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वेटरनरी कोर्स में बदलाव: आरएजेयूवीएएस ने NEET-UG से दाखिले को अनिवार्य किया

जयपुर, बीकानेर स्थित राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (आरएजेयूवीएएस) में अगले शैक्षणिक सत्र से पशुचिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रम के लिए दाखिला राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (यूजी) के माध्यम से ही होगा। प्राधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाल में हुई बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया। पहले दाखिला राजस्थान प्री-वेटरनरी टेस्ट (आरपीवीटी) के जरिए होता था। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, पहले भी विश्वविद्यालय नीट के माध्यम से प्रवेश देता था, लेकिन सीटें खाली रहने पर पिछले साल आरपीवीटी के माध्यम से प्रवेश दिया गया था। केंद्रीय स्नातक प्रवेश मंडल के चेयरमैन प्रो. बीएन श्रृंगी ने कहा, ‘‘इस वर्ष विश्वविद्यालय आरपीवीटी परीक्षा का आयोजन नहीं करेगा। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पशुचिकित्सा स्नातक के लिए दाखिल लेने के इच्छुक सभी अभ्यर्थियों के वास्ते नीट (यूजी) परीक्षा अनिवार्य रहेगी।’’ भारतीय पशु चिकित्सा परिषद (वीसीआई) की ओर से 15 प्रतिशत सीट पर नीट के माध्यम से ही प्रवेश मिलता है। साथ ही, प्रबंधक कोटे की सीट पर भी केवल नीट में प्राप्त अंक के आधार पर दाखिल होता है, ऐसे में अभी तक अभ्यर्थियों को दो परीक्षाएं देनी पड़ती थीं। विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने बताया कि इस बार प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव किया गया है, जिससे विद्यार्थियों पर दो परीक्षाओं का बोझ नहीं होगा और तैयारी में भी आसानी होगी।  

धमकी से हड़कंप: राजस्थान के कई पासपोर्ट ऑफिस निशाने पर, सीकर और जैसलमेर में कामकाज ठप

जयपुर राजस्थान में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रदेश के कई जिलों में स्थित पासपोर्ट कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। ई-मेल के जरिए भेजी गई इस धमकी में खुद को आईएसआई से जुड़ा बताया गया है और दावा किया गया है कि दोपहर एक बजे गैस बम विस्फोट किए जाएंगे। धमकी भरा मेल सामने आते ही पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। एहतियात के तौर पर जिन-जिन इमारतों में पासपोर्ट कार्यालय संचालित हो रहे हैं, उन्हें तत्काल खाली करवा दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए व्यापक स्तर पर सुरक्षा जांच की जा रही है। सीकर में बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया सीकर जिले में भी पासपोर्ट कार्यालय को धमकी भरा ई-मेल मिला। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए जयपुर से बम निरोधक दस्ता भी बुलाया गया है, जो परिसर और आसपास के क्षेत्रों की गहन जांच कर रहा है। जैसलमेर में कार्यालय बंद, बिल्डिंग खाली जैसलमेर में धमकी मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पासपोर्ट कार्यालय के बाहर ताला लगवा दिया। साथ ही पूरी बिल्डिंग को एहतियातन खाली करवा दिया गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके। कई जिलों में एक साथ मिले धमकी भरे ई-मेल सूत्रों के अनुसार, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर, अजमेर, कोटा और भीलवाड़ा जिलों के पासपोर्ट कार्यालयों को भी इसी तरह के ई-मेल प्राप्त हुए हैं। सभी जिलों में पुलिस ने तुरंत सतर्कता बढ़ा दी है और मेल की जांच के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पोस्ट ऑफिस परिसरों में संचालित होते हैं पासपोर्ट कार्यालय गौरतलब है कि राजस्थान के कई जिलों में पासपोर्ट सेवा केंद्र पोस्ट ऑफिस परिसरों में ही संचालित किए जा रहे हैं। इसी कारण धमकी मिलने के बाद संबंधित डाकघर भवनों को भी खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

युवक की सीट के नीचे छिपे जहरीले सांप ने चलती बाइक में डसा

कोटा. शहर से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जहां चलती बाइक पर बैठे युवक को जहरीले सांप ने डंस लिया। बाद में पता चला कि करीब 2 फीट लंबा 'सॉ-स्केल्ड वाइपर' बाइक की सीट के नीचे छिपकर बैठा हुआ था। सांप के काटने के बाद युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां उसका इलाज जारी है। घटना कोटा के नयागांव रोड इलाके की है। जानकारी के अनुसार योगेश नाम का युवक अपने दोस्त मोहित के साथ लाइट का काम करने के लिए जा रहा था। बाइक मोहित चला रहा था जबकि योगेश पीछे बैठा हुआ था और उसके हाथ में लाइट व वायर थे। रास्ते में अचानक योगेश को कमर के पास तेज चुभन महसूस हुई। पहले उसे लगा कि शायद किसी मच्छर ने काट लिया। कुछ ही देर बाद जब योगेश ने उस जगह पर हाथ लगाया तो सांप ने उसकी उंगली पर भी काट लिया। तभी उसे बाइक में सांप होने का पता चला और वह घबरा गया। यह देखकर मोहित ने तुरंत बाइक रोकी और बिना देर किए योगेश को मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल लेकर पहुंचा जहां उसे इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। इस घटना की सूचना मिलने के बाद मोहित के पिता ने स्नेक कैचर गोविंद शर्मा को बुलाया। मौके पर पहुंचे गोविंद शर्मा ने बाइक की जांच की तो सीट के नीचे एक जहरीला सॉ-स्केल्ड वाइपर छिपा हुआ मिला। उन्होंने सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। काफी जहरीला होता है सॉ-स्केल्ड वाइपर स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि यह सांप करीब 2 फीट लंबा था। सॉ-स्केल्ड वाइपर बेहद जहरीली प्रजाति में गिना जाता है। इसका जहर काफी खतरनाक होता है। सांप के काटने के तुरंत बाद युवक को अस्पताल पहुंचा दिया था, जिससे समय रहते उसका इलाज शुरू हो सका और युवक की जान बच गई।

पासपोर्ट कार्यालयों पर हमले की धमकी से राजस्थान में दहशत, पुलिस-खुफिया एजेंसियां सतर्क

जयपुर/सीकर/जैसलमेर राजस्थान के कई जिलों में स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्रों (PSK) को मंगलवार दोपहर एक सनसनीखेज ई-मेल मिला, जिसमें दावा किया गया कि दोपहर 1 बजे कार्यालयों में 'गैस बम ब्लास्ट' किए जाएंगे। ई-मेल में आतंकी संगठन ISI का नाम लिखे होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। सीकर : यहाँ पासपोर्ट कार्यालय को धमकी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से बम निरोधक दस्ते (BDDS) को विशेष रूप से बुलाया गया है। जैसलमेर : सीमावर्ती जिले में धमकी मिलते ही पासपोर्ट कार्यालय पर ताला लगा दिया गया और पूरी बिल्डिंग को खाली करवाकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ : इन जिलों में भी इसी तरह के ई-मेल मिलने के बाद पुलिस ने एहतियातन कार्यालयों को बंद करवा दिया है और तकनीकी टीम मेल के सोर्स की जांच कर रही है। सुरक्षा उपाय और जांच : धमकी मिलने के साथ ही स्थानीय पुलिस ने संबंधित इमारतों से स्टाफ और आम जनता को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। शुरुआती जांच में इसे दहशत फैलाने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन ISI के नाम का जिक्र होने के कारण केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां और SOG भी मामले की निगरानी कर रही हैं। आमजन के लिए अपील : प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी लावारिस वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। फिलहाल सभी प्रभावित पासपोर्ट कार्यालयों में काम रोक दिया गया है।

राजस्थान के 10 शहरों के पासपोर्ट-पोस्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी

जयपुर. राजस्थान के 10 से ज्यादा शहरों में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कहीं पासपोर्ट ऑफिस तो कहीं पोस्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी मिली। प्रदेश में एक साथ 10 से ज्यादा जगह सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ाने की धमकी से पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सभी जगह पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाला और परिसरों को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। जानकारी के अनुसार बांसवाड़ा, सीकर, जोधपुर और जैसलमेर जिले के पासपोर्ट ऑफिस को मंगलवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। वहीं, अजमेर व बीकानेर के हेड पोस्ट ऑफिस और दौसा के पोस्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। बताया जा रहा है सभी जगह ईमेल के जरिए धमकी भरा संदेश आया। इसके अलावा राजधानी जयपुर सहित अलवर, सवाई माधोपुर और हनुमानगढ़ में भी सरकारी दफ्तरों को ​भी धमकी भरा ईमेल मिला है। परिसरों को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान धमकी भरे ईमेल की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। इसके बाद तुरंत स्थानीय थाना पुलिस को अलर्ट किया गया। सूचना मिलते ही सभी जगह पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंची। एहतियात के तौर पर परिसरों को भी खाली करवाया गया। इसके बाद सघन तलाशी ली गई। हालांकि, अभी तक किसी भी जगह कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। जैसलमेर में पासपोर्ट ऑफिस सील जैसलमेर शहर के डाकघर परिसर में स्थित पासपोर्ट कार्यालय में मंगलवार को ई-मेल के माध्यम से पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने डाकघर परिसर खाली कराया और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर भेजा। स्थानीय पुलिस ने कार्यालय और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर सर्च ऑपरेशन जारी रखी हैं। धमकी की गंभीरता को देखते हुए परिसर का संपूर्ण कामकाज फिलहाल बंद कर दिया गया है। परिसर को अस्थायी रूप से सील किया गया है। बीकानेर में संदिग्ध ई-मेल से हड़कंप बीकानेर के पासपोर्ट कार्यालय में मंगलवार को संदिग्ध ई-मेल आने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। ई-मेल में दावा किया गया है कि कुछ संदिग्ध तत्व पासपोर्ट कार्यालय से जुड़े वीवीआईपी दस्तावेजों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि पहले यह मेल एजेंसियों की प्रतिक्रिया और सुरक्षा प्रोटोकॉल को परखने के लिए भेजा गया था। साथ ही कथित तौर पर आईईडी ब्लास्ट जैसी घटनाओं की आशंका जताते हुए पासपोर्ट और पोस्ट ऑफिस के आसपास से स्टाफ और लोगों को हटाने की बात कही गई है। बांसवाड़ा के पासपोर्ट कार्यालय को भी धमकी बांसवाड़ा के नया बस स्टैंड पर स्थित पासपोर्ट कार्यालय को मंगलवार दोपहर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ये धमकी भरा मैसेज मेल के जरिए आया है। एहतियात के तौर पर डाकघर बिल्डिंग को भी खाली करवा लिया गया। इस धमकी के बाद कर्मचारियों और काम के सिलसिले में आए आम नागरिकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सीकर में धमकी के बाद खाली कराया परिसर सीकर के पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ने की धमकी मिली है। यह धमकी जयपुर पासपोर्ट ऑफिस की ऑफिशियल मेल आईडी पर आया है। इसके बाद पूरे परिसर को खाली करवाया गया है। मौके पर जिला विशेष शाखा, सीओ सिटी संदीप चौधरी, कोतवाली थानाधिकारी सुनील जांगिड़, उद्योग नगर एसएच राजेश कुमार बुडानिया टीम के साथ मौके पर पहुंचे। धमकी भरा मेल आने पर जयपुर से बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है। भारी संख्या में पुलिस जाब्ता भी तैनात किया गया है। अलवर में पाकिस्तान से आया धमकी भरा मेल अलवर शहर में मोती डूंगरी स्थित प्रधान डाकघर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। पाकिस्तान से मेल आना बताया गया है। अभी पूरे परिसर को खाली कराकर बम निरोध टीम जांच करने में लगी है। पूरे परिसर को खाली करा मुख्य गेट को बंद कर दिया है। अब अंदर से जांच करने के बाद ही कर्मचारी व आमजन को प्रवेश दिया जाएगा। यहां भी मिली बम से उड़ाने की धमकी राजधानी जयपुर में पासपोर्ट कार्यालय और मुख्य डाकघर कार्यालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके बाद कार्यालय को खाली कराया गया। सवाई माधोपुर के मुख्य डाकघर को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मंगलवार को हड़कंप मच गया।

राजस्थान में सर्दियों के पीक टूरिस्ट सीजन में दौड़ेंगी ‘डबल डेकर’ बसें

जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के तीन बड़े शहरों की सार्वजनिक परिवहन में जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। दरअसल, सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) ने 50 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक डबल-डेकर बसों की खरीद के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। खास बात यह है कि केंद्र की 'पीएम ई-बस सेवा' से इतर, इन डबल डेकर बसों का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। किन शहरों को कितनी बसें मिलेंगी? योजना के अनुसार, कुल 50 बसों में से सर्वाधिक बसें इस तरह से अलग-अलग शहरों के हिस्से में आएंगी: जयपुर: 30 डबल डेकर बसें (शहर के प्रमुख मार्गों और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए)। जोधपुर: 10 डबल डेकर बसें (पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए)। उदयपुर: 10 डबल डेकर बसें (झीलों की नगरी के खूबसूरत रास्तों के अनुकूल)। JCTSL के प्रबंध निदेशक नारायण सिंह के अनुसार, विभाग का लक्ष्य है कि दीपावली (2026) के आसपास इन बसों की पहली खेप मिल जाए ताकि दिसंबर की सर्दियों वाले पीक टूरिस्ट सीजन से पहले इन्हें सड़कों पर उतारा जा सके। पर्यटन और कनेक्टिविटी पर फोकस इन डबल डेकर बसों का मुख्य उद्देश्य केवल परिवहन नहीं, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देना भी है। अधिकारियों के मुताबिक, इन बसों के रूट इस तरह तय किए जाएंगे कि वे: शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों (जैसे आमेर किला, मेहरानगढ़, सिटी पैलेस) को जोड़ें। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और मुख्य बस स्टैंडों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करें। यात्रियों को शहर का 'पैनोरमिक व्यू' (Panoramic View) प्रदान करें, जो विशेषकर विदेशी और घरेलू सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। रूट चयन की चुनौतियां, होगा सर्वे जयपुर के कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) के तहत 25 बस कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। हालांकि, डबल डेकर बसें चलाने से पहले प्रशासन पुराने फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज (RoB), अंडरपास और हाइट बैरियर की जांच कर रहा है। बस की ऊंचाई को देखते हुए उन रूट्स को प्राथमिकता दी जाएगी जहाँ मार्ग में बाधाएं कम हों। पर्यावरण के अनुकूल 'ग्रीन ट्रांसपोर्ट' ये बसें पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन शून्य होगा। राजस्थान सरकार का यह कदम 'नेट जीरो' लक्ष्य की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे शहरों में शोर और वायु प्रदूषण कम होगा, जिससे निवासियों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर भजनलाल शर्मा सरकार प्रतिबद्ध

खेजड़ी के संरक्षण एवं सुरक्षा हेतु राज्य सरकार लाएगी कठोर कानून उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक आयोजित जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की संस्कृति और पर्यावरण प्रेमियों की भावनाओं के अनुरूप खेजड़ी को बचाने के लिए कृत संकल्पित है। खेजड़ी सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रजातियों के वृक्षों के संरक्षण एवं सुरक्षा हेतु राज्य सरकार ने एक विशेष कानून लाने के अपने विनिश्चय और घोषणा की क्रियान्विति करने के लिए ‘वृक्ष संरक्षण विधेयक’ का प्रारूप तैयार करने हेतु एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। इस समिति की पहली बैठक सोमवार प्रातः संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में उनके निवास पर आयोजित की गई। बैठक में राजस्व एवं उपनिवेशन मंत्री श्री हेमन्त मीणा, वन मंत्री श्री संजय शर्मा सहित विधि विभाग के प्रमुख शासन सचिव, राजस्व विभाग के शासन सचिव एवं विधि विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कमेटी द्वारा वृक्षों के संरक्षण हेतु एक मजबूत और बिना मुकदमे वाला कानून बनाने के लिए दूसरे राज्यों में मौजूद वृक्ष संरक्षण कानूनों के साथ तुलनात्मक अध्ययन कर विचार-विमर्श किया गया। प्रारूप विधेयक को अंतिम रूप दिए जाने से पहले संबंधित विभागों, विधि विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर के सुझावों पर विचार किया जा रहा है। कमेटी की अगली बैठक आगामी 11 मार्च को आयोजित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में केवल कृषि भूमि पर ही पेड़ों की कटाई की अनुमति का प्रावधान और अवैध पेड़ कटाई पर पेनल्टी का प्रावधान काश्तकारी कानून में है। अब नया कानून लाकर हर प्रकार की भूमियों जैसे- आवंटित, रूपान्तरित, अधिग्रहित और आबादी भूमियों अर्थात समस्त गैर कृषि उपयोग वाली भूमियों पर भी वृक्ष संरक्षण के लिए कठोर प्रावधान किए जाएंगे। गैर कृषि उपयोग की इन भूमियों पर प्राधिकृत अधिकारी से अनुमति लेकर ही न्यूनतम आवश्यक पेड़ ही हटाए जा सकेंगे।

भजनलाल शर्मा सरकार का स्वच्छता और पर्यावरण बचाने की ओर बड़ा अभियान

राजस्थान में “प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान-2026” को मिला अभूतपूर्व जनसमर्थन- 18 लाख से अधिक लोगों ने अभियान में की भागीदारी- लगभग 39 हजार किलोग्राम प्लास्टिक कचरा संग्रहित जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व और स्वच्छता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 16 फरवरी से 28 फरवरी तक “प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान-2026” का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने की सोच ने इस अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की, जिसके चलते प्रदेश के लाखों लोगों ने उत्साहपूर्वक अभियान में भागीदारी निभाई तथा अभियान को राज्यभर में अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला। अभियान के दौरान 18 लाख 61 हजार प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई तथा राज्यभर से लगभग 39 हजार किलोग्राम प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया गया। एकत्रित प्लास्टिक के पुनर्चक्रण एवं वैज्ञानिक निस्तारण से लगभग 2 लाख रुपये का राजस्व भी प्राप्त हुआ, जो इस अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाता है। विद्यालयों, महिला समूहों और स्वयंसेवी संगठनों ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा मुख्यमंत्री ने प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए लगातार जनभागीदारी पर बल दिया है। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए ठोस कदम उठा रही है। यही कारण है कि इस अभियान में ग्राम पंचायतों से लेकर विद्यालयों, स्वयंसेवी संगठनों, महिला समूहों और आम नागरिकों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ एवं प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाना तथा आमजन में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस अभियान को व्यापक जनआंदोलन का रूप मिला और लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूती मिली।   राज्यभर की ग्राम पंचायतों में विविध गतिविधियों का आयोजन अभियान के तहत राज्यभर की ग्राम पंचायतों में विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायतों, विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों, जल स्रोतों, धार्मिक स्थलों और बाजार क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता गतिविधियाँ संचालित की गईं। इसके साथ ही चौपाल, स्वच्छता रैलियाँ, श्रमदान, विद्यालयों में पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिताएँ, दुकानदारों के साथ संवाद, महिलाओं को कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूक करने के कार्यक्रम तथा बर्तन बैंक को प्रोत्साहित करने जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। आमजन ने प्लास्टिक कचरा मुक्त वातावरण बनाए जाने की ली शपथ अभियान के दौरान कई स्थानों पर सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए जागरूकता के साथ-साथ जुर्माने की कार्रवाई भी की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्लास्टिक कचरा मुक्त वातावरण बनाए रखने और कचरा पृथक्करण अपनाने की शपथ ली। जिससे ‘प्लास्टिक मुक्त राजस्थान‘ का संकल्प धरातल पर साकार हो सके। मुख्यमंत्री की पहल पर चलाए जा रहे ऐसे जनहितकारी अभियानों से प्रदेश में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को नई मजबूती मिल रही है तथा राजस्थान स्वच्छ और हरित भविष्य की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है।

तीन साल की बच्ची के कान में डॉक्टरों ने फिट किया AI-बेस्ड डिवाइस

नई दिल्ली. राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। यहां राज्य के सरकारी अस्पताल में पहली बार तीन साल की बच्ची के कान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-बेस्ड स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट किया गया है। ENT डिपार्टमेंट के सीनियर प्रोफेसर डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने बताया, 'लगभग तीन घंटे की सफल सर्जरी के बाद बच्ची की हालत स्थिर है और उम्मीद है कि वह लगभग 21 दिनों में सुनना और बोलना शुरू कर देगी।' राजस्थान में तीन साल की बच्ची का सफल ऑपरेशन डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने कहा, 'यह राज्य के सरकारी अस्पताल में किया गया पहला ऐसा एडवांस्ड कॉक्लियर इम्प्लांट प्रोसीजर है और इससे कम सुनने वाले बच्चों के इलाज में नई संभावनाएं खुल सकती हैं। डॉ. ग्रोवर ने आगे बताया, 'बच्ची को जन्म से सुनने में दिक्कत थी, जो सामान्य सुनने और बोलने के विकास के लिए एक बड़ी चुनौती थी। वह जन्म से पूरी तरह बहरी नहीं थी और आवाज को महसूस कर सकती थी। लेकिन दो साल की उम्र के बाद उसने धीरे-धीरे पूरी तरह से सुनना बंद कर दिया।' क्या है कॉक्लियर इम्प्लांट? डॉ. ग्रोवर ने बताया, 'इम्प्लांट में एक हाई-स्पीड प्रोसेसिंग चिप है जो साउंड क्वालिटी को बेहतर बनाती है। कान के अंदर लगाया गया इंटरनल इम्प्लांट लगभग 30 साल तक काम कर सकता है, जबकि एक्सटर्नल साउंड प्रोसेसर की बैटरी तीन साल तक ही चल सकती है। डॉ. ग्रोवर के मुताबिक, 'इम्प्लांट एक स्मार्ट नर्व टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है, जो सर्जरी के दौरान सही जगह तय करने में मदद करती है। इसमें मरीज की मैपिंग और डेटा स्टोर करने के लिए इंटरनल मेमोरी भी है और इसे स्मार्टफोन की तरह समय-समय पर अपडेट किया जा सकता है।' मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के कमिश्नर नरेश कुमार गोयल ने कहा,  'यह सफलता राज्य में एडवांस्ड मेडिकल सर्विस देने की दिशा में एक जरूरी कदम है और इससे राजस्थान में मरीजों को मॉडर्न हेल्थकेयर सुविधाएं देने की कोशिशों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।'

जयपुर के बिजनेसमैन वल्लभ माहेश्वरी की सड़क हादसे में मौत

नई दिल्ली. राजस्थान के अलवर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक BMW कार पलट गई। इस सड़क हादसे में जयपुर के 62 साल के बिजनेसमैन वल्लभ माहेश्वरी मौत हो गई है। वल्लभ माहेश्वरी शकुन ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर थे। पुलिस ने बताया कि रैनी पुलिस स्टेशन इलाके में रविवार शाम को जब यह हादसा हुआ, तब वल्लभ माहेश्वरी जयपुर से मथुरा जा रहे थे। सड़क हादसे में वल्लभ माहेश्वरी की मौत न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि ड्राइवर ने एक्सप्रेसवे पर लग्जरी गाड़ी से कंट्रोल खो दिया, जिससे वह सड़क किनारे लगे बैरिकेड्स को तोड़कर निकल गई। पुलिस के मुताबिक, कार मीडियन से टकरा गई और एक पुलिया की दीवार से टकराकर पलट गई। टक्कर से गाड़ी बुरी तरह डैमेज हो गई। हादसे के तुरंत बाद माहेश्वरी और उनके ड्राइवर को पास के अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि शुरुआती इलाज के बाद, बिजनेसमैन को ज्यादा चोट आने के कारण अलवर के दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि, ड्राइवर को मामूली चोटें आईं। अशोक गहलोत ने जताया दुख शकुन ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर वल्लभ माहेश्वरी जयपुर के एक जाने-माने बिजनेसमैन थे। उनकी मौत पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शोक जताया। अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए हादसे में उद्योगपति की मौत को बहुत दुखद बताया और दुखी परिवार के प्रति अपनी संवेदना जताई। गहलोत ने लिखा, 'अलवर के रैणी थाना इलाके में एक्सप्रेसवे पर एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में उद्योगपति श्री वल्लभ माहेश्वरी के निधन की खबर बहुत दुखद है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को शांति दें और उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें। ओम शांति।'