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महेंद्रगढ़ जिले में 15 खेलों के खुलेंगे खेलो इंडिया केंद्र

चंडीगढ़. भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने देश भर में 139 अतिरिक्त खेलों इंडिया केंद्रों को मंजूरी दी है। इसके तहत महेंद्रगढ़ जिले में भी विभिन्न 15 खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे। खेल विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि जिले में निम्नलिखित 15 खेल विधाओं में केंद्र स्थापित करने की योजना है। इनमें ताइक्वांडो, वुशु, कराटे, जू-जित्सु, कुराश, रोइंग, कयाकिंग और कैनोइंग, सेलिंग, शूटिंग, साइकिलिंग, जिम्नास्टिक, सेपकटकरा, इक्वेस्ट्रियन (घुड़सवारी), स्क्वैश और गोल्फ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रों की स्थापना के लिए उन संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास खेल के लिए पर्याप्त मैदान और आधुनिक ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हो।

अंबाला में भ्रूण लिंग जांच गिरोह चला रहे अस्पताल के दो स्टाफ गिरफ्तार

अंबाला. कुरुक्षेत्र और अंबाला स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में दो आरोपी मोहित और रोहित गिरफ्तार हुए हैं, जबकि खुराना अस्पताल की स्टाफ नर्स नैना फरार है। पकड़ा गया मोहित छावनी के गार्जियन अस्पताल में कर्मी है। इस तरह दो निजी अस्पतालों का स्टाफ मिलकर भ्रूण लिंग जांच करवा रहा था। समाचार लिखे जाने तक स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्रवाई में जुटी थी। शहर थाने में केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी। पकड़े गए आरोपी मोहित से 39 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जोकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गर्भवती महिला को आरोपितों को देने के लिए दिए थे। आरोपित रोहित नैना और मोहित के कहने पर शहर के मदान अल्ट्रासाउंड केंद्र में महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग की जांच करवाने गया था। कुरुक्षेत्र टीम को मिली थी सूचना जानकारी के अनुसार, कुरुक्षेत्र स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि अंबाला में भ्रूण लिंग जांच हो रही है। सूचना पर कुरुक्षेत्र सीएमओ के आदेशों पर पीएनडीटी टीम एक गर्भवती महिला को भ्रूण लिंग जांच करवाने के लिए तैयार किया। महिला ने नैना से संपर्क साधा। नैना और मोहित ने 75 हजार रुपये में सौदा तय किया। कुरुक्षेत्र टीम से नोडल अधिकारी डॉ. गौरव व राजीव और मनोज अपनी गाड़ी में कुरुक्षेत्र से वीरवार सुबह 10 बजे अंबाला के लिए रवाना हुए। अंबाला पहुंचने पर कुरुक्षेत्र टीम ने अंबाला स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना दी। अंबाला से पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश कंडारा और डाक्टर ऋषिपाल ने टीम का साथ दिया और संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोच लिया। गीता गोपाल चौक पर मिले आरोपी डिकाय महिला को अंबाला छावनी के गीता गोपाल चौक पर बुलाया गया। यहां से आरोपित उसे अंबाला शहर के जगाधरी गेट पर ले गए। जहां रोहित की ड्यूटी लगाई गई गर्भ में पल रहे भ्रूण की लिंग जांच के लिए अल्ट्रासाउंड करवाने की। रोहित महिला को मदान अल्ट्रासाउंड केंद्र पर ले गया। वहां महिला का अल्ट्रासाउंड करवाया गया। यहां से निकलते हुए टीम ने रोहित को पकड़ लिया। इसके बाद मोहित को रोहित के जरिए पकड़ लिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मदान अल्ट्रासाउंड केंद्र की जांच की तो महिला का अल्ट्रासाउंड नियमानुसार होना पाया गया। सभी दस्तावेज भी संलग्न किए गए थे। इसीलिए अल्ट्रासाउंड केंद्र पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस में केस दर्ज करवाया है – कुरुक्षेत्र और अंबाला स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपितों को पीएनडीटी एक्ट के तहत गिरफ्तार करवाया गया है। आरोपी मोहित गार्जियन अस्पताल में काम करता है जबकि फरार नैना खुराना नर्सिंग होम में स्टाफ नर्स है। आरोपित रोहित की ड्यूटी अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए आरोपितों ने लगाई थी। मोहित से 39 हजार रुपये कैश बरामद किए गए हैं। शहर थाना पुलिस में केस दर्ज करवा दिया गया है। – डॉ. मुकेश कंडारा, पीएनडीटी नोडल अधिकारी, अंबाला

नायब सरकार का बड़ा फैसला: 13 कैटेगरी की पेंशन बढ़ी, दो दिन में जारी होगी बढ़ी हुई रकम

चण्डीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट सत्र के पहले राज्य के पेंशन धारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने 13 श्रेणियों की पेंशनों में 200 रुपए की बढ़ोतरी की है। अब प्रदेश के करीब 30 लाखों पेंशनरों को 3200 से लेकर 14000 रुपए तक की हर महीने पेंशन मिलेगी।   हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट सत्र के पहले राज्य के पेंशनधारियों को तोहफा दिया है। राज्य सरकार ने 13 श्रेणियों की पेंशनों में 200 रुपए की बढ़ोतरी की है। अब प्रदेश के करीब 30 लाखों पेंशनरों को 3200 से लेकर 14000 रुपए तक की हर महीने पेंशन मिलेगी। सीएम नायब सैनी के निर्देश पर सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट की ओर से इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। 9 श्रेणियों की पेंशन में 3000 रुपए हर महीने लाभार्थियों को दिए जा रहे थे, लेकिन अब सरकार की ओर से 200 रुपए की बढ़ोतरी के बाद 3200 रुपए महीने दिए जाएंगे। सीएम ने अधिकारियों को ये बढ़ी हुई पेंशन दो दिनों के भीतर जारी करने के निर्देश दिए हैं। एसिड अटैक पीड़ितों को सबसे ज्यादा फ़ायदा हरियाणा में सबसे ज्यादा पेंशन की बढ़ोतरी एसिड अटैक पीड़ितों की हुई है। सरकार इनकी पेंशन विशेष फॉर्मूले के तहत देती है। यह प्रभावित प्रतिशत से तय की जाती है। अब 40 से 50 प्रतिशत प्रभावितों को 8000 रुपए महीने, 50 से 60 प्रतिशत वालों को 11200 रुपए और 60 प्रतिशत से अधिक वालों को 14400 रुपए मिलेंगे। यानी पहले के मुकाबले अब पेंशनरों को 500 से लेकर 900 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है।स्कूल न जाने वाले दिव्यांग बच्चों के लिए वित्तीय सहायता कैटेगरी में भी 200 रुपए की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद अब इस कैटेगरी में 2600 रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले सरकार इस कैटेगरी में 2400 रुपए हर महीने लाभार्थियों को दे रही थी। कश्मीर माइग्रेट परिवारों को अब मिलेंगे 8500 रुपए अनाथ बच्चों को अभी तक सरकार 2100 रुपए से लेकर 4200 रुपए तक दे रही थी, लेकिन बढ़ोतरी के बाद अब सिंगल चाइल्ड को 2300 रुपए और दो बच्चों पर 4600 रुपए सरकार हर महीने पेंशन देगी। कश्मीर माइग्रेट हुए परिवारों को भी पेंशन देती है। इस कैटेगरी में अभी तक सरकार की ओर से एक व्यक्ति के लिए 1500 रुपए महीना, पूरे परिवार के लिए 7500 रुपए महीन पेंशन मिल रही थी, लेकिन अब सरकार के फैसले के बाद एक व्यक्ति को 1700 रुपए और पूरे परिवार को 8500 रुपए पेंशन देगी। किसी की भी पेंशन न रोकी जाए, न ही काटी जाए: सीएम सैनी हरियाणा परिवार पहचान पत्र के स्टेट कोर्डिनेटर सतीश खोला ने बताया कि सीएम नायब सैनी ने कल एक अहम मीटिंग की थी। इस मीटिंग में सीएम सैनी ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि किसी भी पेंशनर की पेंशन न तो रोकी जाएगी और न ही काटी जाएगी। जिस लाभार्थी के कागजों में कोई दिक्कत है तो उसके पास मैसेज भेजे और कागजों को दुरुस्त कराएं, लेकिन पेंशन काटने या होल्ड करने का अधिकार किसी भी अधिकारी को नहीं है। सीएम सैनी ने मीटिंग में ये भी कहा कि दो दिन के भीतर सारा पैसा जारी किया जाए। अब दो दिनों के भीतर ही रूकी हुई पेंशन और काटी गई पेंशन को जारी कर दिया जाएगा।

ट्यूशन गए 10वीं के छात्र की बेरहमी से हत्या

कैथल. कैथल जिले के गुहला-चीका खंड के गांव खरकां में हृदयविदारक घटना में 10वीं कक्षा के छात्र नवराजदीप की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उसका साथी विनीत गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार नवराजदीप ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकला था। रास्ते में रामथली नहर के पास उसकी कुछ छात्रों से कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देखते ही देखते मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के युवकों ने अचानक चाकू निकाल लिए और नवराजदीप व उसके साथी विनीत पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में नवराजदीप को 8 से 10 चाकू के वार किए गए। गंभीर चोटों के कारण वह लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। वहीं विनीत को भी कई चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर है। पुरानी रंजिश की जताई जा रही आशंका  जांच अधिकारी नायब सिंह ने बताया कि मृतक की आरोपियों से पहले भी कहासुनी हो चुकी थी, जिससे पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने 5 नामजद और 12 अन्य के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। परिजनों और ग्रामीणों ने दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा देने की मांग की है। इस दर्दनाक वारदात ने फिर युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति और छोटी-छोटी बातों पर हिंसा की घटनाओं पर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कांस्टेबल भर्ती के फिजिकल टेस्ट का फेक नोटिस वायरल

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस कांस्टेबल के 5500 पदों पर भर्ती को लेकर जरूरी खबर है। भर्ती के पीएमटी और पीएसटी की डेट को लेकर हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन का एक नोटिस वायरल हो रहा है। इस नोटिस में डेट का उल्लेख किया गया है। हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने इस नोटिस को फेक बताया है। उन्होंने इसका खुलासा अपने एक्स हैंडल अकाउंट पर किया है। उन्होंने लिखा है आयोग जल्द ही जारी पीएमटी और पीएसटी की तारीख जारी करेगा। सोशल मीडिया पर पुलिस कांस्टेबल भर्ती के पीएमटी और पीएसटी के तिथि को लेकर एक गलत नोटिस प्रसारित की जा रही है। ध्यान दें कि आयोग द्वारा आधिकारिक रूप से पीएमटी और पीएसटी को लेकर किसी भी तरह की कोई तिथि की घोषणा नहीं की गई है। 

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में चार लाख फर्जी दाखिलों के नहीं मिले सुबूत: CBI

चंडीगढ़. हरियाणा के सरकारी स्कूलों में चार लाख फर्जी दाखिलों के मामले में सीबीआइ को ठोस सुबूत नहीं मिले हैं। 12 हजार 924 स्कूलों के रिकार्ड की जांच में सिर्फ 50 हजार 687 छात्र संदिग्ध मिले। हालांकि जांच के दौरान रिकार्ड में बड़ी गड़बड़ियां मिलीं, लेकिन किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक साजिश के पुख्ता सबूत नहीं मिले। ऐसे में सीबीआइ ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। सीबीआइ की विशेष अदालत ने यह रिपोर्ट फिलहाल स्वीकार नहीं की है। सीबीआइ कोर्ट ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर सामने आई अनियमितताओं के बाद मामले को सीधे बंद नहीं किया जा सकता। कोर्ट पहले पूरी फाइल का अध्ययन करेगी, उसके बाद ही अगला फैसला लिया जाएगा। इस पूरे प्रकरण की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी, जब अतिथि अध्यापकों की याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार ने 22 लाख छात्रों का रिकार्ड पेश किया। जब इनमें से कुछ नामों की जांच की गई तो कई नाम संदिग्ध पाए गए। इसी आधार पर आशंका जताई गई कि स्कूलों में फर्जी दाखिले दिखाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जा रहा है। बाद में मामला सीबीआइ को सौंप दिया गया। इसके बाद सीबीआइ ने राज्य के 12 हजार 924 सरकारी स्कूलों का रिकार्ड खंगाला। प्रवेश रजिस्टर, हाजिरी, मिड-डे मील, छात्रवृत्ति, यूनिफार्म और परीक्षा रिकार्ड तक की जांच की गई। जांच में 50 हजार 687 छात्र संदिग्ध पाए गए। कुछ जिलों में गड़बड़ी का प्रतिशत पांच प्रतिशत था, जबकि कुछ में यह 40 प्रतिशत तक पहुंच गया। कई बच्चों की शत प्रतिशत हाजिरी दर्ज थी, जबकि वे स्कूल छोड़ चुके थे। मामलों में स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट जारी होने के बाद भी नाम रिकार्ड से नहीं हटाया गया। अब सीबीआई अदालत पर निगाहें सीबीआइ की स्पेशल कोर्ट ने फिलहाल क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार नहीं की है। अदालत पूरी जांच रिपोर्ट पढ़ेगी और जरूरत पड़ी तो जांच का दायरा बढ़ाने या दोबारा जांच के आदेश भी दे सकती है। इस तरह मामला अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। अंतिम फैसला अदालत के अध्ययन और सुनवाई के बाद ही सामने आएगा। सात जिलों में मिली अधिक अनियमितताएं मेवात के नूंह, गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर, फतेहाबाद और यमुनानगर समेत सात जिलों में सबसे ज्यादा गड़बड़ी सामने आई। सीबीआइ के मुताबिक रिकार्ड में खामियां हैं, लेकिन जानबूझकर धोखाधड़ी या व्यक्तिगत लाभ के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले। कई एंट्री जिला स्तर पर बदली गईं, लेकिन यह साबित नहीं हो पाया कि किसने और किस मकसद से बदलाव किया। एजेंसी के अनुसार लापरवाही और प्रशासनिक स्तर की गलतियां तो दिखीं, पर आपराधिक मामला बनता नहीं दिखा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के 2019 के आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि स्कूल रिकार्ड से जुड़े प्रशासनिक फैसलों पर सीधे आपराधिक मुकदमा नहीं बनाया जाए।

हिसार में दंगल चैंपियनशिप में देशभर के पहलवान आजमाएंगे दांव-पेंच

हिसार. शहर में 23 फरवरी को देशभर के उभरते पहलवान दंगल चैंपियनशिप में अपने दांव-पेंच दिखाएंगे। उभरते पहलवानों को यह मौका भारतीय खेल प्राधिकरण और इंस्पायर इंस्टीट्यूट आफ स्पोटर्स की तरफ से दिया जा रहा है। दंगल चैंपियनशिप चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के गिरी सेंटर में शहीद मदनलाल ढींगड़ा बहुद्देशीय हाल में किया जाएगा। यह कुश्ती दंगल चैंपियनशिप तीन मैट पर करवाई जाएगी। लड़कों की फ्री स्टाइल और ग्रीको रोमन कुश्ती के मुकाबले होंगे : इंस्पायर इंस्टीट्यूट आफ स्पोटर्स के हाई परफार्मेंस मैनेजर सत्यप्रकाश ने बताया कि पिछले साल साई के साथ मिलकर प्रदेश भर के पहलवानों के लिए दंगल करवाया था। इस बार जो दंगल चैंपियनशिप करवाई जा रही है वह देशभर के उभरते पहलवाने के लिए है। कुश्ती के लिए वजन श्रेणी सीनियर लड़कों में फ्री-स्टाइल में 57 किलोग्राम, 74 किलोग्राम और 74 से अधिक किलोग्राम के कुश्ती खिलाड़ी भाग ले सकते हैं। वहीं ग्रीको रोमन में 60 किलोग्राम, 77 किलोग्राम और 77 किलोग्राम से ऊपर के कुश्ती खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं। लड़कियों में 53 किलोग्राम, 62 किलोग्राम और 62 से अधिक किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा ले सकती है। पहले स्थान पर आने वाले खिलाड़ियों 71 हजार से 11 हजार का इनाम देंगे।

हरियाणा सरकार की बड़ी पहल: सरकारी इमारतों में सौर ऊर्जा, किसानों के लिए बनेगी समर्थन नीति

पंचकूला  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  करीब एक दर्जन सरकारी विभागों के बजट खर्च और जरूरी विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। बिजली विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए सीएम ने अधिकारियों से कहा कि खेती के लिए पंपों को सोलर आधारित करने के कार्य में तेजी लाई जाए। प्रधानमंत्री कुसुम योजना को समय पर लागू किया जाए। राज्य की सभी सरकारी इमारतों पर रूफटाप सोलर सिस्टम लगाने में तेजी लाई जाए। बस स्टैंड, हैफेड गोदाम और दूसरे सरकारी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी रूफटाप सोलर पैनल लगाए जाएं। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि पांच हजार सरकारी इमारतों का सर्वे पूरा कर लिया गया है और रूफटाप सोलर पैनल लगाने का काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खराब हालत वाले बस स्टैंड की पहचान करने और उनकी मरम्मत एवं रखरखाव करने के निर्देश दिए। कनीना, बरवाला, टोहाना और निगदू में बस स्टैंड के कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं, जबकि बादली, नीलोखेड़ी, बहल और दूसरे स्थानों पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एमएमएमई के तहत छोटे उद्योगों को अधिक प्रोत्साहन देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य में दालों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। दालों की खेती करने वाले किसानों को बढ़ावा देने के लिए एक विषेष नीति बनाने के निर्देश दिए। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि खैर के पेड़ों की गैर-कानूनी कटाई के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने अरावली क्षेत्र में कंजर्वेशन की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि विदेश में पढ़ने या काम करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को विदेशी भाषा सिखाने के कार्यक्रम भी चलाए जाएं उन्होंने निर्देश दिये कि ज्यादा से ज्यादा ‘हर हित स्टोर’ सीएम पैक्स खोले जाएं और स्वयं सहायता समूहों को सौंपे जाएं।बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा समेत अधिकारी मौजूद रहे।

हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान: 56 लाख लोगों के खाते में पेंशन, हर महीने एक तय तारीख को मिलेगी राशि

पंचकूला  हरियाणा में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रोत्साहन राशि, सब्सिडी और किसी भी तरह की पेंशन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को भविष्य में कोई परेशानी नहीं होने वाली है।प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समस्त राशि को अब हर माह एक ही तारीख को लाभार्थियों के खातों में डाला जाएगा। महीने की यह तारीख कौन सी होगी, इस बारे में अभी निर्णय लिया जाना बाकी है। प्रदेश सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को अपनी पेंशन, प्रोत्साहन भत्ते और सब्सिडी हासिल करने के लिए कई-कई माह तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 56 लाख 34 हजार लाभार्थियो के खातों में पहुंचे 1431 करोड़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को 18 जन कल्याणकारी योजनाओं के तहत 56 लाख 34 हजार लाभार्थियों के खातों में 1431 करोड़ रुपये की राशि स्थानांतरित की। प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा और सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा भी इस मौके के गवाह बने। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी योजना की चौथी किस्त के तहत 9 लाख 22 हजार 452 महिलाओं के खातों में 193 करोड़ रुपये की राशि डाली। अभी तक चारों किस्तों में यह राशि 634 करोड़ रुपये हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा एक लाख रुपये से कम आय वाली महिलाओं को 2100 रुपये मासिक देने की योजना आरंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत फरवरी माह से 1100 रुपये की राशि खातों में भेजी जाती है और 1000 रुपये की राशि की एफडी कराई जाती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग समेत प्रत्येक तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत 34.14 लाख लाभार्थियों के खातों में 1098 करोड़ रुपये की राशि जारी की। लाडो लक्ष्मी योजना और पेंशन योजना के अंतर्गत 43 लाख 36 हजार 452 लोगों को 1240 करोड़ रुपये की लाभ राशि प्रदान की गई है। हर घर हर गृहिणी गैस सिलेंडर रिफिल योजना के अंतर्गत 12 लाख 62 हजार महिलाओं के खातों में नवंबर व दिसंबर माह के लिए 38 करोड़ 97 लाख रुपये की सब्सिडी राशि भेजी गई है। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर मिलता है। पात्रता से जुड़ी शिकायतें आई हैं मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 36 हजार लाभार्थियों के खातों में 101 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य भर में पेंशन से संबंधित समस्याएं व आय आधारित पात्रता से जुड़ी शिकायतें उनके संज्ञान में आई हैं। इन शिकायतों व अपीलों के समाधान तथा पात्रता के निष्पक्ष निपटान के लिए सभी जिलों के अतिरिक्त उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं। इसके अंतर्गत सभी एडीसी सप्ताह में सोमवार व बृहस्पतिवार को समाधान शिविर लगाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने दोहराया कि किसी भी पात्र व्यक्ति की पेंशन नहीं कटने दी जाएगी। कार्यक्रम का संचालन सीएम के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रेय ने किया। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाया गया मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत अब एक लाख 80 हजार रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाएं भी 2100 रुपये प्राप्त करने की पात्रता में शामिल हो गई हैं। इनमें ऐसी महिलाएं शामिल हैं, जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और जिन्होंने कक्षा 10 या 12 की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। कक्षा एक से चार में ‘निपुण भारत मिशन’ के अंतर्गत कक्षा स्तर की दक्षता हासिल करने वाले बच्चों की माताओं और बच्चों को कुपोषण से सफलतापूर्वक पुनर्वासित करने वाली महिलाओं को भी यह राशि मिलेगी। विपक्षी दलों के आंदोलन से पहले भाजपा ने छीना मुद्दा हरियाणा में विपक्षी राजनीतिक दलों ने पेंशन कटने को बड़ा मुद्दा बनाया हुआ है। इनेलो की ओर से 20 फरवरी को पंचकूला में प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस और जननायक जनता पार्टी के साथ आम आदमी पार्टी भी लगातार बुजुर्गों की पेंशन काटे जाने, परिवार पहचान पत्रों में आय की जांच के नाम पर लोगों को परेशान करने के आरोप लगा रहे हैं। इससे पहले कि राज्य में विपक्षी दल कोई बड़ा आंदोलन खड़ा कर पाएं अथवा विधानसभा के बजट सत्र में इस मुद्दे को उठाएं, भाजपा सरकार ने करीब 56 लाख लोगों के खातों में लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपये की राशि डालकर इस मुद्दे की हवा निकाल दी है।  

क्यों किसानों ने दूरी बनाई? रबी फसल बीमा में पंजीकरण घटा 10 फीसदी

चरखी दादरी  हरियाणा में किसानों का भरोसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से लगातार कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। रबी सीजन 2025-26 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आए ताजा आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के 16 प्रमुख कृषि जिलों में बीमित किसानों की संख्या और बीमित रकबे में औसतन 8 से 10 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। खासतौर पर दक्षिण और पश्चिम हरियाणा के जिलों में यह रुझान ज्यादा स्पष्ट है। कृषि विभाग के संकलित आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में बीमित किसानों की कुल संख्या ही नहीं घटी, बल्कि बीमित क्षेत्रफल भी घटा है। पहले केसीसी धारकों के लिए बीमा अनिवार्य होने के चलते आंकड़े ऊंचे रहते थे, लेकिन योजना के स्वैच्छिक होने के बाद बड़ी संख्या में किसानों ने बैंक जाकर लिखित में बीमा से बाहर होने का विकल्प चुना है। हालांकि कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि 31 जनवरी तक पंजीकरण का समय था। बैंकों द्वारा अंतिम डेटा अपलोड होने के बाद इन आंकड़ों में 1-2 प्रतिशत का सुधार हो सकता है। टाप जिले उठा रहे बीमा का आधे से ज्यादा भार कृषि विभाग की ओर से जो प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है उसमें 16 जिलों के कुल बीमित किसानों में से लगभग 50% किसान सिर्फ चार जिलों सिरसा, भिवानी, हिसार और कैथल से हैं। इसी तरह, कुल बीमित रकबे का 50% से अधिक हिस्सा भी इन्हीं जिलों में केंद्रित है। इससे संकेत मिलता है कि योजना का दायरा पूरे प्रदेश में समान रूप से नहीं फैल पा रहा। नये बने जिले हांसी में भी नहीं बदले समीकरण 23वें जिले हांसी में कुल बीमित किसान 12,480 और बीमित क्षेत्र 38,900 एकड़ ही दर्ज हुआ। यह हिस्सा कुल आंकड़ों में 5% से भी कम है। इससे स्पष्ट है कि प्रशासनिक पुनर्गठन के बावजूद बीमा योजना के प्रति उत्साह नहीं बन पाया। फसल पैटर्न भी तय कर रहा बीमा रुझान करनाल, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जैसे जिलों में बासमती और गन्ने का रकबा अधिक होने के कारण गेहूं आधारित रबी बीमा में स्वाभाविक रूप से रुचि कम रही। आंकड़े बताते हैं कि जहां फसल विविधता अधिक है, वहां बीमा भागीदारी अपेक्षाकृत कम दर्ज हुई। कम प्रीमियम, फिर भी दूरी बना रहे किसान रबी फसलों के लिए 1.5% प्रीमियम दर होने के बावजूद अधिकांश जिलों में 8-10% तक की गिरावट दर्ज हुई। आंकड़े संकेत देते हैं कि समस्या प्रीमियम की नहीं, बल्कि क्लेम भुगतान की प्रक्रिया और समयबद्धता से जुड़ी है। जानें अब आगे क्या… क्लेम प्रकिया समझाने को जागरूकता कैंप लगाएंगे कृषि विभाग के अधिकारी मानते हैं कि स्वैच्छिक विकल्प के कारण संख्या कम हुई है। विभाग अब ग्राम स्तर पर शिविर लगाकर किसानों को क्लेम प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने की योजना बना रहा है। क्यों पीछे हट रहे किसान     क्लेम प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव:किसानों का आरोप है कि नुकसान का पटवारी और कंपनी द्वारा किया जाने वाला सर्वे धरातल के बजाय कागजों पर ज्यादा होता है।     प्रीमियम कटा, पर मुआवजा नहीं: ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ और बीमा पोर्टल के बीच डेटा मिसमैच होने के कारण कई किसानों का प्रीमियम कटने के बावजूद क्लेम से वंचित रहते हैं।      सैटेलाइट डेटा बनाम जमीनी हकीकत अलग:कृषि विभाग अब नुकसान के आकलन के लिए सैटेलाइट तस्वीरों का सहारा ले रहा है, जबकि किसानों का तर्क है कि ओलावृष्टि या स्थानीय जलभराव जैसी स्थिति सैटेलाइट में स्पष्ट नहीं होती।