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शिक्षक पति के OYO में गर्लफ्रेंड संग समय बिताने पर पत्नी ने किया सामना, मामला सामने आया

झज्जर  शहर के देशवाल काम्प्लेक्स स्थित एक निजी होटल में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला ने अपने सरकारी शिक्षक पति को उसकी महिला मित्र के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। पत्नी ने मौके पर ही पुलिस को बुला लिया, जिसके बाद टीम दोनों को अपने साथ में थाने ले गई। हालांकि, इस पूरे नाटकीय घटनाक्रम पर पुलिस अभी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने से बच रही है। मूल रूप से रोहतक निवासी पीड़िता ने बताया कि उसे अपने पति पर लंबे समय से शक था। मंगलवार को उसने पति का पीछा किया और उसे झज्जर के एक होटल में दूसरी महिला के साथ देख लिया। सच्चाई सामने आने के बाद पीड़िता ने तुरंत पुलिस को फोन किया। सूचना मिलते ही पुलिस के साथ-साथ गुप्तचर एवं सुरक्षा विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई। मीडिया के सामने आई पीड़िता ने बेहद चौंकाने वाले और संगीन आरोप लगाए हैं। महिला के मुताबिक पति के साथ पकड़ी गई महिला भी एक सरकारी शिक्षिका है। आरोप है कि इन दोनों के संबंधों के कारण ही उक्त महिला के पति ने परेशान होकर सुसाइड कर लिया था। महिला के पति की मौत (साल 2024) के मामले में यह दोनों आरोपित रहे हैं और कुछ समय पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आए हैं। रोते हुए महिला ने बताया, इन संबंधों की वजह से मेरा घर और बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। वह मुझे जान से मारने की धमकी तक दे चुकी है, लेकिन जेल से आने के बाद भी उसने मेरे पति का पीछा नहीं छोड़ा। हालांकि, होटल परिसर के बाहर भी काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। पुलिस दोनों को अपने साथ गाड़ी में बिठाकर ले गई, लेकिन अभी तक मामले में कोई एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं किया गया है।  

अपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ, लेकिन झज्जर में पूर्व सैनिक के पेट में छूटा सामान, अस्पताल प्रबंधन पर मामला

झज्जर  झज्जर जिले के बहादुरगढ़ शहर के एक निजी अस्पताल में एक पूर्व सैनिक के ऑपरेशन के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। मरीज की शिकायत पर थाना शहर बहादुरगढ़ पुलिस ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पेट दर्द के बाद भर्ती हुआ था पूर्व सैनिक गांव बादली निवासी सुरेन्द्र सिंह, जो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हवलदार हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 जनवरी 2026 को पेट दर्द होने पर वे ईसीएचएस डिस्पेंसरी झज्जर गए थे। वहां से उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया, जिसके बाद वे उसी दिन बहादुरगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए। अपेंडिक्स बताकर किया गया ऑपरेशन शिकायत के अनुसार, अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें अपेंडिक्स की समस्या बताकर ऑपरेशन की सलाह दी। 27 जनवरी को उनका ऑपरेशन किया गया और बाद में उन्हें वार्ड के कमरा नंबर 104 में शिफ्ट कर दिया गया। सुरेन्द्र सिंह का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन बार-बार अनुरोध करने के बावजूद डॉक्टर और स्टाफ ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। सीटी स्कैन में सामने आई लापरवाही 10 फरवरी को हालत गंभीर होने पर सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें कथित रूप से ऑपरेशन के दौरान पेट में कोई सामान छूट जाने की बात सामने आई। इसके बाद डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन की आवश्यकता बताई। सुरेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही से उनकी जान को खतरा उत्पन्न हो गया और उन्हें व उनके परिवार को मानसिक आघात पहुंचा। पुलिस ने दर्ज किया मामला पीड़ित ने उपचार से संबंधित बिल और जांच रिपोर्टों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने तथा जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। थाना शहर बहादुरगढ़ में 10 फरवरी 2026 को अभियोग संख्या 34 के तहत धारा 125(ए), 125(बी) एवं 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।  

पूर्व कैथल विधायक का निधन: परिवार के साथ शादी में गए थे नोएडा, हार्ट अटैक से तंग जीवन समाप्त

कैथल हरियाणा की राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए गहरा आघात देने वाली खबर सामने आई है। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह मदान का  देर रात निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे। बताया गया है कि वे नोएडा में एक पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे, जहां रात करीब दो बजे अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके बेटे मानव मदान के अनुसार, उन्हें हार्ट अटैक आया था। परिवार की ओर से जारी शोक संदेश में कहा गया है कि “वे अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर प्रभु के चरणों में लीन हो गए।” उनका अंतिम संस्कार आज बुधवार, 11 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे प्रताप गेट स्थित कल्याण भूमि, कैथल में पूरे सम्मान के साथ संपन्न होगा। परिवार में शोक की लहर मदान अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। शोकाकुल परिवार में पत्नी अनिल मदान, पुत्र मानव मदान, पुत्रवधू रश्मि, दो पोते रेहान और जैतिक तथा बेटियां रितिका और रिया शामिल हैं। परिवार का निवास हाउस नंबर ए-250, सनसिटी, कैथल है। अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही उनके आवास पर समर्थकों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का आना-जाना लगा हुआ है। दो बार विधायक, मंत्री भी रहे सुरेंद्र मदान ने 1987 में लोकदल के टिकट पर कैथल से पहली बार विधायक बनकर राजनीति में प्रवेश किया था। उस समय उन्हें सरकार में लोक संपर्क विभाग एवं उड्डयन मंत्री बनाया गया। बाद में कांग्रेस में शामिल होकर 1991 में दूसरी बार विधायक बने। पंजाबी समाज सहित शहर के व्यापारिक और सामाजिक वर्गों में उनकी मजबूत पकड़ थी। लंबा राजनीतिक सफर करीब चार दशक के राजनीतिक जीवन में उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा से शुरुआत की, फिर लोकदल, कांग्रेस, हरियाणा जनहित कांग्रेस, इनेलो और दोबारा कांग्रेस का दामन थामा। वे बेबाक, जमीनी और लोगों के बीच रहने वाले नेता के रूप में जाने जाते थे। राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे कैथल की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया है। मदान के निधन से क्षेत्र में शोक का माहौल है। समर्थक उन्हें एक सरल स्वभाव, मिलनसार और जनसेवा के लिए समर्पित नेता के रूप में याद कर रहे हैं।

खौफ का नाम: सोमबीर मोटा को अमेरिका से पकड़कर लाया गया, हरियाणा-दिल्ली में अपराध की लहर

गुरुग्राम हरियाणा पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। कई जघन्य अपराधों में वांछित कुख्यात गैंगस्टर सोमबीर उर्फ मोटा को अमेरिका से डिपोर्ट कर मंगलवार देर रात भारत लाया गया। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर उतरते ही हरियाणा STF की टीम ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। 20 से अधिक आपराधिक मामलों में था वांछित रोहतक के कारौर गांव का रहने वाला सोमबीर मोटा हरियाणा और दिल्ली पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और लूट जैसे लगभग 20 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। वह कुख्यात गैंगस्टर अनिल छिप्पी का भाई है और बताया जाता है कि इनके तार लॉरेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी गैंग से भी जुड़े रहे हैं। फर्जी पासपोर्ट का सहारा लेकर हुआ था फरार जांच एजेंसियों के मुताबिक, सोमबीर मोटा साल 2024 में कानून की आंखों में धूल झोंककर और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाकर अमेरिका फरार हो गया था। वह विदेश में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा था। हरियाणा एसटीएफ ने उसके फर्जी पासपोर्ट की पहचान की और इंटरपोल की मदद से उसके खिलाफ 'रेड कॉर्नर नोटिस' जारी करवाया, जिसके बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने उसे दबोच लिया। CBI और इंटरपोल का रहा मुख्य सहयोग सोमबीर को भारत लाने में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और इंटरपोल ने अहम भूमिका निभाई है। भारत सरकार और गृह मंत्रालय के निरंतर प्रयासों के चलते उसे कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद डिपोर्ट किया गया। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि सोमबीर से पूछताछ के बाद प्रदेश में चल रहे अन्य गैंगस्टरों के नेटवर्क और रंगदारी के मामलों में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। इन बड़े अपराधियों को लाया गया भारत हरियाणा के व्यापारियों और आम लोगों के लिए दहशत का नाम बन चुके कई बड़े गैंगस्टर साल 2025 में सलाखों के पीछे पहुँचाए गए। यह मुमकिन हुआ अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों और STF हरियाणा के बीच बेहतरीन तालमेल से। 1. गैंगस्टर जोगिंदर ग्योंग की वापसी (फिलीपींस) फरवरी की शुरुआत में STF को पहली बड़ी कामयाबी मिली। जोगिंदर ग्योंग, जिसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के 38 संगीन मामले दर्ज थे, उसे 02 फरवरी 2025 को फिलीपींस से डिपोर्ट कर भारत लाया गया। 2.आर्मेनिया से दबोचा गया नरेश नरसी मार्च के महीने में कानून के हाथ आर्मेनिया तक पहुँचे। 04 मार्च 2025 को गैंगस्टर नरेश नरसी का डिप्रेशन और भागने का दौर खत्म हुआ, जब उसे वहां से भारत डिपोर्ट कर दिया गया। 3. कजाकिस्तान में कुणाल जून का अंत 27 अप्रैल 2025 को कुणाल जून की बारी थी। हत्या और जबरन वसूली जैसे 19 केसों का सामना कर रहे इस अपराधी को कजाकिस्तान से वापस लाया गया। 4. पैरोल से फरार मैनपाल बादली (कंबोडिया) एक शातिर अपराधी जो पैरोल पर आने के बाद कंबोडिया भाग गया था, उसे भी STF ने नहीं बख्शा। मैनपाल बादली, जिस पर हत्या के 30 मामले थे, उसे 02 सितंबर 2025 को डिपोर्ट किया गया। 5. अमेरिका से लखविंदर लाखा की रवानगी साल के अंत में 25 अक्टूबर 2025 को लखविंदर लाखा को USA से भारत वापस लाया गया। यह संदेश साफ था कि दुनिया का कोई भी कोना अब अपराधियों के लिए सुरक्षित नहीं है।

Air India क्रू सदस्य के साथ दोस्त ने की रेप की कोशिश, पुलिस ने दर्ज किया केस

गुड़गांव  नामी चार सितारा होटल में एयर इंडिया की महिला क्रू सदस्य के साथ उनके ही दोस्त द्वारा बदसलूकी और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर सेक्टर-29 थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, 28 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि वह दिल्ली में एयर इंडिया में केबिन सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है और पति सेना में तैनात है। सात फरवरी को वह अपने दोस्त के साथ किसी आधिकारिक काम के सिलसिले में कार से देहरादून के लिए निकली थी। पीड़िता के अनुसार रास्ते में दोस्त ने 250 किलोमीटर तक गाड़ी गलत दिशा में चलाई, जिसके बाद वे वापस बुलंदशहर पहुंचे।   अत्यधिक थकान होने के कारण पीड़िता ने गुड़गांव में रुकने का फैसला किया और दोस्त के साथ चार सितारा होटल में रुकी। पीड़िता का कहना है कि दोस्त के पास पैसे न होने के कारण उसने इंसानियत के नाते उसे अपने कमरे में रुकने की अनुमति दी थी। आरोप है कि कुछ समय बाद संजीव ने महिला के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की, उसे गलत तरीके से छुआ और उसे निर्वस्त्र करने का प्रयास किया । घटना के बाद पीड़िता ने गुड़गांव पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लीगल एडवाइजर को बुलाकर पीड़िता की काउंसलिंग कराई। काउंसलिंग और प्राथमिक तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस  की धारा 74 और 76 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।  

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू: 9वीं से 12वीं तक बच्चों को प्रतिदिन 200 ग्राम दूध मिलेगा

चंडीगढ़ देसां म्ह देस हरियाणा, जित दूध-दही का खाना यह कहावत हरियाणा की खानपान संस्कृति और पौष्टिकता को दर्शाती है। हरियाणा में पहली बार सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा के प्रति बच्चे को 200 ग्राम दूध सप्ताह में चार दिन मिलेगा। इसके अतिरिक्त एक मिल्कबार या पिन्नी भी शामिल की जाएगी। देश के भविष्य बच्चों के स्वास्थ्य के हितकारी कदम उठाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद यह लाभकारी योजना सरकारी स्कूलों में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू हो जाएगी।  मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के मार्गदर्शन में योजना को अमलीजामा पहनाने का ब्योरा तैयार किया गया है। अब योजना को बच्चों तक पहुंचाने के लिए आखिरी मंजूरी सीएम नायब सिंह सैनी ने दे दी है। मिड-डे-मील के तहत सरकारी स्कूलों में पोषण पदार्थ बच्चों को देने की व्यवस्था आठवीं कक्षा तक लागू है। 6.20 लाख बच्चों को मिलेगा लाभ प्रदेशभर में तकरीबन 14,300 सरकारी स्कूल संचालित है। वर्तमान में 9वीं से 12वीं कक्षा तक तकरीबन 6.20 लाख विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में इस योजना का लाभ सभी बच्चों को मिलेगा। हालांकि, आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों की संख्या में कमी या वृद्धि होने के मद्देनजर योजना को लागू करने की तैयारी की गई है। 35 से 40 करोड़ रुपये की सालाना लागत शिक्षा विभाग के अनुसार इस योजना को लागू करने के लिए पैक्ड दूध की खरीद की जाएगी। इसके लिए खाद्य व आपूर्ति विभाग के साथ एमओयू साइन किया जाएगा। ताकि दूध की आपूर्ति की जिम्मेदारी विभाग की ओर से निर्धारित की जा सके। साथ ही स्कूल स्तर पर सप्ताह में चार दिन तक बच्चों को दूध के वितरण की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से तय की जाएगी। बढ़ती उम्र में दूध के अनेक फायदे सप्ताह में चार दिन तक किसी बच्चे को 200 ग्राम (लगभग एक गिलास) दूध देने से कई महत्वपूर्ण फायदे मिल सकते हैं, खासकर बढ़ती उम्र में यह और भी आवश्यक है। यदि किसी बच्चे को दूध से एलर्जी या पाचन समस्या हो तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। दूध में कैल्शियम और विटामिन डी होता है जो हड्डियों की मजबूती और सही लंबाई बढ़ाने में मदद करता है। प्रोटीन, विटामिन-बी और अच्छे फैट्स बच्चों की याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक विकास में सहायक होते हैं। दूध से मिलने वाला प्रोटीन मांसपेशियों के विकास और रोजमर्रा की ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। वहीं, दूध में मौजूद पोषक तत्व बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाते हैं जिससे वे जल्द बीमार नहीं पड़ते और नियमित दूध से जरूरी पोषण मिलता है जिससे कमजोरी व पोषण की कमी कम होती है। -डॉ. सनी मेहता, जीएमएसएच-16, चंडीगढ़।

दिल्ली-अंबाला रेल मार्ग में सुधार: Indian Railways के सिग्नल सिस्टम के लिए 421.41 करोड़ का बजट मंजूर

अंबाला  रेलवे ने अपने नेटवर्क को हाई-टेक बनाने और रेल हादसों पर लगाम लगाने की दिशा में पहल करते हुए रेल मंत्रालय ने उत्तर रेलवे के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत दिल्ली और अंबाला रेल मंडल के व्यस्त रूटों पर सिग्नलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा। मंत्रालय ने इसके लिए 421.41 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है।  रेलवे के उच्च घनत्व (एचडीएन) और अत्यधिक उपयोग वाले नेटवर्क (एचयूएन) पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की सुविधा दी जाएगी। खास बात यह है कि यह अपग्रेड उन स्टेशनों पर किया जा रहा है जहां स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच पहले से ही स्वीकृत है। दिल्ली रेल मंडल के अधीन हाई डेंसिटी रूट के 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए 292.24 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसी प्रकार अंबाला रेल मंडल के अधीन 13 स्टेशनों को इस आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। इस पर 129.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पिंक बुक से मिली रफ्तार ये सभी कार्य उत्तर रेलवे के लिए निर्धारित 1,547 करोड़ रुपये के व्यापक प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं, जिसे वर्ष 2024-25 के पिंक बुक (कार्य, मशीनरी और रोलिंग स्टॉक कार्यक्रम) में शामिल किया गया था। अंबाला रेल मंडल के प्रबंधक विनोद भाटिया ने बताया कि पारंपरिक मैकेनिकल इंटरलॉकिंग की जगह अब कंप्यूटर आधारित इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लेगा। इससे सिग्नल और पॉइंट को डिजिटल तरीके से नियंत्रित किया जाएगा, इससे मानवीय गलती की संभावना शून्य हो जाएगी। कवच और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से न केवल सफर सुरक्षित होगा, बल्कि व्यस्त रूटों पर ट्रेनों की रफ्तार और संख्या भी बढ़ाई जा सकेगी। इस बदलाव से ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित होने के साथ-साथ समयबद्धता में भी सुधार होगा, इससे यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।  

4 साल की अमायरा की जान बचाई डॉक्टरों ने, आंत में फंसी 3 सेंटीमीटर लंबी कील को निकाला

पानीपत  पानीपत की 4 साल की नन्हीं अमायरा को क्या पता था कि खेल-खेल में निगली गई लोहे की कील उसके लिए जानलेवा साबित होगी। 3 सेंटीमीटर लंबी यह नुकीली कील बच्ची के पेट से होते हुए आंतों के एक बेहद संवेदनशील हिस्से में जा फंसी। दर्द इतना भयावह था कि बच्ची ने खाना-पीना छोड़ दिया और वह सिर्फ तड़प रही थी। घबराए माता-पिता बच्ची को लेकर एक के बाद एक तीन अस्पतालों में पहुंचे, लेकिन हर जगह से उन्हें निराशा हाथ लगी। डॉक्टरों ने कील की लोकेशन और बच्ची की मासूम उम्र को देखते हुए रिस्क लेने से मना कर दिया।  कील जरा सी भी खिसकती तो आंत पंक्चर हो सकती थी, जिससे संक्रमण पूरी बॉडी में फैल जाता और स्थिति जानलेवा हो सकती थी। तभी परिवार उम्मीद की आखिरी किरण लेकर पानीपत के एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचा। यहाँ वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. माधव और उनकी टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। बिना सर्जरी के निकाली कील एक्स-रे की जटिल रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टरों ने बिना सर्जरी किए ही इस कील को बाहर निकालने का साहसिक फैसला लिया। डॉक्टरों ने बताया कि अगर कील आंत को चीर देती तो इन्फेक्शन यानी पेरिटोनिटिस का खतरा था। लेकिन विशेषज्ञ टीम ने अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया और बिना किसी चीर-फाड़ के, सफलतापूर्वक उस लोहे की कील को बाहर निकाल लिया। कील निकलते ही न सिर्फ बच्ची को दर्द से राहत मिली, बल्कि उसके माता-पिता के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई।  डॉक्टरों की अभिभावकों को चेतावनी जानकारी के अनुसार डॉक्टरों ने इस घटना के माध्यम से सभी अभिभावकों को चेतावनी दी है कि बच्चों के आसपास छोटी और नुकीली चीजें न रखें। फिलहाल अमायरा अब खतरे से बाहर है और खेल-कूद रही है। डॉक्टरों की इस तत्परता और विशेषज्ञता ने पानीपत में एक जांबाज मेडिकल रेस्क्यू की कहानी लिख दी है।

झज्जर में ग्रैंड वेलकम: U-19 वर्ल्ड कप में जीत दिलाने पर कनिष्क चौहान पहुंचे घर

झज्जर   झज्जर जिले के गांव कुलाना में अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन कर लौटे युवा क्रिकेटर कनिष्क चौहान का  ग्रामीणों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। गांव में इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, खेल प्रेमियों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और लोगों ने ढोल-नगाड़ों व फूल-मालाओं के साथ कनिष्क का जोरदार स्वागत किया।  गांव पहुंचने पर सबसे पहले कनिष्क चौहान ने गांव के मंदिर में माथा टेककर भगवान का आशीर्वाद लिया। इसके बाद आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कनिष्क की मां सरिता चौहान ने तिरंगे के रंग की साड़ी पहनकर बेटे का स्वागत किया,जो देशभक्ति और गर्व का प्रतीक बना।  वहीं कनिष्क के पिता प्रदीप चौहान ने समारोह में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने जो सफलता हासिल की है,वह पूरे गांव और जिले के लिए गर्व की बात है। उन्हें पूरा विश्वास है कि कनिष्क भविष्य में भी इसी तरह मेहनत कर गांव, जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेगा और एक दिन सीनियर टीम इंडिया में भी खेलेगा। कनिष्क की दादी कमलेश देवी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि पोते ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और गांव व आसपास के क्षेत्र के लोगों को उसे आशीर्वाद देते देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। दादी ने कनिष्क को सोने की चेन और अंगूठी भेंट कर सम्मानित किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  समारोह में पहुंचे कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने भी कनिष्क की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि कनिष्क चौहान ने अपने शानदार खेल से देश, प्रदेश और पूरे विश्व में गांव कुलाना और झज्जर जिले का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में कनिष्क सीनियर टीम इंडिया में खेलते हुए देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

यमुनानगर में किसान सड़क खराब होने से भड़के, स्टेट हाईवे जाम और सरकार के खिलाफ नारेबाजी

यमुनानगर  यमुनानगर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे से लेकर दामला तक टूटी सड़क को लेकर भारतीय किसान यूनियन (रतनमान) के बैनर तले किसानों ने आज जाम लगा दिया। किसानों का जाम करीब 30 मिनट से लगा हुआ है। किसान सड़क पर बैठे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।  इस दौरान किसानों से बात करने के लिए एसडीएम जगाधरी विश्वनाथ व रादौर डीएसपी आशीष चौधरी बात करने के लिए मौके पर पहुंचे। लेकिन किसान उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। अधिकारी सड़क की अस्थायी मरम्मत करने का आश्वासन देने में लगे हैं। जाम लगने से यमुनानगर-कुरुक्षेत्र मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। फिलहाल जाम खोलने को लेकर किसानों व अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है। भाकियू के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि दामला से लेकर यमुनानगर जाते हुए पंचकूल हाईवे तक करीब एक किलोमीटर तक सड़क की हालत बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है। सड़क पर इतने बड़े गड्ढे हैं कि उनसे निकलना मुश्किल हो गया है। बारिश होने पर गड्ढों में पानी भरने से परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है। रोजाना गड्ढों की वजह से कोई न कोई चोटिल हो रहा है। सड़क को ठीक करने के लिए किसानों नेताओं ने बहुत पहले अधिकारियों को सड़क को ठीक करने का निवेदन किया था। परंतु हर बार अधिकारी अनदेखी करते रहे। जिस पर किसानों ने गत सप्ताह चेतावनी दी थी कि यदि सड़क ठीक नहीं हुई तो वह जाम लगाएंगे। इसलिए आज किसानों ने दामला में सड़क पर जाम लगा दिया। जाम के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इससे पहले पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन ने गत वर्ष 15 अगस्त तक वह सड़क को पूरी तरह से ठीक करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मौके पर कुछ नहीं हुआ। मौके पर किसान नेता प्रदीप नगला, दीप राणा नंबरदार, मान सिंह मजाफत, महेंद्र कांबोज, चमरोड़ी, यादविंद्र कांबोज जयपुर, सुभाष शर्मा, सतपाल मानकपुर, जसवीर नंबरदार, स. सुखदेव सिंह, अशोक डांगी, कुलविंद्र सिद्धू, रविंद्रपाल, सुभाष हरतौल समेत अन्य उपस्थित रहे।