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मध्य प्रदेश में बारिश का कोटा फुल, 17 जिलों में जारी है मूसलाधार बारिश

 भोपाल  मध्य प्रदेश में दो स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से लगातार तेज बारिश का दौर चल रहा है। सोमवार को प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, खरगोन, खंडवा, हरदा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। यहां अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। भोपाल में सुबह से ही बारिश का दौर जारी है। 2 और 3 सितंबर को भी तेज बारिश की चेतावनी है। वहीं, 4 सितंबर को ग्वालियर-चंबल में तेज बारिश का अलर्ट है।  इंदौर और उज्जैन संभाग में अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट है। मध्य प्रदेश में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है यहां 37.8 डिग्री पानी गिर चुका है। इसलिए हो रही प्रदेश में तेज बारिश मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- प्रदेश के बीचोंबीच से एक मानसून टर्फ गुजर रही है। वहीं, रविवार को तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) की एक्टिविटी भी बनी रही। इस वजह से कई जिलों में तेज बारिश का दौर रहा। सोमवार को भी सिस्टम की एक्टिविटी देखने को मिलेगी। रतलाम में 1 इंच से ज्यादा बारिश मध्यप्रदेश में रविवार को बारिश का दौर जारी रहा। 18 से अधिक जिलों में पानी गिरा। रतलाम में सबसे ज्यादा 1 इंच पानी गिर गया। गुना में पौन इंच और पचमढ़ी में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, इंदौर, शाजापुर, उज्जैन, छतरपुर, दतिया, मुरैना, रायसेन, विदिशा, सीहोर, बैतूल, गुना, पचमढ़ी, रतलाम, छिंदवाड़ा, सतना, सीधी में भी बारिश का दौर जारी रहा। प्रदेश में बारिश का कोटा पूरा मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक 37.1 इंच बारिश हो चुकी है। शनिवार-रविवार की रात में हुई बारिश से आंकड़ा बढ़ गया। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां 55.4 इंच बारिश हो चुकी है। गुना में 24 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मंडला में 54 इंच बारिश हो चुकी है। श्योपुर में साढ़े 51 इंच, अशोकनगर में 51.1 इंच और रायसेन में 50.5 इंच पानी गिरा है। वहीं, सबसे कम बारिश वाले 5 जिले इंदौर और उज्जैन संभाग के हैं। शाजापुर में सबसे कम 21 इंच बारिश हुई है। इंदौर में 

इंदौर सराफा बाजार विवाद: चौपाटी लगाने को लेकर व्यापारी आज महापौर से करेंगे मुलाकात

इंदौर  सराफा चाट-चौपाटी को लेकर तकरार जारी है। सराफा व्यापारी चौपाटी को पूरी तरह से हटाने पर अड़े हुए हैं, जबकि जनप्रतिनिधि परंपरागत दुकानों के साथ चौपाटी जारी रखने की बात कह रहे हैं। सोमवार को सराफा व्यापारी (Indore Sarafa Market) इस संबंध में महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मिलेंगे। चर्चा में सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अलावा बाजार के वरिष्ठ व्यापारी भी शामिल रहेंगे। व्यापारियों का कहना है कि महापौर सराफा चौपाटी (Indore Sarafa Bazar) को इंदौर की पहचान बता रहे हैं तो सराफा का सोना-चांदी व्यापार भी पूरे देश में अपनी पहचान रखता है। यह एक धरोहर है। चौपाटी के लिए सराफा के व्यापार का नुकसान नहीं होना चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि वे महापौर से सोमवार दोपहर मिलेंगे। चर्चा में निकले निष्कर्ष के बाद आगे की योजना बनाई जाएगी। महापौर किसी एक पक्ष के नहीं पूरे शहर के हैं। सराफा व्यापारियों का कहना है कि चौपाटी की वजह से सराफा की मूल पहचान गुम हो गई है। महापौर सराफा चौपाटी जारी रखने की बात कह रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि वे किसी एक पक्ष के नहीं बल्कि पूरे शहर के महापौर हैं। उन्हें दोनों पक्षों को समान महत्व देते हुए विचार करना चाहिए। यह है विवाद 13 फरवरी 2024 को हरदा जिला स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हो गया था। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी। हादसे के बाद इंदौर की सराफा चौपाटी को लेकर भी सवाल उठने लगे। इस सराफा चौपाटी में कई दुकानदार हैं जो गैस सिलिंडर का इस्तेमाल करते हैं। शनिवार-रविवार को तो सराफा चौपाटी में पैदल चलने तक की जगह नहीं रहती। सराफा के सोना-चांदी व्यापारी चौपाटी को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस चाट-चौपाटी की वजह से उनका सोने-चांदी का व्यापार प्रभावित हो रहा है। इधर जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सराफा चौपाटी पूरे देश में इंदौर की पहचान है। इसे हटाया नहीं जा सकता।

खास है वैदिक घड़ी: CM मोहन यादव आज करेंगे भोपाल में अनावरण

 भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज भोपाल में एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहे हैं। वे दुनिया की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी और इसके मोबाइल ऐप का लोकार्पण करेंगे। यह घड़ी भारतीय काल गणना की प्राचीन परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर समय को एक नए अंदाज में पेश करती है। इस घड़ी की खासियत हम आपको बता रहे हैं। 24 घंटे नहीं, 30 मुहूर्त का अनोखा समय विक्रमादित्य वैदिक घड़ी पारंपरिक 24 घंटे की घड़ी से पूरी तरह अलग है। यह भारतीय वैदिक काल गणना पर आधारित है, जिसमें दिन को 30 मुहूर्तों में बांटा गया है। इस घड़ी में सूर्योदय को शून्य और सूर्यास्त को 15 मुहूर्त माना जाता है। हर मुहूर्त लगभग 48 मिनट का होता है, जो भारतीय पंचांग के हिसाब से दिन और रात के समय को प्रकृति के साथ जोड़ता है। यह घड़ी न केवल समय बताती है, बल्कि भारतीय संस्कृति की वैज्ञानिक और आध्यात्मिक गहराई को भी दर्शाती है। कैसे काम करती है यह घड़ी? विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय पंचांग और वैदिक काल गणना की प्राचीन पद्धति को आधार बनाकर संचालित होती है। यह सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार दिन को 30 मुहूर्तों में विभाजित करती है, जिससे समय की गणना प्रकृति के चक्रों के साथ संनादित रहती है। इसका मोबाइल ऐप उपयोगकर्ताओं को 3179 विक्रम पूर्व (श्रीकृष्ण के जन्म) से लेकर 7000 वर्षों से अधिक का विस्तृत पंचांग उपलब्ध कराता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मास, व्रत और त्योहारों की दुर्लभ जानकारी शामिल है। इसके अलावा, यह धार्मिक कार्यों, व्रत और साधना के लिए 30 अलग-अलग शुभ और अशुभ मुहूर्तों की जानकारी देता है, साथ ही अलार्म की सुविधा भी प्रदान करता है। यह ऐप वैदिक समय के साथ-साथ आधुनिक समय (GMT और IST), मौसम की जानकारी जैसे तापमान, हवा की गति और आर्द्रता को भी प्रदर्शित करता है। खास बात यह है कि यह 189 से अधिक वैश्विक भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे इसे विश्व स्तर पर आसानी से उपयोग किया जा सकता है। भारतीय संस्कृति का गौरवपूर्ण प्रतीक विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अद्भुत मेल है। इसकी शुरुआत पहली बार 29 फरवरी 2024 को उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी, जिसे देश-दुनिया में खूब सराहा गया। यह घड़ी भारत की प्राचीन काल गणना को पुनर्जनन देती है, जो विश्व की सबसे विश्वसनीय और वैज्ञानिक पद्धतियों में से एक मानी जाती है। यह न केवल समय को मापने का एक नया तरीका है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर ले जाने का एक प्रयास भी है।

मध्य प्रदेशवासियों को बड़ी राहत, अब सस्ती होगी बिजली

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार विद्युत उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली देने की तैयारी कर ही है। इस दिशा में बिजली कंपनियों की माली हालत में सुधार, सब्सीडी में कमी, शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य लेकर राज्य सरकार ने पांच वर्ष की एक कार्य योजना बनाई है। सरकार ने बिजली कंपनियों की बिल दक्षता, संग्रहण दक्षता, पारेषण हानि और सब्सीडी कम करके वर्ष 2028 -29 में पांच प्रतिशत की दर घटाने का लक्ष्य रखा गया है यानी सरकार की कार्ययोजना सफल हुई तो चुनावी साल में बिजली सस्ती भी हो सकती है। इस प्लान के तहत अगले वर्ष यानी 2026- 27 में टैरिफ में एक प्रतिशत वृद्धि का विकल्प रखा गया है। वहीं, वर्ष 2027-28 में बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं करने की भी तैयारी है। कंपनियों ने 4107.18 करोड़ का घाटा बताया, तब महंगी हुई 3.46 प्रतिशत बिजली वैसे तो बिजली कंपनियों को करीब छह हजार करोड़ का फायदा है, लेकिन उन्होंने 4107.18 करोड़ का घाटा बताते हुए बिजली के मौजूदा टैरिफ में 7.52 फीसदी इजाफा करने की मांग की है। बिजली कंपनियों ने साल 2025-26 के लिए 58744.15 करोड़ के राजस्व की आवश्यकता बताई है। कंपनी के मुताबिक प्रचलित दरों पर 54636 करोड़ का राजस्व मिलेगा। इससे बिजली कंपनियों को 4107.18 करोड़ का नुकसान होगा। इसकी भरपाई के लिए कंपनियों ने टैरिफ बढ़ाने की मांग की है। फिर भी नियामक आयोग ने 3.46 प्रतिशत बिजली दरें बढ़ाने की मंजूरी दी थी। 2023-24 के अनुसार घाटे में नहीं थी कंपनियां मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियां वर्तमान में वित्तीय वर्ष 2023-24 के अनुसार घाटे में नहीं थी, बल्कि उनकी आय और खर्च बराबर ही थे। हालांकि, 2025-26 के लिए बिजली दरों को बढ़ाने की मांग की गई है। 2022-23 में राज्य की वितरण उपयोगिताओं का कुल घाटा 57,223 करोड़ रुपये था, जो कि 2021-22 के 26,947 करोड़ रुपये से बढ़कर था। वहीं बिजली कंपनियों को वित्तीय वर्ष 2023-24 में 54,637 करोड़ रुपये की आय हुई और उतना ही खर्च हुआ। विद्युत दरों में कमी लाने नियमित होगी समीक्षा विद्युत वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार, तकनीकी और वाणिज्यिक (एटी एंड सी) हानियों में कमी तथा उपभोक्ताओं के लिए वित्तीय वर्ष 2028-29 तक विद्युत दरों में वर्ष-दर-वर्ष कमी लाने के लिए पांच वर्षीय (वित्तीय वर्ष 2024-25 से वित्तीय वर्ष 2028-29 तक) लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विद्युत वितरण कंपनी एवं मैदानी स्तर पर इन लक्ष्यों के अनुरूप आंतरिक लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे और कार्ययोजना बनाकर इनकी प्राप्ति के लिए समुचित कार्रवाई की जाएगी। इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी एवं विभाग द्वारा नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी।

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह कुशवाहा का संदेश: समाज की प्रगति में प्रतिभाओं का सम्मान अहम

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह कुशवाहा का संदेश: समाज की प्रगति में प्रतिभाओं का सम्मान अहम सिंह कुशवाहा बोले: शिक्षा और समाज की तरक्की के लिए प्रतिभाओं को मिलेगा सम्मान स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह कुशवाहा समाज संगठन के कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि किसी भी समाज का विकास सही मायनों में तभी हो सकता है, जब उस समाज की प्रतिभाओं को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाये। प्रतिभाओं के सम्मान से अन्य वर्गों के लोगों को भी प्रेरणा मिलती है। मंत्री सिंह रविवार को नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में लव-कुश जन्मोत्सव एवं कुशवाह समाज के प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में सांसद चौधरी दर्शन सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा, कुश कल्याण बोर्ड के चेयरमेन नारायण कुशवाहा भी मौजूद थे। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने कुशवाहा समाज के जन-कल्याण कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये लगातार प्रयास कर रही है। समाज की बेटियाँ शिक्षित हों, इसके लिये सामूहिक प्रयास की जरूरत है। बेटियों के शिक्षित होने से पूरा समाज शिक्षित हो सकेगा। उन्होंने शिक्षक महेश कुमार अध्रुज के अर्द्धवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने पर उनका सम्मान किया। मंत्री सिंह भारतीय जीवन बीमा निगम के स्व-निर्माण कार्यक्रम में भी शामिल हुए।  

सरकारी स्कूलों के लिए बजट जारी, मिलेगा नया खाना खाने का सामान

सिंगरौली  मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मध्यान्ह भोजन अब नए बर्तनों में दिया जाएगा। राज्य शासन की ओर से बर्तन खरीदने के लिए जिलेवार राशि जारी कर दी गई है। बता दें कि, प्रदेश के कुल 69,051 हजार स्कूलों में पढ़ने वाले 51,75,194 बच्चों के लिए बर्तन खरीदने 91,06,75,000 रुपए जारी किए गए हैं। सिंगरौली जिले में 2.09 करोड़ रुपए के बर्तन इस आवंटन के बाद खरीदे जाएंगे। राज्य समन्वयक ने जारी किए आदेश इस संबंध में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण के राज्य समन्वयक दिनेश जैन ने आदेश जारी कर दिए हैं। जिलावार विद्यालयवार राशि जारी करते हुए जिला पंचायत सीईओ नवीन बर्तन खरीदी संबंधी निर्देश भी जारी किए गए हैं। जिला पंचायत की एमडीएम सेल से मिली जानकारी के अनुसार इसके पहले वर्ष 2010 के लगभग नये बर्तन खरीदे गए थे। लिहाजा अब 15 साल बाद स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के लिए नये बर्तनों की खरीदी होगी।   बर्तन खरीदने के लिए शाला स्तर पर समिति गठित की जाएगी। जिसमें शाला प्रबंधन समिति, प्रधानाध्यापक, स्वसहायता समूह के अध्यक्ष व सचिव शामिल होंगे। जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या 50 के लगभग हैं। उन्हें 10 हजार रुपए, 51 से 150 छात्र संख्या वाले विद्यालय को 15 हजार, 151 से 250 छात्र संख्या वाले विद्यालयों को 20 हजार एवं 251 से ज्यादा छात्र संख्या वाले स्कूलों को 25 हजार रुपए बर्तन खरीदने के लिए दिए जाएंगे। ये बर्तन मिलेंगे राज्य शासन की ओर से जारी की गई राशि से स्टील की 3 खंड वाली थाली, स्टील की चम्मच, दाल और सब्जी परोसने के लिए स्टील के भगोने, पानी पीने के लिए स्टील के गिलास सहित कई अन्य बर्तन दिए जाएंगे। 

मध्यप्रदेश में पहली बार स्टेट क्रिएटर्स अवार्ड्स, सीएम डॉ. यादव ने किया ऐलान

मध्यप्रदेश में भी दिये जायेंगे स्टेट क्रिएटर्स अवार्ड्स : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में पहली बार स्टेट क्रिएटर्स अवार्ड्स, सीएम डॉ. यादव ने किया ऐलान भोपाल में क्रिएटर्स समिट – 2025 में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए क्रिएटर्स अवार्ड्स भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज हम डिजिटल युग में जी रहे हैं। सूचनाओं और घटनाओं का प्रसार बड़ी तेजी से होता है। ऐसे दौर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि आप लोग जो भी कंटेंट वायरल करेंगे, वही समाज तक पहुंचेगा। इसलिए अपने प्रभाव और ताकत का समाजहित में सही दिशा में सदुपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि सभी क्रिएटर्स को अपने दायित्व को समझते हुए अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल समाज और देश के विकास में करना चाहिए। यही सच्ची समा सेवा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की पहुंच और प्रभाव का उपयोग शासकीय योजनाओं और विकास कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में किया जा सकता है। इसीलिए हमारे सरकार प्रदेश में सोशल मीडिया के जरिए पब्लिक नेटवर्किंग को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिएटर्स से कहा कि वे सरकार के कामों को भी जनता तक पहुंचाये, सरकार क्रिएटर्स को सभी जरूरी मदद और सुविधाएं प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि अब मध्यप्रदेश में स्टेट क्रिएटर्स अवार्ड दिए जायेंगे। इसकी रूपरेखा जल्द ही तैयार की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार की रात भोपाल के एक निजी होटल में आयोजित भोपाल क्रिएटर्स समिट – 2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां क्रिएटर्स द्वारा आयोजित टाक शो में भी हिस्सा लिया। टॉक शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 में सोशल मीडिया से जुड़े क्रिएटर्स को सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। समिट में प्रदेश भर से आए यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल आर्टिस्ट्स ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर कंटेंट मॉनेटाइजेशन, ऑडियंस इंगेजमेंट और डिजिटल दुनिया के नए ट्रेंड्स पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 प्रकार की अवार्ड कैटेगरी में बेस्ट परफॉर्मर क्रिएटर्स को ‘क्रिएटर्स अवार्ड्स’ भी प्रदान किए। समिट में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े ने कहा कि क्रिएटर्स ने दुनिया की सोच बदल दी है। ये एक नई तरह की आरेन्ज इकानामी है जो अब दुनिया में 6 ट्रिलियन डातर की हो गई है। उन्होंने कहा कि आप अपनी क्रियेटिव सोच के साथ आगे बढ़, सरकार आपके अच्छे काम में आपके साथ है। कार्यक्रम में डिजिटल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले क्रिएटर्स को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मयंक तिवारी, नमन देशमुख सहित बड़ी संख्या में युवा इन्फ्लुएंसर्स, डिजिटल आर्टिस्ट्स और कंटेंट क्रिएटर्स मौजूद थे। 

बड़े त्योहार पर यात्रा आसान, रेलवे ने शुरू की 150 पूजा स्पेशल ट्रेनें

नर्मदापुरम  त्योहारों का मौसम शुरू होते ही रेल यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जाती है। इसी बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए, भारतीय रेल ने यात्रियों की सुविधा के लिए हजारों विशेष ट्रेन सेवाओं के संचालन का फैसला लिया है। बिहार जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए ही 12 हजार से अधिक ट्रेनों को चलाने की योजना बनाई जा चुकी है। जिन ट्रेनों के संचालन की योजना बन चुकी है उनका नोटिफिकेशन भी अब जारी किया जाना प्रारंभ हो चुका है। 21 सितंबर से 30 नवंबर तक कुल 150 पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई है जिनके माध्यम से कुल 2024 अतिरिक्त फेरे (ट्रिप्स) सुनिश्चित किए जाएंगे। भारतीय रेल द्वारा यह निर्णय त्योहारों के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने और उन्हें अपने प्रियजनों के साथ उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। विशेष रूप से उत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के बड़े स्टेशनों से चलने वाली इन ट्रेनों से महानगरों और ग्रामीण इलाकों के बीच बेहतर संपर्क सुनिश्चित किया गया है।   रेल प्रशासन द्वारा आगामी त्यौहारों को देखते हुए एवं यात्रियों की सुविधा तथा उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से मौजूदा कोच संरचना, पथ और समय पर स्पेशल ट्रेनों के फेरों को विस्तारित किया गया है। 09025 वलसाड-दानापुर स्पेशल 29 दिसंबर, 09026 दानापुर – वलसाड स्पेशल को 30 दिसंबर, 09031 उधना-जयनगर स्पेशल को 28 दिसंबर, 09032 जयनगर-उधना स्पेशल को 29 दिसंबर, 09039 उधना-धनबाद स्पेशल को 26 दिसंबर, 09040 धनबाद-उधना स्पेशल को 28 दिसंबर, 09045 उधना-पटना स्पेशल को 26 दिसंबर, 09046 पटना-उधना स्पेशल को 27 दिसंबर, 09343 डॉ. अंबेडकर नगर – पटना स्पेशल को 25 दिसंबर, 04156 उधना – सूबेदारगंज स्पेशल को 30 दिसंबर, 04155 सूबेदारगंज – उधना स्पेशल को 29 दिसंबर, 09043 बांद्रा टर्मिनस-बढ़नी स्पेशल को 28 दिसंबर तक चलेगी। रानी कमलापति से चलेंगी ये ट्रेनें दुर्गा पूजा, दिवाली एवं छठ पूजा त्यौहारों के पर्व पर अतिरिक्त यात्री यातायात को क्लीयर करने एवं यात्रियों की सुविधा के लिए रानी कमलापति-दानापुर-रानी कमलापति के मध्य द्वि-साप्ताहिक 11-11 ट्रिप पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह गाड़ी पश्चिम मध्य रेल के रानी कमलापति से प्रस्थान कर नर्मदापुरम, इटारसी, पीपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर एवं सतना स्टेशनों से होकर गन्तव्य को जाएगी।

छात्रों के लिए खुशखबरी, दीन दयाल स्पर्श योजना में मिलेगा 6000 रुपए सालाना

कटनी  भारतीय डाक विभाग ने फिलाटेली छात्रवृत्ति योजना दीन दयाल स्पर्श योजना वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन पत्र मंगाए हैं। योजना के अंतर्गत कक्षा 6 से 9 तक के विद्यार्थियों में से प्रत्येक कक्षा के 10-10 छात्रों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को 6000 रुपए की वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। आवेदन की अंतिम तिथि 20 सितंबर तक निर्धारित की गई है। अंकित बिलैया ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का विद्यालय के फिलाटेली क्लब का सदस्य होना अनिवार्य है। यदि किसी विद्यालय में फिलाटेली क्लब नहीं है तो स्कूल क्लब खाता खोलकर विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा विद्यार्थी किसी भी डाकघर में सक्रिय फिलाटेली जमा खाता खुलवाकर सीधे आवेदन कर सकते हैं। बिना खाता खोले गए आवेदन पर विचार नहीं होगा। यह छात्रवृत्ति केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों के नियमित छात्रों को दी जाएगी। पात्रता के लिए छात्र का विगत परीक्षा परिणाम कम से कम 60 प्रतिशत होना चाहिए, वहीं अनुसूचित जाति/जनजाति विद्यार्थियों को 5 प्रशित की छूट दी जाएगी।   दो चरणों में होगी चयन प्रक्रिया बिलैया ने बताया कि पहले स्तर पर लिखित क्विज परीक्षा 28 सितंबर को आयोजित होगी। इसमें 50 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे जिनमें समसामयिकी, इतिहास, भूगोल, विज्ञान, खेल/संस्कृति से 5-5 प्रश्न, स्थानीय फिलाटेली से 10 और राष्ट्रीय फिलाटेली से 15 प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा अवधि एक घंटा होगी और इसके लिए प्रवेश पत्र द्वारा स्थान व समय की सूचना दी जाएगी। परीक्षा में आने-जाने का कोई यात्रा भत्ता नहीं मिलेगा। दूसरे स्तर में क्विज में चयनित विद्यार्थियों को फिलाटेली प्रोजेक्ट प्रस्तुत करना होगा। यह प्रोजेक्ट 9 नवंबर तक जमा करना होगा, जिसके विषय अलग से सूचित किए जाएंगे।   आवेदन पत्र नजदीकी डाकघर से प्राप्त किए जा सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र को रजिस्टर्ड या स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रवर अधीक्षक डाकघर, जबलपुर संभाग, जबलपुर के पते पर भेजना अनिवार्य है। लिफाफे पर स्पष्ट रूप से दीन दयाल स्पर्श छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2025-26 अंकित करना होगा। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। योजना संबंधी जानकारी भारतीय डाक विभाग की वेबसाइट या संबंधित प्रवर अधीक्षक, अधीक्षक डाकघर से प्राप्त की जा सकती है।

सामान्य वर्ग के छात्रों को राहत, विदेश में पढ़ाई के लिए सरकार देगी 35 लाख की स्कॉलरशिप

भोपाल मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने अनारक्षित वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना-2025 की अधिसूचना जारी की है। इसके तहत विदेशी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के लिए सरकार वित्तीय मदद उपलब्ध कराएगी। यह मदद 40 हजार अमेरिकी डालर वार्षिक की होगी। मौजूदा दर से यह रकम लगभग 35 लाख रुपये होती है। इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 19 सितंबर है। योजना के अनुसार, यह छात्रावृत्ति केवल स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर की पढ़ाई के लिए मिलेगी। उम्मीदवार का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना और न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक होना अनिवार्य है। यह छात्रवृत्ति 20 विद्यार्थियों को दी जानी है। चयनित विद्यार्थियों को वास्तविक व्यय या अधिकतम वार्षिक 38 हजार अमेरिकी डालर के साथ दो हजार अमेरिकी डॉलर (किताबें, आवश्यक उपकरण, टंकण, शोध प्रबंध की बाइंडिंग एवं अन्य कार्य के लिए) कुल 40 हजार अमेरिकी डालर दिए जाते हैं। यह योजना 2018-19 से लागू है। अभी तक 24 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। इन शर्तों का पूरा होना जरूरी     आवेदनकर्ता की सभी स्रोत से वार्षिक आय आठ लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।     स्नातकोत्तर स्तर पर प्रवेश के लिए आवेदनकर्ता की उम्र अधिकतम 25 वर्ष तथा शोध उपाधि के लिए अधिकतम उम्र 35 वर्ष होना चाहिए।     संबंधित विदेशी विश्वविद्यालय से अध्ययन का प्रस्ताव होना चाहिए।     किसी परिवार से एक ही व्यक्ति को एक ही बार इस छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। दो बार मिलता है मौका इस छात्रवृत्ति के लिए चयन का प्रतिवर्ष दो बार मौका दिया जाता है। जनवरी से जून सत्र के लिए 10 छात्रवृत्ति और जुलाई से दिसंबर सत्र के लिए 10 छात्रवृत्ति मंजूर होती हैं। चयनित विद्यार्थी को दो वर्ष की अवधि के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी।