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कश्मीर से कन्याकुमारी तक यात्रा करेंगे किसान: डल्लेवाल

पानीपत/उचाना. किसान नेताजगजीत सिंह डल्लेवाल और अभिमन्यु कोहाड़ ने देशव्यापी किसान यात्रा का एलान किया है। यह यात्रा 7 फरवरी को कन्याकुमारी से शुरू होकर कश्मीर तक जाएगी और 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में लाखों किसानों की महापंचायत के साथ समाप्त होगी। सात फरवरी से कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाले जाने वाली किसान जागृति यात्रा को लेकर उचाना खुर्द बीकेयू (एकता सिधुपूर) राष्ट्रीय अध्यक्ष दलजीत सिंह डल्लेवाल पहुंचे। यहां पर किसानों के साथ बैठक की। मुख्य रूप से राज्य प्रधान अभिमन्यु कोहाड़ मौजूद रहे। किसानों से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। अध्यक्षता जिला महासचिव अनिल बेनीवाल ने की। दलजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि कन्या कुमारी से जो यात्रा शुरू होगी वो कश्मीर जाकर समाप्त होगी। यात्रा से पहले गांव-गांव जाकर किसानों के साथ बातचीत कर रहे हैं। किसानों के करवाए जाएंगे हस्ताक्षर देश के किसानों को जागरूक करने का प्रयास है कि एमएसपी, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट, किसानों की कर्ज मुक्ति, बिजली संशोधन बिल, भूमि अधिग्रहण सहित अन्य मांगों को लेकर एक प्रस्ताव गांवों के किसानों के पास भेजा जाएगा। प्रस्ताव पर किसानों के हस्ताक्षर करवाए जाएंगे। 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान बड़ी किसान महापंचायत के साथ यात्रा का समापन होगा। जिन गांव से जितने प्रस्ताव आएंगे वह पीएम नरेन्द्र मोदी को सौपेंगे। आज किसानों को उनकी फसलों का भाव नहीं मिल रहा है। हरियाणा की सरकार कह रही है कि हम एमएसपी पर फसल खरीद रहे हैं। किसानों की एमएसपी पर फसल नहीं बिक रही है। किसान कर्ज के अंदर डूबे हुए हैं। गांव-गांव जाकर किसानों से बातचीत कर रहे हैं। यात्रा के दौरान पैदल, ट्रैक्टर मार्च व गाड़ियों में भी चलेंगे। अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि संगठन को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। आज ज़मीन बचाना बहुत जरूरी है। ज़मीन बचेगी, खेती बचेगी तो हमारा भविष्य बचेगा। सरकार आइएमटी सहित अलग-अलग तरीकों से ज़मीनों पर कब्जा करने का प्रयास कर रही है। सरकार की गलत नीतियों का करेंगे विरोध सरकार की जो नीतियां गलत होंगी, उनका विरोध करेंगे। सरकार आज कह रही है कि फैक्ट्री, उद्योग लगाने के लिए ज़मीन अधिग्रहण कर रही है। सच्चाई ये है कि 2004-05 में सेज कानून के तहत सवा लाख से अधिक ज़मीन एक्वायर की गई थी, जिसमें से 60 से 65 प्रतिशत आज भी ज़मीन खाली है। इस मौके पर विक्की ढांडा, सुनील उझाना, कृष्ण, गेजी, सुरेंद्र व बलवंत मौजूद रहे।

हरियाणा में फिर होगी झमाझम बारिश और मुसीबत बढ़ाएंगे ओले

हिसार/पानीपत. पहाड़ों पर बर्फबारी के बीच सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने हरियाणा में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदल दिया। रात से शुरू हुई वर्षा और तेज हवा ने दिन-रात के तापमान के फासले को समेट दिया। सुबह 10 बजे तक अधिकतर जिलों में घने बादल छाने से कई बार अंधेरा छाया। वहीं, न्यूनतम तापमान में 5–6 डिग्री का उछाल आया, जबकि अधिकतम तापमान 8–12 डिग्री तक लुढ़क गया। सिरसा, भिवानी और फरीदाबाद के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा, वहीं अधिकांश जिलों में वर्षा रबी फसलों के लिए राहत बनकर आई। मौसम विभाग ने आगे भी बारिश, ठंडी हवाओं और कोहरे की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। आगे कैसा रहेगा मौसम भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 25 जनवरी तक प्रदेश में बारिश के आसार बने रहेंगे। 27–28 जनवरी को एक और बड़ा पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा को प्रभावित कर सकता है। कैथल (गुहला), कुरुक्षेत्र (पिहोवा, शाहबाद) और अंबाला में आंधी-ओलावृष्टि को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया। नमी बढ़ने से कई इलाकों में घना कोहरा छाने की चेतावनी, यलो अलर्ट प्रभावी। जिलों में ऐसे रहे हालात सिरसा: नाथूसरी चौपटा के 13 गांवों में भारी ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और चने की फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। हालांकि, अन्य क्षेत्रों में 8 एमएम वर्षा से फसलों को लाभ भी मिला है। 27 जनवरी तक वर्षा जारी रहने की संभावना है। यमुनानगर: जिले में 20 एमएम वर्षा और तूफान ने भारी तबाही मचाई है। रादौर में लोहे का शेड बिजली लाइन पर गिरा और अमादलपुर में एक प्लाईवुड फैक्ट्री की 110 फीट ऊंची चिमनी गिर गई। शहर के आधे हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप रही, 200 पोल को नुकसान पहुंचा है। अंबाला: जिले में 42.2 एमएम की रिकॉर्ड वर्षा और तूफान के कारण 55 बिजली के पोल टूट गए और 17 ट्रांसफार्मर गिर गए। अधिकतम तापमान में 12 डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई। बिजली का ढांचा चरमराने से कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी। चरखी दादरी: वीरवार रात से जारी रुक-रुक कर बारिश से किसानों को करीब ढाई करोड़ रुपये से अधिक का फायदा हुआ है क्योंकि उनकी एक सिंचाई बच गई। हालांकि, 7 फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप होने से तीन लाख लोगों को कई घंटों तक बिजली संकट झेलना पड़ा। जींद: जिले में औसतन 13.7 एमएम वर्षा हुई है, जिसके कारण गणतंत्र दिवस समारोह की रिहर्सल का स्थान पुलिस लाइन से बदलकर अनाज मंडी करना पड़ा। जलालपुर में हल्की ओलावृष्टि हुई, लेकिन फसलों को नुकसान नहीं है। नरवाना में सर्वाधिक 20 एमएम बारिश दर्ज की गई। फतेहाबाद: जिले में करीब 10 घंटे तक हुई 16 एमएम वर्षा से रबी फसलों को संजीवनी मिली है। टोहाना और जाखल में 25-25 एमएम बारिश के कारण बाजारों और सड़कों पर भारी जलभराव हुआ। वसंत पंचमी पर वर्षा और ठंडी हवाओं से ठिठुरन में काफी बढ़ोतरी हुई है। कैथल: शुक्रवार को हुई 35 एमएम वर्षा के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में कैद रहे। किसानों के अनुसार यह वर्षा गेहूं की फसल के लिए बेहद फायदेमंद है। 25 जनवरी तक तेज हवाके साथ बूंदाबांदी की चेतावनी है। करनाल: जिले में 20.4 एमएम वर्षा और 8 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है। शाम को नमी की मात्रा 98 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिससे घने कोहरे के आसार हैं। पानीपत: कुल 18.2 एमएम वर्षा होने से प्रदूषण के स्तर में सुधार हुआ और एक्यूआई 204 दर्ज किया गया। दिन भर ठिठुरन रही। वर्षा के कारण शहर के निचले इलाकों में जलजमाव देखा गया। रोहतक: शहर में 5 एमएम वर्षा दर्ज की गई, जिससे तापमान गिर गया और ठंड बढ़ गई। कृषि वैज्ञानिकों ने इसे फसलों के लिए अच्छा बताया है, लेकिन शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया।

डोडा हादसे में बलिदान हुए हरियाणा के दो लालों की आज होगी अंतिम विदाई

यमुना नगर. जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर हुए सैन्य वाहन हादसे ने झकझोर दिया। इस हादसे में सेना के 10 जवान बलिदान हो गए। हरियाणा के लिए यह हादसा और भी पीड़ादायक रहा। इनमें हरियाणा के दो शामिल हैं। बलिदानियों में यमुनानगर जिले के शेरपुर गांव निवासी सुधीर नरवाल और झज्जर जिले के गिजाड़ौद गांव निवासी मोहित चौहान शामिल हैं। दोनों वीर सपूतों की शहादत की सूचना मिलते ही उनके गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। सुधीर नरवाल का पार्थिव शरीर अंबाला और मोहित का पािर्थव शरीर दिल्ली पहुंच गया है। दोनों जवानों के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार आज उनके गांवों में किया जाएगा। हादसे में बलिदान जवान यमुनानगर के छछरौली खंड के शेरपुर गांव निवासी सुधीर नरवाल (30) हैं। सुधीर वर्ष 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उस समय उनकी उम्र मात्र 19 वर्ष थी। वह 72 टैंक बटालियन में तैनात थे। करीब दो वर्ष पहले उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में हुई थी। हादसे में सुधीर नरवाल के बलिदान होने की सूचना सेना के अधिकारियों ने वीरवार शाम उनके स्वजन को फोन पर दी। यह सूचना मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। राजकीय सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार सेना अधिकारियों ने स्वजनों को बताया कि शुक्रवार सुबह सुधीर का पार्थिव शरीर अंबाला एयरपोर्ट पर पहुंचना था, लेकिन सुबह से दोपहर बाद तक लगातार वर्षा होने के कारण इसमें देरी हो गई। परिजनों को उम्मीद है कि मौसम साफ होने के बाद पार्थिव शरीर गांव लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। फोन आने के बाद पत्नी हो गई थी बेसुध परिजनों के अनुसार सुधीर की पत्नी रूबी अपनी जेठानी के साथ खेतों की ओर टहलने गई हुई थीं। उसी दौरान सेना के एक अधिकारी का फोन आया। जैसे ही फोन पर सुधीर के बलिदान होने की जानकारी मिली, रूबी सदमे में बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। परिवार और आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला। घटना की जानकारी फैलते ही रिश्तेदारों और गांव के लोगों का उनके घर पहुंचना शुरू हो गया। हर आंख नम थी और हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने में जुटा था। दो बहनों के इकलौते भाई थे सुधीर सुधीर नरवाल के पिता हरपाल सिंह किसान थे, जिनका वर्ष 2017 में निधन हो चुका है। पिता के निधन के बाद से ही परिवार पहले से दुख के साये में था। अब जवान बेटे के बलिदान ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सुधीर अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और दो बहनों के भाई थे। परिवार में उनकी मां उर्मिला देवी, पत्नी रूबी और सात वर्षीय मासूम बेटा अयांश है। इस हादसे ने मां से उनका सहारा, पत्नी से जीवनसाथी और मासूम बेटे से पिता का साया छीन लिया। झज्जर के मोहित भी हुए बलिदान डोडा हादसे में मां भारती के चरणों में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले झज्जर जिले के गांव गिजाड़ौद निवासी मोहित चौहान का पार्थिव शरीर शुक्रवार रात 8:55 पर दिल्ली पहुंच गया। लेकिन पैतृक गांव में शनिवार सुबह पहुंचेगा। दिनभर स्वजन और ग्रामीण वीर सपूत का इंतजार करते रहे। शुक्रवार सुबह से ही गिजाड़ौद गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा और हर आंख गांव की दहलीज पर टकटकी लगाए बैठी रही। सेना के अधिकारियों ने पहले सुबह 11 बजे और फिर दोपहर 2 बजे पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंचने की सूचना दी थी बाद में रात 8:55 पर पहुंचने की जानकारी दी गई। गांव के सरपंच नरेश कुमार सैन्य मुख्यालय के निरंतर संपर्क में हैं। बलिदानी के छोटे भाई जितेंद्र उर्फ जीतू ने रुंधे गले से बताया कि उसकी मोहित से अंतिम बार बुधवार शाम को ही बात हुई थी। मोहित ने वादा किया था कि वह मार्च में छुट्टी लेकर घर आएगा। करीब दो महीने पहले ही मोहित शादी की सालगिरह मनाने घर आया था। वर्ष 2019 में सेना में भर्ती हुए मोहित की शादी एक वर्ष पूर्व ही हुई थी। गांव में बनेगा स्मारक जीतू ने बताया कि पहले घायल होने की सूचना मिली थी, लेकिन शाम पांच बजे जब शहादत की खबर आई, तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता सतपाल, माता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। गिजाड़ौद गांव ने अपने वीर सपूत के सम्मान में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। ग्राम पंचायत ने मुख्य सड़क के साथ लगती 500 वर्ग गज पंचायती भूमि बलिदानी मोहित चौहान के स्मारक के लिए आवंटित की है। शुक्रवार को दिनभर जेसीबी मशीनों से इस जमीन को समतल करने का कार्य चला। शनिवार को मोहित का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

अंबाला के सैन्य इलाके में खंडहरनुमा घर में छिपा जासूस?

अंबाला. सैन्य क्षेत्र में 16-17 वर्षीय युवक एक साल तक बिना किसी रोक-टोक के खंडहरनुमा भवन में रहता रहा और किसी को भनक नहीं लगी। शुक्रवार को छावनी पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में जिस युवक को खंडहर भवन से रेस्क्यू किया गया, उसके तौर-तरीकों और गतिविधियों ने इस मामले को सामान्य से कहीं अधिक गंभीर बना दिया है। युवक के पास एयरफोर्स कर्मी जैसी वर्दी होना, रात के अंधेरे में ही बाहर निकलना और दीवारों पर कोडवर्ड लिखना, सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाने वाले संकेत माने जा रहे हैं। युवक कमरे की शेल्फ के ऊपर बैठता और यहीं पर सोता था जोकि ग्राउंड लेवल से 10 फुट ऊंची थी। पूछताछ में उसने अपना नाम बस दिनेश बताया। इससे ज्यादा वह कुछ नहीं बता रहा। महाराणा प्रताप मार्ग स्थित यह खंडहर भवन सैन्य एरिया में आता है। जानकारी के अनुसार युवक दिन के समय पूरी तरह नजरों से ओझल रहता था और रात के समय ही बाहर निकलकर भोजन की व्यवस्था करता था। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से इसी भवन में रह रहा था, किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी। यह स्थिति तब सामने आई, जब वंदेमातरम दल को उसकी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। दीवारों व छत पर लिखे थे कोडवर्ड सूचना मिलते ही शुक्रवार सुबह छावनी पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस ने कार्रवाई कर युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। तलाशी के दौरान कमरे की दीवारों और छत पर चाक से लिखे गए कई नंबर, शब्द और प्रतीक मिले, जिन्हें कोडवर्ड के रूप में देखा जा रहा है। आर्मी इंटेलिजेंस ने अपने रिकॉर्ड में लिया है। युवक को लुधियाना स्थित मनुखता दी सेवा सेवा सोसायटी के हवाले किया गया। रात को ही क्यों निकलता था बाहर प्रारंभिक जांच में युवक के मंदबुद्धि होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन उसके व्यवहार और गतिविधियों ने कई अनसुलझे सवाल छोड़ दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि उसके पास एयरफोर्स कर्मी की वर्दी आखिर कहां से आई।

दिल का इलाज हुआ और शरीर पर नहीं लगा एक भी टांका — जानें हार्ट वाल्व बदलने की अत्याधुनिक तकनीक

हिसार हिसार के चिकित्सा क्षेत्र में हृदय रोग के उपचार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। जिंदल अस्पताल हिसार में बिना किसी चीड-फाड़ के हार्ट के एओर्टिक वाल्व को सफलतापूर्वक बदला गया है। यह नई और अत्याधुनिक तकनीक ट्रांस कैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (तावी) के नाम से जानी जाती है, जिसमें ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती। जिंदल अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिमेष अग्रवाल ने बताया कि हिसार के जाने माने प्रॉपर्टी व्यवसायी गुलशन सिंगला को सांस लेने में गंभीर तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज पहले से ही हाई शुगर, ब्लड प्रेशर और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे। जांच में पाया गया कि उनके हार्ट के एओर्टिक वाल्व में अत्यधिक सिकुड़न और कैल्शियम का जमाव हो चुका था, जिससे हृदय की पंपिंग क्षमता कम हो गई थी और हार्ट कमजोर हो गया था। डॉ. अनिमेष अग्रवाल के अनुसार, ऐसे मामलों में वाल्व रिप्लेसमेंट ही एकमात्र उपचार विकल्प होता है। अब तक यह सर्जरी केवल ओपन हार्ट ऑपरेशन द्वारा ही संभव थी, जो कई मरीजों के लिए अत्यधिक जोखिम भरी होती है। तावी तकनीक के माध्यम से बिना चीर-फाड़ पैर की नस के रास्ते कृत्रिम वाल्व को हार्ट तक पहुंचाकर सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया जाता है। इसी तकनीक से मरीज का सफल उपचार किया गया। ऑपरेशन के अगले ही दिन मरीज को सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया और दूसरे दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फॉलोअप जांच में पाया गया कि मरीज के हार्ट का फंक्शन पूरी तरह सामान्य हो चुका है। अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक भारद्वाज ने बताया कि हिसार और आसपास के क्षेत्रों में अब तक तावी के बहुत ही सीमित केस हुए हैं। केस की जटिलता को देखते हुए यह संभवतः यह अपनी तरह का पहला सफल मामला है। इस जटिल प्रक्रिया में रेडियोलॉजी विभाग से डॉ. प्रियंका छाबड़ा और डॉ. पंकज लीखा, कार्डियक एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. नीरज मोंगा, कार्डियक सर्जन डॉ. अशोक चहल तथा फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा गर्ग का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।   जिंदल अस्पताल की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रितु चोपड़ा ने कहा कि अस्पताल कार्डियोलॉजी विभाग को इस प्रकार के एडवांस्ड ट्रीटमेंट का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिंदल अस्पताल और समस्त जिंदल परिवार हरियाणा व हिसार के मरीजों तक नवीनतम चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अस्पताल में हादसा: GMCH-32 की गिरती छत से मचा हड़कंप

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मेन गेट की फॉल सीलिंग अचानक गिर गई। हादसे के समय मौके पर मरीज, उनके परिजन और सुरक्षा कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार इस घटना में एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर सीलिंग कुछ सेकंड पहले या बाद में गिरती तो कई लोगों को गंभीर चोटें आ सकती थीं। गौरतलब है कि इस ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन महज 8 महीने पहले, 8 अगस्त 2025 को किया गया था। नए बने अस्पताल में इस तरह की घटना ने प्रशासन और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नगर निगम चुनाव का बदला गणित: अम्बाला सीट बीसी-बी महिला के लिए आरक्षित, पंचकूला और सोनीपत अनारक्षित

चंडीगढ़ हरियाणा के 3 नगर निगमों पंचकूला, अम्बाला और सोनीपत में मेयर पद चुनाव के लिए वीरवार को शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से ड्रॉ निकाला गया। इसमें अम्बाला को महिला बी.सी. बी के लिए रिजर्व किया गया जबकि पंचकूला और सोनीपत की सीट अनारक्षित रहेगी। इन तीनों नगर निगमों के मेयर और पार्षदों का कार्यकाल इसी महीने में समाप्त हो चुका है। इसके लिए आज तीसरी बार ड्रॉ रखा गया था। इससे पहले 1 और 15 दिसम्बर को डॉ की तारीख तय की गई थी लेकिन दोनों बार इसे टालना पड़ा था। खास बात यह है कि अम्बाला में बी.सी. बी की महिला के लिए पहली बार मेयर पद आरक्षित हुआ है। बी.सी. बी. कैटेगरी में 5 प्रमुख जातियां अहीर, गुज्जर, लोध, सैनी और मेव आती हैं, जहां अम्बाला में मेयर पद के लिए बेहतर महिला प्रत्याशी खोजना भाजपा और कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा। आरक्षण का ड्रॉ होने के बाद अब अम्बाला, सोनीपत और पंचकूला नगर निगम में मेयर पद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं में टिकट को लेकर घमासान शुरू हो गया है। बताया गया मार्च से अप्रैल तक चुनाव प्रक्रिया पूरी हो सकती है। प्रदेश में चुनाव के लिए प्रस्तावित तीनों निगमों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। उक्त निगमों निगम कमिश्नर को बतौर प्रशासक नियुक्त किया गया है। चर्चा है कि मार्च में चुनावी प्रक्रिया शुरू की जाएगी जहां अप्रैल में चुनाव हो सकता है। इस संबंध में राज्य चुनाव आयुक्त कार्यालय की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। आई.ए.एस. की निगरानी में हुए ड्रॉ की हुई वीडियोग्राफी पंचकूला स्थित शहरी स्थानीय निदेशालय में आयोजित ड्रॉ प्रक्रिया दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। ड्रॉ के लिए आई.ए.एस. वीरेंद्र सिंह दहिया की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी ने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई। वीरेंद्र दहिया ने कहा कि ड्रा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही।   अन्य 8 नगर निगमों में आरक्षण की यह है स्थिति प्रदेश में कुल 11 नगर निगम हैं। इनमें से 8 के चुनाव पहले ही हो चुके हैं। 3 नगर निगमों का कार्यकाल इसी माह पूरा हुआ है। फरीदाबाद नगर निगम महिला और गुरुग्राम नगर निगम बी. सी.-ए कैटेगरी की महिला के लिए आरक्षित है। यमुनानगर में मेयर का पद एस.सी. कैटेगरी महिला और रोहतक में नगर निगम मेयर का पद एस.सी. कैटेगरी के पुरुष के लिए रिजर्व है। बाकी के 5 निगम हिसार, करनाल, मानेसर और पानीपत सामान्य वर्ग के लिए हैं। नगर परिषद और पालिकाओं में भी पूरी हुई आरक्षण प्रक्रिया नगर परिषद रेवाड़ी और नगर पालिका सांपला, उकलाना व धारूहेड़ा में प्रधान के पदों को आरक्षित करने के लिए नियमों में वर्णित गठित समिति की बैठक में फैसला लिया गया। इसमें रोटेशन और अनुसूचित जाति की जनसंख्या की अधिकतम प्रतिशतता के आधार पर नगर परिषद रेवाड़ी में प्रधान का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया। नगर पालिकाओं सांपला, उकलाना और धारूहेड़ा में ड्रॉ ऑफ लॉट से आरक्षण घोषित किया गया। इनमें नगर पालिका उकलाना में प्रधान का पद महिला के लिए आरक्षित घोषित किया गया है। इसके अलावा 6 निकायों में उप-चुनाव भी होंगे जिनमें टोहाना, झज्जर, राजौंद, कनीना, तरावड़ी, साढौरा और करनाल शामिल हैं। इन निकायों में एक-एक वार्ड पार्षद के चुनाव होंगे।

गोहाना में आग का तांडव! फैक्ट्री धू-धू कर जली, हालात बेकाबू, बाहरी जिलों से मंगानी पड़ी मदद

गोहाना गोहाना शहर के महमूदपुर रोड स्थित एक सूत की निवार फैक्ट्री में आज सुबह अचानक से आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें तेज उठने लगीं। वहां मौजूद लेबर ने फैक्ट्री मालिक को आग की सूचना दी। उसके बाद अग्निशमन को फैक्टी में आग लगने को लेकर सूचित किया गया। बाद में जैसे ही अग्निशमन की 2 गाड़ियां आग पर काबू पाने के लिए पहुंचीं तो आग धीरे-धीरे और भीषण होने लगी। 10 घंटे से ज्यादा समय हो गया मगर अभी तक फैक्ट्री में लगी आग पर आग पर काबू नहीं पाया गया है। गोहाना, सोनीपत और रोहतक से भी अग्निशमन की गाड़ियां आग बुझाने को लेकर बुलाई गई हैं। अग्निशमन कर्मचारी आग पर काबू पाने के भरसक प्रयास कर रहे हैं लेकिन आग बुझने का नाम नहीं ले रही है।   अग्निशमन कर्मचारी ने बताया कि हमें निवार फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही अग्निशमन की गाड़िया आ गई थीं। आग ज्यादा होने के कारण अभी भी बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। आग लगने के कारण अभी पता नहीं चल पाया है। फायर ब्रिगेड कर्मचारी लगातार आग पर काबू पाने का काम कर रहे लेकिन अभी तक सफल नहीं हो पाए हैं। आग से हुए नुकसान का अभी तक अनुमान नहीं लगाया जा सकता। फैक्ट्री में मशीन, कच्चा माल और तैयार माल का गोदाम है, जहां पर आग लगी है। आग बुझने पर ही पता चलेगा की कितना नुकसान है।

जुलाना में सुरक्षा कड़ी: 26 जनवरी से पहले होटल-धर्मशालाओं में पुलिस का सर्च ऑपरेशन

जुलाना जुलाना की नई अनाजमंडी में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए जुलाना पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में थाना प्रभारी विक्रम जोसन के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा कस्बे के विभिन्न होटलों, ढाबों और सार्वजनिक स्थानों पर सर्च अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते नियंत्रण पाना रहा। पुलिस टीम ने कस्बे के प्रमुख होटलों में ठहरे लोगों की जांच की और होटल संचालकों को निर्देश दिए कि वे अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूरा रिकॉर्ड रखें। इस दौरान पहचान पत्रों की गहनता से जांच की गई और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की गई। वहीं थाना प्रभारी विक्रम जोसन ने बताया कि गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व है, इसलिए सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके। होटल संचालकों और आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

हरियाणा में सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों की पेंशन पर HC का बड़ा आदेश

चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज को मिलने वाली पेंशन एक सांविधानिक रूप से संरक्षित, निहित अधिकार है जिसे समायोजित या न्यूट्रलाइज नहीं किया जा सकता। अदालत ने हरियाणा सरकार के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें लोकायुक्त के रूप में नियुक्त पूर्व जजों के वेतन से उनकी पेशन काटी जा रही थी। न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल ने कहा कि हरियाणा लोकायुक्त अधिनियम, 2002 के तहत लोकायुक्त का वेतन वर्तमान हाईकोर्ट जज के समकक्ष तय है और इसमें पेंशन कटौती का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में राज्य सरकार को अपने स्तर पर पेंशन काटने का कोई अधिकार नहीं था। अदालत ने इस कार्रवाई को असाविधानिक, भेदभावपूर्ण और विधिसम्मत आधार से रहित करार देते हुए सभी बकाया राशि 6 प्रतिशत व्याज सहित चार सप्ताह में जारी करने का निर्देश दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति एनके सूद सहित अन्य पूर्व जजों की याचिका पर आया, जिन्होंने हरियाणा के लोकायुक्त के रूप में निर्धारितb पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा किया था। याचिकाकर्ताओं ने 18 अगस्त 2022 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके जरिए राज्य ने उन्हें हाईकोर्ट जज के समकक्ष पूरा वेतन देने से इन्कार करते हुए पेंशन काट ली थी। मामले की मूल कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए न्यायमूर्ति मौदगिल ने कहा, यह विवाद न तो न्यायसंगत का है और न ही प्रशासनिक विवेक का। यह सांविधानिक आदेश का प्रश्न है। जहां संविधान और संसदीय कानून प्रभावी ही वहां कार्यपालिका की व्याख्या टिक नहीं सकती। अदालत ने राज्य के दोहरे लाभ वाले तर्क को खारिज कर दिया।