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स्वास्थ्य के प्रति सजगता ही निरोग जीवन की कुंजी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

स्वास्थ्य के प्रति सजगता ही निरोग जीवन की कुंजी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है स्वास्थ्य जागरूकता — उप मुख्यमंत्री का संदेश सेवा पखवाड़ा के तहत आदर्श विज्ञान महाविद्यालय रीवा में सिकल सेल एनीमिया जांच एवं जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि निरोगी काया तभी होगी जब हम स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें। सेवा पखवाड़ा में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के तहत स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये जा रहे हैं जिसमें महिलाएँ, बच्चे, किशोरी बालिकाएँ एवं अन्य लोग भी अपने स्वास्थ्य की जांच करायें तथा स्वास्थ्य रीवा विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करें। शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय रीवा में किरण सेवा संस्थान के सहयोग से सिकल सेल एनीमिया जागरूकता एवं टेस्टिंग शिविर का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक रक्तविकार है जिससे बीमारी होती है इसकी जांच के उपरांत इलाज आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किरण सेवा संस्थान बधाई की पात्र है जो इस क्षेत्र में सिकल सेल की जांच व उपचार का कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक संचालित सेवा पखवाड़ा अन्तर्गत स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान में सभी अपने स्वास्थ्य की जांच करायें। किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांचकर आभा कार्ड बनाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिये नियमित दिनचर्या में प्राणायम, योगासन, ध्यान करते हुए खानपान में सावधानी रखें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सरकार द्वारा चलाये जा रहे राइट टू स्क्रीनिंग अभियान का लाभ लें व स्वास्थ्य की जांच करायें। उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर व मातृ मृत्युदर को कम करने के प्रयास जारी हैं। आने वाले समय में स्वस्थ व विकसित भारत एवं विकसित रीवा का संकल्प पूरा होगा। किरण सेवा संस्थान के डॉ. अभय मिश्रा ने शिविर की संक्षिप्त जानकारी दी। अध्यक्ष नगर निगम  व्यंकटेश पाण्डेय, प्राचार्य  आरएन तिवारी सहित प्राध्यापक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री यादव का संदेश: नवरात्रि से बढ़ाएं सामाजिक समरसता

नवरात्रि पर्व मिलकर आराधना करने और सद्भाव बढ़ाने का माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री भोपाल के भेल क्षेत्र में भोजपाल गरबा महोत्सव में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नवरात्रि पर्व हमें एक साथ मिलकर आराधना करने, मेलजोल और सद्भाव बढ़ाने का माध्यम बनता है। यह पावन पर्व शक्ति-आराधना का पर्व है। यह अवसर इतिहास के गौरवशाली अध्याय का स्मरण करवाता है। नवरात्रि पर्व में मां जगदम्बा, भगवान कृष्ण के स्वरूप और देवी-देवताओं के रूप में हमारे कलाकार उत्साह और श्रद्धा का परिचय देते हैं। ऐसी अनुभूति होती है कि माँ भवानी साक्षात हमारे बीच आ गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि दशहरा पर्व भगवान राम की असुरों पर विजय के साथ माँ जगदम्बा द्वारा महिषासुर का वध करने के उल्लास का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार की रात्रि भोपाल के भेल क्षेत्र में भोजपाल गरबा महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। वर्ष 2014 के बाद बदल गया है भारत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में अलग पहचान बनाई है। जहां तक शौर्य की बात है अब कोई भी शत्रु भारत में आतंकवादी गतिविधि घटित करने की हिम्मत नहीं कर सकता। भारत, शत्रु को पाताल तक जाकर भी तलाश कर सकता है और शत्रु के घर में घुसकर उसे सबक सिखाने की क्षमता रखता है। ऑपरेशन सिंदूर इस बात का उदाहरण है कि भारत दुश्मन के किसी मंसूबे को सफल नहीं होने देगा। वर्ष 2014 के पहले का भारत बदल चुका है, अब कोई शत्रु भारत से बच नहीं सकता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में भारत के समस्त देव स्थानों पर आनंद की वर्षा हो रही है। भारत में शौर्य प्रदर्शन और विकास के साथ कई क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। खेल क्षेत्र में की बात करें तो गत रविवार को हुए 20-20 एशिया कप मैच में भारत की विजय सभी भारतीयों का गर्व बढ़ाने का कारण बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोजपाल गरबा महोत्सव का यह दूसरा वर्ष है। यहां नागरिकों और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदाधिकारी और गरबा महोत्सव के संयोजक  सुनील यादव के साथ अन्य पदाधिकारियों को गरबा महोत्सव को अभिनव स्वरूप देने की बधाई दी और सराहना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निर्वहन के लिए अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में संयोजक  सुनील यादव,  रविंद्र यति,  विकास विरानी,  अमन यादव और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। गरबा महोत्सव के आखिरी दिन विशाल जनसमूह और कलाकार दल ने गरबा की आकर्षक प्रस्तुति दी।  

जंबो तबादला की तैयारी में मध्यप्रदेश सरकार, 12 कलेक्टरों पर गाज गिरने का खतरा

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने बीती शनिवार की देर रात 18 आइएएस और एसएएस के 8 अफसरों समेत 24 अधिकारियों के तबादले किए। एक जंबो सूची और आनी है। इसमें कई आइएएस अफसरों के नाम होंगे। चर्चा के अनुसार 12 से 15 कलेक्टरों पर गाज गिर सकती है। ये वे कलेक्टर होंगे, जिन्हें जिलों की कमान मिलने को दो से ढाई साल का आदर्श समय हो चुका है। बाकी ऐसे होंगे, जो पर्याप्त समय मिलने के बाद भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। हटाया जाना तय जिन कलेक्टरों की वजह से बार-बार विवाद की स्थिति बन चुकी है, उन कलेक्टरों को हटाया जाना तय बताया जा रहा है। इनमें भिंड जैसे जिलों के कलेक्टर दायरे में आ सकते हैं। हालांकि प्रशासन के ज्यादातर अधिकारी मानते हैं कि कलेक्टरों को कई बार घेरने के प्रयास भी होते है। कानूनी जवाब देने पर विवाद की स्थिति पैदा की जाती है। नहीं दिए बेहतर परिणाम लगभग यही बात मध्यप्रदेश आइएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी पूर्व में मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से मिलकर कह चुके हैं। उक्त सूची में मुख्यमंत्री कार्यालय के उन अधिकारियों के नाम भी होने की संभावना है, जिन्हें मौके देने के बावजूद बेहतर परिणाम नहीं दे पा रहे। इनमें दो आइएएस और इतने ही राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का नाम होना बताया जा रहा है। इनकी जगह नए अफसरों को मौके दिए जा सकते हैं।

इंदौर-पीथमपुर के बीच दौड़ेगी मेट्रो, सीएम मोहन यादव ने की घोषणा; एक और जिला होगा शामिल

इंदौर  मेट्रो को रेडिसन चौराहे तक संचालित करने के लिए ट्रैक के बाद अब स्टेशन तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। मेट्रो एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने अफसर-ठेकेदारों की बैठक ली है। इस बीच इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रैक बनानेे के लिए सर्वे का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को सौंपा गया है, टीम ने प्राथमिक जानकारी के आधार पर काम शुरू भी कर दिया है। सीएम ने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रेन (Indore Metro Rail) के संचालन की घोषणा की है। इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो (Indore Metro Rail) का सर्वे करने वाली डीएमआरसी को करीब 2 करोड़ 70 लाख में सर्वे के साथ डीपीआर बनाने के लिए जिम्मेदारी दी है। दिल्ली की टीम ने स्थानीय अफसरों के साथ तैयारी भी शुरू कर दी है। उज्जैन में अंडरग्राउंड ट्रैक नहीं इंदौर से उज्जैन के बीच भी डीएमआरसी का सर्वे हो चुका है, लवकुश चौराहे से महाकाल मंदिर व उज्जैन रेलवे स्टेशन तक मेट्रो चलाने की प्लानिंग है। उज्जैन में ट्रैक को अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव था, लेकिन ज्यादा खर्च होने से शहर में एलिवेटेड ट्रैक का सुझाव दिया गया। जल्द ही संशोधन के बाद प्रस्ताव पेश होगा जिसके बाद डीपीआर की स्थिति बन सकती है। महू तक मेट्रो ले जाने पर विचार नहीं अफसरों के मुताबिक, इंदौर से पीथमपुर के बीच (Indore Metro Run Between Indore Pithampur) करीब 30 किमी लंबा ट्रैक प्रस्तावित है। एयरपोर्ट से पीथमपुर अथवा एबी रोड राजेंद्रनगर से राऊ होते हुए पीथमपुर जाने के विकल्प के आधार पर सर्वे होगा। शुरुआती दौर में इंदौर से राऊ, महू होते हुए पीथमपुर जाने के विकल्प पर चर्चा हुई, लेकिन महू जाने के प्रस्ताव को फिलहाल छोड़ दिया गया है। महू जाने पर करीब 10 किमी अतिरिक्त ट्रैक बनता जिसे देखते हुए विकल्प को छोड़ा गया है। डीएमआरसी की टीम जल्द मैदानी सर्वे शुरू कर देगी। इंदौर मेट्रो का विस्तार जारी है, पहले फेज के शुभारंभ के बाद अब सेकंड फेज का ट्रायल  इंदौर मेट्रो जहां अपनी रफ्तार से दौड़ रही है तो वहीं मेट्रो के अगले चरणों की रफ्तार भी तेज है. पहले फेज के बाद अब दूसरे फेज में मेट्रो ट्रेन दौड़ने को तैयार है. दीपावली तक मेट्रो शहर में एंट्री करेगी. शुक्रवार को मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने सुपर कॉरिडोर से एम आर 10 रोड तक मेट्रो से सफर किया. मेट्रो रेल कंपनी की पूर्व घोषणा के मुताबिक दीपावली तक इंदौर मेट्रो अपने सेकंड फेज का काम पूर्ण करेगी. सेकंड फेज में रेडिसन चौराहे से मालवीय नगर दूसरे फेज के तहत इंदौर मेट्रो शहर के रेडिसन से होते हुए मालवीय नगर स्टेशन तक पहुंच जाएगी. इंदौर मेट्रो रेल कंपनी के प्रमुख एस कृष्ण चैतन्य ने बताया "इंदौर मेट्रो का सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-03 से एमआर-10 मेट्रो स्टेशन तक सफल परीक्षण किया गया. वर्तमान में मेट्रो का संचालन गांधीनगर डिपो से सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 तक 6 किलोमीटर का हो रहा है. शुक्रवार को मेट्रो कंपनी ने सुपर सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-03 से एमआर-10 मेट्रो स्टेशन तक सफल परीक्षण किया." 17 किमी ट्रैक शुरू होते ही कमर्शियल रन दीपावली तक इंदौर मेट्रो का दायरा 4 किलोमीटर तक और बढ़ जाएगा. इस तरह इंदौर मेट्रो 17 में से 10 किलोमीटर सफर प्रारम्भ होने की स्थिति मे पहुंच गई है. इंदौर मेट्रो रेल कंपनी के प्रमुख एस कृष्ण चैतन्य ने बताया "17 km का ट्रैक तैयार होने के बाद ही कमर्शियल रन प्रारंभ होगा." गौरतलब है करीब 1520 करोड़ के मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का भूमिपूजन सितंबर 2019 को कमलनाथ सरकार के दौरान हुआ था, जिसके पहले ट्रायल रन का शुभारंभ 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर किया था. अभी पिकनिक के तौर पर ही मेट्रो का आनंद इंदौर मेट्रो के शुभारंभ के दौरान सुपर कॉरिडोर के 6 स्टेशनों पर ट्रेन ने रन किया था. अब इसको सेकंड फेज में 11 किलोमीटर तक चलाया जाएगा. फिलहाल 6 स्टेशन के बीच ट्रेन में आम लोग सिर्फ पिकनिक की तरह ही सफर कर रहे हैं लेकिन सेकंड फेज के बाद लोग मेट्रो से सुपर करिडोर से लेकर रेडिसन होटल तक सुविधाजनक सफर कर पाएंगे. जून में हुए ट्रायल में क्या-क्या हुआ था इससे पहले जून में मेट्रो ट्रायल के दौरान ट्रैक के साथ ही मेट्रो स्टेशनों के निरीक्षण किया गया था. इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रगति की भी जानकारी के साथ सभी स्टेशनों के सिविल तथा सिस्टम संबंधी कार्यों का अवलोकन किया गया था. निरीक्षण के दौरान मुख्यत: स्टेशन के दोनों ओर एंट्री-एग्जिट, लिफ्ट, एस्कलेटर, कंट्रोल रूम, विभिन्न सिस्टम रूम, टिकटिंग रूम, PEB/शेड इत्यादि निर्माण कार्यों के साथ-2 आंतरिक एवं बाहरी कार्यों को चेक किया था.  

देशभर में चर्चा का विषय बना नया पोस्टर- ‘I Love India & Rahul Gandhi’

भोपाल  देश में इन दिनों पोस्टर वॉर का सिलसिला जारी है। ‘I Love Mohammad’ पोस्टरों को लेकर मचे बवाल के बीच, मध्य प्रदेश से एक नया पोस्टर सामने आया है। इस पोस्टर में ‘I Love India’, ‘I Love Rahul Gandhi’, ‘जय बाबू जय भीम जय संविधान’ और ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’ लिखा हुआ है। यह पोस्टर कहीं और नहीं बल्कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के बाहर लगाया गया है। इस पोस्टर को प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण धौलपुरे ने लगवाया है। पोस्टर में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, एमपी कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, अजय सिंह, और अरुण यादव की तस्वीरें भी शामिल हैं। देशभर में ‘I Love Mohammad’ पोस्टर के विवाद के बीच यह पोस्टर अब सोशल मीडिया और जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है।  

विज्ञान मेला से प्रतिभाओं को मिलेगा आगे आने का मौका

नगरीय विकास मंत्री श्री विजयवर्गीय ने 12वें विज्ञान मेला को किया संबोधित भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार विज्ञान से जुड़ी प्रतिभाओं को अपने नवाचार के लिये लगातार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान का क्षेत्र विकास की रफ्तार को और तेज करता है। मंत्री श्री विजयवर्गीय सोमवार को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित 12वें भोपाल विज्ञान मेला के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। विज्ञान मेला का आयोजन विज्ञान भारती मध्य भारत प्रांत, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में लगाया गया था। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि विज्ञान से जुड़ी संस्थाओं को केन्द्र और राज्य सरकार दोनों का सहयोग मिल रहा है। कोविड काल का जिक्र करते हुए मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के वैज्ञानिकों को कोविड की दवाई और वैक्सीन तैयार करने के लिये प्रोत्साहित किया था। इस प्रोत्साहन से कोविड की दवाई और वैक्सीन बनाकर भारत ने दुनिया को अपनी वैज्ञानिक क्षमता का संदेश दिया था। कोविड की वैक्सीन न केवल देश के नागरिकों को लगाई गई बल्कि दुनिया के अनेक जरूरतमंद देशों को भी उपलब्ध कराई गई। रक्षा क्षेत्र में चल रहे हैं लगातार शोध मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में देश में लगातार शोध हो रहे हैं। रक्षा उपकरणों मामले में भारत काफी हद तक आत्मनिर्भर हुआ है। आयुर्वेद पद्धति की चर्चा करते हुए मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे देश की प्राचीन परंपराओं ने दुनिया में अपनी साख बनाई है। आज अनेक देश आयुर्वेद को अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि फर्जिलाइजर ने हमारी खेती की जमीन को काफी नुकसान पहुंचाया है। जरूरत इस बात की है कि हम जैविक और प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ें। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने विद्यार्थियों को विज्ञान को रचनात्मक कामों में उपयोग करने की समझाइश दी। कार्यक्रम को वरिष्ठ वैज्ञानिक पूर्व निदेशक डॉ. शंकर विनायक नाखे ने भी संबोधित किया। समापन सत्र में निदेशक राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय प्रो. सुधीर भदौरिया, अध्यक्ष भोपाल विज्ञान मेला डॉ. अनिल कोठारी, अध्यक्ष मध्य भारत प्रांत विज्ञान भारती डॉ. अमोघ ने भी संबोधित किया। विज्ञान मेले में 350 से अधिक विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किये गये। भोपाल की अनेक शिक्षण संस्थाओं ने विज्ञान से जुड़े स्टॉल लगाये। 

आरटीई से लाभान्वित स्कूली बच्चों को अगले सत्र से उपलब्ध कराई जाएंगी पाठ्यपुस्तकें और बैग

बच्चों की बेहतर शिक्षा और भविष्य की सुरक्षा है आरटीई मुख्यमंत्री ने शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत 8.45 लाख से अधिक विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति के 489 करोड़ रुपये निजी स्कूलों को किए अंतरित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार सभी वर्गों के हर चौथे बच्चे को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने की फीस दे रही है। राज्य सरकार ने बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम से लाभान्वित निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को अगले सत्र से पाठ्यपुस्तकें और बैग उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश की पहचान आज सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले राज्य की बन चुकी है। राज्य सरकार ने संपूर्ण प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की है। विद्यार्थियों को स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जा रही है। शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल, ड्रेस और किताबें मिल रही हैं। शाला में प्रथम आने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी और 75 प्रतिशत अंक लाने वालों को लैपटॉप प्रदान कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना उनके बेहतर भविष्य की सुरक्षा है। बच्चे अपना भविष्य बनाते हुए देशभक्त नागरिक बनें, वे डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक बनें, साथ ही सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को हरदा जिले के खिरकिया में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत राज्यस्तरीय कार्यक्रम में 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक से अंतरित कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर 72 किलोमीटर लम्बी आशापुर-हरदा सड़क निर्माण की घोषणा भी की। केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके, प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह और पूर्व मंत्री श्री कमल पटेल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जो कहा है, वो करके दिखाया है। किसानों कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को गेहूं की उपज पर 175 रुपए का बोनस उपलब्ध कराकर उन्हें गेहूं का 2600 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य दिलाया गया है। अब भावांतर योजना लागू करते हुए प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक हर किसान को प्रति क्विंटल 5328 रूपये समर्थन मूल्य दिलवाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। राज्य सरकार ने मूंग और धान उत्पादक किसानों को भी उपज का उचित मूल्य दिलाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा में हुई भीषण विस्फोट दुर्घटना का स्मरण करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन ने उस कठिन परिस्थिति में तत्परता दिखाते हुए पीड़ित व्यक्तियों को हर संभव राहत और बचाव उपलब्ध कराने के प्रबंध किए गए थे। अब राज्य सरकार ने बीमार और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस की व्यवस्था आरंभ की है। कठिन परिस्थितियों में पीड़ित और जरूरतमंद व्यक्तियों को त्वरित रूप मदद उपलब्ध कराने के प्रति राज्य सरकार संवेदनशील है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च महत्व दिया गया है। गुरुजन के प्रयास और माताओं के आशीर्वाद से ही समाज का कल्याण हो सकता है। रामायणकाल में महर्षि विश्वामित्र की बालक राम को प्रभु श्रीराम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा-दीक्षा प्राप्त करने पहुंचे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के प्रसंग से हम मित्रता और आपसी संबंधों में एक दूसरे को सम्मान देने के महत्व से भी परिचित होते हैं। हमें प्रयास करना होगा कि वर्तमान पीढ़ी भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा के इन प्रसंगों से प्रेरणा लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने ब्रिटिश काल में सबसे कठिन परीक्षा आईसीएस में चयनित होकर अंग्रजों की नौकरी ठुकराई और उन्हें भारतीय मेधा से परिचित कराया। दो स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति की राशि के सांकेतिक चेक भेंट किये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश के निःशुल्क प्रवेशित 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति के लिये प्रदेश के 20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रूपये अंतरित किये। उन्होंने इस दौरान शांति निकेतन हायर सेकण्ड्री स्कूल छीपाबड को 62 निःशुल्क प्रवेशित विद्यार्थियों के लिये 4 लाख एक हजार 593 रूपये और सरस्वती शिशु विद्या मंदिर खिरकिया को 59 निःशुल्क प्रवेशित विद्यार्थियों के लिये 3 लाख 61 हजार 979 रूपये के सांकेतिक चेक वितरित किये। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उईके ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा, सुशासन, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में नवाचार और पारदर्शिता को प्रोत्साहित किया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम समाज के कमजोर वर्ग के लिए वरदान की तरह है। इस योजना से गरीब परिवार के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गरीब और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पित है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि यह देश और समाज की प्रगति का मार्ग है। शासकीय स्कूलों में अच्छे भवन बने हैं। बच्चों को पौष्टिक मध्यान भोजन मिल रहा है और उन्हें हर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा का अधिकार के माध्यम से निजी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों में 70 प्रतिशत विद्यार्थी किसान परिवार से आते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के लिए भावांतर योजना प्रारंभ की है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है। पूर्व कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा कि हरदा जिला सिंचाई से लेकर पेयजल, सड़क एवं बिजली सहित हर क्षेत्र में अग्रणी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम हर क्षेत्र में विकास करने के लिये कटिबद्ध है। विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिरकिया में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 1851.04 लाख रूपये के 5 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमें 130.70 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले हाई स्कूल भवन कायदा में 4 क्लास रूम तथा 3 प्रयोगशाला, 404 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले महाविद्यालयीन बालक छात्रावास टिमरनी, 265 लाख रूपये की … Read more

12वें भोपाल विज्ञान मेले में एम.पी. ट्रांसको को मिला प्रथम स्थान

भोपाल विज्ञान भारती मध्य भारत प्रांत के तत्वावधान में बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, स्थित ज्ञान विज्ञान भवन में आयोजित 12वें भोपाल विज्ञान मेले में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के स्टॉल को शासकीय वर्ग मे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। विज्ञान मेले के समापन समारोह में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह पुरस्कार प्रदान किया। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एम.पी. ट्रांसको को इस सफलता पर बधाई दी है। नवाचार और अत्याधुनिक तकनीकों का हुआ प्रदर्शन 26 सितंबर से प्रारंभ हुए इस मेले में एम.पी. ट्रांसको का स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। स्टॉल में एम.पी. ट्रांसको द्वारा मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क में उपयोग की जा रही अत्याधुनिक तकनीकों और नवाचारों का प्रभावी प्रदर्शन किया गया। इनमें चार्ज ट्रांसमिशन लाइन पर हॉटलाइन तकनीक और वेयर हेंड तकनीक से सुधार कार्य, गैस इंसुलेटेड स्विचगियर (जी.आई.एस.) तकनीक से संचालित एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन के मॉडल सहित अनेक तकनीकी डिस्प्ले प्रमुख आकर्षण रहे। विद्यार्थियों और आगंतुको ने ट्रांसमिशन सिस्टम की बारीकियों को जिज्ञासा और उत्साह से समझा। शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने भी गत दिवस ट्रांसको के स्टॉल का अवलोकन कर ट्रांसमिशन सिस्टम में नई-नई तकनीकें और नवाचार के उपयोग को सराहनीय बताया था।  

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को हासिल हुई एनएबीएल की चार वर्ष की मान्यता

भोपाल मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी (STPS) स्थि‍त कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्ट‍िंग एन्ड कैलिब्रेशन लेबोरेट्रीज (एनएबीएल) से चार वर्षों की नवीन मान्यता हासिल हुई है। सारनी कोयला गुणवत्ता प्रयोगशाला को यह मान्यता आईएसओ/आईईसी 17025:2017 के मानकों के अनुरूप प्रदान की गई है। कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को यह मान्यता 5 सितंबर 2029 तक की अवधि के लिए दी गई है। मान्यता सटीकता, विश्वसनीयता व पारदर्श‍िता का प्रतीक मध्यप्रदेश पावर जनेरटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने कहा कि सारनी कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को एनएबीएल से चार वर्ष की मान्यता प्राप्त होना प्रयोगशाला की कोयला परीक्षण की सटीकता, विश्वसनीयता व पारदर्श‍िता का परिचायक है। एनएबीएल द्वारा कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को मान्यता देने का कार्य कई चरणों में पूर्ण किया गया, जिसमें आन साइट सर्विलांस ऑडिट जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रि‍या शामिल थी। एनएबीएल द्वारा इसके अलावा प्रयोगशाला की कार्यप्रणालि‍यों, अभिलेखों और वहां पर कार्यरत कार्मिकों की क्षमता व कुशलता को परखा गया। इन समस्त मापदंडों में सारनी की कोयला प्रयोगशाला को सफलता मिली है। मानकों के अनुसार प्रतिबद्धता की पुष्ट‍ि अंतर्राष्ट्रीय मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की सारनी कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला की यह सफलता टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। इस मान्यता से अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार गुणवत्ता और क्षमता के प्रति प्रयोगशाला की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्ट‍ि होती है।  

पांडुर्णा में ऊर्जीकृत हुआ 200 एम.व्ही.ए. का नया पावर ट्रांसफार्मर

 महाराष्ट्र से अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण को मिली फ्लेक्सिबिलिटी : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि महाराष्ट्र के कमलेश्वर से विद्युत आदान-प्रदान को और अधिक विश्वसनीय एवं लचीला बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने 13 करोड़ 47 लाख रुपये की अनुमानित लागत से पांडुर्णा 220 केवी सबस्टेशन पर क्षमता वृद्धि करते हुए एक नया 200 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से अब महाराष्ट्र से अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण के लिए 40 एम.व्ही.ए. अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही इस ट्रांसफार्मर के जरिए आवश्यकता पड़ने पर पीजीसीआईएल बैतूल के 400 केवी सबस्टेशन से भी अतिरिक्त बिजली प्राप्त की जा सकेगी। इससे बोरगांव और मुलताई सहित छिंदवाड़ा जिले को पर्याप्त एवं स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। क्षमता बढकर हुई 360 एमव्हीए एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री अमर कीर्ति सक्सेना ने बताया कि पूर्व में पांडुर्णा 220 केवी सबस्टेशन पर 160 एम.व्ही.ए. क्षमता के दो पावर ट्रांसफार्मर स्थापित थे। उस व्यवस्था में महाराष्ट्र से विद्युत आदान-प्रदान में कभी-कभी दिक्कत आती थी, जिससे न तो मध्यप्रदेश को आवश्यकता अनुसार अधिक बिजली मिल पाती थी और न ही महाराष्ट्र को अतिरिक्त विद्युत दी जा सकती थी। इस कमी को दूर करने के लिए सबस्टेशन पर क्षमता वृद्धि की गई और अब नया 200 एम.व्ही.ए. ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है। जिसे पांडुर्णा 220 के व्ही सब स्टेशन मे 220 केव्ही साइड की क्षमता बढ़कर 360 एम.व्ही.ए. हो गई है। इन क्षेत्रों को भी होगा लाभ पांडुर्णा में नए पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से बोरगांव 132 केवी सबस्टेशन, मुलताई 132 केवी सबस्टेशन तथा 220 केवी सबस्टेशन छिंदवाड़ा से जुड़े जिले के विभिन्न क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर पीजीसीआईएल बैतूल से भी अतिरिक्त विद्युत प्राप्त की जा सकेगी।