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औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग से एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा बड़ियाखेड़ी

तेजी से विकसित हो रहा है भोपाल के नजदीक बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग से एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा बड़ियाखेड़ी भोपाल  राजधानी भोपाल से सटे सीहोर जिले का बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज प्रदेश के तेजी से विकसित होते औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। कभी शांत ग्रामीण क्षेत्र रहा बड़ियाखेड़ी अब रोजगार, निवेश और उद्यमिता का नया प्रतीक बन चुका है। प्रदेश सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं और ’’जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग’’ ने इस क्षेत्र के विकास को नई गति दी है। उद्योग संचालकों का कहना है कि भूमि आवंटन, अनुमति प्रक्रिया और प्रशासनिक मार्गदर्शन समयबद्ध व पारदर्शी रहा जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। आज बड़ियाखेड़ी में छोटे और मध्यम उद्योगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, इंजीनियरिंग, वेयरहाउसिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े उद्योग यहां स्थापित हो रहे हैं। इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को रोजगार के रूप में मिला है। आसपास के गांवों के अनेक युवा अब अपने ही जिले में काम पा रहे हैं जिससे पलायन में कमी आई है। खास बात यह है कि बड़ियाखेड़ी युवा उद्यमियों के लिए अवसरों का केंद्र बनकर उभरा है। कई युवा न केवल स्वयं रोजगार पा रहे हैं, बल्कि छोटे-छोटे उद्योग लगाकर दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। प्रशिक्षण, बैंकिंग सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर नई पीढ़ी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। बड़ियाखेड़ी औद्यागिक क्षेत्र लगभग 200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है जिसमें 141 उद्योगों के लिए प्लाट आवंटित किये जा चुके हैं। इनमें से 32 उद्योग स्थापित हो चुके हैं और निरंतर संचालित हैं। सीहोर के पास ही मंडी औद्योगिक क्षेत्र में 11, पचामा औद्योगिक क्षेत्र में 20, आद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। इसके अलावा 10 से अधिक उद्योग निजी भूमि में स्थापित हैं। आईटीसी इंडस्ट्री के अमित शर्मा, जगदम्बा पाइप इंडस्ट्री के अंकित शर्मा तथा हम्बल काउ के संचालक राम अवतार राय ने कहा कि उद्योग संचालकों का मानना है कि आने वाले समय में बड़ियाखेड़ी में विकास की अपार संभावनाएं हैं। राजधानी के नजदीक होना, बढ़ता औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग इसे एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा है। बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज इस बात का उदाहरण है कि सरकार, प्रशासन और उद्यमियों के साझा प्रयास से किस तरह क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती हासिल की जा सकती है।  

73 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण परियोजना, 10 मीटर चौड़ी सड़क से UP तक यात्रा आसान होगी

अशोकनगर   अशोकनगर में 201 करोड़ रुपए की लागत से ईसागढ़ व चंदेरी की राह आसान होगी, साथ ही उप्र को जोड़ने बाले रास्ते तक मजबूत व चौड़ी सड़क की सुविधा मिलेगी। इससे जिले के दो विकासखंडों के बीच यातायात सुगम हो जाएगा। इससे लोगों को ऊबड़-खाबड़ व ऊंचे नीचे रास्ते की समस्या से निजात मिलेगी। मामला पारसौल राजघाट रोड का है। पारसौल से ईसागढ़, जंधार, डाकोनी व चंदेरी होते हुए राजघाट तक 201 करोड़ रुपए की लागत से 73 किमी लंबी सड़क का निर्माण (road construction) हो रहा है। राजघाट से यह सड़क उप्र के रास्ते से जुड़ जाएगी। जर्जर हो चुकी यह सड़क पहले साढ़े पांच मीटर चौड़ी थी, लेकिन इसका चौड़ीकरण कर 10 मीटर चौड़ाई में निर्माण होना है। इसके लिए निर्माण शुरू हो गया है, कई जगहों पर खुदाई का काम चल रहा है और जुलाई 2027 में निर्माण पूर्ण होना है। घाटियों को काटकर समतल होगा मार्ग, फिर निर्माण मध्य प्रदेश राज्य सड़‌क विकास प्राधिकरण (MPRDC)इस सड़क का निर्माण कर रहा है। विभाग के अधिकारियों के मुताविक अभी सड़क धाटियों की वजह से कई जगहों पर ऊंची तो कहीं वलान है, लेकिन इसके निर्माण के लिए धाटियों की खुदाई करके समत्तल रास्ता किया जाएगा और इसके बाद सड़क निर्माण होगा। ताकि आवाजाही में ढलान व घाटी की समस्या वाहन चालकों को न रहे। आबादी बस्तियों में सीसी सड़क बनेगी और शेष हिस्से में डामरीकरण की सड़क होगी। 2027 तक पूरा होगा कार्य- MPRDC पारसौल से ईसागढ़-चंदेरी होते हुए राजघाट तक सड़क निर्माण चल रहा है जिसकी घाटियों व ढलानों को समतल कर सड़क बनाई जाना है। निर्माण कार्य चल रहा है और जुलाई 2027 तक निर्माण पूर्ण हो जाएगा। वहीं साढ़े पांच मीटर चौड़ी व 30 किमी लंबी अशोकनगर-थूबोन मार्ग का 7.16 करोड़ रुपए लागत से नवीनीकरण किया गया है। – दीपक नामदेव, इंजीनियर, एमपीआरडीसी

MP Startup Summit 2026: स्टार्टअप यात्रा के 10 साल पूरे, इकोसिस्टम अवार्ड्स दिए जाएंगे

12 जनवरी को मध्यप्रदेश की स्टार्टअप यात्रा के 10 वर्ष होंगे पूरे मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट और इकोसिस्टम अवार्ड्स 2026 दिए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे मुख्य अतिथि भोपाल मध्यप्रदेश अपनी स्टार्टअप यात्रा के 10 वर्ष पूर्ण होने पर 12 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में स्टार्टअप में नवाचार एवं उत्कृष्टता का उत्सव मनाएगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट होगी जिसमें इकोसिस्टम अवार्ड्स 2026 के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में भी अन्य पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। एमएसएमई के आयुक्त दिलीप कुमार ने युवा दिवस पर होने वाले इस आयोजन की तैयारियों की अधिकारियों के साथ बैठक में समीक्षा की। मध्य प्रदेश स्टार्टअप सेंटर, मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम एवं एमएसएमई विभाग के अंतर्गत 12 जनवरी 2026 को भोपाल के रवीन्द्र भवन में मध्य प्रदेश स्टार्टअप समिट एवं इकोसिस्टम अवार्ड्स 2026 का आयोजन होगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स एवं इकोसिस्टम एनेबलर्स विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित होंगे। सर्वश्रेष्ठ महिला उद्यमी, सर्वश्रेष्ठ युवा उद्यमी, सर्वाधिक नवोन्मेषी स्टार्टअप, सर्वश्रेष्ठ प्रारंभिक-चरण स्टार्टअप, सर्वश्रेष्ठ विकास-चरण स्टार्टअप, प्राथमिक क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप तथा इकोसिस्टम श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप एनेबलर (इनक्यूबेटर/एक्सेलेरेटर), सर्वश्रेष्ठ एंजेल निवेशक/वेंचर कैपिटलिस्ट, सर्वश्रेष्ठ कॉर्पोरेट सहयोग जो एमपी स्टार्टअप नीति एवं कार्यान्वयन योजना 2025 के अनुरूप होंगी उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा। यह स्टार्टअप समिट राज्य के स्टार्टअप्स को एक मंच पर देशभर के निवेशकों से जोड़ने का भी अवसर होगा, जहाँ स्टार्टअप्स को अपने विचार प्रस्तुत करने (पिच करने) और निवेश जुटाने का मंच मिलेगा। साथ ही विभिन्न दूतावासों से प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अवसर प्रदान किए जाएंगे। कृषि क्षेत्र एवं एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) भी ज्ञानवर्धक सत्रों एवं व्यावसायिक सुझावों से लाभान्वित होंगे। समिट में स्टार्टअप प्रदर्शनी के माध्यम से स्टार्टअप्स को अपने नवोन्मेषी उत्पादों एवं सेवाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा जो युवा प्रतिभाओं को रोजगार प्रदाता बनने के लिए प्रेरित करेगा। यह समिट स्टार्टअप्स के लिए एक ऐसा एकीकृत मंच सिद्ध होगा जहाँ वे न केवल अपने नवाचार का प्रदर्शन कर सकेंगे बल्कि सरकार, निवेशकों, मेंटर्स, इनक्यूबेटर्स एवं समस्त इकोसिस्टम साझेदारों से भी जुड़ सकेंगे। संबंधित अधिकारियों को आयोजन के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए है।  

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को मिल रहीं औद्योगिक विकास की बड़ी सौगातें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर ग्वालियर में होगा विशेष आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को मिल रहीं औद्योगिक विकास की बड़ी सौगातें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह प्रदेश के 2 लाख करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  शाह का प्रदेश आगमन पर किया अभिनंदन ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेई की 101वीं जयंती के अवसर पर ग्वालियर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। राज्य सरकार ने अटलजी की जयंती को सार्थक करते हुए कल 25 दिसंबर को गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के दृष्टिगत अनेक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस अवसर पर प्रदेश में उद्योग एवं व्यापार गतिविधियों के विकास और विस्तार के लिए राज्य में लगभग 2 लाख करोड़ से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि पूजन किए जाएंगे। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई बड़ी सौगातें दी हैं। प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ग्वालियर के आयोजन में पधार रहे हैं। यह आयोजन प्रदेश सरकार के संकल्प को आगे बढ़ने वाला सिद्ध होगा। केन्द्रीय गृहमंत्री शाह विभिन्न योजनों के हितग्राहियों, बेरोजगार युवाओं और निवेशकों को अनेक सौगातें भी प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने और भारत को विश्व की तीसरी सबसे सशक्त अर्थव्यवस्था बनाने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का हृदय से आभार मानते हुए मध्यप्रदेश आगमन पर केंद्रीय गृहमंत्री  शाह का अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से  मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। उद्योग एवं रोजगार वर्ष में आया बंपर निवेश, बढ़े रोजगार के अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में घोषित किया है। इसके अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों एवं देश-विदेश में बिजनेस समिट आयोजित कर उद्योपतियों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रेरित और आमंत्रित किया गया। हमारी सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप युवाओं के लिए रोजगार के अनेकों अवसर सृजित हुए हैं। प्रदेश सरकार सभी प्रकार के उद्योग एवं व्यापार को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उद्योग एवं रोजगार वर्ष में राज्य में लगभग 8.5 लाख करोड़ के औद्योगिक विकास कार्यों को धरातल पर लाने का कार्य प्रारंभ हुआ है। यह प्रसन्नता का विषय है कि अब तक 6.5 लाख करोड़ लागत के औद्योगिक विकास कार्य पूर्ण हो रहे हैं, इनमें शामिल कई इकाईयों ने उत्पादन भी प्रारंभ कर दिया है।  

ओंकारेश्वर-महेश्वर-धामनोद फोरलेन सड़क परियोजना, महेश्वर में पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

महेश्वर मालवा निमाड़ का टूरिस्ट सर्किट अब रोड कनेक्टिविटी के हिसाब से सरकार मजबूत कर रही है। इंदौर-उज्जैन और इंदौर खंडवा मार्ग को छहलेन और फोरलेन करने के बाद सरकार ने बड़वाह धामनोद मार्ग को भी फोरलेन करने का फैसला लिया है। इस पर ढाई हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। 62 किलोमीटर लंबी इस सड़क में महेश्वर पर्यटन स्थल भी आता है। इस सड़क के बनने से ओंकारेश्वर जाने वाले पर्यटक महेश्वर भी जाना ज्यादा पसंद करेंगे, क्योंकि फोरलेन बनने के बाद ओंकारेश्वर से महेश्वर जाने में एक घंटे से भी कम समय लगेगा। फोरलेन सड़क के लिए किसानों की जमीनें भी ली जाएंगी, क्योंकि बड़वाह से धामनोद तक 100 से ज्यादा गांव हैं। इसमें नांद्रा, कतरगांव, धरगांव, छोटी खरगोन, जलूद मंडलेश्वर सहित दस से ज्यादा गांवों के मुख्य इलाके दो लेन सड़क के आसपास ही बसे हैं। नर्मदा घाटी वाला हिस्सा होने के कारण इस मार्ग पर गांवों में ज्यादा बायपास भी नहीं बन सकते हैं। इस कारण भू-अर्जन के लिए भी पैसा स्वीकृत किया गया है। इस मार्ग में दस बायपास बनेंगे। इसके अलावा पांच बड़े ब्रिज, 23 छोटे ब्रिज, 7 बड़े जंक्शन और 56 छोटे जंक्शन बनाए जाएंगे। बड़वाह से महेश्वर तक दस से ज्यादा किलोमीटर में सड़क सिंगल लेन भी है। यहां वाहनों की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रहती है। सड़क बनने के बाद वाहन 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जा सकेंगे।   यह होगा सड़क बनने से फायदा इस सड़क के बनने से महेश्वर, ओंकारेश्वर और मांडू के बीच कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। बड़वाह से महेश्वर की दूरी 40 किलोमीटर और महेश्वर से मांडू की दूरी 60 किलोमीटर है।सड़क के आसपास बसे गांवों का विकास होगा। तेजी से बसाहट बढ़ेगी। सड़क बनने से जमीनों के भाव बढ़ेंग।इंदौर से ओंकारेश्वर जाने वाले पर्यटक महेश्वर होते हुए एक दिन में इंदौर आ सकेंगे। फिलहाल दोनों स्थलों पर जाने में काफी वक्त लगता है।

तेजी से विकसित हो रहा है भोपाल के नजदीक बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र

औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग से एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा बड़ियाखेड़ी भोपाल  राजधानी भोपाल से सटे सीहोर जिले का बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज प्रदेश के तेजी से विकसित होते औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। कभी शांत ग्रामीण क्षेत्र रहा बड़ियाखेड़ी अब रोजगार, निवेश और उद्यमिता का नया प्रतीक बन चुका है। प्रदेश सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं और ’’जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग’’ ने इस क्षेत्र के विकास को नई गति दी है। उद्योग संचालकों का कहना है कि भूमि आवंटन, अनुमति प्रक्रिया और प्रशासनिक मार्गदर्शन समयबद्ध व पारदर्शी रहा जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। आज बड़ियाखेड़ी में छोटे और मध्यम उद्योगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, इंजीनियरिंग, वेयरहाउसिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े उद्योग यहां स्थापित हो रहे हैं। इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को रोजगार के रूप में मिला है। आसपास के गांवों के अनेक युवा अब अपने ही जिले में काम पा रहे हैं जिससे पलायन में कमी आई है। खास बात यह है कि बड़ियाखेड़ी युवा उद्यमियों के लिए अवसरों का केंद्र बनकर उभरा है। कई युवा न केवल स्वयं रोजगार पा रहे हैं, बल्कि छोटे-छोटे उद्योग लगाकर दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। प्रशिक्षण, बैंकिंग सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर नई पीढ़ी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। बड़ियाखेड़ी औद्यागिक क्षेत्र लगभग 200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है जिसमें 141 उद्योगों के लिए प्लाट आवंटित किये जा चुके हैं। इनमें से 32 उद्योग स्थापित हो चुके हैं और निरंतर संचालित हैं। सीहोर के पास ही मंडी औद्योगिक क्षेत्र में 11, पचामा औद्योगिक क्षेत्र में 20, आद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। इसके अलावा 10 से अधिक उद्योग निजी भूमि में स्थापित हैं। आईटीसी इंडस्ट्री के श्री अमित शर्मा, जगदम्बा पाइप इंडस्ट्री के श्री अंकित शर्मा तथा हम्बल काउ के संचालक श्री राम अवतार राय ने कहा कि उद्योग संचालकों का मानना है कि आने वाले समय में बड़ियाखेड़ी में विकास की अपार संभावनाएं हैं। राजधानी के नजदीक होना, बढ़ता औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग इसे एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा है। बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज इस बात का उदाहरण है कि सरकार, प्रशासन और उद्यमियों के साझा प्रयास से किस तरह क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती हासिल की जा सकती है।

अटल बिहारी वाजपेयी का सुशासन मॉडल देश के लिए मार्गदर्शक : मंत्री सारंग

अटल स्मृति पर्व पर नरेला में विधानसभा सम्मेलन भोपाल  भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर बुधवार को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग नरेला विधानसभा अंतर्गत हरि मैरिज गार्डन में आयोजित विधानसभा सम्मेलन में सम्मिलित हुए। मंत्री श्री सारंग ने अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान, उनके दूरदर्शी सुशासन मॉडल, कवि हृदय तथा अजातशत्रु के रूप में उनकी विशिष्ट पहचान पर विषय पर विचार व्यक्त किए। सुशासन का दूरदर्शी मॉडल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्व. श्री वाजपेयी का सुशासन मॉडल न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की अवधारणा पर आधारित था। सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देकर शासन को आधुनिक बनाने, सूचना का अधिकार और ई-गवर्नेंस के माध्यम से पारदर्शिता लाने, सड़कों और दूरसंचार के विस्तार से अंतिम व्यक्ति तक शासन की पहुँच सुनिश्चित करने तथा पंचायतों और स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा। अंत्योदय जैसी योजनाओं से गरीब और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया। आधारभूत संरचना को नई गति मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्वर्ण चतुर्भुज योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और दिल्ली मेट्रो जैसी परियोजनाओं ने देश की आधारभूत संरचना को नई गति दी। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सर्व शिक्षा अभियान, अंत्योदय अन्न योजना तथा शहरी क्षेत्रों के लिए अमृत योजना ने समावेशी विकास को मजबूती प्रदान की। उन्होंने कहा कि नई दूरसंचार नीति से देश में मोबाइल क्रांति की नींव पड़ी, जबकि एफआरबीएम अधिनियम और विनिवेश की पारदर्शी नीति ने अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया। कृषि क्षेत्र में किसान क्रेडिट कार्ड और ग्रामीण विकास की पहलों से किसानों को सशक्त बनाया गया। अजातशत्रु राजनेता अटल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्व. श्री अटल ने रक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में पोखरण-2 परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के दौरान दृढ़ राजनीतिक नेतृत्व ने भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी एक संवेदनशील कवि हृदय और अजातशत्रु राजनेता थे, जिनका सम्मान पक्ष और विपक्ष दोनों करते थे। सर्व शिक्षा अभियान, अंत्योदय अन्न योजना और शहरी क्षेत्रों के लिए अमृत योजना जैसी पहलों से शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए तथा समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचा। कार्यक्रम में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, जिला अध्यक्ष श्री रविंद्र यति, वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजन ने अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्रसेवा के संकल्प को और सशक्त किया।  

आष्टा में बवाल के बाद सख्ती: करणी सेना हमले के केस में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी

आष्टा थाना पार्वती क्षेत्र में करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर हुए हमले और वाहनों में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। घटना के बाद पुलिस ने वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई करते हुए बुधवार देर रात दबिश देकर 6 और आरोपितो को गिरफ्तार किया। इस प्रकार अब तक कुल 10 आरोपितो की गिरफ्तारी हो चुकी है। गौरतलब है कि 21 दिसंबर को कुछ असामाजिक तत्वों ने करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर मारपीट की थी और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की थी। घटना के संबंध में थाना पार्वती में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।   घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज एकत्रित किए, जिनकी मदद से आरोपियों की पहचान की गई। मंगलवार को पुलिस ने पहले 4 आरोपितो को गिरफ्तार किया था, वहीं बुधवार रात को 6 अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में अकील अहमद, अलीम उद्दीन, फिरोज उद्दीन, मुजफ्फर उद्दीन, नायब अहमद, मुस्ताक उद्दीन, साहूद आलम, इस्माइल शाह, शहीद खा और सलमान खा शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। फरार आरोपियतो की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। एसडीओपी आकाश अमलकर का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अंदर का आदमी ही निकला ठग: इंदौर में अकाउंटेंट ने UPI से निकाले 11.5 लाख, मामला दर्ज

इंदौर मल्हारगंज पुलिस ने उद्योगपति विकास धूत के 76 वर्षीय पिता मुरलीधर धूत की शिकायत पर अकाउंटेंट और उसके साथी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपित अकाउंटेंट ने यूपीआई पासवर्ड बदल कर खाते से 11 लाख 54 हजार रुपये निकाल लिए थे। पुलिस के मुताबिक विकास धूत की अवंतिका जिनिंग फैक्ट्री (जवाहर मार्ग) है। आरोपित हिमांशू जोशी (द्वारकापुरी) अकाउंटेंट की नौकरी करता था। मुरलीधर धूत नहीं करते थे ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल मुरलीधर धूत वृद्धावस्था के कारण ई-बैंकिंग का उपयोग नहीं कर सकते थे और हिमांशु से ही ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवाते थे। आरोप है कि इस दौरान हिमांशु ने यूपीआई आईडी और पासवर्ड बदल दिए और खाते से 11 लाख 54 हजार रुपये कपिल टांक के खाते में ट्रांसफर कर लिए।   बैंक से चेक अनादरित होने पर बैंलेस की जांच की और हिमांशु से पूछताछ की गई। उसने माफी मांगी और शपथपत्र देकर कहा वह रुपये लौटा देगा। महीनों बाद भी रुपये न देने पर साइबर सेल को शिकायत की गई। मंगलवार को मल्हारगंज पुलिस ने हिमांशु और कपिल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

राष्ट्रीय कला उत्सव में कहानी वाचन में मध्यप्रदेश को मिला तीसरा स्थान

मॉडल स्कूल मुरैना के छात्र ने स्थानीय लोक-कला शैली में दी प्रस्तुति भोपाल  केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 11वें राष्ट्रीय कला उत्सव में मध्यप्रदेश की टीम ने कहानी वाचन विधा में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस वर्ष राष्ट्रीय कला उत्सव महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित किया गया। राष्ट्रीय कला उत्सव में देश के सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 1075 विद्यार्थियों ने सहभागिता कर कला के क्षेत्र में आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। कला उत्सव की 12 श्रेणियों में आयोजित प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के विद्यालयों के 29 सदस्यीय दलों ने प्रतिभागिता की। दल के प्रबंधक एवं कला उत्सव समन्वयक डॉ. दिनेश कुमार शर्मा थे। कहानी वाचन विधा में शासकीय मॉडल स्कूल मुरैना की टीम ने महाभारत के कथानक 'द्रोपदी चीरहरण' को मध्यप्रदेश की स्थानीय लोककथा शैली में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। छात्र हरिओम सिंह सिकरवार एवं अनुराग राजावत ने लोक वाद्य यंत्रों के माध्यम से संवाद कला का उत्कृष्ट प्रयोग करते हुए प्रस्तुति को महिला सशक्तिकरण की भावना से जोड़ा। उनकी सशक्त प्रस्तुति को उत्सव में उपस्थित दर्शकों एवं निर्णायकों द्वारा सराहा गया। कला उत्सव में केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के सचिव श्री संजय कुमार और निदेशक एनसीईआरटी प्रो. दिनेश कुमार सकलानी ने प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये। मध्यप्रदेश कला उत्सव की नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त संचालक समग्र शिक्षा श्रीमती मनीषा सेतिया ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के प्रतिभाशाली बच्चों को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा उचित प्लेटफार्म देकर निरंतर प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।