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रामचंद्र छत्रपति मर्डर केस में गुरमीत राम रहीम को राहत, हाईकोर्ट ने दी बरी

चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम सिंह को बरी कर दिया। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और जस्टिस विक्रम अग्रवाल की पीठ ने शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा 2019 में दी गई आजीवन कारावास की सजा के फैसले को पलट दिया। दरअसल, रामचंद्र छत्रपति मामले में 11 जनवरी 2019 को डेरा प्रमुख को दोषी करार दिया था और 17 जनवरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। डेरा प्रमुख और अन्य सह आरोपियों ने स्पेशल सीबीआई कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट का यह निर्णय प्रस्तुत साक्ष्यों की विस्तृत जांच के कुछ सप्ताह बाद आया है। हालांकि, बेंच ने मामले में दो अन्य आरोपियों द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया और उनके खिलाफ दिए गए फैसले को बरकरार रखा। इस मामले की जांच उन गोलियों को लेकर उठे विवाद के कारण शुरू हुई, जिनका कथित तौर पर अपराध को अंजाम देने में इस्तेमाल किया गया था। अदालत द्वारा रिकॉर्ड में दर्ज सामग्री की समीक्षा के दौरान ये गोलियां एक अहम मुद्दा बन गईं। हालांकि हत्या के मामले में बरी होने के बावजूद राम रहीम जेल में ही रहेंगे क्योंकि वे वर्तमान में बलात्कार मामले में सजा काट रहे हैं। 2019 में विशेष अदालत ने पत्रकार छत्रपति की हत्या के मामले में राम रहीम और तीन अन्य को दोषी ठहराया था। फैसला सुनाए जाने से 16 साल से भी अधिक समय पहले यह हत्या घटी थी। अपराध और दोषसिद्धि के बीच लंबे अंतराल के कारण इसने व्यापक ध्यान आकर्षित किया था। राम रहीम 2017 में बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से भी सुर्खियों में रहे हैं। इस दौरान वह कई बार पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर आया, जिस पर काफी हो हल्ला भी हुआ। अधिकांश रिहाई के दौरान वह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित डेरा सच्चा सौदा के आश्रम में रहा। सिरसा में मुख्यालय वाले डेरा सच्चा सौदा संगठन के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य क्षेत्रों सहित कई उत्तरी राज्यों में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं।

हरियाणा में फिर शुरू होगी रोडवेज बसों की ऑनलाइन बुकिंग

करनाल. प्रदेश में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हरियाणा रोडवेज की बसों में एक बार फिर ऑनलाइन सीट बुकिंग की सुविधा शुरू की जाएगी। करीब पांच साल पहले बंद हुई यह व्यवस्था अब दोबारा लागू करने की तैयारी चल रही है। इसके लागू होने के बाद यात्री घर बैठे ही अपनी मनपसंद सीट का चयन कर सकेंगे और बसों में सफर करना पहले से ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा। यह सुविधा मुख्य रूप से लंबे रूटों पर चलने वाली रोडवेज बसों के लिए शुरू की जाएगी। यात्री विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी यात्रा की तारीख, रूट और सीट नंबर का चयन कर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। इससे बस अड्डों पर लगने वाली लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी और यात्रियों को पहले से यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी। यह सुविधा कोरोना से पहले रोडवेज बसों में ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से इसे बंद कर दिया था। अब विभाग द्वारा इसे फिर से शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अगर करनाल डिपो की बात करें तो यहां वर्तमान में करीब 139 रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं, जिनमें से 50 के करीब बसें प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों के विभिन्न रूटों पर सेवाएं दे रही हैं। ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने से इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यदि किसी कारणवश बुक की बस अपने निर्धारित रूट पर नहीं जा पाती है तो रोडवेज विभाग यात्रियों को करीब पांच घंटे पहले ही इसकी सूचना संबंधित वेबसाइट पर दे देगा, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यहां चलाई थी डेमो के लिए बुकिंग प्रक्रिया हरियाणा रोडवेज की ओर से ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा प्रदेशभर में चलाने के लिए चंडीगढ़ व यमुनानगर डिपो पर डेमो के लिए चलाई गई थी, जोकि यहां पर सफल रही है, अब यह प्रदेशभर में चलने की तैयारी है। लंबे रूट पर चलने वाली बसों का समय स्थान- पहली बार चलने का समय जम्मू के लिए 7 बजे सुबह बैजनाथ के लिए 5 बजे शाम को शिमला के लिए 5 बजकर 40 पर सुबह को चंडीगढ़ के लिए 5 बजकर 20 मिनट सुबह, 10 बजकर 20 मिनट सुबह, 6 बजकर 40 मिनट शाम, सिरसा के लिए 5 बजकर 10 मिनट पर सुबह हरिद्वार के लिए 6 बजकर 20 मिनट पर सुबह दिल्ली के लिए 5 बजकर 20 मिनट पर सुबह। यमुनानगर के लिए 6 बजे सुबह हिसार के लिए 5 बजकर 20 मिनट सुबह। ऑनलाइन प्रक्रिया नियमानुसार होगी शुरू रोडवेज करनाल के जीएम कुलदीप सिंह ने बताया कि कोरोना से पहले ऑनलाइन बस बुकिंग की सुविधा थी, लेकिन किन्हीं कारणों से यह बंद हो गई थी। अब जब भी पुन: ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी तो पूरी तैयारियां करके नियमानुसार ही शुरू होंगी।

बादशाह के ‘टटिहरी’ सॉन्ग पर विवाद, हरियाणा महिला आयोग ने तलब कर मांगा स्पष्टीकरण

पंचकुला "गेंदा फूल' और 'वेलवेट फ्लो' के बाद पंजाबी सिंगर बादशाह का नया गाना ‘टटिहरी’ विवादों में घिर चुका है। हरियाणा महिला आयोग ने गायक बादशाह को समन जारी किया है। गाने में लड़कियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा है। इस मामले में हरियाणा महिला आयोग ने गायक बादशाह को समन जारी किया है और विवादित गाने पर स्पष्टीकरण मांगा है। ‘टटिहरी’ सॉन्ग 1 मार्च को रिलीज हुआ था, जिसमें लड़कियों को हरियाणा के लोक संगीत पर सरकारी स्कूल की ड्रेस पहनकर डांस करते हुए देखा गया। गाने में लड़कियां किताबों से भरे बैग को फेंकती दिखती हैं। इसके अलावा, गाने में लड़कियों के लिए कुछ ऐसे अमर्यादित बोल का इस्तेमाल किया गया है, जिनका रिलीज के साथ ही कड़ा विरोध हो रहा है। बादशाह को भेजे नोटिस में हवाला दिया गया है कि हरियाणा की बेटियों को लेकर कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। महिला आयोग ने स्पष्टीकरण देने के लिए सिंगर व रैपर बादशाह को तलब किया है। इससे पहले अखिल भारतीय सहारण खाप ने भी गाने के रिलीज पर आपत्ति जताई थी। खाप की तरफ से हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को गाने के विरोध में पत्र लिखकर अवगत कराया गया था। पत्र में जिक्र किया गया कि गाने में बहुत अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया है, जो समाज के लिए घातक है। गाने में लड़कियों के लिए जिन शब्दों का इस्तेमाल हुआ है, वो भी निंदनीय हैं। यह गाना हरियाणा की सांस्कृतिक छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। अखिल भारतीय सहारण खाप के अलावा, रोहतक के वकील राजनारायण पंघाल ने भी गाने को लेकर बाल विकास मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल इस पूरे विवाद पर सिंगर और सिंगर की टीम की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे पहले भी बादशाह के कई गाने विवादों में रहे हैं। उनके गेंदा फूल गाने पर भी लिरिक्स कॉपी और क्रेडिट न देने को लेकर विवाद हुआ था, क्योंकि गाने में तो बंगाली लाइनों का इस्तेमाल हुआ थ और वे बंगाली सिंगर के गाने से ली गई थीं।

हरियाणा: बीजेपी नेता के बेटे एकांश ढुल बने यूपीएससी के थर्ड टॉपर, पिछली बार मिला था 295वां रैंक

चंडीगढ़  यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएसई) की तरफ से सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया है. हरियाणा के भाजपा नेता के बेटे एकांश ढुल का देश भर में तीसरा रैंक हासिल किया है।जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता कृष्ण ढुल के बेटे एकांश ढुल पहले भी दो बार यूपीएससी में चयनित हो चुके हैं और लगातार उन्होंने तीसरी बार चयन हुआ है। पंचकूला के सेक्टर-12 के रहने वाले भाजपा नेता कृष्ण ढुल के बेटे एकांश ने पिछली बार 2025 में यूपीएएसपी एग्जाम में 295वीं रैंक हासिल की है. वहीं, 2024 में एकांश ने 342वीं रैंक हासिल किया था. हालांकि, अब उन्होंने लंबी छलांग लगाते हुए अब तीसरा रैंक हासिल किया है।  2024 में एकांश ने 342वीं रैंक हासिल किया था. हालांकि, अब उन्होंने लंबी छलांग लगाते हुए अब तीसरा रैंक हासिल किया है। गौर रहे कि एकांश ढुल ने चंडीगढ़ के भवन विद्यालय सेक्टर-27 से 10वीं और सेंट कबीर स्कूल सेक्टर-26 से 12वीं की पढ़ाई की थी और फिर इसके बाद श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स दिल्ली से बीए ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की है और दिल्ली में कोचिंग भी ली थी. वह लगातार यूपीएएसी का एग्जाम दे रहे थे और थर्ड टॉपर बने हैं. उधऱ, सीएम नायब सिंह सैनी ने एकांश ढुल के पिता कृष्ण ढुल को फोन पर बधाई दी. इस दौरान सीएम ने एकांश ढुल की मां से भी फोन पर बात की और कहा कि वह घर आकर बेटे को बधाई दें. एकांश ढुल के पिता कृष्ण ढुल ने सीएम से कहा कि आपके भतीजे ने हरियाणा का नाम रौशन किया है. आपकी सरकार ने बिना खर्ची और पर्ची के बिना नौकरियां मिल रही हैं। कौन हैं एकांश के पिता कृष्ण ढुल गौरतलब है कि कांश के पिता कृष्ण ढुल भाजपा के वरिष्ठ नेता है और माता निर्मल ढुल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सेक्टर-19 पंचकूला में बतौर प्रिंसिपल हैं. कृष्ण ढुल हरियाणा राज्य चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पूर्व जनरल सेक्रेटरी भी रहे हैं और अभी भाजपा प्रवक्ता हैं. इसके अलावा, हरियाणा आर्चरी एसोशिएसन के अध्यक्ष भी हैं।

बजट घटा तो बढ़ेगी मुश्किलें: कुमारी सैलजा ने उठाए सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

चंडीगढ़ सिरसा की सांसद, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार के बजट 2026-27 पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय उसे लगातार कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से स्पष्ट है कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि वर्ष 2013-14 में कांग्रेस सरकार के समय कुल बजट खर्च का 21.77 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार के 2026-27 के बजट में यह घटकर मात्र 10.80 प्रतिशत रह गया है। शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस प्रकार की कटौती यह दर्शाती है कि सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा कहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। हरियाणा के लगभग 90 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल और हेडमास्टर के पद खाली पड़े हैं, जिससे स्कूलों में प्रशासनिक व्यवस्था और शैक्षणिक वातावरण दोनों प्रभावित हो रहे हैं। जब विद्यालयों में नेतृत्व ही नहीं होगा तो विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिल सकेगी। कुमारी सैलजा ने प्रदेश की विश्वविद्यालयों की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में लगभग 50 प्रतिशत टीचिंग पोस्ट खाली हैं, चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी भिवानी में 69 प्रतिशत, चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय सिरसा में लगभग 60 प्रतिशत तथा सीआरएसयू जींद में भी करीब 60 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। इससे साफ है कि प्रदेश की उच्च शिक्षा भी गंभीर संकट से गुजर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की नीति पर काम कर रही है ताकि लोगों का भरोसा सरकारी स्कूलों से खत्म हो जाए और निजी शिक्षा संस्थानों को बढ़ावा मिले। यदि सरकार वास्तव में शिक्षा को लेकर गंभीर होती तो खाली पदों को तुरंत भरती, विद्यालयों के ढांचे को मजबूत करती और शिक्षा के बजट में बढ़ोतरी करती। कुमारी सैलजा ने कहा कि बजट 2026-27 में किसानों के साथ भी अन्याय किया गया है। विशेष रूप से कपास किसानों के बजट में भारी कटौती की गई है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट विकास का रोडमैप नहीं बल्कि जुमलों और भाषणों का पुलिंदा है। शिक्षा, किसान और युवाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। सांसद लेंगी सिरसा में दिशा की बैठक सिरसा की सांसद, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा 6 मार्च को सुबह 10 बजे सिरसा के पंचायत भवन में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करेंगी। इससे पहले वह सुबह 9:30 बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, सिरसा में आमजन से मुलाकात कर लोगों की समस्याएं सुनेंगी। बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी। इसमें जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा समिति के सदस्य उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा कुमारी सैलजा 6 मार्च को दोपहर 3 बजे जींद के डीआरडीए हॉल में आयोजित दिशा की बैठक की अध्यक्षता करेंगी तथा 7 मार्च को सुबह 11 बजे जिला बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कोर्ट परिसर, बार रूम, फतेहाबाद पहुंचेंगी।

स्केटिंग करते 10 हजार किमी की धार्मिक यात्रा पर निकले पुनीत सिंह

समालखा. पंजाब के कपूरथला जिले के गांव सुल्तानपुर लोधी का 19 वर्षीय युवक पुनीत सिंह स्केटिंग करते हुए पूरे देश को नापने के संकल्प के साथ 10 हजार किलोमीटर की धार्मिक यात्रा पर निकला है। करीब दस दिन पहले शुरू हुई इस यात्रा के दौरान लगभग 300 किलोमीटर का सफर तय कर जब वह समालखा पहुंचा तो जीटी रोड स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह गुरुद्वारा साहिब में निफा संस्था की ओर से जोरदार स्वागत किया गया। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए निफा संस्था के प्रधान संदीप शर्मा ने बताया कि पुनीत सिंह इससे पहले भी स्केटिंग करते हुए पांच तख्त साहिब की धार्मिक यात्रा पूरी कर चुके हैं। इस बार वह पहले से भी बड़ी और चुनौतीपूर्ण यात्रा पर निकले हैं, जो पंजाब से शुरू होकर अरुणाचल प्रदेश तक जाएगी और करीब 10 हजार किलोमीटर लंबी होगी। मीडिया से बातचीत में पुनीत सिंह ने बताया कि उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहने का संदेश देना और सिख धर्म के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार करना है। उन्होंने कहा कि देशभर में युवाओं को सकारात्मक राह दिखाने के लिए यह पहल की गई है। इस मौके पर निफा संस्था के सदस्यों ने पुनीत सिंह को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया और शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना की। कार्यक्रम में निफा समालखा के सचिव देवेन्द्र पाल सिंह, राजेंद्र मनचंदा, डॉ. जोगिंदर गाहल्याण, प्रो. अशोक पांचाल, सौरभ मित्तल, सुरेश मित्तल, पंकज मल्होत्रा, भारत भूषण, परमिंदर भगत, गुरुद्वारा प्रबंधक सरदार गोपाल सिंह, निफा महिला विंग कोऑर्डिनेटर मनिंदर कौर, प्रियंका शर्मा, निशा मल्होत्रा, दिलजीत सिंह, सरदार जगतार सिंह बिल्ला व सरदार जिम्मी सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

हरियाणा के पंचायत उप-चुनाव की मतदाता सूची में 9 मार्च तक दर्ज होगी आपत्ति

गुड़गांव. राज्य निर्वाचन आयोग हरियाणा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जिला में पंचायत उप-चुनाव 2026 के तहत मतदाता सूची तैयार की जा रही है। भविष्य में जिला की 11 पंचायतों तथा सोहना पंचायत समिति में एक वार्ड में उप-चुनाव करवाए जाने हैं। मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन 02 मार्च को किया जा चुका है। 09 मार्च तक दावे व आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अजय कुमार ने बताया कि पंचायती राज संस्थानों की वोटर लिस्ट तैयार करने के लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम जारी किया गया है। 19 फरवरी से 28 तक वार्ड अनुसार वोटर लिस्ट का प्रारूप तैयार किया गया। इसके उपरांत 2 मार्च को प्रारूप वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रकाशित वोटर लिस्ट से सम्बंधित दावे और आपत्तियां 9 मार्च तक दर्ज की जाएगी, जिनका निपटारा 12 मार्च तक होगा। अपील दायर करने की अंतिम तारीख 16 मार्च है, और अपील का निपटारा 19 मार्च तक होगा। अंतिम वोटर लिस्ट 27 मार्च को प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी, ताकि पंचायत चुनाव निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। निर्धारित समय तक अगर किसी ने अपनी आपत्ति तथा दावे दर्ज नहीं करवाए तो उसके बाद किसी भी प्रकार की सुनवाई नहीं की जाएगी।

हरियाणा के युवाओं को HSSC देगा मुफ्त यात्रा पास की सुविधा

चंडीगढ़. हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) अब भर्ती परीक्षाओं के दौरान अभ्यर्थियों को मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान करेगा। इसके तहत सभी 23 जिलों और 90 विधानसभा हलकों में आदर्श परीक्षा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे उम्मीदवारों को परीक्षा देने के लिए दूर-दराज के शहरों या सेक्टरों में यात्रा करने की परेशानी कम हो जाएगी। HSSC के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने एक्स हैंडल पर यह जानकारी दी है। 1. हरियाणा देश का पहला जो प्रदेश के 23 जिलों में 90 आदर्श परीक्षा केंद्र बनाएगा। 2. आयोग द्वारा आयोजित सभी परीक्षा में अभ्यर्थियों को एक विशेष पोर्टल के माध्यम से फ्री बस सुविधा प्रदान की जाएगी। https://t.co/hNB1DvzQsI उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से अभ्यर्थी अपनी यात्रा के लिए पंजीकरण कर सकेंगे और उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए फ्री बस सुविधा दी जाएगी। सिर्फ इतना ही नहीं, आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि अभ्यर्थियों को यह सुविधा उनके एडमिट कार्ड पर भी उपलब्ध हो। 

किसानों के लिए खुशखबरी: हरियाणा में रबी फसलों की खरीद शुरू, MSP के अनुसार भुगतान होगा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 की फसलों की खरीद प्रक्रिया घोषित कर दी है। राज्य में मसूर की खरीद 20 मार्च से आरंभ होकर 30 अप्रैल तक होगी, जबकि सरसों की खरीद 28 मार्च से आरंभ होकर एक मई तक संचालित होगी। चने की खरीद एक अप्रैल से आरंभ होगी, जो कि 10 मई तक चलेगी। ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद एक जून से 30 जून तक की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने  चंडीगढ़ में सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा की। बैठक के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025-26 में प्रमुख फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि हुई है। सरसों का उत्पादन लगभग 13.17 लाख टन होने का अनुमान है। सूरजमुखी का उत्पादन 0.70 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि चना और मसूर के उत्पादन में भी सुधार दर्ज किया गया है। ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन 98 टन तक बढ़ने का अनुमान है। मुख्य सचिव ने उच्च उत्पादन अनुमानों पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि समयबद्ध खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को बिना किसी विलंब के लाभकारी मूल्य मिल सके। साथ ही, किसानों में एमएसपी और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए। बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की भी समीक्षा की गई। सरसों के लिए एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये, मसूर के लिए 7,000 रुपये, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। 28 मार्च से होगी सरसों की सरकारी खरीद सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू होगी और 1 मई तक अनाज मंडियों में सरसों को खरीदा जाएगा. चने की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होकर 10 मई तक चलेगी जबकि ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद 1 जून से 30 जून तक चलेगी. चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा बैठक बुलाई थी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि समयबद्ध तरीके से खरीद सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को बिना किसी देरी के MSP का लाभ मिल सके. साथ ही, किसानों में MSP और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए. यह रहेगा न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की भी समीक्षा की गई. सरसों के लिए MSP 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर के लिए 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. पूर्व वर्षों की खरीद की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा ने मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत प्रभावी खरीद सुनिश्चित की है। वर्ष 2024-25 में 8.12 लाख टन से अधिक सरसों की खरीद की गई। वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार की स्वीकृतियों के अनुरूप खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत निर्धारित 25 प्रतिशत खरीद सीमा सहित सभी मानकों का कड़ाई से पालन करें। यदि आवश्यक हो तो किसानों के हित में इस सीमा से अधिक खरीद के लिए भी आवश्यक वित्तीय प्रविधान सुनिश्चित करें।

हरियाणा में 20 मार्च से एमएसपी पर होगी रबी फसलों की खरीद

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 की फसलों की खरीद प्रक्रिया घोषित कर दी है। राज्य में मसूर की खरीद 20 मार्च से आरंभ होकर 30 अप्रैल तक होगी, जबकि सरसों की खरीद 28 मार्च से आरंभ होकर एक मई तक संचालित होगी। चने की खरीद एक अप्रैल से आरंभ होगी, जो कि 10 मई तक चलेगी। ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद एक जून से 30 जून तक की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा की। बैठक के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025-26 में प्रमुख फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि हुई है। सरसों का उत्पादन लगभग 13.17 लाख टन होने का अनुमान है। सूरजमुखी का उत्पादन 0.70 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि चना और मसूर के उत्पादन में भी सुधार दर्ज किया गया है। ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन 98 टन तक बढ़ने का अनुमान है। मुख्य सचिव ने उच्च उत्पादन अनुमानों पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि समयबद्ध खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को बिना किसी विलंब के लाभकारी मूल्य मिल सके। साथ ही, किसानों में एमएसपी और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए। बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की भी समीक्षा की गई। सरसों के लिए एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये, मसूर के लिए 7,000 रुपये, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।