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किराए से रहने वालों के लिए भोपाल प्रशासन ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

भोपाल  :एमपी के भोपाल शहर की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के तहत महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस नए आदेश के अनुसार अब शहर में किराये से रहने वाले, पेइंग गेस्ट, छात्रावासों के विद्यार्थी, घरों में काम करने वाले नौकर सहित किसी भी प्रकार से अस्थायी रूप से ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी पुलिस को अनिवार्य रूप से देनी होगी। ऐसा नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शहर की सुरक्षा के लिए खतरा पुलिस ने बताया कि भोपाल संवेदनशील शहरों में से एक है और जहां बड़ी संख्या में लोग शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए आते-जाते रहते हैं। कई बार इस आवागमन की आड़ में आपराधिक तत्व, कट्टरपंथी संगठन या अवैध प्रवासी भी शहर में प्रवेश कर लेते हैं जो शहर की सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं। मकान मालिक, पीजी संचालक और हॉस्टल प्रबंधन को किरायेदारों और रहवासियों का विवरण निर्धारित प्रोफार्मा में जमा करना होगा। होटल, लॉज, धर्मशाला, गेस्ट हाउस और रिसोर्ट संचालक भी अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक मुसाफिर का पूरा रेकॉर्ड रखकर पुलिस को उपलब्ध कराएंगे। पुलिस को सूचना देना जरूरी शहर में बढ़ते सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के बीच आमजन की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत नया आदेश जारी किया है। इसके अनुसार शहर में धरना, प्रदर्शन, आंदोलन, जुलूस, रैली, आमसभा, पुतला दहन, पदयात्रा, रथयात्रा, घेराव या ज्ञापन जैसे किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम से पहले पुलिस को पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति नहीं निकाल पाएंगे जुलूस पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र ने जारी इस आदेश में कहा गया है कि शहर में विभिन्न समुदायों, संगठनों, राजनीतिक दलों और समितियों द्वारा नियमित रूप से इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ये आयोजन अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर होते हैं, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों का आवागमन रहता है।  ऐसे में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और यातायात विभाग को पहले से तैयारी करने का अवसर मिलना बेहद आवश्यक है। आदेश में स्पष्ट है कि बिना अनुमति या पूर्व सूचना के किसी भी प्रकार का जुलूस या प्रदर्शन जन-जीवन में व्यवधान पैदा कर सकता है और कभी-कभी हिंसक स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

सर्दी में ट्रेन यात्रा सुरक्षित और समय पर, कोहरे से बचाने के लिए नई तकनीकें लगाई गईं

इटारसी  कोहरे से सुरक्षा के लिए ट्रेनों के लोको पायलट जीपीएस आधारित फॉग सेफ डिवाइस का उपयोग कर रहे हैं। इससे घने कोहरे में भी मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के लोको पायलट को पता चल जाता है कि अगला सिग्नल कितनी दूरी पर है। सिग्नल ही नहीं बल्कि यह भी डिवाइस बता देता है कि अगला स्टेशन कब आने वाला है।  सभी लोको पायलटों को दिया गया डिवाइस इटारसी के चीफ लोको इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना ने बताया कि इटारसी जंक्शन पर फॉग सेफ डिवाइस सभी लोको पायेंलेटों को दी जा रही है। वैसे तो ठंड के मौसम में कोहरे के समय उपयोग के लिए बना है, लेकिन अब लोको पायलट को इसे हमेशा साथ में रखना अनिवार्य कर दिया गया है। ट्रेन स्टार्ट होते ही इसे खिड़की के पास एंटीना खोलकर लगा दिया जाता है। यात्रा खत्म होने पर डिवाइस निकालकर रख लेते हैं। जिसे अन्य ट्रेन लेकर जाने वालों को दे दिया जाता है। यह प्रक्रिया रोटेशन में चलती रहती है। बताया जा रहा है कि इटारसी स्टेशन से चलने वाली 101 ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस रोटेशन के हिसाब से दी जा रही है। स्पीड को नियंत्रित करेगा 'कवच', दुर्घटना रोकेगा रेल का सफर अब और भी सुरक्षित होगा। इसके लिए रेल इंजनों में 'कवच' सिस्टम लगाया जा रहा हैं। रेलवे का कवच 4.0 पूरी तरह ऑटोमेटेड प्रोटेक्शन सिस्टम (Kavach System) है। यह नई आधुनिक तकनीक पर आधारित है। ट्रेन की निर्धारित स्पीड से 2 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा होने पर ट्रेन के इंजन में लगा कवच ओवर स्पीड अलार्म बजा देगा। अगर ट्रेन निर्धारित स्पीड से 9 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा है, तो ऑटोमैटिक ब्रेक भी लगाएगी। देश के महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक इटारसी से चलने वाली ट्रेनों में भी यह सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे पहले इटारसी के बीटीसी केंद्र में इटारसी सहित देशभर के रेल डिवीजनों से आ रहे रेलकर्मियों को इसकी ट्रेनिंग दी जा रही है। फॉग सेफ डिवाइस की उपयोगिता… यह लोको पायलट को कोहरे के चौरान भी सिग्नल की स्पष्ट जानकारी देता है. जिससे दुर्घटना की संभावना कम हो जाती है। इस डिवाइस के कारण ट्रेनें सटीक गति और दिशा में चल सकती है, जिससे समय की बचत होती है। डिवाइस का उपयोग लोको पायलटों की मानवीय भूल को रोकता है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़‌ता है। रेलवे ट्रैक पर बरती जा रही सावधानी रेलवे ट्रैक पर रेलकर्मी तैनात किए गए हैं, जो कोहरे के दौरान रेल लाइन पर सिग्नल को स्थिति की निगरानी करते हैं। रेल फ्रैक्चर की निगरानी व सूचना के लिए लाइनमैन एवं पेट्रोलिंग मैन को पटाखे दिए गए हैं। दिन और रात के समय रेलवे पटरियों की पेट्रोलिंग की जाती है।  सुरक्षा को लेकर लगातार चल रहा प्रयास- पीआरओ रेलवे द्वारा सुरक्षा और सुरक्षा को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें नई तकनीकों का भी इस्तेमाल हो रहा है। सर्दी के मौसम में फॉग डिवाइस लोको में लगाए जा रहे हैं। जिससे समय पर ट्रेनें चलें और हादसों को रोका जा सके। – नवल अग्रवाल, पीआरओ रेल मंडल भोपाल

10 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद नवजात बाहर, डॉक्टर बोले—सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण थी

रीवा रीवा एयरपोर्ट से नियमित हवाई सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को तो लाभ मिला ही है. वहीं, एयरपोर्ट एक माह के बच्चे की जिंदगी बचाने में बहुत काम आया है. बच्चे की जान बचाने के लिए एयर एंबुलेंस को रीवा में उतारना पड़ा और उसे एयर एंबुलेंस से मुंबई भेजा गया. सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) कार्यक्रम बच्चे के लिए वरदान बना है. बता दें कि पिछले दिनों प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के प्रयास के बाद रीवा एयरपोर्ट से नियमित रूप से छोटे-बड़े हवाई जहाज उतरने लगे हैं. RBSK के अंतर्गत अति गंभीर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 1 माह के बच्चे को तत्काल उपचार के लिए एयर एंबुलेंस से हायर सेंटर SRCC मुंबई रवाना किया गया. बच्चे के दिल में छेद था, जिसे ले जाने के लिए रीवा हवाई अड्डे पर पहले से एयर एंबुलेंस थी. इसी से बच्चे को माता-पिता के साथ मुंबई भेजा गया. बच्चे का कम हो गया था ऑक्सीजन लेवल रायपुर कर्चुलियान तहसील के मनकहरी गांव के रहने वाले प्रियंका पाठक और शशि भूषण तिवारी अपने एक साल बेटे को लेकर रीवा जिला अस्पताल पहुंचे थे, जो हृदय रोग (दिल में छेद) की गंभीर समस्या से पीड़ित था. उसका शरीर पूरी तरीके से नीला पड़ गया था और सांस लेने में तकलीफ थी. इससे लगातार ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा था. 5 घंटे लगातार चला आपरेशन 3 नवंबर को वामिका ने अपने जुड़वा भाई दिवित के साथ जन्म लिया। भाई तो पूरी तरह से स्वस्थ था, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि वामिका के दिल में जन्मजात छेद है। 4 नवंबर को बच्ची के पिता को डाॅक्टरों ने बताया कि बच्ची के दिल में छेद है। इसका इलाज सिर्फ मुंबई के नारायणा हास्पिटल में ही होता है। इलाज के लिए पिता ने 5 नवंबर को आरबीएसके और स्वास्थ्य विभाग से मदद मांगी, जिसके बाद चंद घंटे में ही छुट्टी के दिन दस्तावेज तैयार किए और एयर एम्बुलेंस से नारायणा अस्पताल भेजा गया। 7 नवंबर को डा. प्रदीप कौशिक (सीनियर सर्जन) और डा सुप्रितिम सेन (सीनियर कंसलटेंट,पीडियाट्रिक कार्डियोलाजिस्ट) ने लगातार 5 घंटे तक एक के बाद एक दो मेजर आपरेशन किए। डे-5 लाइफ में हुआ आपरेशन: डॉ. सुप्रितिम नारायण अस्पताल में पदस्थ डाॅ. सुप्रितिम सेन ने बताया कि 3 बच्ची Transposition of the Great Arteries से जूझ रही थी। इसमें जान बचाना है, तो जितनी जल्दी हो सके आपरेशन करना अनिवार्य होता है। 6 नवंबर को मध्यप्रदेश सरकार और आरबीएसके विभाग ने मिलकर एयर लिफ्ट करते हुए इसे मुंबई लाया गया तो यह स्थिर हालत में थी। बच्ची की हालत को देखते हुए फौरन आपरेशन की तैयारी की गई, और फिर महज पांच दिन की बच्ची के दो जटिल आपरेशन किए गए। डा सुप्रितिम सेन ने बताया कि 15 दिन की उम्र में इतना जटिल और कठिन आपरेशन आमतौर नहीं किया जाता है, पर नवाजात की लाइफ को देखते हुए यह कदम उठाया गया। सामान्य हो रही है वामिका डाॅ. सुप्रितिम सेन का कहना है कि आपरेशन 100 प्रतिशत सफल हुआ है। सिर्फ पांच दिन की बच्ची का इतना कठिन आपरेशन बहुत ही कम होते है। उन्होंने बताया कि बेबी का ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट, कार्डियक फन्गसन सब रिकवर हो चुका है। उसका वेंटिलेटर भी अलग कर दिया गया है, जिससे वह स्वंय ही सांस ले रही है। बहुत जल्द बेबी सामान्य बच्चों की तरह हो जाएगी। नारायणा हास्पिटल के डाॅ. का कहना है कि समय रहते मध्यप्रदेश सरकार और जिला स्वास्थ्य विभाग ने बच्ची को यहां पर भिजवाया, जिसके चलते ही उसे नई जिंदगी मिली है। पिता बोले-डाॅक्टरों को धन्यवाद वामिका के पिता सत्येंद्र दाहिया जो कि जन्म के बाद से ही उसके साथ में है। मुंबई के नारायणा अस्पताल के डाक्टर ने जब  उन्हें बताया कि बेबी अब खतरे से बाहर है, और उसका वेंटिलेटर भी अलग कर दिया है, तो उनके चेहरे में मुस्कान था। सत्येंद्र ने मध्यप्रदेश सरकार, आरबीएसके सहित स्वस्थ्य विभाग को धन्यवाद दिया है, सभी के प्रयास से बच्ची की जान बच गई है, और उसे नई जिंदगी मिली है। सत्येंद्र का कहना है, कि डाक्टरों का कहना है, कि जल्द ही उसकी छुट्टी हो जाएगी। सत्येंद्र का कहना है कि वामिका को नई जिंदगी देने वाले डाक्टर भगवान है, जिन्होंने कि इतना जटिल आपरेशन को सफलतापूर्वक किया। आरबीएसके के जिला प्रबंधक सुभाष शुक्ला। आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) के जिला प्रबंधक सुभाष शुक्ला का कहना है कि यह शासन को सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है, इसके तहत 0 से 18 साल तक के जन्मजात विकृति से ग्रसित बच्चों का इलाज किया जाता है। इस योजना के तहत अगर मदद लेनी है, तो बहुत कम दस्तावेज लगते हैं। सुभाष शुक्ला ने बताया कि बेबी वामिका के इलाज में शासन ने 1 लाख 90 हजार रुपए की मदद की है, जबकि इलाज में करीब 5 लाख से अधिक का खर्च है, ऐसे में नारायणा फाउंडेशन ने बच्ची के पिता को आश्वासन दिया है, कि इलाज में जितना भी खर्च आएगा, वह पूरा हम उठाएंगे। सीएमएचओ डाॅ. संजय मिश्रा का कहना है कि बेबी वामिका जो कि मध्यप्रदेश की पहली ऐसी बच्ची है, जिसकी जान बचाने के लिए राज्य सरकार ने एयरलिफ्ट करते हुए उसे मुंबई भिजवाया था। बच्ची ठीक है, जल्द ही वह पिता के साथ पूरी तरह से स्वस्थ्य होकर जबलपुर आ रही है। सिविल सर्जन डॉक्टर प्रतिभा मिश्रा ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के इंचार्ज विष्णु प्रताप सिंह को तत्काल निर्देश दिया कि वह तत्काल बच्चे को मुंबई के पेडियाट्रिक सर्जन के पास इलाज के लिए भेजें. इसके बाद एयर एंबुलेंस का इंतजाम किया गया और बच्चों को एयरलिफ्ट करके मुंबई भेज दिया.  बच्चे को मुंबई भेजने के लिए संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक राहुल मिश्रा, डॉक्टर रवि सिंह से बात की गई. यह तय किया गया बच्चे को इंटीग्रेशन हेतु आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत निशुल्क सर्जरी एसआरसीसी चिल्ड्रन मुंबई में कराई जाएगी.

वृंदावन से बागेश्वर तक पदयात्रा पूरी, पंडित धीरेंद्र शास्त्री का स्वागत श्रद्धालुओं ने किया

 छतरपुर  7 से 16 नवंबर तक बागेश्वर महाराज ने 150 किलोमीटर की बागेश्वर बांके बिहारी मिलन पदयात्रा करने के बाद धाम पहुंचे। धाम की सीमा में जैसे ही उन्होंने प्रवेश किया, वहां पुष्प वर्षा और डीजे, ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया गया। सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद सोमवार को सुबह जैसे ही बागेश्वर धाम के महंत बागेश्वर धाम गड़ा की सीमा में दाखिल हुए। 16 नवंबर को पदयात्रा का विराम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ बांके बिहारी जी के दर्शन कर हुआ था। इसमें कई लाख श्रद्धालु भी पहुंचे थे और मध्य प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव जी अंतिम दिवस की सनातन एकता पदयात्रा में शामिल हुए थे। यह 150 किलोमीटर की पदयात्रा निर्विघ्न संपन्न हुई और लाखों की संख्या में सनातनी इस पदयात्रा में उमड़े। बागेश्वर धाम की पावन भूमि पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सर्वप्रथम दादा गुरु तथा बागेश्वर बालाजी भगवान को दंडवत प्रणाम किया। इस दौरान भक्तों ने ‘जय श्री राम’ के जयघोष के साथ पुष्पवर्षा की। इस दौरान महाराज जी के साथ पूज्य राजू दास और माधव जी महाराज बागेश्वर धाम पहुंचे।  

ड्रग डीलिंग के आरोप में राजगढ़ से यासीन मछली का गुर्गा हिरासत में

भोपाल / राजगढ़ यासीन मछली गैंग का बड़ा गुर्गा भोपाल पुलिस के हाथ चढ़ा है. भोपाल के ऐशबाग इलाके में रहने वाला ड्रग तस्कर सनब्बर एमपी के राजगढ़ से गिरफ्तार किया गया है, 22 जुलाई 2025 को यासीन की गिरफ्तारी की बाद पेडलर के तौर पर उसका नाम सामने आया था, जिसके बाद से ही वह फरार चल रहा था. सनब्बर के खिलाफ क्राइम ब्रांच में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज है. बताया जा रहा है कि आरोपी राजगढ़ में ट्रक की डिलीवरी देने गया था, जहां मुखबिर की सूचना पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है, उसके पास से 85 हजार की एमडी ड्रग्स भी बरामद हुई है.  राजगढ़ पहुंचा था सनब्बर पुलिस को इस बात की जानकारी मिल चुकी थी कि यासीन मछली गैंग का गुर्गा सनब्बर राजगढ़ पहुंचने वाला है, सनब्बर ट्रक की डिलीवरी के सिलसिले में राजगढ़ आया हुआ था. इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति गोल्डन कलर की कार के साथ तारागंज रोड पर खड़ा है और उसके पास अवैध एमडी ड्रग्स मौजूद हैं. सूचना मिलते ही सारंगपुर थाना पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ लिया, पूछताछ में उसने अपना नाम सनब्बर अंसारी जो भोपाल के बोगदापुल बाग फरहद अफजा ऐशबाग का रहने वाला है. तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से करीब 85 हजार रुपये मूल्य की एमडी ड्रग्स मिली.  पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सनब्बर के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, हाल ही में उसका भाई शाकिर भी क्राइम ब्रांच की तरफ से पकड़ा गया था, जिस पर भी एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हैं. पुलिस ने सनब्बर को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.  यासीन मछली गैंग पर एक्शन जारी  बता दें कि भोपाल की यासीन मछली गैंग पर लगातार जारी है, अब तक इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और उनके अड्डों को भी तोड़ा गया है. यह ड्रग्स तस्करी का बड़ा नेटवर्क था, जिसके तार विदेशों से भी जुड़े थे, ऐसे में पुलिस लगातार इस मामले में कार्रवाई कर रही है.  

गिरिराज सिंह का बयान: लोकतंत्र में परिवारवाद की समाप्ति जरूरी

 डिंडौरी भाजपा के राष्ट्रीय कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह अमरकंटक से लौटते समय भाजपा के शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे के आवास पहुंचे। पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहां की अब परिवारवाद का लोकतंत्र में खत्म होने का समय आ गया है। प्रधानमंत्री ने चुनाव के पहले ही कह दिया था, कि चुनाव के बाद लालू यादव का परिवार बिखर जाएगा। अब कोई पार्टी परिवारवाद से नहीं चल सकती। इंदिरा गांधी के बाद राजीव गांधी और संजय गांधी का परिवार भी बिखर गया। एक ही परिवार चल रहा है। कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह के बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम उत्तर कोरिया, रूस और चीन में हुए चुनावों के समान थे, जहां सभी वोट एक पार्टी के पास जाते हैं के दावों पर पूछे सवाल का जबाव देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिग्विजय बाबू अपने चेले के समान दिमागी दीवालिएपन के शिकार हो रहे हैं। भारत का लोकतंत्र इतना मजबूत है कि विश्व का कोई देश इसका मुकाबला नहीं कर सकता। गिरिराज सिंह ने कहा कि अब कांग्रेस खात्मे की ओर है। पिछले 6 चुनाव में जितने एमएलए कांग्रेस के पास है, उतने एमएलए केवल बिहार में ही हमारे जीत गए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक नया इतिहास बना रही हैं।

विशेष गहन पुनरीक्षण में मिली गंभीर चूक, भोपाल कलेक्टर ने अधिकारियों को निलंबित किया

भोपाल  जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम किया जा रहा है। इसके तहत 2029 BLO को मतदाताओं को गणना पत्रक देने के साथ्ज्ञ ही उन्हें भरवाकर डिजिटाईज्ड भी करना है। इसी कार्य की समीक्षा जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर ने रविवार देर रात की तो एक सुपरवाइजर व बीएलओ की लापरवाही सामेन आई है। इस पर कलेक्टर ने देर रात ही दोनों को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए है। कलेक्टर रविवार रात SIR कार्य की समीक्षा कर रहे थे, जिसमें सामने आया कि विधानसभा क्षेत्र उत्तर के मतदान केंद्र दो के BLO अनंतलाल मिश्रा की ओर से लगातार निर्देश देने के बाद भी एक भी गणना पत्रक BLO एप पर डिजिटाईज नहीं किया गया है। इसी तरह विधानसभा क्षेत्र गोविंदपुरा के BLO सुपरवाईजर शुभम प्रताप सिंह ने लक्ष्य के अनुरूप बीएलओ से कार्य नहीं करवाया और प्रत्येक बीएलओ से प्रतिदिन 100 गणना पत्रक बीएलओ एप पर डिजिटाईज नहीं करवाया गया है।इस तरह अनंत लाल मिश्रा और शुभम प्रताप सिंह द्वारा SIR कार्य में लगातार लापरवाही बरतने पर निलंबित किया जाता है। आज भी SIR को लेकर बैठक कलेक्ट्रेट में सोमवार को बैठक रखी गई है। इसमें SIR समेत कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कलेक्टर ने सभी ईआरओ को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र के सभी बीएलओ के कार्यों की निगरानी करें। प्रत्येक बीएलओ को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही काल सेंटरों को पूर्ण रूप से संचालित करते हुए, कार्य के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।

MP में कड़ाके की ठंड, पेरेंट्स बोले- बच्चे बीमार हो रहे; 1941 के बाद पहली बार पारा 5.2°C

भोपाल मध्य प्रदेश इन दिनों कड़ाके की ठंड का सामना कर रहा है। रविवार–सोमवार की रात राजधानी भोपाल में तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो नवंबर महीने का इतिहास का सबसे कम तापमान है। इससे एक ही रात में 1.2 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। मौसम विभाग ने पुष्टि की कि यह पारा 84 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ चुका है। मौसम साफ होने और पवर्तीय क्षेत्रों से आ रही उत्तरी हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में बीते एक सप्ताह से शीत लहर का दौर जारी है. प्रदेश में पड़ रही ठंड ने नवंबर के महीने में बीते कई सालों का रिकार्ड तोड़ दिया. रविवार-सोमवार की दरमियानी रात इतिहास में पहली बार नवंबर के महीने में भोपाल का न्यमनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे पहले 30 नवंबर 1941 को भोपाल का न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में अभी और ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है. अगले 3 दिनों तक शीतलहर का अलर्ट मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि, ''बीते 24 घंटे में मध्य प्रदेश में रेनफाल का डिस्ट्रिब्यूशन ड्राय रहा. कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई.'' शर्मा ने बताया कि, ''वर्तमान में श्रीलंका तट के उपर के एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ है. इसके साथ ही एक साइक्लोन सकुर्लेशन समुद्रतल से 7.5 किलोमीटर की उंचाई पर फैला है और दक्षिण-पश्चिम की दिशा में झुका हुआ है. अगले 24 घंटे में इसके पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है. ऐसे में अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश में शीत लहर का दौर जारी रहेगा.'' कई जिलों में नहीं बदला स्कूलों का समय अगले 2 दिन तक कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट है। इसके बावजूद कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग नहीं बदली गई है। ऐसे में बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सर्दी में स्कूल जाने की वजह से बच्चे बीमार हो रहे हैं। पेरेंट्स को भी खासी परेशानी हो रही है। जिला प्रशासन को स्कूल लगने का समय बढ़ाना चाहिए। दरअसल, भोपाल में ज्यादातर स्कूलों की शुरुआत सुबह 7.30 बजे ही हो रही है। स्कूल की दूरी ज्यादा होने पर सुबह 6.30 बजे से वैन-बसें बच्चों को लेने पहुंच जाती हैं। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी से बात करके टाइमिंग बढ़ाई जाएगी। जल्द आदेश जारी कर देंगे। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक, इंदौर में अभी कोल्ड डे जैसी स्थिति नहीं है। अगर सोमवार को मौसम बहुत ज्यादा सर्दी रही या कोल्ड डे जैसे स्थिति बनी तो शिक्षा विभाग से समन्वय कर स्कूलों के टाइमिंग को लेकर निर्णय लेंगे। वहीं, उज्जैन शिक्षा विभाग के एडीपीसी गिरीश तिवारी ने बताया कि ठंड के कारण सुबह के समय लगने वाले स्कूलों में अभी समय परिवर्तन के लिए कोई निर्णय नहीं हुआ है। मौसम में पहली बार 5 डिग्री सेल्सियस पर पारा बीती रात मध्य प्रदेश में सबसे न्यूनतम तापमान राजगढ़ में 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस मौसम में अब तक किसी भी शहर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज नहीं किया गया. वहीं भोपाल का पारा भी 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा. प्रदेश में रविवार को सभी शहरों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा. जबकि बीती रात प्रदेश के 16 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. बीते 24 घंटे में बैतूल, भोपाल, धार, खंडवा, राजगढ़ और रतलाम में माइनस एक डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान में गिरावट हुई है. जबकि सागर में 21 डिग्री सेल्सियस का परिवर्तन दर्ज किया गया. इंदौर-रीवा में 10 सालों का रिकार्ड टूटा मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि, शनिवार-रविवार की दरमियानी रात इंदौर का न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. वहीं रीवा का न्यूनतम तापमान 74 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बीते 10 सालों में नवंबर के महीने में दोनों ही शहरों में इससे कम न्यूनतम तापमान दर्ज नहीं किया गया था. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि, आने वाले दिनों में प्रदेश का मौसम साफ है, इसलिए बारिश की कोई संभावना नहीं है. लेकिन अभी अगले 3 दिनों तक प्रदेश में शीतलहर का दौर जारी रहेगा. आज इन 17 जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट आज सोमवार को धार, इंदौर, देवास, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, देवास, भोपाल, शिवपुरी, छतरपुर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, कटनी, मैहर, रीवा और सतना में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है. मंगलवार को 11 जिलों में कोल्ड वेव की चेतावनी इंदौर, देवास, सीहोर, शाजापुर, भोपाल, राजगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर और जबलपुर में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में बदल गया स्कूल लगने का समय हालांकि, ग्वालियर में 1 नवंबर से कुछ स्कूलों ने सुबह 8 बजे के बाद क्लासेस शुरू होने का समय कर दिया है। छिंदवाड़ा जिला शिक्षा अधिकारी ने भी आदेश जारी किया है कि सुबह 8:30 बजे से पहले कोई भी स्कूल नहीं लगेगा। देवास जिले में लगातार गिरते तापमान को देखते हुए कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। अब नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल सुबह 10 बजे से पहले नहीं खुलेंगे। झाबुआ में कलेक्टर नेहा मीना ने आदेश जारी किया है कि नर्सरी से कक्षा तीसरी तक की क्लासेस सुबह 9 बजे और चौथी से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 8 बजे से पहले नहीं लगाई जाएंगी।

दिल्ली धमाके में महू का संबंध सामने आया, हैदराबाद से गिरफ्तार हुआ अल-फलाह मालिक का भाई

महू दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके के पीछे की साजिश के तार अब मध्य प्रदेश के शहर महू से भी जुड़ते दिख रहे हैं। धमाके की जांच में फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर्स की ‘टेरर टीम’ का नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियों और पुलिस की नजर अब इस यूनिवर्सिटी पर टिक गई है। महू पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चांसलर और महू के रहने वाले जवाद सिद्दीकी के भाई हमूद सिद्दीकी को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है। हमूद की पिछले 25 साल से तलाश थी, लेकिन वह हर बार कानून की पकड़ से फिसल जाता था। आरोप है कि हमूद ने महू में चिटफंड के नाम पर ‘पैसा दोगुना’ करने का झांसा देकर कई परिवारों को लूटा था। उसके शिकार बनने वालों में महू के व्यापारी, नौकरीपेशा परिवार और फौजी परिवार तक शामिल थे। दिल्ली ब्लास्ट में महू कनेक्शन सामने आते ही पुलिस ने जवाद सिद्दीकी और उसके पूरे परिवार की जन्म-कुंडली खंगालनी शुरू कर दी थी। पुराने ठगी के मामलों की परतें खुलते ही पुलिस ने हमूद की खोज तेज कर दी और आखिरकार उसे हैदराबाद से दबोच लिया। पुलिस को शक है कि जवाद ने अपने फरार भाई हमूद के नाम पर अल-फलाह इन्वेस्टमेंट कंपनी खड़ी की थी और इसी का इस्तेमाल कर लोगों से करोड़ों रुपये ठगे गए। अब अगर पूछताछ में हमूद अपने भाई का नाम उगल देता है तो पुलिस जवाद पर भी कानूनी शिकंजा कसने में देर नहीं करेगी। हैदराबाद में हमूद खुद को शेयर ट्रेडिंग का कारोबारी बताकर घूम रहा था। पुलिस ने सिद्दीकी परिवार के रिश्तेदारों से बारीकी से जानकारी बटोरी और फिर एक योजनाबद्ध कार्रवाई में उसे पकड़ लिया। अब उसे महू लाया जाएगा, जहां उसके पुराने काले कारनामों की पूरी फाइल खोली जाएगी। महू छोड़ने के बाद वह कहां-कहां किन लोगों से संपर्क में रहा, उसकी आय किन-किन रास्तों से आती रही, सबकी परतें उधेड़ी जा रही हैं। महू में अपनी इन्वेस्टमेंट कंपनी चलाते समय हमूद ने हजारों निवेशकों को ‘दोगुना रिटर्न’ का लालच देकर करोड़ों रुपये का खेल किया था। कागजों पर कंपनी का कर्ताधर्ता वही था और पुलिस में उसके खिलाफ ठगी की शिकायत भी दर्ज थी। निवेशकों ने जैसे ही उस पर अपने पैसे लौटाने का दबाव बढ़ाया, हमूद ने कुछ रकम लौटाकर लोगों को शांत करा दिया और फिर रातों-रात पूरा परिवार महू से गायब हो गया था।  

हम सत्ता के माध्यम से व्यवस्थाओं में बदलाव के उद्देश्य से कर रहे हैं कार्य पाञ्चजन्य पत्रिका भारतीय विचार परम्परा का सशक्त संवाहक

गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना हमारा उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हम सत्ता के माध्यम से व्यवस्थाओं में बदलाव के उद्देश्य से कर रहे हैं कार्य पाञ्चजन्य पत्रिका भारतीय विचार परम्परा का सशक्त संवाहक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाञ्चजन्य सुशासन संवाद 2.0 कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पाञ्चजन्य समय से पहले सावधान करने और धर्म के मार्ग पर चलने का प्रतीक है। पाञ्चजन्य पत्रिका भारतीय विचार परम्परा का सशक्त संवाहक है और यह अपनी भूमिका का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ कर रही है। भगवान कृष्ण ने उन्हें प्राप्त पाञ्चजन्य और सुदर्शन चक्र सदैव अपने साथ रखा। यह दोनों प्रतीक उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व की विशिष्टता के रूप में सभी के मन मस्तिष्क में विद्यमान हैं। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि भगवान कृष्ण के विराट स्वरूप में उज्जैनी के संदीपनि आश्रम में प्राप्त शिक्षा-दिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पाञ्चजन्य सुशासन संवाद 2.0 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राष्ट्रीय स्वयं संघ के सह कार्यवाह मध्य क्षेत्र  हेमंत मुक्तिबोध, प्रांत संघचालक  अशोक पांडे और पाञ्चजन्य के संपादक  हितेष शंकर ने सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पाञ्चजन्य का विशेष अंक भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरू  विजय मनोहर तिवारी, निदेशक स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसायटी डॉ. प्रवीण रेड्डी और प्रबंध निदेशक डीबीजी टेक्नॉलाजी  अभिशेक गर्ग का सम्मान किया। राज्य सरकार ने समाज के साथ मिलकर त्यौहर मनाने के परिपाटी आरंभ की मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रत्येक गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना हमारा उद्देश्य है। हम सत्ता के माध्यम से व्यवस्थाओं में बदलाव लाने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं। आम जनता के सुख के लिए हर संभव प्रयास करना राज्य सरकार का उद्देश्य है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इस पथ पर अग्रसर होते हुए राज्य सरकार ने कई नवाचार किए हैं। प्राकृतिक संसाधनों को सबके हित में वितरण को सुनिश्चित करते हुए राजस्थान, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र के साथ नदी जोड़ो अभियान के अंतर्गत गतिविधियां प्रारंभ की गई हैं। इससे नदियों का मायका कहे जाने वाले मध्यप्रदेश के साथ तुलनात्मक रूप से कम जल सम्पदा वाले राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों का भी लाभ होगा। राज्य सरकार ने विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर का नाम कुलगुरू कर, शिक्षा के मंदिरों को भारतीयता की भावना के अनुरूप बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार ने गुरूपूर्णिमा, गीता जयंती सहित अन्य प्रमुख त्यौहार समाज के साथ मिलकर मनाने की परिपाटी आरंभ की है। समाज में आनंद और उत्सवीय वातावरण का संचार करना राज्य सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वच्छ और हरित ऊर्जा के साथ किसानों को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सौर ऊर्जा पम्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस नवाचार से सब्सिडी से बची राशि को विकास के अन्य कार्यों में लगाया जाएगा। भावान्तर योजना, लाड़ली बहना योजना, युवाओं के लिए रोजगार के उद्देश्य से प्रदेश में संचालित उद्योग संवर्धन गतिविधियों के माध्यम से राज्य सरकार अन्नदाता, महिलाओं और युवाओं की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज संचालित करने का नवाचार भी किया गया है। सभी विश्वविद्यालयों में कृषि आधारित कोर्स आरंभ किये गए हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वीकृत पीएम मित्र पार्क से तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। प्रदेश में दो मेट्रो पॉलिटन क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। राज्य में महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 को स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार आधारित उद्योगों के लिए राज्य सरकार विशेष रियायतें और अनुदान उपलब्ध करा रही है। रीजनल इन्डस्ट्री कॉन्क्लेव से क्षेत्रीय स्तर पर उद्योग गतिविधियों को विस्तार मिला है। यह नवाचार करने वाला मध्यप्रदेश देश का एक मात्र राज्य है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भाग लेना हम सबके लिए गर्व का विषय है। इस समिट में 30 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन जारी है और 6 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जा चुका है। एक साथ ढाई लाख करोड़ रुपए लागत की औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन और लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री  मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह से समय देने का अनुरोध किया है। देश में सबसे तेज गति से निवेश संवर्धन का कार्य मध्यप्रदेश में जारी है, हम 24 प्रतिशत की ग्रोथ रेट पर चल रहे हैं। साथ ही सभी विभागों के लक्ष्य तय कर गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य प्राणी संवर्धन, पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने, राजधानी के सात प्रमुख मार्गों पर प्रदेश की संस्कृति को अभिव्यक्त करते द्वारों के निर्माण की जानकारी भी दी।