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विमानन निदेशालय ने ऑपरेटर चयन के लिए जारी किया आरएफपी, जबलपुर एयरपोर्ट में फ्लाइट बढ़ोतरी पर सुनवाई

जबलपुर  डुमना एयरपोर्ट से बड़े शहरों के लिए फ्लाइट संचालित नहीं होने पर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई हुई. पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखा. इस दौरान सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में पेश जवाब में बताया गया कि विमानन निदेशालय ने प्रदेश के हवाई अड्डे से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ान कनेक्टिविटी प्रदान करने हेतु अनुसूचित ऑपरेटरों के चयन हेतु आरएफपी (Request for Proposal) जारी किया है. याचिका की सनुवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव विमानन निदेशालय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहें. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को 3 बिन्दुओं पर जवाब पेश करने के निर्देश जारी करते हुए अगली सुनवाई 9 सितम्बर को निर्धारित की है. एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग को लेकर याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की तरफ से जनहित याचिका दायर कर जबलपुर से एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया था कि पहले जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से मुंबई, पुणे, कोलकाता, बेंगलुरु आदि शहरों के लिए फ्लाइट संचालित होती थीं. डुमना एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालित करने आरएफपी जारी जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी प्रदेश के इंदौर, ग्वालियर और भोपाल के सामान थी. फ्लाईट के लगातार बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पूर्व में जबलपुर से औसतन 15 फ्लाइट संचालित होती थीं. वर्तमान में इनकी संख्या कम हो गई है. विमानन कंपनियों की तरफ से पेश जवाब में बताया गया था कि टैक्स अधिक होने के कारण फ्लाइट संचालित करना काफी महंगा पड़ता है. पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इसके पहले हुई सुनवाई में राज्य सरकार को एयरलाइंस कंपनियों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर ठोस निर्णय लेने के निर्देश जारी किये थे. पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से बताया गया था कि सरकार ने फरवरी 2025 में एक योजना बनाई थी. इसमें एयरलाइंस कंपनियों को रियायती दरों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है. याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने विमानन कंपनियों को फटकार लगाते हुए कहा था कि क्या डुमना एयरपोर्ट को बंद कर दिया जाए. युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि अगली सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव विमानन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहें. 9 सितंबर को होगी अगली सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को 3 बिन्दुओं पर जवाब पेश करने के निर्देश जारी करते हुए अगली सुनवाई 9 सितम्बर को निर्धारित की है. याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान लॉ छात्र पार्थ श्रीवास्तव की तरफ से याचिका दायर करते हुए इंटर विनर बनने आवेदन प्रस्तुत किया. उनकी तरफ से पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने बताया कि "इंदौर शहर से लगभग 80, भोपाल से 50 और ग्वालियर से 20 से अधिक फ्लाइट संचालित हो रही हैं. जबकि जबलपुर से सिर्फ 9 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. जबकि सरकार ने इस एयरपोर्ट पर 400 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. जबलपुर में हाईकोर्ट के अलावा डिफेंस सहित रेलवे और केन्द्र सरकार के कई मुख्यालय हैं. इसके अलावा 4 टाइगर नेशनल पार्क भी जबलपुर से डेढ़ सौ किलोमीटर के दायरे में हैं. इस संबंध में हाईकोर्ट ने सरकार और विमानन कंपनियों को जवाब पेश करने के निर्देश जारी किए हैं." 

18 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे से शिवपुरी की राजनीति में उठा हलचल, जानिए पूरा मामला

शिवपुरी  शिवपुरी। (भूपेंद्र शर्मा): मध्य प्रदेश के शिवपुरी नगर पालिका में सियासी हलचल तेज हो गई है।  18 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया। नाराज पार्षदों ने पहले हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और उसके बाद एक रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने अपने-अपने इस्तीफे सौंपे। इसमें शामिल थे 12 भाजपा, 5 कांग्रेस और 1 निर्दलीय पार्षद, जबकि नगर पालिका उपाध्यक्ष सरोज रामजी व्यास ने भी इस्तीफा दिया। रास्ते में पार्षदों का जनता ने स्वागत किया और रैली के दौरान उन्होंने “गायत्री शर्मा चोर है” के नारे लगाए। जानकारी के अनुसार, पिछले दो महीने से पार्षद नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को हटाने को लेकर सक्रिय थे। उन्होंने उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया था, जो खारिज हो गया। इस्तीफे देने वाले पार्षदों ने साफ कहा कि या तो उनके इस्तीफे तुरंत मंजूर किए जाएं या गायत्री शर्मा को पद से हटाया जाए। पार्षदों का आरोप है कि शर्मा के 3 साल के कार्यकाल में नगर पालिका की हालत बेहद खराब रही है। पीने का पानी उपलब्ध नहीं, सड़कें खराब और योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार की आशंका जताई गई।

छिंदवाड़ा सांसद की मांग पर नितिन गडकरी ने दी बड़ी सौगात, 2 घंटे में प्रोजेक्ट मंजूर

छिन्दवाड़ा  मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र की दूरी अब आधे समय में तय होगी. इसके लिए केंद्र सरकार मप्र के सिवनी से महाराष्ट्र के सावनेर तक फोरलेन बनाने की तैयारी कर रही है. यह घोषणा खुद केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने की है. यानी अब मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र का सफर और भी तेजी से किया जा सकेगा. 2 घंटे में मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र का सफर होगा तय मध्य प्रदेश के सिवनी से छिंदवाड़ा होते हुए महाराष्ट्र के नागपुर जिले के सावनेर तक अभी 2 लेन नेशनल हाईवे 547 है. केंद्र सरकार अब इसका विस्तार करते हुए इसे फोर लाइन में कन्वर्ट कर रही है. जबलपुर में मध्य प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी घोषणा भी की थी. वर्तमान में मौजूद रास्ते से सफर करने में 4 से 5 घंटे लगते हैं लेकिन जब यह फोर लाइन बन जाएगा तो मात्र 2 घंटे में ये दूरी तय हो सकेगी. क्योंकि सावनेर के बाद नागपुर से भोपाल को जोड़ने वाला फोरलेन पहले से बनकर तैयार है. 2500 करोड़ होंगे खर्च, 6 महीने में काम होगा शुरू केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि मध्य प्रदेश के सिवनी से छिंदवाड़ा होते हुए महाराष्ट्र के सावनेर तक फोरलेन का निर्माण कराया जाएगा. इसके लिए 2500 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है. इसका काम आने वाले 6 महीने के अंदर शुरू कर दिया जाएगा जिससे लोगों को सफर में आसानी हो सके. करीब 150 किलोमीटर की इस फोरलेन से सिवनी छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले के कई गांवो को भी व्यापारिक फायदा होगा. सांसद ने की थी गकरी से डिमांड मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में छिंदवाड़ा सांसद बंटी विवेक साहू ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर नेशनल हाईवे 547 को सिवनी से सावनेर तक चौड़ीकरण करने के लिए डिमांड की थी इसके बाद गडकरी ने उन्हें इस मांग को पूरा करने का वादा किया था और कुछ दिन बाद ही इसकी घोषणा खुद नितिन गडकरी ने कर दिया.

MP में दो स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय, इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर में 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने से एक बार फिर से तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, उनमें धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। रायसेन में हुई 2 इंच बारिश  गुरुवार को तेज बारिश होने से भोपाल, इंदौर और रायसेन तेज बारिश हुई। भोपाल के कई इलाकों में सड़कों पर एक से दो फीट तक पानी भर गया। रायसेन में पौने 2 इंच बारिश हो गई जबकि छिंदवाड़ा में सवा इंच पानी गिरा। गुना, इंदौर, शाजापुर, धार, उज्जैन, दमोह, खजुराहो, मंडला, उमरिया समेत कई जिलों में भी बारिश हुई। अगले 24 घंटे ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग की सीनियर  वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- मानसून टर्फ और लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) की वजह से गुरुवार को भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। ऐसा ही मौसम अगले 24 घंटे के दौरान भी देखने को मिलेगा। प्रदेश में अब तक 36.2 इंच बारिश प्रदेश में अब तक औसत 36.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 29.6 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.6 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 90 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। 0.8 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। भोपाल, इंदौर-रायसेन में सड़कें बनीं तालाब इससे पहले गुरुवार को तेज बारिश होने से भोपाल, इंदौर और रायसेन की सड़कें तालाब बन गईं। भोपाल के कई इलाकों में सड़कों पर एक से दो फीट तक पानी भर गया। पीएचक्यू के पीछे छोटा तालाब किनारे की सड़क पर पानी भरने से लंबा जाम लग गया। पुराने शहर में भी जलभराव जैसे हालात बने रहे। रायसेन में पौने 2 इंच बारिश हो गई जबकि छिंदवाड़ा में सवा इंच पानी गिरा। गुना, इंदौर, शाजापुर, धार, उज्जैन, दमोह, खजुराहो, मंडला, उमरिया समेत कई जिलों में भी बारिश हुई। एक घंटे की बारिश में डूबा इंदौर, अब 26 जिलों में 72 घंटे भारी-कहीं मूसलाधार बारिश की चेतावनी तेज बारिश के बाद गुरुवार शाम को सुपर कॉरिडोर पर गांधी नगर मेट्रो स्टेशन के सामने पानी भर गया। जल निकासी नहीं होने से सड़क के दोनों ओर दो से ढाई फीट तक पानी भरा रहा। यह स्थिति लगभग दो किलोमीटर के हिस्से में रही। इससे कार, दो पहिया और ऑटो चालक काफी परेशान हुए। दो दर्जन से अधिक दो पहिया वाहन इंजन में पानी जाने से बंद भी हुए। लोगों ने जल जमाव व परेशानी के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। राहगीर मनोज मालाकार ने बताया कि गांधी नगर मेट्रो स्टेशन और डिपो के सामने हालात भयावह थे। दोनों तरफ पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। गांधी नगर के 6 नंबर मेट्रो स्टेशन के नीचे सुपर कॉरिडोर वाले हिस्से में पानी अधिक था। इससे दो पहिया वाहन बंद हो गए तो कुछ दो पहिया वाहन चालकों के हेलमेट भी बह गए। जिनके वाहन बंद हुए, वे मुश्किल से उन्हें निकाल पाए। लगी वाहनों की लंबी कतार सुपर कॉरिडोर के दोनों तरफ पानी भरने से लोग एक से दो घंटे तक परेशान होते रहे। टीसीएस से लेकर गांधी नगर मेट्रो स्टेशन तक यही स्थिति रही। कार व दो पहिया वाहनों के निकलने व डिवाइडर से पानी टकराकर आने से लहरों जैसा दृश्य बन गया था। जल जमाव के कारण वाहनों की लंबी कतार लगी रही। जगह- जगह सड़कों पर भरा पानी इंदौर में गुरुवार को तेज बारिश से पश्चिम क्षेत्र स्थित मेट्रो स्टेशन 6 की सड़कों पर काफी पानी भर गया था। यहां जल निकासी के रास्ते नहीं छोड़े गए हैं। इससे कई वाहनों के पहिए सड़क पर भरे पानी में आधे-आधे तक डूब गए और पानी घुसने से इंजन बंद हो गए थे। आधी रात के बाद यहां पानी कम हुआ। हालांकि दिनभर में 13.8 (आधा इंच से ज्यादा) बारिश दर्ज की गई। इस मिलाकर सीजन में अब तक 521.8 मिमी (20.5 इंच बारिश) हो चुकी है। कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान अभी मध्य प्रदेश में बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। गुना-मंडला में 53 इंच से ज्यादा पानी गिरा इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां औसत 53.8 इंच पानी गिर चुका है। वहीं, मंडला में 53.3 इंच बारिश हुई है। अशोकनगर में 50.9 इंच, शिवपुरी में 50.1 इंच और श्योपुर में 50.2 इंच बारिश हुई है। वहीं, सबसे कम बारिश वाले 5 जिलों में सभी इंदौर संभाग के हैं। इंदौर सबसे आखिरी में है। यहां अब तक औसत 17.8 इंच बारिश हुई है। बुरहानपुर में 20.1 इंच, खरगोन में 19.5 इंच, खंडवा में 20.9 इंच और बड़वानी में 20.5 इंच पानी गिरा है। एमपी में अब तक 36.2 इंच बारिश प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 36.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 29.6 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.6 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 90 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। 0.8 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था।  

भव्य हवन में बांटी भस्म, दादा धूनीवाले दरबार में 20 पीपा रसगुल्ले और सोने-चांदी की आहुति

नर्मदापुरम नर्मदापुरम में दादा धूनीवाले दरबार में चल रहे अनुष्ठान में 20 तोला सोने और चांदी की आहुति दी गई। इसके अलावा हवन में 200 साड़ियां, चुनरियां, मगज के 11 हजार लड्डू, 20 पीपा रसगुल्ला, फल और पूजन सामग्री भी डाले गए।  ये अनुष्ठान नर्मदापुरम के हैप्पी मैरिज गार्डन में 10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर शुरू हुआ था। समापन आज शुक्रवार शाम होगा। इससे पहले गुरुवार रात को आयोजित महाहवन और महाआरती में 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन परंपरागत 'धूनीमाई' पद्धति से किया गया, जो दादाजी के समय से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है। सेवादार दादा शिवानंद महाराज ने कहा- किसी धार्मिक अनुष्ठान में पहली बार ऐसी हवन सामग्री अर्पित की गई है। यदि कोई ऐसा करता है, तो उसे 7 करोड़ रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इस तरह के आयोजन का प्रमाण वीडियो के रूप में पेश करने पर 51 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। अब तक सवा किलो सोना, एक किलो चांदी की आहुति सेवादार दादा शिवानंद महाराज ने बताया कि 51 दिन से जारी हवन में रोज काजू, किशमिश, बादाम, लड्डू और नारियल की आहुति दी जा रही है। हर गुरुवार को विशेष महाआरती और हवन होता है। 10 जुलाई से 29 अगस्त तक हर गुरुवार को 20 तोला सोना और चांदी के आभूषण की आहुति दी गई। अब तक करीब सवा किलो सोना और एक किलो चांदी की आहुति दी जा चुकी है। इस भस्म को प्रसादी के रूप में बांटा जाता है। दादाजी सेवक साहब सिंह लोधी ने बताया- हवन के बाद धूनीमाई की भस्म को छान लिया जाता है। बड़े अवशेष नर्मदा नदी में विसर्जित कर दिए जाते हैं। बची भस्म को श्रद्धालुओं में बांट दिया जाता है। चंदा या आर्थिक सहयोग नहीं लिया, स्वेच्छा से मिली सामग्री का उपयोग शिवानंद महाराज ने बताया कि पूरे आयोजन में किसी भी श्रद्धालु से चंदा या आर्थिक सहयोग नहीं लिया गया। जो भी सामग्री उपयोग की गई, वह श्रद्धालुओं द्वारा स्वेच्छा से दी गई थी। इसी सामग्री का उपयोग दरबार में भंडारे और हवन के लिए किया गया। 51 दिन तक लगातार सुबह-शाम काशी से आए ब्राह्मणों ने रूद्राभिषेक, हवन और आरती की। दोनों समय भंडारे हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। शिवानंद महाराज ने कहा कि यदि उनका प्रवास नवरात्रि के समय नर्मदापुरम में रहेगा तो ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती के अखंड पाठ कराए जाएंगे। अखंड ज्योति भी जलाई जाएगी। 100 से ज्यादा घंटे बांधे, 5100 दीपकों से सजाया अनुष्ठान में पहुंचे छीपानेर निवासी पृथ्वीराज सिंह चौहान ने बताया कि वे परिवार सहित हर दिन 51 हजार नर्मदेश्वर शिवलिंग के अभिषेक में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि दादाजी का दरबार केवल मनोकामना पूर्ति नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग भी है। आयोजन स्थल पर 100 से अधिक घंटे बांधे गए थे। मंच को 5100 दीपकों से सजाया गया था।

जस्टिस शम्भू सिंह नहीं रहे, इंदौर हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश का आज होगा अंतिम संस्कार

इंदौर राजगढ़ जिले की खिलचीपुर तहसील के ग्राम ढाबला निवासी और इंदौर हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायमूर्ति शम्भू सिंह (85) का गुरुवार देर रात निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और इंदौर के अरविंदो अस्पताल में भर्ती थे। परिवार के अनुसार जस्टिस शम्भू सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर 1 बजे पैतृक गांव ढाबला में होगा। निधन की खबर फैलते ही गांव और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग गांव पहुंचकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। निष्पक्षता और सादगी के लिए जाने जाते थे जस्टिस शम्भू सिंह अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान निष्पक्ष फैसलों, ईमानदार छवि और सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए पहचाने जाते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। 2004 में लड़ा था लोकसभा चुनाव वर्ष 2004 में उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में राजगढ़ लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन क्षेत्र में उनकी पहचान न्यायप्रिय और सरल स्वभाव वाले नेता के रूप में बनी रही। न्यायिक और राजनीतिक जगत में शोक उनके निधन से न्यायिक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को गहरा आघात पहुंचा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।  

मोटापा इलाज के लिए MP में खुल रहा पहला सरकारी ओबेसिटी क्लीनिक

इंदौर एमवाय अस्पताल में ओबेसिटी क्लीनिक की स्थापना की जा रही है। यह प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल होगा, जहां मोटापे से पीड़ित लोगों को आधुनिक चिकित्सा और परामर्श की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। यह क्लीनिक एक माह के अंदर ओपीडी बिल्डिंग की तल मंजिल पर प्रारंभ होगा। इसके लिए सभी आवश्यक योजनाएं तैयार कर ली गई हैं। ओबेसिटी क्लीनिक में पेट रोग विशेषज्ञ, गैस्ट्रो सर्जन, एंडोक्रेनोलाजिस्ट, एमडी मेडिसिन जैसे विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे। वर्तमान में मरीजों को बैरिएट्रिक सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है, जहां लाखों रुपये का खर्च आता है। सरकारी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध होगी।   मरीजों को किया जाएगा जागरूक इलाज के साथ ही मरीजों को मोटापे से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। डाइटीशियन और फिजियोथेरेपिस्ट भी इस टीम का हिस्सा होंगे। मरीजों को डाइट चार्ट, व्यायाम की विधियां और जीवनशैली सुधार के बारे में नियमित जानकारी दी जाएगी। प्रति सोमवार ओपीडी अधिकारियों ने बताया कि ओबेसिटी क्लीनिक में प्रति सोमवार को ओपीडी लगाई जाएगी। अन्य विभागों से मोटापे से ग्रस्त मरीजों को भी यहां भेजा जाएगा। मरीजों का बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) जांचा जाएगा। साथ ही बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच के बाद उचित इलाज किया जाएगा। बच्चे और युवा भी हो रहे प्रभावित विशेषज्ञों के अनुसार, मोटापा केवल दिखावे तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जैसे मधुमेह, रक्तचाप, हृदय रोग, हड्डियों की कमजोरी, स्लीप एपनिया और कैंसर। प्रदेश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी किसी न किसी स्तर पर मोटापे से प्रभावित है, जिसमें बच्चों और युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। तेजी से बढ़ रही मोटापे की समस्या को देखते हुए एमवाय अस्पताल की ओपीडी बिल्डिंग में ओबेसिटी क्लीनिक की स्थापना की जा रही है। मरीजों को यहां जांच से लेकर सर्जरी की सुविधा फ्री मिलेगी। – डा. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज।

रायसेन : लापता निकिता का पंजाब में पता चला, हार्वेस्टर चलाने वाले प्रेमी संग ब्याह

रायसेन  मध्य प्रदेश इन दिनों युवतियों के रहस्यमयी ढंग से गायब होने की घटनाओं से हलाकान है. कटनी की अर्चना तिवारी के नेपाल बॉर्डर से मिलने के बाद अब रायसेन जिले की निकिता लोधी संगरूर (पंजाब) से बरामद हुई है. पुलिस ने निकिता को पंजाब से दस्तयाब किया है. वह हार्वेस्टर चलाने वाले युवक के साथ भागकर शादी कर चुकी थी. रायसेन के गैरतगंज के टेकापार निवासी निकिता लोधी 18 अगस्त से लापता थी. परिजनों ने बहुत ढूंढने के बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. निकिता 8 दिन से लापता थी और परिजन उसे तलाश रहे थे.  वह 18 अगस्त को कॉलेज की फीस जमा करने कंप्यूटर शॉप गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी. परिजनों ने रिश्तेदारों सहित हर जगह तलाश की, फिर गैरतगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने 19 अगस्त को गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की. 8 दिन बीतने पर परिजन परेशान थे. उन्होंने भोपाल, रायसेन और आसपास तलाश की. परिजनों ने डीजीपी और सीएम मोहन यादव से गुहार लगाई ताकि पुलिस अर्चना तिवारी की तरह निकिता को भी गंभीरता से ढूंढे. पुलिस ने CCTV फुटेज और CDR खंगालना शुरू किया.  परिजनों के अनुसार, पुलिस ने निकिता की लोकेशन कभी पंजाब, कभी तेलंगाना के हैदराबाद में बताई, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई. मध्य प्रदेश के बाहर उनका कोई संपर्क नहीं था. पुलिस को पंजाब के संगरूर में निकिता की लोकेशन मिली और गुरुवार शाम उसे वहां से बरामद किया गया.  रायसेन एसपी पंकज पांडे ने बताया, निकिता हारवेस्टर चलाने वाले युवक के साथ भागी थी. दोनों ने पंजाब में मंदिर में शादी कर ली थी. दोनों ने पंजाब पुलिस से प्रोटेक्शन के लिए आवेदन दिया था. रायसेन पुलिस निकिता को लेकर रायसेन लौट रही है.

चंबल के स्वाद का अनुभव: ग्वालियर कॉन्क्लेव में बिना प्याज-लहसुन के खास व्यंजन

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के साथ-साथ ग्वालियर चंबल अंचल पर्यटन निवेश को बढ़ावा और नये आयाम देने के लिए 29 और 30 अगस्त को ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित होने जा रहा है। ये कॉन्क्लेव राजमाता विजय राजीव कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित होगा। इस कॉन्क्लेव में 30 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। इस कॉन्क्लेव में पर्यटन की संभावनाओं को लेकर कई राज्यों की टूर एंड ट्रेवल्स ऑपरेटर होटल एम्यूजमेंट इंडस्ट्रीज के लोग शामिल होंगे। इसमें निवेश, सांस्कृतिक धरोहर और अनुभवात्मक पर्यटन पर खास फोकस रहेगा। कार्यक्रम में सीएम के अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित प्रदेश और देशभर से उद्योगपति मौजूद रहेंगे। सबसे खास बात यह है कि इस कॉन्क्लेव में शामिल होने आ रहे मेहमानों के लिए चंबल की मशहूर व्यंजन ऑन से स्वागत किया जाएगा, जैसे चंबल की मशहूर गजक, बेड़ई, समोसा और रबड़ी जैसे जायकों से अतिथियों का स्वागत किया जाएगा। इस कॉन्क्लेव में मिठाई से भी मेहमानों को ग्वालियर चंबल का स्वाद मिलेगा। पहले दिन रसखीर, लंबा हलवा, गुजिया परोसी जाएगी। दूसरे दिन 30 अगस्त को गजक, रबड़ी संग जलेबी, खजूर, मूंग हलवा दिए जाएंगे। खास बात यह है कि मेहमानों हेतु अरबी मखाना और भरवां करेला जैसी सब्जियां बिना प्याज लहसुन पकेगी।    

विश्वास सारंग का ऐलान, मध्यप्रदेश की हर पैक्स बनेगी WDRA की सदस्य

मध्यप्रदेश की सभी पैक्स डब्ल्यू.डी.आर.ए. की सदस्य बनेंगी – विश्वास सारंग सहकारी संस्थाओं के व्यवसाय विविधीकरण पर राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न भोपाल अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में भांडागारण विकास और विनियामक प्राधिकरण (डब्ल्यू.डी. आर.ए.) के माध्यम से सहकारी संस्थाओं के व्यवसाय विविधीकरण पर अपेक्स बैंक, सहकारिता विभाग एवं विनियामक प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में एक राज्य स्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मध्य प्रदेश के सहकारिता तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था से गांव व किसान को जोड़ने की दिशा में माननीय प्रधानमंत्री जी ने जो जन-धन योजना भारत में लागू किया था, उसका मुख्य उद्देश्य गाॅंव व किसान को देश की अर्थव्यवस्था से जोड़ना था, जिसके सकारात्मक परिणाम आज सामने आ रहे हैं और हमारा देश माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में एवं केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में निरन्तर ’’सहकार से समृद्धि’’ के मूल-मंत्र को साकार करने की दिशा में अग्रसर है ।  इसका अनुसरण करते हुये मध्यप्रदेश में हम स्वर्णिम मध्यप्रदेश के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी के नेतृत्व में भी नवाचार के विभिन्न माध्यमों का प्रयोग करते हुये प्रदेश की प्रगति के लिये काम कर रहे हैं ।  श्री सारंग ने कहा कि मेरा मानना है कि जब तक अर्थव्यवस्था आम आदमी के दरवाजे से नहीं निकलेगी, तब तक मजबूत नहीं होगी ।  इसलिये यदि हम किसानों को सुदृढ़ करना चाहते हैं तो पहले हमें पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों) को समृद्ध बनाने की दिशा में प्रयास करना होंगे और आज की यह कार्यशाला निश्चित रूप से ’’मील का पत्थर’’ साबित होगी ।  मैं आज अत्यन्त आभारी हॅूं डब्ल्यू.आर.डी.ए. के सदस्य श्री अनूप श्रीवास्तव का, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प का, स्टेट वेयर हाउसिंग के प्रबंध संचालक श्री अनुराग वर्मा का और सेंट्रल वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री राम कुमार का, जिनके अथक प्रयासों से आज सहकारिता के शीर्ष सभागार में मध्यप्रदेश के सहकारी आन्दोलन से जुड़ा प्रत्येक अधिकारी व सदस्य लाभान्वित हुआ है।   श्री सारंग ने कहा कि मैं उपस्थित जिला बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से अपेक्षा करता हॅूं कि वे मध्यप्रदेश की प्रत्येक पैक्स को डब्ल्यू.आर.डी.ए. (भांडागारण विकास और विनियामक प्राधिकरण) का सदस्य बनाने के प्रयास आज से ही प्रयास आरंभ कर दें, जिससे कि आगे चलकर प्रदेश के किसानों को दूरदराज अंचलों में परेशान न होना पड़े व अपने नजदीकी डब्ल्यू.आर.डी.ए. के सदस्य वेयर हाउस में अपनी उत्पाद को सुरक्षित रख लाभान्वित हों, क्योंकि जब तक भण्डारण व्यवस्थित नहीं होगी, तब तक किसानों को उसका फायदा नहीं मिल सकेगा ।  कार्यशाला में श्री सारंग ने अपेक्स बैंक द्वारा प्रकाशित मानक परिचालन प्रक्रिया वेयर हाउसिंग डेव्हलेपमेंट एण्ड रेग्यूलेटरी अथाॅरिटी की योजनान्तर्गत वेयर हाउस पंजीकरण की पुस्तक का विमोचन भी किया तथा प्रदेश में गोदाम बनाने की योजना पर कार्य करने हेतु स्टेट वेयर हाउसिंग प्रबंध संचालक श्री अनुराग वर्मा, म.प्र.राज्य सहकारी संघ के प्रबंध संचालक श्री रितुराज रंजन तथा सहकारिता विभाग के नवाचार प्रकोष्ठ के संयुक्त आयुक्त श्री महेन्द्र दीक्षित को अधिकृत किया। आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के दौरान हम किसानों को प्रशिक्षित करें कि वे अपने उत्पाद को कैसे बेहतर ढंग से रख सकते हैं और डिजीटली किस प्रकार बेच सकते हैं, आज की यह कार्यशाला एग्रो प्रोसेसिंग व मार्केंटिंग की दिशा में अत्यन्त उपयोगी है । उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो इस प्रकार की कार्यशाला हम संभाग व जिला स्तर पर भी आयोजित करेंगे । कार्यशाला में श्री अरूण कुमार श्रीवास्तव, सदस्य, डब्ल्यू.डी. आर.ए. ने कहा कि 2051 तक हमारे देश की जनसंख्या 170 करोड़ हो जायेगी व मध्यप्रदेश की लगभग 12 करोड़, जो देश का लगभग 6.3 होगी ।  म.प्र. का खाद्यान्न उत्पादन लगभग 338 लाख मी.टन है, जो भारत के खाद्यान्न उत्पादन का लगभग 12.10 प्रतिषत है ।  भारत 2051 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा ।  मैं अनुरोध करना चाहता हॅूं कि इस मान से प्रदेश में वेयर हाउस के गोदामों के लिये एक सुनियोजित योजना बनाने की दिशा में प्रयास किये जायें । श्री रामकुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, सी.डब्ल्यू.सी. ने बताया कि यदि केन्द्रीय वेयर हाउसिंग में डब्ल्यू.डी.आर.ए. के अन्तर्गत देश के 50 हजार गोदाम यदि रजिस्टर्ड हो जायें तो किसान आपके द्वार तक आ जायेंगे । इससे आपकी साख भी बढ़ेगी और किसान के साथ आप भी हमारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे, क्योंकि हमारा उद्देश्य वेयर हाउस केन्द्रों को लाभ का केन्द्र बनाना है ।  इससे किसानों के उत्पाद सुरक्षित होंगे और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से भी बचा जा सकता है । कार्यशाला में श्री विनीत गुप्ता, नेषनल ई-रिपोजिटरी लिमिटेड, श्री जसवीर गोदारा, एवीपी सीसीआरएल, श्री संजय अग्रवाल, अपना गोदाम ने अपनी डिजीटल व्यवसाय प्रणाली पर विचार व्यक्त किये ।  कार्यशाला का संचालन अपेक्स बैंक के प्राचार्य श्री पी.एस.तिवारी एवं श्री महेन्द्र दीक्षित, संयुक्त आयुक्त ने किया एवं आभार प्रदर्शन अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने किया ।  कार्यशाला मध्यप्रदेश के सहकारिता विभाग के संयुक्त/उप/सहायक आयुक्तगण, जिला बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारीगण, वेयर हाउस व एफपीओ के प्रतिनिधिगण के साथ विभिन्न सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित हुए