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Green Corridor फिर बना मिसाल: सिपाही कुलदीप के अंगदान से पांच जिंदगियों में लौटी उम्मीद

रोहतक. पंडित भगवत दयाल शर्मा पीजीआइएमएस में अंगदान की एक और प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। तीन दिन में दूसरी बार ग्रीन कोरिडोर बनाया गया है। सोनीपत के गोहाना क्षेत्र के 51 वर्षीय सिपाही कुलदीप के दिमागी रूप से मृत घोषित होने के बाद उनके परिजनों ने मानवता का परिचय देते हुए सभी अंग दान करने का निर्णय लिया। इस अंगदान से पांच जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिला है। सोमवार सुबह करीब 4 बजे आपरेशन शुरू किया गया और कुछ ही समय बाद अंग निकालने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई।विभिन्न राज्यों के अस्पतालों की टीमें पहले ही पीजीआइएमएस पहुंच चुकी थीं। अंगों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए रोहतक से दिल्ली तक ग्रीन कोरिडोर बनाया गया, जिसके जरिए 81 किलोमीटर की दूरी महज 50 मिनट में तय की गई। इस दौरान करीब 100 पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुबह 7:30 बजे पहला अंग लीवर दिल्ली के आइएलबीएस अस्पताल भेजा गया। इसके बाद किडनी, दोनों आंखों के कार्निया और पैंक्रियाज भी विभिन्न अस्पतालों में भेजे गए। इस प्रक्रिया से कुल पांच मरीजों को जीवनदान मिला। मृतक की पत्नी प्रमिला ने बताया कि उनके पति सुनारिया जेल में वार्डन थे और पिछले 11 महीनों से ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे थे। इलाज के लिए उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने समाज के हित में अंगदान का फैसला लिया। हेल्थ विवि के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने कहा कि जागरूकता अभियान के चलते लोग अब अंगदान के प्रति आगे आ रहे हैं। तीन दिनों में यह दूसरा मामला है, जो समाज के लिए प्रेरणा है।

हरियाणा के पंचकूला में चुनावी माहौल गर्म, नई वार्डबंदी ने नेताओं की बढ़ाई चुनौती

पंचकूला. पंचकूला नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी पारा अब चरम पर पहुंच चुका है। शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सोमवार को जैसे ही चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा, राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर जाएंगे। इस बार मुकाबला सीधा और बेहद दिलचस्प रहने वाला है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा तारीखों की घोषणा से पहले ही दोनों प्रमुख दलों ने अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। वार्डबंदी पूरी होने के बाद पंचकूला की राजनीतिक बिसात पूरी तरह बदल चुकी है। कई दिग्गज पार्षदों के लिए अपने पुराने वार्ड से चुनाव लड़ना अब संभव नहीं रहा, जिससे अंदरखाने असंतोष भी देखने को मिल रहा है। कई मौजूदा पार्षदों के वार्ड महिला या एससी/बीसी में आरक्षित हो गए हैं , कुछ वार्ड, जो पहले आरक्षित थे, अब जनरल कैटेगरी में आ गए हैं , पुराने नेताओं को अब नए क्षेत्रों में “जमीन तलाशनी” पड़ रही है। मेयर पद पर भी जबरदस्त घमासान तय सिर्फ पार्षद ही नहीं, मेयर पद को लेकर भी दोनों दलों में जबरदस्त खींचतान है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही उम्मीदवारों के चयन में “सर्वे फार्मूला” अपना रही हैं, ताकि जीत की संभावना अधिकतम की जा सके। 11 वार्ड सामान्य के लिए नगर निगम पंचकूला के कुल 20 वार्डों में से 9 वार्ड महिला, एससी और बीसी कैटेगरी के लिए आरक्षित हैं, जबकि 11 वार्ड सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं, जहां महिला व पुरुष दोनों चुनाव लड़ सकेंगे। कई पुराने पार्षदों की हिल चुकी है सीट वार्ड नंबर 1 से भाजपा पार्षद रहे नरेंद्र लुबाना और वार्ड नंबर 2 से भाजपा के ही सुरेश कुमार वर्मा का वार्ड महिला आरक्षित है। वहीं पहले महिला आरक्षित रहे वार्ड नंबर 3 और 4 अब सामान्य (जनरल) श्रेणी में आ गए हैं। इन दोनों वार्डों से भाजपा की महिला पार्षद रितु गोयल और सोनिया सूद निर्वाचित थीं। सेक्टर 16, 17 और 18 को मिलाकर बना वार्ड नंबर 6 भी सामान्य श्रेणी में आ गया है। वार्ड नंबर 8 को अनुसूचित जाति का आरक्षण समाप्त कर जनरल कैटेगरी में डाल दिया गया है। वार्ड 12 जोकि पहले महिला आरक्षित था, यहां से ओमवती पूनिया जोकि पहले निर्दलीय और भाजपा में हैं, का वार्ड अब ओपन कैटेगरी में आ चुका है। वार्ड नंबर 15, जहां से पहले कांग्रेस के गौतम प्रसाद पार्षद थे, वह इस बार महिला आरक्षित है। वार्ड नंबर 16, जहां भाजपा के राकेश कुमार वाल्मीकि पार्षद थे, अब अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। वार्ड नंबर 17, जहां से कांग्रेस के अक्षयदीप चौधरी पार्षद थे, अब अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो चुका है। वार्ड नंबर 18, कांग्रेस के पूर्व पार्षद संदीप सिंह सोही का वार्ड, अब पिछड़ा वर्ग बी के लिए आरक्षित हो चुका है। जबकि वार्ड नंबर 19, अब कांग्रेस की पूर्व पार्षद परमजीत कौर का वार्ड, पिछड़ा वर्ग ए के लिए और वहीं वार्ड नंबर 20, जहां से कांग्रेस के सलीम खान पार्षद हैं, को जनरल कैटेगरी में ही रखा गया है। जमीनी स्तर पर शुरू हुआ समीकरणों का खेल वार्डों के नए स्वरूप के साथ ही हर क्षेत्र में जातीय, सामाजिक और स्थानीय मुद्दों के आधार पर समीकरण जोड़े जा रहे हैं। – गांव और शहरी क्षेत्रों का मिश्रण कई वार्डों में निर्णायक भूमिका निभाएगा। – सेक्टर बनाम कालोनी का समीकरण भी चुनावी नतीजों को प्रभावित करेगा। – नए मतदाताओं को साधने के लिए प्रचार की रणनीति बदली जा रही है। पंचकूला नगर निगम के वार्डों का विवरण     वार्ड नंबर 1: सकेतड़ी, भैंसा टिब्बा, एमडीसी सेक्टर-6, सेक्टर-4     वार्ड नंबर 2: एमडीसी सेक्टर-5, सेक्टर-2, 6 (माजरी क्षेत्र)     वार्ड नंबर 3: सेक्टर-7, सेक्टर-8     वार्ड नंबर 4: सेक्टर-9, सेक्टर-10     वार्ड नंबर 5: सेक्टर-15     वार्ड नंबर 6: सेक्टर-16, 17, 18     वार्ड नंबर 7: राजीव कालोनी     वार्ड नंबर 8: इंदिरा कालोनी, बुढनपुर     वार्ड नंबर 9: सेक्टर-19, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2     वार्ड नंबर 10: अभयपुर, सेक्टर-14, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1     वार्ड नंबर 11: सेक्टर-12, 12ए, रैली, रैला गांव     वार्ड नंबर 12: सेक्टर-11, सेक्टर-4, हरिपुर     वार्ड नंबर 13: सेक्टर-4, आधा सेक्टर-21, देवीनगर     वार्ड नंबर 14: महेशपुर, मद्रासी कालोनी, फतेहपुर के पास की सोसायटी, आधा सेक्टर-21     वार्ड नंबर 15: कुंडली, आधा फतेहपुर, आधा सेक्टर-20     वार्ड नंबर 16: चंडी कोटला, बीड़ घग्गर, खड़क मंगौली     वार्ड नंबर 17: आधा खड़ग मंगौली, चैंकी, सेक्टर-23, 24, 25, नग्गल मोगीनंद, नाडा     वार्ड नंबर 18: बाना, मदनपुर, सेक्टर-26, 27, 28     वार्ड नंबर 19: रामगढ़, बिल्ला, जसवंतगढ़, दबकौरी, माणक्या, भानू     वार्ड नंबर 20: कोट, खंगेसरा, टोका, अलीपुर, सुखदर्शनपुर, नग्गल, जलौली, खटौली

नगर निगम का बड़ा फैसला: गृहकर में कटौती, चार लाख से अधिक लोगों को फायदा

  गाजियाबाद गाजियाबाद नगर निगम ने डीएम सर्किल रेट से लगाए गृहकर की दरों को शासन के आदेश पर संशोधित कर दिया है। बढ़ाए गए डीएम सर्किल रेट की दरों में कटौती के बाद अब करदाताओं को 10 से 15 फीसदी तक बढ़ा गृहकर देना होगा। इसके साथ ही अन्य कई प्रकार की छूट के नियमों को भी लागू कर दिया गया है। इससे नगर निगम क्षेत्र के साढ़े चार लाख करदाताओं को राहत मिलेगी। निगम मुख्यालय में शनिवार को पत्रकार वार्ता में मेयर सुनीता दयाल, विधायक अजीतपाल त्यागी और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि गत वित्त वर्ष डीएम सर्किल रेट की दर से गृहकर बढ़ाया गया था। इसका स्थानीय लोगों के अलावा विभिन्न संगठन विरोध कर रहे थे। सदन में भी पार्षदों ने विरोध जताया। तीन पूर्व पार्षद निगम के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए, जहां अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। नगर आयुक्त ने बताया नगर विकास विभाग ने गृहकर की बढ़ी दरों को संशोधन करने के आदेश दिए हैं। समय पर गृहकर जमा वालों को ही मिलेगा छूट का लाभ नगर आयुक्त ने बताया शासन के आदेश पर वर्ष 2024 से पहले की दरों के आधार पर निर्धारित टैक्स से वर्तमान की जो दर लागू हैं उस पर सभी छूट देने के बाद लगभग 10 से 15 फीसदी की वृद्धि हुई है। करदाता सभी तरह की छूट का लाभ लेकर टैक्स जमा कर सकते हैं। जो करदाता समय पर गृहकर जमा नहीं करेंगे, उन्हें छूट का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे करदाताओं के लिए 20 फीसदी टैक्स बढ़ेगा। इस तरह शहर के साढ़े चार लाख से ज्यादा करदाताओं को राहत मिलेगी। नगर आयुक्त ने बताया कि जो करदाता बढ़ी दर से गृहकर जमा कर चुके हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं हैं। उनके बढ़े टैक्स को अगले तीन साल में समायोजित किया जाएगा। करदाताओं को कम हाउस टैक्स जमा करना होगा। उनका कम टैक्स खुद सॉफ्टवेयर में अपडेट हो जाएगा। नई दर से व्यावसायिक संपत्ति को राहत नहीं पूर्व पार्षद हिमांशु मित्तल ने बताया कि शहर की लगभग 40 फीसदी संपत्ति कमर्शियल है। नई दर के हिसाब से कमर्शियल प्रॉपर्टी को अभी भी लगभग तीन गुना टैक्स देना होगा। उन्हें इसमें किसी प्रकार की राहत नहीं मिली है। केवल आवासीय कर में ही कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। गड़बड़ी करने वालों पर सख्ती होगी मेयर सुनीता दयाल ने स्पष्ट किया कि टैक्स में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। टैक्स कम करने के नाम पर लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। यदि किसी जोनल कार्यालय में लोगों को टैक्स कम करने के नाम पर परेशान किया जा रहा है तो इसकी शिकायत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पूरी पारदर्शिता के साथ कर निर्धारण होगा। लोग सेल्फ एसेसमेंट करके भी कर निर्धारण कर सकते हैं। हाउस टैक्स जमा करने के लिए जोनल कार्यालय पर शिविर लगाए जाएंगे। ये छूट भी मिलेंगी मेयर सुनीता दयाल ने बताया एक अप्रैल से छूट के नए नियम लागू हो गए हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन भुगतान करने पर दो फीसदी छूट मिलेगी। अभी तक एक फीसदी छूट करदाताओं को मिल रही थी। घरों से निकलने वाले सूखे और गीले कूड़े को अलग करने पर पहली बार 10 फीसदी छूट दी जाएगी। 10 वर्ष पुराने भवनों पर निर्धारित एआरवी पर 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। 10 साल से 20 साल तक पुराने भवनों की 32.5% की छूट मिलेगी। 20 साल से पुराने भवन पर 40% की छूट दी जाएगी। नई दर पर इस तरह वसूला जाएगा टैक्स निगम सड़क की चौड़ाई को तीन श्रेणी में बांटकर प्रति वर्ग फुट रुपये के हिसाब से गृहकर वसूल रहा है। पहली श्रेणी 12 मीटर चौड़ी वाली सड़क है। दूसरी श्रेणी 12 से 24 मीटर तक चौड़ी सड़क है। तीसरी श्रेणी 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क है। निगम 12 मीटर चौड़ी सड़क वाले भवन पर 3.50 रुपये प्रति वर्ग फुट रुपये के हिसाब से टैक्स वसूल रहा था। इसे कम कर अब 2.28 रुपये किया है। यानी की 1.22 रुपये के हिसाब से टैक्स लिया जाएगा। 12 से 24 मीटर चौडी सड़क के भवन पर 3.75 रुपये प्रति वर्ग फुट रुपये टैक्स लिया जा रहा था। संशोधन के बाद 2.81 रुपये प्रति वर्ग फुट रुपये टैक्स लिया जाएगा। इस तरह 94 पैसे कम हुए हैं। 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क वाले भवन से 4.00 रुपये लिए जा रहे थे। अब 3.40 रुपये टैक्स वसूला जाएगा। यानी की 60 पैसे टैक्स में कम हुए हैं। ढाई लाख करदाता बिना ब्याज के जमा कर सकेंगे नगर आयुक्त ने बताया पिछले वित्त वर्ष में ढाई लाख से ज्यादा करदाताओं ने गृहकर जमा नहीं कराया है। नियमानुसार कर जमा नहीं कराने पर वित्त वर्ष यानी की 31 मार्च खत्म होने पर 12 फीसदी ब्याज लग जाता है। शासन के आदेश पर फिलहाल ब्याज नहीं लगाया जा रहा है। करदाता ब्याज से बचने और 20 फीसदी छूट के साथ पिछले वित्त वर्ष का टैक्स 15 अप्रैल से लेकर 15 जुलाई तक जमा करा सकेंगे। ब्याज से बचने और 20 फीसदी छूट का लाभ लेने का यह आखिरी मौका है। पुरानी दरों को लागू नहीं किया जा सका निगम वर्ष 2023 तक पुराने नियम से हाउस टैक्स वसूलता था। वर्ष 2025-26 से डीएम सर्किल रेट की दर से गृहकर वसूला जा रहा है। वर्ष 2023 में 12 मीटर चौड़ी सड़क वाले भवन पर 1.61 रुपये का हिसाब से टैक्स लगता था। 12 से 24 मीटर चौडी सड़क के भवन पर टैक्स दर 2.00 रुपये थी। वहीं, 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क वाले भवन का टैक्स दर 2.41 रुपये था। शहर के लोग इन दरों से ही गृहकर लगाने की मांग कर रहे थे, लेकिन शासन के आदेश पर डीएम सर्किल रेट की दरों में ही कटौती की गई है। नई दरों से गृहकर में राहत देने के फैसले को लोगों ने सराहा है। सुनीता दयाल, मेयर, ''गृहकर की दरों में कटौती होने से जनता को राहत मिलेगी। करदाता बिना ब्याज के गत वर्ष का पुराना हाउस टैक्स जमा करा सकेंगे। उन्हें 20 फीसदी छूट भी दी जाएगी। छूट के सभी नए नियम लागू हो गए हैं।''

सीएम सैनी का बड़ा फैसला: गुरुग्राम में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती

 गुरुग्राम दिल्ली से सटे गुरुग्राम में बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गुरुग्राम में विभिन्न स्थानों पर 100 से 150 बेड की क्षमता वाले चार अतिरिक्त अस्पताल इसी तर्ज पर खोलने के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। मुख्यमंत्री का यह निर्देश न केवल शहर के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री सैनी ने यह महत्वपूर्ण निर्देश गुरुग्राम में निर्माणाधीन शीतला माता देवी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक के दौरान दिए। यह परियोजना सहकारी संघवाद और स्थानीय निकायों के आपसी सहयोग का अनूठा उदाहरण है। इसका इंफ्रास्ट्रक्चर जीएमडीए का 50 फीसदी, नगर निगम गुरुग्राम का 45 फीसदी और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड पांच फीसदी के वित्तीय सहयोग से तैयार हो रहा है। आयुष्मान के लाभार्थियों को प्राथमिकता बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल के आरक्षित बेड पर आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य केवल बिल्डिंग खड़ी करना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ऐसी सेवाएं देना है जो गुरुग्राम को वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र पर स्थापित करें। मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बैठक में प्रोजेक्ट की बारीकियों को साझा किया। आरक्षण और किफायती शिक्षा पर जोर मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्णय लेते हुए निर्देश दिए कि गुरुग्राम के सेक्टर-102ए खेड़की माजरा में बन रहे इस अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज की 150 एमबीबीएस सीटों और 850 बेडों में से 33-33 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा के विद्यार्थियों और स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित किया जाए। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि आरक्षित सीटों पर फीस अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के समान ही रखी जाएगी, जिससे राज्य के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से सामान्य परिवारों के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के लिए भारी-भरकम फीस नहीं भरनी होगी।

6000+ आपत्तिजनक लिंक हटाए, सोशल मीडिया पर बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़ इंटरनेट मीडिया पर बंदूक संस्कृति (गन कल्चर) और अशोभनीय एवं भ्रामक कंटेंट परोसने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने चेतावनी दी है कि आपत्तिजनक कंटेंट को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इंटरनेट मीडिया पर इस साल 10 अप्रैल तक आपत्तिजनक, भ्रामक और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कुल 6083 यूआरएल/कंटेंट/एप/वेबसाइट को हटवाया गया है। मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सएप) से जुड़े 4278, यू ट्यूब से 1172, एक्स (पूर्व में ट्विटर) से 372, अन्य प्लेटफार्म से 167, टेलीग्राम से 53, रेडिट से 36 तथा स्नैपचैट से पांच आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया गया है। डीजीपी ने कहा कि हथियारों का महिमामंडन, हिंसा को बढ़ावा, महिलाओं का अश्लील प्रदर्शन, बच्चों और लड़कियों के अभद्र व अशोभनीय चित्रण तथा हरियाणा और हरियाणवी समाज की गलत छवि प्रस्तुत करने वाले फर्जी कंटेंट पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की गतिविधियां न केवल सामाजिक मूल्यों को आहत करती हैं, बल्कि प्रदेश की शांति और सौहार्द्र को भी प्रभावित करती हैं। इस तरह की असामाजिक और भ्रामक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार का दुष्प्रचार या भ्रामक प्रस्तुति, जो प्रदेश की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाए, उसे सख्ती से रोका जाएगा। डीजीपी ने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ इंटरनेट मीडिया का उपयोग करें और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में योगदान दें। साथ ही चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समाज में अशांति फैलाने, गलत संदेश देने या सांस्कृतिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने वाली किसी भी गतिविधि को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

3.03 करोड़ की ठगी केस में आरोपी को राहत, जांच पूरी होने पर कोर्ट का फैसला

 चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक 'डिजिटल अरेस्ट' साइबर ठगी मामले में अहम टिप्पणी करते हुए आरोपित को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपों की गंभीरता के बावजूद आरोपित की भूमिका सीमित होने और जांच पूरी हो जाने के मद्देनजर उसे निरंतर हिरासत में रखना उचित नहीं है। जस्टिस मनीषा बत्रा की एकल पीठ आरोपित विक्रम सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह मामला उस साइबर ठगी से जुड़ा है, जिसमें एक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल को वीडियो काल और फोन के जरिए 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर करीब 3.03 करोड़ रुपये ठग लिए गए थे। मामले के अनुसार, 3 जनवरी 2025 को पीड़िता को कुछ लोगों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर फोन किया। उसे गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी गई और लगातार वीडियो काल के जरिए निगरानी में रखा गया। उसे घर से बाहर न निकलने, किसी से संपर्क न करने और निर्देशों का पालन करने को मजबूर किया गया। इस तरह उसे मानसिक रूप से ‘वर्चुअल कैद’ में रखकर भारी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाई गई। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को कई खातों के जरिए घुमाया गया। आरोपित विक्रम सिंह पर आरोप है कि उसने ठगी की रकम में से 4.26 लाख रुपये प्राप्त कर उसे क्रिप्टो करेंसी में बदलने में मदद की और इसके बदले कमीशन भी लिया अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपित 18 फरवरी 2025 से हिरासत में है, जांच पूरी हो चुकी है और मुकदमे के लंबा चलने की संभावना है। ऐसे में उसकी निरंतर कैद उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी का पीड़िता से सीधे संपर्क या धमकी देने में कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं पाई गई। हालांकि, राज्य पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए इसे एक संगठित साइबर अपराध करार दिया और कहा कि पैसे के लेन-देन में शामिल हर कड़ी इस अपराध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।  

स्टार्टअप हब बना हरियाणा, महिलाओं की भागीदारी 60% लक्ष्य

 चंडीगढ़ हरियाणा में खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम और इलेक्ट्रिक वाहनों में निवेश के अवसर तेजी से बढ़े हैं। स्टार्टअप में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसे अब 60 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। विशेषकर आइटी, एग्री-टेक, फिनटेक, हेल्थ-टेक और विनिर्माण क्षेत्र में उद्यमी काफी रुचि दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्यमियों के सम्मेलन में 12 देशों और 27 राज्यों के उद्योगपतियों को हरियाणा में निवेश का न्योता दिया। प्रदेश में ईज आफ डूइंग बिजनेस और ईज आफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग की 28 हजार इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं। लाजिस्टिक्स में हरियाणा राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे और उत्तर भारत में पहले स्थान पर है। जो प्रदेश कृषि और पारंपरिक उद्योगों के लिए जाना जाता था, वह अब नवाचार, स्टार्टअप और तकनीकी प्रगति का केंद्र बनकर उभरा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार जैसे शहर स्टार्टअप हब के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। प्रदेश में 9500 से अधिक स्टार्टअप्स हैं। स्टांप ड्यूटी में भी छूट मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा भारत के निर्यात में एक प्रमुख योगदानकर्ता है, जिसने वर्ष 2023–24 में 2.75 लाख करोड़ रुपये के निर्यात हासिल किए हैं। इंटीग्रेटेड मिनी फूड पार्क योजना के तहत सी और डी श्रेणी के ब्लॉक में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत (अधिकतम 10 करोड़ रुपये) तक पूंजीगत अनुदान प्रदान किया जाता है। औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों में भूमि की खरीद या लीज पर स्टांप ड्यूटी में भी छूट दी जा रही है। डी श्रेणी के ब्लाक में 100 प्रतिशत, सी श्रेणी में 75 प्रतिशत और ए और बी में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से एकीकृत आनलाइन पोर्टल पर 230 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 48 विभागों में 1100 से अधिक अनुपालनों को सरल बनाया गया है ताकि नियामक बोझ को कम किया जा सके। उद्योग विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा आइटी और आइटीईएस के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने बरवाला, पंचकूला में विकसित किए जा रहे आगामी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया। कई बड़े प्रोजेक्ट जल्द चढ़ेंगे सिरे कई प्रमुख अवसंरचना परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें आइएमटी सोहना में 500 एकड़ में इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, नारनौल में एकीकृत मल्टी-माडल लाजिस्टिक्स हब और हिसार में एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर शामिल हैं। आइएमटी मानेसर की तर्ज पर राज्यभर में 10 नए इंडस्ट्रियल माडल टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं।  

कर्मचारियों को एरियर न देना पड़ा भारी, जींद में शिक्षा विभाग के दो अधिकारी निलंबित

जींद. शिक्षा विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के 50 जूनियर कर्मियों को स्पेशल केस के तहत एरियर देने पर डायरेक्टर जनरल सेकेंडरी एजुकेशन, हरियाणा ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधीक्षक जयवीर, उप अधीक्षक रमेश कुमार और लिपिक राजेश कुमार को निलंबित कर दिया है। इन तीनों को विभाग के आदेशानुसार चार सदस्यीय कमेटी गठित कर और मुख्यालय की अनुमति लेकर ही एरियर का लाभ जारी करना था। आदेशानुसार निलंबन के दौरान तीनों कर्मियों की सेवा शिक्षा सदन मुख्यालय पंचकूला पर रहेगी। तीनों कर्मचारी मुख्यालय की अनुमति के बिना स्टेशन नहीं छोड़ सकते। यह कार्रवाई बगैर नियम पूरा किए 50 कर्मचारियों लाभ देने पर की गई है।  एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 2004 से एरियर सहित अन्य लाभ ले रहा था जबकि अन्य वरिष्ठ कर्मचारियों को यह लाभ नहीं मिल पा रहा था। लाभ न मिलने पर कर्मचारियों ने कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर कोर्ट ने शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को जांच के आदेश दिए थे। डायरेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों को निर्देश दिए थे कि सीनियर कर्मचारियों की प्रेजेंटेशन की जांच की जाए और सीनियर कर्मचारी एरियर सहित अन्य लाभलेने के हकदार हैं तो उन्हें लाभ दिए जाएं। जांच के दौरान कर्मचारियों को चार सदस्यीय कमेटी बनानी थी। लेकिन विभाग के तीन कर्मियों ने बिना कमेटी बनाए ही प्रेजेंटेशन के आधार पर 50 सीनियर कर्मियों को एरियर के लाभ दे दिए। बाद में शिक्षा विभाग को पता चला कि जूनियर कर्मी को स्पेशल केस के तहत एरियर दिए थे। इस पर शिक्षा विभाग ने 50 सीनियर कर्मियों के एरियर रोक दिए। इस पर 50 सीनियर कर्मियों ने कोर्ट में याचिका दायर की कि उनके एरियर को रोका जा रहा है। इस मामले को अब संज्ञान में लेते हुए अब डायरेक्टर जनरल सेकेंडरी एजुकेशन ने जींद के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधीक्षक, उप अधीक्षक और लिपिक को निलंबित कर दिया है।

कुरुक्षेत्र जेल में नियमों की धज्जियां: कैदियों ने बनाई रील, मामला दर्ज

कुरुक्षेत्र. जिला जेल कुरुक्षेत्र के अंदर मोबाइल फोन के इस्तेमाल से कैदियों द्वारा बनाई गई वीडियो के इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा अंबाला पुलिस की जांच में हुआ, जिसमें पुष्टि हुई कि वायरल सामग्री कुरुक्षेत्र जेल के भीतर ही तैयार की गई थी। पुलिस के अनुसार, ये वीडियो 30 दिसंबर 2024 को इंस्टाग्राम पर अपलोड किए गए थे। इन्हें बंबीहा गैंग से जुड़े आरोपी दिलबर ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर अपलोड किया। उसके साथी अंकित ढांडा ने भी इन्हें साझा किया। दिलबर पर हत्या, लूट, अपहरण और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। अंबाला पुलिस की जांच में सामने आया कि दिलबर ने जेल के अंदर के दृश्य दिखाकर युवाओं को अपराध की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। अंबाला पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 24 नवंबर 2025 को उसे गिरफ्तार किया। आगे की जांच में वीडियों को जेल रिकॉर्ड से मिलाया गया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि ये केंद्रीय जेल अंबाला की नहीं, बल्कि जिला जेल कुरुक्षेत्र के हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, दिलबर 2023 से 2024 तक कुरुक्षेत्र जेल में बंद रहा था। इसके बाद अंबाला पुलिस ने मामला रद कर रिपोर्ट कुरुक्षेत्र पुलिस को भेज दी। थाना शहर थानेसर ने दोनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वीडियो में जेल बैरक के अंदर करीब सात से आठ कैदी नजर आते हैं। पुलिस मामले की में जुटी है।

हरियाणा में डिफॉल्टर अलर्ट: बिजली बिल बकाया रखने वालों पर कार्रवाई के निर्देश

चंडीगढ़. हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने राज्य भर के बिजली अधिकारियों की बैठक में बकाया वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में डिफाल्टर बिजली उपभोक्ताओं से 8247 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। इसमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 3573 करोड़ रुपये और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 4674 करोड़ रुपये की रिकवरी शामिल है। राज्य के सरकारी विभागों से भी 585 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है, जिसके तहत उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 319 करोड़ रुपये और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 266 करोड़ रुपये की रिकवरी प्रस्तावित है। बिजली मंत्री अनिल विज ने बिजली अधिकारियों से कहा कि वे वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन उपभोक्ताओं पर बकाया राशि लंबित है और उन्होंने उसी संपत्ति पर नया बिजली कनेक्शन ले लिया है, उनके विरुद्ध नियम-8 के तहत कार्रवाई कर चार्जशीट दाखिल की जाए। ऐसे कुल 3224 मामलों की पहचान की गई है, जिनमें 202 उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम तथा 3022 दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के है। इसके लिए तीन सदस्यीय टीमों का गठन किया जाएगा, जो तीन माह के भीतर कार्रवाई पूर्ण करेंगी। बिजली मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले एक वर्ष के भीतर राज्य के सभी सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम स्थापित किए जाएं, ताकि प्रदेश इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सके। उन्होंने इसे राज्य सरकार का फ्लैगशिप कार्यक्रम बताते हुए गहनता से क्रियान्वयन पर जोर दिया। इसके साथ ही, पीएम सूर्य घर योजना के तहत अधिकतम पात्र परिवारों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का रिवाल्विंग फंड भी स्थापित किया गया है। विज ने घोषणा की कि अपने सर्कल में सर्वाधिक सोलर सिस्टम स्थापित करवाने वाले अधिकारी को सम्मानित किया जाएगा। बैठक में राज्य भर से आए मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यकारी अभियंता और विजिलेंस विंग के अधिकारी भी शामिल हुए।