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जिला प्रशासन की बैठक में रियल एस्टेट पर बड़ा फैसला, नई दरें जल्द लागू होंगी

जयपुर जयपुर में जमीन खरीदना अब महंगा हो सकता है. शहर में जमीने 49 फीसदी तक महंगी हो सकती है, जिसे 7 दिन के भीतर ही लागू कर दिया जाएगा. जिला प्रशासन की बैठक में डीएलसी दरों में बड़े बदलाव का फैसला लिया गया है. जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला दर निर्धारण समिति की बैठक आयोजित हुई. इस बैठक में डीएलसी दरों को लेकर रिवाइज करने का निर्णय लिया है. शहर की डीएलसी दरों में 10% से लेकर 49% तक की बढ़ोतरी को प्रस्तावित किया गया है. गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल महीने में भी डीएलसी दरों में 10% की वृद्धि की गई थी. इस बार जिन क्षेत्रों में बाजार मूल्य अधिक है और जहां तेजी से विकास हो रहा है, वहां दरों में बढ़ोतरी की गई है. वहीं, कुछ इलाकों में डीएलसी दरें घटाने के प्रस्ताव भी सामने रखे गए हैं. क्या होती है डीएलसी रेट किसी भी जमीन की बाजार कीमत सरकार निर्धारित करती है. यही डीएलसी रेट होती है, जिसे जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक में तय किया जाता है. डीएलसी की दरों पर जमीन की रजिस्ट्री या भूमि का आवंटन होता है. नगर निकाय द्वारा आरक्षित दर पर जमीन आवंटन के साथ ही विकास शुल्क को भी शामिल किया जाता है.   50 फीसदी से अधिक की दरों पर सरकार करेगी फैसला जानकारी के मुताबिक, 50% से कम बढ़ोतरी वाले प्रस्ताव 7 दिन के भीतर लागू कर दिए जाएंगे. जबकि 50% से अधिक वृद्धि वाले प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जाएंगे. इसी तरह, दरों में कमी से जुड़े प्रस्तावों पर भी अंतिम फैसला राज्य सरकार ही करेगी. नई डीएलसी दरों का सीधा असर संपत्ति की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री पर पड़ेगा.

राजस्थान में सड़क सुरक्षा और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर सरकार का बड़ा फोकस

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की. उन्होंने प्रदेश के 4 प्रमुख पार्कों का नाम उनके नाम पर करने और उनके आदर्शों को समर्पित स्मारक स्थापित करने की घोषणा की. उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों पर चलने की अपील की. चार शहरों में चार पार्कों के नाम बदले सीएम ने कहा कि जयपुर स्थित वुडलैंड पार्क, जोधपुर के विवेक विहार स्थित सेंट्रल पार्क, कोटा के रामचंद्रपुरा अटवाल नगर स्थित पार्क तथा उदयपुर की सेक्टर-12 योजना स्थित पार्क का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा. साथ ही, इन सभी स्थानों पर राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को प्रदर्शित करने वाले स्मारक भी स्थापित किए जाएंगे.       महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का संपूर्ण जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श आज भी हम सभी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। श्यामा प्रसाद के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा क‍ि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पूरा जीवन राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ एकता, अखंडता और जनसेवा के लिए समर्पित रहा. उनके विचार, त्याग और राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं. ऐसे में यह पहल भावी पीढ़ियों को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों से प्रेरणा देने का एक विनम्र प्रयास है. सीएम ने प्रदेश के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि वे उनके आदर्शों और संकल्पों को आत्मसात करते हुए विकसित भारत और विकसित राजस्थान के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं. इन 4 पार्कों के नाम श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी     जयपुर का 'वुडलैंड पार्क'       जोधपुर के विवेक विहार कॉलोनी में स्थित लोकप्रिय 'सेंट्रल पार्क'       कोटा के रामचंद्रपुरा अटवाल नगर स्थित प्रमुख पार्क     उदयपुर की सेक्टर-12 योजना के तहत बने बड़े पार्क को इस सूची में शामिल किया गया है.

सोशल मीडिया पोस्ट विवाद में एक्शन, पुलिस ने शांतिभंग के मामले में यूट्यूबर को पकड़ा

जयपुर पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में अजमेर पुलिस ने एक्शन लिया. पुलिस ने यूट्यूबर नरेश राघानी को गिरफ्तार किया है. नरेश राघानी कांग्रेस से जुड़ा रहा है और पार्टी में कई जिम्मेदारी भी निभा चुका है. यही वजह है कि गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. कृष्णगंज थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के बाद राघानी को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार किया. कई अन्य धाराएं जोड़ने की तैयारी में पुलिस राघानी के खिलाफ आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट साझा की थी. मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं. कांग्रेस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी. शिकायतकर्ता ने की कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ता दिनेश पाराशर ने आरोप लगाया कि नरेश राघानी ने सोशल मीडिया पर लगातार विवादित टिप्पणियां की थीं. इस संबंध में कार्रवाई की मांग की गई थी. पुलिस ने राघानी को हिरासत में लेकर मेडिकल परीक्षण कराया और आगे की कार्रवाई कर दी है. हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी.

समान नागरिक संहिता को लेकर सियासी घमासान, कांग्रेस ने जनसुनवाई बहिष्कार का ऐलान किया

जयपुर राजस्थान सरकार समान नागरिक संहिता (RUCC-2026) का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है. इन सबके बीच सियासी घमासान भी शुरू हो गया है. कांग्रेस ने हर संभाग स्तर पर होने वाली जनसुनवाई का बहिष्कार करने की तैयारी कर ली है. दरअसल, विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से सुझाव के लिए जनसुनवाई की तैयारी है. इसमें सामाजिक संगठन, विधि विशेषज्ञ, गैर-सरकारी संगठन, चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और आम नागरिक अपनी राय रख सकेंगे. इस रायशुमारी के बाद समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार किया जाएगा. 30 जून को बैठक में दिए थे निर्देश गृह विभाग की ओर से 30 जून को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी. बैठक में सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को जनसुनवाई के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है. अधिकारियों से कहा गया कि जनसुनवाई में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो और पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाए. इन मुद्दों पर सुझाव लेगी सरकार संयुक्त शासन सचिव अंजली राजोरिया ने बताया कि समिति विवाह, विवाह विच्छेद (तलाक), भरण-पोषण, उत्तराधिकार, लिव-इन रिलेशनशिप और दत्तक ग्रहण जैसे विषयों पर सुझाव ले रही है. जयपुर में जनसुनवाई रिटायर्ड आईएएस शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी. कलेक्ट्रेट में 10 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक सुझाव लिए जाएंगे. इसके बाद दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक आम नागरिकों के लिए जनसुनवाई होगी, जिसमें कोई भी व्यक्ति समिति के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकेगा. 11 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आम नागरिकों की जनसुनवाई होगी. इस दौरान RUCC-2026 समिति की सदस्य डॉ. शुचि चौहान नागरिकों से सुझाव लेंगी. ये है संभागवार कार्यक्रम बीकानेर: 2 और 3 जुलाई जोधपुर: 6 और 7 जुलाई अजमेर: 6 और 7 जुलाई उदयपुर: 13 और 14 जुलाई कोटा: 7 और 8 जुलाई भरतपुर: 9 और 10 जुलाई  

करौली में किसानों का ऐलान, 30 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन

 करौली पांचना बांध को लेकर करौली जिले के गुनेसरी स्थित तुलसीपुरा मोड़ पर रविवार को किसानों की पंचायत हुई. जिसमें बांध से लिफ्ट परियोजना के माध्यम से 24 गांवों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई. पंचायत में गोपालपुर, धांधुपुरा, गुनेसरी, आनंदगढ़, देहमौली, कीरतपुरा, सायपुर, सेसरीपुरा, हजारीपुरा, रतनपुर, रघुवंशी, मोहनपुर, विंदापुरा, पितरामपुरा, भोलूपुरा, जगतपुरा, खांडेपुरा, नयाबास, खूबपुरा, रतिपुरा, मकनपुर, मल्हापुरा, हाथीपुरा समेत अन्य गांवों के पंच-पटेल और किसान शामिल हुए. इस दौरान किसानों ने कहा कि क्षेत्र में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं होने से खेती प्रभावित हो रही है, इसलिए पांचना बांध से लिफ्ट परियोजना के जरिए पानी उपलब्ध कराया जाए. कल मंत्री को ज्ञापन सौपेगी समिति किसानों की पंचायत में 11 सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया. समिति सोमवार दोपहर 12 बजे करौली सर्किट हाउस में गृहमंत्री जवाहर सिंह बेढम और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत को ज्ञापन सौंपेगी. ज्ञापन में सरकार को मांगों के समाधान के लिए 30 दिन का समय दिया जाएगा. अगर इन 30 दिनों में किसानों की मांगे पूरी नहीं हुईं तो 30 दिन बाद तुलसीपुरा मोड़ पर पुन बड़ी बैठक आयोजित कर आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी. किसानों की बैठक में क्या निर्णय हुआ? हमारी संघर्ष समिति का नाम " जल संघर्ष समिति वजीरपुर रोड " रहेगा. आगे की कमान संभालने के लिए एक कार्य समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें 18-20 लोगों का प्रतिनिधित्व रहेगा. वर्तमान में क्षेत्र के लोगों को पानी के लिए दर दर की ठोकर खाना पड़ रहा है, निरंतर गिरते भूजल से भविष्य में पेयजल का संकट और भयावह हो जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ी को जल के लिए संघर्ष करना पड़ेगा. हमारी प्रमुख मांग- पशु व कृषि प्रधान क्षेत्र होने से आजीविका का एकमात्र साधन है, इसलिए पेयजल और सिचाई हेतु जल का प्रबंध किया जाए. इसके लिए पांचना लिफ्ट परियोजना का विस्तार कर उसी में जोड़ा जाना सबसे अच्छा विकल्प है. हमारी मांगों के लिए सरकार और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के लिए सोमवार 6 जुलाई को संबंधित मंत्री और सम्बन्धित प्रतिनिधियों को समिति के सदस्यों द्वारा ज्ञापन दिया जाएगा. किसान ने कहा कि अगर अगले 15 दिन में या 21 जुलाई तक ठोस कार्य योजना और कार्रवाई नहीं होती है तो 24 गांवों के नेतृत्व में   'जल संघर्ष समिति वजीरपुर रोड' के द्वारा आगामी कार्य योजना का निर्धारण किया जाएगा. इस सबंध में अलग से समय और स्थान का निर्धारण कर सूचित किया जाएगा. 28 गावों के पंच-पटेले हुए इकट्ठा किसान नेता सियाराम गुर्जर ने बताया कि यह कोई सभी नहीं थी. हमारे 28 गांवों के एक-एक दो-दो आदमी जो चुनिंदा लोग थे, वह यहां बुलाए थे. यह आम सभा नहीं थी. हम लोगों ने यहां डिसीजन लिया है. हमने एक 11 सदस्य एक संघर्ष समिति का गठन किया है. उसके बाद में हमारे सब पंच पटेलों ने ये निर्णय लिया है कि आगामी कोई तारीख अभी हमने फिक्स नहीं की. शायद हो सके तो महीना भर के बाद में. एक महीने के बाद में फिर दोबारा यही इसी जगह पर एक मीटिंग और लेंगे. सियाराम गुर्जर ने कहा कि हमारी डिमांड पानी की है. हमें पानी चाहिए. हमारा जल स्तर नीचे जा चुका है और जब तीन जगह पानी पांचने में जा सकता है तो हमारा भी हक बनता है कि हमें भी नहरों के द्वारा पानी चाहिए. किसान नेताओं ने आगामी तैयारी के बारे में बताया कि हम कल सिंचाई मंत्री और प्रभारी मंत्री जवाहर मैडम को कलेक्टेट में ज्ञापन सौंपेंगे और उसके बाद में वह हमें क्या आश्वस्त करते हैं, उनकी तरफ हम देखेंगे क्या होता है. किसान नेता राजेश चतुर्वेदी ने कहा कि आज हमारी मीटिंग हुई है. इसमें सिर्फ 28 गांव के पंच पटेलों को हमने एकत्रित किया है. ना कि हमारी कोई महापंचायत है, ना कोई बड़ी किसान पंचायत है. इसलिए आपको संख्या बल भी कम दिख रहा है और हमारी मेन डिमांड है पानी की. लिफ्ट योजना जब तीन जगह जा रही है तो चौथी जगह हमको भी क्यों नहीं मिला, पानी हमारा अधिकार है.

स्वदेशी भारत टैक्सी ऐप से सस्ती और सुरक्षित यात्रा का दावा, जीरो कमीशन मॉडल

जयपुर सहकार सप्ताह के छठवें दिन सहकार भवन में युवाओं के लिये सहकारिता की महत्ता एवं भारत टैक्सी सेवा पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ​की अध्यक्षता एसएलडीबी (SLDB) के प्रबंध निदेशक जितेंद्र शर्मा ने की । इस दिन को यूथ दिवस (युवा दिवस) के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। शर्मा ने बताया कि भारत टैक्सी भारत की अपनी टैक्सी है। इस सेवा में कोई भी विदेशी प्रदाता सम्मिलित नहीं है। इस स्वदेशी टैक्सी ऐप ने बहुत कम समय में बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी एप्प से पहली राइड बुकिंग करने पर उपभोक्ता को अमूल आइसक्रीम का एक विशेष कूपन जारी किया जायेगा, जिसे ब्लिंकिट से मंगवाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी सेवा एक किफायती एवं सुरक्षित सेवा है, जिसमें किराया अन्य सेवा प्रदाताओं की तुलना में 10 प्रतिशत तक कम है। भारत टैक्सी का किराया सर्ज फ्री प्राइसिंग पर आधारित है और इसमें टैक्सी ड्राइवर के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों को सुरक्षित किया गया है। भारत टैक्सी के नोडल अधिकारी भोमाराम ने कहा कि उपभोक्ता द्वारा भारत टैक्सी की बुकिंग को किसी कारण से केन्सिल भी करना पडता है तो उससे किसी प्रकार का कैंसिलेशन चार्ज वसूला नहीं जायेगा। महिला की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने एवं उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिये महिला ड्राइवर्स को भी रोजगार के विशेष अवसर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ड्राइवर्स का पुलिस वेरिफिकेशन पूर्ण होने पर ही उन्हें भारत टैक्सी सेवा से जोडा गया है। भारत टैक्सी सेवा जीरो कमीशन मॉडल पर काम करता है, जिससे ड्राइवर्स को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा तथा उपभोक्ताओं को भी कम मूल्य पर बेहतर, सुरक्षित एवं विश्वसनीय सेवा मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में सहकारिता और स्वदेशी के इस अनूठे संगम की सराहना की गई और युवाओं से इस स्वदेशी मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया गया।  

होर्मुज संकट पर PM मोदी का बड़ा बयान, बोले- भारतीय कूटनीति से 40 देशों से मिला तेल, संभले हालात

जोधपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान पहुंचे. PM मोदी ने राजस्थान में कहा कि जंग के चलते पूरी दुनिया पर असर हुआ है. भारत ने सही फैसले लिए, सही रणनीति बनाई और अपनी कूटनीतिक ताकत का सकारात्मक इस्तेमाल किया, और इसी वजह से भारत इस संकट से उबरने में सफल रहा. भारत ने संकट का समय रहते आकलन किया है. पीएम मोदी ने बताया कि पश्चिम एशिया युद्ध के दौरान हमने 40 देशों से ईंधन प्राप्त किया।  प्रधानमंत्री ने कहा, जब कुछ ताकतें अफवाहें फैलाने की कोशिश कर रही थीं, तब संकट से निपटने के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे थे। PM मोदी ने कहा कि भारत ने संसाधनों का संतुलित इस्तेमाल किया है. उन्होंने बताया आज जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का भी उद्घाटन किया गया है।  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से संकट में थे- PM मोदी PM मोदी ने कहा, भारत LPG आयात पर 60% तक निर्भर है. पश्चिम एशिया में युद्ध के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) बंद होने के बाद हम एक बड़े संकट की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन हमारे प्रयासों ने हमें इस संकट से उबरने में मदद की, राजस्थान की इस धरती ने हमें इससे उबरने में मदद की।  इसके अलावा PM मोदी ने कहा, राजस्थान में कांग्रेस सरकार के असहयोग के कारण रिफाइनरी का काम ठप पड़ा था, लेकिन राज्य में सत्ता में आने के बाद डबल इंजन वाली सरकार के कारण, हम आज रिफाइनरी का उद्घाटन करने में सफल रहे।  राजस्थान को जोधपुर एयरपोर्ट और जयपुर मेट्रो देंगे नई उड़ान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि राजस्थान हर रोज विकास के नए आयाम छू रहा है। जोधपुर एयरपोर्ट और जयपुर मेट्रो फेज-2 के उदघाटन इसी का उदाहरण है। जोधपुर एयरपोर्ट और जयपुर मेट्रो राजस्थान को नई उड़ान दे रहे हैं। अब राजस्थान हरियाणा लाए शेखावाटी के लिए पानी पीएम मोदी ने आगे कहा कि अभी भजनलाल शर्मा बड़े भावुक होकर पानी के काम का वर्णन कर रहे थे। राजस्थान हरियाणा दोनों में भाजपा की सरकार है। पहली बार आपसी सहमति से समाधान निकाले गए। हरियाणा और राजस्थान सरकार मिलकर शेखावाटी क्षेत्र तक पानी पहुंचाएंगे। वसुंधरा राजे के साथ पहले मिलकर किया राजस्थान के पानी का सपना साकार पीएम मोदी ने सूर्य उर्जा के बाद पानी के संकट पर बात की। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पानी लाने के लिए हमने पहले भी प्रयास किया और अब भी प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं गुजरात के रास्ते वसुंधरा राजे के कार्यकाल में राजस्थान का पानी का सपना साकार किया। राजस्थान पर सूर्य देवता की कृपा, हमने सोलर पार्क का काम चलाया प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान पर सूर्य देवता की कुछ ज्यादा ही कृपा है। लिहाजा यहां इस बात का फायदा उठाते हुए सरकार को विश्वस्तरीय सोलर पार्क बनाने का काम चल रहा ह। यहां पीएम सूर्यघर बिजली योजना के तहत 1.5 लाख से ज्यादा घरों, कुसुम योजना के तहत 65 हजार से ज्यादा सोलर पंप किसानों को दिए गए हैं। किसानों को लेकर की बात पीएम मोदी ने आगे कहा कि दुनिया में युद्ध और अशांति से हमारे किसानों के लिए भी चुनौतियां पैदा हुई। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध के बाद एक यूरिया की बोरी 3000 हजार के ऊपर पहुंच गई। पीएम मोदी ने खाद का जिक्र करते हुए कहा कि जो दुनिया में 3000 की बोरी थी, वो हमने अपने किसानों को 300 रुपए में दे दी। तेल कंपनियों को हआ ₹75,000 का घाटा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद देश में दाम नहीं बढ़ाए गए। अप्रैल से जून तक हमारी सरकारी तेल कंपनियों को ₹75,000 करोड़ का भारी नुकसान हुआ। यह घाटा इतना बड़ा है कि इसमें देश में एक पूरी नई रिफाइनरी खड़ी की जा सकती थी, लेकिन इसकी जिम्मेदारी सरकार ने उठाई। सरकारी खजाने से तेल कंपनियों के घाटे को कम किया गया भारत में नहीं आई सप्लाई की कोई दिक्कत पीएम मोदी ने कहा कि भारत में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित नहीं होने दी गई। छोटी-मोटी दिक्कतों को छोड़ दें, तो पूरे देश में सप्लाई पूरी तरह सामान्य और सुचारू रही। दूसरे देशों में 40 प्रतिशत तक हुआ पेट्रोल में इजाफा पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक संकट के दौरान देशों में पेट्रोल की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक का भारी इजाफा हुआ। हाहाकार मच गया, लेकिन भारत ने फिर भी स्थिरता बनाई रखी। पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर जमकर राजनीति की गई और अफवाहें फैलाई गईं। उनके ये मंसूबे और साजिशें पूरी तरह असफल रहीं। युद्ध संकट में एलपीजी उत्पादन की बढ़ाई गई क्षमता पीएम मोदी ने बताया कि वैश्विक युद्ध संकट के दौरान देश में रसोई गैस की कमी न हो, इसके लिए कदम उठाया गया। देश की जिन रिफाइनरियों ने अपने इतिहास में कभी एलपीजी (LPG) का उत्पादन नहीं किया था, उन्हें आपातकालीन स्थिति में तुरंत री-कॉन्फ़िगर (तैयार) किया गया।एलपीजी उत्पादन की क्षमता बढ़ाई गई। एलपीजी सप्लाई कट गई तो राजस्थान से मिली सीख पीएम मोददी ने इस दौरान कहा कि 'अचानक युद्ध के हालातों के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से आने वाली देश की 90 एलपीजी प्रतिशत सप्लाई कट गई, तब राजस्थान की इस धरती की सीख काम आई। हमने तुरंत रिफाइनरी के काम पर फोकस किया और युद्ध स्तर पर घरेलू रसोई गैस का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए'। राजस्थान की धरती ने चुनौतियों को भी चैलेंज देना सिखाया: पीएम मोदी बालोतरा के पचपदरा में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राजस्थान के शौर्य और परिश्रम को सलाम किया। पीएम ने इस दौरान वैश्विक स्तर पर हुए युद्ध संकटों का जिक्र करते हुए कहा, ' राजस्थान की धरती ने हमें हर मुश्किल से लड़ना और चुनौतियों को भी चैलेंज देना सिखाया है। जोधपुर से शुरू हुई 'उड़ान' योजना से आने वाले दिनों में छोटे शहरों को करेगी एयर कनेक्ट जोधपुर में नए टर्मिनल के उद्घाटन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संशोधित 'उड़ान' (UDAN) योजना पर बात रखी। उन्होंने कहा कि जोधपुर में संशोधित उड़ान में आने वाले दिनों में छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी देगा। राजस्थान में इतनी गर्मी में इतने लोगों को आना भाजपा के प्रयासों पर विश्वास बालोतरा के … Read 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PM मोदीआज करेंगे जोधपुर के नए टर्मिनल ‘खास महल’ का उद्घाटन, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

जोधपुर राजस्‍थान के जोधपुर शहर में एक ‘खास महल’ तैयार हुआ है. इस खास महल की भव्‍यता किसी राजमहल से कम नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को इसका उद्घाटन करने वाले हैं. जी हां, यहां पर हम बात जोधपुर के नए एयरपोर्ट की कर रहे हैं. करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से बने इस नए एयरपोर्ट की क्षमता हर साल 20 लाख यात्रियों को संभालने की है. इसका डिजाइन राजस्थान की शाही विरासत से प्रेरित है, जिसमें मेहराब और झरोखों का खूबसूरत इस्तेमाल किया गया है. वर्ल्‍ड क्‍लास सुविधाओं से लैस यह टर्मिनल जोधपुर के पर्यटन, व्यापार और रोजगार को नई रफ्तार देने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज  इसी एयरपोर्ट से मॉडिफाइड उड़ान स्‍कीम की शुरूआत करने जा रहे है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई 2026 की सुबह करीब 10:45 बजे वह जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री देश में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली मॉडिफाइड उड़ान स्‍कीम भी लॉन्च करेंगे। जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। वर्ल्‍ड क्‍लाइस सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट पैसेंजर्स के ट्रैवल एक्‍सपीरियंस को बेहतर बनाने के मकसद से डिजाइन किया गया है।  23 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह नया टर्मिनल हर साल करीब 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। इसमें आधुनिक चेक-इन सिस्टम, बेहतर वेटिंग एरिया, सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा के लिए कई नई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। एयरपोर्ट में दिखेगी शहर की एतिहासिक झलक: जोधपुर के नए एयरपोर्ट टर्मिनल का डिजाइन शहर की ऐतिहासिक पहचान को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  इसकी प्रेरणा 1931 में महाराजा उम्मेद सिंह द्वारा स्थापित 'जोधपुर फ्लाइंग क्लब' और राजपूताना स्थापत्य कला से ली गई है। टर्मिनल के इंट्री गेट पर विशाल नक्काशीदार गुंबद, कमल कलश, मेहराब और ग्लास फाइबर रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट का इस्तेमाल किया गया है। टर्मिनल के अंदर स्थानीय कलाकारों की बनाई गई कलाकृतियां लगाई गई हैं. इनमें मरुधरा के पारंपरिक मोर, राजसी दरबार और मारवाड़ी संस्कृति को आधुनिक अंदाज में दर्शाया गया है। जोधपुर एयरपोर्ट को ऊर्जा बचत, जल संरक्षण और ग्रीन बिल्डिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, ताकि इसे 5-स्टार GRIHA रेटिंग मिल सके। जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल और मॉडिफाइड उड़ान स्‍कीम मिलकर राजस्थान सहित पूरे देश में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे। 

₹400 करोड़ की लागत से बना जोधपुर एयरपोर्ट टर्मिनल: 20 लाख यात्रियों की क्षमता वाला ग्रीन प्रोजेक्ट

जोधपुर राजस्थान की स्थापत्य कला और शाही विरासत अब आधुनिक विमानन तकनीकों के साथ आसमान छूने को तैयार है। सूर्यनगरी जोधपुर के नए एयरपोर्ट टर्मिनल का शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भव्य उद्घाटन करने जा रहे हैं। करीब ₹400 करोड़ की लागत से 2.52 लाख वर्ग फुट में फैला यह भव्य टर्मिनल मारवाड़ के शाही गौरव और अत्याधुनिक पैसेंजर सुविधाओं का एक बेजोड़ उदाहरण है। 'स्थापति इंडिया' द्वारा डिजाइन किया गया यह नया टर्मिनल सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है। आइए जानते हैं कि इस नए टर्मिनल में ऐसा क्या खास है जो इसे देश के सबसे खूबसूरत और ग्रीन एयरपोर्ट्स की कतार में खड़ा करता है। डिजाइन में राजपूताना विरासत की झलक जोधपुर का विमानन इतिहास बेहद पुराना है। साल 1931 में तत्कालीन शासक महाराजा उम्मेद सिंह ने 'जोधपुर फ्लाइंग क्लब' की स्थापना कर इसकी नींव रखी थी। इसी समृद्ध विरासत को नए टर्मिनल के डिजाइन में जीवंत किया गया है।     भव्य गुंबद और कलश: मुख्य द्वार पर राजस्थान के ऐतिहासिक किलों की तर्ज पर एक भव्य नक्काशीदार गुंबद बनाया गया है, जिसके शीर्ष पर कमल के बेस पर 'कलश' स्थापित है।     पारंपरिक नक्काशी: इसके बाहरी हिस्से में नक्काशीदार ग्लास फाइबर रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट, बहु-कोणीय मेहराब और राजपूताना महलों जैसे सजावटी स्तंभों का उपयोग किया गया है।     भीतर जीवंत हुई मारवाड़ी संस्कृति: टर्मिनल के अंदर स्थानीय कलाकारों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियां लगाई गई हैं, जिनमें मरुधरा के पारंपरिक मोर के रूपांकन और शाही दरबार के दृश्यों को समकालीन अंदाज में उकेरा गया है। हाई-टेक सुविधाएं और 'स्मार्ट' पैसेंजर फ्लो स्थापति इंडिया के निदेशक विपुल बी. वार्ष्णेय ने बताया कि जोधपुर के इस टर्मिनल की प्लानिंग यात्रियों की सुविधा और सुचारू आवाजाही को ध्यान में रखकर की गई है।टर्मिनल में 6 आधुनिक एयरोब्रिज लगाए गए हैं, जिससे यात्री सीधे विमान तक पहुंच सकेंगे। पीक-ऑवर में यह टर्मिनल एक साथ 1,000 यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। यात्रियों की सुविधा के लिए आगमन और प्रस्थान को पूरी तरह अलग किया गया है। इसके अलावा आइलैंड चेक-इन काउंटर्स, लीनियर सिक्योरिटी ज़ोन और बेहतर बैगेज सर्कुलेशन की व्यवस्था की गई है। भीषण गर्मी से निपटेगा 'क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिव' आर्किटेक्चर जोधपुर की चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से निपटने के लिए इस टर्मिनल को खास 'क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिव' तरीके से डिजाइन किया गया है। इसमें ऐसे इंसुलेटेड ग्लास और निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है जिससे सूरज की तपिश अंदर न पहुंचे और एयर कंडीशनिंग पर लोड कम रहे, जबकि प्राकृतिक रोशनी पूरे परिसर में भरपूर बनी रहे। यह बिल्डिंग प्रतिष्ठित ग्रीन सर्टिफिकेशन हासिल करने के लक्ष्य के साथ बनाई गई है। इसके लिए बिल्डिंग में शेडिंग, कंट्रोल्ड ग्लेजिंग, सोलर इंस्टॉलेशन और एनर्जी-एफिशिएंट हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाए गए हैं।  

भजनलाल सरकार ने ट्रांसफर विंडो बढ़ाई, 10 जुलाई तक होंगे तबादले जारी

जयपुर  राजस्थान में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बड़ी खबर हैं. भजनलाल सरकार ने कर्मचारियों-अधिकारियों के तबादलों की तारीख को आगे बढ़ा दिया है. ट्रांसफर पर लगी रोक में दी गई छूट की अवधि 5 दिन के लिए बढ़ाई गई है. प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर तबादलों की छूट की अंतिम तिथि 10 जुलाई कर दी है, जो पहले 5 जुलाई थी. यानी ट्रांसफर की लिस्ट 10 जुलाई तक जारी हो सकेगी. थर्ड ग्रेड टीचर्स को राहत नहीं पिछले महीने 19 जून को सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर विंडो खोली गई थी. प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने बैन हटाते हुए तबादलों की अनुमति 5 जुलाई तक दी. आदेश के तहत, स्थानांतरण पर लगे पूर्ण प्रतिबंध में 5 जुलाई तक छूट दी गई थी. अब इस छूट की अवधि को 5 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है.  सरकार के इस फैसले के बाद अब विभिन्न विभागों में लंबित तबादला प्रस्तावों पर अगले कुछ दिनों तक कार्रवाई जारी रह सकेगी. हालांकि, सरकार ने कुछ श्रेणियों को इस छूट से बाहर रखा है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा विभाग के तृतीय श्रेणी वेतन श्रृंखला के अध्यापकों के तबादलों पर बैन जारी रहेगा. वहीं, चिकित्सकों को भी छूट नहीं दी गई है.वर्षाकाल में संचालित बीमारियों को देखते हुए चिकित्सा विभाग के कार्मिकों के लिए स्थानांतरण पर प्रतिबंध अगले आदेश तक यथावत रहेगा.