samacharsecretary.com

चार भीषण सड़क दुर्घटनाओं से दहला फतेहाबाद, 12 लोगों ने गंवाई जान

फतेहाबाद. राजस्थान के बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में सोमवार दोपहर स्विफ्ट डिजायर कार और ट्रक की आमने-सामने की भिड़ंत में फतेहाबाद के गांव मताना निवासी पंचायत विभाग से सेवानिवृत सीनियर अकाउंटेंट ओमप्रकाश सुथार (58) समेत उनके परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में ओमप्रकाश की पत्नी सोरमा देवी (55), बेटी प्रमिला (30), दोहती यशवी (10), खुशी (8) और पोता रोनित (4) शामिल हैं। इस भीषण दुर्घटना में 10 वर्षीय बच्ची तनवी गंभीर रूप से घायल हो गई, जो जिंदगी की जंग लड़ रही है। उसका बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में उपचार चल रहा है। ओमप्रकाश सुथार महज 15 दिन पहले ही डीडीपीओ कार्यालय से रिटायर हुए थे और परिवार सहित रविवार को मुकाम धाम दर्शन के लिए रवाना हुए थे। सोमवार सुबह दर्शन करने के बाद परिवार कार से वापस फतेहाबाद लौट रहा था। दोपहर करीब ढाई बजे श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के हेमासर गांव के पास सामने से आ रहे ट्रक से कार की आमने-सामने की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर कई फीट तक टायरों के घिसटने के निशान बन गए। अमानी के पास ओवरलोड निजी बस पलटने से होमगार्ड जवान समेत तीन की जान टोहाना उपमंडल के गांव अमानी के पास फतेहाबाद-भूना-टोहाना रूट की एक प्राइवेट बस अनियंत्रित होकर खेतों में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में गांव डूल्ट निवासी होमगार्ड जवान बलविंद्र सिंह, भोडी निवासी 70 वर्षीय मोनी देवी और भोडियाखेड़ा निवासी 22 वर्षीय छात्रा बोहती देवी की मौत हो गई। बस में क्षमता से अधिक करीब 80 सवारियां ठंसी हुई थीं और कई यात्री तो छत पर भी बैठे थे। हादसे में 30 से अधिक लोग घायल हो गए, जिन्हें टोहाना के सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त ड्राइवर की जगह परिचालक बस चला रहा था। यात्रियों के अनुसार, बस चला रहे परिचालक के पास अचानक फोन आया, जिससे बस अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराकर पलट गई। रतिया में पिकअप की टक्कर से दो सगे भाइयों ने तोड़ा दम रतिया क्षेत्र के मिराना गांव के पास तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहां एक पिकअप ने बाइक सवार दो सगे भाइयों को जोरदार टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में गांव पलांटा निवासी कर्म सिंह (57) और रणजीत सिंह (54) की मौत हो गई। दोनों भाई गुरुद्वारे में माथा टेककर अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में काल ने उन्हें अपना ग्रास बना लिया। पुलिस ने घटना के बाद पिकअप वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है और मौके से फरार चालक की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। शहर में युवक ने फंदा लगाकर दी जान, हादसे में घायल युवक की भी उपचार के दौरान मौत सड़क हादसों के अलावा जिले में आत्महत्या और लापरवाही के कारण भी मौत के मामले सामने आए। फतेहाबाद शहर के गांव धारनिया निवासी 25 वर्षीय युवक विक्रम ने मानसिक तनाव के चलते अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं, एक अन्य सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरनगर निवासी और वर्तमान में फतेहाबाद शहर के अशोक नगर निवासी 18 वर्षीय युवक अभिषेक की उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई।

सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद खाली, नगर निगमों में अधूरी सत्ता व्यवस्था

 अंबाला  प्रदेश के नगर निगमों में अजीब तस्वीर दिखाई दे रही है। शहरों को मेयर मिल चुके हैं, सदन बन चुके हैं, पार्षद शपथ ले चुके हैं, लेकिन सत्ता की दो अहम कुर्सियां सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की अब भी खाली हैं। मार्च 2025 में हुए नगर निगम चुनावों के बाद गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, रोहतक, करनाल, पानीपत और यमुनानगर में मेयरों ने कामकाज संभाल लिया। मई 2026 में अंबाला, सोनीपत और पंचकूला में भी नए सदन अस्तित्व में आ गए। लेकिन प्रदेश के अधिकांश नगर निगमों में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। मार्च 2025 में मानेसर नगर निगम का भी चुनाव हुआ था केवल यहीं पर सीनियर और डिप्टी मेयर का चुनाव हो सका है। नगर निगम कानून आज भी उस दौर की कहानी कहता है जब मेयर का चुनाव पार्षद किया करते थे। अब मेयर सीधे जनता चुनती है, लेकिन कानून की कई धाराओं में आज भी पार्षदों द्वारा मेयर चुनने का जिक्र दर्ज है। नगर निगम की राजनीति में सीनियर डिप्टी मेयर का पद केवल सम्मान का विषय नहीं होता। इसे अक्सर भविष्य की राजनीति का लांचिंग पैड माना जाता है। पंचकूला का नाम शायद इसलिए भी याद रखा जाएगा क्योंकि वहां 2021 से 2026 तक का पूरा कार्यकाल निकल गया है। अंबाला में हाई कोर्ट की लेनी पड़ी थी शरण अंबाला में 2013 में निगम बनने के बाद मेयर के साथ-साथ निर्धारित समय के भीतर सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव भी हो गया था। दूसरे कार्यकाल में मामला इतना लंबा खिंचा कि चुनाव कराने के लिए तत्कालीन छह पार्षदों जिनमें जसबीर सिंह, फकीर चंद, राजेश मेहता, अमनदीप कौर, राजेश सिंगला इत्यादि को हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी थी। दिसंबर 2020 में चुनाव हुए, जनवरी 2021 में शपथ ग्रहण हुआ, लेकिन सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर के चुनाव आठ दिसंबर 2022 में जाकर हुए। लगभग दो साल तक दोनों कुर्सियां खाली रहीं। इस साल अंबाला में 13 मई को चुनाव परिणाम आए, 28 मई को शपथ ग्रहण होने के बावजूद अगली प्रक्रिया का इंतजार जारी है।

दोपहर में छाया अंधेरा, तेज आंधी-बारिश से हरियाणा के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

 हिसार सुबह तक सामान्य दिख रहा मौसम सोमवार दोपहर अचानक बदला और देखते ही देखते प्रदेश के कई जिलों में धूलभरी आंधी, तेज हवाएं और वर्षा का दौर शुरू हो गया। कई स्थानों पर दोपहर में ही अंधेरा जैसा वातावरण बन गया। हांसी में हल्की ओलावृष्टि हुई और तेज आंधी के कारण एक मोबाइल टावर गिर गया। भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र में करीब 100 मीटर ऊंचा धूल का बवंडर दिखाई दिया। गुरुग्राम, सोनीपत, फतेहाबाद, सिरसा, रेवाड़ी, झज्जर और अन्य जिलों में वर्षा दर्ज की गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी, लेकिन कई स्थानों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ। हांसी क्षेत्र में तेज हवाओं और वर्षा के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई। आंधी इतनी तेज थी कि शहर के बड़सी गेट एरिया में एक मोबाइल टावर गिर गया। कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने और अवरोध पैदा होने की सूचनाएं भी मिलीं। सिवानी में दिखा धूल का विशाल बवंडर भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र में धूल का ऊंचा बवंडर लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। तेज हवाओं के साथ उठे इस बवंडर के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर भी प्रसारित हुए। मौसम विशेषज्ञ इसे अस्थिर वायुमंडलीय परिस्थितियों का परिणाम मान रहे हैं। गुरुग्राम में सड़कों पर भरा पानी गुरुग्राम में तेज वर्षा के बाद कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सोनीपत, फतेहाबाद, रेवाड़ी, झज्जर और सिरसा सहित अनेक जिलों में भी वर्षा दर्ज की गई। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। आने वाले दिनों में भी बदलाव के संकेत मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हालांकि अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना भी जताई गई है। फिलहाल प्रदेश में हीटवेव जैसी स्थिति नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिला है। आगामी दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में वर्षा और तेज हवाएं चल सकती हैं। – डॉ. चंद्रशेखर डागर, वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार  

ACB का बड़ा एक्शन, करनाल में घूस लेते रंगे हाथों दबोचा गया बाबू

करनाल. हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने डीसी कार्यालय में तैनात एक असिस्टेंट को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने आर्म लाइसेंस बनवाने के नाम पर शिकायतकर्ता से कुल 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान अनिल कुमार के रूप में हुई है, जो डीसी कार्यालय करनाल में असिस्टेंट के पद पर कार्यरत है। शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो को दी शिकायत में बताया था कि उसे आर्म लाइसेंस बनवाना था। आरोप है कि इस काम के बदले अनिल कुमार ने उससे 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को दूसरी किस्त के 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। ACB ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

नशा तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, हरियाणा को नशामुक्त बनाने का संकल्प

 पंचकूल हरियाणा को नशामुक्त बनाने की मुहिम अब केवल पुलिस अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप लेने जा रही है। इसी सोच के साथ सोमवार को पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में आयोजित ‘ड्रग फ्री हरियाणा’ विमर्श में पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीआइजी सुनील दलाल ने कहा कि हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी चोट की गई है। कई नेटवर्क तोड़े जा चुके हैं और आने वाले समय में तस्करी के पूरे तंत्र को ध्वस्त करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से होने वाले अवैध मादक पदार्थों के प्रवेश को रोकना अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विमर्श की अध्यक्षता करते हुए डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ‘ड्रग फ्री हरियाणा’ के सपने को साकार करने के लिए पंचकूला में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। नशे जैसी सामाजिक चुनौती का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक चुनौती का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों और समाज की साझेदारी से ही संभव है। इसलिए हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक पक्ष विद्यार्थियों की भागीदारी रही। मुख्य वक्ता डा. लीजु ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि स्वस्थ युवा ही विकसित भारत की नींव रख सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से खुलकर संवाद किया और नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए उनसे इस बुराई से दूर रहने का आह्वान किया। डीएसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि नशामुक्ति केंद्रों को और मजबूत किया जाएगा ताकि नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को नई जिंदगी मिल सके। वहीं, पीआरओ आउटरीच राजीव रंजन ने युवाओं से स्वयं उदाहरण बनकर समाज को सकारात्मक दिशा देने की अपील की। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का यह अभियान 11 जून को सिरसा से शुरू हुआ है और 26 जून को फरीदाबाद में समापन होगा। फतेहाबाद के बाद पंचकूला पहुंची यह मुहिम अब यमुनानगर, पानीपत, कैथल, झज्जर, सोनीपत और गुरुग्राम होते हुए प्रदेशभर में नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश फैलाएगी

नशामुक्त हरियाणा की मुहिम तेज, पंचकूला में पुलिस-युवा संवाद और जागरूकता अभियान

पंचकूला. हरियाणा को नशामुक्त बनाने की मुहिम अब केवल पुलिस अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप लेने जा रही है। इसी सोच के साथ सोमवार को पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में आयोजित ‘ड्रग फ्री हरियाणा’ विमर्श में पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीआइजी सुनील दलाल ने कहा कि हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी चोट की गई है। कई नेटवर्क तोड़े जा चुके हैं और आने वाले समय में तस्करी के पूरे तंत्र को ध्वस्त करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से होने वाले अवैध मादक पदार्थों के प्रवेश को रोकना अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विमर्श की अध्यक्षता करते हुए डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ‘ड्रग फ्री हरियाणा’ के सपने को साकार करने के लिए पंचकूला में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। नशे जैसी सामाजिक चुनौती का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक चुनौती का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों और समाज की साझेदारी से ही संभव है। इसलिए हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक पक्ष विद्यार्थियों की भागीदारी रही। मुख्य वक्ता डा. लीजु ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि स्वस्थ युवा ही विकसित भारत की नींव रख सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से खुलकर संवाद किया और नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए उनसे इस बुराई से दूर रहने का आह्वान किया। डीएसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि नशामुक्ति केंद्रों को और मजबूत किया जाएगा ताकि नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को नई जिंदगी मिल सके। वहीं, पीआरओ आउटरीच राजीव रंजन ने युवाओं से स्वयं उदाहरण बनकर समाज को सकारात्मक दिशा देने की अपील की। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का यह अभियान 11 जून को सिरसा से शुरू हुआ है और 26 जून को फरीदाबाद में समापन होगा। फतेहाबाद के बाद पंचकूला पहुंची यह मुहिम अब यमुनानगर, पानीपत, कैथल, झज्जर, सोनीपत और गुरुग्राम होते हुए प्रदेशभर में नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश फैलाएगी।

88.97 किलो अफीम मामले में पुलिसकर्मी की संलिप्तता, महकमे में हड़कंप

 सिरसा  डिंग थाना क्षेत्र में ट्रक से बरामद 88.970 किलोग्राम अफीम के बहुचर्चित मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी की ही अफीम तस्करी में संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फतेहाबाद के भट्टू थाना पुलिस ने आरोपित एएसआई रणबीर सिंह को गिरफ्तार कर सिरसा पुलिस के हवाले कर दिया है। साथ ही अफीम की सप्लाई लेने वाले शमशेर नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की किरकिरी होने के बाद सिरसा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई रणबीर सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है तथा उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी आदर्शदीप सिंह ने बताया कि रणबीर सिंह करीब एक माह पहले ही हांसी जिले से तबादला होकर सिरसा आया था और उसकी तैनाती डिंग मंडी थाना में की गई थी। एएसपी के अनुसार, फतेहाबाद पुलिस द्वारा अफीम के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपित शमशेर ने पूछताछ के दौरान एएसआई रणबीर सिंह के तस्करी नेटवर्क में शामिल होने का खुलासा किया। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एएसआई को गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर सिरसा पुलिस ने गत शुक्रवार को भावदीन टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक को रोककर 88.970 किलोग्राम अफीम बरामद की थी। इस मामले में ट्रक चालक सुखराम, निवासी पाली (राजस्थान), को मौके से गिरफ्तार किया गया था। बाद में पूछताछ के आधार पर ट्रक मालिक गगनदीप सिंह को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब बरामद अफीम का दोबारा वजन करवाएगी ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके। एएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की जांच अब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) चंडीगढ़ को सौंप दी गई है। आगे की कार्रवाई और जांच एनसीबी द्वारा की जाएगी।

नशा तस्करी मामले में पुलिसकर्मी पर शिकंजा, 89 किलो अफीम केस में ASI गिरफ्तार

फतेहाबाद/सिरसा. डिंग थाना क्षेत्र में ट्रक से बरामद 88.970 किलोग्राम अफीम के बहुचर्चित मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी की ही अफीम तस्करी में संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फतेहाबाद के भट्टू थाना पुलिस ने आरोपित एएसआई रणबीर सिंह को गिरफ्तार कर सिरसा पुलिस के हवाले कर दिया है। साथ ही अफीम की सप्लाई लेने वाले शमशेर नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की किरकिरी होने के बाद सिरसा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई रणबीर सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है तथा उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी आदर्शदीप सिंह ने बताया कि रणबीर सिंह करीब एक माह पहले ही हांसी जिले से तबादला होकर सिरसा आया था और उसकी तैनाती डिंग मंडी थाना में की गई थी। एएसपी के अनुसार, फतेहाबाद पुलिस द्वारा अफीम के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपित शमशेर ने पूछताछ के दौरान एएसआई रणबीर सिंह के तस्करी नेटवर्क में शामिल होने का खुलासा किया। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एएसआई को गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर सिरसा पुलिस ने गत शुक्रवार को भावदीन टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक को रोककर 88.970 किलोग्राम अफीम बरामद की थी। इस मामले में ट्रक चालक सुखराम, निवासी पाली (राजस्थान), को मौके से गिरफ्तार किया गया था।  बाद में पूछताछ के आधार पर ट्रक मालिक गगनदीप सिंह को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब बरामद अफीम का दोबारा वजन करवाएगी ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके। एएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देख पूरे प्रकरण की जांच अब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) चंडीगढ़ को सौंप दी गई है। आगे की कार्रवाई और जांच एनसीबी द्वारा की जाएगी।

नगर निगम की बड़ी पहल, ड्रेन और नालों की सफाई पर 1.5 करोड़ रुपये खर्च

पानीपत  आगामी दिनों में मानसून को देखते हुए नगर निगम पानीपत और जिला प्रशासन ने शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर निगम ने वार्ड-1 से 26 तक बरसात के दौरान जमा होने वाले पानी की निकासी के लिए डीजल इंजन और माउंटेड पंप उपलब्ध कराने, उनके संचालन और रखरखाव के लिए 55.28 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। इसके तहत आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न क्षेत्रों में पंप लगाकर जलभराव वाले स्थानों से पानी निकाला जाएगा। नगर निगम ने ऐसे 20 से अधिक स्थान चिन्हित किए हैं। इसके अलावा निगम ने मानसून से पहले शहर की प्रमुख ड्रेनों, नालों और जल निकासी तंत्र की सफाई का विशेष अभियान चलाया है। ड्रेन नंबर-1, नोहरा ड्रेन तथा अन्य बड़े नालों से सिल्ट और कचरा निकालने के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से सफाई कार्य कराया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बारिश शुरू होने से पहले सभी प्रमुख ड्रेनों की सफाई पूरी कर ली जाए ताकि पानी का प्रवाह बाधित न हो। इन 3 पाइंट पर ध्यान देने की बड़ी जरूरत है 1. ड्रेन-1 व नालों की सफाई : शहर की जीवन रेखा ड्रेन-1 को माना जाता है। इसकी सफाई अब तक शुरू नहीं हुई है। जगह-जगह कचरा भरा पड़ा है। हालांकि इसकी सफाई समेत अन्य के लिए नगर निगम ने टेंडर जारी किया है, लेकिन सफाई का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। 2. मुख्य सीवर लाइन की सफाई और मरम्मत आधे से ज्यादा शहर की सीवर निकासी संजय चौक से बबैल नाका और यहां से सेक्टर-29 पार्ट-2 से होते हुए मुख्य लाइन पर निर्भर है। इसकी सफाई और मरम्मत का काम अभी चल रहा है। बरसतों से पहले काम पूरा नहीं हुआ तो शहर में जलभराव होगा। 3. संवेदनशील इलाकों में निर्माणाधीन नालों के कार्य नगर निगम कमिश्नर डा. पंकज ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें भी आयोजित की हैं। जिनमें जलभराव संभावित क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। हाइवे और शहर के संवेदनशील इलाकों में निर्माणाधीन नालों के कार्य को भी जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया है। इन कामों में ढील रही तो बरसात के दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। – निगम और प्रशसान के बेहतर काम करने के दावे नगर निगम और जिला प्रशासन ने आगामी मानसून सीजन में शहर को जलभराव की गंभीर समस्या से बचाने के लिए इस बार व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू करने का दावा किया हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है मुख्य फोकस ड्रेनों की सफाई, नेशनल हाइवे के अधूरे नालों की कनेक्टिविटी और वैज्ञानिक तरीके से गाद के निस्तारण पर है।  प्रशासन द्वारा की गई मुख्य तैयारियां 1. प्रमुख ड्रेनों और नालों की सफाई : नगर निगम ने मानसून से पहले शहर की जीवन रेखा माने जाने वाले प्रमुख ड्रेनों की सफाई के लिए 1.5 करोड़ का बजट आवंटित कर टेंडर जारी किए हैं। इसके तहत ड्रेन नंबर-1, ड्रेन नंबर-2 और नोहरा ड्रेन की जेसीबी मशीनों और विशेष उपकरणों से युद्ध स्तर पर सफाई कराई जाएगी। 2. वैज्ञानिक तरीके से कचरा निस्तारण : इस बार के टेंडर में प्रशासन ने एक विशेष और नया प्रावधान जोड़ा है। ड्रेनों से निकाले जाने वाले कचरे और सिल्ट को सड़कों के किनारे छोड़ने के बजाय स्वच्छ भारत मिशन के नियमों के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। इसके लिए सरकार द्वारा निर्धारित 550 प्रति टन की दर से कचरा उठान की व्यवस्था की गई है। निकाले गए कचरे को तुरंत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए शहर से दूर भैंसवाल रोड की तरफ डंप किया जा रहा है ताकि बारिश में यह गाद दोबारा बहकर नालों में न चली जाए। 3. एनएचएआई के साथ समन्वय और हाइवे वाटरलॉगिंग पर फोकस शहर से गुजरने वाले नेशनल हाइवे जीटी रोड पर जलभराव एक बड़ी समस्या रहा है। इसे लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम कमिश्नर डा. पंकज यादव ने एनएचएआई को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि हाइवे के साथ बन रहे सभी निर्माणाधीन और अधूरे नालों का काम मानसून से पहले अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। – प्रशासनिक स्तर पर निगरानी व नोडल अधिकारी : मेयर नगर निगम और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड में उतरकर ड्रेन सफाई कार्य का निरीक्षण करेंगे। संवेदनशील और निचले इलाकों की सूची तैयार कर वहां अतिरिक्त मोबाइल पंप और डीजल जनरेटर सेट तैनात करने की योजना बनाई गई है। – कोमल सैनी, मेयर नगर निगम।  

झज्जर के दुजाना में STF की बड़ी कार्रवाई, एनकाउंटर में मारा गया बदमाश इंद्रपाल

झज्जर. क्षेत्र के दुजाना गांव के खेतों में रविवार की रात स्पेशल टास्क फोर्स के साथ मुठभेड़ में माए गए बदमाश इंद्रपाल का पोस्टमार्टम मधुबन से फारेंसिक विशेषज्ञों की टीम पहुंचने के बाद ही कराया जाएगा।फिलहाल, रोहतक जिले के कसरेंटी गांव निवासी मृतक इंद्रपाल के रिश्तेदार व स्वजन नागरिक अस्पताल पहुंचे हुए हैं और शवगृह के बाहर टीम का इंतजार करते रहे। मुठभेड़ के दौरान घायल हुए एसटीएफ प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश कुमार का नागरिक अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में उपचार चल रहा है। उनसे मुलाकात करने और हालचाल जानने के लिए सोमवार को एसीपी नरेश और डीसीपी धरना यादव अस्पताल पहुंचे। इसके बाद एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण भी अस्पताल पहुंचे और उपचाराधीन इंस्पेक्टर से घटनाक्रम की जानकारी ली। इससे पहले रविवार देर रात ही पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह, आइजी एसटीएफ बी. सथीश बालन और डीसीपी क्राइम शुभम सिंह भी घायल निरीक्षक की कुशलक्षेम पूछने अस्पताल पहुंचे थे। पिता की हो चुकी है मौत, छोटा भाई जेल में बंद नागरिक अस्पताल पहुंचे रिश्तेदारों ने बताया कि मृतक इंद्रपाल के पिता ईश्वर सिंह की 6 साल पहले मौत हो चुकी है, जबकि छोटा भाई नवीन इस समय जेल में बंद है। बता दे कि दुजाना हत्याकांड मामले में पुलिस पहले ही पांच आरोपितों को काबू कर चुकी है। मुठभेड़ में एक मुख्य शूटर मारा गया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता संजय अभी फरार है। बता दे कि एसटीएफ के हाथों ढेर हुआ बदमाश इंद्रपाल, बिरधाना गांव निवासी मुख्य आरोपित संजय उर्फ भोलू का सबसे खास साथी था। इन दोनों ने मिलकर इलाके में दो बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था। गत 2 मार्च को इंद्रपाल ने संजय के साथ मिलकर उसकी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या की थी। इसके बाद 31 मई को इन बदमाशों ने दुजाना गांव के पास खेत से लौट रहे विजय सैनी की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। यह पूरा विवाद दुजाना में रास्ते और जमीन की पुरानी रंजिश से जुड़ा है। मुख्य आरोपित संजय ने साल 2021 में विजय सैनी के शिक्षक बेटे अनिल कुमार की भी हत्या की थी। पुख्ता सूचना पर घेराबंदी कर एसटीएफ ने मार गिराया एसटीएफ को पुख्ता इनपुट मिला था कि मुख्य शूटर इंद्रपाल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में दुजाना के इलाके में घूम रहा है। इस सूचना पर एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर घनी नाकाबंदी की। रविवार रात करीब 8 बजे जब पुलिस टीम का सामना बदमाश से हुआ, तो उसने सीधी फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से बदमाश ढेर हो गया। इस मुठभेड़ में एक पीएसआइ की बुलेट प्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई। साहसिक आपरेशन में सब-इस्पेक्टर दीपक व सचिन, हेड कांस्टेबल जितेंद्र और धर्मवीर भी शामिल रहे।