samacharsecretary.com

500 KM दूर से या दूसरों से लगवाई हाजिरी: भोपाल में डॉक्टरों की फर्जी अटेंडेंस पर CMHO ने कड़ा कदम उठाया

 भोपाल भोपाल में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिकों की व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. राजधानी के संजीवनी क्लीनिकों में पदस्थ कुछ डॉक्टरों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर फर्जी तरीके से अटेंडेंस लगाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. सार्थक एप के जरिए चल रहे इस फर्जीवाड़े का खुलासा सीएमएचओ कार्यालय की नियमित समीक्षा के दौरान हुआ, जिसके बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. मामले में 13 डॉक्टरों की वेतन कटौती के आदेश जारी किये गए हैं. सार्थक एप में सेंध, 25 डॉक्टरों को नोटिस सीएमएचओ कार्यालय द्वारा जब सार्थक एप के डेटा की बारीकी से जांच की गई, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. फर्जी अटेंडेंस के इस खेल में कुल 25 डॉक्टरों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इनमें से 13 डॉक्टरों पर कार्रवाई करते हुए 7 दिन से लेकर एक माह तक का वेतन काटा गया है. डॉक्टर ने 500 KM दूर से लगाई हाजिरी जांच में सबसे हैरान करने वाला मामला गौतम नगर स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक से सामने आया जहां पदस्थ डॉ. संजीव सिंह की अटेंडेंस क्लिनिक से लगभग 500 किलोमीटर दूर से लगी थी. सिर्फ यही नहीं, उनकी रोज़ की अटेंडेंस भी क्लिनिक से 11-12 किलोमीटर दूर से लग रही थी जिसका सीधा मतलब है कि कई मौकों पर डॉक्टर क्लिनिक आ ही नहीं रहे थे लेकिन रोस्टर में वो रोज़ ड्यूटी पर आ रहे थे. एक आईडी और कई चेहरे वाला डॉक्टर फर्जीवाड़े का एक और मामला बाग मुगालिया संजीवनी क्लीनिक से सामने आया जहां पदस्थ डॉ. मिनहाज की आईडी से सार्थक एप पर जो तस्वीरें अपलोड की गईं, उनमें अलग-अलग लोगों के चेहरे थे. मतलब डॉक्टर मिनहाज की जगह दूसरे लोग फोटो खिंचवाकर अटेंडेंस लगा रहे थे. सीएमएचओ ने कहा 'लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त' इस पूरे मामले पर आजतक से बात करते हुए भोपाल सीएमएचओ मनीष शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उनके ही इलाके में इलाज देने के लिए शुरू किया गया था लेकिन इस तरह डॉक्टर गायब रहेंगे तो आम जनता का इलाज कौन करेगा? भविष्य में सार्थक एप की निगरानी और सख्त की जाएगी और किसी भी तरह की फर्जीवाड़े पर हम जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएंगे.

सार्वजनिक शौचालय में हुई घिनौनी हरकत: युवती का वीडियो बनाकर ऑनलाइन पोस्ट, FIR दर्ज

सतना  सतना के बीटीआई ग्राउंड में चल रहे विंध्य व्यापार मेले की चकाचौंध के बीच एक शर्मनाक करतूत सामने आई है। मेले के रामगढ़ सेक्शन में बने महिला बाथरूम में एक युवती का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। मैनेजमेंट के हाथ-पांव फूले, देर रात पहुंची पुलिस सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही मेला प्रबंधन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन के लोग देर रात कोलगवां थाने पहुंचे और अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब साइबर सेल की मदद से वीडियो के सोर्स का पता लगा रही है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। हजारों की भीड़, सुरक्षा नदारद विंध्य व्यापार मेला शहर का बड़ा आयोजन है, जहां रोजाना हजारों महिलाएं और युवतियां आती हैं। सार्वजनिक बाथरूम जैसी जगह पर ऐसी घुसपैठ ने लोगों को डरा दिया है। इस घटना के बाद मेले की सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं और उस पर सख्त कार्रवाई होगी।  

कोहरे और सर्दी का कहर: दिल्ली से भोपाल-इंदौर ट्रेनें लेट, पचमढ़ी में तापमान 4 डिग्री से नीचे

भोपाल  मध्यप्रदेश में कोहरे का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 4 डिग्री से नीचे चला गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में सर्दी और तेज होगी। ऐसे में न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए पचमढ़ी जाने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा इलाका शहडोल का कल्याणपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।ट्रेनों पर कोहरे की मार जारी, सफर हो रहा परेशानकोहरे की वजह से दिल्ली से भोपाल, उज्जैन और इंदौर आने-जाने वाली ट्रेनें लगातार लेट चल रही हैं। पिछले एक हफ्ते से कई ट्रेनें 5 से 8 घंटे तक की देरी से पहुंच रही हैं। दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर भी वाहन चलाना जोखिम भरा बना हुआ है। आज सुबह कहां-कहां दिखा कोहरा गुरुवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में कोहरा देखा गया। कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा रहा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, अगले दो दिन कोहरे की तीव्रता घटेगी, लेकिन न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट संभव है। अगले पांच दिन मौसम साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग का अपडेट और आगे की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन कोहरे का असर कम रहेगा, लेकिन ठंड में वृद्धि होने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। इसके अलावा अगले पांच दिन तक मौसम साफ रहेगा और किसी भी हिस्से में बारिश होने की संभावना नहीं है। वहीं 27 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) का असर प्रदेश में देखने को मिल सकता है, जिससे सर्द हवाओं के चलते ठंड और बढ़ सकती है। प्रदेश के सबसे ठंडे शहर पचमढ़ी: 3.8 डिग्री कल्याणपुर (शहडोल): 6.3 डिग्री नौगांव: 7 डिग्री राजगढ़: 7.4 डिग्री मलाजखंड: 7.6 डिग्री रीवा: 8.2 डिग्री उमरिया: 8.3 डिग्री रायसेन, छिंदवाड़ा, मंडला: 9 डिग्री खजुराहो: 9.2 डिग्री टीकमगढ़: 9.8 डिग्री हिमालयी सिस्टम का असर,ठंड और बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, 27 दिसंबर को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश में सर्द हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी और ठंड और तीखी होगी। फिलहाल भी उत्तरी हवाओं के कारण इंदौर, भोपाल, राजगढ़ और शाजापुर में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम भी ठंड को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। यह करीब 12.6 किलोमीटर ऊंचाई पर 240 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ जब यह सिस्टम सक्रिय होता है, तो ठंड का असर दोगुना हो जाता है। सबसे पहले जानते हैं, आज कैसा है मौसम गुरुवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में कोहरा रहा। कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा दर्ज किया गया। अगले 2 दिन तक कोहरे का असर तो कम रहेगा, लेकिन ठंड का असर बढ़ जाएगा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। अगले 5 दिन तक मौसम साफ रहेगा और कहीं भी बारिश होने के आसार नहीं है। कोहरे का सबसे ज्यादा असर ट्रेनों पर कोहरे का सबसे ज्यादा असर ट्रेनों पर पड़ रहा है। एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें 5 से 8 घंटा तक लेट हो रही है। इनमें मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी, सचखंड जैसी ट्रेनें शामिल हैं। कल्याणपुर प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री पर पहुंच गया। सीजन में पहली बार पचमढ़ी में इतना कम तापमान रहा है। कल्याणपुर में यह 6.3 डिग्री रहा। यह प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा। नौगांव में पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 7.4 डिग्री, मलाजखंड में 7.6 डिग्री, रीवा में 8.2 डिग्री, उमरिया में 8.3 डिग्री, रायसेन, छिंदवाड़ा-मंडला में 9 डिग्री, खजुराहो में 9.2 डिग्री और टीकमगढ़ में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार की सुबह कई शहरों में घने कोहरे से राहत मिली, लेकिन इंदौर, खजुराहो, रीवा, सतना, दतिया, गुना, ग्वालियर, रतलाम, उज्जैन, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव में असर ज्यादा देखा गया। वहीं, ट्रेनों के डिले होने की टाइमिंग में भी कमी आई है।  

राज्य सरकार ने किया बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 64 अधिकारियों को किया पोस्टिंग

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। भोपाल नगर निगम (बीएमसी) में 5 दर्जन से अधिक अधिकारियों और इंजीनियरों के कार्यभार में बड़ा बदलाव किया गया है। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने एक ही आदेश में 64 असिस्टेंट और सब इंजीनियरों को हटाकर नई जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। इसे नगर निगम के इतिहास का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है। यह फैसला नगर परिषद की बैठक में पार्षदों की लिखित शिकायतों के बाद लिया गया है। पार्षदों का आरोप था कि पिछले चार महीनों से इंजीनियर न तो वार्ड में काम कर रहे थे और न ही जनसमस्याओं पर ध्यान दे रहे थे। अतिक्रमण हटाने पर फोकस, विशेष टीमों का गठन नए सेटअप में कार्यपालन यंत्रियों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में तैनात किया गया है। उन्हें सिविल कार्यों के साथ-साथ अतिक्रमण हटाने की सीधी जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो तेजी से कार्रवाई करेंगी। जोनल अधिकारियों के भी तबादले फेरबदल के तहत कई जोनल अधिकारियों को भी इधर-उधर किया गया है। विजय शाक्य को जोन-14 का सहायक स्वास्थ्य अधिकारी बनाया गया अंकित गौतम, संदीप मंडलेकर और भावना पटेरिया को अलग-अलग जोन में एसएचओ की जिम्मेदारी सौंपी गई मेट्रोपॉलिटन रीजन से पहले निगम का नया सेटअप भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन के ड्राफ्ट से पहले नगर निगम का यह नया प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया है। मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना सबसे बड़ी चुनौती है। इसी को ध्यान में रखते हुए— बृजेश कौशल – गोविंदपुरा अनिल टटवाड़े – मध्य एवं उत्तर विधानसभा एसके राजेश – दक्षिण-पश्चिम एवं हुजूर अनिल कुमार साहनी – नरेला विधानसभा को सिविल शाखा और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी दी गई है। झील संरक्षण और उद्यान विभाग को भी नई कमान कार्यपालन यंत्री प्रमोद मालवीय को नरेला से हटाकर झील संरक्षण प्रकोष्ठ, उद्यान विभाग और प्रवेश द्वार प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चार महीने से चल रहा था विवाद गौरतलब है कि पूर्व नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण द्वारा इंजीनियरों के विभाग बदले जाने के बाद से लगातार विवाद बना हुआ था। पार्षदों का कहना था कि इंजीनियर न तो उनके वार्ड में पहुंच रहे थे और न ही विकास कार्यों में रुचि ले रहे थे।

अमित शाह प्राकृतिक खेती प्रकल्प का करेंगे शुभारंभ, वर्ष 2026 होगा कृषि वर्ष

रीवा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रीवा में प्राकृतिक खेती पर कृषक सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में अपरान्ह 3 बजे से आयोजित कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती प्रकल्प का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद गौ अभ्यारण्य के समीप आयोजित विशाल कृषक सम्मलेन में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, श्री हेमन्त खंडेलवाल भी शामिल होंगे। अतिथियों द्वारा ई-कार्ट के माध्यम से गौ-शाला का अवलोकन किया जायेगा। कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई कृषि विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। कार्यक्रम में प्रगतिशील व प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों को सम्मानित किया जायेगा। बसामन मामा गौ अभ्यारण्य का निर्माण बेसहारा और बीमार गौवंश को आश्रय देने के लिए किया गया है। इसमें वर्तमान में सात हजार से अधिक गौवंश को आश्रय दिया गया है। इस गौ-शाला से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में निकलने वाले गोबर से जैविक खाद, गो काष्ठ, गोनाइल तथा अन्य उत्पाद बनाए जा रहे हैं। यह कार्य स्वयंसेवी संस्था द्वारा किया जा रहा है। वर्ष 2026 को कृषि वर्ष मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत समन्वित रूप से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कृषकों की आय में वृद्धि की जायेगी, कृषि को प्राकृतिक खेती के माध्यम से जलवायु अनुकूल बनाया जायेगा, किसानों की उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित किया जायेगा, तकनीकी सुधार एवं यंत्रीकरण पर विशेष जोर होगा, डिजीटल एग्री के माध्यम से क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना एवं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में विविधीकरण को बढावा देना, मूल्य संवर्धन के माध्यम से नये रोजगार सृजन किया जायेगा। कृषि परिदृश्य देश में मध्य प्रदेश मक्का एवं सोयाबीन के उत्पादन में प्रथम स्थान तथा गेहॅू, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल खाद्यान्न, कुल मोटा अनाज में द्वितीय स्थान पर है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा गत 2 वर्षों में 48 लाख 51 हजार किसानों से 02 करोड़ 41 लाख 31 हजार मीट्रिक टन अनाज खरीदा गया है। जिसके विरूद्ध 81 हजार सात सौ अड़सठ करोड़ रूपये का भुगतान किसानों के खाते में किया गया है। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना किसान भाईयों की मेहनत को प्रतिफल प्रदाय करने के लिये सोयाबीन की फसल के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। अभी तक लगभग छ: लाख कृषकों के द्वारा तेरह लाख नवासी हजार मेट्रिक टन सोयाबीन का विक्रय मंडियों में किया गया है, जिससे दो चरणों में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दो लाख सरसठ हजार किसानों के खाते में चार सौ बियासी करोड़ रूपये अंतरित किये गये है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को सहायता के लिये गत 2 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा सत्तर लाख कृषक आवेदनों पर बारह सौ सेंतीस करोड़ चौवन हजार राशि रूपये का दावा भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री  किसान सम्मान निधि योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसान सम्मान निधि के रूप में किसानों को छ: हजार रूपये दिये जा रहे थे, मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भी किसानों को छ: हजार रूपये की राशि दी जा रही है, इस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत माह अप्रैल, 2025 से अभी तक एक करोड़ अडसठ लाख किसानों को छ: हजार सात सौ छप्पन करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। ‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’’     रानी दुर्गावती श्री अन्नध प्रोत्सारहन योजना अंतर्गत प्रदेश में प्रथम बार 16 जिलों – जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, बालाघाट, सिवनी, सीधी एवं सिंगरौली में उपार्जन किया जा रहा है।     राज्य सरकार द्वारा राशि रुपए एक हजार प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदाय की जाएगी।     परंपरागत कृषि विकास योजना प्रमाणित जैविक खेती को प्रोत्सावहित एवं बढावा देने के लिए संचालित है।     वर्ष 2025-26 में तेतालीस हजार तीन सौ पचास हैक्टेयर में 09 सर्विस प्रोवाईडर के माध्यम से कृषक समूहों में जैविक प्रमाणीकरण कार्यक्रम क्रियान्वित किये जा रहे है। कृषकों को राशि रूपये पांच हजार प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष अनुदान दिया जाता है। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग     नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित एवं बढावा देने के लिये योजना संचालित है। प्रदेश में पन्द्रह सौ तेरह क्लस्टर में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्चीस एकड़ में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्चीस किसानों के साथ क्रियान्वित की जा रही है। प्रत्येक कृषक को राशि रूपये चार हजार प्रति एकड़ प्रति वर्ष अनुदान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना     प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा "प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कृषि उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुभारंभ किया गया है। योजना में मध्यप्रदेश के 8 जिले यथा-अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्डोरी को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री धन – धान्य कृषि योजनाभारत सरकार की एक नई पहल है, जो कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रचलित योजनाओं जिसमें कृषि विभाग की 19 तथा मछली पालन / पशुपालन / दुग्ध / सहकारिता / जल संसाधन / खाद्य प्रस्करण / ग्रामीण विकास  / कौशल विभाग / लघु एवं सुक्ष्म उद्योग विभागों की 17 प्रचलित  योजनाओं का अभिसरण (कवरेज) कर क्रिन्यावित किया जायेगा।    वर्तमान में दलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2024-25 में दलहन का कुल क्षेत्रफल चवालीस लाख बानवे हजार हैक्टेयर है, जिसे आगामी 03 वर्षो में लगभग पचपन लाख हैक्टेयर किये जाने का लक्ष्य है।

आज केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे युवाओं को सम्मानित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश को रोज़गार में परिवर्तित करने का निरंतर कार्य कर रहा है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आज ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट – निवेश से रोज़गार’ का राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और रोज़गार आधारित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। कार्यक्रम में निवेशकों को सिंगल क्लिक से औद्योगिक प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित ग्रोथ समिट आत्मनिर्भर, समृद्ध और रोज़गार-समृद्ध मध्यप्रदेश के संकल्प को रेखांकित करेगी। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में 2 लाख करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों के लिये भूमि आवंटन किया जायेगा। इसके साथ ही 10,000 करोड़ रूपये से अधिक की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया जाएगा। इससे प्रदेश में विकासात्मक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित इस ग्रोथ समिट से प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होगा। “निवेश से रोज़गार – अटल संकल्प, उज्ज्वल मध्यप्रदेश” की थीम पर आधारित इस समिट में विगत 2 वर्षों में प्रदेश में हुए औद्योगिक विस्तार, निवेश उपलब्धियों और रोज़गार सृजन के वास्तविक परिणामों को सबके साथ साझा किया जायेगा। इस समिट से आने वाले वर्षों में विकास की नई दिशा भी तय की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में स्थानीय लोगों के समग्र विकास के लिये उन्हें सीधे रोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिये ग्रोथ समिट का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट से नए औद्योगिक क्षेत्र, क्लस्टर और प्लग-एंड-प्ले इकाइयों की शुरुआत से स्थानीय स्तर पर उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे। समिट में भूमि-पूजन और लोकार्पण के साथ भूमि आवंटन और आशय-पत्र भी वितरित किये जायेंगे। इस अवसर पर रोज़गार उपलब्ध कराने वाली औद्योगिक इकाईयों की स्थापना एवं संचालन करने वाले निवेशकों को सम्मानित किया जाएगा। समिट में युवाओं से संवाद भी किया जाएगा। संभाग स्तर पर औद्योगिक भूमि आवंटन से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी की जाएँगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। उद्योग जगत की सहभागिता ग्रोथ समिट में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें गोदरेज इंडस्ट्रीज, गौतम सोलर, हीडलबर्ग सीमेंट, एलएनजे भीलवाड़ा समूह, जेके टायर, टोरेंट पावर, मैकेन फूड, एलिक्सर इंडस्ट्रीज़, ग्रीनको, जुपिटर वैगन्स, डाबर इंडिया, वर्धमान समूह, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। प्रदर्शनी कार्यक्रम स्थल पर स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, विचारों और विकास दृष्टि पर आधारित विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में बीते 2 वर्षों में हुए औद्योगिक सुधारों, निवेश प्रयासों और रोज़गार उपलब्धियों को दर्शाने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे मध्यप्रदेश की औद्योगिक यात्रा को एक ही स्थान पर देखा जा सकेगा। समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, एमएसएमई मंत्री श्री चेतन्य काश्यप, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग सहित अन्य कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहेंगे।  

मध्य प्रदेश में टेलिमानस का आंकड़ा, इंदौर और ग्वालियर में अधिक सक्रिय, महिलाओं की शिकायतें सामने आईं

इंदौर  नौकरी, पारिवारिक चिंता, आर्थिक स्थिति, रिश्ते अच्छे नहीं होना आदि के कारण तनाव बढ़ता जा रहा है। सरकार द्वारा मनोरोग के लिए संचालित टेलिमानस हेल्पाइन नंबर पर हर वर्ष 60 हजार से अधिक फोन आ रहे हैं। इन फोन करने वालों में महिलाओं की संख्या 37 प्रतिशत है। महिलाएं समस्या बता रही हैं कि पति के पास घर और बच्चों के लिए समय नही हैं। जिसके कारण रिश्ते खराब हो रहे हैं। ये हैं महिलाओं की समस्या के प्रमुख कारण हम एकल परिवार में रहते हैं। ऐसे में किसी से बात भी नहीं कर पाते हैं। बच्चे भी पापा से बात करने के लिए तरस जाते हैं। इस तरह की समस्या को लेकर बड़ी संख्या में कॉल आ रहे हैं। जिनकी विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग की जा रही है। यह समस्या सिर्फ एक घर की नहीं है। कई परिवार इस समस्या के कारण जुझ रहे हैं। इंदौर और ग्वालियर दो जिलों में टेलिमानस संचालित हो रही मध्य प्रदेश में इंदौर और ग्वालियर दो जिलों में टेलिमानस संचालित हो रही है। सबसे अधिक 55 फीसदी फोन इंदौर जिले से आ रहे हैं। इसमें विभिन्न मनोरोग से जुड़ी समस्याओं को लेकर फोन आते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक आज के दौर में हर व्यक्ति अपने हिसाब से जिंदगी जीना चाहता है। जिसके कारण समस्या काफी बढ़ गई है। वह अपने परिवार को ठीक से समय नहीं देता है। जिसके चलते रिश्तों में समस्या आ रही है। इसके अलावा महिलाओं में घर के काम का तनाव, पति, बच्चे, सास-ससुर आदि से सबंधित भी समस्याएं रहती है। कई बार सास-ससुर से संबंध अच्छे नहीं होने के कारण भी समस्या बढ़ती है। टेलिमानस हेल्पलाइन पर आने वाले फोन में 60 प्रतिशत पुरुष व 37 प्रतिशत महिलाएं शामिल है। इन समस्याओं को लेकर भी आ रहे फोन नींद नहीं आना, उदासी, दिनभर तनाव महसूस होना, गतिविधियों में रुचि कम होना, थकान होना, घबराहट, झटके आना, पढ़ाई संबंधित तनाव, विचित्र व्यवहार, निराशा, बार-बार हस्तक्षेप से परेशान, किसी स्थिति में डर महसूस होना, बिना कारण के शरीर में दर्द होना, रिश्तों से जुड़ी समस्या, एकाग्रता की कमी, ऐसी चीजें देखना जो नहीं हैं, शराब, धूम्रपान का अधिक सेवन, अत्यधिक प्रसन्नता या चिड़चिड़ापन आदि। यह है टेलिमानस टेलिमानस (टेली मेंटल हेल्थ असिस्टेंस एंड नेटवर्किंग अक्रास स्टेट्स) भारत सरकार की राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन है। यह 24×7 टोल-फ्री सेवा है, जहां फोन पर मानसिक तनाव, अवसाद, घबराहट, नींद की समस्या, पारिवारिक तनाव और आत्महत्या जैसे विचारों पर विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा सकता है। इसकी शुरुआत 10 अक्टूबर 2022 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा की गई थी। इसलिए शुरू की सुविधा     कोविड काल के बाद देश में मानसिक तनाव, अवसाद और चिंता के मामले तेजी से बढ़े।     ग्रामीण और छोटे शहरों में मनोचिकित्सकों की कमी।     लोग मानसिक बीमारी को लेकर झिझक और सामाजिक डर के कारण मदद नहीं लेते।     तुरंत, सुलभ और गोपनीय सहायता देने की जरूरत। ऐसे करें उपयोग     टोल-फ्री नंबर डायल करें: 14416 या 1-800-891-4416     कॉल रिसीव होते ही भाषा चुनने का विकल्प     प्रशिक्षित काउंसलर से बातः जरूरत पर वरिष्ठ विशेषज्ञ से जोड़ा जाता है।     सेवा पूरी तरह गोपनीय और निश्शुल्क  

औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग से एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा बड़ियाखेड़ी

तेजी से विकसित हो रहा है भोपाल के नजदीक बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग से एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा बड़ियाखेड़ी भोपाल  राजधानी भोपाल से सटे सीहोर जिले का बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज प्रदेश के तेजी से विकसित होते औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। कभी शांत ग्रामीण क्षेत्र रहा बड़ियाखेड़ी अब रोजगार, निवेश और उद्यमिता का नया प्रतीक बन चुका है। प्रदेश सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं और ’’जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग’’ ने इस क्षेत्र के विकास को नई गति दी है। उद्योग संचालकों का कहना है कि भूमि आवंटन, अनुमति प्रक्रिया और प्रशासनिक मार्गदर्शन समयबद्ध व पारदर्शी रहा जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। आज बड़ियाखेड़ी में छोटे और मध्यम उद्योगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, इंजीनियरिंग, वेयरहाउसिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े उद्योग यहां स्थापित हो रहे हैं। इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को रोजगार के रूप में मिला है। आसपास के गांवों के अनेक युवा अब अपने ही जिले में काम पा रहे हैं जिससे पलायन में कमी आई है। खास बात यह है कि बड़ियाखेड़ी युवा उद्यमियों के लिए अवसरों का केंद्र बनकर उभरा है। कई युवा न केवल स्वयं रोजगार पा रहे हैं, बल्कि छोटे-छोटे उद्योग लगाकर दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। प्रशिक्षण, बैंकिंग सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर नई पीढ़ी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। बड़ियाखेड़ी औद्यागिक क्षेत्र लगभग 200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है जिसमें 141 उद्योगों के लिए प्लाट आवंटित किये जा चुके हैं। इनमें से 32 उद्योग स्थापित हो चुके हैं और निरंतर संचालित हैं। सीहोर के पास ही मंडी औद्योगिक क्षेत्र में 11, पचामा औद्योगिक क्षेत्र में 20, आद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। इसके अलावा 10 से अधिक उद्योग निजी भूमि में स्थापित हैं। आईटीसी इंडस्ट्री के अमित शर्मा, जगदम्बा पाइप इंडस्ट्री के अंकित शर्मा तथा हम्बल काउ के संचालक राम अवतार राय ने कहा कि उद्योग संचालकों का मानना है कि आने वाले समय में बड़ियाखेड़ी में विकास की अपार संभावनाएं हैं। राजधानी के नजदीक होना, बढ़ता औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग इसे एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा है। बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज इस बात का उदाहरण है कि सरकार, प्रशासन और उद्यमियों के साझा प्रयास से किस तरह क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती हासिल की जा सकती है।  

73 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण परियोजना, 10 मीटर चौड़ी सड़क से UP तक यात्रा आसान होगी

अशोकनगर   अशोकनगर में 201 करोड़ रुपए की लागत से ईसागढ़ व चंदेरी की राह आसान होगी, साथ ही उप्र को जोड़ने बाले रास्ते तक मजबूत व चौड़ी सड़क की सुविधा मिलेगी। इससे जिले के दो विकासखंडों के बीच यातायात सुगम हो जाएगा। इससे लोगों को ऊबड़-खाबड़ व ऊंचे नीचे रास्ते की समस्या से निजात मिलेगी। मामला पारसौल राजघाट रोड का है। पारसौल से ईसागढ़, जंधार, डाकोनी व चंदेरी होते हुए राजघाट तक 201 करोड़ रुपए की लागत से 73 किमी लंबी सड़क का निर्माण (road construction) हो रहा है। राजघाट से यह सड़क उप्र के रास्ते से जुड़ जाएगी। जर्जर हो चुकी यह सड़क पहले साढ़े पांच मीटर चौड़ी थी, लेकिन इसका चौड़ीकरण कर 10 मीटर चौड़ाई में निर्माण होना है। इसके लिए निर्माण शुरू हो गया है, कई जगहों पर खुदाई का काम चल रहा है और जुलाई 2027 में निर्माण पूर्ण होना है। घाटियों को काटकर समतल होगा मार्ग, फिर निर्माण मध्य प्रदेश राज्य सड़‌क विकास प्राधिकरण (MPRDC)इस सड़क का निर्माण कर रहा है। विभाग के अधिकारियों के मुताविक अभी सड़क धाटियों की वजह से कई जगहों पर ऊंची तो कहीं वलान है, लेकिन इसके निर्माण के लिए धाटियों की खुदाई करके समत्तल रास्ता किया जाएगा और इसके बाद सड़क निर्माण होगा। ताकि आवाजाही में ढलान व घाटी की समस्या वाहन चालकों को न रहे। आबादी बस्तियों में सीसी सड़क बनेगी और शेष हिस्से में डामरीकरण की सड़क होगी। 2027 तक पूरा होगा कार्य- MPRDC पारसौल से ईसागढ़-चंदेरी होते हुए राजघाट तक सड़क निर्माण चल रहा है जिसकी घाटियों व ढलानों को समतल कर सड़क बनाई जाना है। निर्माण कार्य चल रहा है और जुलाई 2027 तक निर्माण पूर्ण हो जाएगा। वहीं साढ़े पांच मीटर चौड़ी व 30 किमी लंबी अशोकनगर-थूबोन मार्ग का 7.16 करोड़ रुपए लागत से नवीनीकरण किया गया है। – दीपक नामदेव, इंजीनियर, एमपीआरडीसी

MP Startup Summit 2026: स्टार्टअप यात्रा के 10 साल पूरे, इकोसिस्टम अवार्ड्स दिए जाएंगे

12 जनवरी को मध्यप्रदेश की स्टार्टअप यात्रा के 10 वर्ष होंगे पूरे मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट और इकोसिस्टम अवार्ड्स 2026 दिए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे मुख्य अतिथि भोपाल मध्यप्रदेश अपनी स्टार्टअप यात्रा के 10 वर्ष पूर्ण होने पर 12 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में स्टार्टअप में नवाचार एवं उत्कृष्टता का उत्सव मनाएगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट होगी जिसमें इकोसिस्टम अवार्ड्स 2026 के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में भी अन्य पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। एमएसएमई के आयुक्त दिलीप कुमार ने युवा दिवस पर होने वाले इस आयोजन की तैयारियों की अधिकारियों के साथ बैठक में समीक्षा की। मध्य प्रदेश स्टार्टअप सेंटर, मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम एवं एमएसएमई विभाग के अंतर्गत 12 जनवरी 2026 को भोपाल के रवीन्द्र भवन में मध्य प्रदेश स्टार्टअप समिट एवं इकोसिस्टम अवार्ड्स 2026 का आयोजन होगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स एवं इकोसिस्टम एनेबलर्स विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित होंगे। सर्वश्रेष्ठ महिला उद्यमी, सर्वश्रेष्ठ युवा उद्यमी, सर्वाधिक नवोन्मेषी स्टार्टअप, सर्वश्रेष्ठ प्रारंभिक-चरण स्टार्टअप, सर्वश्रेष्ठ विकास-चरण स्टार्टअप, प्राथमिक क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप तथा इकोसिस्टम श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप एनेबलर (इनक्यूबेटर/एक्सेलेरेटर), सर्वश्रेष्ठ एंजेल निवेशक/वेंचर कैपिटलिस्ट, सर्वश्रेष्ठ कॉर्पोरेट सहयोग जो एमपी स्टार्टअप नीति एवं कार्यान्वयन योजना 2025 के अनुरूप होंगी उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा। यह स्टार्टअप समिट राज्य के स्टार्टअप्स को एक मंच पर देशभर के निवेशकों से जोड़ने का भी अवसर होगा, जहाँ स्टार्टअप्स को अपने विचार प्रस्तुत करने (पिच करने) और निवेश जुटाने का मंच मिलेगा। साथ ही विभिन्न दूतावासों से प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अवसर प्रदान किए जाएंगे। कृषि क्षेत्र एवं एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) भी ज्ञानवर्धक सत्रों एवं व्यावसायिक सुझावों से लाभान्वित होंगे। समिट में स्टार्टअप प्रदर्शनी के माध्यम से स्टार्टअप्स को अपने नवोन्मेषी उत्पादों एवं सेवाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा जो युवा प्रतिभाओं को रोजगार प्रदाता बनने के लिए प्रेरित करेगा। यह समिट स्टार्टअप्स के लिए एक ऐसा एकीकृत मंच सिद्ध होगा जहाँ वे न केवल अपने नवाचार का प्रदर्शन कर सकेंगे बल्कि सरकार, निवेशकों, मेंटर्स, इनक्यूबेटर्स एवं समस्त इकोसिस्टम साझेदारों से भी जुड़ सकेंगे। संबंधित अधिकारियों को आयोजन के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए है।