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हरियाणा पवेलियन का कमाल! अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मिला स्वच्छ मंडप का गोल्ड सम्मान

चंडीगढ़ नई दिल्ली के भारत मंडपम में चले अंतरराष्ट्रीय व्यापार – मेले-2025 में हरियाणा को स्वच्छ मंडप में गोल्ड मेडल मिला है। व्यापार मेले में अलग-अलग श्रेणियों में मेडल दिए गए थे, इसमें हरियाणा प्रदेश के पवेलियन ने स्वच्छ मंडप में बाजी मारी है। मंडप के निदेशक अनिल चौधरी ने बताया कि 14 से 27 नवंबर तक चले इस 44वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में हरियाणा पवेलियन लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पवेलियन में हरियाणवी संस्कृति, निरंतर जारी इनोवेशन और प्रदेश के विकास की झलक देखने को मिल रही थी। मेले के समापन के उपरांत पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया था, इसमें हरियाणा पवेलियन ने स्वच्छ मंडप में गोल्ड मेडल जीता है। हरियाणा पवेलियन में अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे। इसमें 11 कारीगरों और स्वयं सहायता समूह ने स्टॉल लगाए थे जबकि 22 एमएसएमई ने अपने स्टॉल लगाए थे। ये भी खरीदारों के आकर्षण का केंद्र रहे। हरियाणा पवेलियन एक भारत-श्रेष्ठ भारत के थीम पर बनाया गया था। पवेलियन में सूरजकुंड मेला और गीता जयंती को दर्शाया गया था। लोगों ने पवेलियन में जमकर सेल्फी व फोटो क्लिक की और हरियाणा को जाना।

गुप्त बैठक में मंत्री का विवादित बोल: नगर निगम हाउस में उठी पारदर्शिता पर सवाल

पानीपत  दो दिन पहले बंद कमरे में हुई नगर निगम हाउस की बैठक से पर्दा उठ गया है। बैठक में प्रदेश के कैबिनेट ने प्रस्ताव रखा था कि शहर की सफाई का टेंडर एजेंसी को देने के बजाय खुद ले सकते हैं। इस पर शहरी विधायक प्रमोद विज ने कहा- इससे मीडिया में गलत मैसेज जाएगा। बैठक में मंत्री बोले कांट्रैक्टर है उस ग्रह से आप फिर जुझोगे, मैं फिर बता रहा हूं चार महीने में तुम लोग अपना सिस्टम खड़ा कर जाओगे। कांट्रेक्ट कोई और नहीं लेगा, में ले लूंगा। ठीक है। मैने भी क्या करना है? आपको जितने लोगों की आवश्यका है आपने जो काम करना है उस पर आप करो, प्रोब्लम क्या है?इसके बाद माइक अपनी और करते हुए निगम आयुक्त डा. पंकज यादव बोले- सर ने कहा है कम से कम एक जोन का तो बना लो उसमें भागीदारी करके तो दिखाओ।   अचानक बदल दिया था बैठक स्थल  अबतक नगर निगम की बैठक लघु सचिवालय में होती रही है। इस बार 27 नवंचर को बैठक स्थल को अचानक बदलकर माडल टाउन स्थित पुराने कैप आफिस में बदल दिया। पहली बार बैठक बंद कमरे में हुई और मीडिया से दूरी बनाकर रखी। उस की बैठक की वायरल वीडियी ने पर्दे के पीछे हुई बैठक के कुछ रहस्यों को खोल कर रख दिया। इसमे शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, विधायक प्रमोद विज, निगम आयुक्त सफाई के ठेके की पार्षदों की देने के मामले में अपना पक्ष रखते नजर आए।  

हरियाणा में खेल उपकरणों की खरीद 7 साल से ठप, CM की हरी झंडी के बाद भी फाइल आगे नहीं बढ़ी

हरियाणा  खिलाड़ियों व पहलवानों से हरियाणा की पहचान होती है। पिछले 7 साल से नए खेल के कोई भी उपकरण नहीं खरीदे गए। उपकरण तब खरीदे गए थे, जब मनोहर लाल खट्‌टर सीएम थे। जब अनिल विज खेल मंत्री थे। उस समय 30 करोड़ रुपए के खेल उपकरणों की खरीद की गई थी। ऐसा नहीं है कि खेल विभाग के पास बजट की कमी है। सरकार ने बीते 3 साल में हरियाणा खेल बजट चार गुना बढ़कर 1962 करोड़ रुपए तक कर दिया है। असल में सारा मामला ई-टेंडर और फाइलों में उलझा हुआ है। CM नायब सैनी 4 महीने पहले मंजूरी दे चुके हैं, लेकिन अब फाइल खेल मंत्री के पास अटकी है। खेल विभाग हरकत में  पिछले दिनों जर्जर बॉस्केट पोल गिरने से रोहतक ने नेशनल प्लेयर हार्दिक राठी और बहादुरगढ़ में अमन की मौत हो गई। इसके बाद से खेल विभाग हरकत में है। सभी जर्जर व पुराने खेल ढांचे बदलने के आदेश दिए गए हैं। 

देश ने नम आँखों से दी विदाई: शहीद सूबेदार हितेश सहरावत का पूरे सैन्य सम्मान के साथ संस्कार

पलवल पलवल जिले के खंड हथीन के गांव गहलब निवासी सूबेदार हितेश सहरावत लेह लद्दाख में ड्यूटी के समय हृदय गति रुकने के कारण शहीद हो गए। शहीद सूबेदार हितेश सहरावत का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक गांव गहलब पहुंचा जहां राजकीय सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर लोगों ने शहीद सूबेदार हितेश सहरावत अमर रहे और भारत मां का जयघोष किया। गौरतलब है कि गांव गहलब निवासी सूबेदार हितेश सहरावत 15 फरवरी 2001 को सेना में आर्मी सप्लाई कोर रेजिमेंट में बतौर ड्राइवर ड्यूटी ज्वाइन की थी। वह वर्तमान में सूबेदार के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। शनिवार सुबह उन्हें ड्यूटी के समय हृदयाघात हुआ और वह शहीद हो गए। सूचना मिलते ही गांव शोक की लहर में डूब गया। रविवार को शहीद सूबेदार का पार्थिक शरीर गांव गहलब पहुंचा जहां हजारों की संख्या में लोगों ने शहीद सूबेदार हितेश सहरावत अमर रहे और भारत माता की जय हो का जयघोष किया।  शहीद सूबेदार हितेश सहरावत को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के गणमान्य लोग भी मौजूद थे। कर्नल के.जी.शर्मा ने बताया कि सूबेदार हितेश सहरावत रसद सामग्री को लेकर ड्यूटी पर जा रहे थे। लद्दाख में तापमान में लगातार गिरावट आ रही थी। सूबेदार हितेश ने विषय परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का निर्वाह किया और देश के लिए शहादत दे दी। भारतीय सेना सूबेदार हितेश की शहादत को हमेशा याद रखेगी।   

जिले के प्रमुख चौंक का नाम बदला—हरियाणा में मिला ऐसा नाम जिसे सुनकर आप भी कहेंगे वाह!

फरीदाबाद फरीदाबाद का नीलम चौक अब आधिकारिक रूप से गुरु तेग बहादुर चौक के नाम से जाना जाएगा। शनिवार को इसकी घोषणा कर दी गई। यह निर्णय गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में लिया गया। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने नीलम चौक का नाम गुरु तेग बहादुर चौक के नाम से घोषित किया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर की शहादत सदियों से मानवता, धर्म-रक्षा व अदम्य साहस का प्रतीक रही है। इसके अलावा गुर्जर सेंट्रल पार्क सेक्टर-28 में नगर निगम द्वारा आयोजित शीतकालीन फूल पौध वितरण समारोह में पहुंचे। इस दौरान करीब 30 लाख फूलों वाले पौधे शहरवासियों को निशुल्क बांटे गए। गुर्जर ने कहा कि यह पहल शहर को स्वच्छ, आकर्षक व पर्यावरणीय दृष्टि से बेहतर बनाने की दिशा में एक अच्छा कदम है।  

हरियाणा में खुशखबरी! इन कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर मुहर, जल्द जारी होगा आदेश

चंडीगढ़  हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों को लेकर अच्छी खबर आ रही है। वित्त विभाग के चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी द्वारा अलग- अलग लेटर जारी किए गए हैं जिनमें बताया गया है कि जिन सीनियर कर्मचारियों को अपने कनिष्ठ (जूनियर) से कम वेतन मिल रहा है, उन्हें वेतन बढ़ोतरी की सौगात मिलेगी। यदि जूनियर कर्मचारी को किसी व्यक्तिगत कारण से ज्यादा वेतन प्राप्त हो रहा है, तो वरिष्ठ कर्मचारी के वेतन में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।  प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ कर्मचारियों के वेतन तथा एश्योर्ड करियर प्रमोशन (एसीपी) को कनिष्ठ कर्मचारियों के समान स्टेपिंग- अप (वेतन में बढ़ोतरी) करने तथा वित्तीय शक्तियां री- डेलीगेट करने को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि सीनियर कर्मचारी का वेतन जूनियर कर्मचारी के बराबर तभी स्टेपिंग- अप किया जा सकता है, जब सीनियर कर्मचारी एचसीएस (एसीपी) नियम-2016 के तहत एसीपी के पात्र हों। 

सरकार को सौंपी फीडबैक रिपोर्ट: इन 5 विभागों की लापरवाही पर उठे सवाल

चंडीगढ़  हरियाणा में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली जांचने की लेकर सरकार और संगठन के बीच तय हुए फार्मूले पर काम शुरू हो गया है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश के सभी जिलों की ग्रीवेंस कमेटी के मैंबरों की पहली फीडबैक रिपोर्ट सरकार के पास पहुंच गई है। इस रिपोर्ट में 5 विभागों की कार्यप्रणाली बेहद खराब चताई गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन विभागों के कुछ अफसर लोगों की समस्याओं को निपटाने के लिए गंभीर नहीं है। साथ ही फाइलों को बेवजह लटकाते रहते हैं। हालांकि इन अफसरों के नामों की सरकार की ओर से गोपनीय रखा गया है। लेकिन सरकार जल्द ही ऐसे अफसरों और सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई कर सकती है। खुद मुख्यमंत्री नायब सैनी भी इसको लेकर अलर्ट हैं। उनकी ओर से मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को ये निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे अफसरों और कर्मचारियों के बारे में फीडबैक लें और उनकी प्रॉपर्टी की भी जांच करवाएं। यदि ऐसा होता है तो सरकार इन अफसरों किसी दूसरी जगह पोस्टिंग दे सकती है। 5 विभागों पर खास फोकस सरकार के पास पहुंची ग्रीवैस कमेटी के मैबरी की रिपोर्ट में 5 विभागों पर खास फोकस किया गया है। बताया गया कि गृह विभाग यानी पुलिस, ऊर्जा विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की और से बेवजह कामों की लटकाया जाता है। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें पुलिस विभाग की आई है।   रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस विभाग में करीब 3 दर्जन ऐसे अफसर है जिनका नाम रिपोर्ट में दिया गया है। ये गृह विभाग के अंतर्गत आता है। तीसरे टर्म की सरकार में ये महकमा मुख्खामंत्री नायब सैनी खुद देख रहे है। इससे पहले मनोहर लाल की सरकार में अनिल विज के पास ये विभाग था। वहीं अच्छे मंत्रियों में शुमार विपुल गोयल के रेवेन्यू डिपार्टमेंट में इतने ही अफसरों की लापरवाही सामने आई है। इन विभागों के अलावा कृषि, स्वास्थ्य विभाग में भी दर्जने अफसर और कर्मचारियों के नाम है जो लोगों के काम करने में देरी कर रहे हैं और फाइलों को अटका रहे है।

सैनी सरकार का बड़ा कदम: स्टेडियम और ग्राउंड्स को लेकर सख्त नीति लागू

चंडीगढ़ स्टेडियम व खेल उपकरणों की बदहाली के कारण दो होनहार खिलाड़ियों की जान जाने के बाद हरियाणा खेल विभाग की नींद खुली है। पहली बार प्रदेशभर के खेल मैदानों और स्टेडियमों को ए, बी, सी और डी ग्रेड में वर्गीकृत करने का फैसला लिया गया है। इस वर्गीकरण के आधार पर खेल अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी निर्धारित होगी और खेल मंत्री खुद इसकी निगरानी करेंगे। पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम स्थित कॉन्फ्रेंस हाल में शुक्रवार को खेल मंत्री गौरव गौतम ने तीन घंटे तक विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। खेल राज्यमंत्री ने कहा कि राज्य के खेल ढांचे के वैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए खेल मैदानों और स्टेडियमों को ए, बी, सी और डी ग्रेड में बांटा जाएगा। साथ ही प्रदेशभर में संचालित फर्जी खेल नर्सरियों पर पूरी तरह रोक लगेगी। मंत्री ने कहा कि खेल सुविधाओं में सुधार के साथ अब अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय की जा रही है। वे स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और समय-समय पर प्रगति समीक्षा भी करेंगे। मंत्री ने कहा कि इन ठोस कदमों से न केवल खेलों का आधारभूत ढांचा सशक्त होगा बल्कि खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर, सुरक्षित माहौल मिलेगा। बैठक में खेल विभाग के निदेशक संजीव वर्मा, अतिरिक्त खेल निदेशक अश्वनी मलिक, जोन के उप निदेशक व सभी जिला अधिकारी मौजूद रहे। खेल मैदानों का वर्गीकरण     ए ग्रेड –     ये खेल मैदान उत्कृष्ट एवं सुरक्षित व तत्काल अभ्यास योग्य होंगे।     बी ग्रेड –     ये मैदान सामान्य लेकिन खेलने योग्य होंगे।     सी ग्रेड –     ये मैदान मरम्मत के बाद उपयोग योग्य होंगे।     डी ग्रेड –     पूरी तरह प्रतिबंधित स्टेडियम होंगे। इनके उपयोग की अनुमति नहीं होगी।  

बड़ी बरामदगी! दिल्ली में आतंकी शाहीन के फ्लैट से लाखों रुपये और सोना मिला

फरीदाबाद दिल्ली धमाके के बाद आतंकी मॉडयूल की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। केस में नए खुलासे हो रहे हैं। जांच के लिए एनआईए की टीम लेडी आतंकी डॉक्टर शाहीन को लेकर फरीदाबाद पहुंची। टीम को शाहीन के फ्लैट से भारी मात्रा में नकदी, सोने के गहने और विदेशी मुद्रा बरामद हुई।  फ्लैट में पैकेट बना रखे थे 18.50 लाख रुपए एनआईए की टीम ने फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फ्लैट नंबर-32 में शाहीन की अलमारी का लॉक खुलवाया, यहां कई पैकेट रखे हुए थे। इन पैकेटों में 500-500 के नोट रखे गए थे। सभी पैकेट को खोलकर गिनती करने पर 18.50 लाख रुपए बरामद हुए। इसके अलावा दो सोने के बिस्कुट और गहने भी मिले। सोने का वजन करीब 300 ग्राम था। इसके साथ ही शाहीन की अलमारी से सऊदी अरब में अन्य देशों की करेंसी भी मिली। शाहीन के फ्लैट के अलावा एडमिन ब्लॉक में भी उसके नाम से एक लॉकर था। जांच में टीम को दस्तावेज मिले है। एनआईए की करीब 25 सदस्यों की टीम डॉक्टर शाहीन के साथ आई थी। टीम में महिलाएं अधिकारी भी शामिल थी। नोट गिनने की मशीन ना होने के कारण टीम ने हाथ से ही पैसे को गिना और डिजिटल मशीन से सोने का वजन किया गया।

सैनी सरकार की बड़ी पहल: हरियाणा में जनगणना अब पूरी तरह डिजिटल तरीके से

चंडीगढ़ हरियाणा में 2027 में होने वाली जनगणना के लिए सैनी सरकार ने रोडमैप जारी किया है। हरियाणा की फाइनेंशियल कमिश्नर सुमिता मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि जनगणना पूरी तरह से डिजिटल मोड में की जाएगी। मिश्रा 2027 की जनगणना के लिए राज्य नोडल अधिकारी भी हैं। सुमिता ने कहा कि एन्यूमरेटर और सुपरवाइज़र डेटा इकट्ठा करेंगे और डिजिटल तरीके से एक सेंट्रल सर्वर पर अपलोड करेंगे। उन्होंने एक ऑफिशियल बयान में कहा कि मोबाइल ऐप, एक पोर्टल और दूसरे टूल एंड्रॉयड और iOS प्लेटफॉर्म पर हिंदी, इंग्लिश और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होंगे। जनगणना अधिकारी नियुक्त  सभी लेवल पर जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति की तैयारी शुरू करने के लिए सुमिता मिश्रा ने सभी डिविजनल कमिश्नरों को डिविजनल जनगणना अधिकारी और डिप्टी कमिश्नरों/जिला मजिस्ट्रेटों को अपने अधिकार क्षेत्र में काम की निगरानी के लिए प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी नियुक्त किया है। एडिशनल डिप्टी कमिश्नरों, एडिशनल जिला मजिस्ट्रेटों और सीनियर डिप्टी कलेक्टरों को जिला जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह स्ट्रक्चर सब-डिवीजनल और ब्लॉक लेवल तक फैला हुआ है ताकि ग्रामीण क्लस्टर और तहसीलों में पूरी कवरेज पक्की हो सके। उन्होंने कहा कि फील्ड ऑपरेशन के दौरान टेक्निकल सपोर्ट, डेटा वैलिडेशन और लॉजिस्टिक कोऑर्डिनेशन देने के लिए प्लानिंग, स्टैटिस्टिक्स, इन्फॉर्मेटिक्स और एजुकेशन डिपार्टमेंट के ऑफिसर्स को एडिशनल या डिप्टी डिस्ट्रिक्ट सेंसस ऑफिसर अपॉइंट किया गया है। डिफेंस इलाकों के लिए अलग प्रोटोकॉल बनाया गया  शहरी इलाकों के लिए, म्युनिसिपल कमिश्नर और एडमिनिस्ट्रेटिव हेड प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर के तौर पर काम करेंगे, जबकि शहरी निकायों के CEO और सेक्रेटरी चार्ज सेंसस ऑफिसर के तौर पर काम करेंगे। सिर्फ मिलिट्री, पैरामिलिट्री और दूसरे डिफेंस संस्थानों के कब्ज़े वाले इलाकों के लिए एक अलग प्रोटोकॉल बनाया गया है। सेंसस ऑपरेशन के डायरेक्टर संबंधित अधिकारियों से सलाह करके इन इलाकों के लिए स्पेशल चार्ज ऑफिसर तय करेंगे। सरकार या पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) के कंट्रोल वाली कॉलोनियों के लिए भी खास नियम बनाए गए हैं, जिनमें रेलवे, सिंचाई, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और थर्मल पावर स्टेशन शामिल हैं। प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर्स को अपने अधिकार क्षेत्र में ऐसे सभी इलाकों की पहचान करनी होगी। 700-800 लोगों की आबादी पर एक एन्यूमेरेटर एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर फील्ड ऑपरेशन का मुख्य हिस्सा होंगे। सुमिता मिश्रा ने कहा कि एक एन्यूमेरेटर लगभग 700-800 लोगों की आबादी को संभालेगा और हर सुपरवाइज़र छह एन्यूमेरेटर की देखरेख करेगा, जिसमें 10 परसेंट रिज़र्व इमरजेंसी के लिए रखे जाएंगे। इस एक्सरसाइज को डिजिटल गवर्नेंस में एक बड़ा कदम बताते हुए, उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों को सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम पोर्टल पर मोबाइल नंबर, ईमेल ID, ऑफिस की जगह और पहचान के डॉक्यूमेंट जैसी डिटेल्स के साथ रजिस्टर होना चाहिए ताकि सुरक्षित, पेपरलेस ऑपरेशन पक्का हो सके। उन्होंने आगे बताया कि एन्यूमेरेटर और सुपरवाइज़र के लिए राज्य भर में ट्रेनिंग सेशन अगले साल की शुरुआत में शुरू होने वाले हैं। ज़िला और नगर निगम प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे सभी ग्रामीण, शहरी और स्पेशल एडमिनिस्ट्रेटिव इलाकों में जनगणना को आसानी से पूरा करने के लिए लगातार और करीबी तालमेल बनाए रखें। बता दें कि भारत की 16वीं जनगणना जाति के आधार पर 2027 में की जाएगी, जिसकी रेफरेंस डेट 1 अक्टूबर, 2026 होगी।