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मंदिर की अनोखी परंपरा: आरती के दौरान माता का झूला अपने आप झूलता है, सीएम मोहन यादव ने बताई कहानी

उज्जैन  एमपी में नवरात्र का उल्लास चरम पर है। जगह जगह कन्या पूजन और भोज आयोजित किए जा रहे हैं। उज्जैन में ऐसे ही एक कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। उन्होंने विक्रमादित्य क्लॉथ मार्केट में कन्या पूजन किया। उज्जैन में सीएम मोहन यादव ने 369 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इस मौके पर उन्होंने प्राचीन हरसिद्धि माता मंदिर में नित्य होनेवाले एक चमत्कार का भी जिक्र किया। सीएम मोहन यादव ने बताया कि कैसे आरती के समय माता का झूला अपने आप झूलने लगता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन पहुंचे और अनेक कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने नवरात्रि पर्व के अवसर पर कन्या पूजन भी किया। उज्जैन में 121 स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित कर 25 हजार कन्याओं का पूजन किया गया।   सायंकाल की आरती शुरु होते ही अपने आप झूलने लगता झूला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर उज्जैन के प्राचीन हरसिद्धि माता मंदिर की विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2 हजार साल पुराने अतीत को याद करें तो हरसिद्धि माता का एक रूप यह भी है कि रात में उज्जैन में रहना और दिन में गुजरात में रहना। सीएम मोहन यादव ने मंदिर में होनेवाली अनूठी घटना भी बताई। उन्होंने कहा कि अद्भुत तो तब होता है जब सायंकाल की आरती शुरु होते ही झूला अपने आप झूलने लगता है। माता के यहां से निकल जाने का अहसास होता है। सुबह की आरती होते ही माता अपने आप आ जाती है, झूला फिर प्रारंभ हो जाता है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में कदम-कदम पर ऐसे ऐसे कई रहस्यों के साथ वास्ता आता है। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

पुलिस की नाकामियों के बीच MP के रक्षक बन गए डरावने भक्षक, आम लोग शिकायत करने से भी डरते हैं

भोपाल पीड़ित पक्ष हो या आरोपित, उन्हें डर दिखाकर पुलिसकर्मी रुपये ऐंठ ले रहे हैं। इसी माह भोपाल पुलिस की क्राइम ब्रांच के चार आरक्षकों को अधिकारियों के संज्ञान में बिना लाए आरोपित के विरुद्ध कार्रवाई करने के संदिग्ध आचरण के चलते निलंबित किया गया है। प्रदेश भर में ऐसे कई मामले इस वर्ष सामने आ चुके हैं, जिनमें लोकायुक्त पुलिस और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की ट्रेप कार्रवाई पुलिसवालों पर न के बराबर ही हो पा रही है। ज्यादा आ रहे रिश्वतखोरी के मामले सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपित पक्ष तो दूर पीड़ित पक्ष भी पुलिस के डर से जांच एजेंसियों को शिकायत करने से बचता है। ऐसे में पुलिस को खुद अपना इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत कर कार्रवाई करनी चाहिए। दोनों जांच एजेंसियों द्वारा किसी न किसी विभाग का औसतन एक कर्मचारी हर दिन रिश्वत लेते पकड़ा जा रहा है, लेकिन पुलिस के नाम मात्र के ही हैं। इंदौर में जरूर इसी माह एक उप निरीक्षक को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा था। गौरतलब यह है कि पुलिस आयुक्त व्यवस्था वाले इंदौर और भोपाल शहर में घूसखोरी के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें रिश्वत की राशि भी एक लाख से अधिक रही। इसी तरह भोपाल में फर्जी काल सेंटर चलाने वाले से पांच लाख रुपये घूस लेने का मामला सामने आ चुका है। ये हैं दो मामले केस 1- भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में फर्जी काल सेंटर चल रहा था। सेंटर की कई शिकायतें आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। इसके बाद मामले को दबाने के लिए 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। पहली किस्त में पांच लाख रुपये रिश्वत लेने-देने का सौदा तय हुआ। काल सेंटर संचालकों के साथ नरमी बरतने के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए। इसके बाद टीआइ जितेंद्र गढ़वाल सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई। केस 2- जनवरी 2025 में उमरिया जिले के चंदिया थाने के प्रधान आरक्षक द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पीड़ित ने एसपी से शिकायत की थी। पुलिस ने पीड़ित का ट्रैक्टर पकड़ा था, जिसे छोड़ने के लिए रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया था कि वह पहले 15 हजार रुपये घूस दे चुका था। इसके बाद पुलिसकर्मी ने 50 हजार रुपये और मांगे थे।   पुलिसवालों की शिकायतें करने से डरते हैं लोग लोकायुक्त पुलिस के पूर्व डीजी अरुण गुर्टू ने कहा कि पुलिसवालों की शिकायतें करने से लोग डरते हैं। उन्हें लगता है कि किसी अधिकारी से शिकायत की तो पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं होगी, उल्टा उसे परेशान किया जाएगा। इसी कारण जांच एजेंसियों के पास शिकायतें नहीं पहुंचतीं और पुलिसकर्मी बचे रह जाते हैं। ऐसे में भ्रष्टाचार खत्म करना है तो बहुत जरूरी है कि पुलिस सबसे पहले अपना इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करें, जिससे रिश्वतखोरों को पकड़ा जा सके। सरकार का पहला काम प्रबंधन है, जिसमें कानून-व्यवस्था का पालन और भ्रष्टाचार रोकना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

डिजिटल लेन-देन में सुरक्षा का नया नियम: आज से धोखाधड़ी पर लगेगी कड़ी लगाम

ग्वालियर आज से डिजिटल भुगतान करना और अधिक सुरक्षित होगा। क्योंकि आरबीआई ने डिजिटल भुगतान को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है और बैक व वित्तीय संस्थानों को आरबीआई के इन निर्देशों का पालन एक अप्रैल तक करना है, क्योंकि एक अप्रैल को फिर से नई गाइडलाइन आएगी। नई गाइडलाइन से क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और एप आदि भुगतान करने में अधिक सुरक्षा मिलेगी। साथ ही बैंक खाते से आटोमेटिग पैमेंट भी बिना खाता धारक से पूछे नहीं होगा। इनका सीधा असर उन ग्राहकों और व्यवसायों पर पड़ेगा जो सब्सक्रिप्शन-आधारित सेवाओं का उपयोग करते हैं जैसे ओटीअी प्लेटफार्म , म्यूजिक स्ट्रीमिंग या न्यूज ऐप्स। इसका मतलब है कि कोई भी ऐप या कंपनी आपकी अनुमति के बिना पैसे नहीं काट सकेगी।   ऐसे काम करेगा नया सिस्टम बैंकों और पेमेंट गेटवे को अब हर रिकरिंग पेमेंट से कम से कम 24 घंटे पहले ग्राहक को नोटिफिकेशन भेजना होगा। इस नोटिफिकेशन में भुगतान की राशि, तारीख और जिस कंपनी को भुगतान किया जा रहा है उसकी जानकारी होगी। ग्राहक को इस नोटिफिकेशन पर अपनी मंजूरी देनी होगी। यदि ग्राहक मंजूरी नहीं देता है, तो भुगतान अपने आप नहीं होगा। ग्राहकों के लिए फायदे यह बदलाव उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। पहले कई ऐप्स एक बार की अनुमति के बाद हर महीने पैसे काट लेते थे और कई बार ग्राहक को इसका पता भी नहीं चलता था। अब हर ट्रांजैक्शन से पहले मंजूरी अनिवार्य होगी, जिससे धोखाधड़ी की संभावना घटेगी और ग्राहक अपने खर्चों पर बेहतर नियंत्रण रख पाएंगे। व्यापारियों और बैंकों की चुनौती हालांकि यह कदम ग्राहकों के लिए फायदेमंद है, लेकिन बैंकों और व्यापारियों के लिए इसे लागू करना चुनौतीपूर्ण होगा। उन्हें अपने सिस्टम को इस तरह अपडेट करना होगा कि वे समय पर नोटिफिकेशन भेज सकें और मंजूरी मिलने के बाद ही भुगतान प्रक्रिया पूरी कर सकें। यदि कोई बैंक या कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती है, तो उन पर आरबीआई की ओर से जुर्माना लगाया जा सकता है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ हर डिजिटल भुगतान पर ओटीपी तो अभी भी मांगा जाता है। तभी भुगतान होता है। लेकिन नई गाइड लाइन से यह होगा कि आटोमेटिक पैमेंट भी बिना अनुमति के नहीं होंगे। क्योंकि अभी तक सबस्क्रप्सन आदि का भुगतान आटोमेटिक खाते से हो जाता है। कई बार तो उपभोक्ता को पता भी नहीं चलता। ऐसे में अब कोई भी भुगतान होगा तो उपभोक्ता के पास पहले नोटीफिकेशन आएगा। उसी पर हा या ना का आप्सन होगा। यानि बिना अनुमति के भुगतान नहीं होगा। – आशीष पारेख, सीए

गरबा खत्म, सुरक्षा शुरू: MP पुलिस ने अकेली महिलाओं के लिए शुरू किया ये अनोखा अभियान

सारंगपुर नवरात्र पर्व को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने सारंगपुर थाना क्षेत्र का निरीक्षण किया। एसपी तोलानी ने क्षेत्र के विभिन्ना गरबा पंडालों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान राज्यमंत्री गौतम टेटवाल भी मौजूद रहे। सारंगपुर के राठी परिसर में आयोजित गरबा कार्यक्रम में एसपी तोलानी, पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री दीपक कुमार, एसडीएम रोहित बंहोरे, पचोर नप अध्यक्ष विकास करोडिया, नपा उपाध्यक्ष भावना निलेश वर्मा ने सपत्नि सामूहिक गरबा किया। त्योहार को शांति व सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं कार्यक्रम के दौरान पृथ्वीराज टेटवाल, एसडीओपीअ अरविंद सिंह, थाना प्रभारी आकांक्षा हाड़ा, मोहित राठी, शिशिर विजयवर्गीय, प्रफुल्ल विजयवर्गीय, मोहित गुप्ता, एसआई अमित त्यागी, बीएस भूरिया, रवि शर्मा, शिव दांगी आदि उपस्थित थे। एसपी ने गरबा आयोजकों को दिए निर्देश एसपी ने कार्यक्रम के दौरान आयोजकों को समय सीमा और तय मापदंडों का पालन करते हुए गरबा कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। त्योहार को शांति व सौहार्दपूर्ण माहौल मनाने को कहा। पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण व यातायात प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।   युवतियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस मुस्तैद नवरात्र में दुर्गा पंडालों में देवी मां की आराधना और गरबे का आयोजन चल रहा है। गरबा आयोजनों में पहुंचने वाली महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस भी मुस्तैद हो गई है। शहर के सभी प्रमुख गरबा पंडालों और मंदिरों में हाईटेक सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। आयोजन स्थलों के आसपास पुलिस कैमरे से निगरानी रखे हुए है। संदिग्ध सामग्री, हथियार प्रतिबंधित होंगे पुलिस अधीक्षक तोलानी ने गरबा डांडिया का आयोजन कर रहीं संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रम के दौरान यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी व्यक्ति आयोजन स्थल पर संदिग्ध सामग्री, आपत्तिजनक वस्तु या किसी भी प्रकार का हथियार लेकर न आए और न ही उनका प्रयोग या प्रदर्शन किया जाए। इसके साथ ही, बिजली व लाइटिंग के दौरान शॉर्ट सर्किंट से आगजनी की घटना न हो, इसके लिए अतिरिक्त विद्युत सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन किया जाए। सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों तैनात किए साथ ही गरबा-डांडिया पंडाल स्थल पर विद्युत वायरिंग की रोजाना जांच कराकर व्यवस्था सुचारु रखी जाए। एसपी ने राज्यमंत्री टेटवाल से बातचीत करके विभिन्न जानकारियां एकत्रित की और यह सुनिश्चित किया कि सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे है। वही पुलिस एसडीओपी अरविंद सिंह ने गरबा आयोजन स्थलों के आसपास सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों तैनात किए है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि देर रात सड़क पर अकेली दिखने वाली महिलाओं को उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। इस दौरान संदिग्ध वाहनों की चेकिंग भी की गई, ताकि सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। बता दें की नवरात्र पर्व पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि अप्रिय घटनाओं से बचा जा सके। बढ़ाई पेट्रोलिंग, बनी रहेगी चौकसी चर्चा के दौरान एसपी तोलानी ने बताया कि रोजाना होने वाली पेट्रोलिंग व्यवस्था बड़ा कर, नवरात्र पर्व में शहर की बहन और बेटियां सुरक्षित रहें और पूजा-पाठ को निःसंकोच होकर कर सकें। इसके लिए का पहरा बना हुआ है। शहर के गली से लेकर चौक चौराहे तक गश्त करती रही। टीआई ने खुद मोर्चा संभाला है। ताकि नगर की महिलाएं अपने घर से निकलकर सुरक्षित मंदिर पहुंचे कर पूजा पाठ करें। इसके लिए रोजाना पुलिस गश्त जारी रखी जा रही है।   यातायात पर विशेष ध्यान एसपी ने बताया कि इस वर्ष नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि की संभावना के मद्देनजर, प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया है। इससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पडेगा और पूजा पंडालों के आसपास जाम की स्थिति उत्पन्ना नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि पुलिस की इस सक्रियता ने शहरवासियों में सुरक्षा का अहसास बढाया है, जिससे नवरात्रि पर्व का आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्ना हो सके। ताकि बहन-बेटियां अपने आपको सुरक्षित महसूस करें पुलिस ने शहर के देवी पंडाल, प्रमुख चौराहा समेत अन्य चौक चौराहों पर गश्त कर लोगों को सुरक्षा का एहसास कराया। टीआई हाडा ने कहा कि जनता में सुरक्षा का एहसास कराने के लिए गश्त व्यवस्था को बढाया है। नवरात्र पर्व में नगर की बहन बेटियां अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सके, इसके लिए पुलिस सदैव सुरक्षा में तत्पर है।

यात्री खिज़री: खजुराहो में गंदगी और पुरानी सीटों ने बढ़ाई मुश्किल, रेल मंत्री को लिखा पत्र

ग्वालियर लक्जरी और आरामदायक ट्रेन के रूप में पहचान रखने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस की व्यवस्थाओं से यात्री नाराज हैं। ट्रेन के चेयर कार में गंदगी से लेकर सीटों की स्थिति पर यात्रियों को जमकर आपत्ति है और वे इसकी शिकायत रेल मंत्री से ऑनलाइन माध्यमों से कर रहे हैं। शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग शनिवार को हजरत निजामुद्दीन से खजुराहो जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस के सी-5 कोच में यात्रा कर रहे यात्री प्रशांत माथुर ने ट्रेन में तमाम कमियां गिनाते हुए रेल मंत्री एक्स पर शिकायत दर्ज कराई और रेल मंत्री से कार्रवाई की मांग की। प्रशांत माथुर ने ट्रेन नंबर 22470 हजरत निजामुद्दीन-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस की चेयर कार क्लास में आगरा कैंट से वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन झांसी तक सफर के लिए टिकट बुक कराया था। उन्हें कोच नंबर सी-5 में 14 नंबर सीट मिली थी।   सीट बिल्कुल भी फ्लेक्सिबल नहीं शुक्रवार सुबह ट्रेन आगरा स्टेशन से चली तो वे अपनी सीट पर बैठ गए। उनका कहना था कि कोच की स्थिति गंदी थी, जबकि ट्रेन हजरत निजामुद्दीन से ही रवाना हुई थी। जब प्रशांत माथुर ने आराम पाने के लिए सीट को पीछे की ओर झुकाना चाहा, तो सीट बिल्कुल भी फ्लेक्सिबल नहीं थी। प्रचार-प्रसार से हकीकत अलग इस पर उन्होंने रेलमंत्री से शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि ट्रेन में गंदे और पुराने कोच लगे हुए हैं, जबकि यात्रियों से लक्जरी सेवा का किराया वसूला जा रहा है। रेलवे द्वारा ट्रेन में सुविधाओं को लेकर जितना प्रचार-प्रसार किया जाता है, हकीकत उससे अलग है।  

वन विहार में सकारात्मक बदलाव, अब पर्यटकों के वाहनों का प्रवेश रहेगा निषेध

पर्यटकों के भ्रमण के लिये 40 गोल्फ कार्ट का होगा संचालन प्रदूषण मुक्त होगा वन विहार भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में सकारात्मक बदलाव करते हुए वन्य-प्राणियों के लिये शोररहित बनाने के लिये अब पर्यटकों के वाहनों का प्रवेश निषेध रहेगा। वन विहार को प्रदूषण मुक्त करने के लिये जल्द ही पर्यटकों के भ्रमण के लिये 40 गोल्फ कार्ट का संचालन शुरू किया जायेगा। इन 40 गोल्फ कार्ट में से 32 गोल्फ कार्ट 'हाफ ऑन हाफ ऑफ' पद्धति से संचालन के लिये उपलब्ध रहेंगे, वहीं 8 गोल्फ कार्ट (6 सीटर) पर्यटकों के लिये पूर्ण रूप से 3 घंटे के लिये बुकिंग पर उपलब्ध रहेंगे। इन गोल्फ कार्ट का संचालन वन विहार के दोनों गेटों से हर 10 मिनट पर निरंतर जारी रहेगा। ये कार्ट प्रत्येक ब्ल्यू प्वाइंट पर 30 सेकेंड से एक मिनट के लिये रुकेंगी। इससे पर्यटकों को स्वेच्छानुसार वन्य-प्राणियों को देखने का पर्याप्त समय मिलेगा। वन विहार में पैदल भ्रमण, किराये और स्वयं की साइकिल से भ्रमण के लिये शाकाहारी सफारी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पर्यटकों के लिये सशुल्क 150 नई साइकिलें भी उपलब्ध रहेंगी, जिससे वन विहार भ्रमण और सुगम बनेगा। विभिन्न प्रकार के माध्यम से भ्रमण करने के लिये पर्यटकों को विभिन्न रंग के पर्यावरण अनुकूल बैण्ड दिये जायेंगे, जिससे किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। वन विहार में पर्यटक वाहन पार्किंग के लिये निर्धारित न्यूनतम शुल्क पर विशेष व्यवस्था की गयी है। चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिये प्रवेश द्वारा क्रमांक-2 पर पार्किंग स्थल बनाया गया है और दो पहिया वाहनों की पार्किंग प्रवेश द्वार क्रमांक-1 और 2 पर रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों ने भावांतर योजना शुरू करने पर किया आत्मीय स्वागत

पुष्प-वर्षा कर दिया धन्यवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रविवार को उज्जैन में किसानों ने द्वारा आत्मीय स्वागत कर भावांतर योजना शुरू करने के लिए आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुलिस लाइन उज्जैन हैलीपेड पहुँचने पर बड़ी संख्या में किसानों ने पुष्पमाला और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री का स्वागत करने किसान भाई "सोयाबीन भावांतर के लिए मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद" की तख्तियां लेकर हैलीपेड पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों का अभिवादन करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की हितैषी सरकार है। किसानों के हित के लिए सरकार के पास राशि की कोई कमी नहीं है। किसान-कल्याण हमारी पहली प्राथमिकता में है। किसानों के लिए राज्य सरकार अनेक योजनाएं भी संचिालत कर रही है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिले इसके लिए भावांतर योजना शुरू की गई है। ऐसे किसान जिन्हें निर्धारित समर्थन मूल्य से कम दर मिली है। उसके अंतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जायेगी। किसानों को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होने दिया जायेगा। स्वदेशी मेला-प्रदर्शनी में खरीदे खादी के कपड़े मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर घर स्वदेशी घर-घर स्वदेशी अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए आहवान पर खादी ग्राम उद्योग मंडल द्वारा आयोजित की गई स्वदेशी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। भारतीय ज्ञानपीठ परिसर में आयोजित स्वदेशी मेला-प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं के लिए खादी के कुर्ते का कपड़ा खरीदा और अपने मोबाइल वॉलेट से भुगतान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी ग्रामोद्योग मंडल और भारतीय ज्ञानपीठ परिवार के द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी को सराहा। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियों को प्रदेश में सभी जगह पर लगाया जाना चाहिए, जिससे जनता स्वदेशी अभियान को आगे बढ़ाये और और स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूक होकर उनका लाभ लें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंगाली मार्केट और ऋषि नगर में माता काली और माता शक्ति का पूजन किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन प्रवास के दौरान शहर में बंगाली मार्केट और ऋषि नगर में आयोजित नवदुर्गा उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंगाली कॉलोनी में माँ काली मंदिर में पूजा कर धूप अर्पित की। उन्होंने कहा कि यहां के आयोजन की परम्परा बहुत पुरानी और समृद्धशाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऋषि नगर में माँ शक्ति की पूजा कर आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगातार विकास के कार्य हो रहे हैं। उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। माता के आशीर्वाद से सिंहस्थ का आयोजन बहुत दिव्य होगा। उन्होंने सभी माता-बहनों और श्रद्धालुओं को नवरात्रि पर्व की मंगल कामनाएँ दी।  

उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी किया जाएगा विस्तारीकरण

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि पर उज्जैन को दी विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 370 करोड़ रुपए की राशि के 11 कार्यों का किया भूमिपूजन उज्जैन जिले के नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन का किया भूमिपूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में भारतीय संस्कृति का वैभव पूरी दुनिया देखेगी। सिंहस्थ 2028 के लिए हाल ही में 2675 करोड़ रुपए की लागत राशि से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दी गई है। उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी विस्तारीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला कार्यालय एक ही छत के नीचे होने चाहिए इसलिए नवीन कलेक्टर कार्यालय भवन के निर्माण की आज आधारशिला रखी गई है। कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन 7 मंजिला बनेगा। नवरात्रि पर मां हरसिद्धी और भगवान श्रीमहाकाल की कृपा से उज्जैन को लगभग 370 करोड़ लाख लागत के 11 विकास कार्यों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन के साथ अन्य विकास कार्यों के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए शिप्रा नदी पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे सुविधायुक्त नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पुराने घाटों का उन्नयन कर 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जा रही है। शिप्रा नदी पर ब्रिजों की श्रृंखलाओं का निर्माण किया जा रहा है। बहुत जल्द मेट्रो ट्रेन भी उज्जैन में आएगी। उन्होंने कहा कि कृषकों के लिए भावांतर योजना लागू कर लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को लाभ दिया जायेगा। सिंहस्थ के लिए साधु-संतों की मंशानुसार कार्य हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिंहस्थ में क्राउड मैनेजमेंट, मध्यप्रदेश और उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिप्रा नदी पर 77 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले 4 नए पुलों से आने वाले दिनों में मोक्षदायिनी शिप्रा मैया पुलों वाली नदी भी कहलाएंगी। यह उज्जैन की काया पलटने वाले विकास कार्य हैं जो सिंहस्थ-2028 को भव्यता प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 135 करोड़ रुपये की लागत से उज्जैन में बन रहा संयुक्त प्रशासनिक भवन लोक-कल्याण और सुशासन का उदाहरण बनेगा। यह अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं से सुसज्जित होगा। अधिकारियों के लिए नवीन आवासीय भवन बनाए जायेंगे। इस अवसर पर विधायक श्री सतीश मालवीय ने कहा कि उज्जैन की दिशा और दशा बदलने का काम निरंतर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। एक ही छत के नीचे जिला अधिकारी नवीन प्रशासनिक भवन में आमजन की सेवा में अपना काम करेंगे। विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शिप्रा नदी में कान्ह नदी का पानी न मिले इसके लिए कान्ह डायवर्जन योजना का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर के साथ-साथ इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में विकास के कार्य कराएं जा रहे है। इन विकास कार्यों का भी हुआ शिलान्यास कार्तिक चौक से शंकराचार्य चौराहा रोड (छोटा पुल) शिप्रा नदी पर पुल के निर्माण के लिए 27.06 करोड़, लालपुल के डाउन स्ट्रीम में रेल्वे पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 17.69 करोड़, काल भैरव मंदिर से गढकालिका मार्ग (ओखलेश्वर) को जोडने वाले पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन टू लेन पुल के निर्माण के लिए 13.96 करोड, एम.आर 24 इन्दौर मार्ग से चिंतामन रेल्वे स्टेशन मार्ग पर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 15.86 करोड, उज्जैन शहर की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर शहर से 10 कि.मी. दूरी पर नवीन विश्राम गृह निर्माण 20.64 करोड, केंद्रीय जेल उज्जैन में आवास गृहों के निर्माण 19.18 करोड़,100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल माधवनगर का 200 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन में उन्नयन / निर्माण कार्य के लिए 24.08 करोड़, मुल्लापुरा में 50 कक्षों के नवीन सर्किट हाउस निर्माण के लिए 49.10 करोड़ और पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के 06 पड़ाव एवं उप पड़ाव पर सुविधा केंद्र निर्माण कार्य (डोम, शौचालय एवं रसोईघर) के लिए 14.52 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमि पूजन हुआ। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, महापौर श्री मुकेश टटवाल, सभापती श्रीमती कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, पूर्व विधायक श्री राजेन्द्र भारती, श्री संजय अग्रवाल, श्री रुप पमनानी, श्री विशाल राजौरिया, श्री जगदीश पांचाल, श्री ओम जैन, श्री आनंद खिची, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा तथा बड़ी संख्या में गणमान्यनागरिक उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्यालयों के खातों में अंतरित करेंगे 489 करोड़ रुपये

हरदा जिले के खिरकिया में 29 सितम्बर को होगा कार्यक्रम 20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों के बैंक खातों में अंतरित होगी राशि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 29 सितम्बर को हरदा जिले के खिरकिया में शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। प्रदेश में नि:शुल्क अध्ययनरत बच्चों की वर्ष 2023-24 की 8 लाख 45 हजार बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव साथ ही विकास कार्यों का भूमि-पूजन, लोकार्पण और इस राशि से जन-कल्याणकारी योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी करेंगे। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके समीप के विद्यालय में प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश का प्रावधान है। वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश में लगभग 8 लाख 50 हजार बच्चे अशासकीयविद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अब तक 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा अब तक 3 हजार करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति की जा चुकी है।