samacharsecretary.com

उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी किया जाएगा विस्तारीकरण

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि पर उज्जैन को दी विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 370 करोड़ रुपए की राशि के 11 कार्यों का किया भूमिपूजन उज्जैन जिले के नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन का किया भूमिपूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में भारतीय संस्कृति का वैभव पूरी दुनिया देखेगी। सिंहस्थ 2028 के लिए हाल ही में 2675 करोड़ रुपए की लागत राशि से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दी गई है। उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी विस्तारीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला कार्यालय एक ही छत के नीचे होने चाहिए इसलिए नवीन कलेक्टर कार्यालय भवन के निर्माण की आज आधारशिला रखी गई है। कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन 7 मंजिला बनेगा। नवरात्रि पर मां हरसिद्धी और भगवान श्रीमहाकाल की कृपा से उज्जैन को लगभग 370 करोड़ लाख लागत के 11 विकास कार्यों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन के साथ अन्य विकास कार्यों के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए शिप्रा नदी पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे सुविधायुक्त नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पुराने घाटों का उन्नयन कर 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जा रही है। शिप्रा नदी पर ब्रिजों की श्रृंखलाओं का निर्माण किया जा रहा है। बहुत जल्द मेट्रो ट्रेन भी उज्जैन में आएगी। उन्होंने कहा कि कृषकों के लिए भावांतर योजना लागू कर लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को लाभ दिया जायेगा। सिंहस्थ के लिए साधु-संतों की मंशानुसार कार्य हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिंहस्थ में क्राउड मैनेजमेंट, मध्यप्रदेश और उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिप्रा नदी पर 77 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले 4 नए पुलों से आने वाले दिनों में मोक्षदायिनी शिप्रा मैया पुलों वाली नदी भी कहलाएंगी। यह उज्जैन की काया पलटने वाले विकास कार्य हैं जो सिंहस्थ-2028 को भव्यता प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 135 करोड़ रुपये की लागत से उज्जैन में बन रहा संयुक्त प्रशासनिक भवन लोक-कल्याण और सुशासन का उदाहरण बनेगा। यह अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं से सुसज्जित होगा। अधिकारियों के लिए नवीन आवासीय भवन बनाए जायेंगे। इस अवसर पर विधायक श्री सतीश मालवीय ने कहा कि उज्जैन की दिशा और दशा बदलने का काम निरंतर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। एक ही छत के नीचे जिला अधिकारी नवीन प्रशासनिक भवन में आमजन की सेवा में अपना काम करेंगे। विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शिप्रा नदी में कान्ह नदी का पानी न मिले इसके लिए कान्ह डायवर्जन योजना का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर के साथ-साथ इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में विकास के कार्य कराएं जा रहे है। इन विकास कार्यों का भी हुआ शिलान्यास कार्तिक चौक से शंकराचार्य चौराहा रोड (छोटा पुल) शिप्रा नदी पर पुल के निर्माण के लिए 27.06 करोड़, लालपुल के डाउन स्ट्रीम में रेल्वे पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 17.69 करोड़, काल भैरव मंदिर से गढकालिका मार्ग (ओखलेश्वर) को जोडने वाले पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन टू लेन पुल के निर्माण के लिए 13.96 करोड, एम.आर 24 इन्दौर मार्ग से चिंतामन रेल्वे स्टेशन मार्ग पर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 15.86 करोड, उज्जैन शहर की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर शहर से 10 कि.मी. दूरी पर नवीन विश्राम गृह निर्माण 20.64 करोड, केंद्रीय जेल उज्जैन में आवास गृहों के निर्माण 19.18 करोड़,100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल माधवनगर का 200 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन में उन्नयन / निर्माण कार्य के लिए 24.08 करोड़, मुल्लापुरा में 50 कक्षों के नवीन सर्किट हाउस निर्माण के लिए 49.10 करोड़ और पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के 06 पड़ाव एवं उप पड़ाव पर सुविधा केंद्र निर्माण कार्य (डोम, शौचालय एवं रसोईघर) के लिए 14.52 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमि पूजन हुआ। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, महापौर श्री मुकेश टटवाल, सभापती श्रीमती कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, पूर्व विधायक श्री राजेन्द्र भारती, श्री संजय अग्रवाल, श्री रुप पमनानी, श्री विशाल राजौरिया, श्री जगदीश पांचाल, श्री ओम जैन, श्री आनंद खिची, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा तथा बड़ी संख्या में गणमान्यनागरिक उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्यालयों के खातों में अंतरित करेंगे 489 करोड़ रुपये

हरदा जिले के खिरकिया में 29 सितम्बर को होगा कार्यक्रम 20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों के बैंक खातों में अंतरित होगी राशि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 29 सितम्बर को हरदा जिले के खिरकिया में शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। प्रदेश में नि:शुल्क अध्ययनरत बच्चों की वर्ष 2023-24 की 8 लाख 45 हजार बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव साथ ही विकास कार्यों का भूमि-पूजन, लोकार्पण और इस राशि से जन-कल्याणकारी योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी करेंगे। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके समीप के विद्यालय में प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश का प्रावधान है। वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश में लगभग 8 लाख 50 हजार बच्चे अशासकीयविद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अब तक 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा अब तक 3 हजार करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति की जा चुकी है।  

सड़क और ड्रेनेज सुधार पर ग्वालियर प्रशासन करेगा अहम निर्णय

ग्वालियर  शहर में अतिवर्षा के कारण सड़कों की स्थिति खराब है। वर्षा जल की निकासी नहीं होने के कारण डामर की सड़कें उधड़ चुकी हैं। इसका मुख्य कारण सामने आया है कि सड़कों के किनारे नाले-नालियों के अलावा ड्रेनेज का प्रविधान नहीं होने से यह स्थिति बनी है। नईदुनिया ने भी लगातार ये मुद्दा उठाया कि सड़कों के किनारे ड्रेनेज सिस्टम का प्रविधान किया जाए, जिसके बाद निगम के जनकार्य विभाग ने कई कॉलोनियों में नई सड़कें स्वीकृत करने के साथ ही उन्हें ड्रेनेज का प्रविधान करना शुरू कर दिया है। व्हाइट टॉपिंग या सीसी रोड बनाई जाएंगी जो नए टेंडर भी अपलोड किए जा रहे हैं, उनमें ड्रेनेज का प्रविधान विशेष रूप से किया जा रहा है। इसके अलावा जिन स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं होगी, वहां प्रयास किया जाएगा कि डामर की सड़कें तैयार नहीं की जाएं। वहां व्हाइट टॉपिंग या सीसी रोड बनाई जाएंगी। इसके अलावा जहां-जहां बिटुमिन की नई सड़कें बनाई जा रही हैं, वहां ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। इन स्थानों पर ड्रेनेज का प्रविधान वार्ड 30 एयरटेल ऑफिस रोड और नाली निर्माण। वार्ड 19 सूर्य विहार कॉलोनी में बिटुमिन रोड के किनारे सीसी ड्रेनेज। वार्ड 55 शिवाजी नगर में चौहान हाउस से सिकरवार हाउस तक और राकेश तोमर वाली गली में सीसी रोड और ड्रेनेज। वार्ड 62 पदमपुर खेरिया के पटेल मोहल्ला में सीसी रोड व ड्रेनेज। वार्ड 63 के ग्राम रुद्रपुर में सीसी रोड और ड्रेनेज। वार्ड 63 के ग्राम मालनपुर में सीसी रोड व ड्रेनेज। वार्ड 49 हारकोटासीर में सीसी रोड व ड्रेनेज निर्माण। (इसके अलावा लगभग 20 सड़कों के निर्माण में ड्रेनेज का प्रविधान कर टेंडर किए जा रहे हैं।) निगमायुक्त ने की समीक्षा, 15 दिन में सड़कें चकाचक करने के निर्देश उधर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने शनिवार को शहर की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देशित किया कि शीघ्र सड़कों पर काम प्रारंभ करें और 15 दिवस में शहर की सड़कें चकाचक दिखने लगें। जिन सड़कों के वर्क आर्डर जारी हो गए हैं, उनमें अगले पांच दिवस में कार्य शुरू हो जाएं। साथ ही जो सड़कें स्वीकृत हो चुकी हैं और अनुबंध होना है, उसमें तत्काल अनुबंध कर कार्य प्रारंभ कराएं। सड़कों के किनारे ड्रेनेज की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। सड़कों के किनारे ड्रेनेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। कई नई सड़कों को स्वीकृति देते समय ड्रेनेज का प्रविधान किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि जहां हम ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं, वहां डामर की सड़कें बनाई ही ना जाएं। वहां सीसी रोड या व्हाइट टापिंग कराई जाए। – संघ प्रिय, आयुक्त नगर निगम

सभी को स्वदेशी संकल्प की शपथ दिलाई, स्वदेशी उत्पाद भी खरीदे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार सबके समग्र विकास का ध्येय लेकर आगे बढ़ रही है। किसान, गरीब, युवा, महिलाओं के कल्याण एवं विकास के लिए पृथक-पृथक मिशन चलाये जा रहे हैं। सबका विकास हमारा संकल्प है और इस संकल्प की पूर्ति के लिए हम अपना हर वादा पूरा करके दिखायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भोपाल जिले की बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर में राज्य संरक्षित स्मारक समूह स्थल चमन महल में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम के 126वें एपिसोड का स्थानीय स्व-सहायता समूहों की दीदियों के साथ श्रवण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों को स्वदेशी संकल्प की शपथ दिलाई और अपील की कि सभी अपने जीवन में अधिकतम भारतीय उत्पादों का उपयोग करें और आयातित वस्तुओं की जगह देशी विकल्प अपनाएं। साथ ही पर्यावरण के प्रति सजग रहकर स्वदेशी और प्रकृति-अनूकूल उत्पादों का ही प्रयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को नवरात्रि पर्व, दशहरा और दीपावली त्यौहारों की अग्रिम मंगलकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि त्यौहारों में सिर्फ स्वदेशी और भारत में निर्मित वस्तुएं ही खरीदें। इससे हर घर में त्यौहार मनेगा। मुख्यमंत्री ने 'हर घर स्वदेशी और घर-घर स्वदेशी' का नारा उद्घोष करते हुए कहा कि सभी को स्वदेशी अपनाने के लिए संकल्पित कराया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुएं खरीदने से ही हमारे सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। इसी से हमारे कुशल कारीगर, शिल्पकार और कुम्भकारों के घरों में भी दीपावली मनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को भावांतर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि वे 5 से 25 अक्टूबर तक पंजीयन करा लें। फिर 1 नवम्बर से 31 जनवरी 2026 के दौरान बेची गई सोयाबीन की फसल पर ही भावांतर योजना का लाभ मिलेगा। यदि किसी किसान की सोयाबीन की फसल समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल पर नहीं बिकती, तो जितनी राशि में बिकी है और समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की राशि सरकार किसान को देगी। इस प्रकार किसानों को सोयाबीन की फसल बेचने पर समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल की राशि ही मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहली बार ग्राम जगदीशपुर आकर बेहद हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि गोंडवाना साम्राज्य का सदियों पुराना यह किला आज भी हमें उस गौरवशाली अतीत की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल में लगाये गए स्वदेशी उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन किया। स्टॉल में मिट्टी के दिए, मिट्टी के तवे, कुल्हड़, मटके, करवा चौथ पूजन की सामग्री सहित मिट्टी से बने अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टॉल का अवलोकन कर मिट्टी के दिए, तवे और अन्य उत्पाद भी खरीदे और स्टॉल स्वामी को नगद भुगतान भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पौधा देकर एवं किश-मिश खिलाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने भी गांव की तीन महिलाओं सुश्री विजयमाला, श्रीमती गीता बाई एवं श्रीमती फूलवती बाई को 'एक बगिया मां के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधा देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने चमन महल परिसर में कदम्ब का पौधा लगाया। इससे पहले मन की बात के 126वें एपिसोड में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी से अपील करते हुए कहा है कि इस बार त्यौहार सिर्फ स्वदेशी के साथ ही मनाएं। देशवासी वोकल फॉर लोकल को खरीदारी का मूल मंत्र बनाएं। जो देश में बन रहा है, वही स्वदेशी खरीदें। स्वदेशी वस्तुएं खरीद कर हम एक प्रकार से किसी कलाकार या कारीगर का सम्मान कर रहे होते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अमर शहीद भगत सिंह और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की जयंती पर इनका पुण्य स्मरण इन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने अपनी शहादत से पूरे देश को आंदोलित किया था। उन्होंने कहा कि लताजी द्वारा गाया हुआ 'ज्योति कलश छलके' उनका सबसे पसंदीदा गीत है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा है कि 11 साल में देश में खादी के प्रति आकर्षण काफी बढ़ा है। आने वाले 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जी की जयंती पर सभी देशवासी कम से कम एक खादी वस्त्र खरीदने का संकल्प अवश्य लें और गर्व से कहें कि हम स्वदेशी हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि भारत सरकार छठ पूजा को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहरों की सूची में शामिल कराने के लिए प्रयासरत है। कोलकाता की दुर्गा पूजा को इस सूची में पहले ही स्थान मिल चुका है। प्रधानमंत्री ने नाव से अंटार्टिका भ्रमण पर गईं दो बहनों के अदम्य साहस की भी सराहना की। उन्होंने स्व. श्री भूपेन हजारिका और स्व. श्री जुबिन गर्ग को भी श्रद्धांजलि दी। मन की बात श्रवण कार्यक्रम में बैरसिया विधायक श्री विष्णु खत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नोरंग सिंह गुर्जर सहित सर्वश्री तीरथ सिंह, राघेवन्द्र शर्मा, राहुल कोठारी, लक्ष्मी नारायण मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में महिलाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

आईआईटी इंदौर में 624.57 करोड़ रुपये की विस्तार परियोजना का हुआ शिलान्यास

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शनिवार को रखी आधारशिला जटिल प्रयोगों और डेटा विश्लेषण की एडवांस रिसर्च में इंदौर बनेगा सिरमौर भोपाल देश में प्रौद्योगिकी शिक्षा अब नये दौर में प्रवेश कर चुकी है। देश के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भी अब नए क्षितिज की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ओडीसा से देश के 8 आईआईटी केन्द्रों में विस्तार परियोजना का वर्चुअली शिलान्यास किया। इनमें आईआईटी इन्दौर भी शामिल है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आईआईटी इन्दौर में कुल 624.57 करोड़ रुपये की क्षमता विस्तार एवं आधारभूत संरचना विकास परियोजना की आधारशिला रखी। प्रौद्योगिकी शिक्षा के क्षेत्र में होगा नये युग का सूत्रपात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईआईटी इन्दौर को दी गई इस बड़ी सौगात के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का यह कदम अब प्रौद्योगिकीय शिक्षा में एक नये युग का सूत्रपात करेगा। इससे हमारे युवाओं को अध्ययन, शोध एवं नवाचार करने के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि आईआईटी इन्दौर में इस विस्तार परियोजना के लिए उच्चतर शिक्षा के प्रोत्साहन एवं फंडिंग हेतु अधिकृत वित्तपोषण एजेंसी (HEFA) द्वारा तीसरे चरण के अंतर्गत मंजूरी दी गई है। विस्तार परियोजना में मंजूर की गई राशि में अत्याधुनिक शैक्षणिक भवनों, आवासीय परिसरों, औद्योगिकीय अनुसंधान पार्क, डिजाइन विभाग, विद्यार्थी गतिविधि केंद्र, व्याख्यान कक्ष परिसर और आगंतुक छात्रावास के निर्माण के साथ अत्याधुनिक एवं उन्नत उपकरणों की खरीद एवं स्थापना भी शामिल है। इस विस्तार परियोजना में 374.38 करोड़ रुपये से अत्याधुनिक शैक्षणिक भवनों, 123.15 करोड़ रुपये से आवासीय सुविधाओं और सामान्य एवं उपयोगिता सेवाओं के निर्माण के साथ 27.04 करोड़ रुपये से उन्नत उपकरणों की खरीदी भी शामिल है। आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा कि आधारभूत संरचना में विकास से न केवल हमारा शैक्षणिक और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा, बल्कि छात्रों और शिक्षकों के नवाचार, सहयोग और समग्र विकास के लिए एक विश्वस्तरीय परिवेश भी तैयार होगा। इंदौर आईआईटी का होगा बहुआयामी तकनीकी विस्तार आईआईटी इंदौर की लैब को और अधिक बहुआयामी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शनिवार को ही देश के 7 आईआईटी संस्थानों को यह राशि स्वीकृत की है। इंदौर के आईआईटी में एडवांस रिसर्च इक्विपमेंट बढ़ाने के लिए 100 करोड़ की लागत से लैब का विस्तार होगा। आईआईटी इंदौर के पदाधिकारी ने बताया कि विभिन्न वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में उपयोग होने वाले उच्च-स्तरीय उपकरण शामिल होते हैं, जो जटिल प्रयोगों, डेटा विश्लेषण और अनुसंधान के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। इन उपकरणों का उपयोग भौतिकी, रसायन विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, और अन्य क्षेत्रों में होता है।  

उप मुख्यमंत्री देवड़ा लखेरापुरा में व्यवसायियों के बीच पहुंचे

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि स्वदेशी अपनाओ अभियान विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम है। इस समय नवरात्रि चल रही है, दशहरा और दीपावली आने वाली है, हम सब का दायित्व है कि स्वदेशी अपनाएं  और भारत को समृद्ध बनाएं। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने यह बात रविवार को भोपाल के लखेरापुरा मार्केट के दुकानदारों के बीच जाकर कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का संलल्प है कि 2047 में हमारा देश विकसित राष्ट्र की श्रेणी में आए और हमारा भारत देश विश्व गुरू के रूप में स्थापित हो। दुकानदारों को दिलाया स्वदेशी का संकल्प उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में स्वदेशी संकल्प पत्र स्वयं भरा और दुकानदारों एवं ग्राहकों से भी अपील की कि वे भी स्वदेशी सामग्री क्रय-विक्रय का संकल्प लें। श्री देवड़ा ने उपस्थित दुकानदारों एवं उपभोक्ताओं को सामूहिक रूप से स्वदेशी अपनाने की शपथ भी दिलाई। घटी जीएसटी मिला उपहार, धन्यवाद मोदी सरकार उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने लखेरापुरा मार्केट में स्वदेशी अपनाओ अभियान के तहत स्थानीय व्यापारी बंधुओ से भेंट कर उन्हें अभियान के संबंध में जानकारी दी और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने ग्राहकों को भी जागरूक कर स्वदेशी वस्तुएं खरीदने वालों को प्रोत्साहित किया। स्वदेशी अपनाओ अभियान के तहत श्री देवड़ा ने कहा कि  "घटी जीएसटी मिला उपहार धन्यवाद मोदी सरकार" हम सभी स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों पर गर्व करें। श्री देवड़ा ने लखेरापुरा मार्केट में दौरा कर दुकानों में स्वदेशी अपनाओं के स्लोगन लिखे पोस्टर चिपकाए और अपने विचार साझा किए। 

राज्य निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों का हुआ नेत्र परीक्षण

भोपाल राज्य निर्वाचन आयोग में गत दिनों नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में नेत्र चिकित्सक डॉ. गजेन्द्र चावला की टीम ने राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारी-कर्मचारियों का नेत्र परीक्षण कर उन्हें उचित सलाह एवं मार्गदर्शन दिया। शिविर में आयोग के लगभग 80 कर्मचारियों का नेत्र परीक्षण किया गया।  

1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी, दिवाली बाद 1250 की जगह मिलेंगे 1500 रूपए हर माह

भोपाल   1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी है। अक्टूबर में योजना की 29वीं किस्त जारी की जाएगी । इसके तहत प्रत्येक लाड़ली बहन के खाते में 1250 रूपए पहुंचेंगे। इसी के साथ राशि में भी 250 रुपए की वृद्धि की जाएगी और भाईदूज से बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह मिलना शुरू हो जाएंगे।इसकी घोषणा खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की है।बता दे कि मोहन सरकार ने 12 सितंबर को 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 28वीं किश्त के लिए 1541 करोड़ और 31 लाख से अधिक बहनों को एलपीजी सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 48 करोड़ जारी कर किए गए थे ।योजना की शुरुआत के बाद से अब तक 41 हजार करोड़ की राशि लाड़ली बहनों को दी जा चुकी है। भाई दूज से लाड़ली बहनों को मिलेंगे 1500 हर माह शनिवार को एक कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए हमारे खजाने में धन की कोई कमी नहीं है। दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह देंगे और हमारा संकल्प है कि धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह कर देंगे। अगले तीन साल में 2028 तक 3000 रुपए बहनों के खाते में भेजने का लक्ष्य है। उम्मीद है कि नवंबर में मिलने वाली किस्त में 250 रुपए इजाफा कर 1500 रूपए दिए जा सकते है, क्योंकि 20-21 अक्टूबर को दिवाली है और 23 अक्टूबर को भाईदूज है, ऐसे में नंवबर की किस्त में बढ़ी हुई राशि का लाभ मिल सकता है। वर्तमान में लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250 रू     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से अगस्त 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 27 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 41 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो। लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।

आमजनों से अभद्रता अस्वीकार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मऊगंज के प्रभारी तहसीलदार निलंबित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनता के साथ संवेदना, सहानुभूति और मददगार के रूप में व्यवहार करना लोक सेवक का प्रथम कर्तव्य है। लोक सेवकों द्वारा आमजनों से अभद्रता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आमजन से अभद्र व्यवहार और बेहद अशिष्ट शब्दावली का प्रयोग करने पर मऊगंज जिले के प्रभारी तहसीलदार श्री वीरेन्द्र कुमार पटेल को निलंबित किया गया है।  उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में प्रभारी तहसीलदार श्री पटेल द्वारा एक व्यक्ति से किए गए अशोभनीय कृत्य के संदर्भ में यह कार्यवाही की गई है। मऊगंज जिले के कलेक्टर द्वारा प्रभारी तहसीलदार पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा के प्रतिवेदन पर कमिश्नर रीवा श्री बी.एस. जामोद द्वारा प्रभारी तहसीलदार, तहसील मऊगंज श्री पटेल को कदाचरण के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 

सतत न्याय की पहल: इस शनिवार भी एमपी हाई कोर्ट में ताबड़तोड़ सुनवाई

जबलपुर हाई कोर्ट को चार लाख 82 हजार 627 कुल लंबित मुकदमों के बोझ से निजात दिलाने युद्ध स्तर पर प्रयास जारी है। इस अभियान के अंतर्गत निरंतर दूसरे शनिवार को 8 विशेष पीठों ने 296 प्रकरणों का निराकरण करने का आदर्श प्रस्तुत किया। 8 विशेष पीठों ने जमानत अर्जियों को सुना। शेष दो नियमित पीठों के समक्ष सर्विस व अवमानना के प्रकरण सुने गए। दरअसल, हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा के निर्देश पर इन विशेष पीठों का गठन किया गया है। शनिवार को आठ विशेष पीठों ने 866 जमानत के मामलों पर सुनवाई की। इनमें से से 296 मामले निराकृत कर दिए गए। वहीं, सेवा संबंधी मामलों की सुनवाई कर रही दोनों बेंचों ने 41 मामलों का निराकरण किया। इस तरह एक दिन में ही 337 लंबित मामलों का पटाक्षेप कर दिया गया। जबकि पहले शनिवार को आठ विशेष बेंच में 864 मामले सुनवाई के लिए रखे गए थे, जिनमें से 350 प्रकरणों का निराकरण किया गया था। इन जजों ने सुनी जमानत अर्जियां जज – कुल आवेदन सुने – निराकृत न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा – 115 – 55 न्यायमूर्ति एमएस भट्टी – 149- 51 न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल- 138 – 33 न्यायमूर्ति दीपक खोत – 126 – 33 न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी – 103 – 33 न्यायमूर्ति रामकुमार चौबे – 84- 32 न्यायमूर्ति रत्नेशचंद्र सिंह बिसेन- 48- 14 न्यायमूर्ति बीपी शर्मा – 102 – 45 सर्विस मैटर्स के लिए बैठी ये बेंच जस्टिस डीडी बंसल- 92 – 04 जस्टिस विवेक जैन- 109- 37 कुल मामलों पर सुनवाई – 866 निराकृत मामले – 337 द्रुतगति से बढ़ रहे लंबित मामलों को गंभीरता से लिया गया हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन व सचिव परितोष त्रिवेदी के अनुसार उन्होंने मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा को बताया था कि मुख्यपीठ में इस वर्ष दायर की गई व लंबित जमानत अर्जियों का आंकड़ा तीन हजार के पास पहुंच गया है। सर्विस मैटर्स का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। इसको लेकर वकीलों में पिछले कुछ समय से असंतोष व्याप्त है। इस संबंध में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया था। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश सचदेवा ने द्रुतगति से बढ़ रहे लंबित मामलों को गंभीरता से लेते हुए नवीन व्यवस्था दे दी। विगत 20 सितंबर को जमानत के मामलों के लिए आठ विशेष बेंच गठित की थीं। इस बार दो बेंच सर्विस मैटर्स के लिए भी बैठीं। जैन ने कहा कि हाई कोर्ट की यह पहल सराहनीय है। इससे बड़ी संख्या में पक्षकारों को राहत मिली। सामान्य कार्य दिवसों की तरह इनमें पक्षकार, वकील, कर्मचारी व अधिकारी शामिल रहे। एक वर्ष में 50 हजार केस निपटाने का लक्ष्य उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चार लाख 82 हजार 627 केस लंबित हैं। इसमें 2,86,172 मामले सिविल और 1,96,455 क्रिमिनल के हैं। कुल क्रिमिनल मामलों में शून्य से 10 साल पुराने 1,34,524 केस, 11 से 25 साल पुराने 59,424 केस और 25 साल से भी ज्यादा पुराने केसों की संख्या 2,507 है। हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर में तीन हजार मामले अकेले जमानत अर्जियों से जुड़े हैं, जो महीनों से लंबित हैं। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर की तीनों पीठों में कुल 53 न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या है, कार्यरत 43 हैं। अनुमान है कि 10 जजों की स्पेशल बेंच एक साल में 30 से 50 हजार से अधिक मामलों का निपटारा कर सकती है। सभी बेंचें एमसीआरसी यानी क्रिमिनल मामलों, आदेश, एडमिशन और अंतिम सुनवाई पर विचारण करेंगी।