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शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा, पारा 4.7°C पर, भोपाल-इंदौर में 7°C से नीचे; उत्तरी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बर्फबारी और बारिश का मौसम

भोपाल  उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में जारी बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश में भी महसूस किया जा रहा है. हालांकि सर्द हवाओं की रफ्तार अभी कम है, इसलिए अगले तीन दिन तक शीतलहर का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रदेश के शहरों के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. शनिवार रात को प्रदेश के शहडोल जिले का कल्याणपुर सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत की ओर दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं. जिनके प्रभाव से पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहेगा. जैसे ही ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, बर्फ के पिघलने के बाद उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर आएंगी. इससे एक बार फिर शीतलहर का दौर शुरू हो जाएगा. इन जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे प्रदेश के करीब 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है। राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, इंदौर में 5.9 डिग्री, भोपाल में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा ग्वालियर में 9.8, मंदसौर में 6, शाजापुर में 6.4 और रीवा में पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया. अन्य शहरों में भी कुछ ऐसा ही हालत है. न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बदलाव नहीं मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में एक सिनोप्टिक सिस्टम अपर और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है. आने वाले दिनों में यह प्रदेश के ऊपर सक्रिय हो सकता है. इसके साथ ही एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी पश्चिमी हिमालय में सक्रिय होगा. अगले पांच दिनों में प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बदलाव नहीं होगा. इस जिले का तापमान सबसे कम न्यूनतम तापमान: कल्याणपुर (शहडोल)- 4.7°C (सबसे कम), राजगढ़/पचमढ़ी (नर्मदापुरम)- 5.4°C, इंदौर- 5.9°C, मंदसौर- 6°C, गिरवर (शाजापुर)- 6.4°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान ग्वालियर- 9.8°C उज्जैन- 9.2°C जबलपुर- 8.5°C भोपाल- 6.4°C इंदौर- 5.9°C एमपी के 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की रात में प्रदेश के 25 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। 5 बड़े शहरों में इंदौर में सबसे कम 5.9 डिग्री रहा। भोपाल में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 4.7 डिग्री रहा। वहीं, राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, मंदसौर में 6 डिग्री, शाजापुर में 6.4 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, रायसेन-नौगांव में 7.6 डिग्री, मलाजखंड में 7.9 डिग्री, मंडला-शिवपुरी में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.4 डिग्री, बैतूल में 9 डिग्री, दमोह, सतना, टीकमगढ़ और खजुराहो में तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जेट स्ट्रीम की रफ्तार 176 किमी प्रतिघंटा वर्तमान में जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 176 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा सर्दी बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है। दो नए सिस्टम बढ़ाएंगे ठंड का असर मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत की ओर दो और पश्चिमी विक्षोभ बढ़ रहे हैं। इनके असर से पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश जारी रहेगी। जब ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, तब जमी हुई बर्फ पिघलेगी और उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर बढ़ेंगी। इसके बाद एक बार फिर प्रदेश में कोल्ड वेव यानी शीतलहर की वापसी होगी। 25 शहरों में 10 डिग्री से नीचे पारा प्रदेश के 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में पारा 5.9 डिग्री रहा, भोपाल में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, मंदसौर में 6 डिग्री, शाजापुर में 6.4 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री और कई अन्य जिलों में रात का तापमान 7 से 9 डिग्री के बीच बना रहा। ऊपर आसमान में तेज जेट स्ट्रीम मौसम में ठंड बनाए रखने में जेट स्ट्रीम की भी अहम भूमिका है। वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर जमीन से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम करीब 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। इसका प्रभाव मध्यप्रदेश तक महसूस किया जा रहा है। कुछ समय पहले इसकी रफ्तार 222 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच चुकी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक जेट स्ट्रीम ऊंचाई पर चलने वाली बेहद तेज हवा होती है। जब पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ इसका मेल होता है, तब ठंड का असर कई गुना बढ़ जाता है। नवंबर में ही टूट चुके रिकॉर्ड इस सीजन में ठंड ने नवंबर में ही पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर रहा। 17 नवंबर की रात भोपाल का तापमान 5.2 डिग्री तक गिर गया, जो अब तक का सबसे कम रिकॉर्ड है। इंदौर में भी 25 साल बाद नवंबर में पारा 6.4 डिग्री तक पहुंचा। दिसंबर-जनवरी में ठंड का असली दौर मौसम विभाग का कहना है कि जिस तरह मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे अहम होते हैं, उसी तरह ठंड के लिहाज से दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी महीने माने जाते हैं। इन्हीं महीनों में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाएं सबसे ज्यादा असर दिखाती हैं। पश्चिमी विक्षोभ … Read more

डायल-112 की तत्परता: घायलों को उपचार दिलवाया, वृद्ध महिला को परिजनों से मिलाया

डायल-112 की तत्परता: घायलों को उपचार दिलवाया, वृद्ध महिला को परिजनों से मिलाया डायल-112 की त्वरित कार्रवाई: घायलों का इलाज और वृद्ध महिला का सुरक्षित पुनर्मिलन भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए दो अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों की सहायता की।  विदिशा जिले के थाना ग्यारसपुर क्षेत्र में धनसिंहपुर चक गाँव के पास दो मोटरसाइकिलों में आपसी टक्कर हो गई, जिसमें चार लोग घायल हो गए। इनमें से कुछ को गंभीर चोटें आई थीं। घटना की सूचना प्राप्त होते ही राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल से तत्काल ग्यारसपुर क्षेत्र में तैनात वाहन को रवाना किया गया। एफआरव्ही वाहन के आरक्षक हरेंद्र सिंह तोमर एवं पायलट गोपीचंद मौके पर पहुँचे और घायलों की स्थिति देखकर बिना विलंब किए उन्हें डायल 112 वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ग्यारसपुर पहुँचाया। चिकित्सकों द्वारा घायलों का उपचार जारी है। समय पर अस्पताल पहुँचाने से उन्हें राहत मिल सकी। उज्जैन इसी क्रम में उज्जैन जिले के थाना महिदपुर क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड के पास एक वृद्ध महिला मिलीं, जो रास्ता भटक गई थीं। सूचना मिलते ही डायल-112 वाहन तत्काल मौके पर पहुँचा। आरक्षक सुखदेव सोलंकी एवं पायलट दिनेश कुमावत ने महिला से बातचीत कर जानकारी प्राप्त की। महिला ने अपना नाम रेखा देवी पत्नी राधेश्याम, उम्र 65 वर्ष, निवासी ग्राम डेल्ची बताया। वह अपने गाँव से लसूडिया जाने के लिए निकली थीं, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण बस स्टैंड पहुँच गई थीं।डायल-112 की टीम ने वृद्ध महिला को सुरक्षित अपने साथ रखा और उनके बताए पते पर परिजनों से संपर्क किया। कुछ समय बाद महिला का पोता मौके पर पहुँचा। पहचान और सत्यापन उपरांत डायल-112 टीम ने वृद्धा को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया। परिजनों ने समय पर मिली सहायता और सहयोग के लिए टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।दोनों घटनाएँ यह प्रमाणित करती हैं कि डायल-112 सेवा न केवल आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराती है, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता के साथ जनसेवा में सतत सक्रिय है।  

मध्यप्रदेश पुलिस की प्रभावी पहल: नक्सल-मुक्त राज्य बनाने के लिए रोजगार आधारित रणनीति

मध्यप्रदेश पुलिस की प्रभावी पहल: नक्सल-मुक्त राज्य बनाने के लिए रोजगार आधारित रणनीति नक्सल-मुक्त मध्यप्रदेश की दिशा में पुलिस की रोजगार केंद्रित व्यापक कार्रवाई भोपाल  नक्सल-मुक्त भारत एवं नक्सल-मुक्त मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय संकल्प को सुदृढ़ करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर रोजगार आधारित पहलें की जा रही हैं। मंडला एवं बालाघाट जिलों में संचालित ये प्रयास समाज के अंतिम छोर पर खड़े युवाओं और महिलाओं तक सकारात्मक परिवर्तन पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। इन पहलों के माध्यम से न केवल आजीविका के अवसर सृजित किए जा रहे हैं, बल्कि विकास, सुरक्षा और विश्वास का ऐसा वातावरण तैयार किया जा रहा है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को स्थायी रूप से मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रहा है। मंडला जिले में पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा के नेतृत्व में “एकल सुविधा केंद्र” के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने हेतु निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। पूर्व में आयोजित प्लेसमेंट कैंप के उत्साहजनक और सकारात्मक परिणामों को आगे बढ़ाते हुए दिनांक 11 दिसंबर 2025 को बिछिया क्षेत्र के 15 ग्रामीण युवाओं का चयन किया गया। चयनित युवाओं को औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, जिसके पश्चात वे प्रशिक्षण हेतु L&T के लखनादौन स्थित प्रशिक्षण केंद्र के लिए रवाना हुए। उल्लेखनीय है कि मंडला जिले में पूर्व में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार मेले के पश्चात यह लगातार मिल रही उपलब्धि इस तथ्य को स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि ग्रामीण युवाओं में अब मुख्यधारा के रोजगार के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। पुलिस की सक्रिय पहल, मार्गदर्शन और विश्वासपूर्ण संवाद के कारण युवाओं को अपने क्षेत्र में ही नए अवसर मिल रहे हैं, जिससे उन्हें पलायन, भटकाव और नकारात्मक प्रभावों से दूर रखने में भी सफलता मिल रही है। इसी क्रम में बालाघाट जिले में माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक बालाघाट श्री आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में रोजगार आधारित पहल को और अधिक विस्तार दिया गया है। इस पहल के अंतर्गत महिलाओं को भी रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। Confederation of Indian Industry के सहयोग से छिंदवाड़ा में आयोजित रोजगार मेले के माध्यम से 25 ग्रामीण महिलाओं का चयन किया गया। इनमें से प्रथम चरण में 4 महिलाओं को दो माह के प्रशिक्षण हेतु छिंदवाड़ा स्थित प्रशिक्षण केंद्र भेजा गया है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात इन महिलाओं को Taj Hotels में नियुक्ति प्रदान की जाएगी। शेष चयनित महिलाओं को आगामी चरणों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा, जिससे उन्हें भी समान रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। प्रशिक्षण हेतु महिलाओं की रवानगी के अवसर पर उनके परिजन भी उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास माओवाद प्रभावित क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में नई आशा, आत्मविश्वास और सम्मानजनक आजीविका का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। रोजगार और कौशल प्रशिक्षण के ये अवसर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत बुनियाद बन रहे हैं। युवाओं एवं महिलाओं का निजी क्षेत्र से जुड़ना उन्हें संसाधनों की कमी, भटकाव और गलत दिशा में जाने से रोकते हुए आत्मनिर्भरता, स्थिरता और सामाजिक मुख्यधारा की ओर अग्रसर कर रहा है। यह पहल केंद्र सरकार के “नक्सल-मुक्त भारत” के लक्ष्य तथा मध्यप्रदेश की “सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर समाज” की नीति को ठोस समर्थन प्रदान करती है। पुलिस-जन समन्वय का यह मॉडल विश्वास निर्माण का एक प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसमें सुरक्षा के साथ-साथ संवेदनशीलता, संवाद और अवसरों का समावेश है। मंडला एवं बालाघाट पुलिस द्वारा संचालित रोजगारोन्मुख कार्यक्रम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और स्थायी सामाजिक परिवर्तन लाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस भविष्य में भी ऐसी जन-केंद्रित और समावेशी पहलों के माध्यम से युवाओं एवं महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगी।  

रेलवे का बड़ा फैसला: बनारस जाने वाली स्पेशल ट्रेन MP में रुकेगी, कई ट्रेनों के समय में हुआ बदलाव

इटारसी  रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा तथा उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से इटारसी होकर बनारस-लोकमान्य तिलक टर्मिनल के बीच 01-01 ट्रिप स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।   इटारसी में भी रुकेगी ट्रेन गाड़ी संख्या 01082 बनारस-लोकमान्य तिलक स्पेशल बनारस से 12 दिसंबर को 19.40 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 13.50 बजे इटारसी आगमन कर तीसरे दिन 06.25 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनल पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 01081 लोकमान्य तिलक टर्मिनल-बनारस स्पेशल दिनांक 14 दिसंबर को अपने प्रारंभिक स्टेशन से 08.25 बजे प्रस्थान कर 21.00 बजे इटारसी आगमन कर दूसरे दिन 16.05 बजे पहुंचेगी।   ये होगा ट्रेन का रूट ट्रेन रास्ते में वाराणसी, मिर्जापुर, प्रयागराज छिवकी, मानिकपुर, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, खंडवा, भुसावल, नासिक एवं कल्याण स्टेशन पर रुकेगी। रेल मंडल भोपाल के पीआरओ नवल अग्रवाल ने बताया कि स्पेशल ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को भीड़ भरे सफर से राहत मिलेगी। यात्री अपने समय अनुसार स्पेशल ट्रेनों की मदद से एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से आरामदायक तरीके से पहुंच सकेंगे। 1 जनवरी से रेलवे की नई समय-सारणी होगी लागू पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में 1 जनवरी 2026 से ट्रेनों की नई समय-सारणी लागू होगी। रेलवे प्रशासन ने बताया कि इस नई सारणी में कई प्रमुख ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय में आंशिक बदलाव किया गया है।   इटारसी से गुजरने वाली ट्रेनों की टाइमिंग इटारसी से गुजरने वाली पुणे सुपौल-पुणे एक्सप्रेस 12149/12150 का नंबर 4 दिसंबर से बदल जाएगा। यह ट्रेन अब 11401/11402 नंबर से संचालित होगी। 1 जनवरी से कई ट्रेनों के प्रारंभिक स्टेशनों से प्रस्थान समय में परिवर्तन होगा। भोपाल-रीवा एक्सप्रेस अब 23.05 के बजाय 23 बजे चलेगी।  मध्यवर्ती स्टेशनों पर भी कई लंबी दूरी की ट्रेनों के समय में संशोधन किया गया है। इनमें इटारसी और बीना स्टेशन प्रमुख है। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि 1 जनवरी 2026 से यात्रा करने से पहले नई समय-सारणी की जानकारी स्टेशन, अधिकृत वेबसाइट, रेल मदद 139 या अन्य ऑनलाइन माध्यमों से अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके। 

ठिठुरेगा मध्यप्रदेश: 48 घंटे में पारा लुढ़कने के आसार, गलन वाली शीतलहर की चेतावनी

भोपाल  इन दिनों मध्य प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। 13 दिसंबर शनिवार से तापमान में और गिरावट दर्ज होने की संभावना है। उत्तर भारत की पहाड़ियों पर जारी भारी बर्फबारी का असर आज से राज्य के अधिकतर इलाकों में दिखाई दे सकता है। 25 से अधिक शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, शनिवार से ठंड में और बढ़ोतरी होगी। ऐसे में कई क्षेत्रों में गलन वाली शीतलहर का प्रभाव देखने को मिलेगा। उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते प्रदेश के 25 से ज़्यादा शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे द्रज किया जाएगा। जबकि, मौजूदा समय में ही सूबे के शहडोल, उमरिया, राजगढ़ और नौगांव समेत कई जिलों का तापमान 3 डिग्री से 7 डिग्री के बीच पहुंच गया है। शीतलहर का अलर्ट भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में तापमान गिरकर 6 से 9 डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में शीतलहर और गंभीर शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। साथ ही रात और सुबह के समय लगातार कोहरे, कम विजिबिलिटी और कड़ाके की ठंड की चेतावनी भी दी गई है।   विजिबिलिटी घटेगी कई इलाकों में सुबह और रात में घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के कारण ट्रैफिक में दिक्कत हो सकती है। लोगों को इस दौरान सावधान रहने की सलाह दी गई है।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी: काचिगुड़ा से मदार के बीच स्पेशल ट्रेन का ऐलान, जानें पूरा रूट

भोपाल  मध्य प्रदेश से यात्रा का विचार कर रहे रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। काचिगुड़ा से मदार (अजमेर) के बीच स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू किया जा रहा है। इस स्पेशल ट्रेन के संचालन से भोपाल रेल मंडल समेत प्रदेश के कई रेलवे स्टेशनों पर स्टॉप लेगी। ट्रेन नंबर 07733 काचिगुड़ा-मदार स्पेशल फेयर उर्स स्पेशल ट्रेन 23 दिसंबर 2025 से चलेगी और वापसी में मदर से काचिगुड़ा के लिए 28 दिसंबर को रवाना होगी। यह ट्रेन भोपाल मंडल से होकर गुजरेगी, जिसमें इटारसी और भोपाल सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। एमपी, तेलंगाना और राजस्थान के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी यह स्पेशल ट्रेन यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने और सुविधा प्रदान करने के लिए चलाई जा रही है। ट्रेन में स्लीपर, थर्ड एसी और सेकंड एसी कोच की सुविधा रहेगी। कुल यात्रा समय लगभग 39 घंटे 50 मिनट का होगा और दूरी करीब 1625 किलोमीटर। रेलवे के इस फैसले से मध्य प्रदेश, तेलंगाना और राजस्थान के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यात्रा पर जाने से पहले यात्री IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या एप से कर सकते हैं।  

मध्यप्रदेश में मंत्री पर सख्त रुख, बीजेपी संगठन ने मांगा जवाब, बढ़ी बेचैनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी Pratima Bagri इन दिनों सुर्खियों में हैं। उनका परिवार गांजा तस्करी में लिप्त पाया गया है। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के भाई अनिल बागरी और बहनोई शैलेंद्र को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है। इस प्रकरण से राज्य की बीजेपी सरकार चिंतित हो उठी है। कांग्रेस राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से इस्तीफे की मांग कर रही है। इस मुद्दे पर राज्य सरकार पर भी लगातार प्रहार किए जा रहे हैं। कांग्रेस के बेहद हमलावर रुख को देखते हुए अब बीजेपी संगठन आगे आया है। संगठन नेताओं ने सख्ती दिखाते हुए राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से मामले पर न केवल सफाई मांगी बल्कि उनकी भूमिका पर भी सवाल उठाए। बताया जा रहा है कि पार्टी के कड़े तेवर से मंत्री की निराशा बढ़ गई है। सतना जिले की रैगांव विधानसभा की विधायक व प्रदेश की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी Pratima Bagri, अपने परिवार के कारण मुश्किलों से घिर गई हैं। उनके भाई व बहनोई को तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस और मीडिया का दबाव बढ़ा तो राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने दोनों से पल्ला झाड़ लिया और साफ कह दिया कि मेरा उनसे कोई संबंध नहीं है। हालांकि उनकी इस सफाई पर कोई यकीन करने के लिए तैयार नहीं दिख रहा। पार्टी ने सख्त लहजा अपनाते हुए प्रकरण में सफाई मांगी खासकर पार्टी में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल इस मुद्दे पर बीजेपी विरोधियों के निशाने पर है। पार्टी को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में प्रदेश बीजेपी ने कड़े तेवर अपना लिए हैं। पार्टी नेताओं ने मंत्री प्रतिमा बागरी के प्रति सख्त लहजा अपनाते हुए इस प्रकरण में उनसे सफाई मांगी। बीजेपी संगठन का वरिष्ठ नेतृत्व मंत्री की इस बात से कतई सहमत नहीं है कि तस्करी जैसे अपराधों से उनका कोई वास्ता नहीं है। भाई और बहनोई अपने कृत्यों के लिए खुद जिम्मेदार हैं।    सख्त स्वरों में चेताया सूत्रों के अनुसार बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश महामंत्री हितानंद शर्मा ने इस मामले में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से बात की। खुद को पाकसाफ बताने पर दोनों नेताओं ने नाराजगी जताई। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी को सख्त स्वरों में चेताया गया।   बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व को पहले ही पूरे मामले की जानकारी दी जा चुकी है। सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी अवगत करा दिया गया था।  

मेट्रो सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत: 20 दिसंबर को सीएम मोहन संग केंद्रीय मंत्री करेंगे उद्घाटन

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल वासियों को लंबे समय से जिस पल का बेसब्री से इंतजार था आखिरकार वो पल महज एक सप्ताह में हकीकत बनते हुए उनके सामने आने वाला है। हम बात कर रहे भोपाल मेट्रो की। आपको जानकर खुशी होगी कि, जिसे मेट्रो का इंतजार भोपालवासी बीते कई वर्षों से कर रहे है, वो पहले चरण के ट्रेक पर आने वाली 20 दिसंबर से पटरियों पर दौड़ती नजर आएगी। क्योंकी इस तारीख पर शासन की ओर से मुहर लगा दी गई है। मध्य प्रदेश मेट्रो कारर्पोरेंशन के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य का कहना है कि, 20 दिसंबर को भोपाल मेट्रो का लोकार्पण किया जाएगा। शासन ने लोकार्पण की तारीख आधिकारिक रूप से तय कर ली है। साथ ही, मेट्रो प्रबंधन को इसकी औपचारिक सूचना भी भेज दी गई है। लोकार्पण कार्यक्रम शहर के मिंटो हाल में दिन के समय आयोजित किया जाएगा। सीएम मोहन के साथ मेट्रो को झंडी दिखाएंगे केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मिलकर भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर उसे रवाना करेंगे। जबकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेंगे। आपको बता दें कि, पहले फेस में आरेंज लाइन के 7.5 किलोमीटर प्रायोरिटी कारिडोर पर मेट्रो चलाई जाएगी। यह रूट एम्स मेट्रो स्टेशन से लेकर सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक का होगा। इस रूट के शुरू होने से हजारों यात्रियों को रोजाना राहत मिलेगी। जबकि, दोनों प्रमुख स्टेशनों के बीच यात्रा का समय भी काफी कम होगा। सोमवार को जारी होगी विसतृत जानकारी मेट्रो प्रबंधन की ओर से सोमवार को इस पूरे आपरेशन से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी जारी कर दी जाएगी। जैसे- संचालन समय, किराया, यात्रियों के लिए नियम समेत अन्य जरूरी विवरण शामिल होगा। 100 वर्षों के हिसाब से मेट्रो तैयार मेट्रो प्रबंधन के अफसरों की मानें तो इस प्रोजेक्ट को आगामी 100 वर्षों की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या भले ही कम रहे, लेकिन जैसे-जैसे पूरे रूट पर काम पूरा होगा, मेट्रो पर यात्रियों का दबाव बढ़ता जाएगा और मेट्रो भोपाल की लाइफलाइन बन जाएगी।

भोपालवासियों के लिए बड़ी सुविधा: 8 साल बाद फिर दौड़ेगी महापौर एक्सप्रेस, कई सेवाएं होंगी डोर-टू-डोर

भोपाल नगर निगम आम नागरिकों को घर पर ही रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आठ साल से बंद पड़ी महापौर एक्सप्रेस सेवा को दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस योजना पर महापौर परिषद में विचार-विमर्श किया जाएगा और इसके बाद आम लोगों से भी सुझाव लिए जाएंगे, ताकि सेवा का संचालन ज्यादा प्रभावी और जरूरतों के अनुरूप किया जा सके। गौरतलब है कि पहले महापौर एक्सप्रेस के तहत पांच से छह तरह की सेवाएं उपलब्ध कराई जाती थीं, लेकिन नई योजना में इनकी संख्या बढ़ाने की तैयारी है। प्रस्तावित सेवाओं में अब इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर, प्लंबर, टर्नर, मैकेनिक, पेंटर और ड्राइवर के साथ घरेलू जरूरतों को देखते हुए कुक, स्वीपर, काम वाली बाई और अन्य छोटे-मोटे घरेलू कार्यों को भी सेवा में जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।   शुल्क 200 से बढ़ाकर 500 रुपये करने का प्रस्ताव करीब नौ साल पहले जब यह सेवा शुरू हुई थी तब 200 रुपये शुल्क तय किया गया था। हालांकि नई योजना के तहत शुल्क बढ़ाकर 500 रुपये करने का प्रस्ताव है। निगम अधिकारियों का कहना है कि महंगाई और सेवाओं के विस्तार को देखते हुए शुल्क में बढ़ोतरी जरूरी है। प्रचार प्रसार के अभाव में बंद हुई सेवा महापौर एक्सप्रेस सेवा वर्ष 2016 में शुरू की गई थी, लेकिन पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण सफल नहीं हुई। शुरुआत में निगम ने दो वाहनों में छह टेक्नीशियन सहित 12 कर्मचारियों को तैनात किया था। पहले साल सेवा को अच्छा रिस्पान्स मिला, लेकिन धीरे-धीरे लोगों की जानकारी कम होती गई। वर्ष 2018 में यह सेवा बंद कर दी गई। महापौर एक्सप्रेस को नए स्वरूप में शुरू करने की पूरी योजना बनाई जा रही है। आम लोगों के सुझाव लेकर सेवाओं का दायरा बढ़ाया जाएगा। मनोज राठौर, एमआइसी मेंबर, महापौर परिषद।

कचरे से विकास की राह: भोपाल वेस्ट से तैयार होगी मध्यप्रदेश की पहली 10 लेन सड़क, 836 करोड़ का प्रोजेक्ट

भोपाल प्रदेश की पहली 10 लेन सड़क के निर्माण में राजधानी भोपाल से निकला लाखों मीट्रिक टन कचरा उपयोग में लाया जाएगा। इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने भोपाल नगर निगम को प्रस्ताव भेजा है। साथ ही आदमपुर खंती से सालिड वेस्ट के सैंपल लेकर उसकी लैब टेस्टिंग भी कराई गई है।निगम अधिकारियों के अनुसार चार अलग-अलग तरह की टेस्टिंग में कचरा उपयुक्त पाया गया है। सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो करीब 10 लाख मीट्रिक टन सालिड वेस्ट 10 लेन सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा। 11 फ्लाईओवर, एक आरओबी और 2 माईनर ब्रिज बनेंगे 10 लेन सड़क का प्रारंभिक बिंदु आशाराम तिराहा और अंतिम बिंदु रत्नागिरी चौराहा होगा। इसमें 16.44 किलोमीटर एलिवेटेड रोड, 5.796 किलोमीटर एप्रोच रोड, 8.616 किलोमीटर बैलेंस सिक्स लेन और 1.708 किलोमीटर बैलेंस फोर लेन शामिल हैं। मुख्य मार्ग सिक्स लेन का होगा, जबकि दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड बनाई जाएगी। पूरे प्रोजेक्ट में 11 फ्लाईओवर, एक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और दो माइनर ब्रिज भी बनाए जाएंगे।   15 साल कंपनी करेगी सड़क का रखरखाव इस परियोजना का ठेका राजस्थान की रवि इंफ्राबिल्ड प्रा. लि. कंपनी को मिला है, जिसने 35.68 प्रतिशत बिलो में टेंडर हासिल किया है। कंपनी न केवल दो साल में सड़क का निर्माण करेगी, बल्कि अगले 15 वर्षों तक इसका रखरखाव भी करेगी। सड़क निर्माण पर 836 करोड़ खर्च होंगे। निगम को होगा 5 करोड़ का फायदा एनएचएआई द्वारा आदमपुर खंती से सालिड वेस्ट लेने की योजना से नगर निगम को भी बड़ा लाभ होगा। वर्तमान में निगम कचरे के प्रोसेसिंग पर सालाना 5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रहा है। अगर यह कचरा सड़क निर्माण में उपयोग होता है तो निगम को सीधे तौर पर करीब 5 करोड़ रुपये की बचत होगी। इनका कहना है आदमपुर में जमा कचरा बिटुमिन सड़क निर्माण के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। टेस्टिंग के परिणाम आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। वरूण अवस्थी, अपर आयुक्त, ननि।