे से गला कटने की दो अलग-अलग घटनाओं में 16 वर्षीय किशोर और 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो चुकी है. प्रशासन द्वारा प्रतिबंध के बावजूद पतंगबाज प्रतिद्वंद्वियों की पतंग काटने के लिए अब भी इस खतरनाक मांझे का इस्तेमाल कर रहे हैं.

UPI ट्रांजैक्शन ने खोला राज: चेतन बनकर होटल में ठहरे अशरफ, दो आधार कार्ड से हुआ खुलासा

मंदसौर मंदसौर में बस स्टैंड के पास स्थित एक होटल में राजस्थान का रहने वाला अशरफ नाम का युवक पहचान छिपाकर हिंदू युवती के साथ ठहरा था। अशरफ ने अपना नाम चेतन बताया था। आधार कार्ड में भी नाम चेतन था। उसका ये झूठ यूपीआई ट्रांजैक्शन में पकड़ा गया। होटल संचालक अशोक मारू ने भुगतान से जुड़े यूपीआई ट्रांजैक्शन की जांच की तो जिस खाते से 600 की राशि आई थी, वह अशरफ खान नाम से थी। जबकि होटल में दर्ज पहचान हिंदू नाम चेतन प्रकाश की थी। इसी विरोधाभास के चलते होटल संचालक को संदेह हुआ। रात के वक्त जब दोनों होटल लौटे तो होटल संचालक ने उनसे पूछताछ की। इस दौरान युवक के पास से एक और आधार कार्ड मिला, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उसने फर्जी पहचान के जरिए होटल में ठहरने की कोशिश की थी। इसके बाद होटल संचालक ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उससे पूछताछ की और गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी अशरफ को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी अशरफ को गिरफ्तार कर लिया है। हिंदू नाम के आधार पर लिया कमरा पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान अशरफ खान निवासी जैसलमेर (राजस्थान) के रूप में हुई है। वह अपनी हिंदू गर्लफ्रेंड के साथ होटल राज में चेतन प्रकाश नाम के आधार कार्ड के जरिए रुका हुआ था। जांच में आरोपी के पास दो आधार कार्ड मिले। दोनों में फोटो तो एक ही था, लेकिन नाम और पते अलग-अलग दर्ज थे। दोनों आधार कार्ड राजस्थान के बताए जा रहे हैं। लैब टेक्नीशियन की परीक्षा देने आया था बताया जा रहा है कि अशरफ लैब टेक्नीशियन की परीक्षा देने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मंदसौर आया था। परीक्षा श्रीजी कॉलेज में थी। इसीलिए दोनों ने सुबह होटल राज में रूम लिया और परीक्षा देने चले गए। युवती राजस्थान के नागौर जिले की रहने वाली बताई जा रही है। दोनों जोधपुर के एक अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में काम करते हैं। पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को थाने ले जाकर पूछताछ की। पुलिस ने आरोपी अशरफ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि दोनों के परिजन को भी सूचना दे दी गई है। पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश कर रही है। धार्मिक पहचान छिपाने की कोशिश शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि युवक को आशंका थी कि मुस्लिम नाम से हिंदू युवती के साथ होटल में ठहरने पर परेशानी हो सकती है। इसलिए उसने हिंदू नाम वाले फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया। हालांकि होटल संचालक ने युवक की इस चालाकी को पकड़ लिया।

मध्य प्रदेश बोर्ड: 10वीं और 12वीं परीक्षा की तिथियों में बदलाव, देखें नई डेट शीट

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने 2025-26 सत्र की हाईस्कूल (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) बोर्ड परीक्षाओं के टाइम टेबल में बड़ा बदलाव किया है.मंडल ने आधिकारिक नोटिस जारी कर कुछ विषयों की परीक्षा तिथियां आगे बढ़ा दी हैं. ये बदलाव छात्रों के हित में किया गया है. बाकी सभी विषयों का शेड्यूल पहले जैसा ही रहेगा. सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होंगी.मंडल ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वो संशोधित टाइम टेबल छात्रों तक पहुंचाएं और सूचना पटल पर लगाएं. छात्रों से अपील की गई है कि वो सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट www.mpbse.nic.in पर उपलब्ध टाइम टेबल को ही मानें और अफवाहों से बचें. 10वीं और 12वीं में किन विषयों की तारीखें बदलीं? 10वीं कक्षा का हिंदी पेपर पहले 11 फरवरी (बुधवार)को होना था, लेकिन अब इसे 6 मार्च (शुक्रवार)को शिफ्ट कर दिया गया है. 12वीं कक्षा में तीन मुख्य विषयों की तारीखें बदली गई हैं: – उर्दू और मराठी का पेपर पहले 9 फरवरी (सोमवार)को था, अब 6 मार्च (शुक्रवार)को होगा. – हिंदी का पेपर पहले 7 फरवरी (शनिवार)को था, अब 7 मार्च (शनिवार)को होगा. बाकी सभी विषयों की परीक्षा पहले निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगी.ये बदलाव सभी प्रकार के छात्रों पर लागू होगा.चाहे नियमित छात्र हों,स्वाध्यायी हों या दिव्यांग छात्र. परीक्षा केंद्र पर पहुंचने और नियमों की सख्ती सभी छात्रों को परीक्षा केंद्र पर सुबह 8:00 बजे तक पहुंचना अनिवार्य है. सुबह 8:30 बजे तक परीक्षा कक्ष में अपना स्थान ग्रहण करना जरूरी है. 8:45 बजे के बाद किसी भी छात्र को कक्ष में प्रवेश नहीं मिलेगा. 8:50 बजे ओएमआर शीट वितरित होगी. 8:55 बजे प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया जाएगा. प्रैक्टिकल परीक्षाओं का शेड्यूल रेगुलर छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं उनके स्कूलों में 10 फरवरी 2026 से 10 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएंगी. छात्रों के लिए जरूरी सलाह मंडल ने छात्रों से कहा है कि वो संशोधित तारीखों के अनुसार अपनी पढ़ाई और तैयारी को व्यवस्थित करें. स्कूल प्रशासन और अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि सभी छात्रों को समय पर सूचना मिले. ऑफिशियल वेबसाइट पर ही नवीनतम अपडेट चेक करें.

खुशखबरी: प्रदेश के लाखों शिक्षकों के वेतन में हर महीने 5 हजार तक बढ़ोतरी, कैबिनेट बैठक में आज फैसला

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज सुबह 11 बजे मंत्रालय में मोहन कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में पहली बार ई-कैबिनेट एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा जिसके जरिए सभी प्रस्ताव डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत किए जाएंगे। शिक्षकों की सैलरी बढ़ाने पर मुहर संभव  आज की कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें मंजूरी दी जा सकती है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान देने के प्रस्ताव को कैबिनेट की स्वीकृति मिल सकती है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 1 लाख 25 हजार शिक्षकों को लाभ होगा और उनके वेतन में हर माह 4 से 5 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। पहली बार होगा ई-कैबिनेट ऐप का इस्तेमाल   इसके अलावा जल संसाधन विभाग की मालवा क्षेत्र से जुड़ी दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है, जिससे क्षेत्र में सिंचाई सुविधा और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं प्रदेश में साइंटिफिक रिसर्च को प्रोत्साहित करने से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा के बाद निर्णय लिया जा सकता है। माना जा रहा है कि इस पहल से राज्य में शोध और नवाचार को नई दिशा मिलेगी। 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षक होंगे लाभान्वित शिक्षा विभाग के अनुसार, 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके लगभग 1.25 लाख शिक्षक वर्तमान में तृतीय समयमान वेतनमान प्राप्त कर रहे हैं और चतुर्थ समयमान की मांग कर रहे हैं। कई शिक्षक ऐसे हैं, जो पिछले 5 से 8 वर्षों से इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान में चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ केवल प्राचार्य और व्याख्याताओं को ही मिल रहा है। 5 सितंबर को की गई थी घोषणा गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) के अवसर पर शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान देने की घोषणा की थी। अब इस घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए आज की कैबिनेट बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। शिक्षक संगठनों को फैसले का इंतजार शासकीय शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कहा कि यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो शिक्षकों को हर महीने सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और वर्षों से लंबित मांग का समाधान होगा। शिक्षकों और कर्मचारियों की निगाहें कैबिनेट पर आज होने वाली मोहन कैबिनेट की बैठक को लेकर प्रदेशभर के शिक्षक और कर्मचारी वर्ग आशान्वित हैं। यदि चतुर्थ समयमान वेतनमान को मंजूरी मिलती है, तो यह फैसला शिक्षकों के लिए नई आर्थिक राहत लेकर आएगा और सरकार के प्रति विश्वास को और मजबूत करेगा।