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मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंगल क्लिक से 29 सितंबर को करेंगे फीस प्रतिपूर्ति

20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों को अंतरित की जायेगी 489 करोड़ रुपये की राशि 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की होगी प्रतिपूर्ति भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षा का अधिकार अधिनियम अन्तर्गत अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययनरत बच्चों की 489 करोड़ रुपये फीस प्रतिपूर्ति की राशि सिंगल क्लिक से सीधे स्‍कूलों के खातों में अंतरित करेंगे। फीस अंतरण का कार्यक्रम हरदा जिले के खिरकिया नगर में 29 सितम्बर, 2025 को होगा। राज्य शिक्षा केन्द्र की अपर मिशन संचालक श्रीमती हरसिमरन प्रीत कौर ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वर्ष 2023-24 के अशासकीय विद्यालयों के प्रेषित प्रस्ताव पर नियमानुसार पोर्टल से जनरेटेड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के माध्यम से फीस प्रतिपूर्ति की कार्यवाही की गयी है। प्रदेश के 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क अध्ययनरत करीब 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की जायेगी। उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके ग्राम, वार्ड अथवा पड़ोस में स्थित स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्‍यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश दिये जाने का प्रावधान है। वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत प्रदेश में लगभग 8.50 लाख बच्चे अशासकीय स्कूलों में निःशुल्क अध्ययनरत होकर शिक्षा प्राप्त कर रहे है। पूर्व के वर्षों में प्रवेशित छात्रों की संख्या को देखा जाये तो सत्र 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अशासकीय स्कूलों में नि:शुल्‍क अध्‍ययन से लगभग 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। इन बच्चों की निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क शिक्षण व्‍यवस्‍था के तहत राज्‍य सरकार द्वारा अब तक लगभग 3 हजार करोड़ रूपये की फीस प्रतिपूर्ति की गयी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा यदुनंदन जिधर होते हैं, जीत भी उधर ही होती है

पराक्रमी सेना पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान भाव, बोले – हमें हमारी सेना पर गर्व है मुख्यमंत्री ने रेजांग-ला पवित्र रज कलश का किया पूजन रेजांग-ला युद्ध के वीर योद्धाओं को दी गई श्रद्धांजलि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यदुनंदन जिधर होते हैं, जीत भी उधर ही होती है। धर्म की रक्षा के लिए भगवान कृष्ण ने पांडवों का सारथी बनना स्वीकार किया। उन्होंने धर्म स्थापना के लिए अपना सर्वस्व दे दिया। हमारे सैनिकों ने रेजांग-ला युद्ध में जीत हासिल कर दुश्मनों से देश की रक्षा की। हमारे सैनिकों का शौर्य भारी पड़ा हमें हमारी पराक्रमी सेना पर बेहद गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेजांग-ला युद्ध में अपने प्राणों को बलिदान कर चीनी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब देने वाले अमर शहीदों को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अटल पथ पर रेजांग-ला युद्ध में अमर बलिदानियों के श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित कर रह थे। उन्होंने रेजांग-ला पवित्र रज कलश का पूजन किया और यात्रा के आयोजकों को सरकार की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार हर ऐसे पुनीत कार्य में सहयोगी है, जिससे आमजनों में देश प्रेम की भावना का संचार हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा 5 हजार साल पुराना गौरवशाली अतीत रहा है। उन्होंने कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित  योगेंद्र सिंह यादव ने मात्र 19 साल की उम्र में दर्जनों गोलियां लगने के बाद भी टाइगर हिल्स की लड़ाई में पाकिस्तानी घुसपैठियों के छक्के छुड़ाए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यादव समाज के पराक्रम और शौर्य पर अगर कोई फिल्म बनाई जा रही है, तो राज्य सरकार फिल्म निर्माता को सब्सिडी देकर उसे प्रोत्साहित करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि एवरेस्ट फतह करने वाले पर्वतारोही  संतोष यादव और महिला लोको पायलट सु सुलेखा यादव जैसी अनेक हस्तियों ने भी यादव समाज का मान बढ़ाया है। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के नायक परमवीर चक्र विजेता  योगेंद्र सिंह यादव ने कहा कि हमारे लिए यह यात्रा गौरव का विषय है। इस कलश यात्रा का उद्देश्य भारतीय समाज को एकजुट करना और युवाओं में शहीदों के शौर्य के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। यह समाज को ऊपर उठाने की यात्रा है। मुझे गर्व है कि भारत माता की सेवा का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यादव समाज ने अनेक वीर सैनिक दिए, जिन्होंने मां भारती की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। हम उनकी संतानें हैं, जिन्होंने कभी झुकना नहीं सीखा। यादव कुल राष्ट्र पर मर मिटने के लिए सदैव तत्पर रहता है। उल्लेखनीय है कि रेजांग-ला के युद्ध में भारतीय सेना के 120 सैनिकों ने लगभग 3 हजार चीनी सैनिकों को मार गिराया था। ये सभी 120 सैनिक अहीर (यादव) समाज से थे। कार्यक्रम में विधायक  भगवानदास सबनानी, विधायक  महेंद्र सिंह यादव, पूर्व मंत्री  अखंड प्रताप सिंह यादव, पूर्व मंत्री मती ललिता यादव, ओबीसी महासभा के  जगदीश यादव, अधिवक्ता  राजेंद्र यादव, भोपाल यात्रा प्रभारी  शेर सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और शहीदों के परिजन उपस्थित थे। कलश यात्रा 14 राज्यों से होती हुई मध्यप्रदेश पहुंची है। यात्रा का 18 नवम्बर 2025 को दिल्ली में समापन होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कलश यात्रा में प्रमुख भूमिका निभाने वाले  किरण यादव,  राम सेन,  मनोज,  बलवीर यादव और  पुष्पेन्द्र यादव को सम्मानित किया। 

30 सितंबर को उज्जैन में नगर पूजा: सम्राट विक्रमादित्य के समय से चली आ रही अनोखी परंपरा

उज्जैन  शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर 30 सितंबर को नगर की सुख समृद्धि के लिए मदिरा की धार से पूजा होगी। चौबीस खंभा माता मंदिर में सुबह 8 बजे कलेक्टर रौशन कुमार सिंह माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर पूजा की शुरुआत करेंगे। इसके बाद अधिकारी व कोटवारों का दल ढोल ढमाकों के साथ 40 से अधिक देवी व भैरव मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए रवाना होगा। महाअष्टमी पर नगर पूजा की परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल से चली आ रही है। कालांतर में भी रियासत के समय पूजन का क्रम जारी रहा। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद शासन की ओर से नगर पूजा कराई जा रही है। इस बार तिथि वृद्धि के कारण 30 सितंबर को महाअष्टमी मनाई जाएगी। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर नगर पूजा की शुरुआत करेंगे। इसके बाद शासकीय दल अन्य मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए रवाना होगा। 27 किमी लंबे मार्ग पर मदिरा की धार लगेगी पूजा के दौरान शहर में 27 किलो मीटर लंबे मार्ग पर मदिरा की धार लगाई जाएगी। इसके साथ पुरी, भजिए, भीगे हुए गेहूं व चने की घुघरी सहित नैवेद्य की अन्य वस्तुएं अर्पण की जाएगी। मान्यता है इससे नगर में मौजूद अतृप्त आत्माओं को तृप्ति मिलती है और वें प्रसन्न होकर नगरवासियों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। शक्तिपीठ हरसिद्धि में दोपहर 12 बजे होगी पूजामहाअष्टमी पर शक्तिपीठ हरसिद्धि माता मंदिर में दोपहर 12 बजे शासकीय पूजा होगी। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह व एसपी प्रदीप शर्मा सपत्नीक माता हरसिद्धि का पूजन करेंगे। हरसिद्धि मंदिर में सात्विक पूजा होती है, यहां माता को मदिरा का भोग नहीं लगाया जाता है। इसलिए कलेक्टर यहां अलग से पूजा अर्चना करने आते हैं। गढ़कालिका में रात 12 बजे होगी महाआरती नगर के प्राचीन देवी मंदिरों में शुमार श्री गढ़कालिका माता मंदिर में महाअष्टमी पर रात 12 बजे महाआरती होगी। माता का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। शारदीय नवरात्र की पूर्णाहुति पर भंडारे का आयोजन होगा। नगर पूजा में यह खास     27 किलो मीटर लंबा नगर पूजा मार्ग     40 से अधिक देवी व भैरव मंदिर में होगी पूजा     12 घंटे का समय लगेगा नगर पूजा में     25 से अधिक बोतल मदिरा का उपयोग होगा  

फर्जी शिकायत कर ब्लैकमेल करने वालों की खैर नहीं, सीएम हेल्पलाइन में बनेगी निगरानी फाइल

भोपाल  सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने वाले लोगों में फेक शिकायतर्ताओं की बढ़ रही तादाद को देखते हुए भोपाल कलेक्टर ने ऐसे झूठे और भ्रामक शिकायतकर्ताओं पर लगाम कसने के लिए एक्शन लिया है. एक पत्र जारी कर कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पर आने वाले सभी फेक कॉलर्स के बारे में जानकारी मांगी है. भोपाल कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पर आदतन झूठी शिकायत करने वाले और ब्लैकमेलिंग करने वाले लोगों पर लगाम कसने के लिए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर से ऐसे फेक कॉलर्स के बारे में जानकारी मांगी है और उनकी पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अधिकारी अपनी टिप्पणी के साथ भेजेंगे जानकारी इसके लिए शासन ने एक फार्मेट भी जारी किया है, जिसमें शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, अब तक की गई कुल शिकायतों की संख्या और उसके बारे में अधिकारियों की टिप्पणी दर्ज की जाएगी। यह जानकारी लेवल अधिकारियों की लॉगिन आईडी के जरिए पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठकों में बार-बार यह तथ्य सामने आया है कि कुछ लोग फर्जी शिकायतें कर अफसरों-कर्मचारियों को परेशान करते हैं। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव पहले ही ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे चुके हैं। अब पहली बार सरकार ने बाकायदा आदेश जारी कर कलेक्टरों से रिपोर्ट तलब की है। सीएम हेल्पलाइन पर लगातार आ रहे हैं फेक कॉल रिपोर्ट के मुताबिक सीएम हेल्पलाइन पर लगातार फेक कॉल आ रहे हैं, जिससे जरूरतमंद की उचित समय में मदद मिलना मुश्किल हो जाता है, जबकि आदतन झूठी शिकायत दर्ज कराने और ब्लैकमेल करने बेवजह कॉल कर सरकारी साधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे परेशान होकर कलेक्टर ने यह आदेश जारी किया है. वहीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन कार्यालय से साफ कहा गया है कि अब ऐसे फर्जी और ब्लैकमेलिंग करने वाले शिकायतकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. सभी जिलों के कलेक्टरों को कहा गया है कि वे अपने इलाके में ऐसे लोगों की पहचान करें, जो झूठी शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं. हर जिले से ऐसे शिकायतकर्ताओं की लिस्ट तैयार कर सरकार को भेजनी होगी. ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके. सरकार का कहना है कि ये कदम शिकायत प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए जरूरी है.  झूठे व ब्लैकमेलर शिकायकर्ता पर होगी कार्रवाई  सीएम हेल्पलाइन कार्यालय ने सभी जिला कलेक्टर को जारी एक पत्र में कहा कि वो सीएम हेल्पलाइन पर आदतन झूठी शिकायत करने वाले और ब्लैकमेलिंग करने वालों की लिस्ट तैयार करें और जानकारी मुहैया कराएं. माना जा रहा है कि कलेक्टर ने उक्त पत्र फर्जी और ब्लैकमेलिंग वाली शिकायतों से परेशान होकर जारी किया है. फर्जी कॉलर्स के मोबाइल की मांगी गई जानकारी  जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वो सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज झूठी एवं आदतन शिकायतकर्ताओं की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराएं.निर्देश दिया गया है कि पोर्टल पर पंजीकृत झूठी/आदतन शिकायतकर्ताओं की सूची तैयार की जाए, जिसमें  नाम,मोबाइल नंबर,कुल शिकायतों की संख्या व संबंधित टिप्पणियाँ शामिल हों. शिकायतों की संख्या बढ़ी बीते कुछ महीनों से हेल्पलाइन में शिकायतों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन इनमें कई मामले फर्जी भी निकल रहे हैं. कुछ लोग अपनी निजी मांगों को पूरा करवाने के लिए अफसरों को धमकाते हैं. इससे न सिर्फ प्रशासनिक कामकाज में रुकावट आ रही है बल्कि असली शिकायतों पर ध्यान देना भी मुश्किल हो गया है. अब सरकार ने तय किया है कि ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा. इससे सिस्टम मजबूत होगा सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक, कलेक्टरों को हर शिकायत की गहराई से जांच करनी होगी और यह भी देखना होगा कि शिकायत कितनी सही है. साथ ही हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत की गुणवत्ता पर नजर रखनी होगी. उम्मीद है कि इस कदम से जनता को भरोसा मिलेगा कि उनकी बात सही तरीके से सुनी जाएगी और झूठे शिकायतकर्ता अब कानून के शिकंजे में आएंगे. इससे सिस्टम और मजबूत होगा और असली जरूरतमंदों को जल्दी राहत मिल सकेगी.

प्रदेश में पाये जाने वाले थलीय एवं जलीय जीवों की विशिष्टताओं को करें एक्सप्लोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश की जैविक विविधताओं का हो वैश्विक प्रचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पाये जाने वाले थलीय एवं जलीय जीवों की विशिष्टताओं को करें एक्सप्लोर अन्य राज्यों के वन्य जीव लाकर प्रदेश की जैव विविधता को करें और भी समृद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक की अध्यक्षता कर दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली फ्लोरल एंड फौनल डायवर्सिटी (वानस्पतिक एवं जैविक विविधताओं) के बारे में प्रापर ब्रांडिंग की जाए। प्रदेश के समृद्ध वन क्षेत्रों एवं यहां के वनों में वन्य जीवों की सहज दृश्यता का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाये। इसके लिए भारतीय फिल्म डिवीजन, डिस्कवरी और अन्य चैनल्स के साथ मिलकर शॉट फिल्म्स, डाक्यूमेंटरी फिल्म, प्रमोशनल्स कैपसूल्स तैयार कर मध्यप्रदेश की वन विशिष्टताओं के बारे में पूरे विश्व को बतायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी अच्छाईयां दुनिया के सामने आनी ही चाहिए। दूसरे राज्यों को प्रदेश में उपलब्ध वन्य प्राणी अवश्य दें, परन्तु उनसे भी उनके यहां उपलब्ध वन्य प्राणी प्राप्त कर प्रदेश की वन विविधताओं को और अधिक समृद्ध करें। उन्होंने कहा कि आसाम से गेंडा या एक सींग वाला गेंडा प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नदियों में मगरमच्छ, कछुआ और घड़ियाल सहित डॉल्फिन जैसे जलीय जीव मुक्त करने के लिए तैयारी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार एवं बोर्ड के सदस्य डॉ. नारायण व्यास वर्चुअली शामिल हुए। मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वन  अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक  वी.एन. अम्बाडे, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य  मोहन नागर,  रूपनारायण मांडवे,  महेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. सुदेश बाघमारे, डॉ. रविचंद्रन सहित अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे। बैठक में तीन राज्यों उड़ीसा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को तीन जोड़े टाइगर देने पर गहन विचार विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन राज्यों को टाइगर दिए जा रहे हैं, उनसे उस राज्य में पाए जाने वाले वन्य जीव भी प्राप्त किए जाएं। बैठक में बोर्ड के सदस्य डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि प्रदेश में पन्ना एवं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में एक और कन्जर्वेशन रिजर्व बनाया जा सकता है। इसी प्रकार कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में बालाघाट जिले के सोनेवानी फॉरेस्ट रेंज को समाहित करते हुए एक पृथक कन्जर्वेशन रिजर्व बनाने की प्रबल संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस विषय पर गंभीरतापूर्वक निर्णय लिया जाता है, तो यह प्रदेश में वाइल्ड लाइफ कन्जर्वेशन की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम होगा। गजरक्षक ऐप तैयार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि राज्य में जंगली हाथियों के कारण हो रही दुर्घटनाओं एवं उनसे मानव दंद को रोकने के लिए समुचित उपाय किए जाएं। एडिशनल पीसीसीएफ  कृष्णमूर्ति ने बताया कि एआई बेस्ड गजरक्षक ऐप तैयार किया गया है, जो जंगली हथियों की गतिविधियों की सूचना देता है और हाथी से मानव बसाहट वाले क्षेत्र में नजदीक होने पर ग्रामीणों को मैसेज के जरिए सूचना का प्रसार किया जाता है। कॉलरिंग के जरिए भी यह कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाथी विचरण जिलों और वनमंडलों में हाथी मित्र दलों का गठन भी किया गया है। बोर्ड की विशेष उपलब्धियां बैठक में  कृष्णमूर्ति ने म.प्र. राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि खरमोर अभयारण्य सरदारपुर का पुनर्गठन किया गया है। इससे क्षेत्र के 14 राजस्व गांवों के लोगों को उनकी भूमि क्रय-विक्रय की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है। उन्होंने बताया कि भोपाल में 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया गया। प्रदेश में 14 रेस्क्यू स्कवॉड एवं 16 डॉग स्कवॉड और गौर बारहसिंगा आदि के परिवहन के लिए 6 विशेष वन्यजीव परिवहन एवं 3 रेस्क्यू वाहन सहित डॉग स्कवॉड वाहन लोकार्पित किए गए हैं। जहांनगढ़ अभयारण्य का गठन किया गया। यह प्रदेश का 26वां अभयारण्य है। इस वर्ष भोपाल में हुए बाघ दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बाघ राखी बांधकर बाघ रक्षाबंधन की शुरुआत की गई। प्रधानमंत्री  मोदी की भावना के अनुरूप 23 टाईगर रिजर्व में लोहे के स्क्रैप मटेरियल से एक विशालकाय बाघ प्रतिमा का निर्माण किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य में इस वर्ष अब तक नदिगांव में 86 घोंसले, बरौली में 32, बाबू सिंह घेर में 20, डांग वसई में 16, रैड़ी में 7 और भरा में 5 घौंसलों से बच्चे निकल चुके हैं। उन्होंने बताया कि स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश, टाइगर स्ट्राइक फोर्स, शिवपुरी एवं सामान्य वनमंडल, श्योपुर की संयुक्त कार्यवाही में श्योपुर जिले में वन्य प्राणी बाघ और तेन्दुए के अवैध शिकार एवं उसके अवयवों यानि हड्डियां/कंकाल का अवैध परिवहन एवं व्यापार करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह पर कार्यवाही करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कई प्रस्तावों को मिली मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसमें खण्डवा एवं बैतूल जिले में सतपुड़ा-मेलघाट कॉरीडोर में 17.148 हेक्टेयर वन भूमि एनएचएआई खण्डवा को उपयोग के लिए मंजूरी दी गई। सिंघोरी अभयारण्य के अंतर्गत ग्राम देहगांव-बम्होरी मार्ग के बेलगांव तक सी.सी. रोड निर्माण के लिए 0.85 हेक्टेयर अभयारण्य वन भूमि ईई आरईएस रायसेन को उपयोग के लिए दी गई। पदम डॉ. विष्णु धर वाकणकर टाइगर रिजर्व (रातापानी अभयारण्य) के बफर जोन की 1.575 हेक्टेयर भूमि ईई पीडब्ल्यूडी रायसेन को उपयोग के लिए दी गई। इसी प्रकार अन्य प्रस्तावों में भी वन भूमि क्षेत्र में निर्माण कार्यों एवं अन्य प्रकार के उपयोग की अनुमतियां दी गई।  

शिवपुरी : बीच सड़क पर लोकायुक्त की छापेमारी, रिश्वत लेते फॉरेस्ट गॉर्ड को दबोचा

शिवपुरी जिले में लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछोर अनुविभाग के मायापुर थाना अंतर्गत राजापुर चौकी पर पदस्थ एक फॉरेस्ट गार्ड को 5 हजार की रिश्वत के साथ रंगे हाथों दबोचा है। वह खदान से पत्थर भरा ट्रैक्टर निकालने के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग किया था। बाद में 5 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था। लोकायुक्त डीएसपी विनोद सिंह कुशवाह ने बताया कि खनियाधाना के ग्राम रूपेपुर निवासी बलवीर सिंह लोधी ने 16 सितंबर को ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि राजापुर चौकी पर पदस्थ फॉरेस्ट गार्ड ध्रुव सिंह तोमर उससे खदान से पत्थर का ट्रैक्टर ले जाने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। जबकि वह पत्थर की रॉयल्टी भी देता है। पैसे लेते ही लोकायुक्त की टीम ने दबोचा पुलिस ने बलवीर के शिकायत की जांच की। जिसके बाद आरोपी फॉरेस्ट गार्ड ध्रुव सिंह तोमर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। उसके बाद आरोपी को पकड़ने के लिए प्लान बनाया। फरियादी बलवीर को पूरी योजना समझाई। जब बलवीर ने राजापुर चौकी के पास  हीरापुर-पुरैनी मार्ग तिराहे पर आरक्षक तोमर को जैसे ही 5 हजार रुपए दिए तो पीछे से लोकायुक्त पुलिस टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया। लोकायुक्त डीएसपी विनोद सिंह कुशवाह ने बताया कि बलवीर ने ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस कार्यालय में फॉरेस्ट गार्ड के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर से गुरुवार को हमने आरोपी को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। आगे की विवेचना की जा रही है।

मतदाता मैपिंग में गलती, सिंगरौली में BLO को फौरन निलंबित करने का आदेश!

सिंगरौली  मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में चुनावी तैयारियों की गंभीरता पर फिर एक बार रोक-टोक हुई है। कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी चन्द्रशेखर शुक्ला ने मतदान केंद्र क्रमांक 291 (विन्दुल) के बीएलओ राम लल्लू सिंह को निलंबित कर दिया है। राम लल्लू सिंह वर्तमान में उस ही केंद्र पर सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे, लेकिन निर्वाचन सूची में मतदाताओं की मैपिंग में अनदेखी पाए जाने के बाद उन पर कार्रवाई की गई। कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार राम लल्लू सिंह को पहले कारण‑बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका सही समय पर उत्तर नहीं मिला। इसलिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के तहत उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान उन्हें विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में रिपोर्ट करना अनिवार्य रहेगा; इसी अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला ने स्पष्ट कहा कि निर्वाचन कार्य में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई सिर्फ एक कर्मचारी तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी जिम्मेदारियों के प्रति सभी कर्मचारियों के लिए चेतावनी है — अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाना होगा। 

राज्यपाल पटेल ने राज्यमंत्री श्रीमती गौर को दी जन्म दिन की बधाई

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट के लिए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर शुक्रवार को राजभवन पहुंची। उनके जन्म दिवस अवसर पर राजभवन आगमन के प्रसंग में राज्यपाल  पटेल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर श्रीमती गौर को जन्म दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल की शुभकामनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, श्रीमती गौर ने भी उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर धन्यवाद ज्ञापित किया।  

मंत्री गोविंद राजपूत के निर्वाचन पर याचिका, जबलपुर कोर्ट ने चुनाव आयोग को दिया समय

जबलपुर  प्रदेश सरकार में मंत्री गोविंद राजपूत के द्वारा अपने नामांकन के आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की तरफ से दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 9 अक्तूबर को निर्धारित की है। सागर निवासी किसान राज कुमार सिंह की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि प्रदेश सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में नामांकन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये थे। जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन है और उनका निर्वाचन शून्य घोषित किया जाना चाहिए। इस संबंध में याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग के समक्ष साक्ष्यों के साथ याचिका प्रस्तुत की थी। याचिकाकर्ता ने बताया कि चुनाव आयोग ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। जिस कारण उक्त याचिका दायर की गई है। याचिका में राहत चाही गई थी कि शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश चुनाव आयोग को जारी किये जाएं। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता ने 8 सितम्बर को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका के साथ प्रस्तुत हलफनामा एक दिन पूर्व 7 सितंबर का है। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को निर्देशित किया है कि वह सही तारीख के साथ हलफनामा प्रस्तुत करें।  

MIG-21 का आखिरी सलाम: ग्वालियर से जुड़ी यादें और 2004 में US एयरफोर्स को दिखाया दम

ग्वालियर  भारतीय वायुसेना का जंगी लड़ाकू विमान मिग-21 ग्वालियर एयरबेस के आसमान से लेकर जमीन तक जांबाजी का साक्षी रहा है। देश के सबसे महत्वपूर्ण एयरबेस में शामिल ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर मिग-21 बाइसन वर्ष 2004 में भारतीय वायुसेना और यूएस एयरफोर्स के संयुक्त कोप इंडिया अभ्यास में शामिल रहा। 62 वर्ष के गौरवशाली इतिहास के साथ आज भारतीय वायुसेना से विदाई लेने वाले इस लड़ाकू विमान का ग्वालियर से गहरा नाता रहा है। ग्वालियर में 2022 के बाद से मिग-21 की गूंज सुनाई नहीं दी। ग्वालियर एयरबेस के जांबाज अधिकारियों ने मिग-21 में उड़ान भरकर देश को गौरवान्वित किया है। ग्वालियर एयरबेस पर मिग-21 ने लंबे समय तक उड़ान भरी साथ ही युद्धों से लेकर विभिन्न वायुसेना के आयोजनों में भी सहभागिता की है। एयरबेस पर तैनात रहे अफसरों ने मिग-21 के जरिए कौशल भी दिखाया है। बता दें कि यह विमान 1963 में पहली बार भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। आखिरी बार मिग-21 ने प्रयागराज में कुंभ मेले में एयरशो में भाग लिया था। मिग-21 की अधिकतम गति लगभग 2,200 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह 17,500 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। हवा से हवा में मार करने वाली और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें लगाई जाती थीं। विमान का डिजाइन छोटा पर शक्तिशाली था, जो तेज हमलों व हवाई युद्ध के लिए आदर्श माना गया। 2004 में ग्वालियर में हुआ था कोप इंडिया अभ्यास ग्वालियर में कोप इंडिया अभ्यास के दौरान मिग-21 बाइसन ने अपनी युद्ध क्षमता का बखूबी प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को संयुक्त राज्य वायुसेना के एफ-15 जैसे विमानों के खिलाफ खड़ा किया गया था। घने विद्युत चुंबकीय माहौल में अच्छे प्रदर्शन के कारण इसे अमेरिकी फोर्स की भी सराहना मिली। इस पूरे अभ्यास में बाइसन अपनी धैर्यता व क्षमता के कारण नेतृत्व की भूमिका में रहा। देश में अहम है ग्वालियर एयरबेस ग्वालियर का महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन 1942 में बना था और अब तक हुए युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। वर्ष 1965, 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में इसी एयरफोर्स स्टेशन से लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी थी। ये स्टेशन देश का एकमात्र एयरबेस है, जहां फाइटर प्लेन में हवा में ईंधन भरा जा सकता है। अगर युद्ध के दौरान उड़ान के वक्त किसी फाइटर प्लेन को ईंधन की जरूरत पड़ी तो इस एयरबेस पर तुरंत दूसरा जेट प्लेन हवा में जाकर ही उसे रिफ्यूल कर सकता है।