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मध्यप्रदेश के प्राइवेट स्कूलों का बड़ा फैसला: RTE के तहत पढ़ रहे 10 हजार बच्चों की पढ़ाई 1 अक्टूबर से बंद

भोपाल   मध्यप्रदेशके प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत दर्ज बच्चों की पढ़ाई पर संकट गहरा गया है। प्राइवेट स्कूलों ने आरटीई के तहत दर्ज बच्चों को न पढ़ाने राज्य शिक्षा केन्द्र को अल्टीमेटम दिया है। फीस विवाद इसका कारण बना है। निजी स्कूल संचालकों ने कहा कि 30 सितंबर तक विभाग फीस चुकाए। तीन साल की फीस बकाया है। भोपाल शहर में करीब 12 सौं निजी स्कूलों में करीब 10 हजार बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश हुआ है। एसोसिएशन ने कहा कि फीस न मिली तो बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ होंगे। ये है पूरा मामला निजी स्कूल एसोसिएशन के अजीत सिंह के मुताबिक प्राइवेट स्कूलों में सरकार ने आरटीई के तहत बच्चों का दाखिला(RTE School Admission) कराया गया है। प्रदेश में हर साल एक से ज्यादा एडमिशन कराए जा रहे है। इन बच्चों की फीस सरकार देती है। लेकिन करीब तीन साल हो गए। प्रदेश के अधिकांश स्कलों में आरटीई के दाखिलों की फीस की प्रतिपूर्ति नहीं की गई है। स्कूल संचालकों ने कहा त्योहारी सीजन, शिक्षकों का वेतन फीस के भरोसे स्कूल एसोसिएशन के मुताबिक प्राइवेट स्कूल में शिक्षको का वेतन फीस के भरोसे है। प्रतिपूर्ति न होने से त्योहारी सीजन में परेशानी होगी। स्कूलों को आर्थिक परेशानी आ रही है। एसोसिएशन के मुताबिक स्कूल इससे पहले भी फीस की मांग कर चुके है। राज्य शिक्षा केन्द्र को ज्ञापन दिए लेकिन सुनवाई नहीं हुई। एक नजर में     शहर में 1200 निजी स्कूल     आइटीई में 10000 बच्चों का हुआ प्रवेश।     तीन साल से फीस की नहीं हुई प्रतिपूर्ति।     (एसोसिएशन के मुताबिक) 3 साल की फीस बकाया तीन साल की फीस बकाया है। स्कूलों की आर्थिक स्थिति खराब है। तीस सितंबर तक फीस की प्रतिपूर्ति नहीं हुई तो आरटीई के तहत दर्ज(RTE School Admission) बच्चों को प्राइवेट स्कूल पढ़ाने में असमर्थ रहेंगे। राज्य शिक्षा केन्द्र को इसका पत्र दे चुके हैं। – अजीत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

साइबर क्राइम पर लगाम लगाने मैदान में उतरेंगे 500 कमांडो, IIT इंदौर में होगी खास ट्रेनिंग

 इंदौर  दुनिया में हर साल 1.5 ट्रिलियन डॉलर की साइबर ठगी हो रही है। भारत 10 वें नंबर पर है। 5 साल में अपराध 238 प्रतिशत बढ़े हैं। सेंटर फॉर साइबर क्राइम ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर, बेंगलूरु के बनाए साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन मैन्युअल के अनुसार, 2029 तक ठगी 15.63 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी। ऐसे में केंद्र सरकार साइबर कमांडो तैयार कर रही है। राज्य सरकार ने भी टीम तैयार करनी शुरू कर दी है। 2028 तक ऐसे 500 कमांडो तैनात किए जाएंगे। इसके लिए आइआइटी इंदौर में 1-2 माह में कोर्स शुरू किया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान साइबर क्राइम रोकने ये कमांडो तैनात होंगे। मध्यप्रदेश को मिले पांच हाल ही में साइबर सेल के वरिष्ठ अफसरों व एसपी की सेंटर फॉर साइबर क्राइम ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर बेंगलूरु में ट्रेनिंग हुई। सरकार तकनीकी पढ़ाई करने वाले एसआइ व वरिष्ठ अफसरों को ट्रेनिंग दिला रही है। ऐसे 5 हजार कमांडो तैयार करने की योजना है। आइआइटी कानपुर, धनबाद, मद्रास, रुड़की में कोर्स शुरू हो गया है। देश में 50 कमांडो तैयार हुए हैं। पांच मध्यप्रदेश को मिले हैं। 2 करोड़ में एक बैच -प्रस्ताव के अनुसार आइआइटी इंदौर में कमांडो की ट्रेनिंग होगी। -एक बैच में 50 कमांडो तैयार किए जाएंगे। -इस पर करीब दो करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। अन्य आइटी यूनिवर्सिटी में भी ट्रेनिंग होगी। साइबर अपराध: दुनिया में भारत 10 वें नंबर पर     रूस     यूक्रेन     चीन     यूनाइटेड स्टेट्स     नाइजीरिया     रोमानिया     नॉर्थ कोरिया     यूनाइटेड किंगडम     ब्राजील     भारत (स्रोत: साइबर क्राइम इंडेक्स) साइबर अपराधों से लड़ने के लिए आइआइटी इंदौर में साइबर कमांडो तैयार किए जाएंगे। सरकार को प्रस्ताव भेजा है। अनुमति मिलते ही ट्रेनिंग शुरू करेंगे। सिंहस्थ के पहले सभी जिलों में साइबर कमांडो तैनात किए जाएंगे। – ए. साईं मनोहर, एडीजी, साइबर सेल

मध्यप्रदेश बना ई-पंजीयन व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को संपदा 2 के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने के लिए मंत्रीगण ने दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भारत सरकार द्वारा संपदा 2 के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार 2025 से सम्मानित करने पर उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी अभिवादन किया। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा सहित सभी मंत्रीगण ने बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक में पहले अपने संबोधन में कहा कि संपदा-2 से पेपरलेस-फेसलेस रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी बना है। मध्यप्रदेश, ई-पंजीयन व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। यह प्रणाली नागरिकों को बिना कार्यालय आए, सुरक्षित और सरल पंजीयन की सुविधा देती है। मध्यप्रदेश ने डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत अस्पतालों में साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा जिलों के सभी अस्पतालों में साफ-सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट की दर से प्राप्त होगी बिजली मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा पखवाड़ा में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश को महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। मुरैना में पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के माध्यम से 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली प्राप्त होगी। ई-रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया से प्राप्त यह प्रति यूनिट दर, देश में न्यूनतम है। मध्यप्रदेश पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर के चार अवार्ड मिलने पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर के चार अवार्ड मिलने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश टूरिज्म के नवाचार किडजानिया एक्सपीरियंस सेंटर को मेडैक्स गोल्ड अवार्ड प्राप्त हुआ है। यह अवार्ड बेस्ट एक्सपीरियंशियल मार्केटिंग कैंपेन और बेस्ट ट्रैवल एंड टूरिज्म मार्केटिंग कैंपेन श्रेणी में मिला है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड को दो प्रतिष्ठित अवार्ड क्रमशः बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड अवार्ड और गोल्डन बैनयन अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा का पीएम मित्रा पार्क की सौगात के लिए माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई पीएम मित्रा पार्क की सौगात के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पार्क लगभग 2158 एकड़ में विकसित होगा और यहां विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस पार्क के लिए देश की अग्रणी टेक्सटाइल कंपनियों ने 23 हजार 146 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। पार्क से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे और कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को लाभ होगा। नवरात्रि के पहले दिन से आरंभ हुआ जीएसटी बचत उत्सव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा सशक्त नारी सशक्त परिवार और पोषण अभियान का आरंभ भैसोला धार से किया गया, यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भैसोला धार से आदि सेवा पर्व प्रारंभ करने, एक बगिया मां के नाम अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में जागरूकता के लिए सुमन सखी चैटबॉक्स की लॉन्चिंग, एक करोड़वें सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं कॉउंसलिंग कार्ड के वितरण, 15 लाख हितग्राही महिलाओं के खातों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की 400 करोड़ रुपए राशि से अधिक के अंतरण के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवरात्रि के प्रथम दिवस से जीएसटी सुधार लागू करने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे देश के सभी वर्गों को लाभ होगा, यह देश का जीएसटी बचत उत्सव है।  

दिव्यांगजन मानव अधिकार संरक्षण में सांकेतिक भाषा सहायक : मंत्री कुशवाहा

दिव्यांगजन में है दिव्य-शक्ति विद्यमान भोपाल  सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा है कि "सांकेतिक भाषा मानव अधिकारो के संरक्षण में सहायक होती है।" उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन में दिव्य शक्तियां विद्यमान हैं, केवल उन्हें अवसर की आवश्यकता है। मंत्री श्री कुशवाहा सामाजिक न्याय विभाग के सभागार में राज्य स्तरीय सांकेतिक भाषा दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री कुशवाहा ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार संरक्षण के लिए राज्य से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास जारी हैं, इसी कड़ी में यूनाइटेड नेशन द्वारा 2017 में 23 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इसी दिन प्रति वर्ष सांकेतिक भाषा दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सामाजिक न्याय विभाग सांकेतिक भाषा को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से साइन लेंग्वेज पर कार्य किया जा रहा है। जो संस्थाएं इस क्षेत्र में काम कर रही हैं, उन्हें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आर्थिक अनुदान के साथ अन्य सहयोग प्रदान किया जा रहा हैं। मध्यप्रदेश में डेफ केन फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे प्रयास प्रशंसानीय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के समृद्ध भारत के सपने को साकार बनाने में दिव्यांगजन की भागीदारी भी आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 'विकलांगता' के स्थान पर 'दिव्यांगता' शब्द दिया गया है। इसका आशय है कि दिव्यांगजन में देवीय-कृपा से दिव्य शक्तियाँ हैं। यह वर्ग खेलकूद से लेकर हर क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि डेफ फाउंडेशन द्वारा मूकबधिर वर्ग को दो और चार पहिया वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाने तथा मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम की पुस्तकों की ब्रेनलिपि में बनाने की माँग पर शासन स्तर पर शीघ्र विचार किया जायेगा। विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि दिव्यांगजन में प्रतिभा की कमी नहीं है, वह हम सब की तरह सामान्य जीवन जी सकते है। मूकबधिर होने की स्थिति में अपनी भावनाऐं शब्दों से नहीं सांकेतिक भाषा में व्यक्त करते है। चिकित्सा के क्षेत्र में नये अविष्कार और खोज से अब इनका इलाज संभव हो पा रहा है। यह सुखद समाचार है। परशुराम बोर्ड के अध्यक्ष पं. विष्णु राजौरिया ने कहा कि सांकेतिक भाषा, मूकबधिर जन के लिये संजीवनी है। उन्होंने कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाली संस्थाओं के बच्चों और प्रशिक्षकों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में डेफ केन फाउंडेशन की श्रीमती प्रीति सोनी द्वारा तैयार किया गीत, अशासकीय संस्था माधुरी आयाम, अशासकीय संस्था उमंग गौरव दीप और आशा निकेतन के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। साथ ही बच्चों को स्मृति चिंह देकर प्रोत्साहित भी किया गया।  

विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका : जल संसाधन मंत्री सिलावट

भारत रत्न सर श्री विश्वेश्वरैया की प्रतिमा का किया अनावरण भोपाल  जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत रत्न सर श्री मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैया विलक्षण प्रतिभा के धनी, दूरदृष्टा और अत्यंत कुशल अभियंता थे, जिन्होंने संघर्षों के बीच कार्य करते हुए उत्कृष्ट अभियांत्रिकी के मानदण्डों को स्थापित किया। उनसे प्रेरणा लेकर सभी अभियंता पूरी निष्ठा, भाव और समर्पण के साथ देश के विकास में अपना पूरा योगदान दें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल अभियांत्रिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। जल संरक्षण में देश में प्रदेश अव्वल है। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट मंगलवार को प्रमुख अभियंता जल संसाधन कार्यालय परिसर में सर श्री मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैया की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर प्रतिवर्ष उत्कृष्ट कार्य करने वाले 5 अभियंताओं को सम्मानित करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभियंता एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि सर श्री विश्वेश्वरैया की कर्मठता, विद्वता, कौशल और समर्पण ने आधुनिक भारत के निर्माण की मजबूत नींव रखी। उनके द्वारा अभियांत्रिकी क्षेत्र में किये गये कार्य भविष्य में भी अभियंताओं के लिये प्रेरणा-स्रोत रहेंगे। जल प्रबंधन के क्षेत्र में उनका कार्य अद्वितीय है। आज उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया है, जो हमें निरंतर उनके कार्यों की याद दिलाती रहेगी। वे भारत के गौरव थे, आज उन्हें पूरा विश्व याद करता है। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल संसाधन, जल प्रबंधन और जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हो रहा है। प्रदेश में 3 बड़ी परियोजनाओं केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल और तापी मेगा रीचॉर्ज पर कार्य हो रहा है। ये परियोजनाएँ पूरे प्रदेश की तस्वीर बदल देंगी। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर लगभग 52 लाख हेक्टेयर हो गया है। अगले वर्ष तक इसे 65 लाख हेक्टेयर और वर्ष 2027 तक 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। राजगढ़ जिले की मोहनपुरा-कुण्डालिया परियोजना जल संरक्षण की विलक्षण परियोजना है। गत दिनों प्रदेश में चलाया गया 'जल गंगा संवर्धन अभियान' अत्यंत सफल रहा। 'एक पेड़ माँ के नाम' पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण अभियान है। हर खेत तक पानी पहुँचाना हमारा संकल्प है। भारत की आत्मा गाँव में बसती है और सिंचाई का रकबा बढ़ने से गाँव समृद्ध होंगे और देश भी समृद्ध होगा। अभियंताओं को किया सम्मानित जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने विभाग के पूर्व और वर्तमान अभियंताओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रमुख अभियंता श्री विनोद कुमार देवड़ा, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री राजीव शुकलेकर, श्री आर.के. तिवारी, श्री एम.एस. डाबर, श्री भरत गोस्वामी ने भी संबोधन दिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। प्रदेश में 2 मेट्रोपॉलेटिन क्षेत्र भोपाल और इंदौर की स्वीकृति के बाद 2 नए मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र जबलपुर और ग्वालियर को शीघ्र मंजूरी दी जाएगी। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र अधोसंरचना को सशक्त बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  होटल जहांनुमा पैलेस के सभाकक्ष में फ्री प्रेस के 42 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 16 नगर निगमों के महापौर का सम्मान किया। सम्मानित महापौर में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय और इंदौर के महापौर श्री पुष्प मित्र भार्गव भी उपस्थित थे। इस अवसर पर भोपाल के उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षद भी पुरस्कृत किए गए। स्वच्छता, मेट्रो रेल और स्मार्ट सिटी के विकास में प्रदेश की उपलब्धियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता का संदेश दिया है। मध्यप्रदेश ने स्वच्छता के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की हैं। अनेक नगरीय निकाय स्वच्छता क्षेत्र में प्रतिवर्ष श्रेष्ठ कार्य के लिए पुरस्कृत हो रहे हैं। प्रदेश में भोपाल और इंदौर के साथ अन्य नगरों के नागरिक भी शीघ्र ही मेट्रो रेल सुविधा का लाभ प्राप्त करेंगे। शहरी विकास को प्राथमिकता देते हुए कायाकल्प अभियान में 1550 करोड़ रुपए के निवेश से सड़कों का स्वरूप बदल रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन-2 के माध्यम से जबलपुर और उज्जैन के नगरीय निकायों के लिए 370 करोड़ रुपए देने की पहल की गई। स्मार्ट सिटी की संकल्पना को जमीन पर उतारते हुए महाकाल परिसर उज्जैन के विकास सहित अनेक कार्य हुए हैं। प्रदेश में आठ एयरपोर्ट संचालित हैं और अन्य विमानतल भी शीघ्र प्रारंभ होंगे। खजुराहो नगर परिषद का विशेष उल्लेख नगरीय निकायों को समर्थ और सुविधा संपन्न बनाने की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में एक ऐसी अनोखी नगर परिषद है जिसका उल्लेख आवश्यक है। छतरपुर जिले की खजुराहो नगर परिषद की विशिष्ट स्थिति है जहां खजुराहो विश्व धरोहर स्थल है, वहीं खजुराहो में एयरपोर्ट भी है और रेलवे स्टेशन भी है। जनसंख्या कम होने के बाद भी खजुराहो विश्व स्तरीय पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाता है। भविष्य की रूपरेखा बनाएं नगरीय निकाय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फ्री प्रेस अखबार द्वारा नगरीय निकायों के महापौर सम्मानित किए गए हैं। यह प्रशंसनीय पहल है। नगरीय विकास और आवास विभाग नगरीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की राज्य स्तरीय बैठक और कार्यशाला आयोजित कर नगरों के समग्र विकास के लिए भविष्य की रूपरेखा निर्धारित करे। नगरीय विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास के संकल्प की पूर्ति के लिए विभाग सक्रिय है। प्रदेश में नगरीय निकायों ने स्वच्छता सहित अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया है। प्रारंभ में फ्री प्रेस संस्थान की ओर से अध्यक्ष श्री अभिषेक करनानी और भोपाल संस्करण के एसोसिएट एडीटर श्री नितेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक श्री भगवान दास सबनानी के अलावा श्री हितानंद शर्मा, श्री आशीष अग्रवाल, डॉ. हितेश वाजपेयी सहित मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

मंत्री सुश्री भूरिया ने किया ‘मेनोपाज स्वास्थ्य गाइड’ का विमोचन

भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने मंगलवार को मंत्रालय में प्रसिद्ध पोषण विशेषज्ञ डॉ. अनुमिता पाठक द्वारा लिखित पुस्तक ‘मेनोपाज स्वास्थ्य गाइड’ का विमोचन किया। पुस्तक में “महिलाओं के लिए स्वास्थ्य गाइड: रजोनिवृत्ति और उससे सम्बंधित सभी जानकारी शामिल है। यह पुस्तक विशेष रूप से रजोनिवृत्ति (मेनोपाज) के दौर से गुजर रही महिलाओं के लिए एक समर्पित मार्गदर्शिका है। इसमें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिवर्तनों को समझने और संभालने की दिशा में उपयोगी जानकारी दी गई है, जिनसे महिलाएं इस चरण में गुजरती हैं। पुस्तक में व्यावहारिक सुझाव, पोषण संबंधी सलाह और परिवार की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि “रजोनिवृत्ति जैसे विषय पर खुलकर और वैज्ञानिक तरीके से जानकारी देने वाली यह पुस्तक महिला स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। यह गाइड बुक निश्चित रूप से महिलाओं के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।” लेखिका डॉ. अनुमिता पाठक ने बताया कि पुस्तक का उद्देश्य महिलाओं और उनके परिवारों को रजोनिवृत्ति के प्रति सजग बनाना और इस संवेदनशील समय को सहजता से पार करने में मदद करना है। यह पुस्तक शीघ्र ही बाजार और ऑनलाइन माध्यमों पर उपलब्ध होगी, और महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अहम योगदान मानी जा रही है।  

मोहासा-बाबई प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर और मेक इन इंडिया के विजन को करेगा साकार

म.प्र. नवकरणीय उपकरण निर्माण सेक्टर में मध्यप्रदेश बनेगा आत्मनिर्भर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से केन्द्र सरकार द्वारा नर्मदापुरम जिले के औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई को मिली 'ग्रीन फील्ड मैन्युफैक्चरिंग जोन फॉर पॉवर एवं रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' की सौगात प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों के निर्माण में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की परिकल्पना को मूर्त रूप दिया जा सकेगा। भारत सरकार की इस पहल से मध्यप्रदेश न केवल इस क्षेत्र में अग्रणी बनेगा, बल्कि निवेश और रोजगार सृजन के नए अवसर सृजित होंगे। औद्योगिक इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई फेज-1 की 1678 एकड़ विकसित भूमि में से 884 एकड़ भूमि पर विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों का विनिर्माण क्षेत्र विकसित किया गया है। इकाइयों को उद्योग संवर्धन नीति 2014 (संशोधित) के अतिरिक्त अनेक विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं। इन प्रोत्साहनों में पाँच वर्षों तक रियायती दरों पर बिजली की आपूर्ति, विद्युत शुल्क की प्रतिपूर्ति, पानी की आपूर्ति मात्र 25 रूपये प्रति किलोलीटर की दर पर, भूमि संबंधी सभी शुल्कों में राहत, न्यूनतम विकास शुल्क तथा प्रतीकात्मक राशि पर भूमि आवंटन जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। फेज-वन में 17,750 करोड़ का मिला निवेश राज्य शासन द्वारा आमंत्रित एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के तहत 29 निवेशकों से आवेदन प्राप्त हुए। विस्तृत परीक्षण और चर्चा के बाद 22 इकाइयों को 514.50 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इन इकाइयों से 17,750 करोड़ रूपये के निवेश और 21,777 लोगों के लिए रोजगार का सृजन प्रस्तावित है। वर्तमान में 6 वृहद इकाइयाँ मेसर्स यू एनर्जी प्रा.लि., मेसर्स लेण्डसमिल रिन्यूएबल्स प्रा.लि., मेसर्स लेण्डसमिल ग्रीन एनर्जी प्रा.लि., मेसर्स लेण्डसमिल ग्रीन इंडस्ट्रीज प्रा.लि., मेसर्स इन्सोलेशन ग्रीन एनर्जी प्रा.लि., मेसर्स रेज ग्रीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग प्रा.लि. सहित दो एमएसएमई इकाइयाँ मेसर्स सनकोसा एनर्जी प्रा.लि. एवं मेसर्स एक्लेक्टिक डिज़ाइन अपने भूखण्डों पर तेजी से निर्माण कार्य कर रही हैं। अन्य निवेशक भी अपनी इकाई स्थापना संबंधी आवश्यक कार्यवाही कर रहे हैं। फेज-2 का विस्तार: 750 एकड़ में नया विनिर्माण क्षेत्र विकसित मोहासा-बाबई फेज-1 की सफलता को देखते हुए राज्य शासन ने 30 जुलाई 2025 को फेज-2 विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत 1034 एकड़ भूमि में से 750 एकड़ पर विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों का विनिर्माण क्षेत्र विस्तारित किया गया है। निवेशकों के लिये विशेष रियायतें फेज-2 में निवेशकों के लिए विशेष रियायतें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें प्रचलित भूमि मूल्य के केवल 25 प्रतिशत प्रीमियम पर भूखंड आवंटन, वास्तविक विकास शुल्क का 20 समान वार्षिक किश्तों में भुगतान, 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क की प्रतिपूर्ति और पानी की आपूर्ति 25 रूपये प्रति किलोलीटर की दर पर शामिल हैं। इस विस्तार से बड़े और छोटे दोनों स्तर के निवेशकों को आकर्षित होंगे, जिससे प्रदेश का औद्योगिक आधार और अधिक सशक्त होगा। मोहासा-बाबई औद्योगिक क्षेत्र के दोनों चरणों से प्रदेश विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। इन विनिर्माण क्षेत्रों से न केवल आवश्यक उपकरणों की आयात निर्भरता कम होगी, बल्कि प्रदेश को एक नई औद्योगिक पहचान भी मिलेगी। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे राष्ट्रीय अभियानों को मजबूत करती है और मध्यप्रदेश को भारत के ऊर्जा उपकरण निर्माण का हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित हो रही है।  

प्रदेश में नीलाम किये गये मुख्य खनिज ब्लॉक में खनन संक्रियाएँ प्रारंभ किये जाने की समीक्षा

भोपाल  प्रमुख सचिव खनिज साधन श्री उमाकांत उमराव की अध्यक्षता में मंगलवार को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में नीलाम किये गये मुख्य खनिज ब्लॉक, जिनमें चूना पत्थर, बॉक्साइट, आयरन, मैग्नीज, रॉक फॉस्फेट, कॉपर और अन्य कुल 103 खनिज ब्लॉकों में खनन संक्रियाएँ प्रारंभ किये जाने के संबंध में अधिमानी बोलीदारों के साथ समीक्षा बैठक हुई। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने बताया कि समीक्षा बैठक का मूल उद्देश्य खनन संक्रियाएँ प्रारंभ करने के लिये आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में अधिमानी बोलीदारों द्वारा की गयी कार्रवाई और उन्हें आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिये एक मंच प्रदान करना था। उन्होंने बताया कि वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में लगने वाले समय में निरंतर कमी परिलक्षित हो रही है। विभाग द्वारा वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिये खनन से संबंधित विभागों बोलीदारों के मध्य समन्वय स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि नीलाम किये गये खनिज ब्लॉक के संचालन प्रारंभ किये जाने में निरंतर वृद्धि हो रही है। बैठक में अधिमानी बोलीदार के अलावा वन, पर्यावरण एवं खनिज विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

मध्यप्रदेश के संसाधन और ताइवान की तकनीक उद्योग क्षेत्र में नई मिसाल करेंगे प्रस्तुत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ताइवान के साथ नई साझेदारी की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ताइवान के प्रतिनिधि मंडल ने निवेश अवसरों पर की चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ताइवान की निर्माण तकनीक और मध्यप्रदेश की विशाल औद्योगिक तथा उपभोक्ता क्षमता मिलकर विकास, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करेगी। सेमीकंडक्टर, पीसीबी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्र मध्यप्रदेश और ताइवान सहयोग के नए केंद्र बन रहे हैं। ताइवान की तकनीक और मध्यप्रदेश के संसाधन मिलकर वैश्विक स्तर पर दृढ़ और प्रतिस्पर्धी उद्योग विकसित कर सकते हैं। आने वाला समय दोनों पक्षों के लिए अनंत संभावनाएं ला रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ताइवानी निवेश को आकर्षित करने और सफल बनाने के लिए पूरी सुविधा, नीतिगत समर्थन और प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और ताइवान के बीच व्यापार और निवेश अवसरों पर ताइवान व्यापार विकास परिषद और ताइवान आर्थिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के प्रतिनिधियों से मंत्रालय में चर्चा के दौरान यह बात कही। चर्चा में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह सहित ताइवान विकास परिषद के डायरेक्टर जनरल श्री चुन यू चांग, सेकंड सेक्रेटरी श्री जिह शेंग वांग, ताइवान आर्थिक एवं सांस्कृति केन्द्र के निदेशक श्री विक लिन तथा ट्रेड प्रमोशन विशेषज्ञ सुश्री कीर्तन नांबियार शामिल हुईं। औद्योगिक साझेदारी के साथ ही शिक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी होगा आदान-प्रदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप हम ताइवान के साथ एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में नए साझेदारी की ओर अग्रसर हो रहे हैं। ताइवान अपनी तकनीक और नवाचार में अग्रणी है और मध्यप्रदेश प्रचुर संसाधनों, कुशल मानव संसाधन और विभिन्न सेक्टर में अनंत संभावनाओं के साथ सहयोग का इच्छुक है। मध्यप्रदेश से ताइवान को मुख्य रूप से इलेक्ट्रानिक मशीनरी, फार्मास्युटिकल्स, रासायन तथा खाद्य पदार्थ निर्यात होते हैं, वहीं ताइवान से मध्यप्रदेश इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे, मशीनरी और सेमीकंडक्टर्स आयात करता है। ताइवान के प्रतिनिधि मंडल द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में सक्रिय सहभागिता की गई। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर ने ताइवान के विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू किया है, जो शिक्षा, अनुसंधान, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा देगा। मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति, संसाधनों और उद्योग सहयोगी नीतियों के कारण ताइवानी निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य है। ताइवान और मध्यप्रदेश एक स्पष्ट रोडमैप तैयार कर निवेश बढ़ाने की दिशा में अग्रसर होंगे।