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सिटी पैलेस संग्रहालय में स्पर्श दोशी की उत्कृष्ट कला प्रदर्शनी का आयोजन

उदयपुर महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन, उदयपुर के सहयोग से ऐतिहासिक सिटी पैलेस संग्रहालय, उदयपुर में प्रतिभाशाली कलाकार स्पर्श दोशी की मनमोहक कलाकृतियों की एक शानदार प्रदर्शनी ‘कनक’ का आयोजन किया। दो दिवसीय प्रदर्शनी में महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ उपस्थित हुए। इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने स्पर्श दोशी का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी कला की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मेवाड़ की परंपरा सदियों से कला और कलाकारों को संरक्षण एवं प्रोत्साहन देने की रही है। मेवाड़ की कला धरोहरें विश्व में अपना विशिष्ट और अद्वितीय स्थान रखती हैं तथा युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का दायित्व हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है।   प्रदर्शनी में प्रस्तुत कलाकृतियों के माध्यम से स्पर्श दोशी ने दर्शकों को चकित कर दिया। दृष्टिबाधित कलाकार स्पर्श चुंबकीय गेंदों का उपयोग करते हुए रचनात्मकता और सूक्ष्म सटीकता के अद्भुत समन्वय से आकर्षक और जटिल कलाकृतियाँ सृजित करते हैं। उनकी कल्पनाशील दृष्टि और गणितीय गणनाओं की गहरी समझ इन छोटी-छोटी गोलिकाओं से ऐसे डिज़ाइन रचते हैं, जो तर्क, सममिति और सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करती हैं। उनका कार्य यह सिद्ध करता है कि कला केवल कल्पना का परिणाम नहीं, बल्कि बुद्धि, अनुशासन और असीम संभावनाओं की अभिव्यक्ति भी है। इस प्रेरणादायी कला यात्रा के पीछे स्पर्श के माता-पिता हार्दिक दोशी एवं भूमि दोशी का निरंतर समर्पण, मार्गदर्शन और सहयोग उल्लेखनीय है, जिनके प्रोत्साहन से स्पर्श अपनी प्रतिभा को नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं। सिटी पैलेस संग्रहालय के ऐतिहासिक वातावरण में आयोजित यह प्रदर्शनी कला, नवाचार और प्रेरणा का सजीव उदाहरण बनी, जिसे कला प्रेमियों एवं दर्शकों ने विशेष सराहना के साथ देखा।  

मसूरी: स्कूल परिसर में बनी मजार पर हमला, नारेबाजी का वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा तनाव

मसूरी मसूरी के बाला हिसार क्षेत्र में स्थित बाबा बुल्ले शाह की मजार को नुकसान पहुंचाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक मजार को तोड़ते हुए और धार्मिक नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद शहर में एक बार फिर माहौल गरमा गया है। कुछ दिन पहले भी मजार को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। उस दौरान कुछ संगठनों ने मजार के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया था, जिसके बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को संभाल लिया था और मामले की जांच शुरू की गई थी। उस समय हालात शांत हो गए थे, लेकिन अब वायरल वीडियो ने एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। हालांकि हिन्दुस्तान इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। पुलिस प्रशासन भी वीडियो की सत्यता और इसमें शामिल लोगों की पहचान की जांच कर रहा है। मजार को नुकसान पहुंचा बाबा बुल्ले शाह समिति के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने बताया कि मजार को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि मजार की सभी लाइटें तोड़ दी गई हैं और यह घटना बेहद निंदनीय है। अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर शहर का माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों पर कार्रवाई की मांग उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और इसके लिए कोतवाली में तहरीर दी जा रही है। रजत अग्रवाल ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे पुलिस और प्रशासन के लिए चेतावनी बताया। समिति अध्यक्ष का यह भी कहना है कि वीडियो में जिस तरह से धार्मिक नारे लगाए जा रहे हैं, उससे यह स्पष्ट होता है कि किसी संगठित समूह के युवा इसमें शामिल हो सकते हैं। आरोपियों की धरपकड़ जारी वहीं, मसूरी के क्षेत्राधिकारी (सीओ) मनोज असवाल ने बताया कि मजार को नुकसान पहुंचाए जाने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है और मामले की जांच की जा रही है। वीडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- ‘हिंदुओं को चादर चढ़ाते देख पीड़ा होती है’

कोटा. कोटा में आयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन बागेश्वर धाम के महंथ पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयानों से हलचल मचा दी। उन्होंने कहा कि मैं जब हिन्दू भाइयों को सिर पर रुमाल बांधने वालों के पास जाता देखता हूं तो बुरा लगता है। चमत्कारों के नाम पर धर्मांतरण नहीं होना चाहिए। बालाजी ने हमें सिद्धि दी है ताकि धर्म विरोधियों की ठठरी और गठरी बांधी जाए। इस भव्य कार्यक्रम में राजस्थान और मध्य प्रदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शनिवार को करीब तीन लाख लोग मौजूद रहे। चमत्कार के नाम पर धर्मांतरण कराना गलत धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि चमत्कार के नाम पर धर्मांतरण कराना गलत है। हम जब हिंदुओं को चादर चढ़ाते देखते हैं तो बहुत बुरा लगता है। हम जब हिंदुओं को रुमाल वालों के पास जाते हुए देखते हैं तो बहुत बुरा लगता है। तब हमें लगता है कि बाला जी ने हमें इसीलिए सिद्धि दी है ताकि धर्म विरोधियों की ठठरी और गठरी बांधी जाए। चमत्कारों के नाम पर धर्मांतरण नहीं होना चाहिए। अपने बजरंग बली किसी से कम नहीं हैं। दूसरे मजहब के संतों को चुनौती धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हम हिंदुओं से प्रार्थना करते हैं कि अपने बजरंगबली किसी से कम नहीं हैं। ऐसी कोई गली नहीं, जहां बजरंगबली की चली नहीं… मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि सनातनियों को छोड़कर किसी भी मजहब के संतों में इतनी हिम्मत नहीं है कि वे बागेश्वर धाम सरकार का सामना कर लें। पैंट गीला कर दिया जाएगा। यह बात मैं अभिमान में नहीं बोल रहा हूं। मैं यह बात केवल हनुमान जी के भरोसे पर कह रहा हूं। पर्ची कार्यक्रम भी रखा शनिवार को कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने पर्ची कार्यक्रम भी रखा। इस दौरान उन्होंने चुनिंदा भक्तों की पर्ची खोली और उनके बारे में बताया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनने के लिए रोजाना लाखों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। कोटा संभाग के कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ के अलावा राजस्थान के दूसरे जिलों के साथ ही मध्य प्रदेश के कई जिलों से भी लोग कथा सुनने पहुंच रहे हैं। रविवार को कई साधु संतों के आने की संभावना है।

गुजरात में इनोवा के ऊपर ट्रक पलटने से 7 राजस्थानियों की मौत

जयपुर. गुजरात के बनासकांठा जिले में भीषण सड़क हादसे में राजस्थान के 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि इनोवा कार के परखच्चे उड़ गए और शव गाड़ी के अंदर ही फंस गए। दुर्घटना के बाद पालनपुर–आबू हाईवे पर करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। यह हादसा अमीरगढ़ तालुका के इकबालगढ़ गांव के पास हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार आइसर ट्रक रॉन्ग साइड से आ रहा था। ट्रक अचानक डिवाइडर तोड़ते हुए सामने से आ रही इनोवा कार से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इनोवा पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उसमें सवार यात्रियों को बाहर निकालने में पुलिस और स्थानीय लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रक ने मारी टक्कर पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में शामिल आइसर ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर GJ-19-AX-8823 है, जबकि इनोवा कार का नंबर RJ-22-TA-3107 बताया गया है। इनोवा में कुल 10 लोग सवार थे, जो राजस्थान से गुजरात की ओर जा रहे थे। हादसे में 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक तेज रफ्तार में था और अचानक डिवाइडर पार कर गया। इससे इनोवा चालक को संभलने का मौका ही नहीं मिला। टक्कर के बाद ट्रक भी पलट गया और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। हाईवे पर लगा लंबा जाम हादसे के बाद पालनपुर–आबू हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब 5 किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया, तब जाकर आवागमन धीरे-धीरे शुरू हो सका। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा सूचना मिलते ही अमीरगढ़ पुलिस का काफिला पीआई बी.डी. गोहिल के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंचा। इसके साथ ही बनासकांठा एसपी प्रशांत सुम्बे भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से इनोवा में फंसे शवों और घायलों को बाहर निकाला। घायलों को तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा के जरिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, तीनों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। शवों को सरकारी अस्पताल में रखवाया हादसे में जान गंवाने वाले सभी 7 लोगों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। बताया जा रहा है कि सभी मृतक और घायल राजस्थान के निवासी हैं। ट्रक चालक पर मामला दर्ज अमीरगढ़ पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण ट्रक चालक की लापरवाही और रॉन्ग साइड ड्राइविंग को माना जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ट्रक की रफ्तार कितनी थी और चालक ने ट्रैफिक नियमों का पालन क्यों नहीं किया। एसपी का बयान बनासकांठा एसपी प्रशांत सुम्बे ने बताया अमीरगढ़ के इकबालगढ़ गांव के पास राजस्थान की ओर से आ रहा आइसर ट्रक डिवाइडर पार कर इनोवा कार से टकरा गया। कार में सवार 10 लोगों में से 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सभी पीड़ित राजस्थान के निवासी हैं। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।”

जयपुर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, 400 वाहनों के कटे चालान

जयपुर. गणतंत्र दिवस के मद्देनजर राजधानी जयपुर की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शनिवार को विशेष अभियान चलाया। इस दौरान शहर के सभी थाना इलाकों में दो चरणों में आकस्मिक नाकाबंदी की गई, जिससे नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देश पर पहली आकस्मिक नाकाबंदी दोपहर 3:30 से शाम 5:30 बजे तक की गई, जबकि दूसरी रात 8:00 से 9:00 बजे के बीच हुई। शहर के प्रमुख चौराहों, संवेदनशील इलाकों और प्रवेश मार्गों पर भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली गई और चालकों के दस्तावेज की गहन जांच की गई। कार्रवाई में सर्वाधिक जब्ती एसयूवी की हुई है। आंकड़ों में कार्रवाई का लेखा-जोखा 17 वाहन शराब पीकर वाहन चलाने पर जब्त किए गए 401 वाहनों के चालान यातायात नियमों की अनदेखी पर किए गए 196 वाहनों को बिना वैध दस्तावेज और नियमों के गंभीर उल्लंघन पर जब्त किया गया 6 अन्य संदिग्ध मामलों में भी कार्रवाई की गई 250 चालान और जब्ती की कार्रवाई यातायात पुलिस ने की सुरक्षा के कड़े इंतजाम पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सर्वोपरि है। इस तरह की आकस्मिक नाकाबंदी आगे भी जारी रहेगी। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। देर रात तक चली इस कार्रवाई से अराजक तत्वों में भय का माहौल देखा गया। आकस्मिक नाकाबंदी की गई – यातायात नियमों की पालना और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आकस्मिक नाकाबंदी की गई। नियमों की घोर अवहेलना करने पर वाहन जब्त किए गए। – राहुल प्रकाश, स्पेशल पुलिस कमिश्नर, जयपुर

राजसमंद में 29 करोड़ से बनेगा 100 बेड का उप जिला अस्पताल

राजसमंद. जिले के भीम उपखंड मुख्यालय में चिकित्सा सुविधाओं को नई ऊंचाई देने वाला उप जिला चिकित्सालय एवं मातृ-शिशु चिकित्सा इकाई भवन 29 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। दोनों परियोजनाओं के इस वर्ष जून तक पूर्ण होने की उम्मीद है। राज्य सरकार की ओर से नये वर्ष की शुरुआत में ही यह खबर भीम सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। भीम से लगभग 100 किलोमीटर की परिधि में स्थित भीलवाड़ा और ब्यावर जिले के टॉडगढ़, रायपुर, बदनोर, करेड़ा और आसींद क्षेत्रों की लाखों की आबादी को इन दोनों अत्याधुनिक चिकित्सा भवनों से बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। NHM और डीएमएफ फंड से मिली 2 बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाएं भारत सरकार के नेशनल हेल्थ मिशन एवं डिस्ट्रिक मिनरल फंड ट्रस्ट के बजट से भीम को कुल दो अत्याधुनिक चिकित्सा भवन मिलने जा रहे हैं। इससे क्षेत्रीय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत आधार मिलेगा और गंभीर रोगियों को बड़े शहरों की ओर रेफर करने की मजबूरी कम होगी। एनएचएम के ठेकेदार कंपनी के प्रोजेक्ट इंचार्ज सागर पंवार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 29 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन 100 बेड का उप जिला चिकित्सालय भवन लगभग अंतिम दौर में है। आगामी वर्ष में यह भवन आमजन के लिए पूरी तरह उपलब्ध हो जाएगा। यह पूरा भवन चिकित्सा विभाग द्वारा एनएचएम प्रोजेक्ट के अंतर्गत निर्मित किया जा रहा है। मरीजों को ये मिलेंगी सुविधाएं 10 आधुनिक इनडोर वार्ड सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे एवं सोनोग्राफी लाल, पीला और हरा जोन आधारित आपातकालीन व्यवस्था एचडीयू कम आईसीयू एवं आइसोलेशन यूनिट इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर बहिरंग रोगी विभाग (ओपीडी) 50 बेड की मातृ-शिशु गहन चिकित्सा इकाई भी तैयार डिस्ट्रिक मिनरल फंड ट्रस्ट के माध्यम से पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा स्वीकृत 50 बेड की मातृ एवं शिशु गहन चिकित्सा इकाई का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। यह भवन भी आगामी वर्ष में आमजन को समर्पित होने की उम्मीद है। इससे 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित तीन जिलों की प्रसूता एवं धात्री महिलाओं के साथ-साथ नवजात शिशुओं को उन्नत चिकित्सा सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकेंगी। एमसीएच विंग में मिलेंगी ये सुविधाएं 5 अत्याधुनिक वार्ड शिशु रोग एवं स्त्री रोग के अलग-अलग ओपीडीअल्ट्रासाउंड सुविधा एचडीयू एवं प्रयोगशाला8 लेबर रूम ऑपरेशन थियेटरएसएनसीयू काउंसलिंग सेंटर एवं पोस्ट ऑपरेशन थियेटर

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिफ्ट होंगे किराए के कमरों वाले आंगनबाड़ी केंद्र

जयपुर. किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को अब पास के सरकारी स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। आंगनबाड़ी में शाला पूर्व शिक्षा लेने वाले बच्चों को आगे उसी स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस दिशा में कवायद शुरू कर दी है। जो केंद्र स्कूलों में शिफ्ट नहीं हो पाएंगे, उनकी पास के स्कूलों से मैपिंग को जाएगी। दूरी का निर्धारण शहरी क्षेत्रों में एक किमी के दायरे में स्थित स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र शिफ्ट होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 500 मीटर के दायरे में स्थित स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र शिफ्ट किए जाएंगे। जयपुर में सबसे अधिक किराए के भवनों में सबसे अधिक आंगनबाड़ी केंद्र जयपुर में चल रहे हैं। जिले में कुल 1078 केंद्र किराए के भवनों में संचालित हैं। स्थिति इतनी खराब है कि कई केंद्र छोटे-छोटे कमरों में चल रहे हैं। इनका कहना है किराए के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को पास के स्कूलों में जोड़ रहे हैं, जिससे स्कूल प्रबंधन की मॉनिटरिंग भी हो सकेगी। वहीं, बच्चों को स्कूल जैसा माहौल भी मिलेगा। 6 वर्ष की आयु पूरी होते ही बच्चे को उसी स्कूल में प्रवेश मिल जाएगा। – वासुदेव मालावत, निदेशक, समेकित बाल विकास सेवाएं

बैलेट पेपर से पंच और सरपंच तथा ईवीएम से होंगे जिला पंचायत के चुनाव

जयपुर. राजस्थान में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर मतदान व्यवस्था में एक बड़ा और अहम बदलाव किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार पंच और सरपंच पदों के चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराने का फैसला लिया है। वहीं, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए ईवीएम से मतदान कराया जाएगा। इस संबंध में आयोग ने सभी जिला कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं और उसी अनुरूप चुनावी तैयारियां करने को कहा गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की गाइड लाइन राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, पंच और सरपंच चुनावों में बैलेट पेपर, बैलेट बॉक्स, मतगणना की प्रक्रिया और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएंगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन पदों के लिए ईवीएम का इस्तेमाल नहीं होगा। इसके साथ ही जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे, लेकिन जहां ईवीएम की उपलब्धता कम होगी, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बैलेट बॉक्स की तैयारी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका मकसद यह है कि किसी भी जिले में मशीनों की कमी के कारण मतदान प्रक्रिया प्रभावित न हो। गौरतलब है कि राजस्थान में पिछले तीन पंचायती राज चुनावों में सभी पदों के लिए मतदान ईवीएम से ही कराया गया था। पंच, सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद चारों स्तरों पर ईवीएम का इस्तेमाल किया जाता रहा है। ऐसे में लंबे समय बाद पंच और सरपंच चुनावों में बैलेट प्रणाली की वापसी को एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इसे चुनाव प्रबंधन से जुड़ा बड़ा फैसला बताया जा रहा है। निर्वाचन आयोग का कहना है कि यह निर्णय चुनावों को सुचारु, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से लिया गया है। ईवीएम की सीमित संख्या और बड़े पैमाने पर होने वाले ग्रामीण चुनावों को देखते हुए बैलेट और ईवीएम दोनों विकल्पों को साथ में रखा गया है। आयोग ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में आवश्यक संसाधनों का आकलन कर समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी करें, ताकि चुनाव के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो। पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण लोकतंत्र की आधारशिला मानी जाती हैं और इन चुनावों में बड़ी संख्या में मतदाता भाग लेते हैं। ऐसे में मतदान प्रक्रिया में किए गए इस बदलाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अब ग्रामीण मतदाता पंच और सरपंच के लिए मतपत्र के जरिए वोट डालेंगे, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद के लिए ईवीएम का इस्तेमाल होगा। आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, विधानसभा की मतदाता सूचियों के आधार पर फोटोयुक्त पंचायत मतदाता सूचियां तैयार की जा रही हैं। इन सूचियों का अंतिम प्रकाशन 25 फरवरी को होगा। पंच और सरपंच के चुनाव मतपेटियों से कराए जाएंगे, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से होने की संभावना है। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की एमपीएसवी ईवीएम भी मंगाई जा रही हैं।

प्रिया और हनुमान ने आखिरी समय पर बदली शादी की जगह

अलवर. राजस्थान में इस समय प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद की शादी सुर्खियों में है। अलवर जिले के निवासी हनुमान प्रसाद और पाली जिले की रहने वाली प्रिया सेठ 23 जनवरी को बसंत पंचमी अबूझ सावे के दिन विवाह के बंधन में बंध गए। दोनों की शादी एक होटल में हुई।शादी में कौन-कौन शामिल हुआ जयपुर की खुली जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे प्रिया और हनुमान की शादी में परिवार के अलावा केवल नजदीकी रिश्तेदार ही मौजूद रहे। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इन दोनों को पैरोल मिली है। दोनों चर्चित हत्याकांड में शामिल रहे हैं। क्यों चर्चा में है यह शादी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद के दिल जेल में ही मिले। दो कैदियों की प्रेम कहानी की वजह से यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। शादी पर मीडिया और लोगों की नजर के कारण कपल को आखिरी समय पर अलवर जिले के बड़ौदामेव कस्बे से अपनी शादी की जगह बदलनी पड़ी। ये थी शादी के वेन्यू में बदलाव की वजह 34 वर्षीय प्रिया सेठ और 29 साल के हनुमान प्रसाद ने अलवर में शादी की। शादी की जगह में बदलाव की वजह दोनों की शादी का कार्ड बताया जा रहा है। दरअसल दोनों के शादी के निमंत्रण पत्र में हनुमान का नंबर था। सोशल मीडिया पर दोनों की शादी का कार्ड वायरल हो गया था। बड़ौदामेव में उनका घर शादी के सजा हुआ था, वहां शादी की जगह बदलने के बाद सन्नाटा पसरा हुआ था। इससे कस्बे में ये अटकलें लगने लगीं कि क्या शादी टाल दी गई है। लेकिन शादी प्लान के अनुसार ही हुई, केवल जगह अलग थी। शादी को लेकर क्या बोली हनुमान प्रसाद की मां हनुमान प्रसाद की मां चंद्र कला ने कहा कि हम खुश हैं कि हमारे बेटे की आखिरकार शादी हो रही है। जब उनके पूछा गया कि आपका शादी को लेकर क्या कहना है। इस पर उन्होंने कहा कि अच्छा है। दोनों नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं। प्रिया सेठ को 2018 में जयपुर में दुष्यंत शर्मा की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था, जिससे वह एक डेटिंग ऐप पर मिली थी। वहीं हनुमान प्रसाद को 2017 के एक मामले में अलवर में एक आदमी, उसके 3 बेटों और एक भतीजे की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था। दोनों को 2023 में दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

उदयपुर के गेमिंग जोन में लगी भीषण आग

नई दिल्ली. उदयपुर में सुखेर पुलिस स्टेशन के पास एक गेमिंग जोन में भीषण आग लग गई। इससे परिसर का सारा सामान जल गया, जिसमें संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। लेकिन किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। यह घटना शुक्रवार की शाम करीब 4 बजे की है। घटना की जानकारी मिलने के साथ ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। सुखेर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) रविंद्र चरण ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया, 'हमें शाम करीब 4 बजे आग लगने की घटना की जानकारी मिली। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन संपत्ति का काफी नुकसान हुआ है।'