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तेजी से बढ़ रहे डेंगू केस: सिरसा में 275 मरीज, प्रशासन ने जारी की सख्त हिदायतें

सिरसा  जिले में डेंगू के केस लगातार बढ़ते जा रहे है। अब तक 275 मरीज डेंगू के मिल चुके है, जिनमें से 235 मरीज ठीक भी हो चुके है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार दिवाली के त्यौहार बीतने के बाद नवंबर महीने में डेंगू के मरीज बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग सिरसा जिला में लोगों को अपने आस पास के एरिया में साफ-सफाई रखने की हिदायत जारी कर रहे है। डेंगू का लक्षण मिलने के बाद तुरंत अपने नजदीकी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाएं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में ज्यादा डेंगू के मरीज बढ़ रहे है। लारवा मिलने पर नोटिस जारी स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार संदिग्धों के सैंपल एकत्रित करने और लार्वे की तलाश के लिए सर्वे किया जा रहा है। विभाग ने जिले में अब तक काफी लोगों को लारवा मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। नागरिक अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 30 बेड लगाए हैं, लेकिन अस्पताल में नाम मात्र मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। विभाग ने अब तक करीब सैंकड़ों संदिग्ध लोगों के सैंपल एकत्र किए हैं। कई दिन पहले हुए बारिश होने के बाद अभी भी शहर में अलग-अलग स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसके कारण डेंगू व मलेरिया के मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ गया है और केसों की संख्या में बढ़ोतरी होने की आशंका भी जताई जा रही है। शहर में फॉगिंग भी करवाई जा रहीः डिप्टी सीएमओ सिरसा नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ गौरव अरोड़ा ने बताया कि जिला में डेंगू के 275 मरीज मिले है जिनमें से 235 मरीज स्वस्थ हो चुके है। उन्होंने कहा कि सिरसा शहर में फॉगिंग भी करवाई जा रही है। साथ में सीएमओ ने लोगों से अपील की कि लोगों को कूलर, फ्रिज के पिछले हिस्से, टायरों में पानी जमा नहीं होने दें। डेंगू के बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनने। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्रों में लगातार सर्वे कर रही हैं और लार्वा को नष्ट करने के लिए दवाओं का छिड़काव भी किया जा रहा है।  स्वास्थ्य विभाग ने नगरपरिषद से किया ये आग्रह  खाली प्लाटों में जलभराव की समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नगरपरिषद से आग्रह किया है कि प्लाट मालिकों को नोटिस जारी किए जाएं और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इन प्लाटों में बारिश का पानी भरने से मच्छरों के लार्वा तेजी से पनप रहे हैं, जिससे बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है।   

2 नवंबर को होगी अमित पंघाल की शादी, जानिए कौन हैं उनके जीवन की हमसफर

जींद हरियाणा के रोहतक के प्रसिद्ध मुक्केबाज अमित पंघाल जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। जींद की बेटी अंशुल श्योकंद के साथ उनकी शादी 2 नवंबर को जींद के एक निजी होटल में होगी। शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, और ग्रामीण रीति-रिवाजों के अनुसार सभी रस्में निभाई जाएंगी। अमित पंघाल, जो ओलंपियन और विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक विजेता हैं, रोहतक के मायना गांव के निवासी हैं। वे भारतीय सेना में जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जे.सी.ओ.) के रूप में सेवा दे रहे हैं। उनकी मंगेतर अंशुल श्योकंद जींद के पालवां गांव की रहने वाली हैं। अंशुल ने रोहतक यूनिवर्सिटी से बी.कॉम पूरा किया है और वर्तमान में रोहतक के सांपला से एम.कॉम कर रही हैं। वे ताइक्वांडो की नेशनल खिलाड़ी रह चुकी हैं और भारतीय वायुसेना की परीक्षा पास कर चुकी हैं, जहां वे रक्षा सेवाओं में जाने की तैयारी कर रही हैं। शादी की खास तैयारियां डिजाइनर लहंगा: अंशुल ने दिल्ली से स्पेशल डिजाइनर लहंगा मंगवाया है, जिसे नामी डिजाइनरों ने तैयार किया है। यह लहंगा शादी की रस्मों के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है।    घर की सजावट: अमित के रोहतक स्थित घर को फूलों और रोशनी से सजाया जा रहा है। शादी की रस्में 27 अक्टूबर से शुरू हो चुकी हैं, जिसमें हल्दी (बान) की रस्म भी शामिल है।  शादी का स्थान: मुख्य समारोह जींद के एक निजी होटल में होगा, जहां ग्रामीण परंपराओं के अनुसार सभी रस्में होंगी। बारात रोहतक से जींद पहुंचेगी, और बारात का स्वागत धूमधाम से किया जाएगा।  रिसेप्शन: शादी के बाद 4 नवंबर को रोहतक के एक निजी होटल में रिसेप्शन पार्टी रखी गई है। इसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री, सांसद, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र को न्योता दिया गया है। मेहमानों का स्वागत अमित के पसंदीदा व्यंजन खीर-चूरमा से किया जाएगा। परिवार का बयान अंशुल के पिता कुलदीप श्योकंद (किसान) ने बताया, "शादी पूरी तरह ग्रामीण रीति-रिवाजों के अनुसार होगी। सभी पारंपरिक रस्में निभाई जाएंगी, और तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।" अंशुल की मां सीमा (नर्सिंग ऑफिसर, पहले रोहतक पीजीआईएमएस में ड्यूटी) ने कहा, "यह हमारे लिए खुशी का पल है। हम ग्रामीण परंपराओं को बनाए रखते हुए बेटी की शादी करा रहे हैं।"  अमित के पिता विजेंद्र पंघाल ने भी शादी के कार्ड खुद बांटे हैं और सभी रस्मों का जिम्मा अपने कंधों पर लिया है। परिवार ने बताया कि यह अरेंज्ड मैरिज है, जो दोनों परिवारों की दोस्ती से बनी। सगाई 31 मार्च 2025 को जींद के ही एक निजी होटल में हुई थी, जिसमें केवल परिवारजन शामिल हुए थे।  अमित और अंशुल का सफरअमित पंघाल ने 2007 में बॉक्सिंग शुरू की और जल्द ही एशियन गेम्स (गोल्ड), कॉमनवेल्थ गेम्स (रजत) और विश्व चैंपियनशिप (रजत) जैसे सम्मानों से नवाजे गए। वे दो बार ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अंशुल भी खेलों से जुड़ी हैं और रक्षा सेवाओं में रुचि रखती हैं। दोनों का मिलन खेल और परंपरा का अनोखा संगम लगता है।  यह शादी न केवल दो परिवारों को जोड़ेगी, बल्कि हरियाणा के खेल जगत के लिए भी एक खुशी का अवसर बनेगी। तैयारियां अंतिम चरण में हैं, और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।  

एकता के संदेश के साथ दौड़ा हरियाणा: मुख्यमंत्री सैनी ने फतेहाबाद से बढ़ाया ‘रन फॉर यूनिटी’ का कदम

चंडीगढ़  लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को हरियाणा में उत्साहपूर्ण माहौल रहा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फतेहाबाद में ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने दौड़ में शामिल प्रतिभागियों पर फूलों की वर्षा कर उनका उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के एकीकरण में जो भूमिका निभाई, वह सदैव प्रेरणादायक रहेगी। उन्होंने सभी नागरिकों से देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को बनाए रखने का आह्वान किया।   सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा झज्जर में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। यहां उन्होंने महर्षि दयानंद स्टेडियम से शुरू हुई रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाई। इस रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम में स्कूली बच्चों,युवाओं,बुजुर्गों व पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। जिसके लिए डा.शर्मा ने सभी की सराहना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जैसे हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात में भाजपा के नेतृत्व में विकास की गूंज सुनाई दी, वैसे ही अब बिहार में भी भाजपा के कार्यों का असर दिखेगा। राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी “वोटों के लिए नाचते हैं,” सहकारिता मंत्री ने कहा कि “राहुल गांधी को कुछ भी कहने की आदत है, लेकिन मोदी जी के मुकाबले कांग्रेस कहीं नहीं ठहरती। वहीं, रोहतक में भी राष्ट्रीय एकता दिवस पर ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया गया। राई की विधायक कृष्णा गहलावत ने सुभाष चौक से दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर भी मौजूद रहे।   विधायक गहलावत ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कुछ दूरी तक स्वयं भी दौड़ीं। इस आयोजन में शिक्षा विभाग, पुलिस, खेल विभाग और अन्य सरकारी संस्थानों के कर्मचारियों व विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रोहतक में कार्यक्रम को हरी झंडी दिखातीं विधायक कृष्णा गहलावत ने कहा कि सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत की नींव रखी थी। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी देश के महान नेताओं को उनकी जयंती और पुण्यतिथि के अवसर पर स्मरण कर उनके आदर्शों को आगे बढ़ाती है।” उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को दुनिया का सबसे सशक्त देश बनाने में योगदान दें। कार्यक्रम के बाद उन्होंने अशोका रोड पर मनीष ग्रोवर और कार्यकर्ताओं के साथ चाय की चुस्की लेकर एकता का संदेश दिया। हरियाणा पुलिस मुख्यालय में मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस हरियाणा पुलिस द्वारा लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में पुलिस मुख्यालय में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री ओपी सिंह ने पुलिस मुख्यालय में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई। इस अवसर पर पुलिस मुख्यालय के पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र निर्माण में सरदार वल्लभभाई पटेल के उल्लेखनीय योगदान को याद किया। इस मौके पर उपस्थित पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि देश की एकता व अखंडता को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान देना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में कार्यरत होने के चलते इस दिशा में हमारा उत्तरदायित्व और अधिक बढ़ जाता है। हमारा पहला कर्तव्य है देश की एकता व अखंडता बनाए रखने के साथ-साथ सेवा व सुरक्षा के भाव के साथ समर्पित होकर अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने पुलिसकर्मियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे पूरी सत्यनिष्ठा व समर्पण भाव से कार्य करें। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था संजय कुमार तथा पुलिस महानिरीक्षक कानून एवं व्यवस्था कुलदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे।   भारत की एकता और अखंडता के प्रतीक सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर ताऊ देवीलाल स्टेडियम, गुरुग्राम में रन फॉर यूनिटी का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शिरकत की और हरी झंडी दिखाकर एकता के लिए दौड़ को रवाना किया। यह दौड़ ताऊ देवीलाल स्टेडियम से शुरू होकर बख्तावर चौक तक गई और पुनः स्टेडियम पर समाप्त हुई। कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों, युवाओं, अधिकारियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। डीसी अजय कुमार व पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा ने केंद्रीय राज्य मंत्री का स्टेडियम में पहुंचने पर स्वागत किया।  

कांग्रेस में अनुशासन की नई परिभाषा: राव नरेंद्र का बड़ा सांगठनिक कदम

चंडीगढ़  हरियाणा कांग्रेस अब नए तेवर में दिखाई दे रही है। प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने संगठन को ‘कागजी’ नहीं, ‘जमीनी’ रूप देने की ठान ली है। उन्होंने सभी जिलाध्यक्षों को एक विस्तृत पत्र भेजकर कार्यकारिणी गठन का स्पष्ट और सटीक फॉर्मूला तय कर दिया है ताकि न तो पदाधिकारियों में भ्रम रहे और न जिम्मेदारी में किसी तरह की ढील की कोई गुंजाइश बचे। पार्टी नेतृत्व से मिले ‘फ्री-हैंड’ के साथ ही हरियाणा कांग्रेस में अब ‘अनुशासन और जवाबदेही’ का नया दौर शुरू हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने संगठन के भीतर कसावट लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। एक ऐसा कदम जो प्रदेश कांग्रेस की कार्यसंस्कृति को बदलने की क्षमता रखता है। पत्र में राव ने यह भी तय कर दिया गया है कि अब हर माह संगठन के हर स्तर पर रिपोर्टिंग और समीक्षा होगी। राजनीतिक हलकों में इस कदम को राव का ‘संगठनिक मास्टरस्ट्रोक’ कहा जा रहा है क्योंकि क्योंकि इससे कई निष्क्रिय जिलों में हरकत और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। राव नरेंद्र सिंह का यह कदम आंतरिक संगठनात्मक राजनीति के बीच एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से कुछ जिलों में निष्क्रियता और गुटबाज़ी बनी हुई थी। अब हर माह की समीक्षा प्रणाली से यह साफ हो जाएगा कि कौन जिलाध्यक्ष वास्तव में सक्रिय है और कौन सिर्फ नाम के लिए पद संभाले हुए है। राव की रणनीति यह भी है कि 2029 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस संगठन ‘जाग्रत और जवाबदेह’ दोनों हो जाए। राव नरेंद्र सिंह ने हरियाणा कांग्रेस को सिर्फ पदों के ढांचे से निकालकर एक प्रणाली में बदलने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उनका मॉडल अब हर महीने हर स्तर पर नतीजे मांगेगा। यानी कांग्रेस संगठन अब खुद पर नजर रखेगा। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह हरियाणा कांग्रेस में लंबे समय बाद पहली बार है जब ‘रिपोर्टिंग कल्चर’ को अनिवार्य बनाया गया है। संगठन के लिए ‘मॉडल ब्लूप्रिंट’ पत्र के मुताबिक, हर जिले में अब कांग्रेस का ढांचा एकदम स्पष्ट होगा। चार उपाध्यक्ष, एक महासचिव (संगठन), आठ महासचिव, एक कोषाध्यक्ष और सोलह सचिव मिलाकर कुल 31 सदस्यीय कार्यकारिणी बनेगी। राव ने जिला अध्यक्षों को यह छूट भी दी है कि वे चाहें तो वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश अध्यक्ष के साथ चर्चा कर कार्यकारिणी के सदस्य चुन सकते हैं, ताकि संगठनात्मक फैसले ‘एकतरफा नहीं, सामूहिक’ हों। इसी फार्मूले पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों का गठन भी किया जाएगा। राव ने कहा – ‘संगठन केवल चेहरों का जमावड़ा नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारियों का तंत्र है। हर पद पर काम दिखना चाहिए, न कि सिर्फ नाम।’ पानीपत शहरी की फाइल अभी खुलनी बाकी कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में 33 जिलाध्यक्ष बनाए जा सकते हैं। इनमें 32 नियुक्तियां हो चुकी हैं, जबकि पानीपत शहरी जिलाध्यक्ष की कुर्सी अब भी खाली है। राव ने संकेत दिए हैं कि यह नियुक्ति भी जल्द होगी, ताकि प्रदेश का पूरा संगठनात्मक नक्शा तैयार हो सके। इस बीच कई जिलाध्यक्षों ने पहले ही ब्लॉक स्तर की गतिविधियां तेज़ कर दी हैं। इसमें हस्ताक्षर अभियान से लेकर सदस्यता विस्तार तक शामिल हैं।   3 नवंबर को ‘कांग्रेस की क्लास’ राव नरेंद्र सिंह ने अब 3 नवंबर को चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सभी जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। यह बैठक केवल औपचारिक नहीं, बल्कि ‘रिपोर्ट कार्ड मीटिंग’ होगी। जिलाध्यक्षों को अपने-अपने जिलों में किए गए कार्यों की रिपोर्ट पेश करनी होगी। खासकर ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान, ब्लॉक कार्यकारिणी गठन और स्थानीय जनसंपर्क गतिविधियों की स्थिति पर रिपोर्ट देनी होगी। बैठक में हरियाणा मामलों के प्रभारी बीके हरिप्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दोनों सह-प्रभारी भी मौजूद रहेंगे। राजनीतिक रूप से यह बैठक राव की नेतृत्व क्षमता और जिलाध्यक्षों की निष्ठा दोनों की परीक्षा मानी जा रही है। ‘हर महीने जवाबदेही’ का फार्मूला राव नरेंद्र सिंह ने संगठन को निष्क्रियता से निकालने के लिए एक सख्त शेड्यूल लागू किया है। इसके तहत 1 से 5 तारीख के बीच ब्लॉक कांग्रेस की बैठकें होंगी। 6 से 10 तारीख के बीच जिलाध्यक्षें को जिला स्तर की बैठकें करनी होंगी। इन बैठकों की समीक्षा हर माह 11 से 15 तारीख के बीच प्रदेशाध्यक्ष के साथ होने वाली बैठक में की जाएगी। यानी अब हर माह कांग्रेस संगठन के भीतर ‘संगठनात्मक गतिविधियों की पल्स’ मापी जाएगी। राव का संदेश साफ है – ‘जो सक्रिय रहेगा, वही आगे बढ़ेगा। जो सिर्फ राजनीति करेगा, उसे संगठन नहीं बचाएगा।’ ग्राउंड लेवल पर वर्करों को मिलेगा मंच राव ने जिलाध्यक्षों को यह भी निर्देश दिया है कि वे ब्लॉक स्तर पर हर माह कार्यकर्ता बैठकें करें और संगठन में नए लोगों को जोड़ें। उनका जोर है कि कांग्रेस की असली ताकत ब्लॉक नहीं, बूथ पर तैयार होती है। इसलिए कार्यकर्ताओं को ‘न्याय यात्रा’ और ‘हस्ताक्षर मुहिम’ जैसे अभियानों से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पार्टी जनता के मुद्दों पर सड़क तक उतरी दिखे।

सरकार का बड़ा फैसला: हरियाणा में TGT शिक्षकों की सेवा अवधि 30 नवंबर तक बढ़ी

चंडीगढ़  हरियाणा के TGT (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) के लिए राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त सभी अनुबंधित TGT का कार्यकाल 30 नवंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही, शिक्षा विभाग ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बिना विभागीय अनुमति के किसी भी अध्यापक को कार्यमुक्त न किया जाए। मौलिक शिक्षा के महानिदेशक की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि यह निर्णय मुख्य सचिव की स्वीकृति से लिया गया है, ताकि विद्यालयों में शिक्षण कार्य बिना किसी रुकावट के जारी रहे। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आर्ट और फिजिकल एजुकेशन असिस्टेंट पदों पर कार्यरत शिक्षकों का कार्यकाल भी 30 नवंबर तक बढ़ाया है। इससे उन हजारों शिक्षकों को राहत मिलेगी, जो पहले कार्यकाल समाप्त होने की स्थिति में अनिश्चितता का सामना कर रहे थे। निदेशालय ने यह भी कहा है कि जिन शिक्षकों की सेवाएं पहले बढ़ाई जा चुकी थीं, वे भी इसी अवधि तक कार्यरत रहेंगे। सभी स्कूल प्रधानाचार्यों व मुख्याध्यापकों को सख्त रूप से निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी शिक्षक बिना अनुमति के कार्यमुक्त न किया जाए। कार्यमुक्त से पहले अनुमति जरूरी विभाग ने कहा है कि यदि किसी भी कारण से किसी शिक्षक को कार्यमुक्त करने की आवश्यकता महसूस होती है, तो संबंधित जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव भेजा जाए और निदेशालय से पूर्व अनुमति प्राप्त की जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कौशल रोजगार निगम के माध्यम से लगे अध्यापकों के कार्यकाल बढ़ाने संबंधी यह आदेश पूर्व निर्धारित शर्तों और नियमों के तहत ही प्रभावी रहेगा।

मिड-डे-मील में देसी स्वाद का तड़का! हरियाणा के बच्चों की थाली में आएंगी खीर और पिन्नी

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार अब स्कूलों के मिड-डे-मील में बच्चों के स्वाद और सेहत दोनों का ख्याल रखने जा रही है। राज्य के सरकारी स्कूलों में अब हफ्ते में एक दिन इंस्टेंट खीर और एक दिन पौष्टिक पिन्नी परोसी जाएगी। यह कदम बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर करने और मिड-डे-मील को और आकर्षक बनाने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। राज्य के शिक्षा विभाग ने इस पहल के लिए हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड, पंचकूला के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया है। इसके तहत हरियाणा एग्रो पहली नवंबर से 31 मार्च, 2026 तक स्कूलों में इंस्टेंट खीर उपलब्ध करवाएगा। वहीं, पिन्नी की आपूर्ति की जिम्मेदारी पहले चरण में नूंह और भिवानी जिलों में वीटा द्वारा निभाई जा रही है। शिक्षा विभाग ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि अब स्कूलों में मिड-डे-मील योजना के तहत हफ्ते में एक दिन इंस्टेंट खीर और एक दिन पिन्नी परोसी जाए। यह नई व्यवस्था बालवाटिका-।।। से लेकर कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए लागू होगी। यह सिर्फ स्वाद बढ़ाने की कोशिश नहीं, बल्कि बच्चों के शरीर में आवश्यक ऊर्जा और पोषक तत्वों की पूर्ति करने का प्रयास भी है। खीर में मौजूद दूध और चावल से ऊर्जा मिलेगी, जबकि पिन्नी बच्चों को देगी प्रोटीन और आयरन का बूस्ट। राज्य सरकार का यह कदम बच्चों में कुपोषण को खत्म करने और उन्हें संतुलित आहार देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। मिड-डे-मील में स्वाद और पौष्टिकता के नए विकल्प जोड़ने से बच्चों की उपस्थिति और रुचि दोनों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। हरियाणा एग्रो और शिक्षा विभाग का यह संयुक्त प्रयास आने वाले महीनों में राज्य के लाखों विद्यार्थियों के चेहरे पर मुस्कान और उनके शरीर में नई ऊर्जा भरने जा रहा है। दूध के साथ अब ‘आयरन डोज’ भी शिक्षा विभाग ने आदेशों में स्पष्ट किया है कि जिस दिन विद्यार्थियों को दूध वितरित किया जाएगा, उसी दिन उन्हें आयरन फॉलिक एसिड टैबलेट्स भी दी जाएंगी। इससे बच्चों में खून की कमी (एनीमिया) को रोकने में मदद मिलेगी और उनकी एकाग्रता व स्मरण शक्ति में सुधार आएगा। राज्य सरकार का मानना है कि स्वस्थ बच्चा ही अच्छा विद्यार्थी बन सकता है, इसलिए यह पहल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास दोनों को ध्यान में रखकर की गई है। नूंह और भिवानी से शुरू हुई ‘पिन्नी योजना’ केंद्र सरकार के पोषण सुधार दिशानिर्देशों के तहत हरियाणा ने पहले चरण में नूंह और भिवानी जिलों में पिन्नी वितरण शुरू किया है। वीटा की ओर से फिलहाल 90 दिनों के लिए पिन्नी की आपूर्ति की जा रही है। स्कूलों को अपने विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर पिन्नी की डिमांड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह डिमांड जिला मौलिक शिक्षा कार्यालयों के माध्यम से निदेशालय को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर हरियाणा एग्रो पिन्नी की अगली खेप मुहैया कराएगा।

नायब सिंह सैनी ने की पहल: अब आमजन भी बन सकेंगे गौशाला आत्मनिर्भरता मिशन के सहभागी

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि गायों की सुरक्षा के लिए गौ भक्तों को जन जागरण चलाना होगा। गौ सेवा सबका नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गायों को सड़कों पर न छोड़ें और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों में सहभागी बनें। गोबर व गौमूत्र से बने उत्पादों का उपयोग करें। उन्होंने श्री कृष्ण गौशाला, करनाल को अपने ऐच्छिक कोष से 21 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री गुरुवार को श्री कृष्ण गौशाला में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने गौशाला में गायों की पूजा की, गायों को चारा खिलाया और यहां बने चिकित्सालय का दौरा कर गौवंश के लिए उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने गोपाष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि यह भारतीय सनातन जीवन का पवित्र दिन है जो हमें संस्कृति, भाईचारे और प्रेम भाव से जोड़ता है। यह केवल पर्व नहीं बल्कि करूणा, सेवा और कर्तव्य बोध का प्रतीक है।  गौमाता का सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गौ माता का जहां सामाजिक और आध्यात्मिक महत्त्व है वहीं इसका संबंध गोधन से भी रहा है। प्राचीन समय में जिसके पास जितनी अधिक गायें होती थीं उसे उतना ही अधिक समृद्ध माना जाता था। पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी-देवताओं और असुरों के बीच हुए समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों में एक कामधेनु गाय थी। एक कथा अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने गौ-गोपियों के लिए जब गोवर्धन पर्वत धारण किया तब आठवें दिन इंद्र देवता भगवान श्रीकृष्ण की शरण में आए। उन्होंने कामधेनु श्रीकृष्ण का अभिषेक किया और उनका नाम गोविंद रखा। तभी से अष्टमी को गोपाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। गाय का दूध फायदेमंद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गाय को आध्यात्मिक और दिव्य गुणों का स्वामी भी कहा जाता है। गाय को माता का दर्जा दिया गया है। उसका दूध अमृत के समान माना जाता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध से यह साबित हुआ है देसी गाय का दूध कई रोगों में काफी फायदेमंद है। यह मां के दूध के समान गुणकारी माना जाता है। संवर्धन व संरक्षण के लिए उठाए कई कदम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने गौशालाओं के विकास, गौवंश के संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। 11 साल पहले गौ सेवा आयोग को मात्र 2 करोड़ की ग्रांट दी जाती थी, लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इसमें लगातार वृद्धि की। गायों के संरक्षण व उनके संवर्धन के लिए सरकार ने बजट 600 करोड़ कर दिया है। उन्होंने ने बताया कि प्रदेश में 2014 में 215 पंजीकृत गौशालाओं में 1.75 लाख गौवंश था लेकिन आज 686 गौशालाओं में 4 लाख से अधिक गौवंश है। गौशालाओं के लिए 800 ई-रिक्शा खरीदने की प्रक्रिया जारी है। गौशालाओं को 2 रुपये प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। गौशालाओं के लिए जमीन की रजिस्ट्री करवाने की स्टांप ड्यूटी खत्म कर दी गई है। गौशालाओं में शेड निर्माण जारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि गायों की जांच के लिए जिन गौशालाओं में 3 हजार से अधिक गौवंश हैं वहां सप्ताह में एक दिन पशु चिकित्सक और इससे कम संख्या वाली गौशालाओं में वीएलडीए की ड्यूटी लगाई गई है। इतना ही नहीं मोबाइल पशु चिकित्सालय की सेवाएं भी गौशालाओं के लिए उपलब्ध कराई गई है। बेसहारा गौवंश के लिए प्रदेश में दो गौ अभयारण्य बनाए गए हैं। गौशालाओं में शेड बनाने के लिए प्रति गौशाला 10 लाख का अनुदान देने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। 51 गौशालाओं में शेड बनाए जा चुके हैं, बाकी में काम जारी है। चारे के लिए अनुदान उन्होंने बताया कि 605 गौशालाओं के लिए 88 करोड़ 50 लाख रुपये चारे के लिए अनुदान के रूप में दिए गए हैं। पंजीकृत गौशालाओं को 11 सालों में 388 करोड़ 60 लाख का अनुदान चारे के लिए दिया गया है। देसी नस्ल की गायों के संवर्धन व संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन लागू किया है। उन्होंने कहा कि सरकार गायों की नस्ल सुधारने और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास कर रही है। गाय के गोबर और गोमूत्र से प्राकृतिक फिनाइल, जैविक खाद, गोबर के बर्तन, दीया, साबुन, उपले गमला, धूप, गौ अर्क जैसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं। पंचगव्य उत्पादन के लिए गौशालाओं को मांग अनुसार जरूरी मशीनरी की खरीद के लिए मदद दी जा रही है। प्रदेश की 101 गौशालाओं को 6 करोड़ 50 लाख रुपये की अनुदान राशि पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि गौ माता की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाया गया है। गौ हत्या करने वाले को दस वर्ष और गौ तस्करी करने वाले को सात साल के कारावास का प्रावधान किया गया है। सैनी ने कहा कि गायों की सुरक्षा के लिए गौ भक्तों को जन जागरण चलाना होगा। गोपाष्टमी के महत्त्व पर डाला प्रकाश इससे पहले गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गोपाष्टमी के महत्व पर प्रकार डाला। उन्होंने कहा कि गौ माता सामान्य प्राणी नहीं बल्कि सनातन परंपराओं का प्राण है। प्राण सुरक्षित रहेंगे तो निश्चित रूप से जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को गौ पालन करना चाहिए। गौ सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है ये रहे मौजूद इस मौके पर भानपुरा पीठ के शंकराचार्य, प्रेम मूर्ति महाराज, इंद्री के विधायक एवं चीफ व्हिप रामकुमार कश्यप, करनाल के विधायक जगमोहन आनंद, असंध के विधायक योगेंद्र राणा, मेयर रेणु बाला गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रवीण लाठर, गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग, गौशाला के प्रधान सुनील गुप्ता आदि मौजूद रहे।

कोहरे से पहले रेलवे की बड़ी तैयारी, इन लंबी दूरी की ट्रेनों में होगा बदलाव

अंबाला  सर्दियों की शुरुआत के साथ ही फॉग का मौसम करीब है। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन ने पहले ही सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हर साल की तरह इस साल भी कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द की गई हैं, जो फरवरी तक रद्द रहेंगी। यात्रियों की परेशानी से बचने के लिए रद्द होने वाली गाड़ियों की सूची भी जारी कर दी गई है। रेलवे की तैयारी और सुरक्षा उपाय अंबाला रेलवे मंडल के सीनियर डीसीएम नवीन कुमार ने मीडिया को बताया कि रेलवे ने दो तरह की तैयारियां की हैं:- फॉग सेफ्टी डिवाइस फॉग के दौरान लोको पायलट के पास फॉग सेफ डिवाइस अनिवार्य है। यह डिवाइस सिग्नलों की स्थिति बताता है। रेलवे ने सभी मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेनों में यह डिवाइस लगा दिया है। फॉग के कारण ट्रेनें रद्द नवीन कुमार ने बताया कि फॉग के चलते ट्रेनों की गति धीमी हो जाती है, जिससे कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ता है। खासकर उत्तर भारत में फॉग अधिक पड़ता है, इसलिए उत्तर की ओर जाने वाली ट्रेनें रद्द की गई हैं। रद्द ट्रेनों की सूची पहले ही जारी कर दी गई है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। फॉग सेफ्टी डिवाइस का काम डीसीएम ने बताया कि रेलवे में सात-आठ साल से फॉग सेफ डिवाइस अनिवार्य है। यह GPS आधारित छोटा डिवाइस लोको में लगाया जाता है। प्रत्येक रूट की मैपिंग और डेटा पहले से इसमें दर्ज किया जाता है। डिवाइस लोको पायलट को लगभग 1 किलोमीटर पहले ही अलर्ट देता है कि आगे फाटक या स्टेशन है, ताकि ट्रेन सुरक्षित रूप से चल सके। यात्रियों के लिए संदेश नवीन कुमार ने यात्रियों से अपील की है कि वे रेलवे की जारी सूची और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और यात्रा की योजना बनाते समय फॉग के कारण रद्द ट्रेनों की जानकारी अवश्य लें।  

राजबीर फरटिया के बेटे की ग्रैंड वेडिंग बनी चर्चा का विषय! 5 एकड़ में पंडाल

चंडीगढ़  5 एकड़ पंडाल, 150 गांवों को भोज, कौन है दुल्हन?लोहारू के कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया के बेटे की शादी की खासी चर्चा है. भिवानी. हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू के कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया के बेटे की शादी की खासी चर्चा है. विधायक राजबीर फरटिया के इकलौते बेटे योगेश फरटिया की शादी की रस्में तीन दिन से चल रही हैं और 30 अक्टूबर 2025 रिशेप्शन होने जा रहा है. इस ग्रैंड शादी में बड़ी संख्या में लोगों को न्योता दिया गया. अहम बात है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर कई बड़े दिग्गज को शादी में बुलाया गया है. जानकारी के अनुसार, भिवानी में लोहारू मंडी में प्रीतिभोज कार्यक्रम में डेढ़ सौ गांवों के लोगों को निमंत्रण दिया गया है. गुरुवार को कांग्रेस के नेता चौधरी वीरेंद्र सिंह भी इस शादी में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं. बताया जा रहा है कि शादी के भोज के लिए लोहारू मंडी में पांच एकड़ में पंडाल बना गय़ा है और करीब 90 से एक लाख लोगों के लिए खाने की व्यवस्था की गई है. गौरतलब है कि विधायक राजबीर फरटिया के बेटे योगेश फरटिया की अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी है. विधायक राजबीर फरटिया के बेटे योगेश फरटिया की अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी है.   योगेश की शादी जींद से हो रही है और उनकी दुल्हन इंग्लैंड से पढ़ी है. जींद के डेयरी कारोबारी बलजीत सिंह रेढू की बेटी तमन्ना और योगेश की शादी की रस्में शुरू हो चुकी हैं.  बताय़ा जा रहा है कि तमन्ना ने इंग्लैंड से कॉमर्स की पढ़ाई की है और अब पिता के कारोबार में साथ दे रही हैं. जींद में लक्ष्य डेयरी एवं लक्ष्य फूड इंडिया के नाम से कंपनी चलाने वाले बलजीत की तमन्ना इकलौती बेटी है. भाई स्वीट्स एवं होटल का कारोबार देखता है. बेटे की शादी के लिए विधायक ने राहुल गांधी को भी बुलाया है. विधायक का इकलौता बेटा है योगेश पहली बार विधायक बने कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया के दो बच्चे हैं. एक साल पहले बेटी की शादी आईएएस अफसर से हुई थी और अब बेटा दुल्हा बननने जा रह है. बीते तीन रोज से शादी का जश्न चल रहा है और इसमें रंग जमाने के लिए कलाकारों को भी बुलाया गया है. शादी में शामिल होने के लिए पहुंचे चौधरी बीरेंद्र सिंह. गुरुग्राम में यह शादी होगी, लेकिन लोहारू मंडी में गुरुवार को भोज दिया जा रहा है. विधायक राजबीर फरटिया ने कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी को भी शादी का निमंत्रण दिया है. वहीं, पार्टी के अन्य शीर्ष नेतृत्व तको भी बुलाया है. बताया जा रहा कि गुरुग्राम में यह शादी होगी, लेकिन लोहारू मंडी में गुरुवार को भोज दिया जा रहा है. बताया जा रहा है कि लोहारू अनाज मंडी में भोज के लिए विधायक पांच हजार वेटर्स और करीब 800 सिक्योरिटी गार्डों भी तैनात किए गए हैं. गौरतलब है कि लोहारू विधानसभा से जीते राजबीर फरटिया ने भाजपा सरकार में कृषिमंत्री रहे जेपी दलाल को हराया था.  

अब घर बैठे कर सकेंगे जमीन की रजिस्ट्री, हरियाणा सरकार ने किया बड़ा बदलाव

चंडीगढ़  हरियाणा में जमीन की रजिस्ट्री अब ऑनलाइन होगी. इसके बाद अब पूरे प्रदेश में हरियाणा दिवस (एक नवंबर) से डीड पंजीकरण भी ऑनलाइन किया जाएगा. हरियाणा ने भूमि एवं राजस्व प्रशासन को पूर्ण रूप से डिजिटल करते हुए पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल शासन के नए युग की शुरुआत कर दी है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उच्च स्तरीय बैठक करते हुए डिजिटल सुधारों की प्रगति की समीक्षा की. हरियाणा की होम सेक्रेटरी, डॉ. सुनीता मिश्रा ने बताया, 1 नवंबर से हम हरियाणा में एक बड़ा बदलाव ला रहे हैं. मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, हम तहसीलों में जमीन रजिस्ट्रेशन डीड के सिस्टम को बदल रहे हैं और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन की तरफ बढ़ रहे हैं. हरियाणा ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य होगा. 29 सितंबर को मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र जिले के बाबैन में इसे लॉन्च किया था. अब, एक महीने की टेस्टिंग और सुधार के बाद, हम इसे 1 नवंबर से पूरे राज्य में लॉन्च कर रहे हैं, जो हरियाणा दिवस भी है. यह हमारी कोशिश है कि उन नागरिकों को राहत मिले जिन्हें पहले तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जहां उन्हें बिचौलियों और दलालों के बारे में सुनने को मिलता था और उनसे निपटना पड़ता था. अब, यह सब नागरिक के हाथ में होगा. जो भी रजिस्ट्रेशन करवाना चाहता है, वह अपनी ID बनाकर लॉगिन करेगा.   जमीन की डीड (जैसे सेल डीड) वह कानूनी दस्तावेज है जो संपत्ति के स्वामित्व को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित करता है. रजिस्ट्री उस दस्तावेज को सरकारी कार्यालय (उप-पंजीयक कार्यालय) में पंजीकृत करने की प्रक्रिया है ताकि यह कानूनी रूप से मान्य हो जाए और सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन जाए. कैसे करेंगे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन? ऑनलाइन डीड रजिस्ट्रेशन के लिए https://eregistration.revenueharyana.gov.in/ पोर्टल पर लाग इन किया जा सकता है. नई व्यवस्था आरंभ होने के बाद मौजूदा प्रणाली स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी. इस सुविधा के बाद हरियाणा देश में शत-प्रतिशत कागज रहित संपत्ति पंजीकरण प्राप्त करने वाला पहला राज्य बन जाएगा. नागरिक सुरक्षित ओटीपी प्रमाणीकरण के माध्यम से अपनी पहचान पंजीकृत और सत्यापित कर सकते हैं.