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लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता और भविष्य के प्रति साझा उत्तरदायित्व के संकल्प का परिचायक है विशेष सत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश का विधान सभा सदन सत्ता का नहीं जनता के विश्वास का मंदिर रहा है हमारी सरकार ने बीमारू राज्य की छवि से निकालकर प्रदेश को विकासशील और संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जनता के कष्ट कम कर उनके जीवन में खुशियों की बाहर लाना हमारी सरकार का प्रयास हम ऐसा प्रदेश बनाएंगे जहां चारों ओर हरियाली और उद्योग- धंधों का जाल होगा,जहां बेरोजगारी और गरीबी नहीं होगी, सभी सुखी और संपन्न होंगे हमारा संकल्प पूर्ण होगा, क्योंकि हमारे नेता, नीति और नियत सभी स्पष्ट हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के विशेष सत्र में प्रदेश को आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध बनाने के संकल्प पर चर्चा का रखा प्रस्ताव मध्यप्रदेश विधानसभा के 70 वर्ष की यात्रा पूर्ण होने पर हुआ एक दिवसीय विशेष सत्र भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के 70 वर्ष की गौरवशाली यात्रा पूर्ण होने के उपलक्ष में आयोजित एक दिवसीय विशेष सत्र में विधानसभा के सभी सदस्यों का स्वागत अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध बनाने के संकल्प पर विशेष सत्र में चर्चा का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि विधानसभा का विशेष सत्र सभी के लिए सौभाग्य का विषय है। लोक कल्याणकारी राज्य के निर्माण के पथ पर अग्रसर व्यवस्था के लिए यह सत्र विशेष महत्व का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल को प्रणाम करते हुए कहा कि यह विशेष सत्र केवल औपचारिकता नहीं अपितु लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता और भविष्य के प्रति साझा उत्तरदायित्व के संकल्प का परिचायक है। यह सत्र मध्यप्रदेश को सुखद, समृद्ध, सांस्कृतिक रूप से गौरवशाली और आत्मनिर्भर बनाने के अपने संकल्प को दोहराने का अवसर है। विधानसभा की 70 साल की यात्रा हमारी लोकतांत्रिक यात्रा का प्रमाण है, यह सदन सत्ता का नहीं जनता के विश्वास का मंदिर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने हाल ही में दो वर्ष पूर्ण किए हैं। इस अवधि में लिए गए दूरगामी निर्णय आने वाले समय में माइलस्टोन के रूप में जाने जाएंगे। यह निर्णय निश्चित ही जनता के जीवन में बदलाव का माध्यम बनेंगे। जनता के कष्ट कम कर उनके जीवन में खुशियों की बाहर लाना हमारी सरकार का प्रयास रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वर्षों तक बीमारू राज्य के रूप में पहचाना जाता रहा। हमारी पार्टी की सरकारों ने बीमारू की छवि से निकालकर प्रदेश को विकासशील और संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार ने पिछले 2 वर्षों में विकास के हर क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। हमें पूरा विश्वास है कि जल्द ही हम लोग राज्य को विकसित राज्य की सूची में आगे ले जाएंगे। हम ऐसा प्रदेश बनाएंगे जहां चारों ओर हरियाली होगी, उद्योग- धंधों का जाल होगा,जहां बेरोजगारी और गरीबी नहीं होगी, सभी सुखी और संपन्न होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा यह संकल्प पूर्ण होगा, क्योंकि हमारे नेता, नीति और नियत सभी स्पष्ट हैं। हम पूरे आत्मविश्वास के साथ विकसित आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाकर ही दम लेंगे, इसके लिए हम मेहनत की पराकाष्ठा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में हमने 11 दिसंबर को नक्सलवाद के लाल सलाम को आखिरी सलाम किया है। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा के लिए भी गौरव का विषय है, क्योंकि वर्ष 1999 में कांग्रेस पक्ष के एक मंत्री की नक्सलियों द्वारा निर्मम हत्या कर लोकतंत्र को चुनौती दी गई थी। लाल सलाम को आखरी सलाम कर इस सदन ने वही बदला चुकता किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलवाद के साथ ही आतंकवाद और उग्रवाद से जुड़े मॉडलों को ध्वस्त किया गया है। भारतीय मुजाहिदीन, आईएसआईएस समर्थक समूह़ टेरर फंडिंग, चरस नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मनी लॉन्ड्रिंग जांच में 1300 संदिग्ध खातों से 2000 करोड़ रुपए के अवैध लेनदेन का खुलासा किया गया। अवैध हथियार फैक्ट्री ध्वस्त कर 1900 से अधिक बैरल/शटर नलियां तथा हथियार बनाने की सामग्री सहित अवैध हथियार बरामद किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित करने की योजना है। हमारे शहरों की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है। शहरी विकास के क्षेत्र में दूरगामी दृष्टि से निर्णय लिए जा रहे हैं। राजधानी के स्वरूप पर गहन विचार-विमर्श हो रहा है। मालवा के साथ-साथ मध्य भारत- चंबल क्षेत्र और महाकौशल में भी सुव्यवस्थित विकास हो, इस उद्देश्य से कार्य योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रारंभिक रूप से इंदौर और भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के लिए प्राथमिकता पर लिया गया है। वर्ष 2026 में ग्वालियर और जबलपुर को भी मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य आरंभ होगा। हम सुव्यवस्थित शहरीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम विकास के क्षेत्र में भी गत दो वर्ष में गांव की समृद्धि, आत्मनिर्भरता और सुव्यवस्थित विकास के लिए कार्य किए गए। हर ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केंद्र की स्थापना का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक विकासखंड में एक गांव को वृंदावन ग्राम बनाया जा रहा है।  

पक्ष-विपक्ष मिलकर विकसित मध्यप्रदेश के साझा संकल्प और भविष्य की दिशा तय करेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा आगमन पर की राज्यपाल  मंगुभाई पटेल की अगवानी विधानसभा की ऐतिहासिक यात्रा तथा विकास और सेवा के दो वर्ष पर केंद्रित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के विशेष सत्र आयोजन पर विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष को बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विधानसभा के स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष सत्र के माध्यम से अतीत की गौरवशाली संसदीय लोकतांत्रिक परंपराओं की स्मृतियां जीवंत हो रही हैं। इस विशेष सत्र में पक्ष-विपक्ष मिलकर वर्ष 1956 से लेकर अब तक की विधानसभा की यात्रा का पुनरावलोकन करने के साथ-साथ विकसित भारत@2047 और विकसित मध्यप्रदेश के साझा संकल्प और भविष्य की दिशा तय करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के 70 वर्ष की गौरवशाली यात्रा पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के अवसर पर विधानसभा परिसर में लगाई गई एक दिवसीय प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष सत्र के आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष एवं विधानसभा सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के विधानसभा आगमन पर उनकी अगवानी की। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंगर ने विधानसभा परिसर में "मध्यप्रदेश विधानसभा के 1956 से 2025 तक इतिहास के पल" और "मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभ्युदय मध्यप्रदेश विकास और सेवा के दो वर्ष" विषय पर लगी प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अन्य वरिष्ठ मंत्री और विधायकगण भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विकसित, आत्मनिर्भर समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को समर्पित विशेष विधानसभा के विशेष सत्र के अवसर पर विधानसभा परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी में विधानसभा के 70 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाती दुर्लभ तस्वीरें और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों को प्रदर्शित किया गया।  

हमारा मंत्र है- गाँव चले, देश चले, जब गाँव सशक्त होगा, तभी देश सशक्त होगा

हमारी सरकार पंचायत राज व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए कृत संकल्पित पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम विभाग के मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने विधानसभा सत्र में दिया संबोधन भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम विभाग के मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने विधानसभा सत्र में कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है। श्रद्धेय अटल जी के ग्रामीण विकास के विचारों में गांव, गरीब और किसान केंद्र में थे, उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) जैसी बुनियादी ढांचागत पहल, पंचायत सशक्तिकरण और स्थानीय संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो, रोजगार बढ़े और शहरों की ओर पलायन रुके। साथ ही उन्होंने विकास के लिए एक समग्र, समुदाय-केंद्रित और पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया था। मध्‍यप्रदेश में इसी दिशा में कार्य किया जा रहा है। मंत्री श्री पटेल आज विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। "आत्मनिर्भर पंचायत एवं समृद्ध मध्यप्रदेश" विषय पर केंद्रित तीन दिवसीय कान्‍फ्रेंस आयोजित की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्री पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा है कि "हमारा मंत्र है- 'गाँव चले, देश चले'। जब गाँव सशक्त होगा, तभी देश सशक्त होगा।" यह गाँव के सशक्तिकरण और राष्ट्र के विकास के बीच सीधा संबंध स्थापित करता है। इसी विचार के दृष्टिगत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रेरणा से हमने पंचायत राज व्यवस्था अंतर्गत निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद को वरीयता दी है। इसीक्रम में "आत्मनिर्भर पंचायत एवं समृद्ध मध्य प्रदेश" विषय को केंद्रित कर हमने विगत वर्ष 23, 24 एवं 25 जुलाई, 2024 को तीन दिवसीय कांफ्रेंस का आयोजन किया था। कॉन्फ्रेंस में भोपाल में सभी जिला पंचायतों के माननीय अध्यक्ष,उपाध्यक्ष सभी जनपदों के माननीय अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सभी जिला पंचायत सदस्यों के साथ-साथ शहरों से लगी हुई चिन्हित ग्राम पंचायतों के सरपंच गणों एवं सभी जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के साथ तीन दिवसीय कांफ्रेंस आयोजित कर उनके अनुभवों तथा समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की थी। इस वर्ष भी हमने 24, 25 एवं 26 नवंबर, 2025 को पुनः यह कॉन्फ्रेंस आयोजित कर चर्चा की है। इस बार की कॉन्फ्रेंस में हमने सरपंच,सचिव तथा ग्राम रोजगार सहायकों के संगठनों के पदाधिकारियों को भी तीनों दिन आमंत्रित किया था। चर्चा में उभर कर आए महत्वपूर्ण सुझावों के क्रियान्वयन हेतु हम आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। जिलों में जाकर पंच सरपंच सम्मेलन आयोजित कर सरपंच एवं पंचगणों से भी सीधे संवाद किया जा रहा है। अनुसूचित जनजाति परिवारों को रोजगार देने में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्री पटेल ने कहा कि हमारी सरकार पंचायत राज व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए कृत संकल्पित है। विगत दो वर्षों के कार्यकाल में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए गए कुछ कार्यों का उल्लेख भी किया है। जिसमें :-     सभी ग्राम पंचायतों के पास अपना व्यवस्थित कार्यालय भवन हो। इस हेतु अभी तक हमने 2472 अटल ग्राम सेवा सदन (ग्राम पंचायत भवन) के निर्माण हेतु रुपए 922.20 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।     जनपद पंचायत के कार्यालय को भी बेहतर स्वरूप देने के लिए हमने अभी तक 106 अटल सुशासन भवन (जनपद पंचायत भवन) के निर्माण हेतु रुपए 557.08 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।     पांच जिला पंचायतों के भवन निर्माण हेतु भी हमने रुपए 49.98 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।     गांव की सामुदायिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हमने 3755 सामुदायिक भवनों के निर्माण     माँ नर्मदा हमारे प्रदेश को जीवन प्रदान करने वाली नदी है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु इनकी परिक्रमा करते हैं। परिक्रमा मार्ग को सुगम बनाने के उद्देश्य से हमने परिक्रमा पथ पर 19 आश्रय स्थल बनाने के लिए रुपए 10.34 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।     परिक्रमा पथ में 231 आश्रय स्थल बनाने की योजना है जिनके लिए स्थान चिन्हित किया जाकर पौधरोपण कार्य हेतु फेंसिंग के लिए हमने रुपए 7.46 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।     मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश नदियों का मायका कहा जाता है। मैंने अभी तक 106 नदियों के उद्गम स्थल पर जाकर स्थानीय जन समुदाय से संवाद कर उद्गम स्थलों को संरक्षित करने के उद्देश्य से चर्चा की है तथा 89 उदगमों पर पौधरोपण कार्य हेतु फेंसिंग के लिए भी राशि स्वीकृत की है।     प्रदेश में तामिया एवं भीमबेटका जैसे पूरा ऐतिहासिक पर्यटन क्षेत्र स्थित है इनके विकास हेतु हमने मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम को 2 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस 1, 2 और 3 के अंतर्गत 913 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण तथा 305 पुलों का निर्माण किया गयाहै।     आरसीपीएलब्ल्यूईए (Road Connectivity Project for Left Wing Extremism Affected Areas) अंतर्गत 107 किलोमीटर लंबाई की सड़क एवं 18 पुलों का निर्माण किया गया है।     पीएम जनमन के अंतर्गत भी 236 किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनाई गई है।     हम मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना लाए हैं जिसके अंतर्गत अभी तक 20600 बसाहटों को चिन्हित किया जा चुका है।     हम क्षतिग्रस्त पुलपुनर्निर्माण योजना भी लाए हैं जिसके अंतर्गत अभी तक 1766 संरचनाओं का चयन किया जा चुका है।     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे फेज के लिए भी 10602 बसाहटों को चिन्हित किया जा चुका है। जिनके लिए 1849 किलोमीटर की सड़कों की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है।  

विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में नारीशक्ति और जलशक्ति की निर्णायक भूमिका : मंत्री श्रीमती संपतिया उइके

भोपाल  मध्यप्रदेश विधानसभा के छठवीं विधानसभा के अष्टम सत्र के दौरान "विकसित, आत्मनिर्भर एवं समृद्ध मध्यप्रदेश” विषय पर हुई चर्चा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने महिला सशक्तिकरण और पेयजल सुरक्षा को राज्य के समग्र विकास की आधारशिला बताते हुए सरकार की उपलब्धियों और आगामी तीन वर्षों के स्पष्ट रोडमैप को सदन के समक्ष रखा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि विकास की वास्तविक परिभाषा केवल भौतिक अधोसंरचना तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह इस बात से तय होती है कि समाज का अंतिम व्यक्ति, विशेषकर महिलाएँ, बच्चे, जनजातीय समुदाय और कमजोर वर्ग कितना सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन जी पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण और पेयजल सुरक्षा किसी भी संवेदनशील और उत्तरदायी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री श्रीमती उइके ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार द्वारा किए गए ठोस प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि आंगनवाड़ी सेवाओं में पारदर्शी एवं मेरिट आधारित ऑनलाइन चयन प्रक्रिया लागू कर मध्यप्रदेश ने देश में एक नई मिसाल कायम की है। इस प्रक्रिया के तहत 19 हजार 477 रिक्त पदों के विरुद्ध 3 लाख 99 हजार 331 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से अब तक 12 हजार 75 नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। शेष पदों की भर्ती प्रक्रिया प्रगतिरत है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था महिला सशक्तिकरण के साथ साथ सुशासन और पारदर्शिता को भी सुदृढ़ करती है। मंत्री श्रीमती उइके ने लाड़ली बहना योजना को महिला आर्थिक आत्मनिर्भरता की ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और पारिवारिक निर्णयों में सहभागिता सुदृढ़ हुई है। इससे लगभग एक करोड़ 26 लाख महिलाएँ लाभ उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से 24 घंटे सातों दिन निःशुल्क सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। पेयजल सुरक्षा पर बोलते हुए मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि जल संकट का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं पर पड़ता है। इसी सामाजिक यथार्थ को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने जल जीवन मिशन को जन-आंदोलन के रूप में लागू किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में जहां केवल 12.11 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध था, वहीं आज यह आंकड़ा बढ़कर 72.79 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। प्रदेश के 23 हजार से अधिक गांवों को "हर घर जल ग्राम" घोषित किया जा चुका है। जनजातीय और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के गांवों में जल जीवन मिशन की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत 70 प्रतिशत से अधिक परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। "जल सखी" मॉडल के माध्यम से महिलाओं को जन योजनाओं के संचालन, संधारण और जल गुणवत्ता परीक्षण में निर्णायक भूमिका दी गई है, जिससे महिला नेतृत्व को नई पहचान मिली है। मंत्री श्रीमती उइके ने आगामी तीन वर्षों के रोडमैप की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना, जल स्रोतों का संरक्षण-पुनर्भरण, तकनीक आधारित निगरानी तथा महिलाओं को नीति निर्माण और स्थानीय अर्थव्यवस्था में निर्णायक भूमिका देना है। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने नारीशक्ति और जलशक्ति को केंद्र में रखकर विकास की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने सदन के सभी सदस्यों से आग्रह किया कि विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए सभी मिलकर रचनात्मक और परिणामोन्मुख सहयोग करें।  

विरासत के साथ विकास का स्वर्णिम अध्याय लिख रहा मध्यप्रदेश : विधायक शर्मा

विधानसभा के 8वें सत्र में गूंजा सांस्कृतिक पुनर्जागरण का शंखनाद भोपाल  भारत माता को परम वैभव के शिखर पर प्रतिष्ठित करने वाले यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के "विरासत भी, विकास भी" के महामंत्र और मध्यप्रदेश के "धर्म-ध्वज वाहक" मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भगीरथ प्रयासों से प्रदेश में एक नए 'सांस्कृतिक अभ्युदय' का सूर्योदय हो चुका है। विधानसभा के अष्टम सत्र के दौरान पूर्व प्रोटेम स्पीकर और हुजूर विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में मोदी-मोहन की डबल इंजन सरकार की इस युगांतकारी यात्रा का विषद चित्रण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी-मोहन सरकार केवल 'शासन' नहीं, बल्कि 'साधना' कर रही है, जिसके फलस्वरूप मध्यप्रदेश भारत की 'सांस्कृतिक चेतना का स्पंदन' बन गया है। विधायक श्री शर्मा ने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने जिस सांस्कृतिक अनुष्ठान का आरंभ काशी और अयोध्या से किया, उसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश की पुण्य धरा पर मूर्त रूप दे रहे हैं। मोहन सरकार का विजन स्पष्ट है—मध्यप्रदेश को भारत का 'आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र' बनाना। इस दिशा में 'श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास' के माध्यम से भगवान श्रीराम के पदचिह्नों को सहेजा जा रहा है, तो वहीं 'श्रीकृष्ण पाथेय न्यास' के जरिए भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन और संबंधित स्थलों को विश्व पटल पर स्थापित करने का महायज्ञ चल रहा है। विधायक श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश में 'लोकों' का निर्माण आस्था और अर्थव्यवस्था के संगम का प्रमाण है। महाकाल लोक की तर्ज पर ओंकारेश्वर में 'ममलेश्वर लोक', ओरछा में 'रामराजा लोक' और सलकनपुर में 'देवी लोक' जैसे 20 लोकों का निर्माण 900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जा रहा है। प्रदेश के सांस्कृतिक विकास में नदियों के योगदान के बारे में बताते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी संस्कृति में नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं, बल्कि सभ्यता की धमनियां हैं, और सरकार इनके संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यटन और आर्थिक प्रगति के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए विधायक श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 में जहाँ 11 करोड़ पर्यटकों ने भ्रमण किया, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 14 करोड़ के पार पहुँच गई है। सिंहस्थ-2028 के लिए युद्धस्तर पर तैयारियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उज्जैन के पास 18 ग्रामों को 'पर्यटन ग्राम' के रूप में विकसित किया जा रहा है। विधायक श्री शर्मा ने बताया कि कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए 'पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा' और 'हेली पर्यटन सेवा' जैसी अनूठी पहल शुरू की गई है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को भी सुगम यात्रा का लाभ मिल रहा है। अपने उद्बोधन के समापन में विधायक श्री शर्मा ने 'विकसित भारत-2047' के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य देश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान 10% करना है। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश एक ऐसा गंतव्य बनेगा, जहाँ दुनिया केवल घूमने नहीं, बल्कि भारत की आत्मा को अनुभव करने आएगी।  

युवाओं पर देश को विश्वगुरू बनाने की महती जिम्मेदारी: राज्यपाल मंगुभाई पटेल

राज्यपाल अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के दीक्षांत समारोह में हुए शामिल मानद उपाधियाँ ले. जनरल धीरेन्द्र सिंह कुशवाह और डॉ वाई.के. मिश्रा को भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2047 तक देश को विश्वगुरू और आधुनिकतम विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। युवाओं पर देश को विश्वगुरू बनाने की महती जिम्मेदारी है। युवा अपनी प्रतिभा, लगन और देशभक्ति से इस संकल्प पूरा करने के लिए दृढ़-प्रतिज्ञ रहे। राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के तेरहवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की। लेफ्टिनेंट जनरल धीरेन्द्र सिंह कुशवाह को डी. लिट तथा प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. युगल किशोर मिश्रा को डी.एस.ई. की मानद उपाधि प्रदान की। राज्यपाल श्री पटेल ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के नव निर्मित रिसर्च, इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर का और विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रकाशनों का लोकार्पण किया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि विद्यार्थी दीक्षांत शपथ को आत्मसात करें। उसका आजीवन अनुसरण करें। शिक्षक, विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान की शिक्षा देने के साथ ही भारतीयता के संस्कार और जीवन जीने की कला अवश्य सिखाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और महापुरूषों के जीवन से प्रेरणा लें। राज्यपाल श्री पटेल ने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय द्वारा रामायण पीठ की स्थापना की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि पीठ रामायण पर शोध करने वाले विद्यार्थियों और विद्वानों को नए अवसर प्रदान करेगी। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में देश के प्राचीन ज्ञान और परंपराओं का आधुनिक विज्ञान के साथ समावेश किया गया है। इससे देश की शिक्षा प्रणाली को भारतीयता का मजबूत आधार मिला है। विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ संस्कारों की शिक्षा मिल रही है। समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरदास ने कहा कि जात-पात और धर्म का भेद मिटाकर हम सब सच्चे मन से भारतीय बनकर भारत माँ की सेवा करें। भारत के प्राचीन दर्शन और शिक्षा के महान संस्कारों को आत्मसात करें। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के समक्ष विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. राजेन्द्र कुमार कुड़रिया ने विश्वविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह में अतिथियों को स्मृति चिन्ह तथा शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्री रामभद्राचार्य विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. शिशिर कुमार पाण्डेय, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, विश्वविद्यालय के आचार्यगण तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।                            

भोपाल में डॉ. बत्रा हेल्थकेयर का होम्योपैथिक और अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य क्लिनिक पुनः खुला

भोपाल विश्व स्तर पर होम्योपैथिक क्लीनिकों के सबसे बड़े नेटवर्क के साथ भारत की अग्रणी कंपनी डॉ. बत्रा हेल्थकेयर ने भोपाल में अपने अत्याधुनिक क्लिनिक के पुनः शुभारंभ की घोषणा की है। यह क्लिनिक 100 से अधिक तीव्र और दीर्घकालिक बीमारियों के लिए साक्ष्य-आधारित होम्योपैथी उपचार के साथ-साथ सुरक्षित, गैर-आक्रामक और दुष्प्रभाव-रहित उन्नत अंतरराष्ट्रीय स्तर के बाल और त्वचा सौंदर्य उपचार प्रदान करेगा। सभी उपचार प्रक्रियाएं और प्रोटोकॉल वैश्विक चिकित्सा मानकों के अनुरूप हैं। उद्घाटन समारोह में मंत्री सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश शासन विश्वास सारंग और होम्योपैथिक कॉस्मेटोलॉजी एवं एस्थेटिक्स में फेलोशिप प्राप्त तथा डॉ. बत्राज® हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक डॉ. अक्षय बत्रा उपस्थित थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, होम्योपैथी विश्व स्तर पर चिकित्सा की दूसरी सबसे बड़ी प्रणाली है, और भारत में 10 करोड़ से अधिक लोग अपने स्वास्थ्य और कल्याण संबंधी जरूरतों के लिए इस पर निर्भर हैं। वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचारों से समर्थित डॉ. बत्राज® नाम होम्योपैथी का पर्याय है। पद्मश्री डॉ. मुकेश बत्रा द्वारा 1982 में एक रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा संस्थान के रूप में स्थापित, डॉ. बत्राज® हेल्थकेयर ने 91% की सफलता दर के साथ 15 लाख से अधिक रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज किया है, जैसा कि अमेरिकी गुणवत्ता मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा प्रमाणित किया गया है। भोपाल क्लिनिक व्यक्तिगत, सुरक्षित और प्रभावी देखभाल के प्रति ब्रांड की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।   डॉ. बत्रा भोपाल क्लिनिक विज्ञान-समर्थित उपचार प्रदान करेगा जो न केवल समस्या के मूल कारण का इलाज करते हैं बल्कि होम्योपैथी को उन्नत बाल और त्वचा सौंदर्य उपचारों के साथ मिलाकर तेजी से परिणाम भी देते हैं। इस पुनः लॉन्च के अवसर पर, डॉ. बत्राज® ने अपना नया डॉ. बत्राज® ज़ोडर्मा भी प्रदर्शित किया, नुकसान रहित, सुरक्षित और दुष्प्रभाव-मुक्त त्वचा सौंदर्य उपचार है, यह अपनी तरह का पहला त्वचा कायाकल्प उपचार है जो हाइपरपिग्मेंटेशन, बढ़ती उम्र के धब्बे, महीन रेखाएं आदि जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए होम्योपैथी और एक्सोसोम को संयोजित करता है। इस अभिनव उपचार से, मरीज़ मात्र 3 सत्रों में ही स्पष्ट परिणाम देख सकते हैं। बाल गिरने/झड़ने जैसी समस्याओं के लिए, डॉ. बत्राज® XOGEN एडवांस पेश करते हैं, जो भारत का पहला केश पुनर्जनन उपचार है और 10 बिलियन एक्सोसोम से युक्त है। यह उन्नत अंतरराष्ट्रीय उपचार एक शक्तिशाली एक्सोसोम-आधारित फॉर्मूलेशन का उपयोग करता है जो निष्क्रिय बालों के रोमों को सक्रिय करता है और जड़ों से बालों के पुनर्जनन को सक्षम बनाता है। यह अत्यधिक लक्षित उपचार पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए उपयुक्त है और आनुवंशिक बाल झड़ने की समस्या का समाधान करने वाले उपलब्ध कुछ उपचारों में से एक है। 95%+ सफलता दर के साथ, रोगियों ने मात्र 4 सत्रों में ही स्पष्ट परिणाम देखे हैं। डॉ. बत्रा विभिन्न त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे सोरायसिस, विटिलिगो, एक्जिमा आदि के लिए अत्यधिक व्यक्तिगत और प्रभावी होम्योपैथिक उपचार भी प्रदान करता है। डॉ. बत्राज® हेल्थकेयर न्यूयू रेंज के त्वचा सौंदर्य उपचारों में त्वचा  का कसाव, चमक, साफ करना, कायाकल्प करना और लेजर हेयर रिमूवल शामिल हैं। ये सभी उपचार पूरी तरह से सुरक्षित, नुकसान रहित और बिना किसी दुष्प्रभाव के हैं। डॉ. बत्राज® ऑक्सीलंग (श्वसन संबंधी समस्याओं के लिए), एलर्जोन (एलर्जी के लिए), बीफिट शुगरकंट्रोल (मधुमेह प्रबंधन के लिए), बीफिट वेट कंट्रोल (वजन घटाने के लिए), माइंडफिट (तनाव, चिंता और अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए) और पीसीओएस प्रबंधन कार्यक्रम जैसे अनुकूलित उपचार भी प्रदान करते हैं। क्लिनिक के पुनः शुभारंभ के अवसर पर मंत्री सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश शासन   विश्वास सारंग ने कहा, “इस पुनः शुभारंभ का हिस्सा बनकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है। मैं डॉ. बत्राज® की टीम को भारत और विश्वभर में होम्योपैथिक उपचारों का अगुआ बनने और निरंतर तकनीकी प्रगति के साथ इसे और अधिक सशक्त बनाने के लिए बधाई देता हूं। मैं डॉ. बत्राज® के ' हीलिंग पीपुल, चेंजिंग लाइफ (लोगों का स्वास्थ्य सुधारना, जीवन बदलना)' के दृष्टिकोण से भी प्रभावित हूं, जो सभी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा विकल्प उपलब्ध कराता है। मुझे पूरा विश्वास है कि डॉ. बत्राज® की विशेषज्ञता और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण से भोपाल के लोगों को अत्यधिक लाभ होगा और उन्हें उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त होंगे।” होम्योपैथिक कॉस्मेटोलॉजी और एस्थेटिक्स में फेलोशिप प्राप्त  और डॉ. बत्रा हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक डॉ. अक्षय बत्रा ने कहा, “हमें भोपाल में अपने क्लिनिक के पुनः शुभारंभ की घोषणा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। यह भारत भर में अधिक से अधिक लोगों तक सुरक्षित, प्रभावी और विश्व स्तरीय होम्योपैथिक देखभाल पहुँचाने के हमारे मिशन को और मजबूत करता है। डेढ़ दशक से अधिक समय से इस शहर की सेवा करते हुए, हम इस क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऐसी ही एक समस्या मध्य प्रदेश में वेक्टर जनित रोगों का बढ़ता प्रकोप है। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अध्ययन के अनुसार, चिकनगुनिया के मामले 2024 में 3% से बढ़कर 2025 में 6% हो गए हैं। राज्य में भारत भर में दर्ज किए गए कुल डेंगू मामलों में 2% से अधिक का योगदान भी है। डॉ. बत्राज® में, हम होम्योपैथी के सर्वोत्तम तरीकों को अत्याधुनिक वैश्विक सौंदर्य तकनीकों के साथ एकीकृत करने के लिए निरंतर नवाचार कर रहे हैं। यह क्लिनिक न केवल भोपाल के रोगियों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि उन्हें बालों और त्वचा के लिए समग्र और दुष्प्रभाव-मुक्त उन्नत समाधान भी प्रदान करेगा।” डॉ. बत्राज® भोपाल क्लिनिक स्थित है: 11, अलंकार कॉम्प्लेक्स, दूसरी मंजिल, जोन-II, महाराणा प्रताप नगर, भोपाल, मध्य प्रदेश 462011।

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की जानकारी अब ‘प्रेक्षा ऐप’ से देंगे प्रेक्षक

प्रेक्षक प्रेक्षा ऐप से देंगे नगरीय निकाय और पंचायत निर्वाचन संबंधी जानकारी भोपाल राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकायों एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन के लिये नियुक्त प्रेक्षकों की सुविधा के लिये 'प्रेक्षा' ऐप बनाया गया है। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री दीपक सिंह ने जानकारी दी है कि इस मोबाइल ऐप में प्रेक्षकों को प्रतिवेदन भेजने, नियमों एवं निर्देशों को पढ़ने एवं निर्वाचन प्रक्रियाओं के प्रशिक्षण संबधी जानकारी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस ऐप को और अधिक उपयोगी बनाने के लिये प्रेक्षकों से सुझाव भी मांगे गये हैं। मोबाइल ऐप में प्रेक्षकों द्वारा भेजी जाने वाली जानकारी का प्रारूप उपलब्ध है। इसमें से अधिकांश जानकारी हाँ/नहीं के रूप में दी जा सकेगी। कुछ बिन्दुओं में संक्षिप्त टीप लिखनी है। यह जानकारी एक क्लिक से राज्य निर्वाचन आयोग भेजी जा सकेगी।  

नेशनल पार्क की खास पेशकश: बांधवगढ़ में सीमित समय के लिए फ्री सफारी

उमरिया   बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सफारी की इच्छा रखने वालों के लिए गुड न्यूज है. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 17 दिसंबर बुधवार से 1 सप्ताह के लिए टाइगर सफारी फ्री रहेगी. नेशनल पार्क के प्रबंधन ने ज्वालामुखी गेट से टाइगर सवारी के लिए प्रवेश निशुल्क कर दिया गया है. हालांकि, इसे लेकर कुछ नियम और शर्तें भी बताई गई हैं. ज्वालामुखी गेट में नो एंट्री फीस बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने पत्र जारी करते हुए बताया, '' पर्यटन व स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ज्वालामुखी बफर जोन के लिए ये फैसला लिया गया है. पार्क भ्रमण के लिए जिप्सी से प्रवेश पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. ये संपूर्ण जिप्सी के टिकट लेने पर प्रभाव प्रभावित होगा, ये सुविधा 17 दिसंबर से 23 दिसंबर एक सप्ताह तक सुबह और दोपहर पार्क भ्रमण पर प्रभावी रहेगी. हालांकि, जारी पत्र में उन्होंने ये भी कहा है कि जिप्सी और गाइड का शुल्क प्रचलित नियमानुसार देना होगा. ये सुविधा पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी. इसके लिए टिकट काउंटर से संपर्क कर फ्री सेवा हासिल कर सकते हैं. साथ ही ये भी कहा गया है कि ये सुविधा सिर्फ ज्वालामुखी गेट के ऑफलाइन काउंटर से बुकिंग वाहनों के लिए उपलब्ध है. खास है बांधवगढ़ का ज्वालामुखी गेट बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ज्वालामुखी गेट बफर जोन में है और यहां पर मांसाहारी व शाकाहारी हर तरह के वन्य प्राणी देखने को मिलते हैं. इसके अलावा यहां प्रकृति का अद्भुत मनोरम दृश्य भी देखने को मिलता है. अगर आप भी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व घूमने जाने वाले हैं, तो इस ऑफर का आनंद ले सकते हैं. बाघों का गढ़ है बांधवगढ़ नेशनल पार्क मध्य प्रदेश का बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों का गढ़ कहा जाता है, और यहां पर काफी संख्या में बाघ पाए जाते हैं. इसके अलावा अब तो ये हाथियों के भी पर्यटन का बड़ा जोन बन चुका है. पिछले कुछ सालों से काफी संख्या में यहां हाथी भी स्थाई रूप से रह रहे हैं, और पर्यटकों के रोमांच का कारण बन रहे हैं. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में टाइगर्स के अलावा कई तरह के शाकाहारी, मांसाहारी जीवों के साथ प्रकृति का अद्भुत मनोरम दृश्य भी देखने मिलता है. यहां अद्भुत वादियां, जंगल झरने, नदी तालाब और पुरातात्विक महत्व की चीजें भी देखने को मिलती हैं.

स्वच्छता और इनोवेशन में आगे इंदौर: पुराने कपड़े धागे में, पशु शवों का सुरक्षित प्रबंधन

इंदौर  स्वच्छता और नवाचार में देश को दिशा दिखाने वाला इंदौर अब शहरी प्रबंधन के नए अध्याय लिखने की ओर बढ़ रहा है। नगर निगम ने कचरे को संसाधन में बदलने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक साथ कई बड़े कदम उठाए हैं। शहर में जहां अब पुराने कपड़ों से धागा तैयार कर पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं मृत पशुओं को दफनाने की परंपरा को समाप्त कर उन्हें अत्याधुनिक संयंत्र में सम्मानजनक अग्निदाह की व्यवस्था की जा रही है। ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में आधुनिक फायर स्टेशन भी इसके साथ ही नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में एक आधुनिक फायर स्टेशन भी विकसित किया जाएगा। ये सभी परियोजनाएं पीपीपी मोड पर स्थापित की जा रही हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड पर इन नवाचारी परियोजनाओं का भूमिपूजन कर इंदौर को टिकाऊ, सुरक्षित और भविष्य के शहर के रूप में आगे बढ़ाने का संदेश दिया। इस अवसर पर महापौर ने कहा कि इंदौर का ट्रेंचिंग ग्राउंड न केवल देश, बल्कि दुनिया में सबसे अधिक सर्च और अध्ययन किया जाने वाला स्थल बन चुका है। हमारे नवाचार ही हमारी असली ताकत हैं। इंदौर वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में आगे बढ़ रहा है अनुपयोगी कपड़ों से धागा बनाने, मृत पशुओं और मीट अपशिष्ट का पर्यावरण अनुकूल निपटान करने जैसे कार्य इंदौर को स्वच्छता के अगले स्तर पर ले जाएंगे। भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर परिषद सदस्य अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा बबलू, नंदकिशोर पहाड़िया, मनीष शर्मा मामा, नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान 16 दिसंबर विजय दिवस के अवसर पर महापौर ने उपस्थित सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान भी किया। कचरे से संसाधन रोजाना 25 टन पुराने कपड़ों से बनेगा धागा नगर निगम ने शहर के सभी जोन क्षेत्र में थ्री-आर सेंटर स्थापित किए हैं। इन पर रोजाना बड़ी मात्रा में नागरिक पुराने कपड़े देते हैं। इसके अलावा नेकी की दीवार पर भी बड़ी मात्रा में अनुपयोगी कपड़े एकत्र होते हैं। इन पुराने कपड़ों से धागा बनाने के लिए ट्रेंचिंग ग्राउंड पर पीपीपी मोड पर पुराने कपड़ों से धागा बनाने का संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। पशु शवदाह स्थापित किया जा रहा दुर्गंध और प्रदूषण से भी मिलेगी राहत नगरीय सीमा में रोजाना करीब 50 पशुओं की मृत्यु होती है। इन पशुओं के शव को फिलहाल ट्रेंचिंग ग्राउंड लाकर दफनाया जाता है। इसके अलावा शहरभर से एकत्र होने वाले मीट अपशिष्ट को भी ट्रेंचिंग ग्राउंड लाया जाता है। यहां जमीन में गड्ढा कर अपशिष्ट को गाढ़ा जाता है। इससे उठने वाली बदबू से वायु प्रदूषण होता है। भूजल भी दूषित होता है। इससे बचने के लिए अब पीपीपी मोड पर पशुओं के शव के लिए शवदाह स्थापित किया जा रहा है। आग पर काबू अब मिनटों में देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड में नया फायर स्टेशन शहर के पूर्वी क्षेत्र में अग्निशमन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में नया फायर स्टेशन विकसित करने जा रहा है। पालदा और नेमावर रोड क्षेत्र में पिछले दो दशक में बड़ी संख्या में रहवासी कॉलोनियां विकसित हुई हैं। हजारों की संख्या में लोग इन क्षेत्रों में रह रहे हैं। आग लगने की स्थिति में दमकलों को कई किमी दूर स्थित फायर स्टेशन से बुलाना पड़ता है। ट्रेंचिंग ग्राउंड पर फायर स्टेशन विकसित होने से दमकलें कुछ ही मिनट में मौके पर पहुंच सकेंगी।