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मौसम विभाग का अलर्ट: अगले दो दिन 16 जिलों में झमाझम बारिश का अनुमान

इंदौर  मध्यप्रदेश से विदा हो रहा मानसून जमकर बरस रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके अलावा एक ट्रफ भी गुजर रही है और एक पश्चिमी विक्षोभ भी प्रभावी हो रहा है। इसका असर 3 और 4 अक्टूबर से ज्यादा देखने को मिल सकता है। इस कारण प्रदेश के इंदौर, जबलपुर, नर्मदापुरम, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं गुरुवार को भी प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश(Heavy Rain) का अलर्ट है। 3 अक्टूबर को इन जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 3 अक्टूबर को एमपी के बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिले में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट है।   4 अक्टूबर को इन जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 4 अक्टूबर को एमपी के हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में भारी बारिश(Heavy Rain)का यलो अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं प्रदेश के बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट है। इन जिलों से विदा हुआ मानसून अब तक एमपी के 12 जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम शामिल हैं। वहीं राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है, लेकिन 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून विदाई ले लेगा।   अक्टूबर में ऐसा रह सकता है मौसम का मिजाज अक्टूबर माह मौसम का संक्रमण काल कहलाता है, इसलिए इस माह में मौसम मिला जुला रहने की संभावना है। विंड पैटर्न में बार-बार बदलाव होगा। ऐसे में पूरे माह तापमान का उतार चढ़ाव बना रहेगा। ऐसे में सेहत के प्रति सावधानी बरतने की ज्यादा जरूरत होती है। क्योंकि यह मौसम का संक्रमणकाल होता है।

भोपाल डॉक्टर समेत तीन गिरफ्तार, AIIMS में करोड़ों की हेराफेरी का खुलासा

भोपाल  केंद्रीय जांच यूरो (सीबीआइ) ने एम्स ऋषिकेश(AIIMS Rishikesh) में 16 बेड वाले कोरोनरी केयर यूनिट (सीसीयू) के निर्माण में करोड़ों की गड़बड़ी का मामला दर्ज किया है। इसमें एम्स भोपाल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के सह प्रोफेसर डॉ. राजेश पसरीचा को भी आरोपी बनाया हैं। हालांकि डॉ. पसरीजा ने आरोप को खारिज कर दिया है। ये है मामला जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में एम्स ऋषिकेश के सीसीयू निर्माण के लिए 8.08 करोड़ रुपए दिल्ली की कंपनी मेडिक डिवाइसेस को भुगतान किए गए। आरोप है कि संस्थान के तत्कालीन निदेशक और प्रो€योरमेंट ऑफिसर डॉ. पसरीचा ने उपकरणों की आपूर्ति व स्थापना का झूठा प्रमाणपत्र जारी किया था। सीबीआइ जांच में सामने आया कि 1.76 करोड़ रुपए से ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर, गैस पाइपलाइन सिस्टम, डिफिब्रिलेटर, एयर प्यूरीफायर और अन्य उपकरण लगाए ही नहीं गए। वहीं 97 लाख के सिविल वर्क में भी हेराफेरी हुई। 2.73 करोड़ रुपए के गबन की पुष्टि हुई।   डॉ. राजेश पसरीचा ने आरोपों को किया खारिज सीबीआइ ने मामले में एम्स ऋषिकेश के पूर्व निदेशक डॉ. रविकांत, डॉ. राजेश पसरीचा और स्टोर कीपर रूप सिंह पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। मामले को लेकर डॉ. राजेश पसरीचा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुझ पर सीबीआइ ने झूठा आरोप लगाया है। यह आठ वर्ष पुराना मामला है, जिसे अब उठाया जा रहा है।

यातायात बदलाव: 4 अक्टूबर तक ट्रैफिक का ये नया रूट अपनाएँ या जाम में फँसें

भोपाल  भोपाल ईटखेड़ी थाना क्षेत्र के बाणगंगा (हलाली नदी), निपानिया नदी, खेजड़ादेव विसर्जन घाट पर गुरुवार को दुर्गा प्रतिमाओं का चल समारोह निकाल कर विसर्जन किया जाना प्रस्तावित है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग आयोजन में शामिल होते हैं, जिससे जाम लगने की स्थिति बनती है। इसे देखते हुए गुरुवार को दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान सुबह 8 बजे से 4 अक्टूबर की रात 10 बजे तक ट्रैफिक व्यवस्था बदली रहेगी। ऐसी रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था ● दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन, चल समारोह के दौरान सभी प्रकार के भारी वाहनों का आवागमन लाबांखेड़ा से गोलखेड़ी की ओर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।   ● गुना, शिवपुरी अशोकनगर से बैरासिया होकर भोपाल आने वाले भारी वाहन मकसूदनगढ़, गुना से ब्यावरा होकर भोपाल आ जा सकेंगे। नजीराबाद से रूनाहा जोड़ से होकर नरसिंहगढ़ से एनएच 46 हाईवे होकर परवलिया, मुबारकपुर से भोपाल आ जा सकेंगे। ● भोपाल से गुना -शिवपुरी-अशोकनगर-बैरासिया की ओर जाने वाले भारी वाहन लाबांखेड़ा जोड़ से मुबारकपुर परवलिया होकर, तथा विदिशा सिरोंज जाने वाले वाहन चौपड़ा कला सूखीसेवनिया से विदिशा होकर आ-जा सकेंगे। ● गुनगा, बैरासिया – ईटखेड़ी क्षेत्र के के्रशर व कोपरा में चलने वाले डम्फर गोलखेड़ी तिराहा से करधई, डोबरा होकर मेन हाईवे रोड पर आ जा सकेंगे।

सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा और एमपी की ओबीसी आरक्षण नीति: सरकार ने दी सफाई

भोपाल  OBC- मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर नित नए विवाद हो रहे हैं। अब इससे संबंधित मध्यप्रदेश शासन के हलफनामे पर बवाल मच गया है। प्रदेश में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। प्रकरण में राज्य सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दिया है। इसका उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया में कई कमेंट और सामग्री वायरल हो रहीं हैं जिसे सुप्रीम कोर्ट में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पेश हलफनामे का अंश बताया जा रहा है। इससे उठते विवाद पर अब राज्य सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने सोशल मीडिया पर वायरल की जा रहीं टिप्पणियों और सामग्रियों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। राज्य सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि वायरल की जा रही सामग्री का मध्यप्रदेश सरकार के हलफनामे से कोई लेना देना नहीं है। ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया में वायरल कथित सामग्रियों पर राज्य के जनसंपर्क विभाग ने स्पष्टीकरण जारी किया है। राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए इस स्पष्टीकरण में वायरल सामग्रियों को पूरी तरह फर्जी करार दिया है। सरकार ने कहा ​है कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर ओबीसी आरक्षण से संबंधित निराधार सामग्रियां वायरल की जा रहीं हैं। सोशल मीडिया पर टिप्पणियां, सामग्री यह कहते हुए वायरल की जा रही हैं कि ये सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत मध्यप्रदेश शासन के ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रकरण के हलफनामे का भाग है। सरकार का कहना है कि इनका हलफनामे से तनिक भी संबंध नहीं है।   राज्य सरकार ने वायरल सामग्रियों का परीक्षण भी कराया। इसके आधार पर दावा किया कि प्रथम दृष्टया यह ज्ञात हुआ है कि वायरल की जा रही सामग्री वस्तुतः मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामजी महाजन द्वारा प्रस्तुत अंतिम प्रतिवेदन (भाग-1) का हिस्सा हैं। राज्य सरकार ने कहा कि उक्त आयोग का गठन 17-11-1980 को किया गया था जबकि आयोग ने अपना अंतिम प्रतिवेदन तत्कालीन राज्य सरकार को 22-12-1983 को भेजा था। महाजन आयोग ने 35 प्रतिशत आरक्षण की अनुशंसा की थी गौरतलब है कि महाजन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में 35 प्रतिशत आरक्षण की अनुशंसा की थी जबकि राज्य सरकार ने 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य शासन का निर्णय महाजन रिपोर्ट पर आधारित नहीं है।  

WhatsApp हुआ आउट! 170 MP कॉलेजों में शुरू होगा ‘अरत्तई’ ऐप का इस्तेमाल

ग्वालियर वॉट्सएप की जगह स्वदेशी 'अरत्तई' एप लेने जा रहा है। मध्य प्रदेश में संगीत एवं कला के एक मात्र शैक्षणिक संस्थान ग्वालियर स्थित राजा मानसिंह संगीत एवं कला विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध लगभग 170 कॉलेजों में यह बदलाव किया जा रहा है। इसके मूल में केंद्र सरकार का स्वदेशी अपनाने का आह्वान है। अब कॉलेज स्तर पर की जाने वाली सूचना के आदान प्रदान के लिए सिर्फ 'अरत्तई' एप का उपयोग किया जाएगा। यह निर्णय संस्थान के कुलसचिव अरुण चौहान ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद लिया है। अब संस्थान में होने वाले आधिकारिक सूचना व दस्तावेजों का आदान प्रदान, छात्रों के मार्गदर्शन के लिए ग्रुप बनाना यह सभी काम पूरी तरह से इसी एप पर होंगे। छात्रों से जुड़ी हर अपडेट को अरत्तई पर बने ग्रुप में ही साझा किया जाएगा इस लिहाज से भी छात्र इसका उपयोग शुरू करेंगे। प्रबंधन का कहना है कि किसी अन्य एप से दस्तावेजों का आदान प्रदान स्वीकार नहीं किया जाएगा।   क्या है 'अरत्तई' अरत्तई भारतीय मैसेजिंग एप है, जिसे जोहो कॉर्पोरेशन ने 2021 में लान्च किया था। अरत्तई एक तमिल शब्द है, जिसका अर्थ है बातचीत या गपशप। यह वाट्सएप के भारतीय विकल्प के रूप में विकसित किया गया है। इसमें टेक्स्ट मैसेज, फोटो, वीडियो, दस्तावेज शेयरिंग, साथ ही वाइस और वीडियो कालिंग की सुविधा मिलती है। ग्रुप चैट, स्टिकर्स और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी विशेषताएं इसे सुरक्षित और उपयोगी बनाती हैं। सबसे खास बात, इसका डेटा भारत में ही स्टोर होता है, जिससे यूजर्स को अधिक प्राइवेसी और भरोसा मिलता है। अगले सप्ताह से यह चलन में आ जाएगा स्वदेशी अपनने के क्रम में विश्वविद्यालय यह बदलाव पूरे प्रदेश के स्तर पर करने जा रहा है। वॉट्सएप के उपयोग को पूरी तरह से बंद किया जा रहा है। अगले सप्ताह से यह चलन में आ जाएगा। – अरुण चौहान, कुलसचिव, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय।

रेलवे भर्ती 2025: मध्यप्रदेश के लिए 1149 पदों पर आवेदन की प्रक्रिया जारी

ग्वालियर रेलवे में नौकरी का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पूर्व मध्य रेलवे ने अप्रेंटिस के 1149 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। खास बात यह है कि इस भर्ती में न तो लिखित परीक्षा होगी और न ही इंटरव्यू। आवेदन की शुरुआत हो चुकी है। अंतिम तिथि 25 अक्टूबर रखी गई है। ओबीसी और जनरल को ₹100 फीस देनी होगी। वहीं एससी, एसटी, महिला, पीडब्ल्यूबीडी के निश्शुल्क रखा गया है। किन ट्रेड्स में भर्ती होगी फिटर, वेल्डर, मैकेनिक, रेफ्रिजरेशन एंड एसी मैकेनिक, फार्जर एंड हीट ट्रीटर, कारपेंटर, इलेक्ट्रानिक्स मैकेनिक, पेंटरइलेक्ट्रीशियन, वायरमैन। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है। साथ ही संबंधित ट्रेड में आइटीआइ डिग्री होना जरूरी है। आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की अधिकतम उम्र 24 साल तय की गई है। वहीं ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को तीन साल की छूट, एससी, एसटी उम्मीदवारों को पांच साल की छूट और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों को श्रेणी अनुसार 10 से 15 साल तक की आयु छूट दी जाएगी।   चयन प्रक्रिया इस भर्ती में किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा। चयन पूरी तरह मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। मेरिट लिस्ट उम्मीदवारों के 10वीं कक्षा और आईटीआई में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। स्टाइपेंड चयनित उम्मीदवारों को अप्रेंटिस अवधि के दौरान प्रतिमाह ₹7700 से ₹8050 तक का स्टाइपेंड दिया जाएगा।

ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का विरोध: किसान ट्रैक्टर रैली लेकर सड़कों पर उतरेंगे

इंदौर इंदौर-उज्जैन के बीच प्रस्तावित 48 किमी लंबे ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के खिलाफ किसानों का विरोध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि वे अपनी उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर सड़क निर्माण के लिए नहीं देंगे। पहले चरण में कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद अब किसान सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। आठ अक्टूबर को हातोद से इंदौर के कलेक्ट्रेट तक ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी। इसमें एक हजार से अधिक ट्रैक्टर शामिल होंगे। किसान कलेक्ट्रेट का घेराव कर ज्ञापन सौंपेंगे और योजना को स्थगित करने की मांग करेंगे।   इस सड़क का निर्माण 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए किया जाना है, लेकिन स्थानीय किसान इसका विरोध कर रहे हैं। सड़क निर्माण के कारण कई किसानों की पूरी जमीन जा रही है और इसके बदले मिलने वाले मुआवजे में आसपास के दस किमी में कहीं भी जमीन नहीं मिल रही है। मुआवजा गाइडलाइन के अनुसार दोगुना दिया जाएगा, जबकि बाजार भाव पांच गुना तक पहुंच चुका है। किसान नेता बबलू जाधव और कैलाश सोनगरा का कहना है कि सरकार बिना किसी आकलन और सर्वे के योजना लागू कर देती है, जिससे प्रदेश के अन्नदाता के साथ अन्याय हो रहा है। इस विरोध को लेकर किसान अब ट्रैक्टर रैली निकालने का निर्णय ले चुके हैं, जिसमें इंदौर और उज्जैन जिले के सभी प्रभावित किसानों के अलावा अन्य किसान भी शामिल होंगे। इंदौर जिले के 20 गांव प्रभावित इस परियोजना से इंदौर की सांवेर और हातोद तहसीलों के करीब 20 गांव और उज्जैन जिले के आठ गांव प्रभावित हो रहे हैं। कुल 188 हेक्टेयर उपजाऊ जमीन इस सड़क में जाएगी। कहीं पूरी जमीन छिन रही है तो कहीं बीचों-बीच से सड़क गुजरेगी, जिससे किसान पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएंगे। कांकरिया के किसान वीरेंद्र चौहान का कहना है कि सरकार द्वारा तय मुआवजा बाजार भाव से बेहद कम है। ऐसे में न तो जमीन के बदले जमीन मिल पाएगी और न ही किसान अपनी जीविका सुरक्षित रख पाएंगे। पहले से कई मार्ग, उन्हें करें चौड़ा यह सड़क इंदौर के पितृपर्वत से निकलकर उज्जैन बायपास चिंतामन गणेश तक जाएगी। सरकार इसे सिंहस्थ के लिए उपयोगी बता रही है, लेकिन किसान इसका विरोध कर रहे हैं। रतनखेड़ी के राहुल पटेल और मगरखेड़ी के लक्ष्मण सिंह का कहना है कि उज्जैन जाने के लिए पहले से कई मार्ग हैं, जिन्हें चौड़ा किया जाना चाहिए। इससे किसानों की जमीन भी बच जाएगी। गांव-गांव में जुटा रहे जनसमर्थन बीते रविवार को किसानों की बैठक रतनखेड़ी में आयोजित हुई थी। इसमें ट्रैक्टर रैली निकालने का निर्णय लिया गया। अब रैली की तैयारी को लेकर किसानों ने गांव-गांव संपर्क और जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। आठ अक्टूबर को सड़कों पर उतरने और अपनी जमीन बचाने के लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है। अन्य मांगें भी शामिल रैली में किसान ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का विरोध करने के साथ ही अपनी फसलों की समस्याओं को भी सामने रखेंगे। किसान नेता बबलू जाधव ने बताया कि किसान सोयाबीन की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने, भावांतर योजना को स्थगित करने और प्याज के दाम बढ़ाने की मांग का ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपेंगे।

मध्यप्रदेश के कटनी जिले में दर्दनाक हादसा, तालाब में डूबकर दो भाइयों ने गंवाई जान

कटनी रीठी थाना अंतर्गत भरतपुर गांव में बच्चों के साथ नहाने गए दो सगे भाइयों का तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना से दशहरा पर्व के दिन गांव में मातम छा गया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं। जानकारी के अनुसार छोटा बरहटा रीठी निवासी सुशील पटेल के बेटे शिवांश लोधी 8 साल और देवांश लोधी 10 साल दशहरा पर अपने मामा के गांव भरतपुर गए हुए थे। लगभग 11 बजे दोनों बच्चे गांव के अन्य बच्चों के साथ गांव के बाराती तालाब में नहाने गए थे और गहरे पानी में जाने से दोनों डूब गए। आसपास के लोगों को बच्चों ने घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण एकत्र हुए और दोनों बच्चों की तालाब में खोजबीन की गई और पुलिस को भी सूचना दी गई। ग्रामीणों की मदद से तालाब में एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को खोज लिया गया और स्वजनों उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी लेकर पहुंचे।   यहां दोनों को चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी लगते ही बरेहटा गांव में मातम छा गया तो वहीं हृदय विदारक घटना से भरतपुर में भी मातम छाया रहा। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजे हैं और मामले की जांच कर रही है।

MP की दर्दनाक हकीकत: बेटियों की जान को सबसे अधिक खतरा, NCRB रिपोर्ट में आंकड़े डरावने

भोपाल भ्रूण लिंग परीक्षण पर रोक, भ्रूण हत्या रोकने के तमाम प्रयास के बाद भी मध्य प्रदेश की स्थिति निराशाजनक बनी हुई है। भ्रूण हत्या, शिशु हत्या और माता-पिता द्वारा बच्चों को छोड़ने के मामले में देश में अव्वल राज्य मध्य प्रदेश है। NCRB की वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में उक्त तीन प्रकृति के 196 मामले सामने आए हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र और तीसरे नंबर पर UP दूसरे नंबर पर 156 प्रकरणों के साथ महाराष्ट्र और तीसरे नंबर पर 112 प्रकरणों के साथ उत्तर प्रदेश है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्भपात के कानूनी प्रविधानों को लेकर उचित जानकारी का अभाव और बच्चे के लिंग को लेकर सामाजिक दबाव इसकी बड़ी वजह है। एक समय था जब मध्य प्रदेश में शिशु लिंगानुपात 912 पर आ गया था। जानकारों ने इसकी वजह भ्रूण लिंग परीक्षण और गर्भपात को बताया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'लाड़ली लक्ष्मी' योजना प्रारंभ की। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' सहित बेटियों के हित में कई योजनाएं प्रारंभ की गई, जिससे लोग उन्हें बोझ न मानें। इसके बाद भी प्रदेश का शिशु लिंगानुपात 917 है। यानी, प्रति हजार बेटों पर 917 बेटियां ही पैदा हो रही हैं, जबकि प्राकृतिक तौर पर यह आंकड़ा 950 से ऊपर होना चाहिए। बच्चों की हत्या के सर्वाधिक मामले में MP को मिला ये स्थान छह वर्ष से कम उम्र के 28 बच्चों की हत्या NCRB की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि प्रदेश में वर्ष 2023 में छह वर्ष से कम उम्र के 28 बच्चों की हत्या कर दी गई। हत्या के सर्वाधिक मामले में मध्य प्रदेश देश में चौथे स्थान पर रहा। हत्यारों ने 1832 लोगों की जान ले ली, जिसमें 706 मामलों में विवाद के कारण हत्या की गई। 121 प्रकरणों में हत्या का कारण प्रेम प्रसंग और 103 में संपत्ति का विवाद रहा है। प्रेम प्रसंग के चलते हत्या की सर्वाधिक 227 घटनाएं उत्तर प्रदेश, 144 गुजरात और 138 महाराष्ट्र में हुईं। मध्य प्रदेश में 30-45 आयु वर्ग के 666 लोगों की हत्या हुई। दुष्कर्म की घटनाओं में भी प्रदेश को मिला स्थान ए्ससी के साथ दुष्कर्म के 560 मामले, देश में तीसरे नंबर पर एसटी के विरुद्ध सर्वाधिक अपराध के मामले में प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर तो है ही अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की बच्चियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं में भी प्रदेश तीसरे नंबर पर है। वर्ष 2023 में 560 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 176 में पीड़िता नाबालिग थीं।

धार्मिक जुलूस पर हमला: बुरहानपुर में तनाव, 10 युवकों पर केस दर्ज

बुरहानपुर नेपानगर थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में गुरुवार को पूरी तरह शांति बनी रही। लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में शांति पूर्ण तरीके से माता की मूर्तियों का विसर्जन किया। पुलिस ने मूर्ति विसर्जन जुलूस पर पथराव करने के आरोप में गांव के दस लोगों पर छह धाराओं में केस दर्ज किया है। इनमें से तीन को नेपानगर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। शेष फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। बता दें कि बुधवार शाम जवारा और माता मूर्ति विसर्जन के दौरान लाउड स्पीकर बजाने को लेकर धर्म विशेष के लोगों ने पथराव कर दिया था, जिससे दुर्गोत्सव समित के एक पदाधिकारी का सिर फूट गया था। मां दुर्गा की छोटी मूर्ति खंडित हो गई थी। इसके बाद विहिप बजरंग दल के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नावरा पुलिस चौकी का घेराव कर दिया था।   सूचना मिलने पर नेपा विधायक मंजू दादू, कलेक्टर हर्ष सिंह, एसपी देवेंद्र पाटीदार सहित अन्य पुलिस अधिकारी गांव पहुंचे थे। भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण रात करीब एक बजे तक गांव छावनी में तब्दील था। मामला शांत होने के बाद भी कुछ पुलिस कर्मियों को गांव में अब भी तैनात किया गया है। इन लोगों पर दर्ज हुआ मामला     नेपानगर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी इरफान खान, लड्डू खान, शाकिर गुलाब, मुख्तयार लियाक़त, जलील रमजान, खालिक मोहम्मद, इलियास इशाक, अकील खान, हमिद हुसैन, सोएब सभी निवासी नयाखेड़ा के खिलाफ धारा 190, 191(2), 296, 299, 351(3) और 115(2) के तहत केस दर्ज किया है। रात में कड़ी सुरक्षा के बीच ग्रामीणों को समझाइश देकर जवारों का विसर्जन कराया गया। खंडित मूर्ति को गुरुवार को प्रशासन के मौजूदगी में विसर्जित किया गया। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार का कहना है कि शांति भंग करने वाले आरोपितों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। नदीम किराना के पास हुई घटना     मुख्य शिकायतकर्ता मुकेश कीर ने पुलिस को बताया कि दोपहर बाद जैसे ही माता की मूर्ति और जवारे नदीम किराना दुकान के पास पहुंचे, इरफान खान ने गालियां देते हुए लाउड स्पीकर बंद करने के लिए कहा। मना करने पर उसने पत्थर चलाना शुरू कर दिया।     उसके बाद उसने समाज के अन्य लोगों को बुला लिया और सभी ने पथराव शुरू कर दिया। आरोपियों ने उसके पिता ओमप्रकाश कीर से भी मारपीट की। इस दौरान दीपेश चौहान, शंकर चौहान सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।