– वीबी-जी रामजी योजना वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार कर गांवों को बनाएगी समृद्ध – वीबी-जी रामजी योजना में 125 दिन के रोजगार की गारंटी, मनरेगा में मिलता था सिर्फ 100 दिन का काम – ग्रामीण क्षेत्र के समुचित विकास में मील का पत्थर साबित होगी वीबी-जी रामजी योजना – प्रधानमंत्री जी ने 35 हजार करोड़ से 95 हजार करोड़ कर योजना का बजट करीब तीन गुना बढ़ाया – कृषि वर्ष 2026 में कृषि को उद्योग और रोजगार से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाएगी सरकार – कृषि वर्ष में वीबी-जी रामजी योजना से कृषि आधारित उद्योगों को मिलेगा नया विस्तार – 15 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना से खेती बनेगी रोजगार और उद्योग का सशक्त माध्यम – ‘विकसित भारत‘ संकल्प को धरातल पर उतारने वाला मिशन बनेगी वीबी-जी रामजी योजना – वीबी-जी रामजी योजना से गांवों में अधोसंरचना का होगा विकास, आएगी विकास की क्रांति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में वीबी-जी रामजी योजना को लेकर पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच का प्रतिफल है वीबी-जी रामजी जी योजना। प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी सोच से आज दुनिया भारत की ओर देख रही हैं। वीबी-जी रामजी योजना वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार कर गांवों को समृद्ध बनाएगी। इस योजना में 125 दिन के रोजगार की गारंटी है, जबकि मनरेगा में सिर्फ 100 दिन काम मिलता था। यह योजना ग्रामीण क्षेत्र के समुचित विकास में मील का पत्थर साबित होगी। कांग्रेस के शासनकाल में इस योजना में 35 हजार करोड़ मिलते थे, जिसे बढ़ाकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 74 हजार करोड़ किया और अब सुधारों के साथ लागू की जा रही इस योजना का बजट बढ़ाकर 95 हजार करोड़ कर दिया है। बजट में यह बढ़ोत्तरी कांग्रेस के शासनकाल के समय से लगभग तीन गुना अधिक है। प्रधानमंत्री जी महात्मा गांधी जी के ग्राम स्वराज, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को जमीन पर उतार रहे हैं। कृषि वर्ष 2026 में कृषि को उद्योग और रोजगार से जोड़कर सरकार किसानों की आय बढ़ाने का कार्य करेगी। कृषि वर्ष में वीबी-जी रामजी योजना से कृषि आधारित उद्योगों को नया विस्तार मिलेगा। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार 15 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना बनाकर कृषि को रोजगार और उद्योग का सशक्त माध्यम बनाएगी। यह सुधार प्रक्रिया का एक हिस्सा है, कांग्रेस को इस योजना का विरोध की बजाय तथ्यात्मक बात करनी चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि वीबी-जी रामजी अधिनियम से गांवों में अधोसंरचना का विकास होगा और विकास की नई क्रांति आएगी। वीबी-जी रामजी योजना में गरीबों, मजदूरों को अब 100 दिन के बजाय बजाय 125 दिन मजदूरी मिलेगी। कांग्रेस योजना को लेकर भ्रम फैलाकर ग्रामीणों को गुमराह कर रही है। इस योजना में पंचायतों को भी कार्य करने का अधिकार दिया गया है। यह केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “विकसित भारत” संकल्प को धरातल पर उतारने वाला राष्ट्रीय स्तर का मिशन है। अधोसंरचना के स्थाई निर्माण के साथ आजीविका का दायरा भी बढ़ाया गया है- डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार मानता हूं कि उन्होंने महात्मा गांधी नरेगा योजना को आवश्यकता के अनुरूप सुधार करके देश भर में लागू किया है। इस योजना को लेकर छह माह में राज्य सरकारों को अधिसूचित करने की प्रक्रिया पूरी करनी है। अब मजदूरों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी निश्चित रूप से रोजगार को बढ़ावा देने वाला है। कौशल और उद्यमिता के साथ इस योजना को जोड़कर रोजगार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। सुधारों के साथ लागू की जा रही नई योजना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब वर्ष में कभी भी मजदूरी प्राप्त कर सकते हैं। केंद्र सरकार 60 और राज्य सरकार 40 प्रतिशत की राशि वहन करेगी। कई मामलों में पहले केंद्र सरकार ही निर्णय लेता था, लेकिन अब राज्य सरकारें भी गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों के समुचित विकास को ध्यान में रखकर कार्यों को शामिल कर सकते हैं। नरेगा में विद्यालय भवन, पुस्तकालय, कोल्ड स्टोरेज, ग्रामीण पार्किंग, सौर ऊर्जा, नवकरणीय ऊजा, जैविक खाद इकाई, बाढ़ आश्रय स्थल, आपदा में क्षतिग्रस्त संरचनाओं की मरम्मत, जल जीवन मिशन के कार्यों में सुधार एवं रखरखाव जैसे कार्य शामिल नहीं थे। नई योजना में यह सभी कार्य शामिल किए गए हैं। जैविक खाद निर्माण इकाइयां, पशुपालन, मुर्गी-पालन शेड, मत्स्य पालन संबंधी निर्माण कार्यां, नर्सरी निर्माण, भवन-निर्माण सामग्री उत्पादन इकाई निर्माण का प्रावधान भी ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आजीविका को बढ़ाने के लिए किया गया है। योजना में पारदर्शिता को और बढ़ाने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना में और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए होने वाले कार्यों की जियो-टैगिंग, डिजिटल रिकॉर्डिंग एवं सूचना प्रबंधन प्रणाली तथा नियोजित सभी श्रमिकों को त्वरित एवं उचित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल तथा बायोमेट्रिक भुगतान प्रणाली का प्रावधान किया गया है। पारदर्शिता के लिए ग्राम-सभा द्वारा सोशल ऑडिट भी कराने का प्रावधान है। नई योजना में पंचायतीराज संस्थाओं जैसे ग्राम सभा, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, जिला पंचायत तथा राज्य परिषद को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। श्रीमिकों का पंजीकरण करने, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने तथा कार्यों की प्राथमिकता के आधार पर कम से कम 50 प्रतिशत कार्यों के निष्पादन की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। भौगोलिक स्थिति, नगरीकरकण की दिशा में प्रगति जैसी बातों को योजना निर्माण के दौरान ध्यान में रखा जाएगा। नई योजना से जनकल्याणकारी कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार को कानूनी अधिकार बनाया गया है, काम नहीं तो बेरोजगारी भत्ता मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना में प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को न्यूनतम 125 दिन रोजगार या आजीविका का अवसर वैधानिक अधिकार है। महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजातियों, खानाबदोस, महिला मुखिया परिवार, दिव्यांग मुखिया परिवार, छोटे व सीमांत किसानों के लिए भी रोजगार का प्रावधान किया गया है। अकुशल शारीरिक कार्यों की मजदूरी दरें केंद्र सरकार … Read more