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पॉलिटेक्निक छात्रों का कमाल, वेस्ट मटेरियल से तैयार की पेट्रोल से चलने वाली ऑफ-रोड बग्गी

अंबाला अक्सर कहा जाता है कि यदि इंसान ठान ले तो सीमित संसाधनों से भी बड़े काम किए जा सकते हैं. दरअसल जुगाड़, हुनर और जज़्बा, जब ये तीनों एक साथ मिलते हैं, तो साधारण संसाधन भी असाधारण नतीजे दे जाते हैं. बता दें कि, इस कहावत को सच कर दिखाया है राजकीय पॉलिटेक्निक, अंबाला के ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के छात्रों ने, जिन्होंने कबाड़ यानी वेस्ट मटेरियल से एक अनोखी छोटी गाड़ी (बग्गी) तैयार कर सबको चौंका दिया है. वहीं छात्रों ने अपनी इस अनूठी रचना का नाम “यमदूद” रखा है, जो इन दिनों काफी ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है. वही इस बग्गी को तैयार करने में लोहे के पाइप और पुराने वाहनों के अनुपयोगी पार्ट्स का इस्तेमाल किया गया है. हैरानी की बात तो यह है कि इस पूरी गाड़ी को बनाने में छात्रों का केवल लगभग 80 हजार रुपये का खर्चा आया हैं. हालांकि, इस बग्गी में उपयुक्त अधिकांश सामग्री पहले से उपलब्ध कबाड़ से ली गई, जिससे लागत बेहद कम रही है ओर छोटी गाड़ी का एक अच्छा मॉडल तैयार हुआ हैं. इस बग्गी की खासियत सिर्फ इसकी कम लागत ही नहीं हैं, बल्कि इसमें दिए गए आधुनिक सेफ्टी फीचर्स ओर मनोरंजन के स्पीकर लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं. गाड़ी को तैयार करने में 80 हजार रुपए का आया खर्चा वहीं इस बारे में लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए छात्र नैतिक ने बताया कि उनके द्वारा बनाई गई, यह गाड़ी टूटी सड़कों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि यह ऑफ रोड पर काफी आराम से चलती हैं. उन्होंने कहा कि इसका डिजाइन भी इस तरह से तैयार हुआ है कि इसका वेट काफी कम है और दूसरी गाड़ियों के मुकाबले इसका इंजन गाड़ी के आखरी में रखा गया है. ताकि यह सही ढंग से चल सके और खेतों में दूसरी गाड़ियों के मुकाबले बिल्कुल कंफर्टेबल तरीके से कार्य करें. उन्होंने बताया कि इस गाड़ी को तैयार करने में उनका लगभग 80 हजार रुपए का खर्चा आया है, ओर सभी साथियों ने मिलकर यह अपने खर्चे पर गाड़ी (बग्गी) तैयार की हैं. उन्होंने कहा कि इस बग्गी को बनाने में पांच लोगों को दो महीने का समय लगा है ओर इसके इंजन के ऊपर एक बड़ा फेन, पंखा लगाया है ताकि वह ठंडा रह सके. उन्होंने बताया कि यह गाड़ी पेट्रोल से चलती है और लगभग 1 लीटर पेट्रोल में 20 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है, जो इसे किफायती भी बनाता है. उन्होंने बताया वेस्ट पाइप और प्लास्टिक के साथ-साथ गाड़ी के पार्ट्स की मदद से यह बग्गी तैयार हुई है, और इसमें सेफ्टी के लिए लाइटिंग व मनोरंजन के लिए म्यूजिक सिस्टम लगाया हैं. वहीं छात्र तुषार ने बताया कि ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग फील्ड में उन्हें गाड़ी के इंजन के बारे में पढ़ाया गया था, जिसके बाद उनके मन में विचार आया कि क्यूं न वह वेस्ट मटेरियल से एक गाड़ी तैयार करें. उन्होंने बताया कि इस गाड़ी में फिर 624 सीसी का इंजन फिट किया गया था और अब वह इस गाड़ी को काफी आसानी से चला पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस गाड़ी में आगे दो लोग बैठ सकते हैं और पीछे तीन लोगों के खड़े होने की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि इस गाड़ी में फीचर दूसरे गाड़ियों के मुकाबले काफी ज्यादा बदले गए हैं और इसमें टेक्निकल चेंज करके बग्गी के मॉडल को तैयार किया हैं. उन्होंने कहा कि जल्द वह इस गाड़ी को मार्केट में उतारेंगे और फिर यह ग्रामीण क्षेत्र में काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होगी.

कीट प्रकोप से कपास फसल प्रभावित, हरियाणा के किसान अब बाजरा और ग्वार की तरफ मुड़े

ढिगावा मंडी. हरियाणा में कपास की खेती करने में किसान रूचि नहीं दिखा रहे हैं। मार्केट में अच्छा भाव मिलने के बावजूद भी किसानों का कपास से मोह भंग हो चुका है। मार्केट में नरमा कपास इस समय आठ से 10 हजार रुपये क्विंटल बिक रही है। इसके बावजूद किसान कपास की फसल की बिजाई करने में ज्यादा रुचि नहीं ले रहे। जिसके कारण पिछले साल से 60 से 65 प्रतिशत तक कपास का रकबा घट सकता है। कपास की फसल से किसानों का मोह भंग होने का कारण गुलाबी सुंडी है। गुलाबी सुंडी ने पिछले साल कपास की फसल में कहर ढाया था। जिसके कारण किसानों ने समय से पहले कपास की फसल काटकर अगली फसल की बिजाई कर दी थी। सरकार और कृषि विभाग को भी पहले से ही इस बार कपास का रकबा घटने का अंदेशा था। जिसके चलते गुलाबी सुंडी पर नियंत्रण पाने के लिए खरीफ सीजन से पहले ही प्रयास शुरू कर दिए गए थे। अधिकारियों ने किया था किसानों से संपर्क कृषि विभाग के अधिकारियों ने काटन मिल में जाकर निरीक्षण किया और वहां रखे बिनौले को ढक कर रखने के आदेश दिए थे, ताकि बिनौले से निकल कर गुलाबी सुंडी का फैलाव ना हो। वहीं खेतों में रखे कपास के फसल अवशेष (लकड़ी) भी उठाने या नष्ट करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से संपर्क किया। ताकि फसल अवशेष में अगर गुलाबी सुंडी है, तो वो भी नष्ट हो जाए और कपास की अगली फसल में जाए। लेकिन कृषि विभाग के प्रयासों के बावजूद कपास की फसल की बिजाई करने में किसान कम रुचि ले रहे हैं। पिछले साल एक लाख 52 हजार एकड़ में कपास की फसल थी भिवानी जिले का लोहारू, बहल क्षेत्र कपास उत्पादन के लिए जाना जाता है, लेकिन अब यहां के किसान बाजरा, ग्वार, मूंग की फसलों का रुख कर रहे हैं। दैनिक जागरण टीम ने किसानों से इस बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि भूजल स्तर तेजी से गिरना, समर्थन मूल्य पर अनिश्चितता, गुलाबी सुंडी व सफेद मक्खी का प्रकोप किसानों ने कपास की खेती छोड़ने का प्रमुख कारण बताया। बता दें की भिवानी जिले में पिछले साल एक लाख 52 हजार एकड़ में कपास की फसल थी। 15 मई तक कपास की बिजाई के लिए अनुकूल समय माना जाता है, लेकिन अभी तक नाममात्र एकड़ पर ही कपास की बिजाई हो पाई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में आठ से 10 हजार एकड़ में और कपास की बिजाई हो सकती है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगले पांच दिन मौसम कपास फसल बिजाई के लिए अनुकूल है। क्योंकि वर्षा से तेजी से बढ़ रहे तापमान में गिरावट आई है।

स्मार्ट सिटी से खेल सुविधाओं तक: सोनीपत के लिए भाजपा का बड़ा विकास एजेंडा

सोनीपत भारतीय जनता पार्टी ने आगामी निकाय चुनाव के लिए सोनीपत नगर निगम का विशेष 'संकल्प पत्र' जारी कर दिया है। 'समर्पित सेवा-सशक्त सुशासन' के वादे के साथ पार्टी ने शहर के बुनियादी ढांचे, खेल सुविधाओं और महिला सुरक्षा के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं।   सोनीपत के लिए बड़े विकास प्रोजेक्ट्स     जल प्रबंधन: शहर में लगभग 390 करोड़ की लागत से आधुनिक जल निकासी प्रणाली का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, गांव राठधना (90 करोड़) और गांव देवडू (20 करोड़) में नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। जल आपूर्ति के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹50 करोड़ खर्च होंगे।     स्मार्ट सिटी और सुरक्षा: शहर की निगरानी के लिए 200 करोड़ की लागत से 'एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र' (ICCC) बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रमुख स्थानों पर व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया जाएगा।     सड़कें और पार्किंग: नगर निगम क्षेत्र के सभी सेक्टरों में 50 किमी मुख्य सड़कों और ग्रीन बेल्ट के कार्यों पर ₹190 करोड़ खर्च किए जाएंगे। जाम की समस्या से निपटने के लिए ₹80 करोड़ की लागत से मल्टी-लेवल पार्किंग बनाई जाएगी।   खेल और सामुदायिक सुविधाएं     खेलों को बढ़ावा: सेक्टर-4 स्पोर्ट्स स्टेडियम में ₹50 करोड़ की लागत से अतिरिक्त खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा, गांव लहराडा (20 करोड़) और ऋषि कॉलोनी (10 करोड़) में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे।       जनसुविधाएं: शहर में 40 करोड़ की लागत से 520 सीटों वाला सभागार और सेक्टर-23 में 10 करोड़ की लागत से आधुनिक डिस्पेंसरी का निर्माण होगा। ड्रेन नंबर 6 के सौंदर्यीकरण और शॉपिंग एरिया के लिए ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है।   महिलाओं और नागरिकों के लिए विशेष पहल     पिंक टॉयलेट: महिलाओं के लिए सभी निकायों में पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे, जहाँ सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और शिशु आहार कक्ष जैसी सुविधाएं मिलेंगी।       मालिकाना हक और टैक्स राहत: 20 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों को मकानों का वैध मालिकाना हक (रजिस्ट्री) दिया जाएगा। महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड मकानों पर 25% हाउस टैक्स छूट दी जाएगी।       डिजिटलीकरण: प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और बिल्डिंग प्लान अप्रूवल जैसी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा।  

Haryana Politics: नायब सिंह सैनी का बड़ा दांव, संकल्प पत्र में पंचकूला के पुराने निवासियों को राहत

पंचकूला. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज पंचकूला में भाजपा के प्रदेश कार्यालय "पंचकमल" के अटल सभागार में नगर निकाय चुनाव के लिए भाजपा के "संकल्प पत्र" (घोषणा पत्र) का विमोचन किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, रणबीर गंगवा, विपुल गोयल, राज्यसभा सांसद कार्तिक शर्मा, कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा, पूर्व स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता, पूर्व मंत्री कँवर पाल ग़ुज्जर, पंचकूला से भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्याम लाल बंसल भी संकल्प पत्र के विमोचन के अवसर पर मंच पर मौजूद रहे। भाजपा के इस विजन डॉक्यूमेंट में शहरी विकास, बेहतर प्रशासन और नागरिक सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है। पंचकूला के लिए जारी घोषणाओं में खड़क मंगोली में करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से 2100 फ्लैट बनाकर पुनर्वास योजना लागू करने का वादा किया गया है। साथ ही 20 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों को मालिकाना हक देने की बात कही गयी है। स्वच्छता और जल प्रबंधन के तहत 160 करोड़ रुपये की लागत से पांच नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाये जाएंगे और कचरा प्रबंधन पर 100 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट और आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। यातायात सुधार के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-05 पर फ्लाईओवर और घग्गर नदी पर पुल निर्माण की योजना है। इसके अलावा मॉडल सड़कें और मल्टीलेवल पार्किंग भी बनायी जाएंगी। खेल और शिक्षा के क्षेत्र में विश्वस्तरीय शूटिंग रेंज और स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित है, जबकि स्मार्ट लाइब्रेरी और पार्क में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान कई नेताओं ने भाजपा का दामन भी थामा। कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले ही पाटर्ी का घोषणा पत्र जारी कर चुके हैं। कुल मिलाकर, चुनावी मुकाबला अब पूरी तरह रोचक होता नजर आ रहा है। 

Panchkula Transport Update: बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन के लिए डायरेक्ट बस सेवा शुरू

पंचकूला. चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिये पंचकूला से कनेक्ट हो गया है। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग कारपोरेशन (सीटीयू) की तरह अब पंचकूला बस स्टैंड से हरियाणा रोडवेज की बसें यात्रियों को लेकर स्टेशन तक पहुंचेंगी। स्टेशन पर पंचकूला की तरफ बस स्टाॅप बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही पंचकूला की बसें स्टेशन पर आने लगेंगी। स्टेशन पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कनेक्टिविटी होने से यात्रियों को महंगी टैक्सी और आटो का किराया खर्च नहीं करना पड़ेगा। स्टेशन पर पंचकूला की तरफ बस स्टाप बनकर तैयार हो चुका है, हालांकि अभी रोड की कनेक्टिविटी का काम चल रहा है। सड़क निर्माण पूरा होने पर पंचकूला की तरफ से बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। अभी सिर्फ एक बस सुबह के समय पंचकूला से स्टेशन तक आ रही है। आने वाले दिनों में बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी। स्टेशन पर आने व जाने वाले यात्रियों को बस स्टाॅप से बस मिलेगी और गंतव्य तक पहुंचाएगी। पंचकूला, पिंजौर-कालका के यात्रियों को फायदा पंचकूला की तरफ से पिंजौर, कालका और आसपास के यात्रियों के लिए फायदा होगा। इससे पहले पंचकूला की तरफ से पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने की वजह से यात्रियों को स्पेशल टैक्सी या आटो करना पड़ता था, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ता था। अभी फिलहाल चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग कारपोरेशन (सीटीयू) की बसों की स्टेशन तक कनेक्टिविटी है। अब दोनों तरफ से बसों की सुविधा होने से यात्रियों को फायदा होगा। अंतिम चरण पर स्टेशन का काम उधर, दूसरी तरफ चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने का काम भी अपने अंतिम चरण पर है। रेलवे स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ नया फाइव-स्टार रेलवे स्टेशन बनेगा, जिसमें रूफ प्लाजा और मॉड्यूलर डिजाइन शामिल है। बसें रेलवे स्टेशन तक आएंगी पंचकूला की तरफ बस स्टाप बन गया है। अभी कुछ जगह सड़क निर्माण चल रहा है, जो जल्द पूरा हो जाएगा। इसके बाद पंचकूला साइड से बसें रेलवे स्टेशन तक आएंगी। – संजीव कुमार चौधरी, स्टेशन अधिक्षक, चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन।

Bus Accident Mystery: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, विस्फोट की आशंका पर जांच तेज

भिवानी. बवानीखेड़ा के गांव मिलकपुर में सोमवार रात करीब आठ बजे प्राइवेट बस में लगी भीषण आग ने दो लोगों की जान ले ली, जबकि आठ यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में से पांच के बयान पुलिस ने दर्ज किए हैं। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार, बस में अचानक तेज धमाका हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई। इसके बाद अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मृतकों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर एक पुलिस कर्मी और एक निजी कंपनी के आपरेटर होने की आशंका जताई जा रही है। डीएनए जांच के लिए भेजे गए सैंपल घटना में दोनों शव पूरी तरह जल जाने के कारण उनकी पहचान नहीं हो सकी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मंगलवार को जिला नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां से डीएनए जांच के लिए सैंपल मधुबन भेजे गए हैं। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम पुष्टि की जाएगी। प्रशासन ने परिजनों से सहयोग की अपील की है ताकि जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और सच्चाई सामने आ सके। टायर फटने की थ्योरी कमजोर शुरुआती जांच में आग लगने का कारण बस का टायर फटना माना जा रहा था। आशंका थी कि टायर का हिस्सा तेल के टैंक से टकराया, जिससे टैंक फट गया और आग भड़क उठी। हालांकि जांच के दौरान तेल का टैंक सही हालत में मिलने से यह संभावना कमजोर पड़ गई है। इसके बाद अब मामले में विस्फोट यानी ब्लास्ट की आशंका गहराने लगी है। पुलिस इस एंगल को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है, ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके। बैलिस्टिक और फोरेंसिक जांच से खुलेगा राज पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने घटनास्थल का दौरा कर स्पष्ट किया कि मामले की गहराई से जांच के लिए बैलिस्टिक टीम की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही फारेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस अधिकारी भी मौके से साक्ष्य जुटाने में लगे हैं। उप पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह, थाना प्रभारी सुरेश कुमार और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम जांच में जुटी है। घायलों का उपचार हांसी और हिसार के अस्पतालों में जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह एक हादसा था या किसी साजिश के तहत विस्फोट किया गया।

Ayushman Scheme Impact: हरियाणा के 1.18 लाख लाभार्थियों को मिला 122 करोड़ से ज्यादा का फ्री ट्रीटमेंट

यमुना नगर. आयुष्मान चिरायु योजना का समय से पेमेंट न होने पर भले ही निजी अस्पताल विरोध में हो लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर पात्रों के लिए योजना वरदान बन रही है। जिले में सात लाख छह हजार पात्र हैं। जिन्हें पांच लाख रुपये तक के इलाज की चिंता नहीं है। इसका खर्च सरकार उठा रही है। इलाज की बात करें तो पिछले दो वर्षाें में एक लाख 18 हजार 868 पात्रों ने आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराया है। जिसमें 122.64 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसका भुगतान सरकार की ओर से किया जाएगा। अब इस योजना का विस्तार करते हुए आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष के बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है। वर्ष 2018 में लागू हुई थी आयुष्मान योजना केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना लागू की। उसमें पांच लाख रुपये का निश्शुल्क इलाज लिया जा सकता है। उस समय जिले में लगभग साढ़े चार लाख पात्रों का चयन किया गया था। जिसके बाद राज्य सरकार ने इसमें बढ़ोतरी करते हुए नवंबर 2022 में आयुष्मान चिरायु भारत योजना शुरू की। इसमें अब एक लाख 80 हजार रुपये तक की आय वाले परिवारों को शामिल कर लिया गया। यह है आयुष्मान योजना की स्थिति आयुष्मान योजना के तहत जिले में दो लाख 74 हजार कार्ड बने हैं। आयुष्मान चिरायु योजना के चार लाख 84 हजार कार्ड बने हैं।आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत बुजुर्गों के 11 हजार 521 कार्ड बने हैं। कैशलेस योजना के तहत पेंशनर्स व सरकारी कर्मियों के 4374 आयुष्मान कार्ड बने हैं। आयुष्मान योजना के 44 हजार 419 पात्रों ने सरकारी अस्पतालों से 10 करोड़ 42 लाख रुपये का इलाज लिया है। निजी अस्पतालों में 74 हजार 456 कार्ड धारकों ने 113 करोड़ रुपये का इलाज लिया है। इन बीमारियों के पात्रों को केवल सरकारी में इलाज सरकार की ओर से आयुष्मान लाभार्थी मरीजों के घुटने, कूल्हा, कान का पर्दा, हार्निया, अपेंडिक्स, गले का लग जाना, टान्सिल, सांस, उल्टी दस्त, मोतियाबिंद, बवासीर, अंडकोष में पानी व यूरिनल के इलाज व आपरेशन की सुविधा केवल सरकारी अस्पतालों में की है। इन बीमारियों के पात्रों का इलाज निजी में नहीं होगा। इसके लिए गत वर्ष सरकार की ओर से सर्जिकल कैंप भी लगाए गए। जिसमें पात् मरीजों के आपरेशन किए गए। आयुष्मान योजना के डिस्ट्रिक इनफोर्मेशन मैनेजर संदीप शर्मा ने बताया कि आयुष्मान योजना से लोगों को नि:श्शुल्क इलाज का लाभ मिल रहा है। सरकारी अस्पतालों में मरीज बढ़े हैं। आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए सर्जिकल कैंप लगाकर आपरेशन किए गए। इस समय जिले में सरकारी व निजी सहित 54 अस्पताल पैनल पर हैं। पात्रता के दायरे में आने वाले सभी पात्रों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। पात्र लोग मोबाइल एप के जरिए कार्ड खुद भी बना सकते हैं और अपनी पात्रता का पता कर सकते हैं। इसके साथ ही कैशलेस योजना में आने वाले सरकारी कर्मचारियों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्हें विभाग से रिकार्ड लेकर आना होगा।

Haryana Assembly Row: भूपेंद्र सिंह हुड्डा को ‘समानांतर सदन’ पर कारण बताओ नोटिस, स्पीकर हरविंदर कल्याण सख्त

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र को असंवैधानिक करार देने तथा विधानसभा परिसर में समानांतर सदन चलाने की विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कार्यवाही को स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने विपक्ष के नेता को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। स्पीकर ने विपक्ष के नेता से पूछा कि उन्होंने किस आधार पर विधानसभा के विशेष सत्र को असंवैधानिक बताया और किस अधिकार अथवा नियम के तहत विधानसभा परिसर में विधायकों को इकट्टा करते हुए समानांतर सदन की कार्यवाही का संचालन किया। हरियाणा विधानसभा के स्पीकर की ओर से ऐसी कड़ी कार्रवाई पहली बार की गई है। हालांकि पूर्व में भी विपक्ष द्वारा विधानसभा परिसर के बाहर समानांतर सदन चलाए जाते रहे हैं, लेकिन यह पहला मौका था, जब विधानसभा परिसर के भीतर कांग्रेस विधायकों ने समानांतर सदन चलाया, जिस पर स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने कड़ा रुख अपनाया है। भूपेंद्र हुड्डा ने विधानसभा विशेष सत्र को बताया असंवैधानिक ऐसा इसलिए किया गया है, क्योंकि कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार द्वारा बुलाए गए विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र को असंवैधानिक करार देते हुए उसके बहिष्कार की घोषणा कर दी थी और विधानसभा परिसर में समानांतर सदन चलाया था। हरविन्द्र कल्याण ने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ-साथ हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव से भी इस विषय पर टिप्पणी मांगी है। मुख्य सचिव से टिप्पणी मांगने के पीछे स्पीकर की सोच यह हो सकती है कि बुलाया गया सत्र पूरी तरह से संवैधानिक था। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधायकों को विधानसभा परिसर में समानांतर सत्र के लिए इकट्ठा करने का कृत्य न केवल संसदीय परंपराओं के विपरीत है, बल्कि विधानसभा की गरिमा और स्थापित प्रक्रियाओं व नियमों पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से पूछा है कि उन्होंने किन नियमों व संसदीय प्रथाओं के तहत इस प्रकार की अवांछित गतिविधि की है। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से लिखे पत्र में यह भी पूछा गया है कि 27 अप्रैल को आयोजित हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र व उसकी कार्यवाही को उनके द्वारा किस संवैधानिक या प्रक्रियात्मक आधार पर असंवैधानिक करार दिया गया। क्या बोले स्पीकर हरविन्द्र कल्याण? इसके अतिरिक्त, सदन में नारी सशक्तीकरण वंदन संशोधन अधिनियम के समर्थन में प्रस्तुत सरकारी प्रस्ताव को ‘असंवैधानिक’ बताने के पीछे क्या ठोस आधार हैं। कल्याण ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही संविधान, नियमों और स्थापित संसदीय परंपराओं के अनुरूप संचालित होती है और किसी भी प्रकार की समानांतर या भ्रामक गतिविधि लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा इनके सदस्यों की गरिमा व प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से अपेक्षा जताई है कि वे इस विषय पर शीघ्र और स्पष्ट जवाब देकर स्थिति को स्पष्ट करेंगे, ताकि लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संसदीय परंपराओं की गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।

Electric Vehicle को बढ़ावा: हरियाणा के नए आवासों में चार्जिंग सुविधा होगी जरूरी

चंडीगढ़. भविष्य में हरियाणा के बड़े शहरों में विकसित होने वाले शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के रखरखाव व चार्जिंग की व्यवस्था करने पर विशेष फोकस होगा। राज्य में आवासीय तथा गैर आवासीय क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जर के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना अनिवार्य किया जाने वाला है। प्रदेश सरकार इसके लिए हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 में बदलाव करेगी। हरियाणा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट ने एक नोटिस जारी कर आम नागरिकों से दावे तथा आपत्तियां मांगी हैं। प्रस्तावित संशोधनों को सरकार से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब इन्हें 30 दिनों के लिए यानी 26 मई तक सार्वजनिक डोमेन में रखा जा रहा है, ताकि संबंधित पक्षों और नागरिकों से इन पर आपत्तियां और सुझाव प्राप्त किए जा सकें। संशोधित नियमों के तहत, सभी नई और मरम्मत की गई गैर-रिहायशी इमारतों जैसे शापिंग कांप्लेक्स, माल, होटल और आफिस स्पेस, जहां कम से कम 10 कारों की पार्किंग की व्यवस्था है, वहां हर तीन पार्किंग स्लाट के लिए कम से कम एक ईवी चार्जिंग स्पाट उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इमारतों को 100 फीसदी ईवी तैयार बनाया जाए इसके अलावा, ऐसी इमारतों को 100 प्रतिशत ईवी-तैयार बनाया जाना चाहिए, जिसके लिए चार्जिंग प्वाइंट तक जाने वाली तारों के लिए पाइप पहले से ही लगाई गई होगी। इसी तरह रिहायशी कांप्लेक्स, जिनमें सहकारी आवास समितियां, ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट और आरडब्ल्यूए द्वारा प्रबंधित रिहायशी ब्लाक शामिल हैं और जहां 10 या उससे अधिक कारों की पार्किंग की जगह है, उन्हें हर पांच पार्किंग स्लाट के लिए एक ईवी चार्जिंग स्पाट उपलब्ध कराना होगा। उन्हें पूरी तरह से ईवी-तैयार इन्फ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध कराना होगा। संशोधन में यह स्पष्ट किया गया है कि ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को फ्लोर एरिया रेश्यो गणना से छूट दी जाएगी। इस फैसले से डेवलपर्स और आवास समितियों को नये नियमों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें अतिरिक्त निर्मित क्षेत्र (बिल्ट-अप-एरिया) से जुड़ी पाबंदियों से मुक्ति मिलेगी। स्पॉट को बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोपर पर भी लगाया जा सके ड्राफ्ट के अनुसार चार्जिंग स्पॉट को बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोर पर भी लगाया जा सकता है, बशर्ते वे निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करते होंगे। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक अमित खत्री ने लोगों और संबंधित पक्षों से ईमेल के माध्यम से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। ये सुझाव और आपत्तियां संशोधनों की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से पहले प्राप्त की जाएंगी।

School Bomb Threat in Gurugram: बड़े स्कूल निशाने पर, पुलिस अलर्ट मोड में

गुरुग्राम. गुरुग्राम के निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर शहर के कई बड़े निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ई-मेल भेजी गई। सुबह स्कूल खुलने पर जब यह ई-मेल मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। साथ ही बच्चों की छुट्टी कर दी गई। गुरुग्राम पुलिस, डाग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने अभियान चलाया। हालांकि, कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। पुलिस के अनुसार श्री राम, एमिटी व दी एचडीएफसी स्कूल की ओर कंट्रोल रूम में ई-मेल मिलने की सूचना दी गई थी। यह मेल देर रात सभी स्कूलों को भेजी गई। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बम निराेधक दस्ता व डाग स्क्वायड की टीम ने पूरे कैंपस, क्लासरूम, लाइब्रेरी और अन्य जगहों पर तलाशी ली। सुबह 10 बजे ही सभी बच्चों के अभिभावकों को मैसेज कर जल्दी छुट्टी होने की जानकारी दी गई। इस पर परिवारवाले बच्चों को लेकर घर चले गए। साथ ही कई बच्चों को स्कूल वाहनों से घर छोड़ा जा रहा है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि किसी ने भय फैलाने के लिए इस तरह की मेल भेजी। धमकी भरे ई-मेल की जांच की जा रही है। बीते दो महीनों में कई बार धमकी भरे ई-मेल भेजे गए पिछले कुछ महीनों में गुरुग्राम समेत एनसीआर के बड़ी संख्या में निजी स्कूलों को इसी तरह के बम से उड़ाने के धमकी भरे ई-मेल भेजे जा चुके हैं। हालांकि, बाद में सभी फर्जी साबित हुए। करीब दो महीने पहले स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजने के मामले में एक आरोपित बांग्लादेशी मूल के सौरभ विश्वास को अहमदाबाद से पकड़ा भी गया था।हालांकि, एक बार फिर से धमकी आने पर स्कूल प्रबंधनों और पुलिस के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।