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चंडीगढ़–पंचकूला बैंक घोटाले में बड़ा खुलासा: फर्जी कंपनियों से सरकारी धन की हेराफेरी

चंडीगढ़/पंचकूला  हरियाणा के बहुचर्चित 590 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचकूला की विशेष CBI अदालत में पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में कुल 15 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, शेल कंपनियों के संचालक और निजी व्यक्ति शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में इस मामले में अतिरिक्त चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है। टॉप ब्यूरोक्रेसी तक पहुंची जांच की आंच घोटाले की परतें खोलने के लिए CBI ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए हरियाणा की शीर्ष नौकरशाही तक पूछताछ शुरू कर दी है। इसी क्रम में एक वरिष्ठ IAS अधिकारी से भी पूछताछ की गई है, जो लंबे समय तक पंचायत विभाग में आयुक्त एवं सचिव पद पर कार्यरत रहे। CBI यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी खातों से करोड़ों की निकासी के दौरान किन अधिकारियों को जानकारी थी और किस स्तर पर निगरानी में चूक हुई। फर्जी कंपनियों से करोड़ों की हेराफेरी का खेल CBI की चार्जशीट के अनुसार, यह पूरा घोटाला योजनाबद्ध तरीके से बैंकिंग सिस्टम और फर्जी कंपनियों के नेटवर्क के जरिए अंजाम दिया गया। जांच में सामने आया है कि: करीब 6 बैंक अधिकारी 3 सरकारी कर्मचारी 2 शेल कंपनियों के संचालक/साझेदार और अन्य निजी व्यक्ति इस पूरे नेटवर्क में शामिल थे। आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी, सबूत नष्ट करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। कथित मास्टरमाइंड और बैंकिंग नेटवर्क की भूमिका CBI ने इस घोटाले का मास्टरमाइंड आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, चंडीगढ़ (सेक्टर-32) के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि को बताया है, जिसने बाद में AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ज्वाइन किया था। आरोप है कि उसने फर्जी कंपनियों के नाम से बैंक खाते खुलवाए,सरकारी धन को इन खातों में डायवर्ट किया,फर्जी चेक और भुगतान निर्देशों के जरिए करोड़ों की हेराफेरी की. एक अन्य पूर्व रिलेशनशिप मैनेजर अभय पर भी रिभव के साथ मिलकर इस पूरे नेटवर्क को चलाने का आरोप है। पत्नी और परिजनों तक फैला नेटवर्क जांच में यह भी सामने आया है कि धन के लेन-देन का फायदा निजी कंपनियों तक पहुंचा। स्वाति सिंगला, जो अभय की पत्नी हैं और एक कंपनी की मालिक हैं, उनके खाते में कथित रूप से करीब 300 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। उनके भाई अभिषेक सिंगला को भी मनी लॉन्ड्रिंग और फंड ट्रांसफर प्रक्रिया में शामिल बताया गया है। सरकारी सिस्टम पर सवाल घोटाले में सरकारी तंत्र की भूमिका भी जांच के दायरे में है। हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन के वित्त निदेशक अमित दीवान और मार्केटिंग बोर्ड के वित्त नियंत्रक राजेश सांगवान समेत कई अधिकारियों पर रिश्वत लेकर अवैध लेनदेन को नजरअंदाज करने के आरोप हैं। ED की कार्रवाई भी तेज इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। मास्टरमाइंड रिभव ऋषि को 10 दिन की रिमांड के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां ED ने 4 दिन की और हिरासत मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने केवल 1 दिन की अनुमति दी। ED का कहना है कि रिभव ने फर्जी कंपनियों के जरिए सरकारी खातों से धन निकालकर बड़े स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग की। जांच अभी जारी, और खुलासों की उम्मीद CBI और ED दोनों एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह घोटाला केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है और आने वाले समय में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

खेत के रास्ते में लगाए खंभे-ट्रांसफार्मर, CM Nayab Saini ने मांगी जांच रिपोर्ट

 चंडीगढ़ जनसंवाद के मंच पर जब एक किसान अपनी शिकायत लेकर पहुंचा तो मामला सिर्फ रास्ता बंद होने तक सीमित नहीं रहा। शिकायत में आरोप था कि खेत तक जाने वाले रास्ते के बीच बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर लगवा दिए गए, जिससे आने-जाने में परेशानी खड़ी हो गई। इतना ही नहीं, विरोध करने पर धमकियां मिलने की बात भी सामने आई। शिकायत सुनते ही मुख्यमंत्री ने मंच से ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दे दिए। दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini गुरुवार को कुरुक्षेत्र के लाडवा स्थित शिवाला रामकुंडी में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में आमजन की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान गांव बकाली के एक शिकायतकर्ता ने बताया कि कई वर्ष पहले खरीदी गई करीब 7 एकड़ जमीन के रास्ते में बिजली विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से खंभे और ट्रांसफार्मर लगा दिए गए। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि अब उसे जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस एसडीओ ने खेत के रास्ते के बीच में खंभे और ट्रांसफार्मर लगवाए, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। साथ ही पूरे मामले की जांच एसडीएम लाडवा को सौंपने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को भी शिकायतकर्ता को धमकी देने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि आम नागरिकों को दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगवाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश का विकास और हर नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 338 शिकायतें सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। स्कूल अपग्रेड करने, ग्रामीण सड़कों के निर्माण, ट्रांसफार्मर बदलने और आरटीई के तहत बच्चों के दाखिले जैसे मामलों पर भी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के आदेश दिए गए। मुख्यमंत्री ने लाडवा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि पेयजल, सड़क, आवास और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि लाडवा विधानसभा क्षेत्र में बीते वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं और बाकी परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है।

नायब सैनी बोले: पंजाब-हरियाणा सिर्फ पड़ोसी नहीं, एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं

 चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने पंजाब और हरियाणा के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दोनों राज्यों के संबंध को सिर्फ पड़ोसी राज्यों का रिश्ता नहीं, बल्कि “नाखून और उंगली” जैसा बताया। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पंजाब की राजनीति को लेकर भी लगातार चर्चा तेज है। एक इंटरव्यू के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पंजाब को करीब से समझने और देखने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि पंजाब ओबीसी मोर्चा का प्रभारी रहते हुए उन्होंने पूरे प्रदेश का दौरा किया और शायद ही कोई ऐसा चुनाव रहा हो, जहां उन्हें जाने का अवसर न मिला हो। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने पंजाब और हरियाणा के सामाजिक व सांस्कृतिक जुड़ाव को बेहद मजबूत बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और हरियाणा की जमीन एक है, छत एक है और दोनों का सफर भी एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “पंजाब-हरियाणा का रिश्ता सामान्य नहीं है, यह नाखून और उंगली का रिश्ता है।” उनके इस बयान को दोनों राज्यों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने राजनीतिक स्तर पर पंजाब की मौजूदा सरकार पर निशाना साधने से भी परहेज नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की सोच आम आदमी पार्टी से अलग है। मुख्यमंत्री का आरोप था कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने आम लोगों को अपमानित करने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जागरूक जनता भ्रष्टाचार में लिप्त आम आदमी पार्टी को बाहर का रास्ता दिखाएगी। साथ ही कहा कि अगर पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है तो सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान हरियाणा की उपलब्धियों का भी जिक्र किया और कहा कि प्रदेश ने खेल, कृषि, उद्योग और विकास के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वहीं, पंजाब और हरियाणा के रिश्ते पर दिया गया उनका “नाखून और उंगली” वाला बयान अब राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बना हुआ है।

पेड़ों की कटाई पर हरियाणा कोर्ट नाराज, गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट पर उठाए बड़े सवाल

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर अंधाधुंध पेड़ों की कटाई स्वीकार नहीं की जा सकती। सुनवाई के दौरान अदालत की टिप्पणी 'यदि सांस लेने के लिए ऑक्सीजन ही नहीं होगी तो वर्ल्ड बैंक भी आपकी मदद नहीं करेगा।' दरअसल गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की ओर से मेट्रो विस्तार परियोजना के लिए 489 और पेड़ काटने की अनुमति मांगी गई थी। कंपनी ने अदालत को बताया कि इससे पहले करीब 1700 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी जा चुकी है और बदले में 7300 पौधे लगाए गए हैं। जीएमआरएल की ओर से कहा गया कि यह लगभग 28 किलोमीटर लंबी मेट्रो विस्तार परियोजना है, जिसकी लागत 5000 करोड़ रुपये से बढ़कर 7000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। परियोजना के लिए वर्ल्ड बैंक से वित्तीय सहायता पर बातचीत चल रही है और यदि समय पर कार्य नहीं हुआ तो यह सहायता प्रभावित हो सकती है। कंपनी ने दलील दी कि गुरुग्राम में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक जाम को देखते हुए यह परियोजना राष्ट्रीय महत्व की है। हालांकि अदालत ने पूछा कि जब मेट्रो का ट्रैक एलिवेटेड है और पिलर सीमित जगह लेते हैं तो फिर इतने अधिक पेड़ काटने की जरूरत क्यों है। अदालत ने निर्देश दिया कि न्यूनतम संख्या में ही पेड़ों की कटाई की जाए। साथ ही संबंधित डीएफओ को यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए कि 489 प्रस्तावित पेड़ों में से जितने अधिक संभव हों, उन्हें बचाया जाए ताकि क्षेत्र में हरित आवरण बना रहे। जीएमआरएल की ओर से कहा गया कि मेट्रो के एलिवेटेड स्टेशन, पिलर और डिपो निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई जरूरी है। कंपनी ने दावा किया कि वह “एक के बदले दस” के अनुपात में पौधारोपण कर रही है और अब तक 7300 पौधे लगाए जा चुके हैं, जिनकी “100 प्रतिशत सर्वाइवल रेट” है। यह पौधा रोपण केएमपी हाईवे के पास लगभग 21 किलोमीटर दूर किया गया है। इस पर हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि अदालत पहले ही कह चुकी है कि प्रतिपूरक पौधरोपण यथासंभव पांच किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि केवल पौधे लगाने का दावा पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि शहर को “कंक्रीट जंगल” बनने से बचाया जाए। हालांकि अदालत ने परियोजना के राष्ट्रीय महत्व और सार्वजनिक हित को देखते हुए सशर्त राहत देते हुए 489 पेड़ों की कटाई पर लगी रोक में आंशिक ढील दे दी। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया कि न्यूनतम संख्या में ही पेड़ काटे जाएं और जिन पेड़ों को बचाया जा सकता है, उन्हें हर हाल में संरक्षित किया जाए। अदालत ने जीएमआरएल को पहले किए गए वनीकरण कार्य की मासिक सर्वाइवल रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि रिपोर्ट में कोई कमी पाई गई या समय पर रिपोर्ट दाखिल नहीं हुई तो मामले को स्वत सूचीबद्ध कर सुनवाई की जाएगी।

विश्व मधुमक्खी दिवस पर अनोखा स्टॉल: शहद का सिरका देख हैरान रह गए मुख्यमंत्री

झज्जर  विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर बीते बुधवार को पंचकूला में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उस समय बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी झज्जर के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक विनय फोगाट के स्टाल पर पहुंचे। वहां प्रदर्शित अनूठे उत्पादों को देखकर मुख्यमंत्री भी हैरान रह गए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, शहद का सिरका… यह तो मैंने पहले कभी सुना ही नहीं! कन्वेंशन सेंटर, रेड बिशप, सेक्टर-1 में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विनय फोगाट द्वारा तैयार किया गया ''शहद का सिरका'' (हनी विनेगर) और ''बी प्रोबायोटिक'' इतना पसंद आया कि वे इसे विशेष रूप से अपने साथ लेकर गए। क्या खास है शहद के सिरके और बी प्रोबायोटिक में? प्रदर्शनी से वापिस लौटे विनय फोगाट ने बातचीत के दौरान उत्पादों की खासियत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शहद का सिरका (हनी विनेगर): यह आम सिरके की तरह तीखा नहीं होता। इसे शुद्ध शहद को लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से फरमेंट (किण्वित) करके तैयार किया जाता है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, वजन नियंत्रित करने और शरीर को डिटाक्सिफाई करने में बेहद असरदार माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं। बी प्रोबायोटिक: यह मधुमक्खियों के प्राकृतिक स्लाइवा (लार) और शहद के कॉम्बिनेशन से तैयार एक ऐसा अनूठा उत्पाद है, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है। 5 राज्यों का सफर और 18 तरह का शहद दरअसल, झज्जर जिले के मलिकपुर गांव के रहने वाले शहद उत्पादक विनय फोगाट आज क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुके हैं। उनके पास मौजूदा समय में करीब 1,100 मधुमक्खी कालोनियां हैं, जिनसे वे सालाना लगभग 38 से 40 टन शहद का रिकार्ड उत्पादन करते हैं। विनय फोगाट ने बताया कि वे केवल एक या दो नहीं, बल्कि 18 अलग-अलग तरह के शहद और उत्पाद तैयार करते हैं। इसके लिए वे मौसम और फूलों के खिलने के चक्र के हिसाब से अपने बी-फार्म को हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के इलाकों में शिफ्ट करते हैं। उनके पिटारे में सरसों, नीम, शीशम, कीकर, हिमाचल व कश्मीर का पहाड़ी शहद, कश्मीर का एकेशिया, सूरजमुखी, सौंफ और जामुन का शहद प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा वे शहद से गुलकंद, हनी अर्क, बी प्रोपोलिस टिंक्चर और घुटनों के दर्द की विशेष जेल भी तैयार करते हैं। फसलों की सच्ची मित्र हैं मधुमक्खियां स्टाल के दौरे के दौरान विनय फोगाट ने मुख्यमंत्री के सामने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा केमिकल और पेस्टीसाइड्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से हमारी सबसे अच्छी मित्र कीट मधुमक्खियां बहुत तेजी से मर रही हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जहां भी मधुमक्खी के बाक्स रखे जाते हैं, उसके 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में क्रास-पालिनेशन (परागण) के जरिए फसलों की पैदावार ढाई से तीन क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ जाती है। वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि मधुमक्खियों के पॉलिनेशन से तिलहनी फसलों में तेल के भीतर सल्फर कंटेंट 10 से 15% तक बढ़ जाता है। साथ ही, मधुमक्खियां अपने स्लाइवा (लार) से फूलों के अंदर जो यीस्ट छोड़ती हैं, उससे फसलों में प्राकृतिक मिनरल्स की मात्रा में भारी इजाफा होता है।  

डिजिटल ट्रांसफर सिस्टम लागू, 6884 पुलिसकर्मियों को मिली मनपसंद पोस्टिंग

 करनाल  हरियाणा पुलिस में पहली बार बिना किसी सिफारिश के 6884 सिपाहियों जनरल ड्यूटी (महिला व पुरुष) के आनलाइन तबादले किए गए हैंं। इनमें 5098 पुरुष जवान शामिल हैं और 1786 महिला सिपाही शामिल हैं। खास बात ये है कि सिपाहियों द्वारा पोर्टल पर आनलाइन भरे गए विकल्पों के तहत ही मैरिट के आधार पर जवानों को मनपसंद स्टेशन अलाट किए गए हैं। आनलाइन तबादला प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का मानवीय दखल नहीं दिया गया है, बल्कि पूरा काम आनलाइन ही साफ्टवेयर के माध्यम से हुआ है। पुलिस मुख्यालय की ओर से मार्च माह में इसके लिए आवेदन मांगे गए थे। 2 मार्च से 20 मार्च के बीच जवानों से आनलाइन ही जिलों के विकल्प मांगे गए थे। इनमें पुलिस प्रशिक्षण पूरा कर चुके महिला व पुरुष सिपाहियों ने भाग लिया। अब पोर्टल पर भरे गए विकल्पों के आधार पर ही साफ्टवेयर के माध्यम से जवानों को जिले अलाट किए गए हैं। संबंधित जिलों में खाली सीटों के आधार पर जिले अलाट किए गए हैं। जवानों को जल्द रिलीव कराने के आदेश डीजीपी अजय सिंहल की ओर से सभी पुलिस आयुक्त, एसपी, डीसीपी, एचएपी के कमांडेंट समेत एडीजीपी और एचएपी के निदेशक समेत अन्य अधिकारियों को लिखित में आदेश दिए हैं कि तबादला किए गए जवानों को जल्द ही रिलीव किया जाए, ताकि वे अपने नए स्टेशनों पर ज्वाइन कर सकें। इससे पहले, पुलिस में नए जवानों को मनचाहे स्टेशन के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। पुलिस का बेसिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सिपाहियों को खाली सीटों के आधार पर स्टेशन अलाट किए जाते थे। ऐसे में काफी संख्या में जवानों को अपने पैतृक जिलों से 200 से 300 किलोमीटर तक दूरी के स्टेशन मिलते थे। इसके अलावा, खासतौर पर राजनीतिक लोगों की सिफारिशों के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारियों की सिफारिशों से तबादले होते थे।लेकिन एक साथ में तबादले पहली बार हैं। अगर तबादले होते भी थे तो वे बड़े छोटे स्तर पर होते थे। लेकिन जवानों को राहत देते हुए पुलिस मुख्यालय ने पहली बार ये बड़ा फैसला लिया है। इससे जवानों को बड़ी राहत मिली है और वे अपने पैतृक जिलों के आसपास पहुंच गए हैं। आइआरबी के जवान कर रहे लंबे समय से इंतजार इधर, आइआरबी के 2500 सरकार के आदेश होने के बावजूद तबादलों का इंतजार कर रहे हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद मंत्रिमंडल की मंजूरी भी हो चुकी है और बकायदा नोटिफिकेशन भी हो चुका है, लेकिन अभी तक आइआरबी के जवानों को जिला पुलिस में तबादले की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इसको लेकर आरआरबी के जवान कई बार मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी तक से मिलकर मांग कर चुके हैं। गौर हो कि मनोहर लाल सरकार ने 2024 में फैसला लिया था कि आइआरबी में 15 साल पूरे कर चुके जवानों को जिला पुलिस में बदला जा सकेगा।

पुलिस विभाग में बड़ा बदलाव, हरियाणा में हजारों तबादले अब ऑनलाइन प्रक्रिया से

करनाल. हरियाणा पुलिस में पहली बार बिना किसी सिफारिश के 6884 सिपाहियों जनरल ड्यूटी (महिला व पुरुष) के आनलाइन तबादले किए गए हैंं। इनमें 5098 पुरुष जवान शामिल हैं और 1786 महिला सिपाही शामिल हैं। खास बात ये है कि सिपाहियों द्वारा पोर्टल पर आनलाइन भरे गए विकल्पों के तहत ही मैरिट के आधार पर जवानों को मनपसंद स्टेशन अलाट किए गए हैं। आनलाइन तबादला प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का मानवीय दखल नहीं दिया गया है, बल्कि पूरा काम आनलाइन ही साफ्टवेयर के माध्यम से हुआ है। पुलिस मुख्यालय की ओर से मार्च माह में इसके लिए आवेदन मांगे गए थे। 2 मार्च से 20 मार्च के बीच जवानों से आनलाइन ही जिलों के विकल्प मांगे गए थे। इनमें पुलिस प्रशिक्षण पूरा कर चुके महिला व पुरुष सिपाहियों ने भाग लिया। अब पोर्टल पर भरे गए विकल्पों के आधार पर ही साफ्टवेयर के माध्यम से जवानों को जिले अलाट किए गए हैं। संबंधित जिलों में खाली सीटों के आधार पर जिले अलाट किए गए हैं। जवानों को जल्द रिलीव कराने के आदेश डीजीपी अजय सिंहल की ओर से सभी पुलिस आयुक्त, एसपी, डीसीपी, एचएपी के कमांडेंट समेत एडीजीपी और एचएपी के निदेशक समेत अन्य अधिकारियों को लिखित में आदेश दिए हैं कि तबादला किए गए जवानों को जल्द ही रिलीव किया जाए, ताकि वे अपने नए स्टेशनों पर ज्वाइन कर सकें। इससे पहले, पुलिस में नए जवानों को मनचाहे स्टेशन के लिए मशक्कत करनी पड़ती थी। पुलिस का बेसिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सिपाहियों को खाली सीटों के आधार पर स्टेशन अलाट किए जाते थे। ऐसे में काफी संख्या में जवानों को अपने पैतृक जिलों से 200 से 300 किलोमीटर तक दूरी के स्टेशन मिलते थे। इसके अलावा, खासतौर पर राजनीतिक लोगों की सिफारिशों के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारियों की सिफारिशों से तबादले होते थे।लेकिन एक साथ में तबादले पहली बार हैं। अगर तबादले होते भी थे तो वे बड़े छोटे स्तर पर होते थे। लेकिन जवानों को राहत देते हुए पुलिस मुख्यालय ने पहली बार ये बड़ा फैसला लिया है। इससे जवानों को बड़ी राहत मिली है और वे अपने पैतृक जिलों के आसपास पहुंच गए हैं। आइआरबी के जवान कर रहे लंबे समय से इंतजार इधर, आइआरबी के 2500 सरकार के आदेश होने के बावजूद तबादलों का इंतजार कर रहे हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद मंत्रिमंडल की मंजूरी भी हो चुकी है और बकायदा नोटिफिकेशन भी हो चुका है, लेकिन अभी तक आइआरबी के जवानों को जिला पुलिस में तबादले की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इसको लेकर आरआरबी के जवान कई बार मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी तक से मिलकर मांग कर चुके हैं। गौर हो कि मनोहर लाल सरकार ने 2024 में फैसला लिया था कि आइआरबी में 15 साल पूरे कर चुके जवानों को जिला पुलिस में बदला जा सकेगा।

लू का ऑरेंज अलर्ट जारी, 25 मई तक राहत की कोई उम्मीद नहीं

 चंडीगड़ हरियाणा में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भी प्रदेश के कई जिलों में तेज लू और झुलसाने वाली गर्मी ने लोगों को परेशान किया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पांच जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा तापमान रोहतक में 46.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 6.2 डिग्री ज्यादा है। इसके अलावा सिरसा में 46.4 डिग्री, फरीदाबाद में 46 डिग्री, हिसार में 45.3 डिग्री, जींद में 45.2 डिग्री और नारनौल में 45 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। लू चलने की चेतावनी जारी मौसम विभाग ने हरियाणा में 25 मई तक भीषण गर्मी और लू चलने की चेतावनी जारी की है। इसके लिए पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। रोहतक और सिरसा में लू की स्थिति दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि अगले पांच से छह दिनों तक पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि बाकी जिलों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री के बीच बना रहेगा। वहीं भिवानी में न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। तेज गर्मी का असर आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों पर भी पड़ रहा है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सिंचाई सुबह या शाम के समय करें, ताकि तेज धूप का असर कम हो सके। 25 मई से पहले राहत मिलने के आसार लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और सिर ढक कर बाहर निकलने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत समेत हरियाणा में फिलहाल गर्मी का दौर जारी रहेगा और 25 मई से पहले राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

मुख्यमंत्री सैनी का सख्त एक्शन, CM विंडो मामलों में ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर होगी FIR

चंडीगढ़. सीएम विंडो पर मिली शिकायतों की सुनवाई में लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तीखे तेवर दिखाए हैं। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने हिसार के गावड़ में बैकवर्ड चौपाल की राशि के गबन के आरोपित तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ), कनिष्ठ अभियंता व ग्राम सचिव के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए। भिवानी जिले के झुंपा खुर्द के व्यक्ति की शिकायत पर पेमेंट में देरी के लिए जिम्मेदार संबंधित आरटीए से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सीएम विंडो पर आई शिकायतों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान में लापरवाही न बरतें। इस बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और मंडल आयुक्त आनलाइन जुड़े। उन्होंने सभी उपायुक्तों को जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने जींद में दुर्घटना के समय की मोटर साइकिल बदलने तथा कुरुक्षेत्र में समय पर चालान प्रस्तुत न करने पर कोताही बरतने वाले पुलिस के दो सहायक उप निरीक्षक (एएसआइ) को निलंबित करने निर्देश दिए। करनाल में 100 गज के प्लाटों को नापने का काम समय पर नहीं करने पर नायब तहसीलदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और जींद के बडौद निवासी जरनैल की शिकायत पर पशु बीमा के क्लेम में देरी के लिए विभागीय जांच की जाएगी। कैथल के टीक गांव निवासी पूजा की शिकायत है कि धान की अदायगी नहीं की गई। इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। पलवल के लालपुर कदीम के व्यक्ति की शिकायत के संबंध में कार्यालय का रिकार्ड खुर्द बुर्द करने के मामले में दोषी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर समाधान, सीएम विंडो और उनके समक्ष आने वाली शिकायतों की वे स्वयं मानिटरिंग करेंगे। अधिकारी तीनों तरह की शिकायतों के सही समाधान सुनिश्चित करें। हर शुक्रवार को स्पेशल सीएम विंडो के मामलों की जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा, सुधीर राजपाल, डा. वी राजा शेखर, एके सिंह, जी अनुपमा, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव अजय कुमार, विशेष कार्यकारी अधिकारी विवेक कालिया और राकेश संधू ने भी अपनी बात रखी। हाउसिंग बोर्ड के अलाटियों को 10 जून को होगा भुगतान हाउसिंग बोर्ड की समस्याओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा जनता के बकाया पैसे का भुगतान 10 जून को बटन दबाकर किया जाएगा। इसके लिए अधिकारी पूरी तैयारी करें। उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने तथा जल्द एटीआर अपलोड करने के निर्देश भी दिए, जिससे शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारी समाधान शिविरों में शिकायतों की औचक जांच करेंगे, जिससे लोगों को संतुष्ट किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके समक्ष यह शिकायत नहीं आनी चाहिए कि किसी व्यक्ति की समस्या सुनी ही नहीं गई।

हरियाणा के युवा इनोवेटर की चर्चा, शहद के सिरके ने CM सैनी को भी किया प्रभावित

झज्जर. विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर बीते बुधवार को पंचकूला में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उस समय बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी झज्जर के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक विनय फोगाट के स्टाल पर पहुंचे। वहां प्रदर्शित अनूठे उत्पादों को देखकर मुख्यमंत्री भी हैरान रह गए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, शहद का सिरका… यह तो मैंने पहले कभी सुना ही नहीं! कन्वेंशन सेंटर, रेड बिशप, सेक्टर-1 में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विनय फोगाट द्वारा तैयार किया गया ''शहद का सिरका'' (हनी विनेगर) और ''बी प्रोबायोटिक'' इतना पसंद आया कि वे इसे विशेष रूप से अपने साथ लेकर गए। क्या खास है शहद के सिरके और बी प्रोबायोटिक में? प्रदर्शनी से वापिस लौटे विनय फोगाट ने बातचीत के दौरान उत्पादों की खासियत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शहद का सिरका (हनी विनेगर): यह आम सिरके की तरह तीखा नहीं होता। इसे शुद्ध शहद को लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से फरमेंट (किण्वित) करके तैयार किया जाता है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, वजन नियंत्रित करने और शरीर को डिटाक्सिफाई करने में बेहद असरदार माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं। बी प्रोबायोटिक: यह मधुमक्खियों के प्राकृतिक स्लाइवा (लार) और शहद के कॉम्बिनेशन से तैयार ऐसा अनूठा उत्पाद है, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है। 5 राज्यों का सफर और 18 तरह का शहद  दरअसल, झज्जर जिले के मलिकपुर गांव के रहने वाले शहद उत्पादक विनय फोगाट आज क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुके हैं। उनके पास मौजूदा समय में करीब 1,100 मधुमक्खी कालोनियां हैं, जिनसे वे सालाना लगभग 38 से 40 टन शहद का रिकार्ड उत्पादन करते हैं। विनय फोगाट ने बताया कि वे केवल एक या दो नहीं, बल्कि 18 अलग-अलग तरह के शहद और उत्पाद तैयार करते हैं। इसके लिए वे मौसम और फूलों के खिलने के चक्र के हिसाब से अपने बी-फार्म को हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के इलाकों में शिफ्ट करते हैं। उनके पिटारे में सरसों, नीम, शीशम, कीकर, हिमाचल व कश्मीर का पहाड़ी शहद, कश्मीर का एकेशिया, सूरजमुखी, सौंफ और जामुन का शहद प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा वे शहद से गुलकंद, हनी अर्क, बी प्रोपोलिस टिंक्चर और घुटनों के दर्द की विशेष जेल भी तैयार करते हैं। फसलों की सच्ची मित्र हैं मधुमक्खियां स्टाल के दौरे के दौरान विनय फोगाट ने मुख्यमंत्री के सामने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा केमिकल और पेस्टीसाइड्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से हमारी सबसे अच्छी मित्र कीट मधुमक्खियां बहुत तेजी से मर रही हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जहां भी मधुमक्खी के बाक्स रखे जाते हैं, उसके 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में क्रास-पालिनेशन (परागण) के जरिए फसलों की पैदावार ढाई से तीन क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ जाती है। वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि मधुमक्खियों के पॉलिनेशन से तिलहनी फसलों में तेल के भीतर सल्फर कंटेंट 10 से 15% तक बढ़ जाता है। साथ ही, मधुमक्खियां अपने स्लाइवा (लार) से फूलों के अंदर जो यीस्ट छोड़ती हैं, उससे फसलों में प्राकृतिक मिनरल्स की मात्रा में भारी इजाफा होता है।