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अनिल विज की बड़ी पहल सफल: अंबाला में 100 बेड के अत्याधुनिक ESI अस्पताल को मंजूरी

चंडीगढ़  अंबाला छावनी और साहा औद्योगिक क्षेत्र के हजारों श्रमिक परिवारों को लंबे समय से जिस अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा का इंतजार था, वह अब साकार होने जा रही है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सेक्टर-33 में 100 बिस्तरों वाले हाई-टेक कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल के लिए भूमि आवंटन पत्र जारी कर दिया है। श्रम मंत्री अनिल विज की लगातार पहल और फॉलो-अप के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना अब जमीन पर उतरने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुकी है। श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि एचएसवीपी द्वारा ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक को भूमि आवंटन संबंधी पत्र सौंप दिया गया है। इसके बाद ईएसआईसी द्वारा भुगतान औपचारिकताएं पूरी होने पर निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंबाला छावनी और साहा इंडस्ट्रियल बेल्ट में बड़ी संख्या में बीमित श्रमिक रहते और काम करते हैं, लेकिन उन्हें अब तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती थीं। यह अस्पताल इस क्षेत्र की स्वास्थ्य प्रणाली में ‘गेम चेंजर’ सिद्ध होगा। इंडस्ट्रियल बेल्ट में पहली बार सुपर-स्पेशियलिटी सुविधा विज ने कहा कि अंबाला छावनी सेक्टर-33 से जुड़ा साहा औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश के प्रमुख श्रमिक हब में से एक है। हजारों बीमित कर्मचारी यहाँ कार्यरत हैं, जिनके लिए यह अस्पताल न सिर्फ स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि इलाज के लिए दूर शहरों में जाने की मजबूरी भी खत्म करेगा। उन्होंने इस परियोजना को अंबाला छावनी और आसपास के जिलों -कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और पिंजौर-बद्दी बेल्ट के लिए भी बड़ी उपलब्धि बताया। अस्पताल में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित 100 बिस्तरों वाले इस अति-आधुनिक अस्पताल में लगभग सभी प्रमुख विभाग शामिल होंगे, जिनमें मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, अस्थि रोग, ईएनटी, नेत्र रोग, त्वचा रोग और मनोरोग जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी।   अस्पताल में 24×7 आपातकालीन और ट्रॉमा केयर, आधुनिक आईसीयू, उन्नत डायग्नॉस्टिक लैब, रेडियोलॉजी, ओपीडी, इन-पेशेंट और डे-केयर सुविधाएं भी होंगी, जिससे बीमित समुदाय को समय पर सही उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। अंबाला के स्वास्थ्य मानचित्र में बड़ा बदलाव स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह संस्थान अंबाला के स्वास्थ्य परिदृश्य में महत्वपूर्ण सुधार लाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर सुपर-स्पेशियलिटी ईएसआईसी अस्पताल मिलने से श्रमिकों और उनके आश्रितों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। अहम बिंदु साहा–अंबाला औद्योगिक क्षेत्र के बीमित श्रमिकों को सीधा लाभ आईसीयू, ट्रॉमा सेंटर व एडवांस डायग्नॉस्टिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी ओपीडी, इन-पेशेंट व डे-केयर सेवाएं भी अस्पताल में शुरू होंगी पहली बार छावनी क्षेत्र को मिलेगा इतने बड़े स्तर का ईएसआईसी अस्पताल

हरियाणा में डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, सरकार ने 4 प्रमुख मांगें मानीं, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव से देर रात मीटिंग

चंडीगढ़  हरियाणा के हड़ताली डॉक्टरों और राज्य सरकार के बीच वीरवार रात सहमति बन गई। सहमति बनने के बाद हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) के डॉक्टर देर रात काम पर लौट आए हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की अध्यक्षता में राज्य सरकार और एसोसिएशन के बीच करीब पांच घंटे चली बैठक में मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एसीपी) पर तो सहमति नहीं बनी, मगर उसकी सरकार ने विकल्प के तौर पर आयुष्मान योजना के तहत ऑपरेशन व इलाज करने पर इन्सेंटिव देने का प्रस्ताव दिया। इस पर डॉक्टरों की सहमति बन गई। बाकी तीन अन्य मांगों पर भी राज्य सरकार और डॉक्टरों के बीच सहमति बन गई। बैठक के बाद स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डा. मनीष बंसल ने बताया, आयुष्मान योजना पर इन्सेंटिव का प्रारूप तैयार करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसमें एसोसिएशन का एक सदस्य भी शामिल होगा। यह समिति अन्य राज्य सरकारों की प्रोत्साहन योजनाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों की जांच कर एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौपेंगी। अन्य मांगों में एसएमओ की सीधी भर्ती पर भी सहमति बन गई है। इस पर राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि अन्य राज्यों के प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद उचित अवधि के भीतर लागू किया जाएगा। कमेटी में सरकारी अधिकारियों के साथ एसोसिएशन का एक पदाधिकारी भी होगा। सरकार की ओर से इसको लेकर लिखित आश्वासन दिया है। एसोसिएशन के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के साथ गुरुवार देर रात बैठक हुई। इसमें सरकार ने चार मुद्दों पर सहमति जताई है। इसके बाद डाक्टरों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। इस घोषणा के साथ ही चार दिन से चल रही डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गई। आज से सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू हो जाएंगी। स्वास्थ्य मंत्री के साथ 2.5 घंटे चली मीटिंग स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल के साथ डाक्टरों की ढाई घंटे चली बैठक में पहले तो काफी देर तक एश्योर्ड करियर प्रमोशन पर पेंच फंसा रहा। एसोसिएशन के राज्य प्रधान डा. राजेश ख्यालिया ने कहा कि वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (SMO) की सीधी भर्ती रोकने पर सरकार सहमत है, पर एसीपी पर भी स्थिति स्पष्ट की जाए। एसीपी की मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। इन चार मुद्दों पर बनी सहमति…     एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने के लिए संशोधन होगा : एसएमओ की सीधी भर्ती को रोकने के लिए सेवा नियमों में संशोधन के संबंध में माननीय सीपीएस टू सीएम द्वारा 5 दिसंबर को हुई बैठक में लिया निर्णय, अन्य राज्यों के प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद उचित अवधि के भीतर लागू किया जाएगा।     आयुष्मान प्रोत्साहन योजना शुरू होगी : आयुष्मान भारत के अंतर्गत प्रोत्साहन योजना शुरू करने पर सहमति बनी। इसकी रूपरेखा एक समिति बनाई जाएगी, जिसमें एचसीएमएस एसोसिएशन का एक सदस्य भी होगा। समिति अन्य राज्य सरकारों की प्रोत्साहन योजनाओं और एनएचए द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों की जांच करेगी। एक महीने में सरकार को प्रस्ताव देगी।     ग्रामीण क्षेत्रों में तैनाती का मुद्दा उठाया : डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें समयबद्ध अवधि में एसीपी नहीं मिल पाता। इस पर सहमति बनी कि यदि सरकार नई भर्ती चिकित्सा अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात नहीं करती है, तो शहरी स्वास्थ्य सुविधा में तैनाती के कारण उन्हें प्रथम एसीपी मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी। हुए     हड़ताल अवधि का वेतन मिलेगा : डॉक्टरों की अनुपस्थिति को देय अवकाश माना जाएगा, बशर्ते कि एचसीएमएस एसोसिएशन भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित नहीं करेगा।

हरियाणा में राशन वितरण में बड़ा बदलाव, HPC बैठक में नई व्यवस्था को हरी झंडी

चंडीगढ़  हरियाणा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की राशन वितरण प्रणाली नए साल से हाईटैक हो जाएगी। हाई पावर परचेज कमेटी (एच.पी.सी.सी.) ने नई प्वाइंट ऑफ सेल (पी.ओ.एस.) मशीनों की मंजूरी दे दी है। नई मशीनों में फेस रीडिंग और ई-तौल की सुविधा के नए सेगमेंट जोड़े गए हैं। हालांकि इस पूरे हाईटैक सिस्टम पर हर साल सरकार का 10 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। पहले राशन डिपो पर चलने वाली 2जी मशीनों का किराया महीने का 1250 रुपए था, जो अब प्रति मशीन के हिसाब से सरकार ने तय किया है। अब प्रति कार्ड धारक पर 3.25 रुपए किराया सरकार देगी। नई 5जी पी.ओ.एस. मशीनें फिंगरप्रिंट स्कैनर और आइरिस स्कैनर से लैस होंगी। इन मशीनों से राशन कार्ड धारकों का फिंगरप्रिंट, आंखों की पुतलियों और चेहरे की पहचान कर ई-के. वाई.सी. व राशन वितरण प्रक्रिया होगी। इस फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और लाभार्थियों को आसानी से उनका हक का राशन मिल सकेगा। इन मशीनों को सीधे इलैक्ट्रॉनिक वजन मापने से भी जोड़ा गया है। इससे जितना राशन कार्ड धारक को मिलेगा, उसका वजन खुद मशीन में दर्ज होगा, साथ ही उसकी रसीद तुरंत निकल आएगी। रसीद में दिए गए राशन का पूरा ब्यौरा छपा होगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी। राशन डिपो पर लगेंगे कैमरे, पंचकूला से शुरू हुआ पायलट प्रोजैक्ट खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन डिपो को हाईटैक करने के लिए हर राशन डिपो पर सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने का फैसला किया है। इसकी शुरूआत पंचकूला से की गई है, यहां 2 राशन डिपो पर अभी तक सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाए जा चुके हैं। यदि यहां ये प्रोजैक्ट सफल रहता है तो पूरे प्रदेश में विभाग इसे शुरू करेगा। हरियाणा में अभी 41 लाख कार्ड धारक हैं। हालांकि इनमें 26 से 27 लाख लोग ही राशन लेते हैं। 9500 राशन डिपो हैं। नई पी.ओ.एस. मशीनों से डिपो धारक और उपभोक्ताओं को होगा फायदा : नागर हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री राजेश नागर ने कहा कि नई पी.ओ.एस. मशीनों से डिपो धारकों के साथ ही उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा। सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है और अगले महीने से सभी डिपो धारकों के पास मशीनें पहुंच जाएगी। विभाग में पारदर्शी सिस्टम लागू करना उनकी प्राथमिकता है, इसके लिए सभी राशन डिपो पर कैमरे भी लगाए जाएंगे।

स्वास्थ्य व्यवस्था में नई छलांग: हरियाणा सरकार ने रातों-रात खड़े किए ढाई हजार डॉक्टर

चंडीगढ़ हरियाणा में सरकारी डाक्टरों को अनिश्चितकालीन हड़ताल के पीछे प्रशासनिक कारणों से अधिक संगठनात्मक गुटबाजी और आगामी चुनाव को प्रमुख वजह माना जा रहा है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के भीतर दी गुटों के टकराव से यह आंदोलन तेज हुआ है। एक गुट हड़ताल पर अडिग है. जबकि दूसरा मरीजों को परेशान कर आंदोलन के पक्ष में नहीं है। फिर भी आठ व नौ दिसंबर की हड़ताल के बाद बुधबार से डाक्टरों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया, जिसकी शुरुआत पंचकूला में हुई। सरकार द्वारा बातचीत के लिए बुलाने और अधिकांश मांगें मान लेने के बाद भी हड़ताल जारी रहने से प्रदेश में हजारों मरीज प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा डाक्टरों की अधिकतर मांगें पहले ही स्वीकार कर ली गई हैं और सरकार अब भी संवाद को तैयार है। मरीजों की परेशानी देख सरकार ने लगभग ढाई हजार वैकल्पिक डाक्टरों की तैनाती की है। दस दिसंबर को 2531 वैकल्पिक डाक्टर तैनात हुए और 74 डाक्टरों ने ड्यूटी ज्वाइन की। मामला पहुंचा हाई कोर्ट प्रदेश में डाक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। इस पर हाई कोर्ट वीरवार को सुनवाई करेगा। याचिका दाखिल करते हुए पंचकूला निवासी अरविदर सेठ ने हाई कोर्ट को बताया कि सरकारी अस्पताल राज्य में मेडिकल सुविधाओं की रीढ़ है। अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के अक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है। इस निर्णय के चलते प्रदेश में मेडिकल सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई है। भते व स्पेशलिस्ट कैडर बनाने की मांग भी मानी है। माडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम की अधिसूचना पर जल्द निर्णय का संकेत दिया है। 

हरियाणा HKRN स्टाफ ध्यान दें! तय समय में नहीं किया ये काम तो बढ़ सकती है परेशानी

हरियाणा  हरियाणा में HKRN कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर आई है। बताया जा रहा है कि HKRN कर्मचारी अपनी फैमिली ID अपडेट नहीं करवा रहे हैं। जिस कारण उन्हें दूसरे लाभ भी मिल रहे हैं जिनके वह पात्र नहीं है, जिसको लेकर अब चीफ सेक्रेटरी ने सभी विभागों को पत्र लिखकर डेटा अपडेट करवाने के बारे में निर्देश दिए हैं। हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी ने सभी विभागाध्यक्ष को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि HKRN के तहत नौकरी कर रहे कर्मचारी अपनी इनकम को अपडेट नहीं कर रहे हैं। खासकर 17 अगस्त 2019 से 31 दिसंबर 2021 के बीच विभिन्न विभागों में शामिल हुए लोगों ने ऐसा किया है। जिन्होंने HKRN के माध्यम से मजदूरी प्राप्त करने के बावजूद अपनी पारिवारिक आय की स्थिति को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) पोर्टल पर बदलाव नहीं करवाया है। कर्मचारियों को 20 दिनों के अंदर पीपीपी पोर्टल पर अपडेट किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मानवता शर्मसार: ठिठुरन भरी सर्दी में पेंशन के चक्कर लगा रहा दिव्यांग, दोनों पैर पहले ही कट चुके

फरीदाबाद फरीदाबाद के सेक्टर 12 लघु सचिवालय डीसी कार्यालय के नीचे दोनों पैरों से विकलांग व्यक्ति अपनी पेंशन बनवाने के लिए पिछले 6 महीने से कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है। जब भी वह पेंशन बनवाने के लिए आता है तो उसे एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय चक्कर कटवाए जा रहे हैं।  विकलांग राजकुमार ने बताया कि उसके दोनों पैर एक दुर्घटना के कारण कट गए थे जिसके चलते वह अब चलने में असमर्थ है लेकिन ऐसी भीषण ठंड में जब वह अपनी पेंशन के लिए कार्यालय में आता है तो उसके हाथ और शरीर भी नीचे चलने के कारण सुन हो जाते हैं लेकिन वह जब भी आता है तो उसे एक कार्यालय से दूसरे  कार्यालय भेज दिया जाता है। जो भी डॉक्यूमेंट उन्होंने मांगे थे वह सभी डाक्यूमेंट्स उन्होंने दे दिए लेकिन अभी तक भी उनकी पेंशन नहीं बनी है।

HC का कड़ा रुख: अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक, जांच पूरी होने तक स्टे

चंडीगढ़  हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा कृषि विकास अधिकारी (एडीओ) की भर्ती के लिए कराई गई स्क्रीनिंग परीक्षा पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया प्रश्नपत्र में कई ऐसे सवाल शामिल थे, जिनका कृषि या भर्ती के उद्देश्य से कोई संबंध नहीं दिखता। इसी आधार पर कोर्ट ने चयन प्रक्रिया की आगे की कार्यवाही रोकने का आदेश दिया है। यह आदेश 14 नवंबर को घोषित हुए स्क्रीनिंग परिणाम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान जस्टिस संदीप मौदगिल ने पारित किया। उम्मीदवारों का कहना था कि परीक्षा का प्रश्नपत्र उस विषय से भटका हुआ था, जिसके लिए भर्ती की जा रही थी। उन्होंने स्क्रीनिंग परिणाम रद करने और प्रासंगिक पाठ्यक्रम के आधार पर परीक्षा दोबारा करवाने की मांग की। साथ ही, यह भी कहा कि नौ प्रश्न हटाए जाने के बाद नकारात्मक अंकन को ध्यान में रखते हुए आनुपातिक क्षतिपूर्ति अंक दिए जाने चाहिए थे।

सरकार की नई पहल: घर-घर किचन फार्मिंग से हरियाणा बनेगा हरा-भरा

चंडीगढ़  हरियाणा बीज विकास निगम द्वारा प्रदेश में जल्द ही अपनी सब्जी-अपना फल' योजना की शुरूआत की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री नायब सैनी के कर कमलों द्वारा किया जाएगा। यह निर्णय निगम के चेयरमैन देव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में पंचकूला में आयोजित हरियाणा बीज विकास निगम की 51वीं वार्षिक आम बैठक में लिया गया। बैठक में निगम के प्रबंध निदेशक राज नारायण कौशिक, निदेशक मनोज बबली, निदेशक दारा सिंह, एन.एस.सी. से डायरैक्टर नानू राम यादव, कंपनी सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सबसे पहले बैठक में बड़ी संख्या में पहुंचे शेयर धारकों (किसान) का स्वागत किया गया। अपनी सब्जी-अपना फल योजना के तहत वे लोग भी अपने परिवार के लिए ताजी और शुद्ध सब्जियां व फल उगा सकेंगे, जिनके पास खेत या पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है।

हरियाणा को मिला बड़ा विकास पैकेज: शहरी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹1700 करोड़ मंजूर

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को बताया कि हमारी सरकार शहरी विकास को उच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के नागरिकों को विश्वस्तरीय शहरी अवसंरचना प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित रहे. नायब सिंह सैनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अभिभाषण में बाहरी विकास कार्यों के लिए ईडीसी फंड से 3,000 करोड़ रुपये हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण तथा गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पंचकूला और हिसार के विकास प्राधिकरणों को आवंटित किए जाने की घोषणा की थी. सीएम सैनी ने कहा कि बजट घोषणा को मूर्तरूप देते हुए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने एडीसी फंड के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है. उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों में तेजी आएगी. 1500 करोड़ रु. पहले ही जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में ईडीसी फंड से विभिन्न महानगरीय विकास प्राधिकरणों को 1500 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं. इसके अलावा, आज विभिन्न शहरी एस्टेट्स में विकास कार्यों के लिए कुल 1700 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. इनमें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को 700 करोड़ रुपये, गुरुग्राम महानगरीय विकास प्राधिकरण को 700 करोड़ रुपये, फरीदाबाद महानगरीय विकास प्राधिकरण को 170 करोड़ रुपये, पंचकूला महानगरीय विकास प्राधिकरण को 30 करोड़ रुपये, सोनीपत महानगरीय विकास प्राधिकरण को 80 करोड़ रुपये और हिसार महानगरीय विकास प्राधिकरण को 20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. नायब सिंह सैनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि विभाग ने विभिन्न शहरी एस्टेट्स में विकास कार्यों के लिए राज्य के महानगरीय विकास प्राधिकरणों को 2188 करोड़ रुपये जारी किए. गणमान्य हस्तियां रहीं मौजूद इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव प्रभजोत सिंह, कृषि विभाग के निदेशक राजनारायण कौशिक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक अमित खत्री, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यश पाल, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक पार्थ गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे.  

कड़ाके की ठंड ने बढ़ाई सिहरन: कई जिलों में पारा सामान्य से नीचे, फरीदकोट रिकॉर्ड न्यूनतम पर

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा में बृहस्पतिवार को भी शीत लहर का प्रकोप जारी रहा। दोनों ही पड़ोसी राज्यों में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार फरीदकोट पंजाब का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमृतसर में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस जबकि लुधियाना में 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम है। पटियाला में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। वहीं, पठानकोट में न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस, बठिंडा में 6.2 डिग्री सेल्सियस और गुरदासपुर में सात डिग्री सेल्सियस रहा। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में पारा 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। हरियाणा के अंबाला में न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस, हिसार में 6.4 डिग्री सेल्सियस, करनाल में 6.5 डिग्री सेल्सियस, नारनौल में छह डिग्री सेल्सियस, रोहतक में 7.8 डिग्री सेल्सियस, भिवानी में 7.5 डिग्री सेल्सियस और सिरसा में 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कश्मीर के अधिकांश क्षेत्रों में तापमान में गिरावट कश्मीर के अधिकांश क्षेत्रों में तापमान में गिरावट के कारण लोगों को रात के समय कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वहीं कई हिस्सों में हल्की धुंध छाई रही। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में बुधवार रात को तापमान मंगलवार रात के मुकाबले एक डिग्री गिरकर शून्य से 2.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि रात का तापमान इस मौसम के सामान्य तापमान से 2.3 डिग्री कम था। दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात की तुलना में 1.6 डिग्री कम था।   उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में पारा शून्य से 4.2 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग में तापमान शून्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि गुलमर्ग में तापमान में 1.5 डिग्री की वृद्धि हुई और यह शून्य डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा और शोपियां शहर जम्मू-कश्मीर में सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां दोनों जगहों पर तापमान शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने कहा कि 12 दिसंबर तक मौसम आमतौर पर शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि 13 से 15 दिसंबर के बीच उत्तरी और मध्य कश्मीर के ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में हल्की बर्फबारी होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कहा कि आने वाले दिनों में घाटी के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की धुंध छाई रहने का अनुमान है।