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सिंहस्थ से पहले सीख: नासिक महाकुंभ में व्यवस्थाएं संभालेगा मध्य प्रदेश का प्रशासनिक दल

भोपाल  उज्जैन में वर्ष 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ की तैयारियों में भीड़ प्रबंधन और अन्य सुरक्षा उपायों को लेकर पुलिस-प्रशासन कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता। नासिक में वर्ष 2027 में होने वाले कुंभ में पुलिस, आपदा प्रबंधन व अन्य संबंधित विभागों का दल पूरे समय वहां रहकर व्यवस्थाएं देखेगा। इस आधार पर वहां के नवाचार, तकनीक को उज्जैन में अपनाया जा सकेगा। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन में व्यवस्थाएं करने के लिए प्रयागराज की तुलना में नासिक महाकुंभ का अवलोकन अधिक बेहतर रहेगा। कारण यह कि नासिक और उज्जैन शहर की संरचना लगभग एक जैसी हैं। क्षेत्र संकीर्ण होने के कारण भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती है। हालांकि, प्रयागराज महाकुंभ में किए गए तकनीकी नवाचारों का भी परीक्षण किया जा रहा है। वहां काम कर चुके विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी वहां के अधिकारियों के एक दल ने पुलिस मुख्यालय में प्रस्तुतीकरण भी दिया था। इनमें जो उज्जैन के लिए व्यवहारिक हैं उन्हें पुलिस अपनाने की तैयारी भी कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि नासिक में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा प्रबंध, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य व्यवस्था, सफाई आदि में किसी तरह की समस्या आती है तो उसे देखते हुए उज्जैन सिंहस्थ में उस तरह की समस्या दूर करने के प्रयास किए पहले ही कर लिए जाएंगे। साथ ही अलग-अलग क्षेत्र में वहां काम कर चुके विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी। बता दें कि पुलिस मुख्यालय ने उज्जैन सिंहस्थ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारी प्रारंभ कर दी है। इसमें सबसे पहले उज्जैन और ओंकारेश्वर का सुरक्षा आडिट कराया गया है।

शारिक की रील नहीं बनाई तो बन गया निशाना! भोपाल में MBA छात्र से मछली गैंग के गुर्गों ने की मारपीट

भोपाल  कुख्यात मछली परिवार गैंग के बदमाशों का आतंक अब भी बरकरार है। ड्रग-तस्करी से लेकर यौन शोषण के गंभीर प्रकरणों से परिवार की छवि को बट्टा लगने के बाद अब उसकी गैंग के सदस्य शारिक मछली को बेकसूर साबित करने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं। मछली गैंग के गुर्गे अब शारिक मछली के समर्थन में रीलें और पोस्ट बनाकर लोगों को भेज रहे हैं और उनके सोशल मीडिया के अलग-अलग माध्यमों पर साझा करने का दबाव बना रहे हैं। ऐसा एक मामला पिपलानी के इंद्रपुरी में सामने आया है। जहां मछली गैंग का गुर्गे महेंद्र चौहान ने एमबीए छात्र को शारिक के समर्थन में रील पोस्ट करने का दबाव बनाया। वहीं जब महीने भर में उसने रीलें शेयर नहीं की तो एक कैफे में उससे मारपीट की। पीड़ित की शिकायत पर एक बार फिर मछली गैंग पर पुलिस कार्रवाई करने से बची और एनसीआर काट कर किनारा कर लिया था, बाद में अगले दिन हिंदू संगठनों ने थाने का घेराव किया तब जाकर एफआइआर दर्ज की गई। कॉलेज में महेंद्र से हुई थी पहचान महेंद्र ठाकुर के साथ पुलिस ने गैंग के गौरव ठाकुर नामक युवक को भी आरोपित बनाया है। पिपलानी टीआई चंद्रिका यादव के मुताबिक शिवम पांडे ने बताया कि वह वर्तमान में निजी कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई कर रहा है। इससे पहले उसने टीआईटी कॉलेज से बीफार्मा किया और वर्तमान में एक अस्पताल में नौकरी कर रहा है। तब उसकी पहचान कॉलेज में सीनियर पिपलानी निवासी महेंद्र चौहान से हुई थी। रील को सोशल मीडिया पर शेयर करने को कहा मछली कांड के बाद महेंद्र चौहान ने शारिक मछली के समर्थन में कई रीलें बनाईं और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने को कहा। पीड़ित ने बताया कि रात 8:45 बजे वह असपताल से नौकरी करने के बाद इंद्रपुरी स्थित चिलपिल कैफे दोस्तों के साथ पहुंचा। वहां महेंद्र ठाकुर अपने दोस्तों के साथ पहले से मौजूद था। उसने शारिक की रील शेयर न करने को लेकर विवाद शुरू कर दिया। कैफे में पीटना शुरू कर दिया वहीं जब शिवम ने उसे रील शेयर करने से मना किया तो वह पार्टी के लिए दो हजार रुपये देने को कहने लगा। इस पर भी पीड़ित ने इनकार किया। इससे गुस्साए महेंद्र चौहान ने उसे कैफे में पीटना शुरू कर दिया। शिवम के दोस्तों ने बीच-बचाव किया तब महेंद्र जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग निकला। शिवम ने बताया कि महेंद्र की बात न मानने को लेकर कुछ देर बाद गौरव ठाकुर ने उसे फोन किया और अभद्रता शुरू कर दी। साथ ही बात न मानने पर भोपाल छोड़ने की धमकी तक दे डाली। बाद में पुलिस ने दोनों आरोपितों पर केस दर्ज कर लिया है।

SC-ST के खिलाफ अपराध रोकने MP पुलिस का बड़ा एक्शन: 23 जिलों में कड़ी निगरानी, 63 थाना क्षेत्र सेंसिटिव घोषित

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। गृह विभाग ने 23 जिलों के 63 थाना क्षेत्रों और लगभग 100 वार्डों एवं गांवों को अत्याचार प्रभावित क्षेत्र घोषित किया है। इन क्षेत्रों में अब विशेष सतर्कता और निगरानी रखी जाएगी। सरकार का मानना है कि प्रदेश के कुछ हिस्से ऐसे हैं, जहां SC-ST वर्ग के लोगों पर अत्याचार की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक सामने आती हैं। ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित कर कड़ी निगरानी की जरूरत है। इसी उद्देश्य से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 एवं उसके नियमों के तहत यह अधिसूचना जारी की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि चिह्नित थाना क्षेत्रों में SC-ST वर्ग के लोगों के साथ होने वाले अत्याचार पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाएगी। विशेष निगरानी के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें पुलिस चौकियों की स्थापना, जागरूकता के कार्यक्रम, पुराने विवादों को हल कराने जैसे प्रयास होंगे। घटनाओं को लेकर पुलिस को त्वरित कार्यवाही करने के लिए भी कहा गया है। गृह विभाग ने केंद्र सरकार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित किया है। जिन थाना क्षेत्रों को संवेदनशील माना गया है उनमें मंडला जिले का कोतवाली, बालाघाट का कोसमी, भरवेली, विदिशा का कोतवाली, गंज बासौदा, सिविल लाइन, धार का कोतवाली, खंडवा का पदम नगर, मांधाता, पंधाना, इंदौर का सिमरोल, मुरैना कोतवाली, स्टेशन रोड, सिविल लाइन, बामनोर, भिंड में देहात, देवास में औद्योगिक क्षेत्र, पिपलावा, शाजापुर में शुजालपुर सिटी, शुजालपुर मंडी, मंदसौर का वायडीनगर, नर्मदापुरम के देहात, इटारसी, कोतवाली, पिपरिया और शिवपुर, बैतूल में सारणी, आमला, रायसेन में औबेदुल्लागंज, जबलपुर में गोराबाजार, गुना में कोतवाली, कैंट, विजयपुर, आरोन, मधुसूदनगढ़, शिवपुरी में सिरसोद, दिनारा, आमोला, इंमदौर, भौंती, अशोकनगर में कोतवाली, देहार, बहादुरपुर, ग्वालियर में जनकगंज, झांसी रोड, विश्वविद्यालय, ठाठीपुर, बहोड़ापुर, ग्वालियर, डबरा, सागर में कैंट, बहेरिया, बंडा, राहतगढ़, दमोह में कोतवाली, छतरपुर में सिविल लाइन, लवकुशनगर, जुझारपुर और टीकमगढ़ जिले का कोतवाली थाना क्षेत्र शामिल है। 4 केस से समझिए थाना क्षेत्रों को संवेदनशील घोषित करने की वजह केस-1: सागर दलित युवक हत्या, मां को निर्वस्त्र कर पीटा ये मामला 24 अगस्त 2023 का है। सागर जिले के खुरई देहात थाना क्षेत्र के बरोदिया नौनागिरी गांव में दबंगों ने दलित युवक लालू उर्फ नितिन अहिरवार की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। बेटे को बचाने गई मां को भी निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया। दरअसल, लालू की बहन से दबंगों के छेड़छाड़ की थी। जिसकी शिकायत थाने में की गई थी। दबंग पीड़ित परिवार पर राजीनामा करने का दबाव बना रहे थे। जब परिवार ने इनकार किया, तो इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में 9 नामजद और 4 अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या, मारपीट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। खास बात ये है कि नितिन अहिरवार के इस केस में घटना के चश्मदीद उसके चाचा और बहन की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। जिसकी जांच अभी भी चल रही है। केस-2: 30 हमलावरों ने महिला की गोली मारकर हत्या की ये मामला मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र के ढाकनी गांव का है। 6 दिसंबर 2024 को करीब 30 हमलावर 5 गाड़ियों में सवार होकर गांव में ही रहने वाले बलराम के घर पहुंचे थे। यहां पहुंचकर उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें बलराम की पत्नी 45 साल की सुगना बाई की मौत हो गई, जबकि बलराम सहित 3 लोग घायल हो गए थे। ये विवाद सरकारी जमीन पर गाय बांधने को लेकर हुआ था। घटना के बाद आक्रोशित परिजन और गांववालों ने शव रखकर बोलिया, शामगढ़ भानपुरा और खड़ावदा रोड पर करीब 5 घंटे तक चक्काजाम किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के बाद ही प्रदर्शन खत्म हुआ। उस समय पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए तीन लोगों की गिरफ्तारी भी की थी। केस-3: गैंगरेप के बाद आरोपियों ने घर में लगाई आग भिंड जिले के आरोली गांव में इसी साल 13 जनवरी 2025 को गांव के दबंगों ने दलित युवती के साथ गैंगरेप किया था। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने गैंगरेप के आरोपी सोनी गुर्जर और धर्मेंद्र गुर्जर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मगर, कोर्ट में बयान दर्ज कराने से पहले ही आरोपियों ने पीड़िता और उसके परिवार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। समझौते से इनकार करने पर आरोपी बड़ी संख्या में अपने साथियों के साथ पीड़िता के घर पहुंचे और परिवार से मारपीट की। इसके बाद घर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। इस आगजनी में परिवार के दो लोग झुलस गए थे। केस-4 : गैंगरेप पीड़िता की आंत-बच्चेदानी बाहर थी खंडवा जिले में एक आदिवासी महिला के साथ दरिंदगी हुई। घटना 23 मई की रात हुई जब महिला शादी समारोह से लौट रही थी। आरोपी हरी और सुनील ने शराब के नशे में महिला के साथ बर्बरता की थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि महिला की आंत 6 फीट शरीर से बाहर निकली थी। उसके प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोटें भी थीं। इन्हीं चोटों की वजह से महिला की मौत हो गई थी। महिला का पोस्टमॉर्टम करने वाली डॉक्टर सीमा सूटे के मुताबिक उसके गर्भाशय और रेक्टम तक को गंभीर चोटें लगी थीं।। उन्होंने कहा, "मैंने अपने पूरे करियर में इतनी क्रूरता नहीं देखी।" रिपोर्ट के अनुसार, महिला के शरीर से खून बहुत अधिक बहा और इसके कारण उसकी मौत हो गई। पीड़िता ने मरने से पहले अपने बेटे को आरोपियों के नाम बताए थे, जिन्होंने पुलिस को बयान भी दिया। क्या होगा आइडेंटिफाई एरिया में.. गृह विभाग के नोटिफिकेशन के मुताबिक ये कदम केंद्र सरकार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत उठाया है। 23 जिलों के 63 थानों को संवेदनशील घोषित किया है और इन थानों के तहत आने वाले क्षेत्र को 'आइडेंटिफाई एरिया' के रूप में चिह्नित किया गया है। एक्सपर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार किसी थाना क्षेत्र को आइडेंटिफाई एरिया घोषित करती है तो इसका मतलब है कि वहां और ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। वहां की … Read more

कार्यक्रम स्थल के पास हुआ दर्दनाक हादसा, शिवकुमारी जायसवाल के परिजनों की मौत पर सीएम मोहन यादव ने रद्द किया दौरा

सीधी   सीधी। सीधी जिले के जेठूला गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सीएम डॉ मोहन यादव के कार्यक्रम स्थल के नजदीक खड़े ट्रक में एक एसयूवी घुस गई। हादसा इतना भीषण था कि इसमें तीन लोगों की मौत हो गई। ये तीनों बीजेपी नेता के परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। वहीं, तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। उनको इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रक शुक्रवार के दिन बहरी में होने वाले सीएम के कार्यक्रम के लिए टेंट और अन्य सामान लेकर जा रहा था। दरअसल, दर्दनाक सड़क हादसा सीधी-सिंगरौली नेशनल हाईवे पर गुरुवार की शाम हुआ। इस हादसे में मयापुर बीजेपी मंडल अध्यक्ष शिवकुमारी जायसवाल के परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि टकराने के बाद बोलेरो का हिस्सा ट्रक के नीचे जा घुसा। इसे जेसीबी की मदद से बाहर निकालना पड़ा। इस हादसे पर सीएम मोहन यादव ने दुख जताया है। सीएम के कार्यक्रम की चल रही थी तैयारी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सिहावल विधानसभा के बहरी तहसील के जेठूला गांव में सीएम डॉ मोहन यादव का कार्यक्रम प्रस्तावित है। सीएम शुक्रवार को यहां पर सोन नदी पर बने पुल का उद्घाटन करने वाले हैं। इसकी तैयारी के लिए टेंट से लोड ट्रक खड़ा था। इसमें पीछे से आ रही तेज रफ्तार एसयूवी बोलेरो जा घुसी। हादसे के बाद सिंहावल विधायक विश्वामित्र पाठक ने सीएम से कार्यक्रम स्थगित करने की अपील की थी। कैंसिल हुआ सीएम का दौरा विधायक ने सीएम से अपील में कहा कि हमारे मंडल अध्यक्ष के परिवार की तीन लोगों की मौत हुई है। इसलिए किसी और दिन कार्यक्रम करें। वहीं, हादसे पर सीएम ने दुख जताते हुए शु्क्रवार के दिन अपना प्रस्तावित सीधी दौरा रद्द कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया में लिखा कि सीधी में हुई सड़क दुर्घटना में तीन लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। दुर्घटना में घायलों को इलाज और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए प्रशासन को निर्देशित किया है। उन्होंने बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को श्रीचरणों में स्थान दें। साथ ही घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। बोलेरो में 6 लोग थे सवार मिली जानकारी के अनुसार जगदीश जायसवाल का बेटा प्रिंस घर से कार लेकर निकला था। पहले तो इसमें दो लोग सवार थे। लेकिन रास्ते में कुछ और लोग बैठे तो कुल 6 लोग हो गए। इस दौरान कार ट्रक से जाकर टकरा गई। हादसे में धर्मेंद्र पिता चूड़ामणि जायसवाल और गीता उर्फ आदित्य पिता रघुनाथ की मौत हो गई। इसके साथ ही एक मृतक की पहचान सोहैब के रूप में हुई। वह राहतगढ़ का रहने वाला था। मृतक सीएम के कार्यक्रम के लिए टेंट की व्यवस्था करने वाले दल के साथ आया था।

अभियान में स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण सहित चल रही हैं अन्य गतिविधियां

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिन 17 सितम्बर से प्रदेश में शुरू हुए 'सेवा पखवाड़ा' अभियान में सामूहिक भागीदारी से सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई का अभियान चल रहा है। इसी के साथ महिला सशक्तिकरण सहित अन्य गतिविधियां भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही हैं। सेवा पखवाड़ा अभियान 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक निरंतर चलेगा। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के निर्देश पर 1250 से अधिक स्वच्छता श्रमदान गतिविधियाँ हुईं। स्वच्छता लक्षित इकाइयों पर विशेष ध्यान देकर सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया। इस आयोजन में 6 हजार से अधिक जन-प्रतिनिधि और एक लाख 50 हजार से अधिक सामाजिक संगठन के सदस्य, युवा, विद्यार्थी, स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर और सफाई मित्र शामिल हुए। जन-प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता ही सेवा अभियान का उद्देश्य न केवल सफाई को बढ़ावा देना बल्कि नागरिकों के बीच स्वच्छता को निंरतर उत्सव के रूप में आत्मसात करना है। नर्मदापुरम जिले की विभिन्न तहसीलों और विकासखण्डों में स्वच्छता को लेकर साफ-सफाई अभियान चलाया गया। इटारसी में जन-सामान्य को स्वच्छता का संदेश दिया गया। नागरिकों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने की समझाइश दी गई। हरदा जिले में अननान नदी के तट पर श्रमदान किया गया। नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती, नागरिकों और अधिकारी-कर्मचारियों ने श्रमदान किया। बैतूल में कलेक्टर श्री नरेन्द्र सूर्यवंशी के निर्देश पर कोठी बाजार और गंज क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रबंधन को लेकर जागरूकता एवं कार्यवाही की गयी। स्वच्छता अमले ने व्यापारियों को पॉलिथिन का उपयोग न करने के स्थान पर कपड़े के थैले का उपयोग करने की समझाइश दी। प्रशासनिक कार्यवाही करते हुए अमले ने सिंगल यूज प्लास्टिक का यूज करने वाले व्यापारियों पर 16 हजार रुपये चालान की राशि वसूल की और 54 किलो पॉलीथिन जप्त किया। अनूपपुर जिले के अमरकंटक में वन एवं पर्यावरण और प्रभारी मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने अभियान के अंतर्गत पौध-रोपण किया। प्रभारी मंत्री ने नर्मदा नदी के दक्षिण घाट पर बेल का पौधा रोपित किया। उनके साथ महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों ने नींबू, जामुन, आम और अमरूद के पौधे लगाये। शहडोल में मोहनराम तालाब की साफ-सफाई की गयी। नगर के गाँधी स्टेडियम में एनसीसी, एनएसएस, स्कूल के छात्र-छात्राओं, नगरपालिका के स्टॉफ ने मानव श्रंखला बनाकर स्वच्छता का संदेश दिया। दमोह जिले के पथरिया में पशुपालन राज्यमंत्री श्री लखन पटेल 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को मजबूत कर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य स्तर को सुधारा जा सकता है। कार्यक्रम में 8वाँ राष्ट्रीय पोषण माह और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को गर्भावस्था के समय दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी दी गयी। अभियान में 'एक पेड़ माँ के नाम' कार्यक्रम में नागरिकों ने फलदार पौधे लगाये। सागर में सामूहिक भागीदारी से स्वच्छता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम दीनदयाल चौराहे पर लगी पं. दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति की सफाई से किया गया और माल्यार्पण किया गया। बस स्टैण्ड पर नागरिकों की भागीदारी से सफाई की गयी। कार्यक्रम में विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, महापौर सागर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी एवं नागरिक शामिल हुए। जिले के खुरई में डम्प साइट स्थानों पर सफाई करवायी गयी। जन-सामान्य को स्पॉट के कायाकल्प का संकल्प दिलाया। कचरा गाड़ी में ही डालने के लिये प्रेरित किया गया। सुरखी में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर लगाया गया। कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत शामिल हुए।  

त्योंथर क्षेत्र को मिलेगा विकास का तोहफा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे 162 करोड़ के कार्यों का शुभारंभ

निवेशकों को प्रदान करेंगे भूमि आवंटन पत्र भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितम्बर को रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के चाकघाट में निवेशक उद्यमियों से चर्चा कर औद्योगिक क्षेत्र घूमा में निवेश करने वाले उद्योगपतियों को भूमि आवंटन-पत्र प्रदान करेंगे। साथ ही 162 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत के 5 निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्र विकास निगम द्वारा 124 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र, लोक निर्माण विभाग द्वारा 1.6 किलोमीटर लंबाई के पहुंच मार्ग, ग्राम कठौती मझगवां से चौहान बस्ती तक 3.5 किलोमीटर की सड़क, ग्राम चिल्ला से त्योंथर मार्ग पर टमस नदी में मीर बहरी घाट पर पुल निर्माण, ग्राम मझगवां डीही से लठिया तालाब तक 3.8 किलोमीटर लम्बाई के पहुंच मार्ग का शिलान्यास करेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की फिल्म चलो जीते हैं की मुक्त कंठ से सराहना

प्रधानमंत्री मोदी के जीवन से सीख देती है 'चलो जीते हैं': मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वक्तव्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की फिल्म चलो जीते हैं" की मुक्त कंठ से सराहना 24 सितंबर तक पूरे प्रदेश में फिल्म का प्रदर्शन होगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बाल्यकाल की परिस्थितियों पर एक आदर्श फिल्म है, जो अतीत से वर्तमान में लाकर छोड़ती है। आधे घंटे की अवधि में फिल्म कथा सार को समेटना एक अद्भुत प्रयोग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को सिनेपोलिस बंसल प्लाजा, भोपाल में "चलो जीते हैं" फिल्म का शो देखने के बाद मीडिया से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुक्त कंठ ने फिल्म की सराहना की। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, विधायक  रामेश्वर शर्मा,  भगवानदास सबनानी, पूर्व मंत्री मती अर्चना चिटनिस तथा बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की जन्म वर्षगांठ के अवसर पर 18 से 24 सितंबर तक पूरे प्रदेश में फिल्म "चलो जीते हैं" का प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी के बाल्यकाल और जीवन पर केंद्रित फिल्म के सेवा पखवाड़े के अंतर्गत संगठन द्वारा प्रदेश भर में प्रदर्शन की पहल सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म देखने के बाद कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  मोदी ने 17 सितंबर को मध्यप्रदेश के जनजाति बहुल धार जिले में अपना 75वां जन्मदिवस मनाया। राष्ट्र नायक  मोदी का गौरव पक्ष और शालीन पक्ष इस फिल्म में देखने को मिलता है। "चलो जीते हैं" फिल्म में  मोदी ने ध्येय वाक्य "चलो जीते हैं" को लेकर कठिनाइयों के बीच जीते हुए अपने जन्म और जीवन को सिद्ध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोयले की खदान से हीरा निकले तो खदान धन्य हो जाती है। प्रधानमंत्री  मोदी दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने जीवन में अन्य परेशानियां झेलते हुए अपने साथी विद्यार्थी को भी सहारा दिया। वे किस तरह युक्ति निकालते हैं, आज यह दुनिया के सामने है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के दीर्घायु और शतायु होने की कामना की। प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2019 तक वे और भी शक्तिशाली बनकर पूरे विश्व को संदेश देंगे। भारत विश्व में सिरमौर बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के समय में नई तकनीक और बड़े खर्चे से फिल्में बनती हैं, लेकिन इस शॉर्ट फिल्म में सीमित साधनों के उपयोग से अल्प अवधि में बिना मध्यांतर की फिल्म बनाकर फिल्म का मूल कथा पक्ष दृढ़ इच्छा शक्ति का फिल्मांकन बखूबी किया गया है। इस नाते फिल्म निर्माण में यह नया प्रयोग भी है। फिल्म अतीत का वर्तमान से तादात्म्य मिलाकर मोदी जी के पूरे जीवन पर प्रकाश डालती है। इसके लिए फिल्म निर्माता बधाई के पात्र हैं। इस शॉर्ट फिल्म को सभी नागरिकों को देखना चाहिए। उल्लेखनीय है कि "चलो जीते हैं" वर्ष 2018 में बनी एक शॉर्ट फिल्म है, जो प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बचपन से प्रेरित है। यह फिल्म बॉलीवुड स्टार्स वाली कमर्शियल मूवी नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक लघु फिल्म है। फिल्म के निर्देशक  महावीर जैन, निर्माता  भूषण कुमार, महावीर जैन हैं। फिल्म की कहानी एक छोटे बालक की है जो अपने जीवन में "दूसरों की सेवा" और "देशभक्ति" को सबसे बड़ा धर्म मानता है। फिल्म में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बचपन से जुड़े आदर्श और संस्कारों को दर्शाया गया है। फिल्म "चलो जीते हैं" में बड़े स्टार कलाकार नहीं हैं बल्कि ज्यादातर नए कलाकारों ने काम किया है। इस फिल्म में बालक नरेन्द्र (नन्हें मोदी) की मुख्य भूमिका में समर्थ शुकला, नरेन्द्र के मित्र के रूप में राहुल पटेल, बाल कलाकार आरोही राय और आदित्य शामिल हैं। यह फिल्म मुख्यत: बाल नरेन्द्र मोदी के विचारों और समाजसेवा की सोच पर केंद्रित है, इसलिए इसमें स्टार कॉस्ट से ज्यादा संदेश और प्रेरणा पर जोर दिया गया है। फिल्म 6 वर्ष बाद रिलीज हुई है।  

अब हर लाभार्थी तक पहुंचेगी पेंशन, योजना की सघन निगरानी के आदेश जारी

अब हर लाभार्थी तक पहुंचेगी पेंशन, योजना की सघन निगरानी के आदेश जारी पेंशन वितरण में लापरवाही नहीं चलेगी, ‘पेंशन आपके द्वार’ योजना की होगी कड़ी मॉनिटरिंग भोपाल  "पेंशन आपके द्वारा योजना" का शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हो सके, इसके लिए कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योजना की नियमित समीक्षा करें। यह निर्देश प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण मती सोनाली वांयणकर ने सभी जिला कलेक्टर को दिये हैं। प्रमुख सचिव मती वायंगणकर ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत सिंगल क्लिक के माध्यम से पेंशन राशि हितग्राहियों के खाते में प्रति माह अंतरित की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कल्याणी, दिव्यांगजन, वृद्धजन को प्रति माह पेंशन राशि निकालने के लिए बैंकों के चक्कर न लगाना पड़े। इस उद्देश्य से 'पेंशन आपके द्वार योजना' संचालित की जा रही है। योजना के तहत बैंकिंग कॅरेसपंडेंस के माध्यम से ऐसी ग्राम पंचायत में जिनसे बैंक या पोस्ट ऑफिस की दूरी 3 किलोमीटर से अधिक है, उन स्थानों पर बैंक करस्पॉन्डेंट्स, बैंकिंग सखीज, कॉमन सर्विस सेंटर, एसएचजी मेंबर्स के माध्यम से पेंशन राशि हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर इस योजना की सघन मॉनिटरिंग की जाए और जहां पर कोई कमी या शिकायत प्राप्त होती है वहां यथोचित कार्रवाई की जाये, जिससे राज्य शासन की मंशा अनुसार हितग्राहियों को पेंशन का सही समय पर लाभ प्राप्त हो सके।  

साधारण दिन, असाधारण सौभाग्य: महिला मजदूर को खदान से 8 हीरे मिले

पन्ना  पन्ना जिले में एक महिला मजदूर रचना गोलदार की किस्मत हीरे की चमक से बदल गई। उसने हजारा मुद्दा क्षेत्र में खदान लगाई और उसे 8 छोटे-बड़े हीरे मिले जिनमें से 6 जेम्स क्वालिटी के हैं जिनका कुल वजन 3.10 कैरेट है। सबसे बड़े हीरे का वजन 0.79 कैरेट है। इन हीरों को हीरा कार्यालय में जमा कर दिया गया है जिनकी बाजारू कीमत लाखों में है। कितना है हीरों का वजन? वहीं हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि इन 8 हीरों में से 6 नग जेम्स क्वालिटी के हैं, जिनका कुल वजन 3.10 कैरेट है। इनमें सबसे बड़े हीरे का वजन 0.79 कैरेट है। अब होगी हीरों की नीलामी इसके अलावा, दो हीरे ऑफ-कलर के हैं। ​इन सभी हीरों को महिला ने हीरा कार्यालय में जमा कर दिया है और इन हीरो की बाजारू कीमत लाखों में बताई जा रही है। इन्हें आगामी नीलामी में रखा जाएगा। रचना की लगन और कड़ी मेहनत का फल मिलने से उनके परिवार में खुशी का माहौल है।  

आयुर्वेदिक शिक्षा को बढ़ावा: MP के शिक्षण संस्थानों में विकसित होंगे हर्बल गार्डन

भोपाल  मध्य प्रदेश के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय अब स्कूलों और कालेजों में हर्बल गार्डन विकसित करने की तकनीक साझा करेंगे। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक शैक्षणिक संस्थानों में औषधीय पौधे लगाना और नई पीढ़ी को इन पौधों के महत्व की जानकारी देना है। केंद्रीय आयुष मंत्रालय की इस पहल के दौरान विशेषज्ञ स्कूलों में जाकर बताएंगे कि किन-किन औषधीय पौधों को घर में लगाया जा सकता है और उनकी देखभाल किस तरह करनी चाहिए। भोपाल में इसकी जिम्मेदारी शासकीय पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय ने उठाई है। महाविद्यालय के विशेषज्ञों का दल स्कूलों और कालेजों में जाकर विद्यार्थियों को बता रहा है कि हर्बल गार्डन में तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, एलोवेरा और शतावरी जैसे पौधे कैसे लगाए और संभाले जा सकते हैं। साथ ही पौधों की उपयोगिता और औषधीय गुण भी समझाए जा रहे हैं। शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संस्थान की ओर से आयुर्वेदिक किचन वर्कशाप भी आयोजित हो रही है। इसमें विद्यार्थियों को पौष्टिक और स्वास्थ्यकर व्यंजन तैयार करना सिखाया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बचपन से ही प्राकृतिक खानपान और औषधीय पौधों का महत्व समझ में आएगा, तो बच्चे आगे चलकर इन्हें अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना सकेंगे। औषधीय पौधे जीवन का आधार अस्पताल के दृव्यगुण विभाग की प्रमुख डॉ. अंजली जैन ने बताया कि हर्बल गार्डन छात्रों को किताबों से परे जाकर प्रत्यक्ष अनुभव देता है। जब बच्चे इन पौधों को लगाते और उनकी देखभाल करते हैं तो वे प्रकृति और स्वास्थ्य के बीच के गहरे संबंध को समझ पाते हैं। बच्चों में बढ़ेगा आयुर्वेद के प्रति लगाव     हमारी कोशिश है कि हर शैक्षणिक संस्थान और घर में हर्बल गार्डन हो, इससे बच्चों में आयुर्वेद के प्रति लगाव बढ़ेगा। आयुष मंत्रालय की पहल को हम बड़े स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। – डॉ. उमेश शुक्ला, प्राचार्य, पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद अस्पताल