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मतदाता सरलता से दर्ज कर सकते हैं विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित शिकायतें: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश

भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश कार्यालय ने जानकारी दी है कि मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी अपनी सभी शिकायतें सरल, पारदर्शी और प्रभावी माध्यमों से दर्ज करा सकते हैं, जिनके समयबद्ध समाधान की व्यवस्था राज्यभर में सुनिश्चित की गई है। फॉर्म वितरण, डाटा सत्यापन, बीएलओ संपर्क, मतदाता सूची त्रुटियों और अन्य निर्वाचन कार्यों से संबंधित शिकायतों के लिए प्रदेश में व्यापक शिकायत निवारण प्रणाली संचालित है। मतदाता अपनी शिकायतें राष्ट्रीय मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर कॉल करके दर्ज करा सकते हैं, जो एक टोल-फ्री सेवा है। शिकायत दर्ज होते ही कॉल करने वाले को एक टोकन आईडी प्रदान की जाती है, जिसके माध्यम से वह बाद में अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकता है। ऑनलाइन सुविधा के रूप में राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (एनवीएसपी) में भी शिकायत पंजीकृत की जा सकती है, जहाँ पोर्टल के ‘कम्प्लेंट’ सेक्शन में जाकर शिकायत का प्रकार चुनने, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने और सबमिट करने पर यह शिकायत सीधे जिला या राज्य निर्वाचन कार्यालय तक पहुँच जाती है और उसका निवारण तय समय-सीमा में किया जाता है। प्रत्येक जिले में कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी), ईआरओ, एईआरओ और निर्वाचन शाखा के माध्यम से भी मतदाता लिखित शिकायतें जमा कर सकते हैं। स्कैन की गई शिकायतें जिले के अधिकृत ईमेल पते पर भेजने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त मतदाता अपनी शिकायतें मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश या भारत निर्वाचन आयोग को ईमेल के माध्यम से भी भेज सकते हैं, जिन पर नियमानुसार संज्ञान लिया जाता है। मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े किसी भी विषय जैसे एनुमरेशन फॉर्म न मिलना, जानकारी का गलत संकलन, बीएलओ की अनुपस्थिति या व्यवहार संबंधी शिकायतें, मतदाता सूची में नाम जुड़ने, कटने अथवा स्थानांतरण से संबंधित त्रुटियाँ, पोलिंग बूथ की समस्याएँ, दिव्यांगजन सुविधाओं में कमी संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के समाधान के लिए राज्य में स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित है। सामान्य शिकायतों का निवारण सात से पन्द्रह दिनों के भीतर किया जाता है, जबकि तात्कालिक या महत्वपूर्ण शिकायतों पर एक से तीन दिनों के भीतर कार्रवाई की जाती है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि “हमारा उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुगम और उत्तरदायी बनाना है। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और समाधान की पारदर्शिता एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।“  

बाघ एवं वन्य प्राणियों के आंकड़े एकत्रित करने हुई प्रशिक्षण कार्यशाला

भोपाल  देश में सर्वप्रथम मध्यप्रदेश में अखिल भारतीय बाघ आकलन के छठे चक्र के अंतर्गत कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए दिनांक 25 एवं 26 नवंबर को एक-एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन राज्य वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर में किया गया। जिसमें अखिल भारतीय बाघ आकलन के नोडल अधिकारी, मध्यप्रदेश द्वारा निर्धारित 83 वन मंडलों, टाइगर रिजर्व, संरक्षित क्षेत्रों एवं निगम मंडलों के कुल 169 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसके माध्यम से प्रदेश के सभी वनमंडलों की लगभग 8500 बीटों से शाकाहारी एवं मांसाहारी वन्यप्राणियों के आँकड़े संगृहीत किए जाएंगे।  मध्यप्रदेश अपने 'टाइगर स्टेट' का दर्जा बरकरार रखने के लिए बीते हुए चक्रो की भांति अखिल भारतीय बाघ आकलन के छठवें चक्र में पूरी तरह से प्रयासरत है। मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा पूर्व में सम्पूर्ण वनमंडलो से बाघ एवं अन्य वन्य प्राणियों के आँकड़े (डाटा) एकत्रित करने के लिये अधिकारी से लेकर क्षेत्रीय अमले तक विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित की गई थी। प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभागियों को एम-स्ट्राइप्स डेस्कटॉप एप्लीकेशन पर प्रशिक्षण दिया गया।जिससे प्रदेश के सम्पूर्ण वनमंडलो से एकत्रित किए गए आँकड़े सटीक रूप में संधारित किए जा सकें एवं राज्य वन अनुसंधान संस्थान के माध्यम से भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के टाइगर सेल को प्रदान किए जा सकें। उक्त प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभागियों को बारीकी से सिखाया गया कि बाघ आकलन के निर्धारित मापदंडों के आधार पर डाटा को कंप्यूटर में किस प्रकार दर्ज (संधारित) किया जाएगा, इसके साथ प्रशिक्षार्थियों को प्रदेश के टाइगर स्टेट के दर्जे को बरक़रार रखने के लिए शपथ दिलाई गई। कार्यशाला का शुभारंभ राज्य वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर के संचालक श्री प्रदीप वासुदेवा द्वारा किया गया। उपसंचालक श्री संदीप फेलोज एवं जबलपुर वन मंडल के वनमंडलाधिकारी श्री ऋषि मिश्रा उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यशाला में भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून एवं राज्य वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर के वैज्ञानिक दल द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला में भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून की ओर से श्री मनीष एवं श्री ओमकार नार के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया, राज्य वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर की ओर से वैज्ञानिक डॉ. अनिरुद्ध मजूमदार, श्री एस.एस. रघुवंशी, श्रीमती ज्योत्सना गुप्ता, श्री राजेश दीक्षित, श्री बलराम लोधी, कुमारी दीप्ति सोनावने, कुमारी पियूषा विश्वास, संत कुमार, अर्घ्य कुसुम दास, सूर्यांश दुबे आदि की उपस्थित में कार्यशाला सफलतापूर्वक हुई। अखिल भारतीय बाघ आकलन-2026 के लिये प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में मुख्य वन संरक्षक स्तर की कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसके अलावा माधव टाइगर रिज़र्व, पन्ना टाइगर रिज़र्व, कान्हा टाइगर रिज़र्व एवं सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में वनमंडलाधिकारी स्तर की कार्यशालाएँ आयोजित की गई थीं। प्रदेश के 9 टाइगर रिज़र्व (पेंच, कान्हा , बांधवगढ़ , सतपुड़ा , पन्ना , माधव , वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व, रातापानी एवं संजय-डुबरी टाइगर रिज़र्व) तथा 2 संरक्षित क्षेत्रों (गांधीसागर अभयारण्य एवं खिवनी वन्यजीव अभयारण्य) में उप वनमंडलाधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी एवं फॉरेस्ट गार्ड स्तर की कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया था। 

उज्जैन से होने वाला प्रसारण आकाशवाणी के इतिहास में लिखेगा नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने किया उज्जैन के आकाशवाणी केन्द्र का लोकार्पण आकाशवाणी का उज्जैन केन्द्र बनेगा युवाओं के रोजगार और प्रसारण कौशल का जरिया: केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. मुरूगन प्रदेश का 20वां आकाशवाणी केन्द्र है उज्जैन रोज सुबह 5.55 से शुरू होकर रात 11 बजे तक लगातार जारी रहेगा प्रसारण उज्जैन जिले को दी 179 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की बड़ी सौगात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह आकाशवाणी का उज्जैन केन्द्र है, ऐसा सुनने की हसरत अब जाकर पूरी हुई है। आकाशवाणी का भवन तैयार था, परंतु प्रसारण की मंजूरी के कारण अटका था। मंजूरी मिलने के मात्र 6 माह में उज्जैन के आकाशवाणी केंद्र से प्रसारण प्रारम्भ हो गया है। यह प्रदेश का 20वां आकाशवाणी केन्द्र है। इस केंद्र से निकले एक-एक शब्द उज्जैन और सिंहस्थ की प्रतिष्ठा होंगे। आकाशवाणी के कार्यक्रम, इसकी प्रस्तुति गांव-गांव तक उज्जैन और सिंहस्थ की महिमा पहुंचाएगी। मुझे विश्वास है कि आकाशवाणी अपना यह दायित्व, पूर्ण निष्ठा के साथ निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनोरंजन के साथ आकाशवाणी ने समाज सेवा और जन-जागरूकता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उज्जैन से होने वाला प्रसारण आकाशवाणी के इतिहास में नई इबारत लिखकर चार चांद लगाएगा। यहां रोजाना सुबह 5.55 बजे से प्रारंभ होकर रात 11 बजे तक लगातार प्रसारण जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में आकाशवाणी उज्जैन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले को भी सौगातें दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से उज्जैन जिले के लिए करीब 179 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 55 करोड़ 27 लाख की लागत से महाराजवाड़ा में तैयार सांदीपनि स्कूल का एवं 30 करोड़ 21 लाख की लागत से उज्जैन रेलवे ओवर ब्रिज का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न मार्गों के निर्माण और उन्नयन कार्य, 32 करोड़ 69 लाख रुपये की लागत से शासकीय धनवंतरी आयुर्वेदिक महाविद्यालय में 250 सीटर बालक और बालिका छात्रावास का निर्माण, 8 करोड़ 37 लाख की लागत से रेप्टाइल पार्क एवं स्नेक पार्क तथा करीब 3 करोड़ की लागत से हाईटेक नर्सरी के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से उपचार और इसके प्रचार-प्रसार के मामले में सिरमौर है, इसलिए उज्जैन में आयुर्वेद का एम्स बनाने की दिशा में भी हम केन्द्र सरकार को अपना प्रस्ताव भेजेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरवासियों को आकाशवाणी केंद्र के शुभारंभ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उज्जैन के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण हैं। यहां के लोगों के कान अपने आकाशवाणी केंद्र की आवाज सुनने को तरस गए थे। यह स्वप्न प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन के प्रयासों से पूरा हो रहा है। उज्जैन की हवा में बाबा महाकाल की भक्ति और शक्ति निरंतर रहती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली रही है। उज्जैन के कण-कण में सम्राट विक्रमादित्य का गौरव महसूस होता है। वे आज भी हमारे आदर्श हैं। यह आकाशवाणी केन्द्र उज्जैन के लिए देववाणी और महालोक वाणी बनेगा। उन्होंने कहा कि 2028 में सिंहस्थ आने वाला है। युवाओं, कलाकारों ने अपनी तैयारियां कर ली हैं। उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण का शिक्षा आश्रम है। राज्य सरकार श्रीकृष्ण से जुड़े सभी लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करेगी। एक दिसंबर को पूरे प्रदेश में धूमधाम से गीता जयंती मनाई जाएगी। सोने पर सुहागा सिद्ध होगा उज्जैन स्टेशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकाशवाणी ने कला-संस्कृति, शिक्षा-स्वास्थय, जनजागरुकता और कृषि समेत हर क्षेत्र के संरक्षण और संवर्धन में अपना अद्वितीय योगदान दिया है। आकाशवाणी ने रंगकर्मियों और विभिन्न कलाधर्मियों को भी सुनहरा मंच दिया है। वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ जैसे विराट महा-आयोजन की तैयारी हम कर रहे हैं। ऐसे में आकाशवाणी उज्जैन का शुरू होना सोने पर सुहागा सिद्ध होगा। स्थानीय प्रसारण के जरिये देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक बाबा महाकाल की नगरी के वैभव का आंखों देखा हाल सुन पाएंगे। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ महाकुंभ को यूनेस्को की सूची में भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन शहर से कनेक्टिविटी, ट्रैफिक की सुगमता के लिए सड़कों का चौड़ीकरण, उन्नयन हम युद्ध स्तर पर कर रहे हैं। उज्जैन नगरी और बाबा महाकाल की महिमा श्रद्धालुओं को रोचक तरीके से पहुंचाने के लिए रुद्रसागर पर वाटर स्क्रीन प्रोजेक्शन एवं म्यूजिकल फाउंटेन-शो की शुरुआत भी हमने की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकाशवाणी उज्जैन सिंहस्थ के जीवंत प्रसारण (Live Telecast) का इतिहास लिखेगा और यहां से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम उदाहरण बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी तीव्र विस्तार किया जा रहा है। हमारी सरकार यहां मेडिकल टूरिज्म हब बना रही है। इसी कड़ी में मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है। हमने लक्ष्य रखा है कि सिंहस्थ 2028 से संबंधित सभी अवंसरचनात्मक एवं प्रबन्धात्मक कार्य वर्ष 2027 के अंत तक पूरे कर लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ से पहले उज्जैन में सड़कों के चौड़ीकरण सहित कई प्रकार के अधोसंरचना विकास कार्य जारी हैं। विकास में सब का योगदान होना चाहिए। हम सभी विकास कार्यों के संकल्पों में साथ हैं। उन्होंने उज्जैनवासियों को मंच से अपने पुत्र के शुभविवाह में आने का आमंत्रण दिया।  

मंत्री कुशवाह ने कहा- सामाजिक न्याय विभाग मानवीय संवेदनाओं से संचालित विभाग

भोपाल  सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि विभाग का मूल उद्देश्य समाज के असहाय और कमजोर वर्गों तक संवेदनशीलता के साथ योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय विभाग केवल प्रशासनिक कार्यवाही का ढांचा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना से संचालित एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसका केन्द्र बिंदु जरूरतमंद नागरिकों का सशक्तिकरण है। मंत्री श्री कुशवाह ने यह बात विभागों के 2 वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा बैठक में कही। मंत्री श्री कुशवाह ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, निराश्रितजन, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं सहित सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता मिलना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि पेंशन योजनाओं के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए और फील्ड स्तर पर हितग्राहियों से सीधा संवाद बढ़ाया जाए। मंत्री श्री कुशवाह ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करते हुए विभागीय सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के सबसे कमजोर लोगों के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने आगामी समय में विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और डिजिटल सेवाओं को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियाँ और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।  

वायु गुणवत्ता बनाए रखने 30 नवम्बर तक करें कार्य-योजना प्रस्तुत : मुख्य सचिव जैन

राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की हुई बैठक प्रदूषण रोकने के लिए जन-जागरूकता पर भी जोर भोपाल  मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के प्रमुख 7 नगरों में उच्च वायु गुणवत्ता स्तर बनाए रखने के लिए मौजूद समय के साथ ही दीर्घकालीन कार्ययोजना 30 नवम्बर तक प्रस्तुत करने के निर्देश पर्यावरण संरक्षण और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। मंत्रालय में बुधवार को नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में वन और पर्यावरण, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन एवं विकास, गृह, औद्यागिक निवेश एवं प्रोत्साहन, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, परिवहन आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वी.सी के माध्यम से भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, सागर तथा देवास के कलेक्टर, एस पी, और नगर निगम के आयुक्त भी सम्मिलित हुए। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि राष्ट्रीय क्लीन एयर प्रोग्राम के मापदंडो के अनुरूप दिल्ली जैसे महानगरों में प्रदूषण के स्तर को कम कर वायु गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किए जाने वाले उपायों को केंद्र में रखकर प्रमुख विभागों का एक एक्सपर्ट ग्रुप बनाएं और लघु तथा दीर्घ कालीन कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने पराली जलाने की घटनाओं को भविष्य में भी रोकने के प्लान के अलावा वाहनों, निर्माण कार्यों और कचरे आदि में आग लगाने जैसी प्रवृत्तियों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए पृथक-पृथक एक्शन प्लान बनाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों की धूल रोकने के लिए उनकी मरम्मत आदि करने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने पर ध्यान दें। गुणवत्ता विहीन सड़कों के निर्माण के लिए अधिकारी तथा निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्यवाही की जाए। वायु गुणवत्ता मानक 100 के नीचे लाएं मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि जिन शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर ठीक नहीं है, उनका पूरा ध्यान वायु गुणवत्ता को औसत मानक 100 से नीचे होना चाहिए। नगर निगम ध्यान दें कि कचरा जलाने पर शत-प्रतिशत रोक हो, निर्माण कार्यों से धूल न उठे और सड़कों का सुधार और पुन:निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ करें। उन्होंने अलाव-तंदूर जैसे कारकों को इलेक्ट्रिक किया जाए। धूल वाले स्थानों पर नियमित रूप से जल के छिड़काव करने के साथ ही पी.यू.सी प्राप्त वाहनों का संचालन के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाए। निर्माण कार्यों के प्रदूषण को रोकें मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि नागरिकों के निवास आदि के निर्माण के साथ ही अन्य बड़े निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए नेट लगाने के साथ ही जल के नियमित छिड़काव आदि को सुनिश्चित करें। निर्माण के दौरान प्रदूषण रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए अलग-अलग प्रभावी मापदंड-कार्ययोजना में शामिल किये जाएँ। जन-जागरूकता अभियान की रूपरेखा बनाएं मुख्य सचिव श्री जैन ने सभी विभागों और नगरीय निकायों के अधिकारियों से कहा कि वे जन-जागरूकता के लिए व्यापक कार्य-योजना बनाएं जिसमें उद्योग, परिवहन जैसे संघों के साथ ही समाज की भागीदारी भी सुनिश्चित हो। उन्होंने औद्योगिक नीति एवं निवेश के प्रमुख सचिव से कहा कि वे विभिन्न औद्योगिक संगठनों से चर्चा कर प्रदूषण रोकने के उपायों के साथ ही सी.एस.आर फंड से नगरीय निकायों को उपकरण और आवश्यक मशीन उपलब्ध कराने में समन्वय करें।  

शिक्षा का उद्देश्य है समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू के 7वें दीक्षांत समारोह में हुए शामिल 16 शोधार्थियों को प्रदान की पी.एच.डी. उपाधि भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल आजीविका कमाना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। आप सभी युवाओं को डॉ. अम्बेडकर के सपनों का भारत बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी, जहाँ हर व्यक्ति को समान अवसर प्राप्त हो। उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के मूल मंत्र को याद दिलाया और बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेने का आहवान किया। राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू के 7वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारतीय संविधान के शिल्पकार और युग पुरुष डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। राज्यपाल श्री पटेल ने संविधान दिवस के अवसर पर उपस्थितजनों के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी किया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि आप सभी विद्यार्थी विश्वविद्यालय के सामाजिक न्याय के दूत हैं। सामाजिक न्याय , समरसता और समावेशी विकास के सिद्धांतों का आजीवन अनुसरण करें। विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान में लगायें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता और गुरुजनों का हमेशा सम्मान करें। माता-पिता के संघर्ष, त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखें। उनकी सेवा पुण्य का कार्य है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि महू डॉ. अम्बेडकर की जन्मभूमि है। इस पावन धरा पर स्थित विश्वविद्यालय , सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने युवा शक्ति को राज्य और राष्ट्र के विकास की धुरी बताया। उन्होंने सामाजिक-आर्थिक असमानताओं पर शोध और उनके व्यावहारिक समाधान प्रयासों के लिए विश्वविद्यालय के शोधार्थियों की सराहना की। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि यह संस्थान सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध और अध्ययन को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने शोध कार्यों को सीधे जनहित और राज्य की विकास योजनाओं से जोड़ने का प्रयास करें। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने समारोह में संस्थान के 16 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की। उपाधियाँ प्राप्तकर्ताओं को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने विश्वविद्यालय की 'स्मारिका' का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री रामलाल अत्राम ने दिया। उन्होंने उपाधि प्राप्तकर्ताओं को दीक्षांत शपथ दिलाई। समारोह के सारस्वत अतिथि डॉ. रविंद्र कन्हेरे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। आभार कुलसचिव डॉ. अजय वर्मा ने माना। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि,  विश्वविद्यालय के विभिन्न संकाय के सदस्य, विद्यार्थी और उनके परिजन उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने की भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार की शाम मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया का स्वागत किया।  

‘विश्व रंग’ टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव 2025 का रवीन्द्र भवन में भव्य शुभारंभ आज

भोपाल  रवीन्द्र भवन, भोपाल में गुरुवार को ‘टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव – विश्व रंग’ का भव्य शुभारंभ हो रहा है, जो चार दिनों तक संस्कृति, साहित्य, कला, संगीत और विचारों का अनूठा समागम होगा। इस बार विश्व रंग का सातवाँ संस्करण 40 देशों के प्रतिनिधियों, 1000 से अधिक प्रतिभागियों और 90 विशिष्ट सत्रों के साथ और भी व्यापक और बहुआयामी स्वरूप में प्रस्तुत हो रहा है। उद्घाटन अवसर पर म.प्र. के राज्यपाल माननीय मंगुभाई पटेल, मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन, म.प्र. के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी और आरएनटीयू के कुलाधिपति एवं विश्व रंग निदेशक श्री संतोष चौबे की गरिमामयी उपस्थिति होगी।   कार्यक्रम का आगाज सुबह 12 बजे शोभा यात्रा एवं प्रदर्शनी उद्घाटन से होगा। इस दौरान असमिया एवं मालवी लोकनृत्य की प्रस्तुतियां होंगी। शाम के उद्घाटन सत्र के दौरान विश्वरंग मानद अंलकरण प्रदान किए जाएंगे। इसके बाद सांस्कृतिक सत्र का आयोजन होगा जिसमें दिल्ली के श्रीराम केंद्र के कलाकारों द्वारा नृत्य नाटिका – कृष्णा की प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में मप्र के माननीय मुख्य मंत्री श्री मोहन यादव जी उपस्थित होंगे।   विश्वरंग के अतंर्गत वनमाली पत्रिका एवं रंग संवाद प्रदर्शनियों; ऋषि-वैज्ञानिक प्रदर्शनी; गिरमिटिया : संघर्ष, स्मृति और स्वाभिमान की गाथा; 100 वर्षों की समाचार – पत्र हेडलाइन आधारित ऐतिहासिक प्रदर्शनी; गोंड पेटिंग प्रदर्शनी; भील पेंटिंग प्रदर्शनी ; टैगोर राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी ; टैगोर बाल चित्रकला प्रदर्शनी ; मानव संग्रहालय फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन गुरुवार को किया जाएगा।   पारंपरिक भारतीय व्यंजनों की सुगंध से सजे स्टॉल भी फूड फेस्टिवल के तहत आम जनमानस के लिए ओपन होंगे। इसमें प्रमुख रूप से गुजराती, उड़िया, निमाड़ी एवं अन्य भारतीय पारंपरिक व्यंजनों के स्टाल शामिल होंगे।

आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त ने धार में सोसायटी प्रबंधक के ठिकानों पर की छापेमारी

धार   धार जिले में लोकायुक्त की टीम ने दबिश दी। आदिम जाति सहकारी सोसायटी प्रबंधक के घर और फार्म हाउस पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि, आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। फिलहाल, दस्तावेजों की जांच पड़ताल की जा रही है। बताया जा रहा है कि, बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे इंदौर लोकायुक्त की टीम धार जिले पहुंची। आदिम जाति सहकारी सोसायटी प्रबंधक गोवर्धनलाल मारू के घर, दफ्तर और फार्म हाउस पर एक साथ दबिश दी गई हैं। एक साथ 18 चार पहिया वाहनों में सवार होकर छागोवर्धनलाल मारू के अलग-अलग ठिकानों पर पहुंची। मौके पर 65 से अधिक कर्मचारियों के साथ भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत पर छापेमार कार्रवाई की गई है। अबतक हुई ये कार्रवाई इस कार्रवाई के दौरान इंदौर लोकायुक्त के डीएसपी सुनील तालान समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद है। लोकायुक्त की टीम दस्तावेजों की जांच पड़ताल में जुटी हुई है। अब तक की सर्चिंग में 2 लाख 11 हजार रूपए नकद, 15 लाख का सोना और 1 लाख की चांदी बरामद हुई है। अबतक हुई दस्तावेज़ों की जांच में 4 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है, जबकि अनुमानित वैध आय करीब 1 करोड़ 20 लाख के आसपास ही हुई है। फिलहाल, तलाशी अभियान जारी है।

प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: CM डॉ. यादव

प्रदेश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रोइंग चैंपियनशिप की मेजबानी करना राज्य सरकार के लिए गर्व का विषय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स और 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं के चहुँमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। खेल विभाग प्रदेश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रहा है। भारत की प्राचीन संस्कृति में खेल केवल मनोरंजन नहीं बल्कि अनुशासन, संतुलन और मानसिक दृढ़ता का माध्यम माने गए हैं। पुराने समय में नौकायन, तैराकी और जल प्रशिक्षण को सामरिक और शारीरिक दक्षता का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता था। वही परंपरा आज वॉटर स्पोर्ट्स के रूप में हमारे सामने है। इसमें तकनीक, सहन शक्ति और फोकस का वास्तविक परीक्षण होता है। राज्य सरकार के लिए रोइंग चैंपियनशिप की मेजबानी करना गर्व और आनंद का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भोपाल के बड़े तालाब स्थित बोट क्लब पर 8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स और 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चैंपियनशिप के शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने चैंपियनशिप में शामिल 23 राज्यों के लगभग 500 खिलाड़ियों द्वारा देशभक्ति गीतों की धुनों पर प्रस्तुत मार्च पास्ट का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आयोजन स्थल पहुंचने पर उन्हें कैप लगाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग, भोपाल महापौर मती मालती राय सहित अधिकारी एवं खेल प्रेमी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के लिए बेहतर माहौल बना है। भारत अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार उपलब्धियां हासिल कर रहा है। मध्यप्रदेश ने वॉटर स्पोर्ट्स में एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। इसी वर्ष हुए 38वें नेशनल गेम्स, खेलो इंडिया, वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टीवल में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में आयोजित चेंपियनशिप में शामिल होने आए विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को मध्यप्रदेश की कला-संस्कृति और स्वाद से रू-ब-रू होते हुए भोपाल के आसपास स्थित पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए भी प्रेरित किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग ने कहा कि यह 4 दिवसीय रोइंग चैंपियनशिप, वॉटर स्पोर्ट्स के कुंभ के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल-खिलाड़ी और खेल मैदान को प्रोत्साहित करने के लिए संपूर्ण प्रदेश में प्रयास कर रही है। खेलों और खिलाड़ियों को आवश्यक प्रशिक्षण के संबंध में राष्ट्रीय के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नॉलेज एक्सचेंज के लिए गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के कोच तथा खिलाड़ी उपस्थित थे।