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गरीबों के लिए खुशखबरी: सैनी सरकार बांटेगी 7000 फ्लैट

चंडीगढ़ प्रदेश सरकार पहली बार हरियाणा में गरीब लोगों को फ्लैट बनाकर देगी। पहले चरण में 509 फ्लैट दिए जाएंगे। इनके लिए 8 अक्टूबर को ड्रा होगा। यह ड्रॉ ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए सोनीपत के 5 डेवलपर्स ने 509 फ्लैट ऑफर किए हैं। इन सभी में गरीबों को 17 अक्टूबर को फ्लैट मिल सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि अभी तारीख तय होनी बाकी है। सोनीपत के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर, पलवल, पानीपत, रेवाड़ी और रोहतक में भी सर्वे किया जा रहा है, यहां भी डेवलपर्स ने करीब 6500 फ्लैट ऑफर किए हैं। इनकी प्रक्रिया दूसरे चरण में होगी। इनके लिए आवेदन लिए जा चुके हैं। हाउसिंग फार आल के डीजी डॉ. जे गणेशन ने इस संदर्भ में कई बार अफसरों के साथ बैठक की है। टाउन कंट्री प्लानिंग की ग्रुप हाउसिंग योजना के तहत यह फ्लैट मुहैया कराए जाएंगे।जिन लोगों ने आवेदन किया था, उन्होंने 10 हजार रुपए जमा किए थे। फ्लैट का एरिया 200 स्क्वेयर फीट होगा।   वर्ष 2023 में हुए थे आवेदन इन फ्लैट के लिए सरकार की ओर से वर्ष 2023 में आवेदन मांगे गए थे। यह आवेदन मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत हुए थे। इनके लिए 815 लोगों ने बुकिंग कराई थी, जिनमें से 794 योग्य पाए गए। हाउसिंग फॉर आल की ओर से इन सबकी वेरीफिकेशन कराई गई थी। किसे मिलेंगे फ्लैट योजना के अनुसार ड्रॉ में सबसे पहले घुमंतू जाति के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद विधवा महिला, अनुसूचित जाति के लोगों को ये फ्लैट दिए जाएंगे। यदि फ्लैट शेष रहते हैं तो उन लोगों को मिलेंगे, जिनकी आय एक लाख रुपए तक है। इसके बाद जिनकी आय एक से 1.40 लाख तक और इसके बाद 1.40 से 1.80 लाख रुपए तक आय वालों को फ्लैट दिए जाएंगे।

ट्यूबवेल बिजली बिल भुगतान स्थगित, हरियाणा के किसानों की मौज बढ़ी

हरियाणा  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए ट्यूबवेल कनेक्शनों के बिजली बिलों के भुगतान को दिसंबर तक स्थगित करने की घोषणा की है। विगत जुलाई तक के बकाया बिल अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अगले साल जनवरी तक भरे जा सकेंगे। इस राहत से लगभग सात लाख दस हजार किसान लाभान्वित होंगे। हरियाणा निवास पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और विधायक रणधीर पनिहार के साथ मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने फसली ऋण की वसूली स्थगित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में बाढ़ के कारण 50 प्रतिशत से अधिक फसलें नष्ट हुई हैं और उन क्षेत्रों के ऋणी किसानों की फसल खराबी 33 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां की सहकारी समितियों से खरीफ सीजन के चालू फसली ऋण की वसूली स्थगित की जाएगी। ऐसे किसानों को रबी सीजन की फसल के लिए नया फसली ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस निर्णय से लगभग तीन लाख किसान लाभान्वित होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारी वर्षा और जलभराव से क्षतिग्रस्त मकानों, घरेलू सामान को हुए नुकसान और मृत पशुओं के लिए प्रभावित 2,386 परिवारों के बैंक खातों में कुल चार करोड़ 72 लाख छह हजार रुपये हस्तांतरित किए। कुल 2,371 मकानों को हुए नुकसान के लिए चार करोड़ 67 लाख 75 हजार रुपये की सहायता राशि जारी की गई है। वहीं, 13 पशुओं की मौत पर चार लाख 21 हजार रुपये वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला था, जिसमें 6,397 गांवों के पांच लाख 37 हजार किसानों ने 31 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण कराया है। सत्यापन कार्य प्रगति पर है। पानी से फसलें खराब हुए क्षेत्रों में प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक मुआवजा दिया जाएगा।   धान किसानों के खातों में 109 करोड़ रुपये पहुंच चुके हैं। प्रदेश में 30 सितंबर तक पांच लाख टन धान की आवक हुई है, जिसमें से 3.58 लाख टन की खरीद पूरी हो चुकी है। 187 टन बाजरा सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा और 4,970 टन व्यापारियों से खरीदा गया है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत 2,775 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य की खरीद संस्थाओं द्वारा बाजरा जिस भाव पर खरीदा जा रहा है, शेष की भरपाई सरकार करेगी। यदि किसी किसान का बाजरा खराब होने के कारण व्यापारियों द्वारा कम मूल्य पर खरीदा जाता है, तो सरकार भावांतर दर के तहत भुगतान करेगी।

बारिश से बचें! हरियाणा के 12 जिलों में रेड अलर्ट, जानें पूरी जानकारी

हरियाणा  हरियाणा में आज, 2 अक्टूबर को 12 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, पलवल और फरीदाबाद शामिल हैं। हालांकि ठंड महसूस करने के लिए अभी एक सप्ताह और इंतजार करना पड़ सकता है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, 7 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलनी शुरू होंगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। वर्तमान में अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। 4 अक्टूबर से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस होगा सक्रिय डॉ. खीचड़ के अनुसार, 4 अक्टूबर से हरियाणा में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो जाएगा, जिसके कारण प्रदेश में बारिश होगी। 5 अक्टूबर को यह डिस्टर्बेंस पूरे हरियाणा में सक्रिय रहेगा। 7 अक्टूबर तक इसका प्रभाव बना रहेगा, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि पूरी तरह से ठंड आने में दिवाली तक का इंतजार करना पड़ सकता है।   राज्य में सिरसा में सबसे अधिक 35 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि पानीपत में सबसे कम 31.6 डिग्री सेल्सियस रहा। यानी दोनों के बीच करीब 4 डिग्री का अंतर देखने को मिला। आगामी मौसम पूर्वानुमान 3 अक्टूबर: फिर से उन्हीं 12 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी रहेगा – यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, पलवल और फरीदाबाद। 4 अक्टूबर: सिरसा और फतेहाबाद को छोड़कर पूरे हरियाणा में बारिश की संभावना है। 5 अक्टूबर: पूरे हरियाणा में बारिश होगी। विशेष रूप से यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में भारी बारिश हो सकती है।  

Indian Army की नई पहल: हरियाणा में ड्रोन प्रयोगशाला तैयार, युद्ध के लिए तैयारी शुरू

अंबाला  ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में युद्ध के मैदान में ड्रोन की भूमिका बेहद अहम होगी। इसी दिशा में भारतीय सेना ने तैयारी शुरू कर दी है। सेना न केवल स्थानीय उद्योगों पर निर्भर रहेगी, बल्कि स्वयं भी ड्रोन तकनीक विकसित करने के लिए कदम बढ़ा रही है। अंबाला में इसके लिए एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जिसमें मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) के विशेषज्ञ कार्य करेंगे। सूत्रों के अनुसार, विशेषज्ञ ड्रोन निर्माण से जुड़े कच्चे माल, उपकरण और तकनीकी आवश्यकताओं की जानकारी जुटा रहे हैं। इन जानकारियों के बाद प्रयोगशाला की नींव रखी जाएगी। वहीं अंबाला की खड्गा कोर ने भी कुछ ड्रोन प्रोटोटाइप तैयार किए हैं, जिनका उत्पादन प्राइवेट कंपनियों की मदद से किया जा रहा है। सेना का लक्ष्य आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐसे ड्रोन बनाना है जो पूरी तरह स्वदेशी हों। फिलहाल अधिकतर ड्रोनों में विदेशी उपकरणों का उपयोग होता है, लेकिन अब भारतीय स्टार्टअप स्वदेशी तकनीक को आगे बढ़ा रहे हैं। युद्ध के लिए तैयार होंगे हजारों ड्रोन MES विशेषज्ञों को जल्द ही ड्रोन व काउंटर-ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद प्रयोगशाला में शोध और विकास का कार्य शुरू होगा। सेना की योजना हर यूनिट में ऐसे दस्ते तैयार करने की है जो ड्रोन संचालन और तकनीकी समझ में दक्ष हों। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य के युद्ध में हजारों ड्रोन और उनके साथ विस्फोटक तकनीक का बड़े स्तर पर उपयोग किया जाएगा।

CM सैनी ने किया बड़ा ऐलान: दिवाली से पहले किसानों को मिलेगा इन फसलों का मुआवजा

चंडीगढ़ हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने कहा कि जिन किसानों की फसल बारिश और बाढ़ के कारण खराब हो चुकी है। उन किसानों को सरकार की ओर से 15 हजार प्रति एकड़ मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तक बाढ़ और जलभराव से घरों, घरेलू सामान और पशुओं की हानि के लिए 2386 लोगों को मुआवजे के तौर पर 4 करोड़ 72 लाख 6 हजार रुपए की राशि उनके खातों में पहुंचाई जा रही है। इनमें 2371 मकानों के नुकसान के लिए 4 करोड़ 67 लाख 75 हजार रुपए, 13 पशुओं की हानि के लिए का मुआवजा शामिल है। सीएम ने कहा कि दिवाली से पहले किसानों के खाते में मुआवजा राशि डाल दी जाएगी। इसके अलावा इन किसानों को रबी फसल के लिए फसली ऋण भी उपलब्ध करवाया जाएगा। इस फैसले से लगभग 3 लाख किसानों को ऋण के बोझ से राहत मिलेगी। सीएम आज चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। सीएम सैनी कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना की पहली किस्त 1 नवंबर को पात्र महिलाओं के बैंक खाते में डाल दी जाएगी।  हमने बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए गत 15 सितंबर तक ई-मुआवजा पोर्टल खोला इस मुआवजा पोर्टल पर प्रदेश के 6397 गांवों के 5 लाख 37 हजार किसानों ने 31 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवाया है।  सीएम ने कहा कि जिन गांवों में बाढ़ से 50 प्रतिशत से ज्यादा फसलों का नुकसान हुआ, और उन गांवों के ऋणी किसान का फसल खराबा 33 प्रतिशत या उससे अधिक हुआ है। ऐसे गावों के किसानों द्वारा सहकारी समिति से लिए गए खरीफ के चालू फसली ऋण की वसूली स्थगित की जाती है। सीएम सैनी ने कि कहा, आज ट्यूबवेल कनेक्शनों के बिजली बिलों का भुगतान दिसंबर, 2025 तक स्थगित करने की घोषणा करता हूं। जिन बिलों का भुगतान जुलाई, 2025 तक किया जाना था, वे अब जनवरी, 2026 से किसी भी अतिरिक्त शुल्क के बिना देय होंगे। इससे प्रदेश के 710000 किसानों को तुरंत वित्तीय राहत मिलेगी। सीएम सैनी ने बताया कि आज प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं को राज्य वित्त आयोग की दूसरी किस्त के रूप में 404 करोड़ 79 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। यह राशि 5719 पंचायतों, 144 पंचायत समितियों और 3 जिला परिषदों के खातों में जाएगी। हमने पिछले चार सालों में पंचायती राज संस्थाओं को 3700 करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए दी है।

11 नए जिलों की लिस्ट तैयार, हरियाणा सरकार के पास पहुंचा अहम प्रस्ताव

हरियाणा  हरियाणा में 11 नए जिले बनाने के प्रस्ताव सरकार के पास पहुंचे हैं। इनमें करनाल का असंध, अंबाला का नारायणगढ़, गुरुग्राम के मानेसर और पटौदी, कैथल का पिहोवा, हिसार के हांसी और बरवाला, जींद का सफीदों, सोनीपत का गोहाना और सिरसा का डबवाली शामिल हैं। इसके साथ ही 14 नए उपमंडल, चार तहसील और 27 उप तहसील बनाने के प्रस्ताव भी मंत्रियों की उप समिति को मिले हैं। डबवाली और हांसी को पहले ही पुलिस जिला घोषित किया जा चुका है। चंडीगढ़ के सिविल सचिवालय में मंगलवार को हुई पुनर्गठन उप-समिति की पांचवीं बैठक में विकास एवं पंचायत और खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि सरकार प्रशासनिक पुनर्गठन को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि अब तक समिति को कुल 73 प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे। बैठक में उपमंडल, तहसील और उप तहसील बनाने के लिए अलग-अलग मानदंड तय किए गए हैं। नए जिले बनाने के लिए कम से कम 125 से 200 गांव, चार लाख से अधिक आबादी और 80 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल आवश्यक है। समिति ने कुछ गांवों को उपमंडल और तहसील में शामिल करने की सिफारिश भी सरकार को भेजी है। कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि बैठक में लिए गए निर्णय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अनुमोदन के लिए भेजे जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 31 दिसंबर तक नए जिले और तहसील नहीं बनाए गए, तो जनगणना के कारण अगले डेढ़ साल तक इस प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं हो सकेगा। रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने भी प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव के लिए 31 दिसंबर तक की समय सीमा निर्धारित की है। यदि इस अवधि में बदलाव नहीं होता है तो अगली कार्रवाई जून 2027 के बाद ही संभव होगी।  

ED ने गोपाल कांडा के घर-ऑफिस पर मारा छापा, लंबे सर्च ऑपरेशन से हड़कंप

हरियाणा  गुरुग्राम स्थित पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा के घर और दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करीब 22 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। जानकारी के अनुसार ED की टीम रविवार सुबह करीब 6 बजे कांडा के सिविल लाइंस स्थित आवास और कार्यालय पर पहुंची थी। तलाशी कार्रवाई देर रात तक चलती रही और सोमवार तड़के लगभग 4 बजे टीम वापस लौटी। सूत्रों का कहना है कि ईडी ने इस दौरान कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। तलाशी के समय उनके घर के बाहर दो गाड़ियां खड़ी देखी गईं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में की गई है। उल्लेखनीय है कि लगभग दो 2 साल पहले भी ED ने कांडा के खिलाफ कार्रवाई की थी और उस दौरान गोवा स्थित उनके कैसिनो पर छापेमारी की गई थी। अब दोबारा हुई इस तलाशी से मामले में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। 

हंसकर लौट आते हैं CM, जनता की समस्याओं से कतराते हैं सैनी: जस्सी पेटवाड़

चंडीगढ़  नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेसी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ता उत्साह से लबरेज है, यह फैसला हरियाणा में कांग्रेस की सरकार लाने को लेकर मील का पत्थर साबित होगा, यह कहना है नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवाड़ का। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से देश प्रदेश में मैसेज था कि हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनने जा रही है। लेकिन जात-पात-धर्म के नाम पर व वोट चोरी – जनादेश चोरी कर जिस प्रकार के नतीजे लाए गए उस निराशा से उभरने के लिए ऐसा फैसला अति जरूरी था और इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है।  उन्होंने कहा कि 1 साल से हमें नेता प्रतिपक्ष नहीं मिल रहा था। 11 साल से संगठन नहीं था। लंबे समय अंतराल के बाद बेहद शिक्षित-अनुभवी व मजबूत नेता हमें दिए गए हैं। दोनों ही नेताओं को सरकार और संगठन का बड़ा अनुभव है। दोनों ही नेता भाजपा के सामने मजबूती से खड़े रहे हैं। निसंदेह इसका लाभ कांग्रेस पार्टी को अवश्य होगा। जाकर हंसकर वापस आ जाते हैं सीएम : जस्सी  जस्सी ने कहा कि विधानसभा सेशन के दौरान हर मौके पर हमें सीएलपी लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मदद मिली है। जब भी विधानसभा में हमें सत्ता पक्ष से कोई सवाल जवाब करना होता है या हमसे कोई गलती होती है तो हमेशा वह खड़े होकर सत्ता पक्ष और स्पीकर को बताते हैं कि यह नए विधायक हैं और यह उनका अधिकार है, जो आप छीन नहीं सकते। भूपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रहे, सांसद रहे, 10 साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और पांच बार के विधायक हैं। उनके अपार अनुभव का सीधा लाभ हमें मिलेगा। उन्होंने मौजूदा मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नायब सिंह सैनी जी पूरे दिन कॉमेडी करने में व्यस्त रहते हैं। उनकी ड्यूटी लगा रखी है कि कहीं भी जाओ हंसकर वापस आ जाओ।   बाढ़ पीड़ितों की दशा देखने पीएम आए तक नहीं : जस्सी   हाल ही में हिसार का 70 फ़ीसदी हिस्सा बाढ़ग्रस्त था, फसलें खत्म हो गई, पानी से घर तबाह हो गए, लेकिन मुख्यमंत्री 5 किलोमीटर दूर एयरशो करके वापस लौट आए। जबकि उन्होंने हांसी, नारनौंद व उकलाना के कई गांव में जाना था। लेकिन हांसी के केवल दो उन गांवो में गए जहां ज्यादा नुकसान नहीं था। यह ऐसे मुख्यमंत्री हैं कि अभी तक इन्होंने प्रदेश के बाढ़ पीड़ितों के लिए एक भी पैसा रातकोष में से नहीं दिया। किसी प्रकार का पैकेज नहीं दिया गया। देश के प्रधानमंत्री पंजाब व हिमाचल में 1500 व 1600 करोड़ का राहत पैकेज देकर आए। लेकिन हरियाणा में प्रधानमंत्री आए तक नहीं और मुख्यमंत्री ने भी सिंगल पैसा पैकेज जारी नहीं किया। इससे उनकी गंभीरता का ध्यान किया जा सकता है। 

रावण दहन 2025: यमुनानगर में सबसे ऊंचा 75 फीट रावण जलाया जाएगा, जानें तैयारियों की पूरी कहानी

यमुनानगर यमुनानगर में दशहरा पर्व को लेकर इस बार खास उत्साह देखने को मिल रहा है। शहरवासियों को इस बार 75 फुट ऊंचा रावण दहन देखने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही रावण  मेघनाथ और कुंभकरण के 65 फुट ऊंचे पुतले भी तैयार किए गए हैं। विशाल पुतलों को देखने के लिए लोगों में भारी उत्सुकता है।  करीब 40 दिनों से कारीगर लगातार इन पुतलों को तैयार करने में जुटे हुए हैं। दिन-रात की मेहनत के बाद अब पुतले अंतिम रूप ले चुके हैं। रावण को सजाने-संवारने का काम जोर-शोर से किया जा रहा है। कारीगर अब अंतिम टच देकर इन्हें ग्राउंड पर खड़ा करने की तैयारी कर रहे हैं। पुतलों को सजाने के लिए खास तौर पर सहारनपुर से कागज और कपड़ा मंगवाया गया है। यह सजावट इन पुतलों को और भी आकर्षक बना रही है। रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों को तैयार करने में 4 लाख रुपये से अधिक की लागत आई है।  कारीगर महिंदर मनचंदा ने बताया कि उनके परिवार का यह पुश्तैनी कार्य है। व भी पिछले 40 साल से दशानन, मेघनाथ व कुंभकरण के पुतलों को बना रहे है। पूरे विधि विधान से कुछ लोगों को बनाकर उनकी पूजा की जाती है। ढोल के साथ रावण, मेघनाथ में कुंभकरण के पुतलों को ग्राउंड तक लेकर जाया जाता है। और फिर इनको दहन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इन पुतलों में भी करीब 2 लाख रुपए की आतिशबाजी लगाई गई है।  दशहरा का यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम ने असत्य, अधर्म और अहंकार के प्रतीक रावण का वध किया था। उसी परंपरा को जीवंत करते हुए हर साल रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले दहन कर समाज को संदेश दिया जाता है कि चाहे बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अंत में अच्छाई ही जीतती है। इस बार का दशहरा उत्सव यमुनानगर के लिए बेहद खास रहने वाला है। विशाल पुतलों के दहन के साथ रंगीन आतिशबाजी और रोशनी से पूरा माहौल जगमगा उठेगा। हजारों की संख्या में लोग इस दृश्य के साक्षी बनेंगे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में उत्साह का माहौल है।  

दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारी से जूझ रहे युवांश के लिए आए 7 करोड़, अब नई उम्मीद की किरण

हरियाणा  हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल राजेश कुमार का बेटा युवांश स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 जैसी जानलेवा बीमारी से पीड़ित है। 9 अक्टूबर को युवांश का पहला जन्मदिन है, और परिवार को उम्मीद है कि उन्हें इस दिन लंबी जिंदगी का तोहफा मिल सकेगा। यह तोहफा स्विट्जरलैंड से आने वाला 9 करोड़ रुपए का एक विशेष इंजेक्शन है, जो उनके लिए जीवनरक्षक साबित होगा। महंगे इंजेक्शन के लिए क्राउड फंडिंग से जुटाए 7 करोड़ रुपए इस बीमारी के इलाज के लिए आवश्यक इंजेक्शन की मूल कीमत करीब 14.50 करोड़ रुपए है। लेकिन इंजेक्शन निर्माता कंपनी से बात करने पर, उन्होंने इसे 9 करोड़ रुपए में देने की सहमति दी है। अब तक क्राउड फंडिंग के जरिए 7 करोड़ रुपए जुटाए जा चुके हैं। 2 करोड़ रुपए और की आवश्यकता है। जैसे ही यह रकम पूरी हो जाएगी, इंजेक्शन स्विट्जरलैंड के जेनेवा से मंगवाया जाएगा। पुलिस कर्मी दे रहे हैं एक दिन का वेतन युवांश की मदद के लिए प्रदेश के 18 जिलों के पुलिसकर्मियों ने स्वेच्छा से एक-एक दिन का वेतन युवांश के इलाज के लिए दिया है। 4 और जिलों के पुलिस कर्मी भी इस महीने 1-1 दिन का वेतन देने वाले हैं। बता दें युवांश के पिता राजेश फतेहाबाद की साइबर शाखा में कॉन्स्टेबल हैं। मां किरण फतेहाबाद के फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट में क्लर्क के रूप में काम करती हैं। स्विट्जरलैंड से मंगवाया जाएगा जीवनदाता इंजेक्शन युवांश का इलाज जीन थेरेपी के जरिए होगा, जिसके लिए जोलगेन्समा नामक इंजेक्शन आवश्यक है। यह इंजेक्शन स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 का एकमात्र इलाज माना जाता है। राजनेताओं की मदद से जुटी बड़ी राशि     युवांश की मदद के लिए प्रदेश के कई मंत्रियों ने भी आर्थिक सहायता दी है।     ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर अनिल विज ने 20 लाख रुपए की सबसे बड़ी ग्रांट दी।     अर्बन लोकल बॉडीज मिनिस्टर विपुल गोयल ने 9 लाख रुपए।     सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा, पर्यटन मंत्री राव नरबीर सिंह, पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने 5-5 लाख रुपए।     पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा और खेल मंत्री गौरव गौतम ने 2-2 लाख रुपए की ग्रांट दी। परिवार ने जनता से लगाई सहयोग की गुहार युवांश के पिता राजेश ने जनता से भी मदद की अपील की है ताकि 2 करोड़ रुपए की राशि जल्द से जल्द पूरी हो सके। उनका कहना है कि यह इंजेक्शन उनके बेटे के लिए जीवनदान से कम नहीं होगा।