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भोपाल नगर निगम का बड़ा ऐलान: 29 दिवसीय दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को 1 मई 2024 से 28 फरवरी 2025 तक का एरियर

 भोपाल  नगर निगम के 29 दिवसीय कर्मचारियों को 10 महीने का एरियर देने के लिए निगम के वित्त विभाग ने पत्र जारी किया है। इसमें वित्त विभाग ने सभी शाखा प्रभारी सहित नगर निगम के सभी 21 जोन के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी और जोनल अधिकारियों से कर्मचारियों की जानकारी मांगी है। वित्त विभाग ने जारी लेटर में साफ कहा है कि कर्मचारी की उपस्थिति के हिसाब से ही पत्रक बनाकर भेजे जाएं। दरअसल, नगर निगम के सभी विभागों में लगभग 12 हजार से अधिक 29 दिवसीय कर्मचारी कार्यरत हैं। इन्हें कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान किया जाता है। बीते साल नई कलेक्टर दरें लागू हो चुकी हैं। इसके आदेश भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अब जाकर निगम कर्मचारियों को एरियर देने जा रहा है। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश दिये थे। निगम अधिकारियों ने बताया कि 29 दिवसीय दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को एक मई 2024 से 28 फरवरी 2025 तक का एरियर दिया जाएगा। यह कुल 10 महीने के वेतन का एरियर होगा, इसलिए सभी शाखा प्रभारी सहित सभी 21 जोन के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी और सभी 21 जोन के जोनल अधिकारियों से उनके यहां काम कर रहे कर्मचारियों के पत्र मांगे गए हैं।  

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी में सहायक अभियंता और केमिस्ट का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के नव नियुक्त सहायक अभियंता व केमिस्ट का प्रशिक्षण शुरू भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के नवनियुक्त 16 सहायक अभियंताओं (प्लांट) व केमिस्ट के प्रथम बैच का का 6 सप्ताह का प्रशिक्षण राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (एनपीटीआई) नागपुर में प्रारंभ हुआ। छह सप्ताह के प्रशिक्षण में सहायक अभियंताओं को थर्मल व हाइड्रो पॉवर प्लांट के ऑपरेशन व मेंटेनेंस का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। अभियंताओं को दो सप्ताह का विशेष सुपर-क्रिटिकल सिम्युलेटर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। केमिस्ट को प्रशिक्षण के अंतर्गत जल रसायन,कोल टेस्टिंग, पर्यावरण कारकों का परीक्षण आदि का प्रशिक्षण प्रदान दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत में एनपीटीआई नागपुर के प्रमुख निदेशक रामचन्द्र उकिरदे ने कहा कि सत्र का पाठ्यक्रम इस प्रकार तैयार किया गया है कि सहायक अभियंता ताप व जल विद्युतगृहों के संचालन व संधारण के कार्यों में समान रूप से महारत हासिल कर सकेंगे। प्रशिक्षण में सहायक अभियंताओं व केमिस्ट को विद्युत उत्पादन की नई तकनीक के साथ पर्यावरण की बारीरकियों व मापदंडों से परिचित करवाया जाएगा।  

मोहन यादव की ई-कैबिनेट पहल: सभी 31 मंत्रियों को टैबलेट, अब कैबिनेट बैठकें होंगी पेपरलेस

  भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए अपने कैबिनेट के सभी सदस्यों को टैबलेट बांटे. इस कदम का मकसद सिस्टम को पेपरलेस बनाना और समय बचाना है. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को टैबलेट दिए गए. CM यादव ने कहा कि कैबिनेट बैठकों से जुड़ी पूरी जानकारी इन टैबलेट के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी. कैबिनेट सदस्यों को संबोधित करते हुए यादव ने कहा, "मध्य प्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस पहल में ई-कैबिनेट पहल भी शामिल है. ई-कैबिनेट एप्लिकेशन के संबंध में संबंधित लोगों को ज़रूरी ट्रेनिंग दी जा रही है." यादव ने कहा, "यह एप्लिकेशन एक आधुनिक, पेपरलेस, सुरक्षित और गोपनीय सिस्टम है जिसे मंत्री परिषद अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी, कहीं भी एक्सेस कर सकती है. ई-कैबिनेट एप्लिकेशन मुख्य रूप से कैबिनेट एजेंडा देखने और पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों की कंप्लायंस रिपोर्ट की समीक्षा करने में मदद करेगा." CM ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि कैबिनेट सदस्य पारदर्शिता और समय बचाने के लिए इस नए सिस्टम का पूरा इस्तेमाल करेंगे. शुरुआत में, कैबिनेट बैठक का एजेंडा फिजिकल और डिजिटल दोनों फॉर्मेट में भेजा जाएगा और बाद में, इसे पूरी तरह से डिजिटल रूप से भेजा जाएगा. पेपरलेस होगी एमपी की मोहन कैबिनेट मंत्रिमंडल के सदस्यों को टैब से लैश करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने  मंत्रिमंडल के सदस्यों को संबोधित करते हुए बताया कि, 'मध्य प्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस पहल में ‘ई-कैबिनेट' ऐप भी शामिल है. उन्होंने कहा कि ‘ई-कैबिनेट' आवेदन के संबंध में संबंधित लोगों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है. इससे कागज की खपत और फोल्डर वितरण की आवश्यकता समाप्त होगी। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि वर्ष 1960 से अब तक के कैबिनेट के सभी निर्णयों को डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों के निर्णय एक क्लिक पर उपलब्ध हैं। बैठक के अंत में मंत्रियों को टैबलेट के उपयोग और ई-कैबिनेट एप्लीकेशन की कार्यप्रणाली से संबंधित प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।  ‘ई-कैबिनेट' ऐप पर होगी कैबिनेट मीटिंग बकौल सीएम,, 'ई-कैबिनेट ऐप एक आधुनिक, कागज रहित, सुरक्षित और गोपनीय प्रणाली है, जिसे मंत्रिपरिषद कभी भी, कहीं भी अपनी सुविधानुसार इस्तेमाल कर सकती है. ई-कैबिनेट ऐप मंत्रिमंडल के एजेंडे को देखने और पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा करने की सुविधा प्रदान करेगा. मध्य प्रदेश की मौजूदा मोहन सरकार में कुल 31 मंत्री हैं. सभी मंत्रियों को ई-कैबिनेट ऐप के बारे में जानकारी दी गई. ई-कैबिनेट ऐप मंत्रिमंडल के एजेंडे को देखने और पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा करने की सुविधा प्रदान करेगा. कैबिनेट का एजेंडा डिजिटल भेजा जाएगा मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि मंत्रिमंडल के सदस्य पारदर्शिता और समय बचाने के लिए नई प्रणाली का पूरी तरह से उपयोग करेंगे. एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में मंत्रिमंडल की बैठक का एजेंडा भौतिक और डिजिटल दोनों प्रारूपों में भेजा जाएगा और बाद में, इसे पूरी तरह से डिजिटल प्रारूप में परिवर्तित कर दिया जाएगा. डिजिटलाइज्ड किए गए मंत्रिमंडल के फैसले राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि 1960 के बाद से लिए गए मंत्रिमंडल के फैसलों को डिजिटल कर दिया गया है. एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक के अंत में एक प्रस्तुति में मंत्रियों को टैबलेट के इस्तेमाल के उद्देश्य, उनकी व्यापक उपयोगिता और उनकी कार्यक्षमता के बारे में बुनियादी जानकारी दी गई. उन्होंने कहा कि इस पेपरलेस सिस्टम – ई-कैबिनेट एप्लिकेशन – की शुरुआत से फिजिकल फोल्डर बांटने, कागज और समय की बचत होगी. राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि 1960 से लिए गए कैबिनेट फैसलों को डिजिटाइज किया गया है. पिछले दो सालों के कैबिनेट फैसलों को एक क्लिक से देखा जा सकता है. एक अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट बैठक के आखिर में, एक प्रेजेंटेशन के जरिए मंत्रियों को टैबलेट के इस्तेमाल के मकसद, उनकी पूरी उपयोगिता और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में बेसिक जानकारी दी गई. बता दें कि मध्य प्रदेश में कुल 31 मंत्री हैं.

दूषित पानी को लेकर उज्जैन में हाई अलर्ट, नगर निगम ने लाउडस्पीकर से कराई मुनादी, वीडियो वायरल

उज्जैन   इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जहरीले पानी से बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने व मौतें होने से मध्य प्रदेस के नगर निगम व नगरपालिका प्रशासन फूंक-फूंककर कदम रख रहा है. उज्जैन में नगर निगम एवं पीएचई भी अलर्ट है. उज्जैन नगर निगम ने लाउड स्पीकर के माध्यम से अनाउंसमेंट कराया है. इसमें कहा गया है "आगामी सूचना तक नल का पानी न पिएं. अगर कोई दिक्कत आती है तो पीएचई यापिर नगर निगम के कंट्रोल रूम नंबर पर सूचित करें." नगर निगम का कंट्रोल रूम नंबर 9406801060 उज्जैन नगर निगम द्वारा लोगों को सूचित किया जा रहा है "वर्तमान में कुछ क्षेत्रों में पेयजल दूषित होने की आशंका है. सुधार कार्य तक नल के पानी को सीधे ना पिएं. पानी को उबाल कर पिएं, छान लें. उल्टी, दस्त व अन्य शिकायत पर नगर निगम संपर्क नंबर पर 9406801060 संपर्क करें." उज्जैन में कौन-कौन एरिया प्रभावित अलकापूरी, ढाबा रोड, क्षीर सागर, पंवासा, नागझिरि, सिंधी कॉलोनी, जयसिंह पूरा, छत्री चौक व अन्य जगह नालियों का गंदा पानी साफ पानी की लाइनों में मिलने की आशंका है, इसकी जांच की जाएगी. सभी एरिया में टीमें काम में जुट गई है. शहर की शुभाष नगर, चकोर पार्क, लक्ष्मी नगर, मिर्ची नाला, भैरवगढ़, रविशंकर क्षेत्र व अन्य में टंकियों की सफाई करने का दावा किया गया है.उज्जैन में कुछ क्षेत्रों में नगर निगम की मुनादी से हड़कंप मच गया है। वीडियो वायरल हुआ तो बताया कि ये संदेश सिर्फ उस जगह के लिए था जहां रोड चौड़ीकरण के लिए पेयजल की लाइन खुली है। पीएचई कार्यालय कंट्रोल रूम का निरीक्षण नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया "हर 3 महीने में टंकियों की सफाई का काम किया जाता है. शहर के चामुंडा माता स्थित पीएचई कार्यालय कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण भी किया है. जहां रिकॉर्ड रूम को व्यवस्थित करने वह वह अन्य जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं. मैंने क्षेत्रीय टीम से आम आदमी बन कॉल पर बात की. सभी जगह हालात सामान्य हैं. काम चल रहा है और टीमें अलर्ट हैं." उज्जैन नगर निगम द्वारा एक ई-रिक्शा से शहर के कुछ क्षेत्रों में दो दिन पहले मुनादी करवाई गई। अनाउसमेंट में क्षेत्र में दूषित जल होने की संभावना पानी नहीं पीने और उल्टी-दस्त होने की तुरंत सूचना देना का जिक्र था। वायरल वीडियो में जो सूचना दी गई उससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वीडियो में माइक से सूचना दी गई कि नगर निगम द्वारा सूचित किया जाता है कि कुछ क्षेत्रों में दूषित पेयजल के होने की संभावना पाई गई है। अगले आदेश तक नल के पानी को सीधे ना पिएं। आवश्यक होने पर पानी को अच्छे से उबालकर छानकर पिएं। नगर निगम द्वारा पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था टैंकर के माध्यम से की जा रही है। यदि किसी भी व्यक्ति को उल्टी-दस्त, सिर दर्द या जल से संबधित कोई भी समस्या हो तो पीएचई कंट्रोल रूम नंबर 9406811060 और 07342535244 पर संपर्क करें। शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया "पीएचई विभाग द्वारा पीएचई कंट्रोल रूम एवं चामुंडा माता स्थित कंट्रोल रूम के माध्यम से शिकायतों का निराकरण किया जाता है. एक हेल्पलाइन नंबर भी है. चामुंडा माता स्थित पीएचई कंट्रोल रूम का नंबर 9406801060 एवं पीएचई कंट्रोल रूम का नंबर 0734-2535300, जिस पर अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है." कई परिवार खरीद रहे फिल्टर पानी शहर के कई परिवार पानी की अशुद्धता की वजह से फ़िल्टर पानी खरीद कर पी रहे हैं. कई परिवार शहर में ऐसे भी हैं, जो आर्थिक तंगी के चलते गंदे पानी को पीने पर मजबूर हैं. सबसे मुख्य कारण आगामी सिंहस्थ 2028 के चलते जगह-जगह हो रहे निर्माण कार्यों से क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइनें हैं. वीडियो वायरल होने के बाद कई लोग डर गए। हालांकि महापौर मुकेश टटवाल ने वायरल वीडियो को लेकर साफ किया कि सिंहस्थ को लेकर कई जगह चौड़ीकरण का काम चल रहा है। ऐसे में सड़क नाली और पेयजल की टूटी हुई लाइन को लेकर मुनादी करवाई थी। बताया था कि गंदे पानी को लेकर क्षेत्रवासियों को सूचित करना है, लेकिन उसने जिस तरह से सूचित किया उससे सम्भवतः लोगों ने गलत समझ लिया बाद में उसे हटा दिया गया। इधर आदर्श नगर, अलकापुरी, छतरी चौक, कोयला फाटक से सेंट्रल कोतवाली इलाकों से मिल रही गंदे पानी की शिकायत को भी देखा। महापौर मुकेश टटवाल मंगलवार को महेश नगर, श्रीराम कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 04 नागेश्वर धाम कॉलोनी में जल कार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा, उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल एवं अधिकारियों के साथ खुद जल की शुद्धता जांचने पहुंचे। महापौर ने बताया कि मौके पर पानी में केमिकल डालकर जांच की गई की जिसमें पानी शुद्ध पाया गया। रहवासियों से भी चर्चा की है उन्होंने बताया कि पानी साफ आ रहा है। 609 ग्राम पंचायतों व 1096 गांवों में सैंपलिंग पीएचई ग्रामीण क्षेत्र के ईई केदार खत्री ने बताया "जिले में कुल 609 ग्राम पंचायतें हैं. 1096 गांवों में अलग-अलग माध्यम से पानी का उपयोग करते हैं. नल, कुएं, बावड़ी, बोरिंग, तालाब सभी के पानी की सैंपलिंग ले रहे है. जल्द ही काम पूरा कर जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कुमट के माध्यम से शासन को रिपोर्ट सबमिट करेंगे.

ईरानी गैंग का आतंक: भोपाल में चोरी, लूट और प्रॉपर्टी कब्जाने के मामलों में सरगना राजू का नाम सामने

भोपाल राजधानी भोपाल में पुलिस की एक सटीक कार्रवाई ने ऐसा भूचाल ला दिया है कि असर सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहा. ईरानी डेरे पर हुई कार्रवाई के बाद अब देश के कम से कम 6 राज्यों की पुलिस अलर्ट मोड पर है. वजह साफ है जांच में सामने आया है कि ईरानी गैंग से जुड़े कई लोग अलग-अलग राज्यों में चेन स्नेचिंग, ठगी और अन्य आपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं. भोपाल के ईरानी डेरे में एक नहीं 6 से अधिक गैंग सक्रिय हैं। इस बात का खुलासा पुलिस की अब तक की जांच में हुआ है। इन सभी गैंग में कई दर्जन गुर्गे शामिल हैं। सभी गैंग अपने-अपने तरीकों में माहिर हैं। इन सभी गैंग के लीडर्स अलग-अलग हैं। ईरानी डेरा में छुपा है डर, दहशत और रहस्य भोपाल के अमन कॉलोनी इलाके में स्थित ईरानी डेरा लंबे समय से चर्चा में रहा है. कहा जाता है कि एक समय ऐसा था जब इस डेरे में जाने से पुलिस भी कतराती थी. 12 राज्यों में खौफ का ठिकाना बताए जाने वाले इस डेरे को अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह तक कहा गया. लेकिन हालिया कार्रवाई के बाद पहली बार इस डेरे के भीतर की तस्वीरें और आवाजें सामने आई हैं. पुलिस की कार्रवाई और संपत्तियों की जांच पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस गैंग के खिलाफ कार्रवाई के बाद भोपाल में चेन स्नेचिंग और छोटी आपराधिक घटनाओं में साफ गिरावट आई है. अब पुलिस का फोकस सिर्फ गिरफ्तारी पर नहीं, बल्कि ईरानी गैंग से जुड़े लोगों की संपत्तियों की जांच पर भी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों का स्रोत क्या है और कहीं ये अवैध कमाई से तो नहीं बनाई गईं. अधिकारियों का कहना है कि अगर संपत्तियों में गड़बड़ी पाई गई, तो उन पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा. पुलिस को ईरानी डेरे से दबिश में बड़ी संख्या में मोबाइल, लैपटॉप, सीपीयू, पैनड्राइव आदि मिले हैं। इन सभी का परीक्षण कराया जा रहा है। माना जा रहा है कि इन डिवाइस का इस्तेमाल कर ईरानी चोरी के मोबाइल का सिक्योरिटी लॉक तोड़ने का काम करते थे। काला ईरानी के काले कारोबार पर नजरें पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि काला ईरानी निशातपुरा इलाके में लंबे समय से प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा है। जनता नगर कॉलोनी में उसने कई प्लॉटों को हेरफेर कर बेचा है। काला के करीबी रहीम पर भी पुलिस की नजरें हैं। करोड़ों की संपत्ति के असामी बन चुके काले ईरानी पुलिस बारीकी से तस्दीक करा रही है। फरार आरोपियों की तलाश में स्पेशल टीमें पुलिस ने इस मामले में कई विशेष टीमें बनाई हैं, जो तकनीकी और जमीनी स्तर पर लगातार काम कर रही हैं. अलग-अलग राज्यों में इस गैंग के सदस्यों के खिलाफ वारंट जारी हो चुके हैं. पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चाही मिश्र का साफ कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा. वारदातों के लिए महीनों का सफर ईरानी डेरे में रहने वाले अपराधी चोरी, लूट, ठगी जैसी वारदातों के लिए महीनों कबीले से दूर दूसरे शहर और राज्यों में रहते हैं। इसे सफर में होना कहा जाता है। इस दौरान कबीले के युवक आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। पकड़े जाने पर भी माल को सुरक्षित कबीले तक पहुंचाने के लिए दो युवक होते हैं। सफर में जाने वाले युवकों के गिरोह के साथ हर समय दो युवक ऐसे होते हैं जो वारदात में सीधे तौर पर शामिल नहीं होते, लेकिन घटना के बाद मिले माल को लेकर सुरक्षित कबीले तक लाने की जिम्मेदारी इनकी होती है। इसके लिए कई बार आरोपी बाय रोड लग्जरी कार और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर तक का सफर तय करते हैं। रिश्तेदारी का भी मिलता है फायदा जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गैंग के कई सदस्य आपस में रिश्तेदार हैं। इनके रिश्ते महाराष्ट्र और राजस्थान में बसे परिवारों से जुड़े हुए हैं, जिसकी वजह से वहां इनका नेटवर्क मजबूत बना रहा। यही कारण है कि यह गैंग दिल्ली, मुंबई, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में बेखौफ होकर वारदात करता रहा।

भोपाल में 10 साल का ठंडा रिकॉर्ड टूटा, इंदौर-ग्वालियर में स्कूल बंद, शीतलहर ने बढ़ाई मुश्किलें

भोपाल  मध्यप्रदेश इस समय भीषण सर्दी की चपेट में है। प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में घना कोहरा छाया हुआ है, जबकि कई जिलों में शीतलहर और कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि कुछ जगहों पर रात का तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी भोपाल में भी जनवरी की सर्दी ने बीते 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। तेज ठंड और कम विजिबिलिटी के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं, जबकि कुछ जगहों पर स्कूल देर से खोलने के निर्देश जारी किए गए हैं। घना कोहरा बना मुसीबत, कई जिलों में विजिबिलिटी बेहद कम प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। दतिया में सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रिकॉर्ड की गई। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में सड़कों पर धुंध की मोटी परत छाई रही।  मध्यप्रदेश में तेज ठंड और कोहरे का असर है। प्रदेश में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। उमरिया में सबसे कम 3.9 डिग्री रहा। राजगढ़-खजुराहो में 4.5 डिग्री, शिवपुरी में 5 डिग्री और रीवा में 5.8 डिग्री रहा। बुधवार सुबह आधे से ज्यादा हिस्से में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा रहा। सतना, दतिया, गुना, रीवा, ग्वालियर, राजगढ़, खजुराहो, नौगांव और सीधी में कोहरे का सबसे ज्यादा असर रहा। इस वजह से दिल्ली से आने वाली एक दर्जन ट्रेनें लेट हैं। इंदौर, रायसेन, ग्वालियर, मऊगंज, धार और नर्मदापुरम के स्कूलों की बुधवार को भी छुट्‌टी है। मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में कोल्ड वेव चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले भी शाजापुर, शहडोल, सिवनी, मंदसौर और सीहोर में शीतलहर का प्रभाव रहा। वहीं, भोपाल-राजगढ़ में तीव्र शीतलहर चली। भोपाल, विदिशा, सीहोर, शाजापुर व नरसिंहपुर में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। इंदौर, रायसेन-नर्मदापुरम में आज भी स्कूलों की छुट्‌टी पिछले 3 दिन से प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस वजह से इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, शाजापुर, विदिशा, ग्वालियर, अशोकनगर, रायसेन, आगर-मालवा, भिंड, टीकमगढ़, हरदा, नीमच, रतलाम, राजगढ़, मंडला, जबलपुर, दमोह, डिंडौरी, नर्मदापुरम, झाबुआ, छतरपुर, सीधी, बैतूल समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्‌टी घोषित कर दी गई थी। इंदौर, रायसेन, ग्वालियर और नर्मदापुरम के स्कूलों की बुधवार को भी छुट्‌टी रहेगी। वहीं, भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद ही खुले रहेंगे। हालांकि, तेज ठंड का असर बरकरार है। ऐसे में बच्चों को स्कूलों में पहुंचने में दिक्कतें होंगी। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं।  इसके अलावा भोपाल, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सीहोर, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, उमरिया और शहडोल समेत कई जिलों में भी कोहरे ने रफ्तार थाम दी। शीतलहर और कोल्ड डे का अलर्ट जारी मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इससे पहले शाजापुर, शहडोल, सिवनी, मंदसौर और सीहोर में भी शीतलहर का असर देखा जा चुका है। भोपाल और राजगढ़ में तो तीव्र शीतलहर दर्ज की गई। भोपाल, विदिशा, सीहोर, शाजापुर और नरसिंहपुर में दिनभर ठंडा दिन (कोल्ड डे) जैसी स्थिति बनी रही, जिससे धूप निकलने के बावजूद ठिठुरन कम नहीं हुई। स्कूलों पर ठंड का असर, कई जिलों में छुट्टियां बढ़ीं लगातार तीसरे दिन प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने के कारण इंदौर, रायसेन, ग्वालियर और नर्मदापुरम में बुधवार को भी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद खोलने के निर्देश दिए गए हैं। तेज ठंड और घने कोहरे के कारण बच्चों के स्कूल पहुंचने में दिक्कतें बनी हुई हैं। दिन का तापमान भी गिरा, दतिया सबसे ठंडा सिर्फ रात ही नहीं, बल्कि दिन के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को दतिया में अधिकतम तापमान महज 17.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम था। श्योपुर में 18.2, नौगांव में 18.5, ग्वालियर में 18.9 और खजुराहो में 20.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।भोपाल और दमोह में दिन का पारा 21.8 डिग्री तक पहुंचा, जबकि रतलाम और गुना में 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भोपाल में एक रात में 5.6 डिग्री की गिरावट राजधानी भोपाल में ठंड ने नया रिकॉर्ड बना दिया। एक ही रात में तापमान 5.6 डिग्री गिरकर 3.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे कम है। इससे पहले 2015 के बाद ऐसा न्यूनतम तापमान दर्ज नहीं किया गया था।प्रदेश में सबसे कम तापमान राजगढ़ में 2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 2.8, शाजापुर में 3.7, मंदसौर में 3.8, सीहोर में 3.9 और रीवा में 4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। घने कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें भी देरी का शिकार हुईं। मालवा एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें 5 से 6 घंटे तक लेट पहुंचीं, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।  पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने … Read more

मोहन सरकार ने किए बड़े तबादले, 64 डीएसपी और एसडीओपी अधिकारियों की जगह बदली

भोपाल   मध्य प्रदेश में देर रात डीएसपी-एसडीओपी रैंक के 64 अधिकारियों के तबादले किए गए हैं. गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के उप पुलिस अधीक्षक संवर्ग के अधिकारियों का ट्रांसफर तत्काल प्रभाव से कर दिया है. गृह विभाग द्वारा देर रात ये ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए गए, जिसमें प्रदेश के प्रमुख शहर इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर आदि में पदस्थ अधिकारी भी शामिल हैं. इन अधिकारियों का हुआ ट्रांसफर देर रात जारी ट्रांसफर ऑर्डर के मुताबिक, पन्ना गुनौर में पदस्थ मानसिंह टेकाम को उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय भोपाल, पीटीआरआई में पदस्थ डीएसपी दयाराम मामले को डीएसपी उमनि. उज्जैन, जावरा रतलाम में पदस्थ सहायक सेनानी 24वीं वाहिनी रामबाबू पाठक को सहाक सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल भोपला, इंदरौ जोन2 में पदस्थ एसपी यातायात मनोज खत्री को डीएसपी मुख्यालय भोपाल, मुख्यालय भोपाल में पदस्थ डीएसपी रेडियो सुभाष सिंह को डीएसपी साइबर मुख्यालय भोपाल, ग्वालियर विसबल 14वीं वाहिनी में पदस्थ सहायक सेनानी दिलीप चंद्र छारी को सहायक सेनानी 7वीं वाहिनी विसबल भोपाल, भोपाल 25वीं वाहिनी सहायक सेनानी इंद्रजीत सिंह चावड़ा को डीएसपी एटीएस भोपाल, न्यायालय सुरक्षा ग्वालियर में पदस्थ स.सेनानी संजय पोतदार को 17वीं वाहिनी विसबल भिंड, डीएसपी उमनि. जबलपुर उमाकांती आर्मो को डीएसपी साइबर मुख्यालय भोपाल, दमोह के तेंदूखेंड़ा में पदस्थ एसडीओपी देवी सिंह ठाकुर को एसडीओपी, सिरमोर रीवा, एसडीओपी बड़ौदा श्योपुर प्रवीण अष्ठाना को एसडीओपी खुरई (सागर) और डीएसपी एलआर इंदौर राजेश सुलिया को एसडीओपी थांदला झाबुआ ट्रांसफर किया गया है. कई एसडीओपी किए यहां से वहां इसी प्रकार डीएसपी पुलिस मुख्यालय सोनाली गुप्ता को एसडीओपी बेगमगंज रायसेन, एसडीओपी थांदला झाबुआ नीरज नामदेव को डीएसपी पुलिस अकादमी भोपाल, एसडीओपी चंदेरी अशोक नदर शैलेंद्र शर्मा को एसडीओपी घाटगांव ग्वालियर, एसडीओपी बैढन सिंगरौली पुन्नू सिंह परस्ते को डीएसपी पु. मुख्यालय भोपाल, एसडीओपी चुरहट सीधी आशुतोष द्विवेदी को डीएसपी पु. मुख्यालय भोपाल, एसीपी अपराध इंदौर देवेंद्र सिंह धुर्वे को एसडीओपी सांवेर इंदौर भेजा गया है. वहीं, डीएसपी पीटीसी इंदौर पूर्ति तिवारी को एसीपी न्यायालीन-1 इंदौर, एसडीओपी आष्टा सीहोर आकाश अमलकर को डीएसपी पु, मुख्यालय भोपाल, डीएसपी पु, मुख्यालय भोपाल अंतिमा समाधिया को डीएसपी ग्रामीण भोपाल, एसडीओपी घाटीगांव ग्वालियर शेखर दुबे को पुलिस मुख्यालय बोपाल, एसीपी सूचना इंदौर पराग सैनी को एसीपी विजय नगर, एसडीओपी सिरमौर रीवा उमेश प्रजापति को एसडीओपी चुरहट, डीएसपी अजाक मंडला अर्चना अहीर को एसडीओपी तेंदूखेड़ा दमोह, एसीपी चूनाभट्टी भोपाल अंजली रघुवंशी को एसीपी महिला अपराध भोपाल भेजा गया है.

दिव्यांग परीक्षार्थियों को बड़ी राहत: MP बोर्ड परीक्षा में लेखक की निगरानी को अलग पर्यवेक्षक नियुक्त

भोपाल मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं की परीक्षा में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए लेखक की व्यवस्था होगी और उनपर नजर रखने के लिए दो पर्यवेक्षक भी अलग से रखे जाएंगे। इसके अलावा लेखक की शैक्षणिक योग्यता विद्यार्थियों से कम होना चाहिए। जिस स्कूल का परीक्षार्थी हो,उस संस्था का लेखक नही होना चाहिए। इसके लिए मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिमं) की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। दिव्यांग विद्यार्थियों को लेखक सहित अन्य सुविधाओं की मांग के लिए 15 जनवरी तक मंडल को स्कूल के प्राचार्य जानकारी भेजेंगे। लेखक की शैक्षणिक योग्यता विद्यार्थियों से कम होना चाहिए। जिस स्कूल का परीक्षार्थी हो, उस संस्था का लेखक नही होना चाहिए। इसके बाद लेखक के नाम परिवर्तित नहीं किया जाएगा। विशेष परिस्थिति में ही केंद्राध्यक्ष यदि आवश्यक समझें तो लेखक बदलने की अनुमति देकर इसकी सूचना मंडल मुख्यालय को भेजना होगा।   परीक्षार्थी व लेखक के बैठने के लिए केंद्राध्यक्ष अलग व्यवस्था करें, ताकि अन्य परीक्षार्थी को कोई परेशानी न हो। दो अलग पर्यवेक्षकों की व्यवस्था की जाएगी,जो यह देखेंगे कि लेखक वही लिख रहा है जो परीक्षार्थी बोलता है। साथ ही दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए जिन स्कूलों में रैंप होगा। उसी स्कूल में परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। प्रायोगिक परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर होंगी दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रायोगिक परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर उनका मूल्यांकन करते हुए अंक प्रदान करना है। बाह्य मूल्यांकनकर्ता द्वारा उनके प्रश्न तैयार किए जाएंगे। इन विद्यार्थियों को कंप्यूटर,टाइप राइटर के अलावा अतिरिक्त समय भी मिलेगा। इन्हें प्रति घंटा 20 मिनट के हिसाब से एक घंटे का अतिरिक्त समय मिलेगा। दिव्यांग की श्रेणी में ये होंगे शामिल दिव्यांग की श्रेणी में दृष्टिहीन, कम दृष्टि, मानसिक विकलांग एवं हाथ की हड्डी टूट जाने या हाथ की खराबी के कारण लिखने में असमर्थ विद्यार्थियों को लेखक चयन, विषय चयन, अतिरिक्त समय, कंप्यूटर या टाइप रायटर चयन की सुविधाएं प्रदान किए जाएंगे। साथ ही लेप्रोसी से पीड़ित मरीज,एसिड अटैक पीड़ित,सेरिब्रल पालिसी,श्रवण बाधित, पार्किंसन से पीड़ित व मानसिक रूप से बीमार सहित करीब 22 प्रकार की गंभीर बीमारियों को दिव्यांग की श्रेणी में रखा गया है। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए परीक्षा में लेखक का नाम प्रस्तावित करने के लिए 15 जनवरी तक का समय दिया गया है। इन विद्यार्थियों के लिए केद्रों पर अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।- बलवंत वर्मा, परीक्षा नियंत्रक, माशिमं

इंदौर में जल संकट का भयावह परिणाम: दूषित पानी से 20 लोगों की मौत, 18 को मुआवजा, 16 ICU में

 इंदौर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से उपजी त्रासदी थमने का नाम नहीं ले रही है। नलों से बह रहा गंदा पानी अब सीधे लोगों की जान ले रहा है, लेकिन इसके बावजूद शासन-प्रशासन हकीकत स्वीकारने को तैयार नहीं है। दूषित पानी के कारण अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। तीन नई मौतों की जानकारी सामने आने के बाद हालात की भयावहता और स्पष्ट हो गई है। इनके सहित 18 मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रु.देने का दावा किया गया है। ऐसे में दो नए नाम रामकली जगदीश और श्रवण नत्यु को भी जोड़ा जाए तो मृतकों की संख्या 20 हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि दूषित पानी से भले ही 6 लोगों की मौत हुई है, लेकिन जहां भी लोगों की मौत की सूचना मिली रही है वहां क्रॉस चेक कर आर्थिक सहायता दी जा रही है। इतनी मौतों के बाद लोग अब डरे-सहमे हैं। इलाके में बड़ी संख्या में बोरिंग का यूज बंद कर दिया है। रहवासी टैंकरों और आरओ के पानी पर निर्भर हैं। इस बीच अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी आई है। अब तक 429 लोग भर्ती हुए थे। जिनमें से मंगलवार शाम तक की स्थिति में 330 डिस्चार्ज हो चुके हैं। यानी अब सिर्फ 99 मरीज ही एडमिट हैं। हालांकि, अस्पतालों में मरीजों की संख्या में कमी जरूर आई है, लेकिन आईसीयू में मरीजों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। अब आईसीयू में 16 मरीज हैं। इनमें से 3 वेंटिलेटर पर हैं। इससे पहले सोमवार को 15 और रविवार को 7 मरीज आईसीयू में भर्ती थे। इधर, आज बुधवार को महिला कांग्रेस पूरे प्रदेश में एक साथ प्रदर्शन करेगी। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने बताया कि पूरे प्रदेश में एक साथ कैंडल मार्च निकालेंगे। अब मुआवजा सूची में दो नए नाम जुड़े इधर, प्रशासन की परिजन को मुआवजा देने के लिए बनाई सूची में दो नए नाम हैं, जो पहले सामने नहीं आए थे। इनमें रामकली जगदीश व श्रवण नत्यु शामिल हैं। इनके सहित मुआवजा सूची में 15 नाम हो गए हैं। महाराष्ट्र में हुआ बुजुर्ग का अंतिम संस्कार दूषित पानी की इस त्रासदी में श्रावण नथ्थु खुपराव की मौत भी जुड़ चुकी है। 29 दिसंबर को इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। बेटे श्रीकृष्ण ने बताया कि 25 दिसंबर को उन्हें अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 26 दिसंबर को कुछ सुधार हुआ, लेकिन इसके बाद अचानक तबीयत फिर बिगड़ी और उनकी जान चली गई। श्रावण खुपराव का अंतिम संस्कार महाराष्ट्र के बुलढ़ाना जिले के सेलापुर गांव में किया गया, जो उनका पैतृक गांव है। उनका पोता नगर निगम की पानी की टंकी पर कार्यरत है और बेटा सुरक्षाकर्मी के रूप में काम करता है, इसी कारण पूरा परिवार इंदौर में रह रहा था। सवाल यह है कि जिस परिवार का सदस्य खुद पानी की व्यवस्था से जुड़ा है, वही परिवार दूषित पानी का शिकार बन गया। 47 वर्षीय रामकली की भी गई जान इसी तरह रामकली पत्नी जगदीश (47 वर्ष) की मौत ने भी प्रशासन के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उनके बेटे ने बताया कि 28 दिसंबर को अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। परिजन उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि रामकली को इससे पहले किसी भी तरह की गंभीर बीमारी नहीं थी। अचानक हुई तबीयत खराबी और मौत ने दूषित पानी की भूमिका को और मजबूत कर दिया है। भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में हालात ऐसे हैं कि हर घर में बीमार लोग मिल रहे हैं। अस्पतालों में बेड भर चुके हैं, स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की भीड़ लगी है, लेकिन प्रशासन अब भी मौतों को “स्वाभाविक” या “अन्य कारणों” से जोड़कर अपनी जिम्मेदारी से बचने में लगा है। भागीरथपुरा में बहता दूषित पानी अब सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता का सबसे बड़ा सबूत बन चुका है। कलेक्टर और निगम कमिश्नर रोज कर रहे निरीक्षण कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बुधवार को भी भागीरथपुरा क्षेत्र की बस्तियों और कॉलोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान सीवरेज और नर्मदा पाइपलाइन के लीकेज सुधार के कामों का जायजा लिया और दिशा निर्देश दिए। स्थानीय रह वासियों से भी वाटर सप्लाई को लेकर जानकारी ली गई। निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बताया कि क्षेत्र में घर-घर और गली-गली जाकर रहवासियों को जानकारी दी जा रही है कि आज 12.30 बजे नर्मदा पानी की सप्लाई टेस्टिंग के लिए की जाएगी। अनाउंसमेंट किया जा रहा है कि पानी के सप्लाई दौरान घर की नर्मदा लाइन की टोटी को बंद ही रखें, पानी का इस्तेमाल ना करें। इलाके में पर्याप्त मात्रा में टैंकर से पानी सप्लाई किया जा रहा है। टैंकर का पानी उबालकर और छानकर ही पीएं। भागीरथपुरा पानी की टंकी से क्लोरीनेशन वाटर सप्लाई की टेस्टिंग आज फिर की जाएगी। दो दिन में 5013 घरों तक पहुंचीं हेल्थ टीमें सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी के मुताबिक 61 टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों में नर्सिंग ऑफिसर, सीएचओ, आशा और एएनएम शामिल हैं। जिन्होंने घरों में रियल टाइम सर्वे किया है। दो दिनों में ये टीमें 5013 घरों तक पहुंची हैं। 24786 लोगों से संपर्क कर उन्हें उचित परामर्श दिया है। वहीं, प्रत्येक घर में दवाइयां और एक क्लिनवेट ड्रॉप भी बांटे हैं। जानिए क्या है कोबो टूल दरअसल, कोबो टूल एक ऑनलाइन मोबाइल एप है। इससे भागीरथपुरा के हर घर का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया। किस घर में बीमारी की गंभीरता ज्यादा थी, कितने सदस्य बीमार थे, पानी को साफ रखने को लेकर उनकी जानकारी सहित कई प्रश्न किए गए। भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी के बाद इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) के सर्वे में 17 गलियां संक्रमित मिली हैं। 61 टीमों 5013 घरों का सर्वे किया और करीब 25 हजार लोगों तक पहुंचे। इसमें से 40 से 50% क्षेत्र प्रभावित मिला है। भागीरथपुरा टंकी के पास सामने वाली गली में मरीज नहीं मिले। इन्हीं डेटा के आधार पर हीट-गैप बनाया है। 460 घर प्रभावित … Read more

एमपी में 23,700 करोड़ की लागत से बनेगा एक्सप्रेस-वे, यूपी-राजस्थान की दूरी होगी कम, गांवों से ली जाएगी जमीन

  भिण्ड भिण्ड चंबल संभाग के तीनों जिलो के लिए क्रांतिकारी माने जा रहे अटल प्रोग्रेस-वे (Atal Progress Way) के निर्माण पर 26 माह से बंद प्रक्रिया फिर से शुरू होगी। राज्य सरकार ने फिर से कवायद तेज करने के निर्देश जारी किए तो जिले के की उम्मीदें जाग उठीं। तीन राज्यों और पांच जिलों को सीधे प्रभावित करने वाले अटल प्रोग्रेस-वे की एनएचएआई स्तर पर निरंतर प्रक्रिया चल रही है। यही वजह है कि 11500 करोड़ रुपए का यह प्रस्ताव अब 23 हजार 700 करोड़ तक पहुंच गया है। इस मार्ग के बन जाने से कोटा के लिए सडक मार्ग से 10-11 घंटे की यात्रा छह से सात घंटे रह जाएगी। 3 राज्यों के 5 जिलों से होकर गुजरेगी रोड उत्तरप्रदेश में इटावा जिले के ननावा से शुरू होने वाला अटल प्रोग्रेस-वे मप्र में भिण्ड, मुरैना और श्योपुर होकर राजस्थान के कोटा जिले में सीमाल्या पर जुड़ेगा। सर्वाधिक करीब 168 किलोमीटर मुरैना जिले में और सबसे कम करीब 22 किलोमीटर का हिस्सा राजस्थान के खाते में आएगा। किसानो के विरोध के बाद रोका गया था काम अटल प्रोग्रेस-वे को लेकर किसानों के तीखे विरोध के चलते अक्टूबर 2023 में तब के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने यह प्रक्रिया स्थगित कर दी थी। वर्ष 2017 से चंबल एक्सप्रेस के नाम से यह कवायद चल रही थी। वर्ष 2021 में भारत माला परियोजना में इसे शामिल करके नाम बदलकर अटल प्रगति पथ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने दो दिन पहले भोपाल में हुई बैठक के बाद इसे फिर से शुरू करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। चार हजार हेक्टेयर भूमि चाहिए कुल खेतों से होकर निर्माण के प्रस्ताव में मध्यप्रदेश में 188.1, उत्तरप्रदेश में 180.76 एवं राजस्थान में 492.51 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। इसमें राजस्थान में 70.78, मप्र में 1604 एवं उत्तरप्रदेश में 36.35 हेक्टेयर शासकीय भूमि, राजस्थान में 380.93, मप्र 1180 एवं उत्तरप्रदेश में 134.7 हेक्टेयर निजी, जल संरचनाओं से लगी राजस्थान में 40.8 हेक्टेयर राजस्थान में, 404 हेक्टेयर एमपी में और 9.71 हेक्टेयर भूमि यूपी में अधिग्रहित की जानी है। लेकिन निजी भूमि के अधिग्रहण का भिण्ड में और निजी व वन भूमि का विरोध मुरैना में हो रहा है। 454 हेक्टेयर भूमि का होना है अधिग्रहण खेतों से होकर निर्माण पर वन विभाग की 454.51 हेक्टेयर भूमि अधिगृहित की जानी है। राजस्थान में कोटा जिले के सीमाल्या गांव के पास मुंबई-बड़ोदरा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 27 से शुरू होकर मध्यप्रदेश के तीन जिलों को कवर करते हुए उत्तरप्रदेश के इटावा जिले में निनावा तक प्रस्तावित इस मार्ग के निर्माण भिण्ड और इटावा जिले के लोगों को कोटा जाने के लिए सीधा शॉर्टकट और सुगम आवागमन उपलब्ध हो सकेगा। इसके आसपास लॉजिस्टिक हथ, औद्योगिक क्षेत्र और चंबल पर्यटन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। किस जिले में कितनी प्रस्तावित लंबाई अटल प्रौग्रेस वे में जिले की 29 ग्राम पंचायतों, दो जनपदों के 41 गांव प्रभावित हो रहे हैं। इनमें अटेर में कछपुरा, उदोतगढ़, कनेरा, अहरौली काली, शुक्लपुरा, खडेरी, चौम्हों, तरसोखर, निवारी, बलारपुरा, जम्होरा, प्रतापपुराः बड़पुरा, रिदौली, गोहदूपुरा, जौरी-कोतवाल, सुरपुरा, दुल्हागन, मटघाना, भिण्ड में गोपालपुरा, भववासी, भदाकुर, नाहरा एवं सराय गांव शामिल हैं। (MP News) शासन को इस मामले में जल्द कोई निर्णय लेना चाहिए, किसान असमंजस में हैं। किसान अपनी कृषि भूमि का भी सही उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।- लक्ष्मण सिंह नरवरिया, किसान, अटेर शासन स्तर पर बैठक होने की सूचना तो मिली है. हमारे पास कोई अधिकृत जानकारी अभी नहीं आई है। अपडेट कोई होगा तो जानकारी दी जाएगी। – उमाकांत मीणा, ईई, एनएचएबाई, ग्वालियर।