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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में सेना के युद्ध स्मारक पर लेज़र, लाइट और साउंड शो का किया उद्घाटन

लखनऊ. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ छावनी स्थित सेना के मध्य कमान के स्मृतिका युद्ध स्मारक में एक अत्याधुनिक लेज़र, लाइट और साउंड शो का उद्घाटन किया। लगभग 30 मिनट का यह हिंदी मल्टीमीडिया शो, उन्नत प्रोजेक्शन, साउंड और लाइटिंग तकनीकों के माध्यम से भारतीय सेना के इतिहास, उसकी ऑपरेशनल उपलब्धियों और राष्ट्र-निर्माण में उसके योगदान को बयां करता है। यह शो भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और विरासत को समर्पित एक श्रद्धांजलि है। इसकी कहानी में भारत के प्रमुख युद्धों और ऑपरेशन्स, सेंट्रल कमांड की ऐतिहासिक भूमिका, अवध क्षेत्र की वीरता और 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना के अनुरूप समकालीन सैन्य आधुनिकीकरण को शामिल किया गया है। यह शो प्रतिदिन शाम के समय स्मृतिका युद्ध स्मारक में आयोजित किया जाएगा और जल्द ही इसे आम जनता के लिए भी खोल दिया जाएगा। इस मल्टीमीडिया प्रस्तुति में भारत के प्रमुख युद्धों का एक समग्र अवलोकन प्रस्तुत किया गया, जिसमें विशेष रूप से 1947-48, 1962, 1965 और 1971 के संघर्षों के प्रमुख ऑपरेशनल पहलुओं के साथ-साथ 'ऑपरेशन मेघदूत' और 'ऑपरेशन विजय' के दौरान दिए गए विशिष्ट योगदानों को रेखांकित किया गया है। भारतीय सशस्त्र बलों के विभिन्न ऑपरेशन्स में मध्य कमान द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को इसमें प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसमें अवध क्षेत्र के 'परमवीर चक्र' विजेताओं की असाधारण वीरता को भी उजागर किया गया है, जिसे अवध की गहरी सैन्य परंपराओं और राष्ट्र की रक्षा में उसके विशिष्ट योगदान के संक्षिप्त विवरण के साथ खूबसूरती से पिरोया गया है। इस शो की विषय-वस्तु में उभरते खतरों और युद्ध की बदलती गतिशीलता के जवाब में भारतीय सेना द्वारा किए जा रहे निरंतर आधुनिकीकरण और रूपांतरण को भी शामिल किया गया है। इसमें भारतीय रक्षा उद्योग की हालिया प्रगति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसका पहला उपयोग 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान प्रदर्शित किया गया था। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के एक ऐसे केंद्र के रूप में उभरने को भी दर्शाया गया है जो 'आत्मनिर्भरता' की पहलों का मुख्य केंद्र बन रहा है; राज्य का आगामी 'रक्षा गलियारा' (Defence Corridor) इसी का एक जीवंत उदाहरण है। आगामी लेज़र, लाइट और साउंड शो के आयोजन और प्रदर्शन को सुगम बनाने के उद्देश्य से, स्मृतिका युद्ध स्मारक परिसर में भी व्यापक स्तर पर उन्नयन (अपग्रेडेशन) का कार्य किया जा रहा है। शो के लिए अत्याधुनिक प्रोजेक्टर और स्पीकर लगाने के अलावा, नई पीढ़ी के सैन्य उपकरणों और युद्ध में जीती गई चीज़ों (वॉर ट्रॉफ़ी) को दिखाने वाले भित्ति चित्र (म्यूरल) भी लगाए गए हैं, और साथ ही एक आधुनिक एम्फीथिएटर भी बनाया गया है। इसके अलावा, तीन खास म्यूरल दीवारें भी बनाई जा रही हैं, जो एक तरफ तो सैन्य इतिहास को प्रमुखता से दिखाएंगी, और दूसरी तरफ लेज़र, लाइट और साउंड शो के लिए एक जीवंत मंच का काम करेंगी। इस पहल को सेना के मध्य कमान के मुख्यालय ने उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के साथ मिलकर पूरा किया है। लखनऊ कैंटोनमेंट में स्थित 'स्मृतिका युद्ध स्मारक' (Smritika War Memorial), 1994 से ही भारतीय सशस्त्र बलों के सैनिकों की बहादुरी, बलिदान और अदम्य साहस को समर्पित एक अमर श्रद्धांजलि के रूप में खड़ा है। मुख्यालय मध्य कमान के संरक्षण में स्थापित यह स्मारक, राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने, हमारी सैन्य विरासत को सहेजने और आम लोगों खासकर युवाओं के बीच जागरूकता फैलाने में एक अहम भूमिका निभाता है। मुख्यालय मध्य कमान द्वारा इस स्थल पर आयोजित किए जाने वाले औपचारिक कार्यक्रम, उन वीर सैनिकों के शौर्यपूर्ण कार्यों को याद करते हैं, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इस अवसर पर जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (GOC-in-C) मध्य कमान लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, मुख्यालय मध्य कमान के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय सेना और राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित थे। स्मृतिका युद्ध स्मारक में रोज़ाना होने वाला लेज़र, लाइट और साउंड शो, इस स्मारक के गौरव को बढ़ाने के साथ-साथ, राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करने और सैन्य विरासत को एक दिलचस्प और प्रभावशाली तरीके से आधुनिक संदर्भ में सहेजने का एक शक्तिशाली माध्यम भी बनेगा। यह पहल, भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी और बलिदान को एक बड़े जनसमूह के सामने जीवंत रूप से प्रस्तुत करके, सेना और आम नागरिकों के बीच के महत्वपूर्ण जुड़ाव को और भी मज़बूत करेगी। यह स्मारक देश के लिए शहीद हुए वीरों को एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी, और 'स्मृतिका युद्ध स्मारक' को हमारी साझा सैन्य विरासत के एक राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में और भी ऊँचा दर्जा प्रदान करेगी। भारत की सैन्य विजयों का एक जीवंत और भावपूर्ण चित्रण प्रस्तुत करके, यह स्मारक हमारे बहादुर योद्धाओं के बलिदान को लगातार सम्मानित करता रहेगा, और साथ ही आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित और प्रेरित भी करेगा।

योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश, बिजली समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए UPPCL की राज्यभर में कार्रवाई

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों पर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश के बाद यूपी पावर कारपोरेशन लि. ने पूरे प्रदेश में व्यवस्था सुधारने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए वह जल्द ही 7 दिनों का विशेष अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत अधिकारी घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की समस्याओं को जानेंगे और उसका यथाशीघ्र समाधान करेंगे।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उप्र. पावर कारपोरेशन लि. के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बैठक कर जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों का प्रतिदिन निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 7 दिन का विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं के बारे में जानेगा और उसका यथाशीघ्र समाधान करेगा।  हर अधिकारी को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी यूपी पावर कारपोरेशन लि. की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अभियान में सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। किसी अधिकारी को 10 से 20 उपभोक्ताओं की तो किसी अधिकारी इससे भी ज्यादा उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसमें कॉर्पोरेशन एवं डिस्कॉम के अधिकांश कार्मिकों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए हैं। इस अभियान के जरिये अधिकारी स्मार्ट मीटर और हेल्प लाइन नम्बर 1912 पर मिलने वाली शिकायतों का निदान करेंगे। इसके बाद उस शिकायत का फीडबैक लेकर विभाग को अवगत कराएगा।  स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण  मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अध्यक्ष डॉ. गोयल ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में उप्र. पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक पंकज कुमार, डिस्काम के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण किया जाए। डिस्कॉम स्तर पर इसके लिए बनाए गये कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सेल लगातार समीक्षा करें।  गलत बिलिंग पर जिम्मेदारी तय कर होगी कार्रवाई इसके साथ ही डॉ. आशीष गोयल ने निर्देश दिया कि ओवर बिलिंग या गलत बिल नहीं बनने चाहिए। अगर उपभोक्ता गलत बिलिंग की शिकायत करता है तो तत्काल जांच करके जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। साथ ही गलत बिल तत्काल ठीक किया जाए। इसमें हर स्तर पर सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की समस्याओं को तत्काल हल कराया जाए। साथ ही हेल्पलाइन नम्बर 1912 की लगातार समीक्षा करें। साथ ही इस पर आने वाली शिकायतों खासकर स्मार्ट मीटर से संबंधित सूचना और शिकायतों का उसी दिन निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. आशीष गोयल ने  कहा कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन निगेटिव बैलेंस के कारण स्वतः कट गए हैं, उनसे संपर्क कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि उन्होंने रिचार्ज क्यों नहीं कराया। यह भी समझा जाएगा कि उन्हें किस तरह की समस्या आ रही है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के रिचार्ज कराने के बावजूद कनेक्शन नहीं जुड़ा है, उनके मामलों की भी गहन जांच कर तत्काल समाधान किया जाएगा।

जयंती पर डॉ. आंबेडकर को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे सीएम योगी : डॉ. निर्मल

लखनऊ.  डॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि आंबेडकर जयंती पर महासभा परिसर में 14 अप्रैल को अपराह्न 2 बजे से कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम में बाबा साहब आंबेडकर को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। इसके पूर्व बौद्ध भिक्षुओं द्वारा डॉ. भीमराव आंबेडकर के अस्थिकलश पर पुष्पांजलि अर्पित कर बुद्ध वंदना की जाएगी।  डॉ. निर्मल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहब को सम्मान देने के लिए उनकी प्रतिमा पर छतरी , बाउंड्री वॉल तथा सौंदर्यीकरण का जो निर्णय लिया है, वह स्वागत योग्य है। उनके इस निर्णय से पूरे प्रदेश के दलित एवं आंबेडकर अनुयायी गदगद हैं। इस निर्णय को अभूतपूर्व बताते हुए डॉ. निर्मल ने कहा कि 14 अप्रेल को पूरा प्रदेश आंबेडकरमय होगा । डॉ. निर्मल ने कहाकि इस कार्यक्रम में दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा ब्रजेश पाठक सहित अन्य मंत्रीगण तथा गण्यमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।

CG Weather Alert: 14 अप्रैल के बाद चिलचिलाती गर्मी और लू का असर, तापमान में उछाल तय

रायपुर. छत्तीसगढ़ में तापमान चढ़ने लगा है. अब प्रचंड गर्मी का दौर शुरू होने वाला है. पिछले चौबीस घंटे में राजधानी का पारा एक डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है. आने वाले दिनों में लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने से पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के अनुमान हैं. मौसम विभाग ने 14 अप्रैल के बाद प्रदेश के कई क्षेत्रों में ग्रीष्म लहर चलने की संभावना जताई है. मौसम विभाग का अनुमान है कि गर्मी का ज्यादा प्रभाव रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर जैसे संभागों में रह सकता है। आसमान खुलने के बाद अब धूप तेज लगने लगी है भले ही प्रदेश का टेंफ्रेंचर सामान्य से कम दर्ज किया जा रहा है मगर इसमें बढ़ोतरी हो रही है. रायपुर का अधिकतम तापमान 37 से बढ़कर 38 डिग्री तक पहुंच गया. पिछले 24 घंटों में प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहा.  प्रदेश में  सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 38.4 °C दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.0°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया। इस दौरान कहीं भी बारिश की गतिविधि नहीं हुई. सिनोप्टिक सिस्टम फिलहाल, दक्षिण छत्तीसगढ़ और विदर्भ से लेकर मराठवाड़ा, आंतरिक कर्नाटक और आंतरिक तमिलनाडु तक फैले क्षेत्र के ऊपर उत्तर-दक्षिण दिशा में एक गर्त के रूप में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है. वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

टाइम्स सम्मान-2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को ‘टाइम्स सम्मान-2026’ कार्यक्रम में शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में सीएम योगी ने इसे भारत के वीरों व वीरांगनाओं के प्रति सम्मान का समारोह बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर सैनिक की सांस में भारत है, जो राष्ट्र को जीवन देता है। उसकी शान में भारत है, जो तिरंगे को गर्व से लहराने की शक्ति देता है। उसकी हर पहचान में भारत है, जो चुनौतीपूर्ण मुकाबला करते हुए दुनिया को ताकत का अहसास कराता है। वीर माताओं व वीर परिवारों के सदस्यों का त्याग शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। सीमा पर एक सैनिक लड़ता है, लेकिन हम उन परिस्थितियों की कल्पना करें, जब उनका परिवार प्रतिदिन चुनौतियों से लड़ता हुआ दिखाई देता है। आज का सम्मान उन आंसुओं का सम्मान है, जो कभी मंच तक नहीं पहुंच पाते। जहां जीवन ठहर जाता है, वहां भी अडिग रहता है सैनिक सीएम योगी ने कहा कि वीरों का साहस-स्वाभिमान पूरे भारत को नया जीवन देता है। वीरों के दृढ़ साहस की दीवार भारत को सुरक्षा देती है, उनका विश्वास 145 करोड़ भारतीयों के मन में नया साहस भरता है। जब सैनिक सीमा पर अडिग होकर देश की सुरक्षा करता है, तब 145 करोड़ का भारत निश्चिंत भाव के साथ चैन की नींद सोता है। सियाचिन की जमा देने वाली ठंड हो या रेगिस्तान की तपती हुई रेत, घने जंगलों का अंधकार हो या समुद्र व आकाश की अनंत चुनौतियां। जहां जीवन ठहर जाता है, वहां भी सैनिक इन झंझावतों की परवाह किए बिना राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का मजबूती से निर्वहन करता है।  रक्षा मंत्री के नेतृत्व में ताकत का अहसास करा रही भारतीय सेना  सीएम योगी ने कहा कि रक्षा मंत्री के नेतृत्व में भारतीय सेना अत्याधुनिक, सशक्त व आत्मनिर्भर सेना के रूप में दुनिया के समक्ष अपनी ताकत का अहसास करा रही है। आज भारत केवल अपनी सीमाओं की रक्षा नहीं करता, बल्कि मित्र राष्ट्रों के लिए भी सुविधा उपलब्ध कराने में आगे दिखाई देता है। जब भी सेना से जुड़े मुद्दों की चर्चा होती है तो मैं कहता हूं कि अन्य मुद्दों पर बहस करो, देश की सुरक्षा के मुद्दे पर बहस व वाद-विवाद नहीं होना चाहिए, क्योंकि देश सुरक्षित है तो हम सब सुरक्षित हैं।  सबके मन में होना चाहिए सेना व सैनिक के प्रति सम्मान सीएम योगी ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि सेना व सैनिक के प्रति सर्वोच्च सम्मान का भाव हर किसी के मन में सदैव बना रहना चाहिए। हम सभी हमेशा उन सैनिकों, वीर नारियों के साथ खड़े हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी देश को संबल दिया है। शासन के सामने जो भी प्रस्ताव आते हैं, वह केवल योजना भर नहीं हैं, बल्कि वह प्रत्येक सैनिक के लिए आश्वस्ति है कि समाज हमेशा आपके साथ खड़ा है और सरकार हर विपरीत परिस्थिति में भी सैनिकों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है।  जब ब्रह्मोस ने किया हमला तो बड़ी ताकतें भी कांपती दिखीं मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन व रक्षा मंत्री के नेतृत्व में यूपी रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। यहां डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के छह नोड हैं। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। ऑपरेशन सिंदूर में जब दुश्मन के ठिकानों पर ब्रह्मोस ने सबसे पहला हमला किया तो दुनिया की बड़ी ताकतें भी कांपती दिख रही थीं। ब्रह्मोस दुनिया को भारत की ताकत का अहसास कराती है। रक्षा मंत्री जी ने चित्रकूट नोड के लिए भी बीईएल कंपनी को भेजा है, उन्होंने 75 हेक्टेयर जमीन ले ली है। हमने उन्हें कागज भी उपलब्ध करा दिया है। विश्वास है कि बहुत जल्द उस यूनिट को प्रारंभ करने के लिए रक्षा मंत्री जी का कार्यक्रम मिलेगा। झांसी में बीडीएल अपने कार्यों को तेजी से बढ़ा चुका है। सभी छह नोड जिस मजबूती के साथ बढ़े हैं, वह रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ा रहे हैं।  आत्मनिर्भरता हमारी सक्षमता का भी प्रतीक  सीएम योगी ने कहा कि यूपी में सरकार ने रक्षा क्षेत्र में कुछ नए कार्यक्रम भी आगे बढ़ाए हैं। नोएडा व कानपुर में ड्रोन टेक्नोलॉजी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए गए हैं। आईआईटी कानपुर व नोएडा सेंटर भारत की सेनाओं के साथ बेहतर तालमेल बनाकर रक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप ड्रोन का निर्माण व नए इनोवेशन करते हुए मजबूती से कार्य कर रहे हैं। मैं और रक्षा मंत्री जी गौतमबुद्ध नगर में ड्रोन निर्माण इकाई में एयरक्रॉफ्ट इंजन एंड डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फैसिलिटी के उद्घाटन कार्यक्रम में साथ गए थे। पहले हम दूसरे राष्ट्रों पर निर्भर रहते थे। दुश्मन हमारे डेटा का इस्तेमाल कर हमें कमजोर बनाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हमारी आत्मनिर्भरता हमारी सक्षमता का भी प्रतीक है। यूपी इस दिशा में अब प्रयास कर रहा है। युद्ध स्मारक देखकर युवाओं की नसों में देशभक्ति दौड़ उठेगी  मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रक्षा मंत्री के कर-कमलों से जिस युद्ध स्मारक का लोकार्पण हो रहा है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का तीर्थ होगा, जब-जब युवा यहां आएंगे तो उनकी नसों में देशभक्ति दौड़ उठेगी। यह आयोजन राष्ट्र के प्रति हम सभी के कर्तव्यभाव को प्रेरित करने वाला है। जब कोई मीडिया ग्रुप इसके साथ जुड़ता है तो वह समाज को बदलने का कार्य करेगा।  इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, सेंट्रल कमांड के कमांडर लेफ्टिनेट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र यादव आदि मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत टाइम्स ऑफ इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजय अय्यर ने किया।

खादी केवल वस्त्र नहीं राष्ट्रीय गौरव, आत्म निर्भरता और सतत प्रगति का प्रतीक : राज्य मंत्री जायसवाल

भोपाल.  कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में “नए भारत” के निर्माण के आह्वान के साथ, खादी केवल वस्त्र न रहकर राष्ट्रीय गौरव, आत्मनिर्भरता और सतत प्रगति का प्रतीक बन गई है। प्रधानमंत्री ने पूज्य बापू की विरासत खादी को “नए भारत की नई खादी” के रूप में परिभाषित किया है, जिससे “खादी पुनर्जागरण” का सूत्रपात हुआ और पूरे देश में खादी–ग्रामोद्योग को एक नए जागरण की दिशा मिली। राज्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की “आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल, स्टार्ट-अप इंडिया” जैसी पहल तथा उनका मंत्र “सबका साथ, सबका विकास” ने खादी एवं ग्रामोद्योग को नई वैश्विक पहचान दिलाई है। उनका दृष्टिकोण “लोकल से ग्लोबल” कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ रहा है, जिससे उनकी रचनात्मकता और कारीगरी को उचित सम्मान और बाज़ार उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दृष्टिकोण भी अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने आत्म निर्भर मध्यप्रदेश, युवाओं का सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक गौरव को शासन की प्राथमिकताओं में रखा है। उनके गतिशील नेतृत्व में खादी और ग्रामोद्योग राज्य की प्रगति का सशक्त स्तंभ बन रहे हैं, जो रोजगार सृजन और परंपरागत कारीगरी को आधुनिक नवाचार के साथ पुनर्जीवित कर रहे हैं। मानव जीवन में सबसे बड़ा सुख अपने मनपसंद क्षेत्र में कार्य करने का अवसर प्राप्त होना है। खादी एवं ग्रामोद्योग भारतीय स्वदेशी नैतिकता और स्वदेशी चिंतन से जुड़े हुए हैं। राज्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग आत्म निर्भरता और ग्रामीण सशक्तिकरण के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आज के समय में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म विचारों के आदान-प्रदान और संवाद के सबसे सशक्त साधन बन चुके हैं। मध्यप्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, जिसकी स्थापना 1960 में हुई थी, पूज्य बापू के “ग्राम स्वराज” के स्वप्न को साकार करने के लिए निरंतर कार्यरत है। हमारे प्रयासों से असंख्य युवाओं, कारीगरों और उद्यमियों को “अपना हाथ –अपना साथ” के मार्गदर्शन में सशक्त बनाया जा रहा है। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग का पोर्टल बोर्ड की विभिन्न योजनाओं, गतिविधियों एवं अवसरों की जानकारी प्राप्त करने में उपयोगी सिद्ध हो रहा है और कारीगरों, उद्यमियों एवं समाज के बीच मजबूत सेतु का कार्य कर रहा है।

परसदा में भाजपा का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया, गांव-गांव बस्ती चलो अभियान के तहत व्यापक जनसंपर्क

बिलासपुर. ग्राम परसदा में भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर “गांव-गांव बस्ती चलो अभियान” के तहत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने गांव की बस्तियों में जाकर जनसंपर्क किया और संगठन की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा का ध्वज फहराकर एवं पार्टी के महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने टोली बनाकर गांव की विभिन्न बस्तियों में भ्रमण किया और आम नागरिकों से मुलाकात कर उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने बताया कि भाजपा का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाना है। इसी सोच के साथ “गांव-गांव बस्ती चलो अभियान” चलाया जा रहा है, ताकि हर वर्ग तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे और लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके। इस अवसर पर वरिष्ठ नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित संगठन है, जहां हर कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत बनाने तथा आगामी समय में पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में युवाओं, एवं ग्रामीणों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने और समाज सेवा के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप जिला मीडिया प्रभारी कैलाश वस्त्रकार गनियारी मंडल उपाध्यक्ष जागेश्वर यादव महामंत्री मोहन पाटले सभापति अरुण सिंह चौहान सरपंच जगत राम साहू अमित कौशिक परमेश्वर त्रिभुवन यादव कमलेश यादव कौशिक संतोष कौशिक हनुमान केवट सुखराम कौशिक चमरा कौशिक आदि सभी भाजपा के कार्यकर्ता उपिस्थति रहे।

ब्यौहारी स्टेशन पर ट्रेन की बोगी में आग, शहडोल में अफरा-तफरी; टला बड़ा हादसा

शहडोल. जिले के ब्यौहारी रेलवे स्टेशन पर रविवार दोपहर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। प्लेटफॉर्म नंबर एक के पास साइडिंग में खड़ी रेलवे ट्रैक मशीन की बोगी में लगी आग से यहां हड़कंप मच गया। हालांकि राहत टीम की तत्परता से स्थिति पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। क्या है मामला जानकारी के अनुसार, रेलवे स्टेशन के साइडिंग ट्रैक पर चार कोच वाली वर्कशॉप कम रेस्ट फॉर ट्रैक मशीन खड़ी थी। इसी दौरान इनमें से एक कोच, जिसका नंबर ईसीओ 994129 बताया जा रहा है, उसमें अचानक अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। यह अच्छा रहा कि घटना के समय बोगी के अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाया और उसे फैलने से रोक लिया। यदि समय पर आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो पास खड़ी अन्य बोगियां भी इसकी चपेट में आ सकती थीं। मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया थाना प्रभारी जिया उल हक भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहीं ब्यौहारी आरपीएफ चौकी प्रभारी गिरीश कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना के समय ट्रैक स्टाफ कार्य के लिए बाहर गया हुआ था। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। रेलवे अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी गई है।  

2 दिन में किसानों को 6 करोड़ 37 लाख का भुगतान

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी जारी है। जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय खरीदी केन्द्रों पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को खरीदी केन्द्रों पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाये। उन्हें गेहूँ बेचने के लिये इंतजार नहीं करना पड़े। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 7 हज़ार से अधिक किसानों से 3 लाख 6 हजार 190 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। दो दिन में किसानों को 6 करोड़ 37 लाख रुपए का भुगतान भी उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। गेहूँ का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूँ का उपार्जन शुरू किया जायेगा। अभी तक एक लाख 90 हजार 261 किसानों द्वारा 85 लाख 12 हजार 830 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। गेहूँ खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूं की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है। उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूं बिक्री की सभी सुविधाएं : मंत्री राजपूत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि जिन जिलों में गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहाँ गेहूं विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने ,तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूं में से 1लाख 5 हजार 260 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्व की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है। 

राज्यमंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने शासकीय स्विमिंग पूल का किया लोकार्पण

राजगढ़.  राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रोजगार कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, मध्य प्रदेश शासन डॉ. गौतम टेटवाल ने रविवार को राजगढ़ प्रवास के दौरान जिला मुख्यालय स्थित शासकीय स्विमिंग पूल का विधिवत फीता काटकर लोकार्पण किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि जिले में खेल सुविधाओं का विस्तार युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्विमिंग पूल के संचालन से युवाओं को तैराकी जैसी महत्वपूर्ण खेल गतिविधि का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी प्रतिभा निखरेगी और वे राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकेंगे। कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने बताया कि जिले में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्विमिंग पूल की सुविधा शुरू होने से आमजन, विशेषकर युवाओं को बेहतर खेल वातावरण उपलब्ध होगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।