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बरौदा सागर में लगाए जा रहें 21 हजार फलदार पौधे, मंत्री राजपूत ने किया निरीक्षण

सुरखी विधानसभा में बन रहा मध्यप्रदेश का पहला नमो फ्रूट वन उद्यान बरौदा सागर में लगाए जा रहें 21 हजार फलदार पौधे, मंत्री राजपूत ने किया निरीक्षण 10 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य, फूड प्रोसेसिंग एवं कुटीर उद्योग स्थापित करने की योजना- मंत्री राजपूत  मंत्री राजपूत ने थामी ट्रैक्टर की स्टेरिंग सुरखी खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने मंगलवार को सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरौदा सागर में 70 एकड़ भूमि पर विकसित किए जा रहे मध्यप्रदेश के पहले नमो फ्रूट फॉरेस्ट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री राजपूत ग्रामीणों के साथ स्वयं ट्रैक्टर चलाकर नमो फ्रूट फॉरेस्ट स्थल पर पहुंचे। मंत्री राजपूत ने निरीक्षण के दौरान वृक्षारोपण की स्थिति, पौधों की देखरेख, सिंचाई व्यवस्था तथा स्थानीय लोगों की सहभागिता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में सेवा पखवाड़ा के तहत पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुरखी विधानसभा के ग्राम बरौदा राजघाट के पास नमो फ्रूट फॉरेस्ट में 21 हजार फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। मंत्री राजपूत ने कहा कि यह प्रदेश का पहला ऐसा उद्यान है जहां सभी प्रकार के फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी इस उद्यान में 21 हजार फलदार पौधों का रोपण किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य 10 लाख पौधों के रोपण का है। बरौदा ग्राम में फूड प्रोसेसिंग एवं अन्य कुटीर उद्योग स्थापित करने की भी कार्य योजना तैयार की जा रही है जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर मिलेंगे । उन्होंने बताया कि तालचिरी में भी 10 एकड़ में नमो फल उद्यान बन रहा है। यहां भी फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। मंत्री राजपूत ने बताया कि नमो फूड फॉरेस्ट स्व सहायता समूह की महिला सदस्यों को सौंपा जाएगा, जिससे वह आत्मनिर्भर बनेंगी एवं आर्थिक रूप से समृद्ध भी होगी। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समय सीमा के अंदर पूर्ण हो एवं यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पौधों की नियमित देखभाल हो। फ्रूट फॉरेस्ट में आम, अमरूद, कटहल, आंवला, नींबू, सीताफल,अनार आदि के हजारों फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। निरीक्षण के पश्चात मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने ग्रामीणों से पौधों की देखरेख करने और पर्यावरण सुरक्षा में सहयोग देने का आह्वान किया।  

विद्यार्थियों से संबंधित समस्त प्रकिया डिजिटाइज करे विश्वविद्यालय : परमार

समग्र अध्ययन उपरांत डिजिटल यूनिवर्सिटी का ब्लू प्रिंट करें तैयार : मंत्री परमार विद्यार्थियों से संबंधित समस्त प्रकिया डिजिटाइज करे विश्वविद्यालय : परमार मंत्री परमार ने डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना के सम्बन्ध में की बैठक भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर परमार ने मंगलवार को मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना के सम्बन्ध में बैठक ली। बैठक में डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। मंत्री परमार ने नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी एवं इसी प्रकार कार्य कर रहे अन्य यूनिवर्सिटी के बारे में विस्तृत अध्ययन करने के उपरांत, राज्य के लिये एक डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का ब्लू प्रिंट तैयार करने के लिये निर्देशित किया। मंत्री परमार ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप, उनसे संबंधित समस्त प्रक्रिया को डिजिटाईज करने के लिये निर्देशित किया। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में आंतरिक मूल्यांकन को डिजिटाईज करने के लिये भी निर्देशित किया। इसी अनुकम में अगली बैठक में डिजिटल युनिवर्सिटी के एक्ट पर कुलसचिव राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को प्रस्तुतीकरण के निर्देश दिये गये। प्रस्तावित डिजिटल यूनिवर्सिटी के अंतर्गत स्नातक एवं स्नातकोत्तर (UG/PG) एवं अन्य प्रोग्राम प्रारंभ करने पर चर्चा हुई। इसमें विशेषकर आर्टिफिसियल इंटेलीजेन्स एण्ड मशीन लर्निंग UG प्रोग्राम, सायबर सिक्यूरिटी एवं थ्रेट इंटेलीजेन्स पर PG प्रोग्राम, डिजिटल मार्केटिंग एण्ड एनालिटिक्स, डिजिटल सप्लाई चेन मैनेजमेन्ट पर एमबीए प्रोग्राम चलाने के बारे में विचार विमर्श किया गया। बैठक में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मनीष सिंह, आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा एवं कुलसचिव राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय डॉ. मोहन सेन और अधिकारी उपस्थित रहे।  

आयुष विभाग की बड़ी उपलब्धि: स्कॉच अवॉर्ड 2025 से होगा सम्मानित

आयुष विभाग को उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिलेगा प्रतिष्ठित "स्कॉच अवॉर्ड – 2025" भोपाल आयुष विभाग को प्रतिष्ठित "स्कॉच अवार्ड-2025" सम्मान आयुष ई-मॉनिटरिंग सिस्टम' परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट परिणाम के लिए प्रदान किया गया है। यह अवार्ड तीन चरणों की विस्तृत प्रस्तुतियाँ और दो चरणों की सार्वजनिक डिजिटल वोटिंग के बाद प्रदान किया गया, जो इस उपलब्धि की पारदर्शिता और गुणवत्ता की और अधिक प्रमाणित करता है। "स्कॉच अवॉर्ड-2025" का वितरण नई दिल्ली में आयोजित होने वाले स्कॉच समिट में मिलेगा। आयुष विभाग, राज्य सरकार की मंशानुरूप परंपरागत चिकित्सा पद्धति को मुख्य धारा में लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ क्रियाशील है। आयुष विभाग, आयुर्वेद जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धति को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के समकक्ष स्थापित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। आयुष विभाग को देश के प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड 2025 से नवाजा जाना, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह अवॉर्ड, टीम भावना, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों सहित विविध मानको पर खरा उतरने पर दिया जाता है। आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों और चिकित्सा महावि‌द्यालयों में OPD में अधिकतम वृद्धि करना, अधिक से अधिक नागरिकों की आयुष सुविधा कवरेज में लाना, लोगों को स्वस्थ एवं रोगमुक्त बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएं उपलब्ध कराना है। आयुष विभाग में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक माह में दो बार वीडियो कॉन्फ्रेसिंग (VC) कर सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों एवं आयुष मेडिकल कॉलेज के साथ अनुभव साझा करना एवं समस्याओं का समाधान, कठोर निगरानी और मूल्यांकन हर केंद्र के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा अनुभव करना एवं श्रेष्ठ प्रथाओं को बढ़ावा देना, प्रत्येक आयुष सुविधा की रैंकिंग प्रकाशित करना, प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार कर गुणवत्ता बढ़ाना, आयुष अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना, अस्पतालों और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं का विकास करना जैसे अनेक नवाचार अपनाए है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने आयुष विभाग को प्रतिष्ठित स्कॉच अवाई- 2025 मिलने पर हर्ष व्यक्त करते आयुष विभाग को स्कॉप अवॉर्ड 2025" मिलना, प्रदेश के लिए गौरव की बात बताई है। मंत्री परमार ने विभाग की इस उपलब्धि के पीछे टीम भावना नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों का क्रियान्वयन बताया है, जिससे नागरिकों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो रही है। प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा ने बताया कि "आयुष ई-मॉनिटरिंग ने पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है तथा राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में आयुष चिकित्सा की सुलभता और गुणवत्ता को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया है। आहूजा ने बताया कि अपर सचिव आयुष संजय मिश्रा की सतत निगरानी एवं समन्वय ने विभाग की इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से ई-मानिटरिंग सिस्टम के सभी घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ जिससे राज्यभर में आयुष सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ हैं।  

रीवा में पुनर्घनत्वीकरण कार्यों की समीक्षा बैठक: उप मुख्यमंत्री शुक्ल रहे उपस्थित

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के पुनर्घनत्वीकरण योजना के अंतर्गत चल रहे और प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने केंद्रीय जेल रीवा, बीहर रिवर फ्रंट, वॉटर स्पोर्ट्स, बोट क्लब सहित अन्य परियोजनाओं का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को योजनानुसार समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विकास कार्यों में भविष्य की आवश्यकताओं और जन-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना का क्रियान्वयन आधुनिक शहरी अधोसंरचना और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नगर निगम रीवा में अमृत 2.0 अंतर्गत पेय जल व्यवस्था के कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, आयुक्त एमपीएचआईडीबी राहुल हरिदास फटिंग, आयुक्त नगर निगम रीवा डॉ. सौरभ सोनवड़े सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तित्व विश्वभर में बना आदर्श – राजेन्द्र शुक्ल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर विशेष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का व्यक्तित्व पूरे विश्व का प्रेरणा स्रोत • राजेन्द्र शुक्ल भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का व्यक्तित्व आज पूरे विश्व में प्रेरणा का स्रोत है। उनके नेतृत्व में भारत ने अभूतपूर्व गति से प्रगति पथ पर कदम बढ़ाए हैं। उनके जन्मदिवस पर हम सभी कृतार्थ अनुभव कर रहे हैं और उनके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना करते हैं। उन्होंने भारत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के साथ ही भारतीय संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का उनका मंत्र आज राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा आधार बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी जी का नेतृत्व उस समय और अधिक प्रभावी सिद्ध हुआ जब दुनिया अनेक चुनौतियों से जूझ रही थी। विषम परिस्थितियों में उन्होंने भारत को न केवल सुरक्षित रखा बल्कि प्रगति की नई दिशा भी दी। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मजबूती से अग्रसर है। यह उपलब्धि केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अमूल्य धरोहर है। वास्तव में प्रधानमंत्री जी के प्रयास भारत को विश्वगुरु के स्थान तक ले जाने वाले हैं। उनकी सोच वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को साकार करती है, जो आज के वैश्विक परिदृश्य में शांति और सामूहिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर रही है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी जी के कार्य ऐतिहासिक हैं। पहले कोई यह कल्पना भी नहीं कर सकता था कि कोई सरकार 60 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर सकती है। लेकिन आयुष्मान भारत योजना ने इसे साकार कर दिखाया। करोड़ों गरीब परिवारों को आयुष्मान कार्ड प्रदान कर उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला है। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए ‘वयवंदना योजना’ के तहत 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा ने उन्हें नई आशा और आत्मविश्वास दिया है। कोविड-19 महामारी के कठिन समय में स्वदेशी वैक्सीन का निर्माण और देशव्यापी टीकाकरण अभियान ने भारत को दुनिया के अग्रणी राष्ट्रों की पंक्ति में खड़ा कर दिया। जनकल्याण के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री जी का योगदान असाधारण है। किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं के विकास के लिए उन्होंने ऐसी योजनाएँ शुरू कीं, जो सीधे उनकी जिंदगी बदलने वाली सिद्ध हुईं। जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने का अभियान केवल स्वास्थ्य और स्वच्छता ही नहीं बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने का भी प्रतीक है। यह पहल उतनी ही परिवर्तनकारी है जितनी अटल जी की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना थी, जिसने देश के गाँवों को नई पहचान दी थी। आर्थिक मोर्चे पर मोदी जी के नेतृत्व ने भारत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। एक समय 11वें स्थान पर रही भारतीय अर्थव्यवस्था आज चौथे स्थान पर पहुँच गई है और जापान जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ चुकी है। ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे अभियानों ने न केवल भारत को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि देश को नवाचार और प्रौद्योगिकी का केंद्र भी स्थापित किया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। जी-20 की अध्यक्षता और वैश्विक मंचों पर भारत की सशक्त भूमिका ने यह प्रमाणित कर दिया है कि भारत अब केवल उभरती हुई शक्ति नहीं, बल्कि दुनिया का पथप्रदर्शक है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर दृढ़तापूर्वक अग्रसर है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का जो सपना प्रधानमंत्री जी ने रखा है, वह केवल एक लक्ष्य नहीं बल्कि राष्ट्रीय संकल्प है। यह संकल्प आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सभी क्षेत्रों में भारत को विश्वगुरु बनाने वाला है। आज पूरा देश गर्व और उत्साह से इस यात्रा में सहभागी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित करता हूँ। उनका नेतृत्व भारत को निरंतर नई ऊँचाइयों पर ले जा रहा है और आने वाले वर्षों में भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु के रूप में स्थापित होगा।  

नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच सांदीपनि सभागार में प्रात: 11 बजे से होगी

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल द्वारा राजभवन में आज रक्तदान और नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में राजभवन में आवश्यक तैयारियां पूर्ण हो गई है। रक्तदान और नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच की व्यवस्था राजभवन के सांदीपनि सभागार में की गई है। शिविर प्रातः 11 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक रहेगा। आमजनों के लिए राजभवन के गेट नम्बर 02 से प्रवेश की सुविधा रहेगी। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने बताया कि शिविर का आयोजन राजभवन और रेडक्रॉस के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। शिविर अवधि में आमजन स्वेच्छा से रक्तदान कर सकते हैं। स्त्रीरोग और नेत्ररोग की आमजन निःशुल्क जाँच करा सकते हैं। श्री कोठारी ने नागरिकों से राजभवन में आयोजित हो रहे शिविर में भाग लेने का अनुरोध किया है।  

महिला-पुरुष और गोरे-सांवले का भेद मिटाएगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिसर्च में बड़ा दावा

भोपाल  भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (आइसर) की लैब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम्स से जुड़ा एक महत्वपूर्ण शोध कार्य किया गया है। ये शोध एआइ में महिला-पुरुष, ग्रामीण-शहरी और गोरे-सांवले आदि के बीच लगातार पनप रहे पक्षपात को खत्म करेगा। इससे एआइ के प्रति भरोसा बढ़ेगा और गलतियां भी कम होंगी। दरअसल, एआइ मॉडल को विकसित करने के लिए करोड़ों-अरबों तस्वीरों, टेक्स्ट और आवाजों समेत अन्य प्रकार की सूचनाएं विभिन्न माध्यम से दी जाती हैं। लोग जानकारी को समझने व याद करने की जगह ‘शॉर्टकट’ को अपनाते हैं, ऐसे में एआइ गलतियां करता है, लेकिन आइसर की इस तकनीक से ये सारे पूर्वाग्रह खत्म होंगे। एआइ का ‘शॉर्टकट’ भारतीयों के लिए दिक्कत अधिकांश एआइ मॉडल्स को यूरोप और अमेरिकी वातावरण दिया गया है। यही कारण है कि जब कोई तस्वीर मांगी जाती है, तो वह यूरोप-अमेरिकी पुरुषों की देता है, लेकिन महिला और भारतीयों की फोटो के लिए विशेष प्रॉम्प्ट देना होता है। एआइ पुरुष उम्मीदवारों को महिलाओं से ज्यादा योग्य मान लेता है और गोरे लोगों की अपेक्षा सांवलों को कम प्राथमिकता देता है। आइसर भोपाल के पीएचडी शोधार्थी राजीव द्विवेदी और बीएस छात्र अंकुर कुमार ने असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनोद कुर्मी के मार्गदर्शन में दो साल की कड़ी मेहनत के बाद ’जेनेरलाइज्ड मल्टी बायस मिटिगेशन’ (जीएमबीएम) नामक टेक्नोलॉजी विकसित की है। जीएमबीएम दो चरणों में करती है काम -पहला एडेप्टिव बायस इंटीग्रेटेड लर्निंग (एबीआइएल): इसमें एआई को सभी प्रकार के ’पक्षपात’ (बायस) को पहचानना सिखाया जाता है। -ग्रैडिएंट सप्रेशन फाइन ट्यूनिंग: इसमें एआई से उन पक्षपातपूर्ण प्रवृत्तियों को हटा दिया जाता है, जिससे वह निष्पक्ष और भरोसेमंद बन सके।

मंत्री सारंग ने किया राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैंपियनशिप का शुभारंभ

2036 ओलंपिक की मेजबानी भारत को मिलने पर भोपाल और मध्यप्रदेश में वॉटर स्पोर्ट्स इवेंट्स के लिये बेहतर अवसर : मंत्री श्री सारंग भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को अपर लेक खानूगांव में राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैंपियनशिप 2025 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री श्री सारंग ने कहा कि भोपाल सिर्फ ताल-तलैयों की नगरी ही नहीं, बल्कि वॉटर स्पोर्ट्स का एक उभरता हुआ वैश्विक गंतव्य है। मध्यप्रदेश वॉटर स्पोर्ट्स में देश का अग्रणी राज्य है। इसका प्रमाण श्रीनगर में आयोजित देश के पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में हमारे खिलाड़ियों द्वारा अर्जित की गई सफलता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने अनेक पदक जीतकर राज्य का मान बढ़ाया है। कार्यक्रम में जीओसी पीएम सब एरिया, मेजर जनरल श्री सुमित काब्थियाल, कमोडोर ईएमई ईसी ब्रिगेडियर श्री अनिल दास, एसएम (सेवानिवृत्त) वाइस प्रेसिडेंट वायएआई मेजर जनरल सोमा पिल्लई, ब्रिगेडियर जी.एस. जुलका (सेवानिवृत्त) सहित सेना एवं खेल विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। 2036 ओलंपिक आयोजन में मध्यप्रदेश की संभावनाएं मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के लिए एक सकारात्मक और सशक्त वातावरण बना है। भारत 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। यदि भारत को यह अवसर मिलता है, तो मध्यप्रदेश में शूटिंग, घुड़सवारी और विशेषत: वॉटर स्पोर्ट्स के आयोजन के लिये उत्कृष्ट अधोसंरचना उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब और मां नर्मदा का तट अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान हैं। इस दिशा में उन्होंने केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से भी आग्रह किया है कि मध्यप्रदेश को वॉटर स्पोर्ट्स के आयोजन का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। सेना और खेल विभाग मिलकर करेंगे वॉटर स्पोर्ट्स का विकास मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खानूगांव अपर लेक पर आर्मी ने वॉटर स्पोर्ट्स की आधुनिक अधोसंरचना विकसित की है। इसे और बेहतर बनाने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग, भारतीय नौकायन संघ (Yachting Association of India) और आर्मी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि इस संयुक्त प्रयास से भोपाल को देश का वॉटर स्पोर्ट्स हब बनाने की दिशा में कार्य करेंगे। युवाओं को मिलेगा मंच : नई प्रतिभाओं का होगा विकास मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है। खेलों से न केवल शारीरिक दक्षता और अनुशासन बढ़ता है बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित होती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं को अनेक अवसर प्रदान करती है और भविष्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में सहायक होती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ भी दीं। प्रतियोगिता की विशेषताएँ यह प्रतियोगिता भारतीय नौकायन संघ की रैंकिंग प्रतियोगिता है। प्रतियोगिता 21 सितम्बर तक चलेगी और इसमें भोपाल, शिलॉन्ग, चेन्नई, सिकंदराबाद, कोच्चिन और मुंबई सहित 13 प्रमुख शहरों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ी ओप्टिमिस्ट (अंडर 16), टेक्नो (अंडर 15), आईएलसीए4 (अंडर 18), आईक्यू फोइल (अंडर 19), 420 मिक्स्ड (अंडर 19) और 29 ईआर (अंडर 19) वर्गों में अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। 

सोलर संयंत्र स्‍थापना में लापरवाही बरतने वाले वेंडरों को चयन सूची से हटाया गया

भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर संयंत्र स्‍थापना में लापरवाही करने वाले वेंडरों को चयन सूची से हटाने की कार्रवाई की गई है। कंपनी द्वारा विगत 2 वर्षों से लगातार वेंडरों को उनके द्वारा स्‍थापित किये गये सोलर संयंत्र के सभी प्रोजेक्ट्स का मध्‍यक्षेत्र कंपनी के सर्वर के साथ 100 प्रतिशत कम्युनिकेशन कराये जाने के लिये पत्राचार करने के बावजूद कतिपय वेंडरों द्वारा कंपनी के दिशा-निर्देशों की अवेहलना की जाने पर उनका पंजीयन निष्क्रिय किया गया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के सोलर संयंत्र स्थापित होने के उपरांत सोलर वेंडरों की लापरवाही से मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सर्वर के साथ कम्युनिकेशन नहीं होने के कारण कंपनी के मीटर रीडर द्वारा उपभोक्ताओं के परिसर में जाकर मीटर की ऑफलाइन रीडिंग लेने से उपभोक्ताओं में असंतोष के साथ ही रीडिंग में त्रुटि होने की संभावना बनी रहती है। साथ ही योजना के उदेश्‍यपूर्ण परिणाम नहीं मिल रहे हैं। इसी के दृष्टिगत कंपनी द्वारा ऐसे वेंडरों को पीएम सूर्य घर योजना के पोर्टल पर प्रदर्शित हो रही सूची से हटाये जाने की कार्यवाही की जा रही है। कंपनी ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत नवीन आवेदन करने के दौरान निष्क्रिय पंजीयन वाले वेंडरों का चयन न करें। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लापरवाही बरतने वाले जिन सोलर वेंडरों का पंजीयन निष्क्रिय किया गया है, उनमें सूर्याय नमः एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, प्रतिष्ठा एंटरप्राइजेज, भगवती कृपा सोलर पावर प्राइवेट लिमिटेड, इक्विपोलेंट एनर्जी सॉल्यूशंस कंसल्टेंसी ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड, लाभ ग्रीन एनर्जी, सेंटौर पॉवर्स एंड सोलर एनर्जी, स्पार्कल एनर्जी सॉल्यूशन, माँ रीवा एंटरप्राइजेज, बटेश्वर सोलर प्राइवेट लिमिटेड, लाइटहाउस एनर्जी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, नायक सोलर सॉल्यूशन, एन्हांस मल्टी ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड, एकेएन पावर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सर्वोटेक पावर सिस्टम्स लिमिटेड, एसयू-विट्र टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, आदित्य सोलर सॉल्यूशंस, अस्तित्व एनर्जीज़, एनर्जी सॉल्यूशन सर्विसेज़, हेडस्ट्रीम इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड ओपीसी, के के इंजीनियर्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स, सोलरसेंस इको एनर्जी सॉल्यूशंस, साउदर्नलाइट सोलर एलएलपी एवं तिरुहरि इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का क्रियान्वयन मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नोडल एजेंसी के रूप में किया जा रहा है। योजना में कंपनी अंतर्गत पंजीकृत वेंडरों के माध्यम से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।  

नगरीय प्रशासन संचालनालय में योग शिविर का आयोजन

भोपाल  नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालनालय पालिका भवन में एक विशेष योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन मंगलवार को किया गया। यह कार्यक्रम विभाग के आयुक्त श्री संकेत भोंडवे की पहल पर आयोजित किया गया। इनका उद्देश्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाए रखने की दिशा में जागरूक करना था। इस योग शिविर का संचालन सुप्रसिद्ध योग प्रशिक्षिका सुश्री अंजना श्रीवास्तव द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान की तकनीकों का अभ्यास कराया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने योग अभ्यास में उत्साहपूर्वक भाग लिया और नियमित योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। यह निःशुल्क योग शिविर "मिशन कर्मयोगी" के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य शासन के कर्मियों को न केवल दक्ष बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की दिशा में प्रेरित करना है। आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने योग प्रशिक्षिका सुश्री अंजना श्रीवास्तव का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही।